Trading Plan: निफ्टी 23500 के लेवल को फिर से हासिल करने की कर सकता है कोशिश, जानिए इंडेक्स में क्या ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan : मोमेंटम इंडिकेटर्स में सुधार के संकेतों और तेल की कीमतों में और नरमी के साथ बेंचमार्क निफ्टी आने वाले सेशन में 23,500 के जोन को फिर से हासिल करने की कोशिश कर सकता है। इसके बाद, 23600 पर एक अहम रेजिस्टेंस हो सकता है। अगर निफ्टी इस लेवल के ऊपर जाकर टिकता है तो 23,800 तक जाने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए सबसे नजदीकी सपोर्ट 23,300–23,200 पर है और उसके बाद 23,000 एक अहम सपोर्ट लेवल है।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके 56,800–57,000 के दायरे की ओर बढ़ने की उम्मीद है। अगर यह इस दायरे से ऊपर बढ़ता है तो 57,500–58,000 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,जानकारों के मुताबिक 56,000 का स्तर इसके लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा और इसके बाद 55,800 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल होगा।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ़ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में कमजोरी के बावजूद निफ़्टी पिछले ट्रेडिंग हफ़्ते में 23,000 के लेवल से काफी ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जो यह दिखाता है कि यह एक बहुत अहम सपोर्ट लेवल बना हुआ है। ऊपर की तरफ,23,600 पर तत्काल रेजिस्टेंस है। उसके बाद 23,800 के लेवल पर बड़ा रेजिस्टेंस है। इसलिए, निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 23,600–23,200 है। जबकि बड़ी रेंज 23,000–23,800 है।

ऑप्शंस डेटा की बात करें तो इस वीकली एक्सपायरी के लिए 23,400 और 23,300 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट बेस है। जबकि मंथली एक्सपायरी के लिए 23,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट बेस है। कॉल साइड पर वीकली एक्सपायरी के लिए 23,500 पर सबसे ज़्यादा कॉल बेस है। जबकि मंथली एक्सपायरी के लिए 24,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा कॉल बेस है।

वीकली PCR 1.46 है,जो ओवरबॉट स्थिति के करीब है। इसलिए,अगर यह 23,500 के ऊपर बंद होता है तो इसमें और तेज़ी आ सकती है। वरना,इंडेक्स में कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है।

इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिली है। हालांकि,ट्रेंड में पूरी तरह बदलाव के कोई संकेत नहीं हैं। इसलिए,इस बात की और पुष्टि की जरूरत है कि कीमतें अपने निचले स्तर पर आ गई हैं। जब तक ऐसा नहीं होता,इंडेक्स के साइडवेज या नेगेटिव रहने की संभावना है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,600, 23,800

अहम सपोर्ट: 23,200, 23,000

स्ट्रैटेजी: 23,600 के ऊपर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 23,500 के नीचे स्टॉप-लॉस और 23,800 का टारगेट रखें।

बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि बैंक निफ्टी में 57,000 के स्ट्राइक पर बहुत ज़्यादा ओपन इंटरेस्ट जमा था और अब यह उससे काफी नीचे ट्रेड कर रहा है,जो कमजोरी का संकेत है। यह क्लोजिंग बेसिस पर 56,000 के स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहा है। हालांकि और मजबूती पाने के लिए 57,000 के स्तर से ऊपर ब्रेकआउट की जरूरत है,जो इंडेक्स को हाल की ऑल-टाइम रेजिस्टेंस यानी 58,500 के स्तर तक ले जा सकता है।

ऑप्शंस डेटा की बात करें तो कॉल साइड पर 57,000–58,000 के लेवल पर बहुत ज़्यादा ओपन इंटरेस्ट है। इंडेक्स के लिए इन लेवल्स को आसानी से पार करना और उनके ऊपर बंद होना मुश्किल लग रहा है। पुट साइड पर 56,000 का लेवल आखिरी उम्मीद है,क्योंकि अभी के हिसाब से सबसे ज़्यादा पुट बेस यहीं है। इस लेवल के नीचे कोई बड़ा सपोर्ट नहीं है और इंडेक्स तेज़ी से 55,000–54,000 की तरफ गिर सकता है। PCR 0.97 पर है,जो न्यूट्रल है। इसलिए यहां से यह एक्सपायरी साइडवेज से नेगेटिव रह सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 57,000, 58,000

अहम सपोर्ट: 56,000, 55,000

स्ट्रैटेजी: 57,000 के आस-पास बढ़त पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स बेचें,जिसमें स्टॉप-लॉस 57,500 के ऊपर और टारगेट 56,000 रखें।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Ideas : NSE IPO के पूरा होने के बाद सेंकेंडरी मार्केट पर फिर बढ़ेगा फोकस, आज इन दो शेयरों में बन सकता है अच्छा पैसा

Trading Ideas : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 23450 पर अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 09:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 90.69 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 74,949.68 पर और निफ्टी 36.65 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 23,450.95 पर था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में कोल इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, HCL टेक, सिप्ला, TCS और मैक्स हेल्थकेयर शामिल हैं। सेक्टरों की बात करें तो IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे है। रियल्टी इंडेक्स में 1% की बढ़त दिख रही है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी आने से यूएस इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑन सेंटीमेंट (जोखिम लेने का उत्साह) बढ़ा है। इस सकारात्मक बदलाव का असर दूसरे इक्विटी मार्केट पर भी दिखेगा। भारत में, NSE IPO के पूरा होने और रिफंड मिलने शुरू होने के साथ सेकेंडरी मार्केट पर फिर से फोकस होगा,जिससे मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

अब सही कीमत वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर फोकस बढ़ाने का समय आ गया है। HDFC बैंक के शेयर में मजबूती के साथ इसके शुरुआती संकेत भी मिल रहे हैं। लेकिन इसे एक ट्रेंड बनने में समय लगेगा। बेहतर ग्रोथ की संभावना और मोमेंटम SMID (स्मॉल और मिड-कैप) शेयरों के पक्ष में हैं।

कीमती धातुओं की कीमतें स्थिर होने और फिक्स्ड इनकम से मिलने वाला रिटर्न आकर्षक होने के कारण,निवेशक अब मल्टी-एसेट स्ट्रैटेजी चुन सकते हैं। यह अभी एक अच्छा विकल्प होगा क्योंकि इससे ग्रोथ की संभावनाओं और उतार-चढ़ाव से सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहेगा,जिससे ठीक-ठाक लेकिन स्थिर रिटर्न मिलेगा।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर की राय है कि ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। अमेरिकी शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है और एशियाई बाजार भी ज़्यादातर पॉज़िटिव हैं। साथ ही,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर कुछ दबाव कम हुआ है। यह बाजार के लिए अच्छा संकेत है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 23478-23517 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23569-23607-23649 पर है। इसके लिए पहला बेस 23300-23361 पर और बड़ा बेस 23210-23256 पर है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 56621-56770 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56927-57044-57291 पर है। इसके लिए पहला बेस 56044-56209 पर और बड़ा बेस 55600-55810 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी आज LAURASLAB में 2013 रुपए के आसपास, 1992 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 2055 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। INDIGO में भी इनकी 4940 रुपए के आसपास, 4898 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 5021 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Market Insight : EMS और पावर इक्विपमेंट शेयरों पर रखें नजर, निफ्टी में ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ रहें लॉन्ग

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : आज मिलाजुला रहा शेयर बाजार का रुख, जानिए 21 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी में 75.80 अंकों की बढ़त हुई, जबकि सेंसेक्स लगभग सपाट बंद हुआ। मेटल,सीमेंट, मीडिया,रियल्टी और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी से बाज़ार को सहारा मिला,जबकि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों पर दबाव बना रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,294.96 पर बंद हुआ। जबकि,निफ्टी 50 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 23,346.40 पर बंद हुआ।

निफ्टी में लगातार तीसरे सत्र में बढ़त दर्ज की गई। हालांकि,सप्ताह के दौरान इसमें 0.22 प्रतिशत की गिरावट आई,जो लगातार छठी वीकली गिरावट है। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 1.73 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.74 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप 50 में 0.87 प्रतिशत की तेजी आई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार में रिकवरी का सिलसिला तीसरे सेशन में भी जारी रहा। डेली चार्ट पर एक छोटी पॉजिटिव कैंडल बनी है,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ छोटी शैडो हैं। बाजार की चाल सुस्त बनी हुई है।

शेट्टी ने बताया कि निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ है और इसमें वीकली बेसिस पर 0.22% की गिरावट आई है। उनके मुताबिक,हालांकि शॉर्ट-टर्म में थोड़ी रिकवरी दिख रही है,लेकिन ओवरऑल स्थिति अभी भी कमजोर है।

उन्होंने कहा निफ्टी 23100-23000 के अहम निचले सपोर्ट लेवल से मजबूत रिकवरी करने में नाकाम रहा। अब कोई तेजी आने पर निफ्टी के 23,500-23,600 के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। जबकि, गिरावट की स्थिति में 23,100-23,000 के लेवल पर सपोर्ट मिल सकता है।

स्टॉक्सकार्ट के डायरेक्टर और CEO प्रणय अग्रवाल ने कहा कि फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 25-बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी और 2026 में और सख्ती के संकेतों से यह बात पक्की हो गई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी। इससे निकट भविष्य में ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अमेरिका में ऊंची यील्ड और मजबूत डॉलर का असर डॉलर एसेट्स में कैपिटल एलोकेशन पर पड़ सकता है, जिससे भारत समेत तमाम उभरते बाजारों में FII का निवेश कुछ हद तक सतर्कता भरा रह सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि विदेशी निवेश की निकासी और ग्लोबल स्तर पर ऊंची यील्ड के कारण भारतीय इक्विटी मार्केट पर भी बीच-बीच में दबाव बन सकता है। उन सेक्टरों पर ज्यादा दबाव देखने को मिल सकता है जो ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील हैं या जिनका वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। हालांकि,घरेलू मांग में मजबूती,घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी और कंपनियों की अर्निंग को लेकर स्पष्टता से ब्रॉडर मार्केट को कुछ सहारा मिल सकता है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हाल के निचले स्तरों से रिकवरी की कोशिश को जारी रखते हुए 23,335 के स्तर के पास थोड़ी बढ़त के साथ खुला। हालांकि,बड़ा तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोर बना हुआ है। मोमेंटम इंडिकेटर में कोई खास बदलाव नहीं आया है और वे अभी भी खरीदारी में सुस्ती ही दिखा रहे हैं। इंडेक्स को 23,500–23,600 की ओर बढ़ने के लिए लगातार 23,400 के ऊपर टिके रहना होगा।

उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 23,200 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। उसके बाद 23,100–23,070 का ज़ोन ज़्यादा मज़बूत सपोर्ट के तौर पर काम करेगा। कुल मिलाकर नियर टर्म में बाजार में सतर्कता का रुख बने रहने की उम्मीद है। बाजार के सेंटीमेंट में और सुधार के लिए निफ्टी को 23,400 के ऊपर एक मजबूत चाल की जरूरत है। जबकि, नीचे की तरफ इसके लिए 23,100–23,070 पर सपोर्ट है। यह सपोर्ट टूटने पर बाजार में गिरावट का ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है।

 

Nestle India Share Price : कंपनी के 3 प्रोडक्ट्स पर FSSAI की कानूनी कार्रवाई, शेयर ऊपर से 3% टूटा

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Market View : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इस फार्मा शेयर में नजर आ रहा दम

Market View : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले। सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 150 अंक यानी 0.20% बढ़कर 74,465 पर और निफ्टी 41 अंक यानी 0.18% बढ़कर 23,311 पर पहुंच गया। सेक्टर के हिसाब से रियल्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त दिख रही है। साथ ही फार्मा,मेटल,एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भी ऊपर चढ़े हैं। हालांकि,IT शेयरों में बाज़ार के आम रुख के विपरीत गिरावट दिख रही है और निफ्टी IT इंडेक्स लगभग 1.8% नीचे आ गया है। मिडकैप में 0.47% और स्मॉलकैप में 0.77% की बढ़त हुई है। जबकि इंडिया VIX में 1.06% की गिरावट दर्ज की गई है।

निफ्टी पर राय

बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़ ने कहा कि मार्केट पर लगातार दबाव तो बना हुआ है लेकिन कल थोड़ा रिलीफ पॉइंट भी देखने मिला लेकिन दिक्कत ये रही कि बैंक निफ्टी लाल निशान में बंद होते हुए नजर आया। हालांकि निफ्टी में उछाल देखने मिला। ऐसा लगता है कि निफ्टी में एक उछाल आएगा। लेकिन इस उछाल में सेल ऑन द राइज़ ही सबसे बेहतर स्ट्रेटेजी होगी। चुनिंदा स्टॉक्स में एक्शन देखने को मिल सकता है। यह इंडेक्स स्पेसिफिक मार्केट नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक निफ्टी फ्यूचर्स 23,200 के ऊपर है तब तक घबराने की जरूरत नहीं है। वहीं, अगर निफ्टी 23,200 के लेवल को बचाने में कामयाब नहीं रहता तो इसमें 23,000 और 22,900 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।

बैंक निफ्टी पर राय

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके लिए 56,000 के लेवल पर सपोर्ट देखने को मिलेगा। अगर यह लेवल कायम नहीं रह पाता तो बैंक निफ्टी में गिरावट बढ़ सकती है और यह 300 अंक तक टूट सकता। वहीं, ऊपर की तरफ इसके लिए 56550 पर रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर जाने पर बैंक निफ्टी 53,200 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की जा सकती।

पंकज रांदड़ की टॉप पिक

अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए पंकज रांदड़ ने कहा कि कल दिन भर डॉक्टर रेड्डीज का शेयर काफी सुर्खियों में रहा और 3 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुआ। इसके फ्यूचर्स में खरीदारी की सलाह रहेगी। इसका चार्ट काफी अच्छा दिख रहा है। लोअर टाइम फ्रेम पर स्टॉक सारे मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। आरएसआई पॉजिटिव डायवर्जन दिखा रहा है। इसमें 1170-1172 रुपए की रेंज में खरीदारी की सलाह रहेगी। 1150 का एक स्टॉप लॉस मेंटेन करना होगा। ऊपरी लेवल पर टारगेट 1215 रुपए हो सकता है।

Trading Plan : बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग की उम्मीद, निफ्टी-बैंक निफ्टी फिर से छू सकते हैं गुरुवार का हाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग की उम्मीद, निफ्टी-बैंक निफ्टी फिर से छू सकते हैं गुरुवार का हाई

Trading Plan : मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर ओवरसोल्ड ज़ोन में हैं,जिससे संकेत मिलता है कि अगर इंडेक्स 23,100–23,000 के सपोर्ट जोन को बनाए रखता है,तो यह वापसी (रीबाउंड) की कोशिश कर सकता है। 23,300–23,400 का जोन इसके लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम कर सकता है और इसके बाद 23,500–23,600 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस होगा। इस जोन के ऊपर जाने पर तेजी से बढ़त की संभावना बन सकती है। तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल से नीचे आईं हैं,लेकिन $100 के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं। जबकि US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड भी 5 प्रतिशत के स्तर से नीचे आ गए हैं।

बैंक निफ्टी की बात करें तो इसको 57,000 के लेवल तक जाने के लिए गुरुवार के हाई के आसपास यानी 56,600 के लेवल को पार करके उसके ऊपर टिके रहना होगा। जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ 55,800–55,700 का जोन इसके लिए सपोर्ट का काम कर सकता है।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धमेजा का कहना है कि हाल ही में आई तेज गिरावट के बाद निफ्टी स्थिर होने की कोशिश कर रहा है, जिसमें 23,100–23,150 का स्तर एक अहम सपोर्ट जोन के तौर पर उभर रहा है। इंडेक्स 23,483 के पास 10-DEMA से नीचे बना हुआ है,जिससे शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सावधानी बरतने की जरूरत है। 23,300–23,400 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स लगातार इस रेंज के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग के कारण यह 23,590–23,670 के स्तर तक जा सकता है।

29.95 पर RSI अभी भी ओवरसोल्ड जोन में है और अपने 33.93 के औसत से नीचे है,जो टेक्निकल बाउंस की संभावना दिखाता है। 0.95 का पुट-कॉल रेश्यो (PCR)—जिसमें कॉल ओपन इंटरेस्ट,पुट ओपन इंटरेस्ट से थोड़ा ज्यादा है, डेरिवेटिव्स के मामले में सावधानी भरा माहौल दिखाता है। 23,400 के ऊपर जाने पर रिकवरी मज़बूत होगी,जबकि इस ज़ोन को वापस हासिल न कर पाने पर रैली में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,300, 23,440, 23,575

अहम सपोर्ट: 23,150, 23,060, 22,900

स्ट्रेटेजी: ट्रेडर्स 22 सितंबर की F&O एक्सपायरी के लिए ‘शॉर्ट स्ट्रैंगल’ स्ट्रेटेजी अपना सकते हैं। इसके तहत वे ₹100 पर 23,350 CE का एक लॉट और ₹100 पर 23,300 PE का एक लॉट बेच सकते हैं। यह सेटअप मार्केट के एक दायरे में रहने (साइडवेज मूवमेंट) की संभावना का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।

स्टॉप-लॉस: रिस्क मैनेजमेंट के लिए,इस स्ट्रेटेजी पर सख्ती से टिके रहें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान को ₹6,500 तक सीमित रखें।

टारगेट: इस स्ट्रेटेजी पर टिके रहें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफ़े के तौर पर ₹13,068 का लक्ष्य रखें। साथ ही, जब MTM मुनाफ़ा ₹6,500 से ज़्यादा हो जाए तो मुनाफ़ा बुक कर लें।

बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

धूपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी बैंक अभी भी अपने 200-DEMA (56,787 के आसपास) के नीचे ट्रेड कर रहा है,जिससे इसका ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। 56,000 का लेवल सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर यह टूटता हैतो इंडेक्स 55,480 तक गिर सकता है। जबकि 56,500–56,800 का दायरा रिकवरी के लिए अहम है। RSI का 38.49 पर होना (जो इसके 43.62 के औसत से कम है) कमजोर मोमेंटम की पुष्टि करता है।

डेरिवेटिव्स का सेटअप अभी भी सावधानी वाला है। PCR 0.82 है और कॉल ओपन इंटरेस्ट 1.78 करोड़ है। जबकि पुट ओपन इंटरेस्ट 1.47 करोड़ है। 56,500–57,000 के आस-पास कॉल कंसंट्रेशन ऊपर की ओर बढ़त को रोक रहा है,जबकि 56,000 के पास पुट की पोजीशन सपोर्ट दे रही है। अगर बैंक निफ्टी लगातार 56,800 के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग शुरू हो सकती है। वरना,रैली में बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 56,500, 56,800, 57,020

अहम सपोर्ट: 56,000, 55,800, 55,500

स्ट्रैटेजी: जब निफ्टी बैंक सितंबर फ्यूचर्स 56,250–56,200 के जोन से नीचे चला जाए तो ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए 56,500 के ऊपर एक सख्त स्टॉप-लॉस रखना होगा। प्रॉफ़िट-बुकिंग के लिए टारगेट 55,900–55,800 की रेंज में रखें।

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock market Outlook : 23400 के ऊपर जाने पर ही निफ्टी में आ सकती है तेजी, ट्रेडिंग के लिए इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Stock market Outlook : गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट बंद हुए। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त करने के संकेत के बाद बाजार में सावधानी का माहौल रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ा। इंट्राडे में हुई बढ़त को गंवाते हुए सेंसेक्स 21.86 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,314.59 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 341.11 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,677.56 पर पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी मामूली बढ़त के साथ 5.3 अंक या 0.02 प्रतिशत ऊपर 23,270.60 पर बंद हुआ।

पिछले पांच हफ्तों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट के बाद कल निफ्टी लगातार दूसरे सेशन में हरे निशान में रहा। इस बढ़त का कारण कुछ खास सेक्टर में ओवरसोल्ड’लेवल से आई शॉर्ट-कवरिंग को बताया जा रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के बाद बाजार में सतर्कता का रुख देखने को मिल रहा है।

बाजार जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी 23,400 के लेवल से ऊपर जाता है तो इसमें और शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिल सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में टेक्निकल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट रुचित जैन का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 23,400 और 23,600 के आसपास दिख रहा है। किसी भी टिकाऊ तेजी के लिए इंडेक्स को पहले इन्हें पार करना होगा।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,380-23,400 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 23,400 के स्तर से ऊपर जाने पर बाजार में जारी पुलबैक मज़बूत होगा और नियर टर्म में निफ्टी 23,550 के स्तर तक बढ़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,130-23,100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर यह 23,100 के नीचे जाता है और वहां बना रहता है तो फिर से बिकवाली का दबाव दिखेगा और मार्केट में एक और करेक्शन का दौर शुरू हो सकता है,जिससे इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 22,950 के लेवल तक गिर सकता है।

SEBI-रजिस्टर्ड ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म,एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि कल निफ्टी की शुरुआत सपाट रही,लेकिन यह 23,200 के स्तर से ऊपर बना रहा। यह लेवल पूरे सेशन के दौरान बार-बार सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करता रहा। आखिर में यह बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,आगे और तेज़ी के लिए इस बढ़त को बनाए रखना और 23,300-23,400 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार करना जरूरी होगा। नीचे की तरफ,23,100-23,070 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर इस रेंज के नीचे की गिरावट आती है तो इससे बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि मोमेंटम अभी भी सतर्कता वाला बना हुआ है। RSI 27 के आसपास है और अपनी औसत लाइन से थोड़ा ऊपर तो बढ़ा है,लेकिन अभी भी ओवरसोल्ड स्तर से नीचे है। इससे पता चलता है कि थोड़ी रिकवरी के बावजूद मोमेंटम बहुत कमज़ोर है।

 

 

Market cues : टेक्निकल इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के ट्रेंड का संकेत, शॉर्ट टर्म में 23000-23600 के दायरे में रह सकता है निफ्टी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : मिलेजुले रुख के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 18 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : गुरुवार को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। जबकि निफ्टी ने अपनी बढ़त बनाए रखी। दोपहर 3:30 बजे CAS के बाद बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 21.86 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,314.59 पर था, जबकि निफ्टी 53 अंक या 0.23 प्रतिशत बढ़कर 23,270.60 पर पहुंच गया।

रियल्टी और फार्मा सेक्टर में 1.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई। जबकि मीडिया में 1.35 प्रतिशत और ऑटो व मेटल सेक्टर में लगभग 1-1 प्रतिशत की तेजी आई। बैंकिंग इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। छोटे-मझोले शेयरों (ब्रॉडर मार्केट) का प्रदर्शन बेहतर रहा। इसके चलते मिडकैप 0.92 प्रतिशत और स्मॉलकैप 0.71 प्रतिशत ऊपर बंद हुए। मार्केट ब्रेथ पॉजिटिव रहा। आज 1,487 शेयरों में गिरावट के मुकाबले 2,480 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। जबकि इंडिया VIX में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि उम्मीद के मुताबिक यूएस फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और बॉन्ड यील्ड में कमी से ग्लोबल इक्विटी मार्केट को कुछ समय के लिए सहारा मिला और महंगाई के धीरे-धीरे कम होने की उम्मीदें भी मजबूत हुईं। इसके बावजूद,घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। लेकिन हालिया गिरावट के बाद ‘वैल्यू बाइंग’के चलते बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और US टैरिफ के जोखिम के कारण ब्याज दरें और बढ़ाने के दौर की आशंका बनी हुई है, जिससे निवेशकों का रुख सतर्क रहने की संभावना है।

उन्होंने आगे कहा कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर बना रहा क्योंकि निवेशकों ने उन कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं जिनकी कमाई की संभावना मजबूत है,जिनके पास अच्छे ऑर्डर हैं और जिनकी बैलेंस शीट मजबूत है। इनमें खासकर कैपिटल गुड्स,इंडस्ट्रियल,डिफेंस,पावर और हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनियां शामिल रहीं।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा कि निफ्टी 23,300 के रेजिस्टेंस लेवल के करीब पहुंच रहा है। अगर यह मजबूती से इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी 23,500 तक जा सकती है,जबकि इसके लिए सपोर्ट लेवल 23,200 और 23,000 पर बना हुआ है। जब तक निफ्टी 23,300 के लेवल को साफ तौर पर पार नहीं कर लेता,तब तक बाजार के कंसोलिडेशन मोड में रहने की संभावना है।

ग्लोब कैपिटल मार्केट में AVP-रिसर्च,विपिन कुमार ने कहा कि निफ्टी इंडेक्स में रिकवरी की रैली जारी रही और यह मामूली बढ़त के साथ फ्लैट-टू-पॉज़िटिव बंद हुआ। हालांकि,उन्होंने कहा कि पोज़िशनल चार्ट का स्ट्रक्चर अभी भी नेगेटिव बना हुआ है,जिसमें 23,450–23,600 के दायरे में कई रेजिस्टेंस लेवल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक इंडेक्स इस रेजिस्टेंस ज़ोन के नीचे ट्रेड करता है तब तक उछाल पर बिकवाली की ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी अपनाने की सलाह होगी। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,100–23,000 का दायरा तत्काल सपोर्ट जोन का काम करेगा।

टेक्निकल व्यू

एनालिस्ट्स का कहना है कि मार्केट में तेजी लौटने के लिए निफ्टी को 23,300 के स्तर को मजबूती से पार करना होगा। बजाज ब्रोकिंग में रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पवित्रो मुखर्जी ने कहा कि निफ्टी ने अभी तक ‘हायर हाई-हायर लो’ का स्ट्रक्चर नहीं बनाया है,जिससे बाज़ार का मूड अभी भी सतर्क बना हुआ है। मंगलवार के हाई के पास स्थित 23,600 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर निफ्टी 23,600 के ऊपर टिकता है,तो इससे मौजूदा गिरावट के थमने का संकेत मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि नीचे की तरफ 23,116 (मंगलवार और बुधवार का लो) का जोन अभी भी तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर यह स्तर टूटता है तो आने वाले सेशन में गिरावट का दौर 23,000 और 22,800 के स्तर तक बढ़ सकता है।

एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पलविया ने कहा कि टेक्निकल नज़रिए से देखें तो 23,350 के नीचे निफ्टी का रुख सावधानी के साथ मंदी (बेयरिश) वाला बना हुआ है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,100 पर है। अगर यह इस लेवल के नीचे टूटता है तो इंडेक्स 22,800 की ओर जा सकता है। ऊपर की तरफ, 23,350 और 23,500 अहम रेजिस्टेंस लेवल बने हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में और कमी या फेड का रुख कम सख्त होने से रिकवरी को सपोर्ट मिल सकता है और निकट भविष्य के सेंटीमेंट में सुधार हो सकता है।

HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड देवर्स वकील ने कहा कि अगर निफ्टी 23,100 के पास स्थित हाल के स्विंग लो से ऊपर बना रहता है तो यह 23,500 के रेजिस्टेंस ज़ोन की ओर वापसी कर सकता है। हालांकि,23,100 के नीचे जाने पर निफ्टी 22,700 के पोजीशनल सपोर्ट तक गिर सकता है।

 

NSE IPO : लिस्टिंग के बाद NSE के निफ्टी में शामिल होने पर SEBI से अभी कोई चर्चा नहीं-एनएसई

 

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 17 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 16 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर और निफ्टी 99.00 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 1913 शेयरों में बढ़त हुई, 2241 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,HDFC लाइफ,ITC,एक्सिस बैंक और SBI शामिल रहे। वहीं TCS,विप्रो,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व में गिरावट देखी गई।

IT और फार्मा को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट आई।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाजार आज बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद इसमें रिकवरी हुई। सेंसेक्स लगभग 74,336 पर बंद हुआ और इसमें करीब 333 अंकों की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ 99 अंक ऊपर बंद हुआ। US में कच्चे तेल का स्टॉक बढ़ने से सप्लाई से जुड़ी कुछ चिंताएं कम हुईं,जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

FMCG शेयरों में सबसे ज़्यादा तेजी रही और चार दिन से जारी इनकी गिरावट का सिलसिला थम गया। आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए निवेशकों के रुझान के कारण HUL,ITC,डाबर इंडिया,इमामी,गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और P&G हाइजीन के शेयरों में 2-4% की बढ़त हुई।

सरकार ने 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लागू किया है, जिसमें 75,000 रुपये और उससे ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए अधिकतम शुल्क 300 रुपये तय किया गया है। ये नए शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होंगे। इससे 2020 में शुरू किया गया ज़ीरो MDR सिस्टम खत्म हो जाएगा। जिन छोटे व्यापारियों का मासिक UPI QR कलेक्शन 1 लाख रुपये तक है,उन्हें इससे छूट मिलेगी। P2P ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह मुफ़्त रहेंगे। इस बदलाव से बैंकों,पेमेंट एग्रीगेटर्स और फिनटेक कंपनियों को अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है।

PhonePe के CEO समीर निगम ने कहा है कि नए MDR फ्रेमवर्क से कंपनी के IPO प्लान को मदद मिल सकती है और चालू वित्त वर्ष में इसकी लिस्टिंग हो सकती है। उम्मीद है कि यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ होगा।

SEMICON India 2026 का आयोजन 17-19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में किया जाएगा। इसमें 600 से ज्यादा एग्ज़िबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है,जिससे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों पर सबकी नजर रहेगी। सरकार ने 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनमें से तीन में पहले से ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

NSE का IPO कल खुलने वाला है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की संभावना है। सेक्टर-स्पेसिफिक डेवलपमेंट,कच्चे तेल की कीमतो और विदेशी निवेश इसके मुख्य कारण होंगे। NSE का यह बड़ा IPO प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी का भी एक बड़ा टेस्ट होगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद (जिसका असर बाजार पहले ही पचा चुका है) से निवेशकों का भरोसा बढ़ा,जिससे भारतीय इक्विटी बाजार में भी तेजी आई। बैंक ऑफ जापान के पॉलिसी फैसले से पहले जापानी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से भी पॉजिटिव माहौल को और मजबूती मिली,जिससे पूरे एशिया में जोखिम लेने की इच्छा को सपोर्ट मिला।

घरेलू स्तर बाजार में बैंकिंग,FMCG और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी के कारण लार्ज-कैप शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त रही,जबकि IT सेक्टर में हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफा वसूली दिखी।

निवेशक अब भविष्य में ब्याज दरों की चाल के बारे में और जानकारी पाने के लिए फेड चेयरमैन के बयान का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस गाइडेंस का असर ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,कैपिटल फ़्लो और फ़ाइनेंशियल मार्केट की निकट भविष्य की दिशा पर पड़ेगा।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को बैंकिंग शेयरों और कुछ बड़े शेयरों में वैल्यू बाइंग के चलते भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी देखने को नजर आई।

इस रिकवरी में बैंक निफ्टी सबसे आगे रहा। इसने 56,000 का स्तर फिर से हासिल किया और बेंचमार्क इंडेक्स को सपोर्ट दिया। हालांकि, रिकवरी में बहुत अधिक तेजी नहीं थी क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें $107-$108 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी घोषणा से पहले अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी यील्ड 5% के आसपास रही।

ग्लोबल मार्केट में निवेशकों का रुख सावधानी के साथ पॉजिटिव रहा। बाजार फेड के फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। इंडिया VIX घटकर 13.15 पर आ गया,जो बताता है कि निकट भविष्य की चिंता में थोड़ी कमी आई है,हालांकि उतार-चढ़ाव हाल के स्तरों से ऊपर बना हुआ है।

तकनीकी स्थिति में मामूली सुधार हुआ है लेकिन यह अभी भी कमजोर है। निफ्टी 23,200 के ऊपर बंद हुआ। लेकिन 23,300-23,500 के दायरे में उसे अभी भी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,000 पर है और उसके बाद 22,800 पर अहम सपोर्ट है।

बैंक निफ्टी को 56,500-56,800 की ओर रिकवरी जारी रखने के लिए 56,000 के स्तर से ऊपर बने रहना होगा। अगर यह फिर से 56,000 के नीचे जाता है तो 55,500 का स्तर फिर से फोकस में आ सकता है।

फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला और उसके साथ दी जाने वाली पॉलिसी गाइडेंस ही बाजार की अगली चाल तय करेगी। फेड की संतुलित कमेंट्री से रिकवरी में मदद मिल सकती है,जबकि सख्त रुख (हॉकिश आउटलुक),बॉन्ड यील्ड में फिर से तेजी या ब्रेंट क्रूड का $110 की ओर बढ़ना बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ा सकता है और बाजार की रिकवरी को सीमित कर सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले से पहले बनी अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में सावधानी का माहौल बने रहने की संभावना है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव वाला दिन रहा। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,रुपये में कमजोरी और FII की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें,करेंसी में उतार-चढ़ाव और US फेड की पॉलिसी को लेकर उम्मीदें बाजार की दिशा तय करेंगी।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : 23150 के नीचे बंद हुआ निफ्टी, जानिए 16 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 15 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,150 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 पर और निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। लगभग 1132 शेयरों में बढ़त हुई, 3154 शेयरों में गिरावट आई और 163 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, श्रीराम फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज, इंटरग्लोब एविएशन और ग्रासिम इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, TCS, टेक महिंद्रा और विप्रो शामिल रहे।

IT को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। रियल्टी इंडेक्स में 4% की गिरावट आई,जबकि ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी, मेटल, मीडिया और PSU बैंक इंडेक्स में 2-2% की गिरावट दर्ज की गई।

ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमज़ोर रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई।

इक्विरस वेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज का कहना है कि आज बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मज़बूत शुरुआत के बाद बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी ने आज ज़्यादातर समय बाज़ार का मूड कमजोर बनाए रखा।

बढ़ते इंपोर्ट बिल को लेकर बनी चिंताएं घरेलू करेंसी पर भारी पड़ रही हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 96 रुपए प्रति-डॉलर के स्तर को तोड़ने के करीब पहुंच गया। इससे इक्विटी बाजार पर और दबाव पड़ा। टेक्नोलॉजी शेयरों को छोड़कर,बैंकिंग,रियल्टी, टेलीकॉम और ऑटो शेयरों में बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आज घरेलू बाजार दबाव में रहे और उनमें गिरावट जारी रही। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट पर असर डाला। इस हफ़्ते होने वाली बड़े सेंट्रल बैंकों की बैठकों से पहले निवेशक सतर्क दिखे। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा पॉलिसी को और सख्त करने की उम्मीदें बढ़ रही हैं। लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के माहौल को लेकर बनी चिंताओं ने ट्रेजरी यील्ड को कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के चलते उभरते बाज़ारों के सेंटीमेंट कमजोर हुए

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। ज़्यादातर सेक्टर में भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। हालांकि,IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि AI के धीमे विकास के संकेतों ने पारंपरिक IT सेवाओं में तेजी से बदलाव की चिंताओं को कम किया।

निकट भविष्य में,तेल की ऊंची कीमतें और ऊंची बॉन्ड यील्ड जोखिम लेने की इच्छा पर दबाव डाल सकती हैं। हालांकि मज़बूत घरेलू फंडामेंटल और घरेलू निवेशकों द्वारा वैल्यू बाइंग से गिरावट के जोखिम को सीमित करने में मदद मिल सकती है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का बाजार के सेंटीमेंट पर बुरा असर पड़ा। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जबकि US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% के स्तर को पार कर गई, जिससे लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीदें और मजबूत हुईं हैं।

FII की लगातार बिकवाली ने दबाव और बढ़ा दिया,हालांकि IT शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया और HDFC बैंक के CEO पद के उत्तराधिकार से जुड़ी खबरों के बाद बैंक के शेयरों में बढ़त देखी गई। आगे बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल,ग्लोबल यील्ड,FII निवेश और US फेड के फैसले की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। निफ्टी 280 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 778 अंकों की गिरावट आई। टेक्निकल तौर पर गैप-अप ओपनिंग के बाद मार्केट को लगातार ऊपरी लेवल पर बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा। दिन के उच्चतम स्तर से निफ्टी 450 अंक से ज़्यादा नीचे आया। इसके अलावा,डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है और इंट्राडे चार्ट पर अभी भी लोअर टॉप फॉर्मेशन बना हुआ है। यह मौजूदा लेवल से और कमज़ोरी आने का संकेत है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 23,250 के लेवल से नीचे ट्रेड कर रहा है,तब तक करेक्शन जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ यह 23,000 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है,जिससे इंडेक्स 22,900-22,850 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर 23,250 के ऊपर जाने पर, पुलबैक मूवमेंट 23,400-23,450 तक बढ़ सकता है। मौजूदा मार्केट का मिज़ाज उतार-चढ़ाव वाला है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह का कहना है कि मंगलवार को निफ्टी में गैपअप के साथ शुरुआत हुई,लेकिन यह ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया और दिन के हाई से लगभग 500 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो लगातार बने बिकवाली के दबाव का संकेत है।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी अपने 200-डे EMA से लगभग 5% और 100-डे EMA से 4% नीचे ट्रेड कर रहा है जो कमज़ोर मार्केट स्ट्रक्चर को दिखाता है। डेली RSI 22.23 पर है और गिरावट के ट्रेंड में बना हुआ है,जो मज़बूत बेयरिश मोमेंटम को दर्शाता है। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम नीचे की ओर मोमेंटम में तेज़ी का संकेत देता है। मार्केट में उतार-चढ़ाव भी बढ़ गया है। आज इंडिया VIX 9% से ज़्यादा उछल गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ते डर का संकेत है।

आगे 3250-23280 का ज़ोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। जब तक निफ्टी 23280 के स्तर से नीचे रहता है,तब तक निकट भविष्य में बाजार का रुख कमज़ोर रहने की संभावना है। आगे इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है और यह 22950 की ओर खिसक सकता है। इसके बाद शॉर्ट टर्म में 22800 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। मौजूदा मंदी के माहौल से निकलने और रिकवरी की संभावना को बेहतर बनाने के लिए निफ्टी के 23280 के ऊपर जा कर टिकने की जरूरत है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी ऊपर की ओर गैप के साथ खुला लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया,जिसके कारण सेशन के दौरान इसमें भारी प्रॉफिट बुकिंग हुई। इसके बाद इंडेक्स में इंट्राडे हाई से 1200 अंकों से ज़्यादा की गिराव देखी गई और अंततः यह 55800 पर बंद हुआ। आज इसमें 1.43% की गिरावट। डेली चार्ट पर, इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई, जो ऊपरी स्तरों पर लगातार बने बिकवाली के दबाव को दर्शाती है।

तकनीकी नज़रिए से बैंक निफ्टी अभी अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो निकट भविष्य में कमजोर ट्रेंड का संकेत है। डेली RSI 33.23 पर है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम हावी है।

आगे इसके लिए 55400-55300 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। 55300 के स्तर से नीचे जाने पर गिरावट का दबाव बढ़ सकता है,जिससे 54800 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 54300 की ओर गिरावट का रास्ता खुल सकता है। ऊपर की ओर 56300-56400 का ज़ोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। किसी भी अच्छी रिकवरी का संकेत देने के लिए इंडेक्स को इस बाधा से ऊपर जा कर टिके रहने की जरूरत है।

 

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