Stock Market Live Update: अमेरिका-ईरान के बीच गहराते विवाद से US बॉन्ड यील्ड में फिर उछाल देखने को मिला। अमेरिकी बाजार 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% पर पहुंचने से नर्वस हुआ। डाओ जोंस 700 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। S&P और नैस्डैक भी एक परसेंट फिसले। उधर एशियाई बाजारों में भी नरमी देखने को मिली। निक्केई और कॉस्पी में करीब एक परसेंट का दबाव दिख रहा है । इस बीच अमेरिका और एशिया से खराब संकेतों के बावजूद गिफ्ट निफ्टी में मजबूती देखने को मिली। करीब 70 प्वाइंट ऊपर चढ़ा। इधर FIIs की कैश में हल्की बिकवाली देखने को मिला। लेकिन वायदा में खरीदारी रही। हालांकि FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट दो लाख 12 हजार के पार रहा।
Market news : बॉन्ड यील्ड में नरमी से भारतीय बाजारों का भी मूड सुधरा है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 100 प्वाइंट की तेजी है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन वायदा में बिकवाली दिखी है। उधर अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में जोरदार खरीदारी आई है। इंफोसिस और विप्रो के ADR दो फीसदी चढ़े हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
19 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। निवेशक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और लगातार बनी हुई ग्लोबल अनिश्चितता को लेकर चिंतित नजर आए। इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और उनमें और गिरावट आई। डिफेंस और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण निफ्टी और सेंसेक्स 24,050 और 77,000 के स्तर से नीचे आ गए। हालांकि,इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया,जिससे कुल गिरावट सीमित रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 325.78 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 76,909.68 पर और निफ्टी 76.60 अंक या 0.32 प्रतिशत गिरकर 24,078.30 पर बंद हुआ।
SEBI ने दो एंटिटीज पर लगाई रोक, गलत तरीके से कमाए 3.68 करोड़ जब्त किए
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने 13 अगस्त को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी पर हुई गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन लिया है। सेबी ने Copthall Mauritius और Mansi Share पर शेयर बाजार में कामकाज पर रोक लगा दी है। मार्केट मैन्युपुलेशन से कमाए गए तीन करोड़ 68 लाख रुपये भी जब्त कर लिए गए हैं।
ईरान के खिलाफ ट्रंप की इकोनॉमिक स्ट्राइक
ईरान के खिलाफ ट्रंप की इकोनॉमिक स्ट्राइक हुई है। ट्रंप ने ईरान पर सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंधो का एलान करते हुए कहा है कि ईरान ने डील करने का मौका गंवा दिया है। ईरान के मददगारों के खिलाफ भी आर्थिक एक्शन होंगे। इस खबर के चलते क्रूड 92 डॉलर के पार चला गया है।
अमेरिका में डबल होगा बॉन्ड बायबैक
अमेरिका में ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अगले महीने से बॉन्ड बायबैक दोगुना करने के एलान से अमेरिका बाजारों में तीन दिन की गिरावट पर ब्रेक लग गई। 10 साल और 30 साल की बॉन्ड यील्ड नरम पड़ी है। डाओ जोंस में 100 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी दिखी। वहीं एशिया में भी रौनक है। निक्केई में एक परसेंट तो कॉस्पी में पांच परसेंट से ज्यादा का उछाल देखने को मिला है।
सोने और चांदी में जोरदार तेजी
बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर इंडेक्स के 99 के नीचे फिसलने से सोने और चांदी में जोरदार तेजी आई है। करीब तीन महीने बाद सोने के भाव 4500 डॉलर के ऊपर निकल गए हैं। चांदी के भाव भी 66 डॉलर के ऊपर आ गए हैं।
जापान के साथ बढ़ेगा रक्षा सहयोग, BEL की जापानी कंपनी से साझेदारी पर चर्चा संभव
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आज जापान के डिफेंस मिनिस्टर के साथ अहम बैठक है। इसमें आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर होगा। जापानी कंम्यूनिकेशन सिस्टम UNICORN के तकनीक ट्रांसफर के लिए BEL के साथ साझेदारी पर चर्चा होगी।
LIC को HDFC बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने को मंजूरी
HDFC बैंक में आज एक्शन दिख सकता है। RBI ने LIC को बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाकर करीब 10% करने की मंजूरी दे दी है। अभी LIC की बैंक में 4.11% हिस्सेदारी है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 19 अगस्त को 407 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और भारतीय शेयरों में 3,973 करोड़ रुपये का निवेश किया।
Market cues : बाजार पर मंदड़ियों की पकड़ और मजबूत होने के संकेत, 23850-23600 तक गिर सकता है निफ्टी
Asian Market Today: 20 अगस्त को एशियाई शेयर बाजार में तेज़ी देखी गई। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबे समय वाले कर्ज़ को वापस खरीदने की योजना की घोषणा के बाद बॉन्ड मार्केट का दबाव कम हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.8% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरियाई बाज़ार सबसे आगे रहे। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान कोस्पी (Kospi) में 3.86% की उछाल आई, जबकि जापान के निक्केई 225 में 0.95% और टोपिक्स (Topix) में 0.80% की बढ़त हुई। वहीं, हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.9% की बढ़ोतरी के संकेत मिले।
वॉल स्ट्रीट
बुधवार रात वॉल स्ट्रीट पर मज़बूत सेशन के बाद S&P 500 फ्यूचर्स में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ। इस तेज़ी को ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से समर्थन मिला था। S&P 500 फ्यूचर्स में लगभग 0.1% की मामूली बढ़त हुई, जबकि नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में 0.3% की बढ़ोतरी हुई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स भी 19 अंक या 0.04% ऊपर चढ़ा।
इससे पहले दिन में, S&P 500 ने लगातार तीन सेशन की गिरावट का सिलसिला खत्म किया, क्योंकि लंबे समय वाले अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर से नीचे आ गए। बॉन्ड मार्केट में हालिया बिकवाली के बाद दबाव कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद यील्ड में यह गिरावट आई।
कच्चे तेल की कीमतें
गुरुवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में तेल की कीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं। निवेशक अमेरिका-ईरान युद्ध की संभावित दिशा और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंताओं पर विचार कर रहे थे।
अक्टूबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 25 सेंट या 0.3% बढ़कर $91.87 प्रति बैरल हो गया। वहीं, सितंबर के लिए अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2 सेंट गिरकर $85.81 प्रति बैरल पर आ गया। ज़्यादा सक्रिय रूप से ट्रेड होने वाला अक्टूबर WTI कॉन्ट्रैक्ट 14 सेंट या 0.2% बढ़कर $84.53 प्रति बैरल हो गया। बुधवार को ब्रेंट और WTI, दोनों में लगातार चौथे सेशन में बढ़त देखी गई और ये 24 जुलाई के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए। सितंबर WTI कॉन्ट्रैक्ट गुरुवार को बाद में एक्सपायर होने वाला है।
US-ईरान युद्ध
ट्रंप ने कहा कि इन कदमों का मतलब “अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलग-थलग करना” होगा। उन्होंने इसे “ECONOMIC D-DAY” बताया और सभी US सहयोगियों से वॉशिंगटन का समर्थन करने को कहा।
उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश वित्तीय संस्थानों, कंपनियों, एयरपोर्ट या सरकारी निकायों को ईरान की मदद करने की इजाज़त देंगे, उन्हें गंभीर आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये सज़ाएं क्या होंगी। ट्रंप ने ईरान का समर्थन करने वाली गतिविधियों, जैसे तस्करी, कैश ट्रांसफर, एक्सचेंज हाउस के ऑपरेशन और शिप रजिस्ट्री के इस्तेमाल को खत्म करने की भी मांग की।
आज सोने का भाव
गुरुवार को सोने की कीमतें दो महीने से ज़्यादा के उच्चतम स्तर के करीब बनी रहीं। US ट्रेज़री की ओर से लिक्विडिटी सपोर्ट की अचानक घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड और डॉलर में गिरावट आई।
0031 GMT पर स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,512.19 प्रति औंस पर लगभग स्थिर रही, जबकि सेशन की शुरुआत में यह $4,525.79 तक पहुंच गई थी, जो 2 जून के बाद इसका उच्चतम स्तर था। बुधवार को इस कीमती धातु की कीमत में 4% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी। आम तौर पर जियोपॉलिटिकल और आर्थिक अनिश्चितता के समय सोने को फायदा होता है क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं, जबकि ऊंची ब्याज दरों से इसकी मांग पर असर पड़ सकता है क्योंकि सोने से कोई ब्याज आय नहीं होती है।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Market news : खराब ग्लोबल संकतों से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर हो सकते हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्का दबाव है। FIIs की कैश में खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन वायदा में तगड़ी बिकवाली हुई है। FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी दो लाख के करीब पहुंच गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
18 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए,निफ्टी 24,200 के निशान से नीचे फिसल गया और लगातार छठे सेशन में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। ईरान और US के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़े पैमाने पर बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की वजह से यह गिरावट आई। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 492.70 अंक या 0.63 प्रतिशत गिरकर 77,235.46 पर और निफ्टी 132.75 अंक या 0.55 प्रतिशत गिरकर 24,154.90 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत गिरा।
हॉर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ी
हॉर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ गई है। ट्रंप ने नक्शा जारी करके बताया है कि हॉर्मुज अमेरिका का हिस्सा है। इधर ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार किया है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि बातचीत हमारी शर्तों पर ही होगी। US- ईरान टेंशन से कच्चा तेल लगातार चौथे दिन चढ़ा है। इसके भाव 92 डॉलर के करीब पहुंच गए हैं।
अमेरिकी और एशियाई बाजार
अमेरिकी बाजार दूसरे दिन भी फिसले हैं। क्रूड के साथ बाजारों को US बॉन्ड यील्ड की भी टेंशन है। 30 साल की बॉन्ड यील्ड 19 साल की ऊंचाई पर आ गई है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% के ऊपर बरकरार है। इधर अमेरिकी बाजारों में दूसरे दिन भी दबाव रहा। चिप शेयरों में 9% तक की भारी बिकवाली से नैस्डैक 1.25 फीसदी से ज्यादा फिसला है। चिप शेयरों की पिटाई से कॉस्पी 4 फीसदी से ज्यादा नीचे आया है। निक्केई में भी 2.5 फीसदी की गिरावट है।
IT कंपनियों के लिए सेंटिमेंट पॉजिटिव, इंफोसिस का ADR करीब 2% चढ़ा
चिप शेयरों की बिकवाली से IT कंपनियों के सेंटिमेंट पॉजिटिव दिख रहे हैं। कल अमेरिका में एक्सेंचर,सेल्सफोर्स और एडोबी जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियां दो से चार फीसदी उछलीं। इंफोसिस का ADR भी करीब 2% चढ़ा।
Aster DM में आज बड़ी ब्लॉक डील संभव
Aster DM में आज करीब 4,780 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। सेंटेला मॉरिशस होल्डिंग्स (Centella Mauritius Holdings) 7.2% हिस्सा बेच सकता है। इसके लिए 6.3% डिस्काउंट पर 766 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।
घरेलू PNG कनेक्शन के लिए इन्सेंटिव स्कीम
घरेलू PNG कनेक्शन के लिए इन्सेंटिव स्कीम को सरकार ने मंजूरी दे दी है। PNG कनेक्शन के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के प्रोत्साहन के लिए यह स्कीम 1 सितंबर से लागू होगी। इस खबर के चलते आज IGL, MGL और गुजरात एनर्जी के शेयरों में एक्शन आज बढ़ सकता है
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
18 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹1,651 करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और भारतीय शेयरों में ₹2,579 करोड़ का निवेश किया।
Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के फ्लैट या मामूली गिरावट के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत मिलने के बावजूद GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 7:45 बजे GIFT निफ्टी 15 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,444 पर ट्रेड कर रहा था, जो सेंसेक्स और निफ्टी 50 के लिए सुस्त शुरुआत का संकेत है।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि फेडरल रिजर्व अगले महीने ब्याज दरें नहीं बढ़ाएगा, जिससे एशियाई बाजारों में तेजी आई और वॉल स्ट्रीट भी बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, सीजफायर बातचीत के रुकने और ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखने की अमेरिकी धमकियों के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है।
गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय बाजार काफी हद तक फ्लैट बंद हुए, क्योंकि निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स को अपने इंट्राडे निचले स्तरों से उबरने में मदद मिली। सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 78,079.96 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ।
ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होने से एशियाई बाजारों में तेजी
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी आई क्योंकि अमेरिकी महंगाई में नरमी के और सबूतों ने इस उम्मीद को मजबूत किया कि फेडरल रिजर्व अपनी सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जिससे इंडेक्स लगातार चौथे सप्ताह बढ़त की ओर अग्रसर है, जो मई के बाद से इसकी सबसे लंबी बढ़त की अवधि है।
पिछले महीने की भारी बिकवाली के बाद निवेशकों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेड पर फिर से दांव लगाने से टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई। दक्षिण कोरिया के टेक-हैवी कोस्पी में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि जापान के टॉपिक्स में 0.9 प्रतिशत की तेजी आई। रात भर की रैली के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स सुस्त रहे; S&P 500 फ्यूचर्स में बहुत कम बदलाव हुआ, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई।
वॉल स्ट्रीट में तेजी, S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद
गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में तेजी आई क्योंकि प्रोड्यूसर-प्राइस इन्फ्लेशन (उत्पादक-मूल्य मुद्रास्फीति) के आंकड़े कम रहने से कीमतों के दबाव में कमी के सबूत मिले और इस उम्मीद को बल मिला कि फेडरल रिजर्व अगले महीने उधार लेने की लागत (ब्याज दरें) नहीं बढ़ाएगा। प्रोड्यूसर-प्राइस डेटा बुधवार के अपेक्षाकृत कम कंज्यूमर इन्फ्लेशन (उपभोक्ता मुद्रास्फीति) आंकड़ों के बाद आया, जिससे सितंबर में फेड द्वारा दरों को अपरिवर्तित रखने की संभावना मजबूत हुई। S&P 500 में 0.65% की बढ़त हुई और यह 7,798.99 के रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट में 0.81% और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.13% की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी में टेक्नोलॉजी शेयरों की अहम भूमिका रही, खासकर मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई।
क्रूड में तेजी
शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) को अनिश्चित काल तक जारी रखने की धमकी दी, जिससे मध्य पूर्व से सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.1% बढ़कर $87.16 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत $81.29 पर लगभग स्थिर रही।
गुरुवार को ग्लोबल डिमांड आउटलुक कमजोर रहने के कारण दोनों बेंचमार्क में 2% से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिसके बाद यह मामूली बढ़त देखने को मिली। इस गिरावट के बावजूद, ब्रेंट और WTI दोनों ही साप्ताहिक आधार पर लगभग 4% की बढ़त की राह पर बने रहे।
इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति
आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना है कि बैंक निफ्टी के निकट भविष्य में एक दायरे (रेंज) में रहने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स 57,500–57,400 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक इसका व्यापक स्ट्रक्चर काफी हद तक स्थिर रहेगा। 57,800–58,000 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है। 58,000 के स्तर से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।
नीचे की ओर, 57,500 तत्काल सपोर्ट बना हुआ है, जिसके बाद 57,200–57,000 का ज़ोन आता है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए 57,400 से ऊपर बने रहना महत्वपूर्ण होगा, जबकि 57,200 से नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर नई प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और निकट-अवधि का टेक्निकल सेटअप कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, निकट-अवधि का आउटलुक सतर्क और एक दायरे में रहने वाला है, जिसमें 58,000 मुख्य अपसाइड ट्रिगर के रूप में और 57,400–57,200 महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम कर रहे हैं।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Market news : बाजार के लिए मिले-जुले संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी देखने को मिल रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 720 करोड़ की बिकवाली देखने को मिली है। FIIs की नेट शॉर्ट पोजिशन भी बढ़ी है। उधर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का मुद्दा सुलझाने की डिप्लोमैटिक कोशिशों की बीच कच्चे तेल में करीब दो फीसदी की गिरावट आई है। इसके भाव 87 डॉलर के नीचे आ गए हैं।
यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
13 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स दिन के निचले स्तरों से उबर कर लगभग सपाट बंद हुए। निफ्टी 24,400 के स्तर के आसपास बंद हुआ। बैंकिंग,मेटल और फार्मा शेयरों में बिकवाली के दबाव की भरपाई FMCG,ITऔर रियल्टी शेयरों में खरीदारी से काफी हद तक हो गई। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15% बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16% गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप व स्मॉलकैप,दोनों इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।
अमेरिकी बाजारों में अच्छी तेजी, एशिया में भी रौनक
टेक शेयरों में खरीदारी से अमेरिकी बाजारों में कल अच्छी तेजी दिखी। S&P 500 नए शिखर पर पहुंच गया। डाओ जोंस भी इंट्राडे में 54000 के ऊपर निकल गया। मेटा, माइक्रॉन और Netflix जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी से नैस्डैक ने आउटपरफॉर्म किया। उधर सुबह एशियाई बाजारों में भी रौनक देखने को मिली कोस्पी और निक्केई में करीब एक फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।
सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक, US बॉन्ड यील्ड में भी नरमी
फेडरल रिजर्व की ओर से सितंबर में ब्याज बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक लगा है। कल के शिखर से सोने और चांदी में तीन फीसदी की गिरावट आई है। उधर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी है। डॉलर इंडेक्स 100 के करीब आ गया है।
टाटा मोटर्स PV के नतीजे मिलेजुले
टाटा मोटर्स PV के पहली तिमाही के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। JLR के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद आय 9 फीसदी बढ़ी है। लेकिन ऊंची रॉ मटेरियल कॉस्ट से मार्जिन 230 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 6.5% पर रहे हैं। कंपनी को इस अवधि में 150 करोड़ का फॉरेक्स घाटा भी हुआ है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि EV मांग बढ़ने से कुल घरेलू डिमांड बहुत मजबूत रही है।
मैक्स फाइनेंशियल के Q1 नतीजे अच्छे
पहली तिमाही में मैक्स फाइनेंशियल ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। VNB यानी वैल्यू फॉर न्यू बिजनेस में उम्मीद से ज्यादा 33 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। VNB मार्जिन भी अनुमान अधिक 20.1फीसदी से बढ़कर 23 फीसदी के पार निकल गया है। वहीं, इसकी AUM 2 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।
वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज
अशोक लेलैंड,वोल्टास,NMDC समेत वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज आएंगे। वोल्टास का मुनाफा 59 फीसदी बढ़ सकता है। मार्जिन में भी सुधार की उम्मीद है।
पीरामल फार्मा में 1750 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव
पीरामल फार्मा में आज बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। 6% हिस्सेदारी के लिए 1750 करोड़ का सौदा हो सकता है।
रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉस
सरकार की 7,280 करोड़ रुपए की रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसमें L&T और कोल इंडिया समेत 20 कंपनियों ने बोली लगाई है। इस योजना के जरिए हर साल 6,000 मीट्रिक टन इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (Integrated Rare Earth Permanent Magnet) बनाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।
FII और DII फंड फ्लो
FIIs ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 510 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि DIIs ने भारतीय इक्विटी मार्केट में खरीदारी का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रखा और 4,353 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
Asian Market: ज्यादातर एशिया बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। अनुमान के मुताबिक जुलाई महंगाई आंकड़ों का भी अमेरिकी बाजारों पर खास असर नहीं पड़ा। डाओ जोंस फ्लैट रहा, लेकिन चिप शेयरों में अच्छी तेजी से नैस्डेक आधे परसेंट से ज्यादा चला। उधर सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी से कोस्पी करीब 4 फीसदी ऊपर चढ़। निक्केई भी करीब डेढ़ परसेंट ऊपर बना हुआ।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इस क्षेत्र में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा, जिसमें 4.48% की बढ़त हुई। जापान के निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.83% की बढ़त हुई, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स 1.01% ऊपर चढ़ा। इसके उलट, हैंग सेंग (Hang Seng) फ्यूचर्स में 0.87% की गिरावट आई, जो व्यापक क्षेत्रीय तेज़ी के बावजूद हांगकांग बाज़ार में कुछ सावधानी का संकेत देता है।
ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 उन प्रमुख इंडेक्स में एकमात्र ऐसा इंडेक्स था जिसमें गिरावट देखी गई। यह 0.12% नीचे आया।
वॉल स्ट्रीट (Wall Street)
बुधवार, 12 अगस्त को वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। जुलाई के महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक होने के बावजूद निवेशकों ने ज़्यादा उत्साह नहीं दिखाया।
डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) 240 अंकों के दायरे में ट्रेड करने के बाद लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ। वहीं, S&P 500 और नैस्डैक (Nasdaq) ने 30-स्टॉक वाले इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया और क्रमशः 0.3% और 0.5% की बढ़त दर्ज की।
जुलाई में महंगाई के आंकड़े कम रहने के बावजूद सप्ताह के बीच का ट्रेडिंग सेशन सुस्त रहा। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) महंगाई दर महीने-दर-महीने 0.1% और साल-दर-साल 3.4% बढ़ी।
कच्चे तेल की कीमतें
गुरुवार को तेल की कीमतों में $1 से ज़्यादा की गिरावट आई। विश्लेषकों ने 2026 में वैश्विक तेल मांग के अपने अनुमानों में कटौती की, जिसका कारण ईरान के साथ US-इजरायल संघर्ष से पैदा हुई रुकावटें थीं। हालांकि, संघर्ष के कारण सप्लाई में रुकावट की चिंताओं ने कीमतों में और गिरावट को सीमित रखा।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $1.29 या 1.5% गिरकर $87.69 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $1.30 या 1.6% गिरकर $81.97 प्रति बैरल पर आ गया। एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के अनुसार, पिछले हफ़्ते US में कमर्शियल क्रूड ऑयल का स्टॉक उम्मीद से ज़्यादा बढ़ गया, जो जनवरी 2023 के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी थी। इस बढ़ोतरी की एक वजह एक्सपोर्ट में भारी गिरावट थी।
US-Iran युद्ध
इस जलमार्ग को फिर से खोलने की दिशा में प्रगति के बहुत कम संकेत मिले हैं, जबकि US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि इस रणनीतिक रास्ते पर वॉशिंगटन का “पूरा नियंत्रण” है।
US-Iran बातचीत में गतिरोध पैदा होता दिख रहा है क्योंकि दोनों पक्ष अपने कड़े रुख पर अड़े हुए हैं। वॉशिंगटन, तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखे हुए है। मध्यस्थता की कोशिशों में मदद कर रहे पाकिस्तान ने कहा कि व्यापक शांति प्रक्रिया रुक गई है, हालांकि US-Iran के बीच समझौते (MOU) की समय-सीमा अभी भी बढ़ाई जा सकती है।
मध्य पूर्व में युद्ध, रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष और बंदरगाहों व रिफाइनरियों समेत एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बार-बार हो रहे हमलों ने ग्लोबल क्रूड और रिफाइंड-प्रोडक्ट मार्केट में स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।
आज सोने की कीमत
US में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर तत्काल चिंताएं कम हुईं, जिससे सोने की कीमतें $4,400 प्रति औंस के आसपास काफी हद तक स्थिर रहीं।
बुधवार को 0.9% की बढ़त के बाद शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में बहुत कम बदलाव हुआ। जुलाई में US कंज्यूमर कीमतों में महीने-दर-महीने सिर्फ़ 0.1% की बढ़ोतरी के आंकड़े सामने आए थे। स्पॉट गोल्ड 0.1% गिरकर $4,403.02 प्रति औंस पर आ गया।
Stock Market Live: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
GIFT Nifty Indicator: भारतीय बाजारों के लिए आज भी सुस्त संकेत मिल रहे है। गिफ्ट निफ्टी फ्लैट कामकाज कर रहा है। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी हुई, लेकिन वायदा में बिकवाली रही। नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी थोड़े बढ़े है। हालांकि निवेशक US महंगाई के अहम आंकड़ों से पहले सतर्क हैं। मिले-जुले एशियाई बाज़ार, वॉल स्ट्रीट में रात भर की गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी से बढ़त सीमित रह सकती है।
सुबह 7:50 बजे GIFT Nifty 40 अंक या 0.16 फीसदी बढ़कर 24,555.5 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि Nifty 50 मंगलवार के 24,471.70 के क्लोजिंग स्तर से ऊपर खुल सकता है। घरेलू बाज़ार पिछले सत्र में गिरावट के बाद रिकवरी की कोशिश करेगा। मंगलवार को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच Sensex 388.19 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 78,154.25 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 112.10 अंक या 0.46 प्रतिशत गिरकर 24,471.70 पर आ गया।
US महंगाई के आंकड़ों पर सबकी नजर
ग्लोबल निवेशक जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (महंगाई) रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं, जो बुधवार को आएगी। इससे फेडरल रिज़र्व के अगले ब्याज दर कदम के बारे में नए संकेत मिल सकते हैं। इस अनिश्चितता के कारण बुधवार को एशियाई कारोबार में US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
एशियाई बाज़ार मिले-जुले, टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त
US महंगाई के आंकड़ों से पहले भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के बीच एशियाई बाज़ारों में सतर्कता के साथ कारोबार हुआ, हालांकि टेक्नोलॉजी शेयरों में बढ़त से कुछ सहारा मिला। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी (Kospi) मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की बदौलत 2.8 प्रतिशत उछला।
अन्य जगहों पर, जापान का Topix 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत गिर गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा, हांगकांग का Hang Seng 0.8 प्रतिशत गिरा और शंघाई कंपोजिट में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। मिडिल ईस्ट में तनाव की चिंताओं के बीच
वॉल स्ट्रीट में गिरावट
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों को उस समझौते की उम्मीद कम हो गई जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो सकता था और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता था। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नए नियुक्त सेक्रेटरी ने कहा कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं बदलता और युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तें नहीं मानता, तब तक यह जलडमरूमध्य बंद रहेगा। इससे समझौते की उम्मीदें और कम हो गई।
S&P 500 में 0.32 प्रतिशत, नैस्डैक कम्पोजिट में 0.6 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई।
ब्रेंट क्रूड $90 के करीब पहुंचा
भारतीय शेयरों के लिए कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। बुधवार को कीमतों में हालिया तेजी जारी रही, क्योंकि अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीदें कम हो रही हैं और दो जहाजों पर हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.81 प्रतिशत बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.85 प्रतिशत बढ़कर $83.91 पर पहुंच गया।
मंगलवार को दोनों बेंचमार्क $1 से अधिक बढ़कर 31 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर बंद हुए थे। सोमवार को इनमें लगभग 5 प्रतिशत की तेजी आई थी, जिसके बाद यह बढ़त जारी रही।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निक्केई में हल्की नरमी है। लेकिन कोस्पी 3.94 फीसदी से ज्यादा ऊपर है। वहीं US INDICES में दूसरे दिन भी दबाव दिखा। डाओ जोंस दिन की ऊंचाई से 400 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। नैस्डैक में आधे परसेंट से ज्यादा की गिरावट आई।निवेशक दिन में बाद में आने वाले अहम US कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा और वेस्ट एशिया में चल रही बातचीत पर नजर बनाए हुए थे।
दक्षिण कोरिया का बाज़ार सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा। कोस्पी (Kospi) में इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 3.94% की बढ़त हुई, जबकि इससे पहले इसमें 1.5% की तेज़ी आई थी। सार्वजनिक छुट्टी के बाद कारोबार शुरू करने वाले जापानी शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई। निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.43% ऊपर रहा और व्यापक टॉपिक्स (Topix) में 0.34% की बढ़त हुई।वहीं, ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.52% गिर गया।
वॉल स्ट्रीट
मंगलवार, 11 अगस्त को US बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई। टेक्नोलॉजी शेयरों में लगातार कमज़ोरी ने बाज़ार के सेंटीमेंट पर असर डाला, जबकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाज़ार पर दबाव और बढ़ा दिया।
डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) अपने इंट्राडे के उच्चतम स्तर से 430 अंक से ज़्यादा नीचे आया और अंत में 180 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ। S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट (Nasdaq Composite) ने भी अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और सत्र का समापन क्रमशः 0.3% और 0.6% की गिरावट के साथ किया।
आज के सत्र में बाज़ार के लिए मुख्य ट्रिगर जुलाई के लिए US कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (CPI) डेटा का जारी होना होगा। निवेशक फेडरल रिज़र्व के ब्याज-दर आउटलुक के बारे में संकेत पाने के लिए इस पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
कच्चे तेल की कीमतें
बुधवार को तेल की कीमतों में बढ़त हुई। इसकी वजह US-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और दो जहाजों पर हुए हमले थे, जिनसे मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई में रुकावट की आशंका पैदा हुई। यह बढ़त तब हुई जब इंडस्ट्री डेटा से US में कच्चे तेल के स्टॉक में बढ़ोतरी का पता चला।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 72 सेंट या 0.81% बढ़कर $89.63 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 71 सेंट या 0.85% बढ़कर $83.91 प्रति बैरल हो गया।
पिछले सत्र में दोनों बेंचमार्क $1 से ज़्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए थे और 31 जुलाई के बाद अपने उच्चतम क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गए थे। यह बढ़त सोमवार को लगभग 5% की तेज़ी के बाद आई, क्योंकि US और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर उम्मीद कमज़ोर पड़ गई थी
अमेरिका-ईरान युद्ध
मंगलवार को अमेरिका और यमन में ईरान के समर्थक हूथी गुटों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर अलग-अलग हमलों की जानकारी दी।इस बीच, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेज़ाई ने कहा कि रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक वॉशिंगटन युद्ध खत्म करने के लिए तेहरान की शर्तों को नहीं मान लेता। इन मांगों में ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्ति को बहाल करना और क्षेत्र में चल रहे अन्य संघर्षों को खत्म करना शामिल है।
आज सोने की कीमत
सोने की कीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं क्योंकि ट्रेडर्स होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के समझौते की संभावना का आकलन कर रहे थे, साथ ही वे फेडरल रिज़र्व के भविष्य के ब्याज-दर फैसलों के संकेत के लिए अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का भी इंतज़ार कर रहे थे।
मंगलवार को दो महीने के उच्चतम स्तर से नीचे आने (जब यह 0.5% गिरकर बंद हुआ था) के बाद, शुरुआती कारोबार में बुलियन की कीमत लगभग $4,370 प्रति औंस रही।
स्पॉट गोल्ड 0.1% गिरकर $4,367.56 प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 0.1% बढ़कर $64.72 प्रति औंस हो गई।
Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में तनाव कायम, छठे दिन भी जारी तेजी, $90 के करीब पहुंचा भाव
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मीडिया कंपनी ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG) को अप्रैल-जून 2026 में 2,261 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 16.15 करोड़ रुपए रही। जनवरी से जून 2026 के बीच TMTG का कुल नेट लॉस 6,118 करोड़ रुपए रहा। इस दौरान कंपनी की कुल कमाई सिर्फ 23.75 करोड़ रुपए थी। यानी छह महीने में कंपनी का घाटा उसकी कुल कमाई से करीब 258 गुना रहा। कंपनी ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को दी रिपोर्ट में बताया कि तीन महीने का घाटा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले काफी बढ़ा है। वहीं, कमाई में 89% की बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल एसेट्स से 1800 करोड़ रुपए का नुकसान कंपनी के मुताबिक, उसके घाटे का सबसे बड़ा कारण डिजिटल एसेट्स, उन्हें गिरवी रखकर किए गए निवेश और शेयरों से जुड़ा नुकसान रहा। इनसे जुड़े 1,809 करोड़ रुपए के बिना बिके नुकसान को कंपनी ने दर्ज किया। इसके अलावा करीब 111 करोड़ रुपए का ब्याज और 77 करोड़ रुपए का स्टॉक-बेस्ड पेमेंट भी कंपनी के खर्च में जुड़ा। कंपनी की कमाई कहां से हुई? TMTG की लगभग पूरी कमाई उसके मीडिया कारोबार से हुई। इसमें करीब 13.6 करोड़ रुपए विज्ञापन और 1.7 करोड़ रुपए सब्सक्रिप्शन से मिले। कंपनी का मुख्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल है। इसके अलावा वह वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस ट्रुथ+ और फिनटेक ब्रांड Truth.Fi चलाती है। कंपनी ने पिछले एक साल में क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में भी विस्तार किया है। नई सर्विस ट्रुथ API से कंपनियों को ट्रम्प की पोस्ट तक तेज पहुंच 1 अगस्त से TMTG ने ट्रुथ API नाम की सर्विस शुरू की है। यह निवेशकों और कंपनियों को ट्रुथ सोशल पर प्रकाशित पोस्ट तक तेजी से पहुंच देती है। कंपनी के अंतरिम CEO केविन मैकगर्न ने बताया कि अब तक 10 कंपनियां इस सर्विस की ग्राहक बन चुकी हैं। वे हर महीने करीब 57 लाख से 95 लाख रुपए तक फीस दे रही हैं। हालांकि, इस सर्विस को लेकर हितों के टकराव की चिंता भी जताई गई है। इसकी वजह यह है कि ट्रम्प की ट्रुथ सोशल पोस्ट का वित्तीय बाजारों पर असर पड़ सकता है। ट्रुथ सोशल की विजिट एक तिहाई से ज्यादा घटी ट्रुथ सोशल को 2022 में लॉन्च किया गया था, लेकिन यह X और फेसबुक जैसे बड़े प्लेटफॉर्म से काफी पीछे है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने ऑनलाइन ट्रैकिंग कंपनी सिमिलरवेब के आंकड़ों के हवाले से बताया कि जुलाई 2026 में ट्रुथ सोशल की विजिट पिछले साल के जुलाई के मुकाबले एक तिहाई से ज्यादा कम हो गईं। TMTG अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर DJT नाम से सूचीबद्ध है। सोमवार को कारोबार खत्म होने तक कंपनी के शेयरों में करीब 8% की गिरावट आई।

