LPG Price 11 September 2026: 11 सितंबर को गैस सिलेंडर के नए रेट जारी, जानें दिल्ली-मुंबई समेत सभी शहरों की कीमत

LPG Price 11 September 2026: सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच LPG की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है। यह सब ग्लोबल क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों की चिंता के बीच हो रहा है। हालांकि देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 11 सितंबर 2026 को राहत की खबर है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है। बता दें कि महीने की शुरुआत में तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में करीब 9.50 रुपये से 11.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी।

दिल्ली से पटना तक, जानें आज का LPG रेट

अलग-अलग शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अलग हैं। 10 सितंबर को प्रमुख शहरों में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम इस प्रकार हैं:

शहरघरेलू सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
दिल्ली₹942₹2,747.50
मुंबई₹941.50₹2,701.00
कोलकाता₹968.00₹2,884.00
चेन्नई₹957.50₹2,916.50
बेंगलुरु₹955.50₹2,831.00
हैदराबाद₹994.00₹2,996.00
पटना₹1,031.50₹3,029.00
नोएडा₹939.50₹2,747.50
गुरुग्राम₹950.50₹2,764.50

भारत ने बढ़ाया अपना LPG प्रोडक्शन

मिडिल ईस्ट फिर से बढ़े तनाव के बीच भारत ने अपना LPG उत्पादन लगभग 4000 टन बढ़ा रहा है ताकि आगे आने वाले समय में सप्लाई में कोई रुकावट न आए। इस बदलाव का मकसद होर्मुज के पारंपरिक शिपिंग रूट पर निर्भरता को कम करना है। होर्मुज के आसपास अभी अस्थिरता का माहौल है।

इस बीच, भारत की कोशिश है अपनी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की सप्लाई को स्थिर रखना। देश की रिफाइनरियां पहले से ही अपने सामान्य स्तर (37,000 से 38,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन) से अधिक काम कर रही हैं और अब रोज के हिसाब से इसमें लगभग 4,000 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी करने जा रही हैं। इस 4,000 टन की दैनिक बढ़ोतरी के साथ ही रिफाइनरियों का मौजूदा उत्पादन स्तर उनके सामान्य बेस लेवल से 10% से भी ऊपर जा चुका है।

खाड़ी देशों पर कम हुई निर्भरता

भारत पारंपरिक रूप से यूएई, कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों से अपनी 90% एलपीजी लेता था, जिसकी सप्लाई होर्मुज के रास्ते से की जाती थी. अब जब इस रूट पर तनाव का माहौल बना हुआ है इसलिए सरकार और तेल कंपनियों को इम्पोर्ट के अलग-अलग रास्ते तलाशने पड़ रहे हैं.

सप्लाई चेन में पहले ही एक बड़ा बदलाव दिख रहा है. अब भारत के LPG इंपोर्ट का 50% से ज्यादा हिस्सा अमेरिका से आता है, जबकि 2026 की शुरुआत में तनाव बढ़ने से पहले यह हिस्सा 10% से भी कम था.

 

 

Stock in Focus: इंफ्रा कंपनी को ₹1800 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Dilip Buildcon को पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) से लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिला है। कंपनी ओडिशा के पारादीप से छत्तीसगढ़ के रायपुर तक LPG पाइपलाइन बनाएगी। प्रस्तावित EPC काम की वैल्यू करीब ₹1,800 करोड़ है। इसमें GST शामिल नहीं है।

36 महीने में पूरा होगा काम

यह प्रोजेक्ट SPV के जरिए पूरा होगा। इसमें दिलीप बिल्डकॉन की 100% हिस्सेदारी होगी। कंपनी को ही करीब ₹1,800 करोड़ का EPC काम देने का प्रस्ताव है। इसे 36 महीने में पूरा करना होगा।

PNGRB अधिकृत कंपनी को LPG पाइपलाइन बिछाने, बनाने, चलाने और जरूरत के मुताबिक उसका विस्तार करने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस देगा।

25 साल तक चलेगी पाइपलाइन

प्रोजेक्ट में पाइपलाइन की फाइनेंसिंग, निर्माण और संचालन शामिल है। तीन साल में निर्माण पूरा होने के बाद इसे 25 साल तक चलाया जाएगा।

SPV के जरिए दिलीप बिल्डकॉन पाइपलाइन की डिजाइनिंग, फाइनेंसिंग, निर्माण, संचालन और रखरखाव करेगी। इसके लिए जरूरी मंजूरियां और नियामकीय मंजूरी लेनी होगी।

LPG बॉटलिंग प्लांट तक पहुंचेगी गैस

इस पाइपलाइन से अलग-अलग तेल कंपनियों के LPG बॉटलिंग प्लांट तक LPG पहुंचाई जाएगी। इसे साझा उपयोग वाली पाइपलाइन के तौर पर भी चलाने का प्रस्ताव है। इसके तहत पात्र तेल कंपनियां और अन्य यूजर तय नियमों के मुताबिक पाइपलाइन की क्षमता का इस्तेमाल कर सकेंगे।

कंपनी LPG की खरीद, ट्रेडिंग, वितरण या बिक्री नहीं करेगी। उसका काम पाइपलाइन तैयार करना और LPG की ढुलाई की सुविधा देना होगा।

दिलीप बिल्डकॉन के शेयर

दिलीप बिल्डकॉन का शेयर बुधवार को BSE पर 0.52% की गिरावट के साथ ₹391.55 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11.77% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 14.82% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 6.40 हजार करोड़ रुपये है।

दिलीप बिल्डकॉन का बिजनेस

ये इंफ्रास्ट्रक्चर और EPC कंपनी है। कंपनी सड़क और हाईवे, रेलवे और मेट्रो, एयरपोर्ट, सिंचाई, माइनिंग, पाइपलाइन, पावर ट्रांसमिशन और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी डिजाइन, निर्माण और प्रोजेक्ट संचालन से जुड़ी सेवाएं भी देती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FDA raid in Mumbai: तुकाराम मुंढे का मुंबई में बड़ा एक्शन! ISKCON के होटलों पर चला FDA का डंडा, IRCTC वेंडर का भी लाइसेंस सस्पेंड

FDA raid in Mumbai News: महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने नियमों के कथित उल्लंघन के कारण कुर्ला में स्थित IRCTC से जुड़े एक सप्लायर और जुहू में स्थित इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) के तीन फूड आउटलेट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 2 सितंबर को हुई जांच के बाद FDA ने कुर्ला वेस्ट में स्थित R.K. एसोसिएट्स एंड होटलियर्स का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया।

बयान में कहा गया है कि जांच में कई कमियां पाई गई। इनमें स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग एरिया में कॉकरोच का होना, बिना ढका हुआ खाना, खुले कचरे के पास खाना बनाना, फर्श की टूटी टाइलें और दीवारों में दरारें शामिल हैं।

क्यों हुई कार्रवाई?

ISKCON के जिन तीन आउटलेट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं इनमें ‘गोविंदाज रेस्टोरेंट’ भी शामिल है। FDA इंस्पेक्टरों को साफ-सफाई में गंभीर कमियां मिलीं। जैसे कि कीड़े-मकोड़ों का होना, किचन एरिया में कीड़ों की गंदगी, चोक हुई नालियां, नालियों में खाने का कचरा जमा होना, कोल्ड स्टोरेज रूम में पानी जमा होना और कच्चे एवं पके हुए खाने को अलग-अलग न रखना।

IRCTC वेंडर का लाइसेंस रद्द

इसके अलावा, रेलवे को खाना सप्लाई करने वाली IRCTC वेंडर का लाइसेंस भी इसलिए रद्द कर दिया गया, क्योंकि अधिकारियों को खाने के स्टोरेज और प्रोसेसिंग एरिया में कॉकरोच मिले। इसके अलावा खाना खुले कचरे के पास तैयार किया जा रहा था। जांच के दौरान किचन में टाइलें टूटी हुई थीं। यह कार्रवाई लगातार चल रही छापेमारी का हिस्सा है।

जांच के दौरान इंस्पेक्टरों को उन जगहों पर कॉकरोच मिले जहां खाना रखा और प्रोसेस किया जाता था। खाना खुले कचरे के पास भी रखा हुआ था। फर्श की 17 टाइलें टूटी हुई पाई गईं। इंस्पेक्शन के दौरान इस फ़ैसिलिटी को 114 में से 78 यानी 69% स्कोर मिला।

24 में से सिर्फ 21 के पास मिले सर्टिफिकेट

एक अधिकारी ने बताया, “LPG सिलेंडरों के पास खाना पकाया जा रहा था। जबकि बर्तन और खाने के संपर्क में आने वाले उपकरण गंदे और कुछ मामलों में जंग लगे हुए पाए गए।” FDA को कर्मचारियों के हेल्थ रिकॉर्ड में भी कमियां मिलीं। खाना बनाने और परोसने वाले 34 कर्मचारियों में से सिर्फ 21 के पास मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट थे। एक कर्मचारी उंगली में चोट होने के बावजूद खाना बनाते हुए पाया गया।

खाना लाने-ले जाने वाली गाड़ी भी गंदी और जंग लगी हुई पाई गई। पैकेजिंग, कर्मचारियों की ट्रेनिंग, उपकरणों के रखरखाव, कैलिब्रेशन और खाना पकाने एवं ठंडा करने के तापमान से जुड़े रिकॉर्ड अधूरे थे या उपलब्ध नहीं थे। जांच के बाद, FDA ने किचन का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया। सस्पेंशन के दौरान इसे खाना बनाने, सप्लाई करने या बेचने से रोक दिया गया है।

इस्कॉन जुहू में भी बड़ी कार्रवाई

कुर्ला में की गई यह जांच उन पांच बेस किचन और फूड प्लाजा की जांच का हिस्सा थी जो IRCTC के तहत रेल यात्रियों को खाना सप्लाई करते हैं। चार अन्य जगहों को सुधार या बदलाव के नोटिस जारी किए गए। IRCTC के अलावा FDA ने 3 सितंबर को इस्कॉन जुहू में भी जांच की, जिसके बाद खाने-पीने की तीन जगहों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई।

‘गोविंदास रेस्टोरेंट’ में जांच करने वालों को कॉकरोच, बंद नालियां और कोल्ड-स्टोरेज एरिया के अंदर जमा पानी मिला। कच्चा और पका हुआ खाना ठीक से अलग-अलग नहीं रखा गया था। इससे क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा पैदा हो गया।

तुकाराम मुंढे का दुकानकारों में खौफ

इस साल मई में IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे के कमिश्नर का पद संभालने के बाद से FDA ने साफ़-सफ़ाई और फ़ूड सेफ़्टी से जुड़े कानूनों और नियमों का उल्लंघन करने वाले फ़ूड एस्टेब्लिशमेंट के ख़िलाफ़ राज्यव्यापी कार्रवाई शुरू की है। FDA ने बताया कि जांच रिपोर्ट और तस्वीरों की समीक्षा के बाद 7 सितंबर को लाइसेंस सस्पेंड करने का आदेश जारी किया गया था।

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Satya Niketan building collapse : दिल्ली में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, 7 मौतें, हाईकोर्ट ने पूछा- किसकी थी जिम्मेदारी?

Satya Niketan building collapse : दिल्ली में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, 7 मौतें, हाईकोर्ट ने पूछा- किसकी थी जिम्मेदारी?

delhi building collapse

दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। कोर्ट ने कहा कि इस हादसे की जिम्मेदारी केवल इमारत मालिकों तक सीमित नहीं हो सकती, बल्कि दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं।

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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे ने राजधानी में इमारतों की सुरक्षा, अवैध या असुरक्षित निर्माण और छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान तेज करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने कहा कि मलबे में अभी भी कोई व्यक्ति फंसा हो सकता है, इसलिए संभावित लोगों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि इस त्रासदी की जिम्मेदारी सिर्फ उस इमारत के मालिकों की नहीं है जो ढह गई। अदालत ने MCD और DU की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाया।  कोर्ट के मुताबिक, दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले दूसरे शहरों से आने वाले कई छात्र निजी पेइंग गेस्ट (PG) सुविधाओं पर निर्भर रहते हैं।

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अदालत ने कहा कि ऐसे छात्रों के लिए पर्याप्त आवास उपलब्ध कराने में व्यवस्था की ओर से कमी रही है।

 दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बचाव अभियान में तेजी लाई जाए और मलबे के नीचे किसी व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए पूरी गंभीरता से अभियान चलाया जाए। अदालत की टिप्पणी के बाद अब मामले में सिर्फ बिल्डिंग मालिकों की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि MCD की निगरानी व्यवस्था और DU की छात्र आवास व्यवस्था भी जांच के दायरे में आ गई है।

 

 

एनडीआरएफ ने कहा- बचाव अभियान अभी भी जारी 

एनडीआरएफ  ने सोमवार को बताया कि दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में एक दिन पहले इमारत ढहने की घटना के बाद बचाव एजेंसियों ने अब तक मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला है, जबकि मलबे के नीचे फंसे लोगों की सटीक संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। यह बचाव अभियान सोमवार को भी दिनभर जारी रहने की उम्मीद है।

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एनडीआरएफ के महानिरीक्षक (आईजी) नरेंद्र बुंदेला ने कहा कि केंद्रीय आपदा मोचन बल के पास मलबे के नीचे फंसे लोगों की संख्या को लेकर 'कोई निश्चित आंकड़ा' नहीं है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ घटनास्थल पर लोगों के जिंदा होने के संकेतों की तलाश के लिए कटर, हाइड्रोलिक जैक और प्रशिक्षित श्वान दलों का इस्तेमाल कर रहा है। रविवार से ही एनडीआरएफ की दो तकनीकी टीम घटनास्थल पर तैनात हैं।

Two-wheeler retail sales up 19.7 percent in August

Two-wheeler retail sales up 19.7 percent in August
Two-wheeler retail sales up 19.7 percent in August

Two-wheeler retail sales in India rose 19.69 percent year on year to 17,14,610 units in August 2026, according to the Federation of Automobile Dealers Associations (FADA). The segment recorded its highest-ever August sales, although volumes declined 5.70 percent from July, when dealers retailed 18,18,289 two-wheelers. August 2025 sales stood at 14,32,537 units.

  1. Retail sales reach 17.15 lakh units, highest for an August
  2. Share of EVs in two-wheeler sales crosses 10 percent in a non-festive month
  3. Honda leads the market as dealers turn optimistic ahead of the festive season

FADA attributed the strong year-on-year growth to healthy rural demand and improved affordability following the GST 2.0 rollout. The month-on-month decline was attributed to the seasonal monsoon slowdown, rainfall in some regions and the inauspicious Shravan/Aadi period.

Rural two-wheeler retail grew 20.25 percent year on year in August, slightly ahead of the 19.07 percent growth recorded in urban markets. Compared with July, however, two-wheeler sales fell 6.85 percent in rural areas and 4.38 percent in urban centres.

EVs accounted for 10.68 percent of total two-wheeler retail sales in August, up from 7.66 percent a year ago. The share of electric models was 11.24 percent in July. FADA noted that August was the first non-festive month in which EVs comprised over 10 percent of two-wheeler sales.

As for fuel type, petrol continued to dominate the two-wheeler market with an 89.23 percent share, while CNG and LPG models together accounted for 0.08 percent.

Honda Motorcycle and Scooter India remained the largest two-wheeler OEM in August with a 26.09 percent market share, retailing 4,47,342 units. Hero MotoCorp was second with 4,13,996 units and a 24.15 percent share, while TVS Motor Company sold 3,53,746 units and had a 20.63 percent share.

Bajaj Auto retailed 1,57,149 two-wheelers, giving it a 9.17 percent share, followed by Suzuki Motorcycle India with 1,04,217 units and a 6.08 percent share. Royal Enfield recorded 94,448 units and a 5.51 percent share.

Among the electric-focused manufacturers listed separately by FADA, Ather Energy sold 28,757 units and had a 1.68 percent share, while Ola Electric registered 13,852 units and a 0.81 percent share. Greaves Electric Mobility, River Mobility and BGauss recorded 8,613, 5,141 and 4,845 units, respectively.

With the festive season approaching, FADA expects two-wheeler demand to strengthen in September. Rural cash flows and late-season rainfall remain key factors that could influence sales, while the continued shift towards alternative powertrains is expected to support the market.

Dealer sentiment for September remains positive, with 67.09 percent of dealers expecting growth, 27.35 percent expecting a flat market and 5.56 percent anticipating de-growth. For the September-November period, 81.62 percent of dealers expect the market to grow.

With inputs from Eshisha Java

LPG Price 6 September 2026: आज रसोई गैस की कितनी है कीमत? 14.2 किलो वाला सिलेंडर महंगा हुआ या सस्ता, जानें ताजा LPG रेट

LPG Price 6 September 2026: आज 6 सितंबर 2026 को देशभर में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम पहले की तरह ही हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने इस महीने घरेलू LPG के रेट में बढ़ोतरी नहीं की है, जिससे आम परिवारों के रसोई बजट पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।

हालांकि, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 1 सितंबर को बढ़ाए गए थे। अलग-अलग शहरों में इसकी कीमत करीब 9.50 रुपये से 11.50 रुपये प्रति सिलेंडर तक बढ़ी है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार पर पड़ रहा है।

घरेलू LPG के दाम क्यों नहीं बढ़े?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद सरकार और तेल कंपनियों ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा है।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने और गैस की आयात लागत बढ़ने का असर कमर्शियल LPG पर पड़ा है। इसी वजह से 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम में मामूली बढ़ोतरी की गई।

शहर के हिसाब से LPG सिलेंडर के रेट

शहरघरेलू LPG सिलेंडरकमर्शियल LPG सिलेंडर
दिल्ली₹942.00₹2,747.50
मुंबई₹941.50₹2,701.00
कोलकाता₹968.00₹2,884.00
चेन्नई₹957.50₹2,916.50
बेंगलुरु₹944.50₹2,831.00
लखनऊ₹942.50₹2,755.00
नोएडा₹942.80₹2,760.00
वाराणसी₹943.10₹2,757.00
रांची₹999.50₹2,933.00

कब बदले थे घरेलू LPG के दाम?

घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में आखिरी बदलाव जून 2026 में हुआ था। उस समय 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में करीब 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

इससे पहले मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू LPG के दाम में लगभग 60 रुपये का इजाफा हुआ था।

वहीं, कमर्शियल LPG की कीमतों में इससे पहले राहत भी मिली थी। 1 अगस्त को 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम में करीब 192 से 200 रुपये तक की बड़ी कटौती हुई थी। जुलाई में भी कमर्शियल LPG की कीमत लगभग 183.50 रुपये कम की गई थी।

देश में LPG की खपत क्यों घट रही है?

पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच घरेलू LPG की खपत 15.9 फीसदी घटकर 11.3 मिलियन टन रह गई। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 13.4 मिलियन टन था।

LPG की खपत कम होने के पीछे कई कारण हैं। देश के शहरों और कस्बों में PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। इससे कई घरों में LPG सिलेंडर पर निर्भरता कम हुई है।

महंगे सिलेंडर का घरेलू बजट पर असर

हालांकि घरेलू LPG के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन 940 से 1,000 रुपये के आसपास की कीमत अभी भी कई परिवारों के लिए बड़ी राशि है। खासकर ग्रामीण और कम आय वाले परिवारों के बजट पर इसका असर पड़ता है।

कुछ ग्रामीण परिवारों में सब्सिडी कम होने या खत्म होने के बाद LPG का इस्तेमाल कम हुआ है। ऐसे में कुछ परिवार दोबारा लकड़ी और उपले जैसे पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे भी घरेलू LPG की कुल खपत में कमी देखने को मिल रही है।

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LPG Price 4 September: बढ़ गए रसोई गैस के दाम? दिल्ली से मुंबई तक जानें LPG का रेट

LPG Price 4 September: रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में किसी भी तरह का बदलाव का असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। एलपीजी की कीमत बढ़ने से घर से साथ होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबार के लागत भी प्रभावित होती है। सिलेंडर महंगा होने पर खर्च बढ़ जाता है। वहीं दाम कम होने पर लोगों को थोड़ी राहत मिलती है। घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट जारी हो गए हैं। ऐसे में अगर आप भी सिलेंडर भरवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले अपने शहर में लागू कीमत जरूर जान लें।

सितंबर में तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव किया है, वहीं घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत फिलहाल स्थिर है। अब घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर अलग-अलग शहरों में किस कीमत पर मिल रहे हैं? प्रमुख शहरों के 4 सितंबर 2026 के ताजा LPG रेट यहां देख सकते हैं।

आज कितने बढ़े दाम

4 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 14.2 किलो वाले LPG सिलेंडर के रेट में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 942 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,747.50 रुपये में मिल रहा है। कोलकाता में घरेलू सिलेंडर 968 रुपये और कमर्शियल 2,882 रुपये का है। इसलिए ग्राहकों को आज भी अपने शहर में लागू पुराने रेट पर ही सिलेंडर मिलेगा। वहीं हर शहर की घरेलू गैस सिलेंडर में बदलाव हो सकता है। आज सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का रेट जरूर चेक कर लें

शहर का नामघरेलू एलपीजी की कीमत (14.2 किलो)कमर्शियल एलपीजी की कीमत (19 किलो)
दिल्ली942.00 रुपए2747.50 रुपए
मुंबई941.50 रुपए2,701.00 रुपए
कोलकाता968.00 रुपए2,882.00 रुपए
चेन्नई957.50 रुपए2,915.50 रुपए
बेंगलुरु944.50 रुपए2,8230.50 रुपए
पटना1,031.50 रुपए3,027.50 रुपए
भोपाल947.50 रुपए2,752.50 रुपए
देहरादून961.00 रुपए2,800.00 रुपए
चंडीगढ़951.50 रुपए2,769.50 रुपए

पटना में सबसे मंहगा

LPG सिलेंडर के दाम शहर के हिसाब से अलग-अलग हैं। पटना में घरेलू और कमर्शियल दोनों सिलेंडर सबसे महंगे हैं। यहां 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर 1,031.50 रुपये और 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर 3,027.50 रुपये में मिल रहा है। वहीं मुंबई में दोनों सिलेंडर सबसे सस्ते हैं। मुंबई में घरेलू सिलेंडर 941.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,701 रुपये का है। यानी पटना के मुकाबले मुंबई में घरेलू सिलेंडर 90 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 326.50 रुपये सस्ता है।

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Yasin Malik wife: ‘8 साल से आवाज नहीं सुनी…’; तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक अपनी पाकिस्तानी पत्नी को देगा तलाक, खुद के लिए की फांसी की मांग

Yasin Malik wife Mushaal Mullick: राजधानी दिल्ली के तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कश्मीरी अलगाववादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के चेयरमैन यासीन मलिक ने अपनी पाकिस्तानी पत्नी मुशाल मलिक से शादी खत्म करने की इच्छा जाहिर की है। यासीन मलिक ने जम्मू की टाडा (TADA) कोर्ट में एक 25 पन्नों का हलफनामा दायर किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें उसने अपनी पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को तलाक देने और सरला भट्ट हत्याकांड में केस लड़े बिना खुद के लिए फांसी की मांग की है।

पत्नी-बेटी का किया जिक्र

मलिक ने इस मर्डर केस की सुनवाई के दौरान जम्मू की स्पेशल TADA/POTA कोर्ट में 25 पेज का पर्सनल हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल करने का अनुरोध किया है। हमारे सहयोगी News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हलफनामे में उसने अपनी मां, पत्नी और 13 साल की बेटी रजिया सुल्ताना का जिक्र किया है। इसमें उसने परिवार से लंबे समय तक अलग रहने के बारे में लिखा।

‘8 साल से आवाज नहीं सुनी…’

रिपोर्ट के मुताबिक, मलिक ने हलफनामे में यह भी कहा कि उसने पिछले आठ वर्षों से अपनी पत्नी की आवाज तक नहीं सुनी है। उसका दावा है कि जेल में रहने के दौरान उसे पत्नी और बेटी से नियमित फोन पर बातचीत या सामान्य वीडियो कॉल की सुविधा नहीं मिल सकी। मलिक के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान उनके परिवार से बातचीत सीमित और अनिश्चित रही है। उसने इस लंबे अलगाव की वजह अपनी जेल की सज़ा और बातचीत पर लगी पाबंदियों को बताया।

पत्नी से कहा- अपनी जिंदगी में आगे बढ़ो

यासीन मलिक ने अपनी पत्नी मुशाल से कहा कि वह अपनी बाकी जिंदगी उसका इंतजार करते हुए या उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता में न बिताएं। उसने उन्हें जिंदगी में नया अध्याय शुरू करने की बात कही है। मलिक ने लिखा कि उसका फैसला किसी नाराजगी या दुश्मनी की वजह से नहीं है। वह अब भी अपनी पत्नी का सम्मान करता है। मलिक ने यह भी कहा कि उसने मुशाल के साथ बिताए वैवाहिक वर्षों का अफसोस नहीं है। दोनों के बीच दूरी के लिए उसने उन परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया, जो उसके कंट्रोल से बाहर थीं।

बेटी का बचपन मिस करने का भी जिक्र

हलफनामे में मलिक ने अपनी बेटी के बचपन से दूर रहने का भी जिक्र किया है। उसने कहा कि लंबे समय तक जेल में रहने और परिवार से अलगाव के कारण वह अपने बच्चों के बचपन में उनके साथ नहीं रह सका। उसने लिखा कि उसके बच्चे माता-पिता की सामान्य मौजूदगी और मार्गदर्शन के बिना बड़े हुए। परिवार को उम्मीद थी कि वह किसी दिन वापस घर लौटेंगे। लेकिन बाद में उन्हें फिर हिरासत में ले लिया गया। मलिक ने यह भी माना कि उनकी गिरफ्तारी और लंबे कारावास का उनकी पत्नी और पूरे परिवार की निजी जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है।

बेटी से दादी के साथ रहने की अपील

अपनी बेटी रजिया सुल्ताना को संबोधित करते हुए मलिक ने उससे अपनी दादी के करीब रहने की अपील की है। उसने बेटी से कहा कि वह अपनी दादी से हर दिन कम से कम पांच मिनट फोन पर बात करे, ताकि परिवार से दूर रहने के बावजूद उनकी मां को अपनी पोती का स्नेह और साथ मिलता रहे। मलिक ने कहा कि उसका हलफनामा किसी से सहानुभूति या दया हासिल करने के लिए नहीं है, बल्कि यह उनकी अंतरात्मा की आवाज और परिवार के लिए एक संदेश है।

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आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की काट रहा सजा

यासीन मलिक को साल 2022 में दिल्ली की स्पेशल NIA कोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। मलिक और उसके नेतृत्व वाले JKLF पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। कश्मीर में उग्रवाद के दौर में हिंदूओं के खिलाफ टारगेटेड हिंसा और हत्याओं की घटनाएं भी हुई थीं। इनमें कश्मीरी हिंदुओं के विस्थापन से जुड़ी घटनाएं भी शामिल थीं। इन सभी मामलों में मलिक मुख्य रूप से शामिल था।

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Goa free LPG: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घोषणा की है कि राज्य सरकार गोवा के लाभार्थियों को हर साल तीन एलपीजी गैस सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराएगी। इसके लिए 9 सितंबर से हर साल 3,000 रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट्स में जमा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन फॉर्म पांच सितंबर से पंचायतों और विधायकों के कार्यालयों में उपलब्ध कराए जाएंगे। सीएम ने बताया कि यह राशि 9 सितंबर 2026 से मिलनी शुरू हो जाएगी।

पणजी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना 2022 के राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए उनके वादे का हिस्सा है। उस समय उन्होंने लोगों को हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। सावंत ने कहा, “नौ सितंबर से लाभार्थियों के बैंक खातों में हर साल 3,000 रुपये जमा होने शुरू हो जाएंगे। इस वित्तीय सहायता से पात्र लाभार्थी योजना के तहत तीन एलपीजी सिलेंडर खरीदने का खर्च वहन कर सकेंगे।”

उन्होंने बताया कि गोवा निवासी जो व्यक्ति आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज जमा करेगा, उसे अपने बैंक खाते में यह राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। सावंत ने यह भी कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को बैंक पासबुक, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की कॉपी जमा करनी होंगी।

9 सितंबर से अकाउंट में आएंगे ₹3,000

पणजी में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 9 सितंबर से हर साल 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में मिलनी शुरू होगी। इस राशि का इस्तेमाल लाभार्थी तीन LPG सिलेंडरों की लागत को पूरा करने के लिए कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग आवेदन फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज जमा करेंगे, उन्हें योजना की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त होगी।

किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत?

योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को नीचे दिए गए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे:-

बैंक पासबुक की कॉपी

आधार कार्ड

वोटर आईडी कार्ड

2022 के विधानसभा चुनाव का वादा

सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि यह योजना 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे का हिस्सा है। उन्होंने चुनाव के समय राज्य के लोगों को हर साल तीन फ्री LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अब सरकार ने इस वादे को पूरा करने के लिए लाभार्थियों के बैंक खातों में सालाना ₹3,000 देने की व्यवस्था की है।

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