IND vs WI: खत्म हुआ इंतजार! इस दिन एक्शन में दिखेंगे रोहित शर्मा-विराट कोहली, जानें शेड्यूल

IND vs WI: वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारत दौरे पर आ रही है। इस दौरे पर दोनों टीमों के बीच तीन वनडे और पांच टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले जाएंगे। वेस्टइंडीज का भारत दौरा 27 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान पहले तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी, वहीं इसके बाद 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। फैंस वनडे सीरीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसकी वजह रोहित शर्मा और विराट कोहली है। टेस्ट और टी20 से रिटायरमेंट लेने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली अब वनडे मैच में ही नजर आते हैं। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में ये दोनों खिलाड़ी मैदान पर नजर आएंगे। आइए जानते हैं कब और कहां पर खेला जाएंगे मुकाबले

कब खेला जाएगा वनडे मुकाबला

भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर को गुवाहाटी और 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में वनडे मुकाबले होंगे। वनडे सीरीज में टीम इंडिया की कमान शुभमन गिल संभालेंगे, वहीं टी20 सीरीज के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम दोनों फॉर्मेट में शाई होप की कप्तानी में मैदान पर उतरेगी।

वनडे का पूरा शेड्यूल

  • पहला वनडे: 27 सितंबर (शनिवार) – भारत और वेस्टइंडीज- तिरुवनंतपुरम 01:30 PM
  • दूसरा वनडे: 30 सितंबर (बुधवार)- भारत और वेस्टइंडीज-गुवाहाटी 01:30 PM
  • तीसरा वनडे: 3 अक्टूबर (शनिवार)- भारत और वेस्टइंडीज- न्यू चंडीगढ़ 01:30 PM

कब खेला जाएगा टी20 मुकाबला

वहीं टी20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर को लखनऊ से होगी। इसके बाद दोनों टीमें 9 अक्टूबर को रांची, 11 अक्टूबर को इंदौर, 14 अक्टूबर को हैदराबाद और 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में टी20 मैच खेलेंगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली सीरीज में टीम इंडिया मजबूत तैयारी के साथ उतरेगी। आठ मैचों के बाद टीम को न्यूजीलैंड का दौरा भी करना है।

टी20 का पूरा शेड्यूल

  • पहला टी20: 6 अक्टूबर (मंगलवार), लखनऊ 07:00 PM
  • दूसरा टी20: 9 अक्टूबर (शुक्रवार), रांची 07:00 PM
  • तीसरा टी20: 11 अक्टूबर (रविवार), इंदौर 07:00 PM
  • चौथा टी20: 14 अक्टूबर (बुधवार), हैदराबाद 07:00 PM
  • पांचवा टी20: 17 अक्टूबर (शनिवार), बेंगलुरु 07:00 PM

कब होगा मुकाबले का टॉस

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले वनडे मुकाबले दोपहर में खेले जाएंगे। तीनों ODI मैच दोपहर 1:30 बजे शुरू होंगे और इससे आधे घंटे पहले 1 बजे टॉस होगा। वहीं पांच मैचों की T20I सीरीज के सभी मुकाबले शाम 7 बजे से शुरू होंगे। इन मैचों के लिए शाम 6:30 बजे टॉस किया जाएगा।

भारत बनाम वेस्टइंडीज सीरीज 2026 के लिए टीमें

भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (C), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (VC और WK), ध्रुव जुरेल (WK), नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर।

भारत की टी20 टीम: श्रेयस अय्यर (C), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन [WK], संजू सैमसन (WK), तिलक वर्मा (VC), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

Oman Cricket Team: 11 में से 7 खिलाड़ियों का एक ही सरनेम! ओमान की प्लेइंग इलेवन देखकर चकराया सबका सिर

हार्दिक पांड्या को फिर रखा गया एकदिवसीय टीम से दूर, क्या खेल पाएंगे विश्वकप?

 

हार्दिक पांड्या को फिलहाल एकदिवसीय योजनाओँ से चयनकर्ताओं ने बाहर रखा हुआ है।जून माह में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हुए हार्दिक पांड्या को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली आगामी एकदिवसीय सीरीज से बाहर रखा गया है। हार्दिक के 20 सितंबर को फिट घोषित किए जाने की संभावना है। लेकिन राष्ट्रीय चयन समिति उन्हें तभी टीम में चुनेगी जब वह भारत ‘ए’ के लिए 10 ओवर गेंदबाजी करके अपनी फिटनेस साबित कर देंगे।

इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में  मांसपेशियां यानि कि हैमस्ट्रिंग के कारण वह बाहर रहे थे।गौरतलब है कि मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने यह कहा था कि हार्दिक पांड्या को दक्षिण अफ्रीका में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप के लिए भारतीय टीम में शामिल करने की योजना है।

यह उस योजना को पीछे ढकेलती है क्योंकि एक बार फिर हार्दिक पांड्या की खराब फिटनेस सबके सामने उजागर हो जाती है। वह भी तब जब उनको बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से हरी झंडी मिल गई थी।इससे पहले पिछले एकदिवसीय विश्वकप में भी बीच हार्दिक पांड्या टूर्नामेंट चोटिल होकर बाहर हो गए थे।

2 टी-20 विश्वकप जीत चुके हार्दिक पांड्या टी20 टीम में पंड्या की वापसी की संभावना कम लग रही है क्योंकि अगरकर ने साफ कर दिया था कि उनका इस्तेमाल ज्यादातर 50 ओवर प्रारूप में किया जाएगा।अगरकर ने कहा था, ‘‘ बुमराह की तरह, अगर हम उनसे अच्छा प्रदर्शन करवा सकें और उन्हें वनडे क्रिकेट के लिए फिट रख सकें। इस समय यही मुख्य मक़सद है। ’’

उन्होंने कहा था, ‘‘हम उन्हें कभी भी वापस ला सकते हैं। इससे हमें नितीश रेड्डी जैसे खिलाड़ी को टी20 क्रिकेट में कुछ मौके देने का भी मौका मिलता है। इसलिए पंड्या के मामले में टी20 के लिए थोड़ा आराम और रोटेशन होगा। ’’

उनकी जगह टीम में नितीश कुमार रेड्डी और नमन धीर है जो बल्लेबाजी के साथ तेज गेंदबाजी भी कर सकते हैं।

भारत की एकदिवसीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल और नमन धीर

नमन और नबी पहली बार वनडे टीम में शामिल लेकिन हुए आलोचना के शिकार

वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ होने वाली आगामी घरेलू सफ़ेद गेंद सीरीज़ के लिए वनडे टीम में नमन धीर और आक़िब नबी को पहली बार वनडे प्रारूप में चुना गया है। धीर को घरेलू क्रिकेट में पंजाब के लिए और आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए किए गए प्रभावी प्रदर्शन का इनाम मिला है। दूसरी ओर नबी ने इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में सरे के लिए दमदार प्रदर्शन कर पहली बार राष्ट्रीय एकदिवसीय टीम में जगह बनाई है।

अबूधाबी में हुए IPL नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स से 8.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम मिली।नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं।

हालांकि सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन वह लाल गेंद के सिद्धहस्त गेंदबाज माने जाते हैं। इस कारण से उनके चयनित होने पर आलोचना भी हो रही है।वजह यह है कि उनकी औसत गति 125 किमी प्रति घंटा है जो कि एकदिवसीय प्रारुप के लिए कम है। वहीं नमनधीर के चयन पर भी सवाल खड़े हुए हैं क्योंकि उन्होंने 14 लिस्ट ए मैचों में 39 की औसत से 400 रन बनाए हैं।

जनवरी में आख़िरी बार न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेलने वाले रवींद्र जडेजा ने भी लंबे समय बाद वनडे में वापसी की है।हार्दिक पंड्या को फिटनेस के मामले में अभी क्लियरेंस नहीं मिली है। इसको देखते हुए नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स टीम से निकालकर वनडे सीरीज़ में शामिल किया गया है। वहीं ऋषभ पंत को टीम में जगह नहीं मिली है। विकेटकीपर बल्लेबाज़ के रूप में ध्रुव जुरेल जरूर वनडे सीरीज़ की टीम में शामिल किए गए हैं।

भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आक़िब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर।

अजीत आगरकर चाहते हुए भी इस नियम के कारण रोहित शर्मा को वनडे टीम से ड्रॉप नहीं कर पाए

मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर अपने अंतिम टीम घोषणा के लिए बुधवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय और टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम की घोषणा करने के लिए आए। फैंस को लगा था कि कुछ दिनों पहले जो रोहित शर्मा ने उन पर Non Committal शर्ट पहनकर तंज कसा था उसका बदला वह रोहित शर्मा को एकदिवसीय  टीम से बाहर करके ले लेंगें। यह वही शब्द है जो मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने एक साल पहले रोहित शर्मा के विश्वकप खेलने के सवाल के जवाब में दिया था।

हालांकि अजीत आगरकर चाहकर भी ऐसा कुछ नहीं कर पाए क्योंकि एक खिलाड़ी को ड्रॉप करने के लिए  मुख्य चयनकर्ता के साथ अन्य चयनकर्ताओॆ का 2 तिहाई बहुमत चाहिए होता है। अगर मुख्य चयनकर्ता सिर्फ अपनी मर्जी से किसी खिलाड़ी को ड्रॉप कर भी दे तो लिखित में चयनित हुई टीम पर हस्ताक्षर बोर्ड के अध्यक्ष या सचिव के होते हैं और देवजीत सैकिया तो रोहित शर्मा के पक्ष की ही बातें पिछले 2-3 महीनों से कर रहे हैं। इस कारण अजीत आगरकर ने अपनी अंतिम टीम में भी कोई कोशिश नहीं की।

2027 एकदिवसीय विश्व कप का सवाल टाल गए रोहित शर्मा

 भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर गुरुवार को कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

Rohit Sharma

संन्यास की अटकलें जुलाई से हो रही है तेज

17 जुलाई (शुक्रवार) से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और 19 जुलाई (रविवार) को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

भारत की एकदिवसीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल और नमन धीर।

India vs West Indies: वेस्टइंडीज सीरीज के लिए हुआ स्क्वॉड का ऐलान, नमन धीर और आकिब नबी की टीम इंडिया में एंट्री

India vs West Indies: पंजाब के बल्लेबाज नमन धीर और जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को पहली बार भारत की वनडे टीम में जगह मिली है। दोनों को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। बता दें कि BCCI ने बुधवार (16 सितंबर) को X पर पोस्ट कर वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीमों का ऐलान किया। यह घरेलू सीरीज 27 सितंबर से तिरुवनंतपुरम में शुरू होगी।

शुभमन गिल तीन वनडे मैचों में ‘मेन इन ब्लू’ (भारतीय टीम) की कप्तानी करेंगे, जबकि श्रेयस अय्यर एशियन गेम्स 2026 के बाद जापान से लौटने पर पांच T20I मैचों में टीम की कमान संभालेंगे।

रोहित शर्मा और विराट कोहली को भारत की वनडे टीम में बनाए रखा गया है, साथ ही गुरनूर बरार, केएल राहुल, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव भी टीम में शामिल हैं। वहीं, जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ न खेलने वाले रवींद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज की भी वापसी हुई है।

अय्यर की गैर-मौजूदगी में, राहुल को वनडे सीरीज के लिए गिल का डिप्टी (उप-कप्तान) बनाया गया है। टीम में ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी और यशस्वी जायसवाल भी शामिल हैं।

50 ओवर की टीम में आकिब और नमन ही दो नए चेहरे हैं। उन्होंने पहले कभी भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेला है, हालांकि आकिब पिछले महीने श्रीलंका दौरे पर भारत की टेस्ट टीम का हिस्सा थे।

बता दें कि नीतीश भारत की 2026 एशियाई खेलों की टीम का हिस्सा थे, लेकिन बुधवार को BCCI ने उन्हें टीम से हटा दिया और अब वह वनडे सीरीज में खेलेंगे।

भारत की वनडे टीम: शुबमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जयसवाल, नमन धीर।

टी20 टीम में प्रिंस यादव और मयंक यादव के साथ कुलदीप यादव की वापसी हुई है। उन्होंने वरुण चक्रवर्ती, जसप्रित बुमराह और यश ठाकुर की जगह ली है।

गौरतलब है कि ठाकुर और बुमराह अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की T20I टीम का हिस्सा हैं और एशियाई खेलों में भी खेलेंगे, लेकिन उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज के लिए नहीं चुना गया है।

भारत की T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

यह भी पढ़ें: 1.1 करोड़ में RR को मिला था ‘हीरा’, अब हर IPL टीम को हो रहा अफसोस! जानें वैभव पर LSG के मालिक ने क्या कहा

ऋषभ पंत की चोट है गंभीर, गेंदबाजी कोच के बयान से टीम और फैंस चिंता में

भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने मंगलवार को कहा कि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को कंधे पर ‘काफी चोट’ लगी है जिससे उनकी मूवमेंट प्रभावित हुई है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह श्रीलंका के खिलाफ यहां चल रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन मैदान पर लौटेंगे।

पंत ने यहां तीसरे दिन विकेटकीपिंग नहीं की और ध्रुव जुरेल ने उनकी जगह यह जिम्मेदारी निभाई।दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान कंधे पर चोट लगने के बाद पंत ड्रेसिंग रूम में हाथ में पट्टी बांधकर दिखे।

मोर्कल ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऋषभ के कंधे पर चोट लगी है। इस बारे में कल रात भी चर्चा हुई थी क्योंकि उन्हें काफी चोट लगी है। मुझे लगता है कि आज सुबह वार्मअप करने की कोशिश के दौरान उनकी मूवमेंट सीमित थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब हम रातभर उनकी स्थिति पर नजर रखेंगे और उम्मीद है कि कल वह हमारे लिए विकेटों के पीछे मौजूद होंगे। उनका वहां होना महत्वपूर्ण है क्योंकि खेल को समझने की उनकी क्षमता असाधारण है।’’

मोर्कल ने कहा कि अगर कुलदीप यादव दूसरे टेस्ट से पहले वायरल बुखार की चपेट में नहीं आए होते तो चयन के लिए उनके नाम पर विचार किया जाता।उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, चयन मेरे हाथ में नहीं है। मुझे लगता है कि पहले टेस्ट के लिए उन्हें कुछ निश्चित भूमिकाएं निभाने को कहा गया था जो थोड़ा मुश्किल टेस्ट था। लेकिन मेरे हिसाब से वह अंतिम चयन के दावेदारों में जरूर होते।’’

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्कल ने कहा कि भारत बुधवार को जल्द से जल्द श्रीलंका के बचे हुए दो विकेट हासिल करके बढ़त अपने पक्ष में बनाए रखना चाहेगा। श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुशा, केशरा नुवंता और लाहिरू कुमारा ने संघर्षपूर्ण पारियां खेलीं। मोर्कल ने कहा कि क्रिकेट में ऐसे दौर आते रहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आप जितनी जल्दी हो सके मैदान से बाहर आना चाहते हैं, हमेशा यही योजना होती है। लेकिन यह खेल का हिस्सा है। कभी-कभी कूकाबूरा गेंद थोड़ी नरम हो जाती है और पिच से गेंद को अतिरिक्त तेजी दिलाना काफी मुश्किल होता है।’’मोर्कल ने कहा, ‘‘मुझे लगा कि उन्होंने (श्रीलंका ने) काफी अच्छी बल्लेबाजी की और वहां अच्छी साझेदारी बनाई। मुझे नहीं लगता कि उन्हें गेंदबाजी करने में हमें कोई परेशानी हुई, यह सिर्फ खेल की प्रकृति है।’’

इंदौर के सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद करीब

इंदौर के सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद करीब

इंदौर के स्थानीय निवासी और ऑलराउंडर क्रिकेटर सारांश जैन कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बेहद नजदीक खड़े हैं। इसका इशारा तब मिला जब श्रीलंका के मध्यक्रम में एक और बाएं हाथ का बल्लेबाज शामिल हुआ और सारांश को अभ्यास सत्र में काफी मेहनत करते हुए देखा गया। उनको कुलदीप यादव की जगह शामिल करने की आशंका है।

चंद्रकांत पंडित की कोचिंग में मध्य-प्रदेश की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम के प्रमुख सदस्य रहे लंबे कद के Off-Spinner सारांश ने हाल ही में भारत A के श्रीलंका दौरे के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में छह विकेट लेने के साथ एक पारी में नाबाद 70 रन भी बनाए थे।

दिलचस्प बात यह है कि सारांश के पिता सुबोध भी मध्य प्रदेश के पूर्व ऑफ-स्पिनर रहे हैं और उनको यह बात सालती रही कि वह राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके। लेकिन उन्होंने अपनी असफलता पर चिंतन करने से बेहतर बेटे की कुशलता पर मेहनत करना समझा। वह ही अपने बेटे के कोच है।

सारांश के पिता सुबोध ने 9 रणजी ट्रॉफी मैचों में 23 विकेट लिए थे। उन्होंने अपने बेटे को कोचिंग देनी शुरु की लेकिन भारतीय टेस्ट गेंदबाजी क्रम खासकर स्पिन गेंदबाजी का- इतना सुदृढ़ था कि इसका किला भेदना असंभव था। रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जड़ेजा ही टीम के लिए इतने विकेट निकाल देते थे कि कुलदीप यादव तक के 10 साल के करियर में 19 मैच हैं।

ऐसे में सारांज को 30 प्लस के बाद जाकर मौका मिला। अमूमन भारतीय चयनकर्ता इतनी उम्र के बाद किसी पर मेहरबान नहीं होते। लेकिन सारांश जैन का केस अलग था।

चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव हो सकते हैं कोलंबो टेस्ट से बाहर

पिछले साल कुलदीप यादव इंग्लैंड के दौरे पर पांचो मैच में बैंच पर बैठे थे इसके बाद उनको वेस्टइंडीज के खिलाफ मौका मिना जो उन्होंने भुनाया। घरेलू जमीन पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन औसत से ऊपर ही था। लेकिन करीब एक साल बाद लाल गेंद की क्रिकेट में उनकी वापसी वैसी नहीं हुई है जैसे कि होनी चाहिए थी। इस कारण उनका 23 अगस्त से शुरु हो रहे कोलंबो टेस्ट से ड्रॉप होना लगभग तय है।

गॉल स्टेडियम में पांचवें दिन की पिच स्पिन गेंदबाजी के लिए अच्छी थी और कुलदीप यादव इसका फायदा उठा सकते थे। लेकिन उन्होंने 11 ओवर में 38 रन देकर एक भी विकेट नहीं लिया।इससे साफ दिखा कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल की नजर में कुलदीप तीसरे स्पिन गेंदबाज थे। उनसे पहले रविंद्र जडेजा और मानव सुथार ने गेंदबाजी की। दोनों ने मिलकर 46.4 ओवर किए और 14 विकेट लिए।

कुलदीप के खराब प्रदर्शन के लिए कप्तान या टीम प्रबंधन को दोष देना आसान है कि उन्होंने इस गेंदबाज पर पर्याप्त भरोसा नहीं दिखाया। कुलदीप को मिले 11 ओवरों में भी वह ऐसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जिससे उन्हें ज्यादा गेंदबाजी दी जाती।पहली पारी में भी कुलदीप को अपना एकमात्र विकेट कमिंदु मेंडिस का मिला जिसमें शुभमन गिल के शानदार कैच का बड़ा योगदान था।

श्रीलंका के खिलाफ खेले गए अभ्यास मैच में भी वह बेअसर ही थे। उन्होंने पहली पारी में श्रीलंका एकादश के खिलाफ 18 ओवर में 76 रन देकर सिर्फ 2 विकेट ही लिए थे। उनके इस प्रदर्शन से कप्तान केएल राहुल ने उनको दूसरी पारी के लिए गेंद ही नहीं थमाई। हालांकि इसकी आलोचना हुई लेकिन राहुल अपनी जगह पर सही भी थे।

क्यों नहीं मिल रहे कुलदीप को विकेट

एक विचार यह भी है कि कुलदीप को हवा में गेंद की गति थोड़ी तेज रखनी चाहिए, ताकि पिच से उन्हें अधिक मदद मिल सके। वह आम तौर पर 82-85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं और कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के इस गेंदबाज को ‘स्पीडोमीटर’ पर कुछ पायदान ऊपर जाते हुए 90 किमी प्रति घंटे के आसपास पहुंचना चाहिए।

9 साल में कुलदीप ने खेले हैं सिर्फ 19 टेस्ट मैच

कुलदीप के लिए यह चिंता की बात इस कारण भी है क्योंकि बीते 9 सालों में वह सिर्फ 19 टेस्ट खेल पाए हैं। कुलदीप ने 2017 में धर्मशाला पर पदार्पण किया था। उन्होंने यही पर 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टेस्ट के पहले दिन कुलदीप ने शीर्ष क्रम के पांच खिलाड़ियों को आउट किया और मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार पाया। कुलदीप ने इस श्रृंखला में 19 विकेट झटके।यह ही एकमात्र ऐसी सीरीज रही जिसमें उन्होंने 4 मैच लगातार खेले। बीते कुछ वर्षों में टेस्ट में मौके कम मिले थे, फिर उनकी फॉर्म में गिरावट आयी और घुटने की सर्जरी भी हुई। इसके बाद कुलदीप ने फॉर्म में आने के लिए कुछ तकनीकी बदलाव भी किया।

Galle Test: मानव सुथार यानी ‘फिरकी का नया जादूगर’, 10 विकेट झटक श्रीलंका को किया चारों खाने चित

श्रीलंका की धरती पर एक बार फिर भारतीय टीम ने जीत का झंडा गाड़ दिया है। बुधवार को गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के पांचवें और आखिरी दिन भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हरा दिया। इस जीत के हीरो मानव सुथार रहे, जिन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लिए। भारत ने इस जीत के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। यह भारत के 600वें टेस्ट मैच में मिली जीत भी है।मानव सुथार ने मैच का अपना 10वां विकेट भारी बारिश शुरू होने से ठीक पहले लिया। उनके विकेट लेते ही मैच खत्म हो गया और करीब पांच मिनट बाद गॉल में तेज बारिश शुरू हो गई।

मानव सुथार के जाल में फंसे श्रीलंका के बल्लेबाज

गॉल की पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। ऐसे मैदान पर मिली यह जीत भारत का आत्मविश्वास बढ़ाएगी। इससे पहले भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्पिन वाली पिचों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। कुछ हिस्से तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया, लेकिन आखिरकार 206 रन पर पूरी टीम ऑलआउट हो गई। मानव सुथार ने श्रीलंका के आखिरी चार विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी।सुथार ने दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट लिए। यह लगातार दूसरा टेस्ट था, जिसमें उन्होंने एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में भी उन्होंने 5 विकेट लिए थे। इस मैच की पहली पारी में भी सुथार ने श्रीलंका के 4 बल्लेबाजों को आउट किया था।

सीरीज के पहले ही मैच 10 विकेट किया अपने नाम

लंच के बाद श्रीलंका ने 6 विकेट पर 175 रन से खेलना शुरू किया और बिना कोई विकेट गंवाए स्कोर 199 रन तक पहुंचा दिया। उस समय लगा कि मेजबान टीम मुकाबले में वापसी कर सकती है, लेकिन तभी मानव सुथार ने गेंदबाजी में वापसी की और लगातार विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।76वें ओवर में मानव सुथार ने सोनल दिनुशा को 84 रन के स्कोर पर आउट किया। इसके बाद उन्होंने लगातार दो गेंदों पर प्रभात जयसूर्या और लाहिरू कुमारा को पवेलियन भेज दिया। इन विकेटों के साथ श्रीलंका का स्कोर 9 विकेट पर 199 रन हो गया।

 

सुथार को गेंद से अच्छी टर्न और उछाल मिल रही थी। उन्होंने केशरा नुवंथा को बोल्ड कर श्रीलंका की पारी खत्म कर दी और भारत को 165 रन से शानदार जीत दिलाई। हालांकि, सोनल दिनुशा और श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा के बीच हुई मजबूत साझेदारी ने भारत को जीत के लिए उम्मीद से ज्यादा इंतजार कराया। दोनों ने भारतीय गेंदबाजों का अच्छी तरह सामना किया, लेकिन सुथार के लगातार विकेटों ने श्रीलंका की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं।

मैच में लिए ये अहम विकेट

रात से नाबाद खेल रहे सोनल दिनुशा और धनंजय डी सिल्वा ने 202 गेंदों पर 95 रन की साझेदारी की। दोनों ने शुरुआती सेशन में एक घंटे से ज्यादा समय तक भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाए रखा। भारतीय स्पिनरों के खिलाफ श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने एक बार फिर स्वीप शॉट का खूब इस्तेमाल किया। मैच में पहले भी यह तरीका उनके लिए काफी कारगर रहा था। भारत की ओर से रवींद्र जडेजा सबसे प्रभावी स्पिनर रहे। उन्होंने लगातार सही लाइन पर गेंदबाजी की और पिच से अच्छी पकड़ भी हासिल की। मानव सुथार ने दिन की शुरुआत में ज्यादा ओवर नहीं किए, लेकिन उनकी गेंदबाजी लगातार खतरनाक बनी रही। दूसरी ओर, कुलदीप यादव को पिच की खुरदरी सतह से ज्यादा मदद नहीं मिली। उनकी गेंदें भी काफी सपाट रहीं। कुलदीप ने ‘अराउंड द विकेट’ गेंदबाजी करते हुए एंगल बनाने की कोशिश की, लेकिन इस वजह से उनके लिए बल्लेबाज को LBW आउट करने का मौका कम हो गया।

धनंजय डी सिल्वा ने 125 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। इसके कुछ ही देर बाद सोनल दिनुशा ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। दिनुशा की फिफ्टी खास रही। उन्होंने कुलदीप यादव की गेंद पर स्लॉग-स्वीप खेलकर छक्का लगाया और अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने धनंजय डी सिल्वा को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। जडेजा की गेंद में अतिरिक्त उछाल आया और डी सिल्वा के स्वीप शॉट का टॉप-एज लगा। गेंद शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े मानव सुथार के हाथों में चली गई।

इसके बाद निरोशन डिकवेला ने श्रीलंका के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की। पहली पारी में उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी की थी, लेकिन इस बार उन्होंने कुलदीप यादव और जडेजा के खिलाफ बड़े शॉट खेलने की कोशिश की। वह लगातार स्लॉग-स्वीप खेलने के प्रयास में थे, लेकिन आखिरकार प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर आउट हो गए।

भारत को मिली शानदार जीत

निरोशन डिकवेला ने खुद के लिए जगह बनाकर कवर के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर उनके बल्ले का किनारा लगा। गेंद विकेट के पीछे खड़े ऋषभ पंत के हाथों में चली गई और डिकवेला आउट हो गए। इसके बाद सोनल दिनुशा और केशरा नुवंथा ने करीब 30 मिनट तक हिम्मत और थोड़े भाग्य के सहारे बल्लेबाजी की। श्रीलंका को उम्मीद थी कि वह किसी तरह समय निकाल ले और मौसम खराब होने से पहले मैच को बचाने की कोशिश करे। लेकिन मानव सुथार के दोबारा गेंदबाजी पर आते ही श्रीलंका की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। मिडिल सेशन में 30 मिनट से कुछ ज्यादा समय के अंदर श्रीलंका का निचला क्रम बिखर गया। बारिश शुरू होने से ठीक पहले सुथार ने केशरा नुवंथा को आउट कर अपने 10 विकेट पूरे किए और भारत को शानदार जीत दिला दी।

462 रन बनाकर भारत ने श्रीलंका पर बनाया गॉल टेस्ट में दबाव

INDvsSL देवदत्त पडिक्कल (167), केएल राहुल (82) और ध्रुव जुरेल (51) रन की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन सोमवार को श्रीलंका के खिलाफ  462 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। रविवार सांयकाल 460 रनों पर 9 विकेट गंवाकर आज खेलेने उतरी भारतीय टीम का प्रसिद्ध कृष्णा के तौर पर अंतिम विकेट गिरा। उनका विकेट अशिता फर्नेंडो ने लिया।

इससे पहले रविवार को बाएं हाथ के बल्लेबाज पड़िक्कल ने दिन की शुरुआत 131 रन से की थी, आत्मविश्वास के साथ 150 और फिर 160 के स्कोर तक पहुंचे और खराब गेंदों पर लगातार प्रहार करते रहे। उन्होंने 215 गेंदों में 150 रन पूरे किए और उसके बाद भी अपना आक्रामक खेल जारी रखा। केएल राहुल ने भी उतना ही अहम साथ दिया और 175 गेंदों में 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 82 रन बनाए। एक समय ऐसा लग रहा था कि वह एक बड़ा शतक बनाएंगे, लेकिन केशरा नुवंता ने एक बेहतरीन गेंद डाली जो टर्न हुई और उछली, जिससे राहुल को अपना शॉट बदलना पड़ा और गेंद सीधे शॉर्ट लेग पर चली गई।

पडिक्कल ने अपनी पारी में 230 गेंदों का सामना किया और इस दौरान 15 चौके और एक छक्का लगाया और अंत में प्रभात जयसूर्या की गेंद पर वह स्टंप आउट हुए। उनके आउट होने के साथ ही वह लंबी पारी समाप्त हुई जिसने श्रीलंकाई गेंदबाज़ों पर लगातार दबाव बनाए रखा था। ऋषभ पंत के आउट होने से भारत की 300 रन के पार जाने की गति थोड़ी धीमी हुई। पंत ने 62 गेंदों में तेज 39 रन बनाए। पंत ने नुवंता पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन मिड-ऑफ की तरफ़ शॉट का सही समय नहीं चुन पाए, जहां सोनल दिनुशा ने दौड़ते हुए कैच पूरा किया। यह नुवंता का पहला टेस्ट विकेट था।

चायकाल के बाद भारत के विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। रवींद्र जडेजा (13) रन के रूप में भारत का छठा विकेट गिरा। उन्होंने नुवंता ने पगबाधा आउट किया। इस दौरान ध्रुव जुरेल ने तेजी के साथ रन बनाते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। 110वें ओवर में उन्हें प्रभात जयसूर्या ने आउट किया। ध्रुव जुरेल ने 68 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाते हुए (51) रनों की पारी खेली। मोहम्मद सिराज (11) रन को ए फर्नांडो ने आउट किया। मानव सुथार (24) रन नौवें विकेट के रूप में आउट हुये। उन्हें प्रभात जयसूर्या ने आउट किया।

बारिश के कारण केवल दो सत्र का खेल हो पाया। पहले सत्र में कुल 76 रन बने और तीन विकेट गिरे। दूसरे सेशन में 96 रन बने और चार विकेट गिरे। कुल मिला कर आज का खेल दोनों टीमों के नाम रहा। लेकिन भारतीय टीम के लिए अच्छी ख़बर यह है कि पिच स्पिनरों के लिए मददगार बनती जा रही है। ऐसे में 460 रनों का स्कोर अच्छा स्कोर दिख रहा है। स्टंप्स के समय कुलदीप यादव (नाबाद 12) और प्रसिद्ध कृष्णा (नाबाद एक) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।श्रीलंका की ओर से प्रभात जयसूर्या ने चार विकेट लिये। केशरा नुवंता को तीन विकेट मिले। ए फर्नांडो ने एक बल्लेबाज को आउट किया।