Viral Post: ‘मेंटल पीस के लिए बिना ऑफर के छोड़ दी नौकरी’, वायरल हुआ इंजीनियर का पोस्ट

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट इंजीनियर का पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में इंजीनियर ने बताया कि उसने बिना किसी नई नौकरी के पुरानी नौकरी छोड़ने के फैसला किआ। इस फैसले को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग के मुताबिक नौकरी और करियर से ज्यादा जरूरी मानसिक सुकून है, वहीं कुछ ने कहा कि, मौजूदा नौकरी के माहौल में बिना किसी दूसरे ऑप्शन के इस्तीफा देना जोखिम भरा हो सकता है। इसी वजह से यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

सॉफ्टवेयर इंजीनियर गौरव शरण ने X पर एक छोटा सा पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “बिना किसी ऑफर के इस्तीफा दे दिया। किसी भी चीज से ज्यादा मेंटल पीस जरूरी है।” अपने इस पोस्ट के जरिए उन्होंने बताया कि उन्होंने दूसरी नौकरी या ऑफर तय किए बिना ही मौजूदा नौकरी छोड़ने का फैसला किया। गौरव शरण का ये पोस्ट देखते ही देखते सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। लोग इस पोस्ट पर कई कमेंट किए।

 

लोगों ने किए कमेंट

एक यूजर ने बताया कि, “उसने 2025 में बिना किसी नई नौकरी के ऑफर के इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद नई नौकरी मिलने में उसे करीब दो महीने का समय लगा। इस दौरान उसे कई ऑफर मिले, लेकिन कोई भी उसकी घर से काम करने की पसंद के मुताबिक नहीं था।” एक और यूजर ने कहा, “नौकरी छोड़ने से पहले कम से कम एक नया ऑफर अपने हाथ में होना बेहतर है, ताकि बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े।” यूजर ने कहा कि, “मौजूदा नौकरी छोड़ने से पहले कम से कम एक नया ऑफर अपने पास होना चाहिए, क्योंकि जॉब मार्केट की वास्तविक स्थिति उम्मीद से काफी अलग हो सकती है।”

एक यूजर ने बताया कि, “कई कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं, जो तुरंत काम शुरू कर सकते हैं और 60 दिन तक इंतजार नहीं करना चाहतीं। ऐसे में पहले इस्तीफा देने वाले उम्मीदवार रिक्रूटर्स को ज्यादा आसानी से उपलब्ध लग सकते हैं और उन्हें नौकरी के बेहतर मौके मिल सकते हैं।”

Balrampur Chini Q1 Results: चीनी कंपनी का मुनाफा 14% घटा, रेवेन्यू बढ़ा; नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति

Balrampur Chini Q1 Results: चीनी कंपनी Balrampur Chini Mills का जून तिमाही प्रदर्शन मिला-जुला रहा। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.5% घटकर 44.1 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा 51.6 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन EBITDA घटा

बलरामपुर चीनी मिल्स का रेवेन्यू 6% बढ़कर 1,636.8 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 1,542.3 करोड़ रुपये था। हालांकि, ऑपरेशनल कमाई पर दबाव रहा। EBITDA 15% घटकर 114 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल यह 134.3 करोड़ रुपये था।

EBITDA मार्जिन भी 8.71% से घटकर 6.96% हो गया। यानी बिक्री बढ़ने के बावजूद कंपनी की कमाई का मार्जिन कमजोर हुआ।

वर्तिका शुक्ला बनीं इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

बलरामपुर चीनी मिल्स ने वर्तिका शुक्ला को एडिशनल डायरेक्टर और नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 11 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2031 तक पांच साल का होगा। कंपनी के मुताबिक, शुक्ला को इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, बिजनेस स्ट्रैटेजी और एनर्जी सेक्टर में 38 साल से ज्यादा का अनुभव है।

उन्होंने अपने करियर के 38 साल Engineers India Limited (EIL) में बिताए हैं। यह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत काम करने वाली कंपनी है। उन्हें बड़े प्रोजेक्ट्स, बिजनेस डायवर्सिफिकेशन और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े काम का भी अनुभव है।

बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों का हाल

बलरामपुर चीनी मिल्स का शेयर 4.62% गिरकर 625 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 35.52% दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 12.72 हजार करोड़ रुपये है।

Balrampur Chini Mills एक प्रमुख चीनी और एथेनॉल बनाने वाली कंपनी है। इसका मुख्य कारोबार गन्ने की पेराई करके चीनी बनाना है। इसके अलावा कंपनी गन्ने के रस और शीरे से एथेनॉल तैयार करती है, जिसका इस्तेमाल पेट्रोल में मिलाने के लिए होता है। कंपनी बिजली उत्पादन के कारोबार में भी है। गन्ने की पेराई से निकलने वाले बगास का इस्तेमाल कर यह को-जनरेशन प्लांट से बिजली बनाती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sawan Shivratri 2026 Rajyog Sanyog: सावन शिवरात्रि पर एक साथ बन रहे हैं 4 राजयोग, 4 राशियों पर बरसेगी भगवान की कृपा और मिलेगा मान-सम्मान

Sawan Shivratri 2026 Rajyog Sanyog: सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौराणिक काल में माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न हो कर इसी दिन भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इस दिन ढेरों शिवभक्त पवित्र नदियों से कांवड़ में जल भरकर लाते हैं और भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। खास बात यह है कि इस साल शिवरात्रि पर एक साथ कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। एक तो सावन शिवरात्रि का पर्व दूसरे मंगला गौरी व्रत के साथ पड़ रहा है। इसके अलावा यह दिन ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद खास माना जा रहा है।

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 को बताया कि इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति से 4 प्रभावशाली राजयोगों का निर्माण हो रहा है। इनमें हंस राजयोग, शशि आदित्य राजयोग, गजकेसरी राजयोग और बुधादित्य राजयोग शामिल हैं। इन शुभ योगों का प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिल सकता है। लेकिन 4 राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष फलदायी माना जा रहा है। इन राशियों को करियर में सफलता, कारोबार में लाभ, आर्थिक मजबूती और समाज में मान-सम्मान मिलने के योग बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि वे शुभ राशियां कौन सी हैं।

इन चार राशियों को होगा लाभ

वृषभ राशि : इन शुभ योगों के बनने से वृषभ राशि के जातकों के लिए समय अनुकूल रहने वाला है। करियर में लंबे समय से अटके काम अब गति पकड़ सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ प्रमोशन के अवसर भी बन सकते हैं। व्यापारियों को नए ग्राहक मिलने और आर्थिक लाभ होने की संभावना है।

कर्क राशि : इस राशि के जातकों के लिए चारों राजयोगों का सबसे शुभ प्रभाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा, जिससे महत्वपूर्ण कार्य आसानी से पूरे होंगे।

तुला राशि : इस राशि के जातकों को यह राजयोग सफलता की सीढ़ी चढ़ा सकता है। इस अवधि में व्यापार से जुड़े जातकों को अच्छे लाभ के अवसर मिल सकते हैं और करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट गति पकड़ेंगे और उन्हें पूरा करने में सफलता मिल सकती है।

कुंभ राशि : शुभ राजयोग से कुंभ राशि के जातकों की किस्मत चमक सकती है। नौकरी में बदलाव या करियर की नई शुरुआत करने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह समय अनुकूल साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Dwi Dwadash Yog: बुध-मंगल ने दुर्लभ द्विद्वादश योग बनाया, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत और बढ़ेगी धन-संपत्ति

विराट पर ब्रेट ली का बड़ा खुलासा, जब कोहली की बल्लेबाजी देखकर रह गए थे हैरान…बताया ये किस्सा

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने भारत के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली की जमकर तारीफ की है। ली के मुताबिक, कुछ खिलाड़ी शुरुआत में सबसे बेहतरीन नजर नहीं आते, लेकिन उनका मजबूत सोचने का तरीका उन्हें आगे चलकर सफल बनाता है। विराट कोहली भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। ली ने बताया कि कोहली के शुरुआती दौर में उनकी बल्लेबाजी से ज्यादा उनकी आंखों में दिखने वाला आत्मविश्वास और जोश उन्हें प्रभावित करता था। वहीं कोहली का आक्रामक और मुकाबला करने वाला अंदाज इंटरनेशनल क्रिकेट में शुरुआती दिनों से ही दिखाई देता था।

विराट के अंदर जीतने की जबरदस्त इच्छा

ब्रेट ली के मुताबिक, विराट कोहली के अंदर शुरू से ही जीतने की जबरदस्त इच्छा थी, जिसने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाई। ब्रेट ली ने बीयर बाइसेप्स के पॉडकास्ट पर बात करते हुए कहा, “आप इसे उनकी आंखों में देख सकते हैं। कुछ खिलाड़ियों में यह खास बात होती है। हो सकता है कि शुरुआत में उनमें ज्यादा टैलेंट न दिखे, लेकिन उनका मानसिक रवैया मजबूत होता है। उनमें यह सोच होती है कि क्या वे बाकी खिलाड़ियों से ज्यादा फोकस कर सकते हैं।”

विराट की तारीफ की

ली ने कहा, “आपने उनकी आंखें देखी हैं। वह सीधे आपकी तरफ देखते हैं और ऐसा लगता है जैसे कह रहे हों, ‘गेम शुरू हो गया है और तुम मुझे आउट नहीं कर पाओगे।’ जब मैंने उनके खिलाफ खेला था, तब मैंने यह चीज उनमें देखी थी।” पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने आगे कहा, “आज आप देख सकते हैं कि उनका करियर कितना शानदार रहा है।” ब्रेट ली की बातों से विराट कोहली के करियर के पीछे की सोच और मेहनत की झलक मिलती है।

बड़े क्रिकेटरों में शामिल है

ली के मुताबिक, कोहली की सफलता को सिर्फ उनके रनों और रिकॉर्ड के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। भारत जैसे क्रिकेट प्रेमी देश में बड़ा स्टार बनना अपने साथ काफी दबाव भी लेकर आता है। कोहली ने इस दबाव के बीच लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और खुद को देश के सबसे बड़े क्रिकेट सितारों में शामिल किया। उन्होंने कहा, “दूसरी बात ये है कि आप अलग-अलग दौर के खिलाड़ियों की तुलना नहीं कर सकते। जरा सोचिए कि सनी भाई ने क्या किया था। सनी गावस्कर बहुत बड़े खिलाड़ी थे। इसके बाद सचिन तेंदुलकर आए, जिन्होंने उनकी जगह लेने और उस मुकाम तक पहुंचने की कोशिश की।”

ली ने आगे कहा, “उस समय सचिन के साथ करीब 1.5 अरब लोगों की उम्मीदें जुड़ी थीं। पूरा देश उन्हें सपोर्ट करता था और उन्हें इन उम्मीदों का दबाव अपने कंधों पर उठाना पड़ता था। इसके बाद विराट कोहली आए, जिन्होंने सचिन की जगह लेने की जिम्मेदारी संभाली।”

VIDEO: एक फैसला और बदल गई पूरी जिंदगी, 24 साल की उम्र में महिला ने चुकाया 45 लाख का लोन, अब अमेरिका से आ रही भारत

24 साल की एक लड़की की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में 24 साल की एक महिला ने अपनी जिंदगी के पिछले कुछ सालों के सफर के बारे में बताया है। महिला ने अमेरिका में पढ़ाई से लेकर मैनहैटन में नौकरी करने और कम उम्र में एजुकेशन लोन चुकाने तक के कई बड़े पड़ावों के बारे में बताया है। वायरल वीडियो में महिला ने बताया कि 20 साल की उम्र में लिया गया एक फैसला उनके लिए काफी अहम साबित हुआ। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका गईं और न्यूयॉर्क में अपना करियर शुरू किया। इस दौरान उन्होंने एजुकेशन लोन चुकाया और अकेले कई देशों की यात्रा भी की। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

6 महीने में चुकाया लोन

महिला ने बताया कि अमेरिका में फाइनेंस की मास्टर डिग्री करने के लिए उन्होंने करीब 45 लाख रुपये का एजुकेशन लोन लिया था। उन्होंने 21 साल की उम्र में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली और इसके बाद नौकरी की तलाश शुरू कर दी। कुछ ही समय बाद, 22 साल की होने से पहले उन्हें मैनहैटन में फाइनेंशियल एनालिस्ट की नौकरी मिल गई। महिला ने इस मौके को अपनी मेहनत का बड़ा नतीजा और सपने के पूरा होने जैसा बताया। वीडियो में महिला ने अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर भी कई बातें शेयर कीं। उन्होंने दावा किया कि नौकरी शुरू करने के महज छह महीने के भीतर ही उन्होंने अपना पूरा स्टूडेंट लोन चुका दिया था।

अब भारत लौटने का किया फैसला

इसके अलावा, उन्होंने अपनी कमाई से अकेले 10 देशों की यात्रा करने की बात भी बताई। उनके मुताबिक, कम उम्र में ही उन्होंने अपने खर्च खुद संभालना शुरू कर दिया और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ीं। 24 साल की उम्र में महिला अब अपनी जिंदगी का अगला पड़ाव शुरू करने जा रही हैं। अमेरिका में करीब चार साल बिताने और मैनहैटन में काम करने के बाद उन्होंने भारत वापस लौटने का फैसला किया। उन्होंने अपनी 20 की उम्र के शुरुआती वर्षों में पढ़ाई पूरी करने के साथ नौकरी की, यात्रा की और अपने करियर को आगे बढ़ाया। अब अमेरिका के अनुभवों के बाद वह भारत में नई शुरुआत करने की तैयारी कर रही हैं।

लोगों ने दिए रिएक्शन

सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने महिला की कहानी को प्रेरणादायक बताया और कहा कि कम उम्र में भी सही फैसले लेकर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। लोगों का मानना था कि अगर इंसान मेहनत करने और नए मौके आजमाने का साहस रखता है, तो उम्र उसके रास्ते में बड़ी रुकावट नहीं बनती।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

OTT Releases This Week: ‘कॉकटेल 2’, ‘भारत भाग्य विधाता’, ‘रीचर 4’ और बहुत कुछ…, सिर्फ आपके फेवरिट ओटीटी चैनल्स पर

OTT Releases This Week: अगस्त के दूसरे हफ़्ते में Netflix, Prime Video, JioHotstar, Lionsgate Play और दूसरे स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर कोर्टरूम ड्रामा, उलझे हुए रोमांस, राजनीतिक साज़िशें, सच्ची क्राइम कहानियाँ, साइकोलॉजिकल हॉरर और पसंदीदा शो की वापसी देखने को मिलेगी। सबसे आगे हैं ‘कॉकटेल 2’, जिसमें शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना एक रोमांटिक एक्सपेरिमेंट में शामिल होते हैं जो बुरी तरह बिगड़ जाता है; ‘भारत भाग्य विधाता’, जो 26/11 के मुंबई हमलों के दौरान सर्वाइवल ड्रामा पर आधारित है; और ‘रीचर सीज़न 4’, जिसमें फ़िलाडेल्फ़िया सबवे पर एक परेशान करने वाली घटना के बाद एलन रिचसन एक और बड़ी साज़िश में फंस जाते हैं।

फ़ुटबॉल मैनेजमेंट में दो दशकों के सफ़र पर जोस मोरिन्हो की नज़र से लेकर ‘आख़िरी सवाल’ में एक युवा स्कॉलर का अपने मशहूर मेंटर को सबके सामने चुनौती देने तक, यहां 10 अगस्त से 14 अगस्त के बीच आने वाली OTT रिलीज़ की पूरी और बदली हुई लिस्ट दी गई है।

कॉकटेल 2 – 14 अगस्त (नेटफ्लिक्स)

‘कॉकटेल 2’ होमी अदजानिया की 2012 की रोमांटिक ड्रामा फ़िल्म का सीक्वल है। यह फ़िल्म कुणाल, दिया और एली के इर्द-गिर्द घूमती है। ये तीनों लोग यह महसूस करते हैं कि कैसे एक मासूम सा रिलेशनशिप एक्सपेरिमेंट उनके बीच के इमोशनल बैलेंस को कितनी तेज़ी से बिगाड़ सकता है। शाहिद कपूर ने कुणाल का रोल किया है, जो एक शेफ है और आर्किटेक्ट दिया (रश्मिका मंदाना) के साथ लंबे समय से रिलेशनशिप में है। शादी के बढ़ते दबाव को नज़रअंदाज़ करते हुए यह कपल छुट्टी मनाने सिसिली जाता है, जहां उनकी मुलाक़ात दिया की आज़ाद ख्यालों वाली यूनिवर्सिटी की दोस्त एली (कृति सेनन) से होती है। इसके बाद जो होता है, उसकी शुरुआत लगभग एक मज़ाक के तौर पर होती है। दिया, एली से कुणाल की वफ़ादारी परखने के लिए उससे फ़्लर्ट करने को कहती है। समस्या तब शुरू होती है जब एली सचमुच कुणाल को पसंद करने लगती है और फ़्लर्टिंग महज़ दिखावा नहीं रह जाती। जिस चीज़ का मकसद दिया को भरोसा दिलाना था, वह असल में इनसिक्योरिटी, आकर्षण और उन असहज सवालों को सामने ले आती है कि जिस रिश्ते को बचाने में उन्होंने सालों लगाए हैं, उस पर उन्हें असल में कितना भरोसा है।

भारत भाग्य विधाता – 14 अगस्त (ZEE5)

मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर बनी ‘भारत भाग्य विधाता’ बड़े जियोपॉलिटिकल (भू-राजनीतिक) परिदृश्य से ध्यान हटाकर उन आम मेडिकल कर्मचारियों पर फोकस करती है, जो अचानक खुद को युद्ध जैसी स्थिति में पाते हैं। यह सर्वाइवल ड्रामा कामा और एल्ब्लेस हॉस्पिटल की नर्सों और दूसरे स्टाफ सदस्यों पर केंद्रित है, जब उनके आस-पास हिंसा भड़क उठती है। मरीज़ों, साथियों और आम नागरिकों की उन पर निर्भरता के कारण, मेडिकल कर्मचारियों को अपना काम जारी रखना पड़ता है, भले ही उन्हें पता हो कि उनकी अपनी जान को तुरंत खतरा है। यह फिल्म अपने किरदारों को पारंपरिक एक्शन हीरो में बदले बिना साहस को दिखाती है। इसके बजाय, यह उन पल-भर में लिए गए फैसलों, डर और ज़िम्मेदारी की भावना को उजागर करती है, जिसने आम प्रोफेशनल्स को हमले के दौरान सैकड़ों लोगों की सुरक्षा के लिए प्रेरित किया।

रीचर सीजन 4 – 12 अगस्त (प्राइम वीडियो)

एलन रिचसन, ली चाइल्ड के 13वें ‘रीचर’ नॉवेल ‘गॉन टुमॉरो’ पर आधारित सीज़न में जैक रीचर के रोल में लौट रहे हैं। जहाँ किताब की कहानी न्यूयॉर्क में सेट है, वहीं सीरीज़ में कहानी को फिलाडेल्फिया ले जाया गया है, जहां सबवे में एक अचानक हुई मुलाकात रीचर को एक और साज़िश में फंसा देती है। जब वह ट्रेन में एक परेशान महिला को देखते हैं, तो रीचर को अंदाज़ा हो जाता है कि कुछ गड़बड़ है। इसके बाद जो होता है, वह उन्हें एक ऐसी जाँच में खींच लेता है जिसके नतीजे सिर्फ़ एक यात्री या एक घटना से कहीं ज़्यादा गहरे हैं। जैसे-जैसे वह मामले की गहराई में जाते हैं, यह केस ऐसे ताकतवर लोगों की ओर इशारा करने लगता है जो पर्दे के पीछे से घटनाओं को बदलने की ताकत रखते हैं। मारिया स्टेन ‘नीग्ली’ के रोल में लौट रही हैं, जबकि सिडेल नोएल, एग्नेज़ मो, अंगगुन, केविन कॉरिगन, मार्क ब्लूकास, कैथलीन रॉबर्टसन और क्रिस्टोफर मार्क्वेट चौथे सीज़न की कास्ट में शामिल हो रहे हैं।

आखिरी सवाल – 14 अगस्त (लायंसगेट प्ले)

नमाशी चक्रवर्ती ने विक्की हेगड़े का किरदार निभाया है, जो एक होनहार लेकिन गुस्सैल स्कॉलर है। अपने मेंटर के साथ उसका एकेडमिक झगड़ा इतना बढ़ जाता है कि यह देश भर में चर्चा का विषय बन जाता है। संजय दत्त ने प्रोफेसर गोपाल नाडकर्णी का रोल किया है, जो एक जाने-माने इंटेलेक्चुअल हैं और RSS पर विक्की की थीसिस को खारिज कर देते हैं। इसके जवाब में विक्की, नाडकर्णी पर संस्थागत भेदभाव का सार्वजनिक आरोप लगाता है। यूनिवर्सिटी के अंदर का यह मामूली झगड़ा टीवी नेटवर्क और राजनीतिक समूहों के हाथ लग जाता है, जिससे मेंटर और स्टूडेंट टीवी पर होने वाली वैचारिक लड़ाई में एक-दूसरे के विरोधी बन जाते हैं। लेकिन विक्की का यह टकराव सिर्फ़ एकेडमिक निराशा की वजह से नहीं है। जैसे-जैसे उसके तीखे सवाल सार्वजनिक बहस की परतें खोलते हैं, एक बहुत ही निजी मकसद सामने आता है, जो आखिरकार रिसर्चर पल्लवी मेनन के रहस्यमय तरीके से गायब होने से जुड़े दशकों पुराने राज़ की ओर ले जाता है। इसमें अमित साध, समीरा रेड्डी, त्रिधा चौधरी और नीतू चंद्रा श्रीवास्तव भी हैं।

माई ब्रिलियंट करियर – 13 अगस्त (नेटफ्लिक्स)

माइल्स फ्रैंकलिन के 1901 के मशहूर ऑस्ट्रेलियाई नॉवेल पर पहली बार टेलीविज़न सीरीज़ बन रही है। इससे पहले 1979 में इस पर एक फ़िल्म बनी थी, जिसमें जूडी डेविस और सैम नील ने काम किया था। फिलिपा नॉर्थईस्ट ने सिबिला मेल्विन का किरदार निभाया है, जो 20वीं सदी की शुरुआत में ग्रामीण ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली एक समझदार और बेहद आज़ाद-ख्याल युवा महिला है। उसका परिवार शादी को ही उसके लिए सबसे सही भविष्य मानता है, लेकिन सिबिला लेखिका बनने के लिए पक्का इरादा कर चुकी है और दूसरों की तय की गई ज़िंदगी को चुपचाप स्वीकार करने से इनकार कर देती है। अमीर पड़ोसी हैरी बीचम (क्रिस्टोफर चुंग) के आने से उसकी यह सोच उलझन में पड़ जाती है। यह सीरीज़ सिर्फ़ करियर और रोमांस के बीच चुनाव की बात नहीं करती, बल्कि यह दिखाती है कि ऐसी दुनिया में, जहां महत्वाकांक्षा के बजाय आज्ञाकारिता को इनाम मिलता है, एक महिला के लिए आज़ाद होने की क्या कीमत चुकानी पड़ती है।

मोरिन्हो – 11 अगस्त (नेटफ्लिक्स)

यह तीन-भाग वाली डॉक्यूमेंट्री तब रिलीज़ हुई जब जोस मोरिन्हो ने रियल मैड्रिड में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया। इसमें फुटबॉल के सबसे मशहूर, आक्रामक और चर्चा में रहने वाले मैनेजरों में से एक के दो दशकों से ज़्यादा के करियर की कहानी दिखाई गई है। दो साल तक शूट की गई यह सीरीज़ 2004 में FC पोर्टो की शानदार चैंपियंस लीग जीत से शुरू होती है और फिर मोरिन्हो के चेल्सी, इंटर मिलान, रियल मैड्रिड, मैनचेस्टर यूनाइटेड, टोटेनहम, रोमा और फेनरबाहचे के साथ बिताए समय को दिखाती है। यह कहानी सिर्फ़ मोरिन्हो के नज़रिए से ही नहीं, बल्कि उन फुटबॉल हस्तियों के ज़रिए भी बताई गई है जिन्होंने उनके साथ काम किया, उनके खिलाफ़ खेले या उन्हें करीब से देखा। सर एलेक्स फर्ग्यूसन, जॉन टेरी, इकर कैसिलास, डिडियर ड्रोग्बा, ज़्लाटन इब्राहिमोविच, मार्सेलो, सैमुअल एटो, जेवियर ज़ानेटी, फ्रैंक लैम्पार्ड और पेट्र चेक जैसे लोग इस डॉक्यूमेंट्री में शामिल हैं।

द ट्रेटर्स सीज़न 2 – 13 अगस्त (प्राइम वीडियो)

करण जौहर धोखे, हेराफेरी और रणनीतिक संदेह से भरे एक और सीज़न की मेज़बानी करने लौट रहे हैं, जहां 20 प्रतिभागी एक ऐसे खेल में प्रवेश करते हैं जहाँ सहयोग अनिवार्य है, भले ही विश्वासघात खेल का अभिन्न अंग हो। प्रतिभागी आपस में संबंध बनाते हैं, आरोप लगाते हैं और अंतिम पुरस्कार के लिए प्रतिस्पर्धा करते हुए दैनिक निष्कासन से बचने का प्रयास करते हैं। कोई भी दूसरे खिलाड़ी की वफादारी को हल्के में नहीं ले सकता, और हर बातचीत रणनीति का काम कर सकती है। दूसरा सीज़न एक बार फिर सामाजिक अवलोकन को खेल के केंद्र में रखता है, यह परखते हुए कि क्या प्रतिभागी गलत भरोसे के कारण घर भेजे जाने से पहले धोखे को पहचान सकते हैं।

Govinda: ‘वो गालियां देती हैं और मैं सह लेता हूं…’, सुनीता आहूजा के चीटिंग के आरोपों पर बोले गोविंदा

Govinda: सुनीता आहूजा ने अक्सर सबके सामने बॉलीवुड एक्टर गोविंदा के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफ़ेयर और अपनी को-स्टार्स के साथ बेवफाई के बारे में बात की है। हाल ही में हुई एक बातचीत में, गोविंदा ने इन आरोपों पर बात की और इन दावों को खारिज कर दिया। साथ ही, उन्होंने सुनीता से यह भी पूछा कि क्या वह कामयाबी पाने के लिए उनकी बुराई कर रही हैं।

‘वो गालियां देती हैं और मैं सह लेता हूं’

एएनआई से बात करते हुए गोविंदा ने माना कि सुनीता ने भले ही पहले ऐसे आरोप लगाए हों, लेकिन उनके घर में बच्चों की परवरिश की ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। उन्होंने कहा, “इतने प्यार से मुझे गालियां देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि लोग जहां भी हों और ईश्वर ने उन्हें जो भी भूमिका सौंपी हो-जिस भी स्थान पर वे हों-उनके बिना हम सफल नहीं हो पाते। हम वो नहीं होते जो आज हैं। हमारे परिवार के कई बच्चे बड़े हो चुके हैं और उन पर उनका पूरा हक है। वो उनके प्रति दयालु भी थीं।”

‘क्या सफलता पाने के लिए बुरी बातें कहना ज़रूरी है?’

गोविंदा ने इशारा किया कि सुनीता ने उनके बारे में सार्वजनिक रूप से बोलना शुरू करने के बाद से ही सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने कहा, “ऐसी बहुत सी बातें हैं जो अनकही रह जाती हैं- ऐसी बातें जिन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अगर मैं इन मामलों की बस एक झलक बाहर से दिखाऊं, तो क्या वाकई दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत होगी? लोग अक्सर इसे बचने का तरीका समझते हैं। क्या सफलता पाने के लिए अपनों की बुराई करना जरूरी है? यह थोड़ा आसान है। सुनीता इसे चतुराई से करती हैं। वह तारीफ के चार शब्द कहती हैं या शायद तारीफ स्वाभाविक रूप से निकल आती है और फिर आलोचना करती हैं। मुझे इसमें ज़्यादा प्यार नजर आता है।”

‘ची-ची के कई अफ़ेयर थे’

सुनीता हाल ही में खत्म हुए शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट थीं। शो में अपने छोटे से समय के दौरान, सुनीता ने गोविंदा के कथित अफ़ेयर के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “प्यार में, आपको सब कुछ बर्दाश्त करने की हिम्मत होनी चाहिए। ची-ची के जीवन में कई अफ़ेयर रहे; खैर, हीरो और हीरोइन के साथ ऐसा होता ही है। मुझे लगता है कि इतने सालों तक ची-ची का साथ देने के बाद, मैं उनके जैसे बेटे की हकदार हूं।”

गोविंदा और सुनीता आहूजा के बारे में

गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। उस समय, वह पहले से ही बॉलीवुड स्टार थे। उन्होंने अपने करियर की वजह से लगभग दो साल तक अपनी शादी को छिपाकर रखा और अपनी बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद इसे सबके सामने ज़ाहिर किया। बाद में, उनके बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।

रिटायरमेंट प्लानिंग होगी बेहद आसान! पेंशनबाजार ने कॉर्पोरेट NPS सर्विस की मजबूत; कर्मचारियों और कंपनियों को होगा बड़ा फायदा

PensionBazaar Corporate NPS Services: पैसाबाजार के रिटायरमेंट प्लानिंग प्लेटफॉर्म ‘पेंशनबाजार’ ने अपनी कॉर्पोरेट नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) फैसिलिटीज को और मजबूत किया है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनियों और संस्थानों के लिए अपने कर्मचारियों को रिटायरमेंट बेनिफिट्स देना बेहद आसान, सुचारू और डिजिटल बनाना है।

अक्सर प्रशासनिक झंझटों और कागजी कार्रवाई के कारण कंपनियां कॉर्पोरेट एनपीएस लागू करने से कतराती थीं। इस कमी को दूर करते हुए पेंशनबाजार ने एक टेक्नोलॉजी-बेस्ड सिंगल-विंडो इंटरफेस तैयार किया है, जो ऑनबोर्डिंग से लेकर सर्विसिंग तक के सभी झंझटों को खत्म करता है।

पेंशनबाजार के हेड विश्वजीत गोयल ने कहा कि, ‘लोग अक्सर अपने करियर के आखिरी दौर में रिटायरमेंट के बारे में सोचते हैं। हमें मिलकर कंपाउंडिंग के फायदों के बारे में जागरूकता बढ़ानी होगी, जिसका फायदा तभी मिल सकता है जब लोग जल्दी शुरुआत करें। हमारा लक्ष्य कॉर्पोरेट एनपीएस की ऑपरेशनल मुश्किलों को दूर करना और रिटायरमेंट प्लानिंग को हर कर्मचारी की वित्तीय यात्रा का एक स्वाभाविक हिस्सा बनाना है।’

एंप्लॉयर और HR टीमों का काम हुआ आसान

पेंशनबाजार का यह डिजिटल प्लेटफॉर्म कॉर्पोरेट NPS लागू करने के हर चरण को आसान बनाता है:

डिजिटल ऑनबोर्डिंग व डॉक्यूमेंटेशन: एंप्लॉय ऑनबोर्डिंग, कॉन्ट्रिब्यूशन मैनेजमेंट और रिपोर्टिंग को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है।

ऑपरेशनल झंझट खत्म: मैन्युअल काम खत्म होने से कंपनियों की HR और फाइनेंस टीमों का समय बचता है, जिससे छोटी-बड़ी हर तरह की कंपनियां इसे आसानी से अपना सकती हैं।

कर्मचारियों के लिए एक जगह सभी सुविधाएं

कर्मचारियों के लिए भी रिटायरमेंट प्लानिंग का अनुभव अब काफी आसान हो गया है:

  • आसान डिजिटल एक्सेस: कर्मचारी घर बैठे डिजिटल रूप से अपनी ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
  • रियल-टाइम ट्रैकिंग: कर्मचारी अपने NPS अकाउंट की डिटेल्स देखने के साथ-साथ अपने रिटायरमेंट फंड की ग्रोथ पर लगातार नजर रख सकते हैं।
  • कम उम्र में प्लानिंग का मौका: वर्कप्लेस पर एनपीएस आसानी से मिलने के कारण युवा कर्मचारी करियर की शुरुआत से ही रिटायरमेंट के लिए बचत शुरू कर सकते हैं।

वर्कप्लेस पर क्यों अहम हो रही है रिटायरमेंट प्लानिंग?

आमतौर पर कर्मचारी घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या अन्य तत्कालीन जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं और रिटायरमेंट को करियर के आखिरी पड़ाव के लिए टाल देते हैं। लेकिन अब कंपनियां सिर्फ सैलरी देने तक सीमित न रहकर कर्मचारियों के संपूर्ण वित्तीय कल्याण पर ध्यान दे रही हैं। पेंशनबाजार आसान डिजिटल अनुभव और सही जानकारी के जरिए कर्मचारियों को कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

8th Pay Commission: दिल्ली में खत्म हुईं बैठकें, कर्मचारियों की मांग कम से कम ₹52,600 हो बेसिक सैलरी! समझिए फिटमेंट फैक्टर का गणित

8th Pay Commission Latest News Today: 8वें वेतन आयोग की दिल्ली में जारी अहम परामर्श बैठकें आज यानी 10 अगस्त को समाप्त हो जाएगी। इन बैठकों में दिल्ली और आसपास के पंजीकृत केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगियों और एसोसिएशनों ने अपनी-अपनी मांगें आयोग के समक्ष रखने का मौका मिला।

इससे पहले नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) जैसी कई प्रमुख यूनियनें भी सैलरी, पेंशन और भत्तों में संशोधन को लेकर अपने ज्ञापन सौंप चुकी हैं। वेतन आयोग इन सभी सुझावों और मांगों का अध्ययन करने के बाद मई-जून 2027 तक अपनी अंतिम सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंप सकता है।

इस बीच इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने भी आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें न्यूनतम सैलरी को बढ़ाकर ₹52,600 प्रति माह करने और अलग-अलग पे-लेवल के हिसाब से फिटमेंट फैक्टर तय करने की जोरदार मांग की गई है।

न्यूनतम सैलरी ₹52,600 और फिटमेंट फैक्टर की मांग

IRTSA ने 8वें वेतन आयोग से मांग की है कि 7वें वेतन आयोग के तहत मिलने वाली न्यूनतम सैलरी ₹18,000 को बढ़ाकर सीधा ₹52,600 किया जाना चाहिए। एसोसिएशन ने न्यूनतम सैलरी की गणना के लिए 2.92 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है।

IRTSA का कहना है कि आज के आधुनिक पारिवारिक खर्चों जैसे- इंटरनेट का खर्च, पैकेज्ड पीने का पानी, बच्चों की पढ़ाई और मेडिकल इंश्योरेंस को ध्यान में रखते हुए पुरानी गणना का तरीका बदला जाना चाहिए।

साथ ही रेलवे सुरक्षा और तकनीकी श्रेणियों में तैनात कर्मचारियों के लिए पे-लेवल 6 से आगे अधिक फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की गई है।

पे-लेवल के हिसाब से IRTSA का प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर

एसोसिएशन ने सभी पे-लेवल के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर रखने के बजाय कर्मचारियों के पद और जिम्मेदारी के हिसाब से अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है:

पे-लेवल के हिसाब से IRTSA का प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर

(नोट: यह आंकड़े IRTSA द्वारा आयोग को दिए गए ज्ञापन पर आधारित हैं। अंतिम फैसला सरकार द्वारा गठित आयोग की रिपोर्ट के बाद ही होगा।)

5% सालाना इंक्रीमेंट और करियर ग्रोथ की मांग

IRTSA ने केवल सैलरी बढ़ाने की मांग नहीं की है, बल्कि कर्मचारियों के करियर और भत्तों में भी सुधार की सिफारिश की है:

5% एनुअल इंक्रीमेंट: वर्तमान में मिलने वाले 3% के सालाना वेतन वृद्धि को बढ़ाकर 5% करने का सुझाव दिया गया है।

ग्रुप-B गजेटेड का दर्जा: जूनियर इंजीनियर्स (JE) और सीनियर सेक्शन इंजीनियर्स (SSE) के करियर में आ रहे ठहराव को दूर करने के लिए SSE को ग्रुप B गजेटेड स्टेटस देने की मांग की गई है।

MACP और भत्तों में संशोधन: मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACPS) के नियमों में ढील देने के साथ-साथ नाइट ड्यूटी अलाउंस, ओवरटाइम, रिस्क और हार्डशिप अलाउंस को आज के महंगाई दर के हिसाब से बढ़ाने की मांग रखी गई है।

आगे क्या होगा? जानिए वेतन आयोग का अगला शेड्यूल

दिल्ली की बैठकें पूरी होने के बाद भी 8वें वेतन आयोग का कंसल्टेशन प्रोसेस जारी रहेगा। आयोग 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच जयपुर का दौरा करेगा। इसके बाद 7-8 सितंबर को चेन्नई, 9 सितंबर को पुडुचेरी और 16-18 सितंबर के दौरान चंडीगढ़ में अलग-अलग कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें होंगी।

कुल मिलाकर फिलहाल न्यूनतम सैलरी या फिटमेंट फैक्टर को लेकर आयोग या केंद्र सरकार की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। देशभर के सभी प्रमुख कर्मचारी संगठनों से विचार-विमर्श करने के बाद ही आयोग अपनी अंतिम सिफारिशों का ड्राफ्ट तैयार करेगा।

IND vs SL: टीम इंडिया में फिर हुई सरफराज खान की वापसी, इस खिलाड़ी की जगह मिला मौका

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से खेला जाएगा। वहीं इस मैच से पहले भारत के कई खिलाड़ी चोट की वजह से टीम से बाहर हो गए हैं। चोट की वजह से जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन सीरीज से बाहर हो गए हैं। वहीं BCCI ने साई सुदर्शन की जगह चोटिल खिलाड़ी के नाम का ऐलान कर दिया है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चोटिल साई सुदर्शन की जगह मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को टीम में शामिल किया है। BCCI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है।

बीसीसीआई ने क्या कहा

BCCI ने एक बयान में कहा, “साई सुदर्शन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। साई बेंगलुरु में BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में थे। दाएं पैर के अंगूठे में चोट के कारण वह बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिकवरी कर रहे थे। उनकी हालत में अब काफी सुधार है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए है। पुरुषों की सिलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को चुना है। वह 15 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए टीम के गॉल रवाना होने से पहले कोलंबो में भारतीय टीम से जुड़ेंगे।”

कब लगी थी साई को चोट

जुलाई में इंडिया A के श्रीलंका दौरे के दौरान साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी। इसके बाद से वह बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं। शुरुआत में उम्मीद थी कि वह टेस्ट सीरीज शुरू होने तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे, लेकिन उनकी रिकवरी में थोड़ा ज्यादा समय लग गया और वह सीरीज से बाहर हो गए।

सरफराज ने कब खेला था आखिरी मैच

सरफराज खान ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। तीन मैचों की उस सीरीज में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और दूसरे टेस्ट में अपने करियर का पहला शतक लगाया था। लेकिन, इसके बाद उन्हें टीम में खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 की पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में वह टीम में शामिल तो थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और बाद में वह टीम से बाहर हो गए।