Flying Car: उत्तराखंड के इस व्यक्ति ने खुदकी बनाई फ्लाइंग कार की ली टेस्ट-ड्राइव, इंटरनेट ने’देसी जुगाड़’ की खूब हो रही तारीफ

Flying Car: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके के एक व्यक्ति ने उस चीज को असलियत में बदल दिया है, जिसे ज़्यादातर लोग सिर्फ़ साइंस-फ़िक्शन (काल्पनिक विज्ञान) समझते थे। अल्मोड़ा के काफ़लीखान गांव के रहने वाले इनोवेटर रवि टम्टा ने ‘HAPIDA SKYNeX’ का सफल टेस्ट-फ़्लाइट किया है। यह एक-सीट वाला इलेक्ट्रिक फ़्लाइंग व्हीकल प्रोटोटाइप है, और उन्हें उम्मीद है कि एक दिन यह भारत में पर्सनल ट्रांसपोर्टेशन (निजी परिवहन) को पूरी तरह बदल देगा।

अल्मोड़ा में एक खुले मैदान में की गई इस टेस्ट-फ़्लाइट के वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। टम्टा के स्टार्टअप ‘Hapida Sky Private Limited’ के तहत बना यह एयरक्राफ़्ट, ड्रोन टेक्नोलॉजी का ही एक मॉडिफ़ाइड और अपग्रेडेड वर्शन है, जिसे किसी व्यक्ति को हवा में सुरक्षित रूप से ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

तमटा का कहना है कि यह आइडिया एक आम समस्या से आया। उनके गांव से घर तक का 40 किलोमीटर का सफ़र, जिसमें सड़क मार्ग से आमतौर पर लगभग 90 मिनट लगते हैं, हवाई मार्ग से सिर्फ़ 10 मिनट में पूरा किया जा सकता है। उनका लंबे समय का विज़न एक सुरक्षित, इलेक्ट्रिक पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल बनाना है, जिससे हवाई सफ़र आसान और व्यावहारिक हो सके, खासकर पहाड़ी इलाकों में।

इसे अपने करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर बताते हुए, टम्टा ने कहा कि सफल लिफ्ट-ऑफ कई सालों की रिसर्च, संघर्ष, प्रयोगों और लगातार कोशिशों का नतीजा था। टेस्ट के बाद उन्होंने कहा, “आज मेरी ज़िंदगी का बहुत बड़ा दिन है। मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी और गर्व हो रहा है कि HAPIDA SKYNeX की पहली सफल उड़ान कई सालों की रिसर्च, संघर्ष, प्रयोगों और लगातार कोशिशों का नतीजा है।”

इस कामयाबी ने ऑनलाइन लोगों का दिल जीत लिया है। एक यूज़र ने लिखा, “अद्भुत! यह पहाड़ी इलाकों में ट्रांसपोर्टेशन के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।” एक और यूज़र ने कमेंट किया, “हमें सिर्फ़ डिग्री-होल्डर्स की नहीं, बल्कि ऐसे इनोवेटर्स की ज़रूरत है।” कुछ लोगों ने इसे “उत्तराखंड का पहला बड़ा इनोवेशन” बताया और अधिकारियों से टम्टा के काम को मान्यता देने और उसे सपोर्ट करने की अपील की। ​​एक और यूज़र ने कहा, “हमारे पहाड़ी इलाकों से बहुत अच्छी खबर है।”

हालांकि HAPIDA SKYNeX अभी सिर्फ़ एक प्रोटोटाइप है और कमर्शियल इस्तेमाल के लिए तैयार होने में अभी काफी समय है, लेकिन इसकी सफल टेस्ट फ़्लाइट एक अहम शुरुआती कदम है। रवि टम्टा के लिए, यह सिर्फ़ एक उड़ने वाली मशीन बनाने की बात नहीं है—यह साबित करने की बात है कि भारत के छोटे कस्बों और गांवों से भी वर्ल्ड-क्लास इनोवेशन निकल सकते हैं।

सीनियर खिलाड़ियों को नहीं मिला सम्मान, भारतीय टेस्ट टीम के बारे में तीखे शब्द कह गए अजिंक्य रहाणे (Video)

अजिंक्य रहाणे ने लंबे समय बाद राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। अब खबर यह आ रही है कि वह किसी यूरोपिय लीग से जुड़ेंगे हालांकि अब वह कमेंट्री और पॉडकास्ट में क्रिकेट के बारे अपने विचार देते हुए नजर आते हैं। 

माइकल वॉन के साथ हुए ऐसे ही एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष के बार में बताया। अजिंक्य रहाणे ने बताया कि उनका एकदिवसीय करियर 2011 में शुरु हो गया था लेकिन उनको टेस्ट मैचों के लिए करीब 2 साल तक 12वें आदमी की भूमिका निभानी पड़ी और कम से कम 20 टेस्ट मैच तक का लंबा इंतजार करना पड़ा 

इसके अलावा उन्होंने सचिन विराट समेत क्रिकेटरों से रिश्ते, टेस्ट क्रिकेट में अभ्यास मैचों का महत्व और वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर अपनी राय रखी। 

अजिंक्य रहाणे ने कहा, मेरे पास 2 विकल्प थे या तो मैं सहानूभूति हासिल करता या तो खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता। 12वें खिलाड़ी होने और पानी पिलाने में कोई खास खराबी नहीं है। मैंने इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से लिया। 

अजिंक्य रहाणे ने हालांकि वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर तीखी टिप्पणी की। अजिंक्य रहाणे से जब पूछा गया कि क्या आपको वर्तमान भारतीय  टेस्ट टीम को देखकर चिंता होती है तो उनका जवाब हां में था। 

रहाणे ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड अच्छा खेल रही हैं। भारत के साथ अचानक इतनी दिक्कत इस कारण हो गई है क्योंकि ज्यादातर सीनियर खिलाड़ी एक साथ बाहर निकल गए हैं। ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों को बोर्ड को वह सम्मान देना जरूरी है जिसके वह हकदार हैं। 

ऐसा रहा करियर

अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में किया था। अभी तक वह कुल 85 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38.5 की औसत के साथ 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल है।साल 2011 में अपने सफेद गेंद करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे अपना आखिरी टी-20 मैच साल 2016 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में खेल चुके थे जहां उनकी धीमी पारी ने टीम इंडिया का वेस्टइँडीज के खिलाफ खासा नुकसान किया था।इसके अलावा उन्होंने आखिरी वनडे 2018 में खेला था।

बाहर होने के बाद भी बतौर कप्तान जीते रणजी

टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से, रहाणे ने लगातार दो रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में मुंबई का नेतृत्व किया है, जिसमें टीम ने 2023-24 में अपना 42वां खिताब जीता, जबकि 2024-25 में उपविजेता रही। वह सैयद मुश्ताक अली (टी20) खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का भी हिस्सा थे।रहाणे ने 2024-25 के रणजी सीज़न में 14 पारियों में 35.92 की औसत से एक अर्धशतक और एक शतक सहित 467 रन बनाए

Ameesha Patel: 51 उम्र में सिंगल रहकर बेहद खुश हैं अमीशा पटेल, बोलीं- शादी करने का कोई इरादा नहीं

Ameesha Patel: बॉलीवुड के कई एक्टर्स ने अपनी मर्जी से या सही पार्टनर न मिल पाने की वजह से सिंगल रहने का फैसला किया है। सलमान खान, सुष्मिता सेन और तब्बू जैसे एक्टर्स ने खुलकर अपने सिंगल स्टेटस और अपनी ज़िंदगी अपनी शर्तों पर जीने के फ़ैसले के बारे में बात की है। अब अमीशा पटेल ने भी इस बारे में बात की है कि 51 साल की उम्र में भी वह क्यों अविवाहित हैं।

अमीशा पटेल कभी शादी नहीं करेंगी

हाल ही में अमीशा ने X (पहले ट्विटर) पर एक AMA सेशन किया। इस सेशन के दौरान, एक फैन ने उनसे पूछा, “आप शादी कब कर रही हैं?” अमीशा ने बहुत बेबाकी से जवाब दिया, “कभी नहीं, मैं सिंगल रहकर बहुत खुश हूं। मेरे पास 100 करीबी परिवार वाले और दोस्त हैं, जो मुझसे प्यार करते हैं। मैं किसी एक आदमी को आकर यह सब बदलने नहीं दे सकती।”

अमीशा की शादी को लेकर कही गई बातों से कई फैंस सहमत थे। एक कमेंट में लिखा था, “यह वाकई बहुत अच्छी बात है। शादी करना एक तरह का समझौता है जो आपके सपनों को पूरा करने और आगे बढ़ने की क्षमता में रुकावट डालता है। शादीशुदा होने के मुकाबले सिंगल रहने में ज़्यादा रोमांचक एहसास होता है।” एक और व्यक्ति ने कमेंट किया, “सही कहा, सिंगल रहना ही बेहतर है।” एक तीसरे फ़ैन ने लिखा, “अरे, मैं भी ऐसा ही सोचती हूं।”

पिछले साल, रणवीर इलाहाबादिया के साथ एक पॉडकास्ट में अमीशा ने बताया था कि वह एक सीरियस रिलेशनशिप में थीं, लेकिन जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में आने का फैसला किया तो उनके पार्टनर ने उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि उन्होंने शादी का विचार पूरी तरह से छोड़ा नहीं है, लेकिन वह ऐसे पार्टनर की तलाश में हैं, जो उनके करियर को आगे बढ़ने में मदद करे।

उन्होंने आगे कहा, “अगर मुझे कोई सही इंसान मिल जाए, तो मैं शादी के लिए तैयार हूं। कहावत है कि ‘जहां चाह, वहां राह’, इसलिए जो इंसान हर मुश्किल के बावजूद मेरे साथ रहेगा और सही मौके का फायदा उठाएगा (मौके पर चौका मारेगा), वही मेरा जीवनसाथी बनेगा। मुझे आज भी कई अमीर परिवारों से शादी के प्रस्ताव मिलते हैं। मुझसे आधी उम्र के लोग मुझे डेट पर ले जाना चाहते हैं, और मैं इसके लिए तैयार हूं क्योंकि पुरुष का मानसिक रूप से परिपक्व होना जरूरी है। मैं मुझसे उम्र में बड़े कई ऐसे लोगों से मिली हूं जिनकी समझ-बूझ (IQ) एक मक्खी जितनी होती है।”

अमीशा पटेल का हालिया काम

अमीशा आखिरी बार 2024 की फ़िल्म ‘तौबा तेरा जलवा’ में नज़र आई थीं। आकाशआदित्य लामा की डायरेक्ट की गई इस रोमांटिक कॉमेडी फ़िल्म में जतिन खुराना और एंजेला क्रिसलिंज़की भी मुख्य भूमिकाओं में थे। उनकी पिछली सफल फ़िल्म ‘गदर 2’ थी, जिसमें उन्होंने सनी देओल के साथ काम किया था। यह फ़िल्म बॉक्स-ऑफ़िस पर बहुत सफल रही और इसने दुनिया भर में ₹686 करोड़ की कमाई की। अनिल शर्मा की डायरेक्ट की गई इस फ़िल्म में अमीषा ने सकीना का किरदार फिर से निभाया। इसमें उत्कर्ष शर्मा, सिमरत कौर, मनीष वाधवा और गौरव चोपड़ा भी अहम भूमिकाओं में थे। एक्ट्रेस ने अभी तक अपने अगले प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं की है।

नौकरी के बीच भी जिंदगी और घूमने का मजा! यही है नई जनरेशन का लाइफ फॉर्मूला

आज के यंग प्रोफेशनल्स सिर्फ पैसे कमाने पर ही नहीं, बल्कि बेहतर लाइफस्टाइल और मानसिक सुकून पर भी ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि ‘माइक्रो-रिटायरमेंट’ तेजी से पॉपुलर हो रहा है। इसमें लोग नौकरी छोड़े बिना कुछ महीनों या एक साल का प्लान करके ब्रेक लेकर घूमते हैं, नई स्किल्स सीखते हैं या अपने शौक पूरे करते हैं।

 

माइक्रो-रिटायरमेंट

This may contain: a woman sitting on top of a mountain reading a book

माइक्रो-रिटायरमेंट का मतलब नौकरी छोड़ देना नहीं, बल्कि कुछ समय के लिए अपनी मर्जी से काम से ब्रेक लेना है। यह ब्रेक कुछ महीनों से लेकर एक साल तक का हो सकता है। इस दौरान लोग घूमने-फिरने, नई चीजें सीखने, परिवार के साथ समय बिताने या अपने अधूरे सपने पूरे करने पर ध्यान देते हैं। जब उन्हें लगता है कि वे फिर से तैयार हैं, तो वे अपने करियर में वापसी कर लेते हैं।

 

 

बढ़ता ट्रेंड

आज के युवाओं के लिए सिर्फ अच्छी सैलरी ही सब कुछ नहीं है। वे अपनी मानसिक शांति, अच्छी हेल्थ और जिंदगी के एक्सपीरियंस को भी उतना ही इम्पोर्टेंस देते हैं। लगातार काम करने से होने वाली थकान और स्ट्रेस से बचने के लिए कई लोग माइक्रो-रिटायरमेंट का रास्ता चुन रहे हैं। उनका मानना है कि जिंदगी का आनंद लेने के लिए रिटायरमेंट तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है।

 

 

 

फाइनेंशियल प्लान

अगर आप माइक्रो-रिटायरमेंट लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले पैसों की अच्छी प्लानिंग करना जरूरी है। ब्रेक के दौरान नौकरी से इनकम नहीं होगी, इसलिए पहले से सेविंग होना, इमरजेंसी फंड तैयार रखना और बिना कारण के कर्ज से बचना जरूरी है। अच्छी तैयारी होने पर आप बिना पैसों की चिंता के अपने ब्रेक का मजा ले सकते हैं।

 

 

ब्रेक आइडियाज

माइक्रो-रिटायरमेंट के समय का सही इस्तेमाल करना भी जरूरी है। इस दौरान आप नई जगहों की ट्रिप कर सकते हैं, कोई नई भाषा या स्किल सीख सकते हैं, फिटनेस पर ध्यान दे सकते हैं, अपना छोटा बिजनेस आइडिया आजमा सकते हैं या परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं।

 

बेनिफिट्स ऑफ माइक्रो-रिटायरमेंट

कुछ समय तक काम से दूर रहने से मन और शरीर दोनों को आराम मिलता है। इस ब्रेक में लोग नई जगहों पर घूमते हैं, नई स्किल्स सीखते हैं और खुद को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। कई लोगों का कहना है कि इस तरह का ब्रेक लेने के बाद वे अपने काम पर और बेहतर तरीके से फोकस के साथ वापस लौटते हैं।

 

 

माइक्रो-रिटायरमेंट से पहले ध्यान रखें

माइक्रो-रिटायरमेंट सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन यह हर किसी के लिए आसान नहीं होता। अगर परिवार की जिम्मेदारियां ज्यादा हैं या फाइनेंशियल कंडीशन मजबूत नहीं है, तो लंबा ब्रेक लेना मुश्किल हो सकता है। इसलिए ऐसा फैसला करने से पहले अपनी सेविंग, जिम्मेदारियों और आगे की करियर प्लानिंग को ध्यान में रखना जरूरी है। सही तैयारी के साथ लिया गया माइक्रो-रिटायरमेंट ही परफेक्ट हो सकता है।

Navpancham Yog: राहु और मंगल के बीच बना नवपंचम योग 4 राशियों को बनाएगा मालामाल, जानें कौन सी हैं ये राशियां

Navpancham Yog: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का एक साथ विशेष परिस्थिति में मौजूद होना कई दुर्लभ योगों का निर्माण करता है। ऐसा ही एक योग राहु और मंगल ने भी बनाया है, जिसका नाम नवपंचम राजयोग है। इसे ज्योतिष शास्त्र में प्रभावशाली और अत्यंत शुभ मना जाता है। यह योग मंगल के राहु से पंचम भाव में और राहु के मंगल से नवम भाव में रहने पर बनता है। 2 अगस्त को मंगल ने वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश कर लिया है। इस गोचर के साथ मंगल और राहु के बीच नवपंचम योग का निर्माण हो गया है। यह योग 18 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। यह शुभ योग चार राशियों को आर्थिक, करियर और सेहत के मोर्चे पर लाभ देने वाला है। आइए जानते हैं कि यह योग किन चार राशियों को लाभ देने वाला है।

नवपंचम योग में होगी 4 राशियों पर पैसों की बारिश

मेष राशि : मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। ऐसे में यह गोचर आपके लिए खास माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है। नौकरी में अच्छे मौके मिल सकते हैं। मेहनत का पूरा फल मिलने के संकेत हैं। निवेश या शेयर बाजार से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।

मिथुन राशि : मंगल का प्रवेश आपकी ही राशि में होगा। इससे नई ऊर्जा मिल सकती है। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। नया कारोबार शुरू करने की सोच रहे लोगों के लिए समय अच्छा माना जा रहा है।

तुला राशि : तुला राशि के लोगों के लिए यह योग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। आईटी और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार बढ़ाने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। कुछ लोगों को अचानक धन लाभ भी हो सकता है।

कुंभ राशि : कुंभ राशि के लोगों के लिए यह योग सकारात्मक माना गया है। ऊर्जा और उत्साह बढ़ सकता है। आप अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे। करियर में लिए गए फैसले लाभ दे सकते हैं। आय बढ़ने के संकेत हैं। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। परिवार का माहौल भी बेहतर रहने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Mercury Jupiter Conjunction 2026: कर्क राशि में गुरु से मिलाया बुध ने हाथ, 4 राशियों के जातकों को करियर, कारोबार और पैसे में मिलेगा खूब फायदा

श्रीलंका टीम को बड़ा झटका, पहले टेस्ट से यह अनुभवी बल्लेबाज हो सकता है बाहर

INDvsSL 15 अगस्त से शुरु होने वाले पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका ने अभी तक टीम घोषित नहीं की। मीडिया सूत्रो से मिल रही खबर के अनुसार श्रीलंका के कुसल मेंडिस चोटिल हैं और शायद पहला टेस्ट नहीं खेल पाएंगे।राष्ट्रीय प्रदर्शन केंद्र में वह अभी स्वास्थय सुधार कर रहे हैं। उनको यह चोट 19 जुलाई को कोलंबो कैप्स के लिए खेलते वक्त लगी थी।

श्रीलंका के लिए यह बड़ा नुकसान है क्योंकि हाल ही में वह वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट मैच हारकर आई थी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका भारत के ठीक नीचे छठवें स्थान पर है और उसका जीत प्रतिशत 41 है, वहीं भारत का जीत प्रतिशत 48 है।

ऐसे में अगर कुसल मेंडिस जैसा अनुभवी बल्लेबाज श्रीलंका के बल्लेबाजी क्रम में नहीं होता है तो टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा। कुसल मेंडिस अपने नाम के अनुसार साझेदारियां बुनने में कुशल हैं। हालांकि हालिया फॉर्म उनके साथ नहीं है लेकिन उनका पहले टेस्ट में ना होना श्रीलंका के लिए अच्छी खबर नहीं है।

कुसल मेंडिस के करियर पर नजर डालें तो 75 टेस्ट मैचों में उन्होंने 4836 रन बनाए हैं। इनमें से 10 टेस्ट शतक हैं और 23 अर्धशतक हैं।

‘मैं बहुत स्ट्रगल कर रहा हूं…’, आर्ट साइट से पढ़कर आए IIM के छात्र के लिए एडवांस स्टैटिक्स और मैथ बनी चुनौती

मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के इच्छुक कई लोगों के लिए, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) में एडमिशन मिलना सालों की कड़ी मेहनत का नतीजा होता है। लेकिन एक स्टूडेंट के लिए, क्लासरूम के अंदर की असलियत उम्मीद से कहीं ज़्यादा मुश्किल साबित हुई है।

MBAIndia सबरेडिट पर शेयर की गई एक पोस्ट में, स्टूडेंट ने बताया कि वह अपने IIM प्रोग्राम को छोड़ने के बारे में गंभीरता से सोच रहा है क्योंकि उसे कोर्स के क्वांटिटेटिव (गणित-आधारित) हिस्सों को समझने में मुश्किल हो रही है।

स्टूडेंट ने बताया कि उसका बैकग्राउंड आर्ट्स का है और उसे गणित या स्टैटिस्टिक्स (सांख्यिकी) में कभी भी आसानी महसूस नहीं हुई। उसके अनुसार, क्लास में पढ़ाए जाने वाले एडवांस्ड स्टैटिस्टिक्स कॉन्सेप्ट्स को समझना बहुत मुश्किल हो गया है, और कई दूसरे सब्जेक्ट्स भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहे हैं।

“मेरा बैकग्राउंड आर्ट्स का है और मैं गणित या स्टैटिस्टिक्स में कभी अच्छा नहीं रहा। वे एडवांस्ड स्टैटिस्टिक्स पढ़ा रहे हैं और मेरे लिए इसे समझना बहुत मुश्किल है। इतना ही नहीं, मुझे दूसरे सब्जेक्ट्स में भी दिक्कत हो रही है और इससे मेरा कॉन्फिडेंस बहुत कम हो रहा है। मेरी एंग्जायटी (चिंता) बढ़ गई है और मुझे लगता है कि मैं कुछ भी समझ या सीख नहीं पा रहा हूँ।”

जैसे-जैसे कोर्सवर्क मुश्किल होता गया, स्टूडेंट ने कहा कि उसे यह सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि क्या उसे यह प्रोग्राम जारी रखना चाहिए या नहीं। उसने बताया कि वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) में ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में मास्टर्स के लिए अप्लाई करने पर विचार कर रहा है। उसका मानना ​​है कि यह उसके लिए बेहतर रहेगा क्योंकि इसमें क्वांटिटेटिव सब्जेक्ट्स पर कम ज़ोर दिया जाता है और यह HR में उसके लंबे समय के करियर लक्ष्यों के ज़्यादा करीब है।

I am struggling at IIM academically

by

u/anon_230105 in

MBAIndia

“मैं यहां से जाने और शायद TISS में HRM में MA के लिए फिर से कोशिश करने के बारे में सोच रहा हूं। वहां क्वांट्स (मैथ्स) कम है और मैं HRM में जाना चाहता हूं। लेकिन सच कहूं तो मैं यहां जारी नहीं रखना चाहता। मुझे सच में बहुत मुश्किल हो रही है और सच कहूं तो मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं।”

हालांकि उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता उनके किसी भी फैसले का समर्थन करेंगे, लेकिन उन्होंने माना कि उन्हें इस बात की चिंता है कि इतने प्रतिष्ठित संस्थान में एडमिशन लेने के तुरंत बाद इसे छोड़ने पर वे उन्हें निराश करेंगे और रिश्तेदारों व समुदाय के लोगों के सवालों का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि अभी छोड़ने से आर्थिक नुकसान होगा क्योंकि ट्यूशन फीस अब वापस नहीं मिलेगी।

“अगर मैं वापस जाना चाहता हूं तो मेरे माता-पिता मेरा साथ देंगे, लेकिन मैं उन्हें निराश नहीं करना चाहता और मुझे समुदाय के उन सभी लोगों को भी जवाब देना होगा कि मैंने इसे क्यों छोड़ा जबकि मैंने अभी-अभी ज्वाइन किया था। वे सवाल पूछेंगे और इससे मेरे माता-पिता की प्रतिष्ठा पर असर पड़ेगा, लेकिन मैं सच में यहां जारी नहीं रखना चाहता। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं है। साथ ही, अब कोई रिफंड मिलना भी संभव नहीं है, इसलिए यह आर्थिक नुकसान भी है।”

Reddit यूज़र्स ने उन्हें जल्दबाजी में कोई फैसला न लेने की सलाह दी

इस पोस्ट पर Reddit यूज़र्स की कई प्रतिक्रियाएं आईं, जिनमें से कई ने छात्र को छोड़ने का फैसला करने से पहले खुद को और समय देने के लिए प्रोत्साहित किया। एक कमेंट करने वाले ने, जो खुद नॉन-इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से थे, छात्र को याद दिलाया कि IIMs आमतौर पर छात्रों का मूल्यांकन केवल एब्सोल्यूट मार्क्स के आधार पर करने के बजाय रिलेटिव ग्रेडिंग सिस्टम का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि विषयों का मूल्यांकन कई मूल्यांकन घटकों के माध्यम से किया जाता है, जिससे खराब प्रदर्शन से उबरना आसान हो जाता है।

“IIMs में रिलेटिव ग्रेडिंग होती है और हर विषय में कई घटक होते हैं। यह आपके लिए वरदान है। नॉन-इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से होने और चिंतित महसूस करने वाले व्यक्ति के तौर पर, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह कोई बड़ी बात नहीं है। आप आसानी से मैनेज कर सकते हैं। अभी ड्रॉप आउट न करें।”

Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयर इंडिया को नया CEO मिला, अब टेवोल्डे गेबरमरियम संभालेंगे कमान

Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेबरमरियम (Tewolde Gebremariam) को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। वह कैंपबेल विल्सन की जगह लेंगे। कंपनी ने 5 अगस्त को इसकी आधिकारिक घोषणा की।

एयर इंडिया ने बयान में कहा कि यह बदलाव कंपनी के ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का अहम हिस्सा है। इसका मकसद एयर इंडिया को वर्ल्ड क्लास दिग्गज एयरलाइन बनाना है।

बोर्ड ने किया व्यापक चयन

एयर इंडिया के बोर्ड ने बताया कि नए CEO के चयन के लिए व्यापक प्रक्रिया अपनाई गई। दुनिया भर के आंतरिक और बाहरी उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया गया। सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद बोर्ड ने सर्वसम्मति से टेवोल्डे गेबरमरियम के नाम पर मुहर लगाई।

कंपनी के अनुसार, उनके पास मजबूत नेतृत्व क्षमता है। साथ ही ऑपरेशनल मैनेजमेंट और स्ट्रैटजी को लागू करने का लंबा तजुर्बा भी है। यही वजह है कि उन्हें एयर इंडिया के अगले ग्रोथ स्टेज के लिए सबसे काबिल उम्मीदवार माना गया।

कौन हैं एयर इंडिया के नए CEO टेवोल्डे गेबरमरियम?

इथियोपिया के टेवोल्डे गेबरमरियम (Tewolde Gebremariam) एविएशन इंडस्ट्री के सबसे काबिल वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। टेवोल्डे ने अदीस अबाबा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में स्नातक और ब्रिटेन की ओपन यूनिवर्सिटी से MBA किया है। वह इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स समेत कई वैश्विक एविएशन संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1985 में इथियोपियन एयरलाइंस से अपने विमानन करियर की शुरुआत की थी।

टेवोल्डे ने इथियोपियन एयरलाइंस में ट्रैफिक ऑफिसर के रूप में काम शुरू किया। इसके बाद कार्गो, मार्केटिंग, सेल्स और ऑपरेशंस समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। 2006 में उन्हें चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) बनाया गया। 2011 में वह इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के CEO बने।

उनके कार्यकाल में चार गुना बढ़ी रेवेन्यू

CEO के रूप में टेवोल्डे गेबरमरियम के नेतृत्व में इथियोपियन एयरलाइंस ने रिकॉर्ड विस्तार किया। कंपनी की रेवेन्यू 1 अरब डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई। एयरलाइन का फ्लीट 33 विमानों से बढ़कर करीब 130 विमान हो गया। वहीं, यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। इसी दौरान इथियोपियन एयरलाइंस अफ्रीका की सबसे बड़ी और सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन बन गई।

एयर इंडिया मैनेजमेंट ने क्या कहा

टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व में एयर इंडिया ने बदलाव के शुरुआती दौर का बड़ा काम पूरा कर लिया है। अब कंपनी तेजी से विस्तार और योजनाओं को जमीन पर उतारने के अगले चरण में प्रवेश कर रही है।”

उन्होंने कहा कि टेवोल्डे गेबरमरियम ने दुनिया की सबसे सफल और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन कंपनियों में से एक को आगे बढ़ाया है। उनके अनुभव और नेतृत्व पर हमें पूरा भरोसा है कि वह एयर इंडिया को विकास की अगली ऊंचाई तक ले जाएंगे।

शेयर मार्केट में आनी वाली है बहुत बड़ी गिरावट, दिग्गज फंड मैनेजर माइकल बरी ने किया आगाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NEET UG Counselling 2026: मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आज से काउंसलिंग शुरू, जानें पूरा शेड्यूल, नए नियम और जरूरी डॉक्युमेंट लिस्ट

NEET UG Counselling 2026: डॉक्टर बनकर देश के चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए आज अहम दिन है। देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। मेडिकल काउंसिल कमेटी ने नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के पहले राउंड के लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। नीट यूजी 2026 में सफल परीक्षार्थी एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

एमसीसी 15% एक्यूआई सीटों के लिए करेगा काउंसलिंग

एमसीसी केवल 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की सीटों के लिए काउंसलिंग कराती है। इसके अलावा एम्स, जेआईपीएमईआर केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, ईएसआईसी, एफएमएस और अन्य भाग लेने वाले संस्थानों में प्रवेश भी इसी प्रक्रिया के माध्यम से होगा। ध्यान रहे, 85% स्टेट कोटा की सीटों के लिए अलग से संबंधित राज्य की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा, क्योंकि स्टेट काउंसलिंग स्वतंत्र रूप से आयोजित की जाती है।

राउंड-1 का पूरा शेड्यूल

रजिस्ट्रेशन शुरू : 5 अगस्त 2026 (दोपहर 1 बजे से)

रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख : 9 अगस्त 2026 (दोपहर 12 बजे तक)

फीस जमा करने की आखिरी तारीख : 9 अगस्त 2026 (दोपहर 3 बजे तक)

चॉइस फिलिंग : 6 अगस्त से 10 अगस्त 2026

चॉइस लॉकिंग : 10 अगस्त 2026 (शाम 4 बजे से रात 11:55 बजे तक)

सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया : 11 से 12 अगस्त 2026

राउंड-1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट : 13 अगस्त 2026

अलॉट किए गए कॉलेज में रिपोर्टिंग : 14 से 18 अगस्त 2026

इंस्टीट्यूट द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन : 19 से 20 अगस्त 2026

राउंड-2 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू : 22 अगस्त 2026

क्या है फ्रीज-फ्लोट विकल्प?

इस साल काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक डिजिटल बनाया गया है ताकि छात्रों को बार-बार कॉलेज ना जाना पड़े।

फ्रीज-फ्लोट व्यवस्था

अगर छात्र सीट मिलने के बाद फ्रीज (Freeze) विकल्प चुनता है, तो उसे संबंधित कॉलेज जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, फ्लोट विकल्प चुनने वाले छात्र अगले राउंड में भाग ले सकेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन करा सकेंगे। ऐसी स्थिति में तीसरे राउंड तक सीट बरकरार रहने पर ही कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग करनी होगी।

ऑनलाइन छोड़ सकेंगे सीट 

अब योग्य छात्र आवंटित सीट को एमसीसी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन छोड़ सकेंगे। इसके लिए कॉलेज जाकर अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

अन्य नए सुधार

ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

एनआरआई एडमिशन प्रोसेस का डिजिटाइजेशन

PwBD छात्रों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं

साइबर सिक्योरिटी को मजबूत किया गया

शिकायत निवारण प्रणाली को बेहतर बनाया गया

रजिस्ट्रेशन से पहले तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट

रजिस्ट्रेशन करने से पहले छात्र नीचे बताए गए डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें:

  • नीट यूजी 2026 स्कोरकार्ड
  • नीट यूजी एडमिट कार्ड
  • कक्षा 10 का सर्टिफिकेट (डेट ऑफ बर्थ प्रूफ)
  • 12वीं कक्षा की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट
  • सरकारी फोटो पहचान पत्र (आधार, पैन, पासपोर्ट आदि)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • SC/ST/OBC-NCL/EWS सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
  • PwBD सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
  • डोमिसाइल सर्टिफिकेट (जहां आवश्यक हो)
  • NRI कोटा के लिए पहचान संबंधी डॉक्यूमेंट
  • एमसीसी इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में मांगे गए अन्य डॉक्यूमेंट्स

कैसे मिलेगी सीट?

रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद छात्रों को काउंसलिंग फीस जमा करनी होगी और अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स को चुनकर उन्हें लॉक करना होगा। बता दें सीट अलॉटमेंट निम्न आधारों पर किया जाएगा:

  • नीट यूजी 2026 रैंक
  • आरक्षण कैटेगरी
  • भरी गई पसंद
  • उपलब्ध सीटें

ICMAI CMA June 2026: सीएमए जून रिजल्ट घोषित, इंटरमीडिएट में रौनक जैन और फाइनल में मोक्षित वामसी ने झटका पहला स्थान

अजीत आगरकर का पत्ता काट सकते हैं लक्ष्मण, चयनकर्ता बनने के एकदम करीब

भारतीय चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। ऐसे में यह खबर आ रही है कि अगर अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर के आगे नहीं बढ़ता है तो फिर वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय टीम का चयनकर्ता बनाया जा सकता है। लेकिन सबकुछ आने वाली श्रीलंका सीरीज पर निर्भर करता है। अगर यह सीरीज भारत जीत जाती है तो अजीत आगरकर का कार्यकाल आगे भी बढ़ाया जा सकता है। अन्यथा वीवीएस लक्ष्मण भारत के मुख्य चयनकर्ता होंगे।

 इंग्लैंड के हालिया दौरे पर दूसरे वनडे से पहले रोहित के करियर खत्म होने की खबरों का बाहर आना, उसके बाद बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का मुख्य चयनकर्ता से बात किए बिना ये कहना कि रोहित जब तक टीम योजना का हिस्सा हैं। इन सब परिस्थितियों ने पहलुओं को बहुत उलझा दिया है।

BCCI पदाधिकारियों को लगता है कि लक्ष्मण की बातों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और रोहित-विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उनकी बात को मानेंगे। हालांकि अभी भी हालांकि अभी भी आगरकर के पास वही संजीवनी है जो रोहित शर्मा के पास है – एकदिवसीय विश्वकप 2027। बीसीसीआइ अभी भी ये सोच रहा है कि 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक साल का विस्तार दिया जा सकता है। बशर्ते कुछ अच्छी खबरें सुनने को मिले।

रोहित प्रकरण के बाद ज्यादा तेज हुए रस्साकशी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है।

रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें।भारतीय टीम प्रबंधन नहीं चाहता था कि रोहित शर्मा 2027 वनडे विश्व कप खेलें। इसको लेकर इंग्लैंड दौरे के दौरान एक चयनकर्ता ने बोर्ड को शीशे में भी ढाल लिया था लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।