NEET UG Counselling 2026: मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आज से काउंसलिंग शुरू, जानें पूरा शेड्यूल, नए नियम और जरूरी डॉक्युमेंट लिस्ट

NEET UG Counselling 2026: डॉक्टर बनकर देश के चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए आज अहम दिन है। देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। मेडिकल काउंसिल कमेटी ने नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के पहले राउंड के लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। नीट यूजी 2026 में सफल परीक्षार्थी एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

एमसीसी 15% एक्यूआई सीटों के लिए करेगा काउंसलिंग

एमसीसी केवल 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की सीटों के लिए काउंसलिंग कराती है। इसके अलावा एम्स, जेआईपीएमईआर केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, ईएसआईसी, एफएमएस और अन्य भाग लेने वाले संस्थानों में प्रवेश भी इसी प्रक्रिया के माध्यम से होगा। ध्यान रहे, 85% स्टेट कोटा की सीटों के लिए अलग से संबंधित राज्य की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा, क्योंकि स्टेट काउंसलिंग स्वतंत्र रूप से आयोजित की जाती है।

राउंड-1 का पूरा शेड्यूल

रजिस्ट्रेशन शुरू : 5 अगस्त 2026 (दोपहर 1 बजे से)

रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख : 9 अगस्त 2026 (दोपहर 12 बजे तक)

फीस जमा करने की आखिरी तारीख : 9 अगस्त 2026 (दोपहर 3 बजे तक)

चॉइस फिलिंग : 6 अगस्त से 10 अगस्त 2026

चॉइस लॉकिंग : 10 अगस्त 2026 (शाम 4 बजे से रात 11:55 बजे तक)

सीट अलॉटमेंट प्रक्रिया : 11 से 12 अगस्त 2026

राउंड-1 सीट अलॉटमेंट रिजल्ट : 13 अगस्त 2026

अलॉट किए गए कॉलेज में रिपोर्टिंग : 14 से 18 अगस्त 2026

इंस्टीट्यूट द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन : 19 से 20 अगस्त 2026

राउंड-2 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू : 22 अगस्त 2026

क्या है फ्रीज-फ्लोट विकल्प?

इस साल काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक डिजिटल बनाया गया है ताकि छात्रों को बार-बार कॉलेज ना जाना पड़े।

फ्रीज-फ्लोट व्यवस्था

अगर छात्र सीट मिलने के बाद फ्रीज (Freeze) विकल्प चुनता है, तो उसे संबंधित कॉलेज जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, फ्लोट विकल्प चुनने वाले छात्र अगले राउंड में भाग ले सकेंगे और दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन करा सकेंगे। ऐसी स्थिति में तीसरे राउंड तक सीट बरकरार रहने पर ही कॉलेज में फिजिकल रिपोर्टिंग करनी होगी।

ऑनलाइन छोड़ सकेंगे सीट 

अब योग्य छात्र आवंटित सीट को एमसीसी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन छोड़ सकेंगे। इसके लिए कॉलेज जाकर अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

अन्य नए सुधार

ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

एनआरआई एडमिशन प्रोसेस का डिजिटाइजेशन

PwBD छात्रों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं

साइबर सिक्योरिटी को मजबूत किया गया

शिकायत निवारण प्रणाली को बेहतर बनाया गया

रजिस्ट्रेशन से पहले तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट

रजिस्ट्रेशन करने से पहले छात्र नीचे बताए गए डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें:

  • नीट यूजी 2026 स्कोरकार्ड
  • नीट यूजी एडमिट कार्ड
  • कक्षा 10 का सर्टिफिकेट (डेट ऑफ बर्थ प्रूफ)
  • 12वीं कक्षा की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट
  • सरकारी फोटो पहचान पत्र (आधार, पैन, पासपोर्ट आदि)
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • SC/ST/OBC-NCL/EWS सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
  • PwBD सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
  • डोमिसाइल सर्टिफिकेट (जहां आवश्यक हो)
  • NRI कोटा के लिए पहचान संबंधी डॉक्यूमेंट
  • एमसीसी इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में मांगे गए अन्य डॉक्यूमेंट्स

कैसे मिलेगी सीट?

रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद छात्रों को काउंसलिंग फीस जमा करनी होगी और अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स को चुनकर उन्हें लॉक करना होगा। बता दें सीट अलॉटमेंट निम्न आधारों पर किया जाएगा:

  • नीट यूजी 2026 रैंक
  • आरक्षण कैटेगरी
  • भरी गई पसंद
  • उपलब्ध सीटें

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अजीत आगरकर का पत्ता काट सकते हैं लक्ष्मण, चयनकर्ता बनने के एकदम करीब

भारतीय चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। ऐसे में यह खबर आ रही है कि अगर अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर के आगे नहीं बढ़ता है तो फिर वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय टीम का चयनकर्ता बनाया जा सकता है। लेकिन सबकुछ आने वाली श्रीलंका सीरीज पर निर्भर करता है। अगर यह सीरीज भारत जीत जाती है तो अजीत आगरकर का कार्यकाल आगे भी बढ़ाया जा सकता है। अन्यथा वीवीएस लक्ष्मण भारत के मुख्य चयनकर्ता होंगे।

 इंग्लैंड के हालिया दौरे पर दूसरे वनडे से पहले रोहित के करियर खत्म होने की खबरों का बाहर आना, उसके बाद बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का मुख्य चयनकर्ता से बात किए बिना ये कहना कि रोहित जब तक टीम योजना का हिस्सा हैं। इन सब परिस्थितियों ने पहलुओं को बहुत उलझा दिया है।

BCCI पदाधिकारियों को लगता है कि लक्ष्मण की बातों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और रोहित-विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उनकी बात को मानेंगे। हालांकि अभी भी हालांकि अभी भी आगरकर के पास वही संजीवनी है जो रोहित शर्मा के पास है – एकदिवसीय विश्वकप 2027। बीसीसीआइ अभी भी ये सोच रहा है कि 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक साल का विस्तार दिया जा सकता है। बशर्ते कुछ अच्छी खबरें सुनने को मिले।

रोहित प्रकरण के बाद ज्यादा तेज हुए रस्साकशी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है।

रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें।भारतीय टीम प्रबंधन नहीं चाहता था कि रोहित शर्मा 2027 वनडे विश्व कप खेलें। इसको लेकर इंग्लैंड दौरे के दौरान एक चयनकर्ता ने बोर्ड को शीशे में भी ढाल लिया था लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।

Budhaditya Yog 2026: कर्क राशि में आज बुध गोचर से बनेगा बुधादित्य राजयोग, सूर्य के समान चमकेगा 4 राशियों का भाग्य

Budhaditya Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यूं तो यह सामान्य घटना है, लेकिन इस असर देश-दुनिया की घटनाओं को सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। कोई ग्रह जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो कई उसका संयोग वहां पहले से मौजूद दूसरे ग्रहों के साथ बन जाता है। ऐसी स्थिति में कुछ खास और लाभकारी योग भी बनते हैं, जो कुछ राशियों के लिए अत्यंत शुभ होते हैं।

ऐसा ही संयोग कर्क राशि में आज बनने जा रहा है। इस राशि में गुरु और सूर्य पहले से ही मौजूद हैं, जबकि बुध आज प्रवेश कर रहे हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, 5 अगस्त को बुध के कर्क राशि में गोचर करेंगे। इस गोचर के साथ ही बुधादित्य योग का निर्माण होगा। इस योग से 4 राशियों को शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा और पिता का कारक माना जाता है। वहीं, बुध को बुद्धि व वाणी का कारक माना गया है। आइए जानते हैं इस गोचर से किन-किन राशियों को जबरदस्त लाभ मिलने वाला है।

मेष राशि : मेष राशि के जातकों के लिए यह योग अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा। संपत्ति, वाहन या नया घर खरीदने के योग बन रहे हैं। नौकरी में पदोन्नति और वेतन वृद्धि के स्पष्ट संकेत हैं। माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा और घर में मांगलिक कार्य हो सकते हैं।

मिथुन राशि : बुध आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए सूर्य के साथ उनका यह संयोग आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। आपकी बोलचाल शैली से लोग प्रभावित होंगे, जिससे व्यापार और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को बड़ा फायदा होगा।

कर्क राशि : यह गोचर आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में हो रहा है, जिससे आपका आत्मविश्वास और मान-सम्मान चरम पर रहेगा। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए सौदे मिल सकते हैं। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे।

तुला राशि : तुला राशि वालों के लिए यह योग कर्म भाव में बनेगा, जो करियर में बड़े बदलाव लाएगा। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को मनचाही कंपनी से ऑफर मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली की सराहना होगी। आय के नए स्रोत बनेंगे, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Trigrahi yog 2026: कर्क राशि में इस दिन एकसाथ होंगे सूर्य, गुरु, बुध और बनाएंगे त्रिग्रही योग, जानें किन राशियों को मिलेगा इस संयोग का लाभ

Delhi Free JEE-NEET Coaching: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए दिल्ली सरकार ने शुरू की खास सुविधा, प्रवेश परीक्षा से चुने जाएंगे छात्र

Delhi Free JEE-NEET Coaching: दिल्ली सरकर ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए खास पहल की है। देश के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों को दिल्ली सरकार की ओर से मुफ्त कोचिंग कराई जाएगी। दिल्ली सरकार की इस विशेष पहल के तहत एक साल का मुफ्त आवासीय कोचिंग प्रोग्राम घोषित किया गया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने एक सर्कुलर जारी कर इस पहल की जानकारी दी है। फ्री कोचिंग प्रोग्राम पुणे की गैर लाभकारी संस्था दक्षिणा फाउंडेशन की स्पॉन्सर्ड स्कॉलरशिप के तहत दिया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों में कक्षा 12 में पढ़ने वाले जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) और नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के छात्रों के लिए एक साल का फ्री रेजिडेंशियल कोचिंग प्रोग्राम अनाउंस किया है। दिल्ली सरकार और सरकारी मदद वाले स्कूलों में मौजूद शैक्षिक सत्र के दौरान कक्षा 12 (साइंस) में एनरोल छात्र इस पहल का लाभ ले सकते हैं। डीओई ने सभी सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों को इस पहल के बारे में सूचित किया है।

निदेशालय की ओर से योग्य छात्रों से चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने को कहा गया है। छात्रों का चयन जॉइंट दक्षिणा सिलेक्शन टेस्ट (JSDT) 2027 के जरिए होगा, जो दिसंबर 2026 में होगी। प्रवेश परीक्षा में सफल छात्रों को महाराष्ट्र के पुणे जिले के कडूस गांव में मौजूद फाउंडेशन के कैंपस दक्षिणा वैली में एक साल के लिए फ्री रेजिडेंशियल कोचिंग दी जाएगी।

डीओई ने कहा कि स्कॉलरशिप की राशि से कार्यक्रम का पूरा खर्च मैनेज हो जाएगा। स्कॉलरशिप में जेईई और नीट के लिए फ्री कोचिंग, एक साल के कोर्स के पूरे समय के लिए हॉस्टल में रहने की जगह और खाना शामिल है। दिल्ली सरकार और दक्षिणा फाउंडेशन की ये पहल खासतौर से ईडब्लूएस वर्ग के उन छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगी, जो इंजीनियरिंग और मेडिसिन में करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन महंगे कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं अफोर्ड कर सकते हैं।

इस प्रोग्राम का मकसद देश भर के बड़े इंजीनियरिंग और मेडिकल इंस्टिट्यूट में सरकारी स्कूल के छात्रों की उपस्थिति को बेहतर बनाना है। दिल्ली सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे योग्य छात्रों के बीच स्कॉलरशिप के बारे में जागरूकता फैलाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र इस मौके का फायदा उठा सकें। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब सरकारें टारगेटेड स्कॉलरशिप प्रोग्राम और शैक्षिक संस्थानों के साथ पार्टनरशिप के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक पहुंच को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हैं।

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मां का ITR भरते समय हुई देरी, बेटे को लगा 5,000 रुपये का झटका, वायरल हुआ मामला

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने में हुई थोड़ी सी देरी ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। एक यूजर ने दावा किया कि सिर्फ कुछ घंटों की देरी के कारण मामूली टैक्स राशि पर हजारों रुपये की लेट फीस जुड़ गई। इस मामले ने एक बार फिर टैक्स नियमों, समय पर रिटर्न भरने की जरूरत और आम लोगों से होने वाली छोटी गलतियों पर चर्चा शुरू कर दी है। जहां कुछ लोग इसे नियमों का जरूरी हिस्सा बता रहे हैं, वहीं कई यूजर्स का मानना है कि पहली बार फाइल करने वालों या कुछ घंटे की देरी जैसे मामलों में मानवीय पहलू को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर वायरल इस पोस्ट के बाद लोग जुर्माने की व्यवस्था और टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को लेकर अपनी-अपनी राय साझा कर रहे हैं।

पहली बार मां का ITR भर रहा था शख्स

एक्स यूजर @poojaofficial5 ने अपनी पोस्ट में बताया कि एक व्यक्ति पहली बार अपनी मां का इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल भर रहा था। पोस्ट के मुताबिक, वह चाहता था कि रिटर्न में कोई गलती न हो, इसलिए उसने एक जरूरी दस्तावेज मिलने का इंतजार किया। उसका मकसद सही जानकारी के साथ ITR जमा करना था। लेकिन इसी इंतजार के दौरान फाइलिंग की आखिरी तारीख निकल गई।

सिर्फ ढाई घंटे की देरी और लग गया ₹5,000 जुर्माना

पोस्ट में दावा किया गया कि जब वह इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉग इन कर पाया, तब तक डेडलाइन खत्म हुए सिर्फ करीब ढाई घंटे हुए थे। हालांकि, सिस्टम ने देरी के लिए तय लेट फाइलिंग फीस जोड़ दी। इसके बाद जो टैक्स राशि पहले ₹850 थी, वह बढ़कर ₹5,850 हो गई। यूजर ने सवाल उठाया कि जब टैक्स की असली रकम इतनी कम थी और देरी भी कुछ घंटों की थी, तो क्या जुर्माना इतना ज्यादा होना उचित है?

यूजर ने नियमों में मानवीय गलती की जगह देने की बात कही

पोस्ट में कहा गया कि टैक्स नियमों का उद्देश्य लोगों को समय पर रिटर्न भरने के लिए प्रेरित करना है, लेकिन कई बार आम लोगों से छोटी गलतियां हो सकती हैं। यूजर ने लिखा कि पहली बार ITR भरने वालों या कुछ घंटों की देरी जैसे मामलों में कुछ राहत या ग्रेस पीरियड पर विचार किया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय

इस मामले पर इंटरनेट यूजर्स भी दो हिस्सों में बंट गए। कुछ लोगों ने सिस्टम को सख्त बताया और कहा कि छोटी देरी पर इतना बड़ा जुर्माना परेशान करने वाला है। एक यूजर ने लिखा कि टैक्स फाइलिंग के लिए लोगों के पास काफी समय होता है, इसलिए आखिरी समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए। वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि नियम जरूरी हैं, लेकिन ईमानदारी से की गई कोशिश और छोटी मानवीय गलतियों के लिए कुछ गुंजाइश होनी चाहिए।

लोगों ने दी समय से ITR भरने की सलाह

कई यूजर्स ने इस घटना को लेकर लोगों को सलाह दी कि आखिरी तारीख का इंतजार न करें। पहले से दस्तावेज तैयार रखकर समय पर ITR दाखिल करने से ऐसी परेशानियों से बचा जा सकता है। यह मामला एक बार फिर चर्चा में ले आया है कि टैक्स नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन छोटे स्तर की गलतियों और जानबूझकर की गई लापरवाही में अंतर कैसे तय किया जाए।

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गौतम की गंभीर शिकायत लेकर BCCI के पास गए कुछ सीनियर खिलाड़ी

गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने भले ही दो आसीसी टूर्नामेंट्स जीत लिए हों लेकिन द्विपक्षीय सीरीज में भारत की लगातार हार से कई सवाल उठे हैं। खासकर दो टेस्ट सीरीज जो भारत में हुई थी उसका काफी कुछ श्रेय गौतम गंभीर को गया। जून के महीने में रोहित शर्मा संन्यास ले रहे हैं ऐसा भ्रम फैलाया गया लेकिन वह खबरें बोर्ड ने खारिज कर दी और रोहित ने लॉर्ड्स में शतक ठोक दिया।  

ऐसे में कई सीनियर खिलाड़ी अब गौतम गंभीर के रवैये और कोचिंग के तौर तरीके से नाराज होकर इसकी शिकायत बोर्ड के सामने रखने गए हैं। ऐसे में संभव है कि सीनियर खिलाड़ियों को किनारे लगाने की सोचने वाले गौतम गंभीर खुद ही किनारे लग जाए।मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के अनुसार कुछ खिलाड़ियों ने मुख्य कोच की शिकायत बोर्ड से की है।

हालांकि अभी तक यह पता नहीं चला है कि कितने सीनियर खिलाड़ियों ने शिकायत की है और कौन कौन इसमें शामिल है। इस खबर की पुष्टि भी होना बाकी है। लेकिन गौतम गंभीर पर फिलहाल दबाव बनाने का यह बेहतरीन मौका है जिसे सीनियर खिलाड़ी छोड़ना नहीं चाहते।

दबाव बढ़ रहा है गंभीर पर

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

श्रेयस ने भी ले ली थी चुटकी

जिम्बाब्वे के खिलाफ बतौर कप्तान अपनी पहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतकर श्रेयस अय्यर ने दौरे पर गए कोच VVS लक्ष्मण के लिए तारीफ के पुल बांध दिए। इसे कई क्रिकेट फैंस इस नजरिए से देख रहे हैं कि श्रेयस अय्यर यह साबित करना चाहते हैं कि गौतम गंभीर की कोचिंग के कारण टीम को आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-2 और 0-4 की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी।

गौरतलब है कि VVS लक्ष्मण का कोचिंग करियर खासा अच्छा गया है। साल 2022 से टीम के साथ कभी कभार कोचिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले वीवीएस लक्ष्मण अब तक बतौर कोच एक भी सीरीज नहीं हारे हैं।

NEET UG 2026 Merit List: नीट यूजी चॉइस फिलिंग और रजिस्ट्रेशन कल, पुडुचेरी ने जारी की राज्यवार मेरिट लिस्ट

NEET UG 2026 Merit List: चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्र अब नीट यूजी काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के जरिए स्नातक स्तरीय (UG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू होने वाली है। इसके तहत अलग-अलग राज्यों के लिए नीट यूजी 2026 मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है। पुडुचेरी के हेल्थ और फैमिली वेलफेयर सर्विसेज विभाग ने भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट health.py.gov.in पर स्टेट मेरिट लिस्ट जारी कर दी है।

पुडुचेरी मेरिट लिस्ट में एक अनोखी बात सामने आई है जिसने कैंडिडेट्स का ध्यान खींचा है। सबसे ज़्यादा रैंक वाले कैंडिडेट को 670 मार्क्स मिले हैं, लेकिन लिस्ट में ऐसे कैंडिडेट्स भी शामिल हैं जिन्हें -1 से -23 मार्क्स मिले हैं। इन कैंडिडेट्स के शामिल होने से छात्रों में उत्सुकता बढ़ गई है, भले ही मेरिट लिस्ट में उनके नाम होने से एमबीबीएस सीट की गारंटी नहीं है।

कुल 10 छात्रों को नीट यूजी परीक्षा में नेगेटिव मार्क्स मिले हैं। नेगेटिव मार्क्स में -1, -3, -6, -7, -9, -11, -14, -15, -16 और -23 शामिल हैं। इन कैंडिडेट्स की रैंक 4707 और 4716 के बीच है। कृष्णाथ अभिनव एम 670 अंक और एआईआर 553 के साथ राज्य की मेरिट लिस्ट में टॉप पर हैं। दूसरे नंबर पर प्रवीण ए हैं, जिन्होंने 646 अंक और ओवरऑल रैंक 1721 हासिल की है, और लिस्ट में तीसरे नंबर पर रामानीश्वर ए हैं, जिन्होंने 646 मार्क्स और ओवरऑल रैंक 1756 हासिल की है।

जिन छात्रों को जारी मेरिट लिस्ट पर आपत्ति है, वे 5 अगस्त, 2026 तक ऑब्जेक्शन दर्ज करा सकते हैं। वे अपने ऑब्जेक्शन DMS@PY.GOV.IN पर ईमेल के जरिए भेज सकते हैं।

नीट यूजी 2026 मेरिट लिस्ट: रैंक लिस्ट कैसे चेक करें

  • मेरिट लिस्ट चेक करने के लिए, कैंडिडेट्स नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं।
  • ऑफिशियल वेबसाइट health.py.gov.in पर जाएं।
  • होम पेज पर मौजूद NEET UG 2026 मेरिट लिस्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • एक नया पेज खुलेगा जहां कैंडिडेट अपनी रैंक चेक कर सकते हैं।
  • आगे इस्तेमाल के लिए फाइल डाउनलोड करें।

नीट यूजी काउंसलिंग पंजीकरण कल, 5 अगस्त, 2026 से शुरू होगा। आवेदन करने की आखिरी तारीख 12 अगस्त, 2026 है। चॉइस फिलिंग 6 अगस्त से शुरू होगी और 13 अगस्त, 2026 को बंद हो जाएगी। सीट आवंटन रिजल्ट 17 अगस्त को घोषित किया जाएगा। जिन छात्रों को सीट आवंटित होगी, वे 18 अगस्त से 22 अगस्त, 2026 तक इंस्टीट्यूट में रिपोर्ट कर सकते हैं।

बता दें, नीट यूजी री-एग्जाम रिजल्ट 16 जुलाई, 2026 को अनाउंस किया गया था। एग्जाम 21 जून, 2026 को हुआ था। स्टेट मेरिट लिस्ट से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए, कैंडिडेट डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर सर्विसेज, पुडुचेरी की ऑफिशियल वेबसाइट देख सकते हैं।

CLAT 2027: देश की लॉ यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में प्रवेश के लिए शुरू हुई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, 31 अक्टूबर तक दाखिले के लिए भरें फॉर्म

CLAT 2027: देश की लॉ यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में प्रवेश के लिए शुरू हुई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, 31 अक्टूबर तक दाखिले के लिए भरें फॉर्म

CLAT 2027: कानून के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक देश के युवाओं के लिए नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) के कंसोर्टियम ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन लिंक एक्टिवेट कर दिया है। क्लैट 2026 के जरिए छात्र देशभर में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट लॉ पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश के इच्छुक छात्र अब आधिकारिक प्रवेश पोर्टल के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।

पंजीकरण विंडो 31 अक्टूबर, 2026 तक खुली रहेगी। क्लैट 2027 परीक्षा 6 दिसंबर, 2026 को दोपहर 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक होनी है। कंसोर्टियम ने स्पष्ट किया है कि आने वाले प्रवेश चक्र के लिए परीक्षा के सिलेबस या स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्लैट 2027: जरूरी तारीखें

इवेंट तारीख

रजिस्ट्रेशन शुरू : 3 अगस्त, 2026 (सुबह 10.00 बजे IST)

अप्लाई करने की आखिरी तारीख : 31 अक्टूबर, 2026

क्लैट 2027 परीक्षा : 6 दिसंबर, 2026 (दोपहर 2.00 बजे से शाम 4.00 बजे तक)

क्लैट 2027 के लिए कैसे करने आवेदन

रजिस्टर करें : एक वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस का इस्तेमाल करके अकाउंट बनाएं।

एप्लीकेशन फॉर्म भरें : पर्सनल, एकेडमिक और कॉन्टैक्ट डिटेल्स डालें।

प्राथमिकता चुनें : पसंदीदा परीक्षा शहर चुनें और एनएलयू प्राथमिकता बताएं।

डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें : पासपोर्ट साइज का फोटो, सिग्नेचर और कैटेगरी सर्टिफिकेट, अगर लागू हो, अपलोड करें।

आवेदन शुल्क का भुगतान करें : ऑनलाइन पेमेंट पूरा करें और एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें।

योग्यता और परीक्षा पैटर्न

अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रम के लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों को कम से कम 45% अंकों के साथ कक्षा 12 या उसके बराबर की परीक्षा पास करनी होगी। एससी और एसटी परीक्षार्थियों के लिए न्यूनतम योग्यता अंक 40% हैं। फरवरी 2027 में अपना क्वालिफाइंग एग्जाम देने वाले छात्र भी आवेदन करने के योग्य हैं।

पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम के लिए, आवेदकों के पास कम से कम 50% अंकों के साथ एलएलबी डिग्री या उसके बराबर की योग्यता होनी चाहिए। एससी और एसटी उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग रिक्वायरमेंट 45% है।

क्लैट परीक्षा इस साल भी मौजूदा ऑफलाइन फॉर्मेट में जारी रहेगी। इसमें कॉम्प्रिहेंशन-बेस्ड मल्टीपल-चॉइस सवाल होंगे। अंडरग्रेजुएट पेपर में इंग्लिश लैंग्वेज, जनरल नॉलेज सहित करंट अफेयर्स, लीगल रीजनिंग, लॉजिकल रीजनिंग और क्वांटिटेटिव टेक्नीक शामिल होंगे।

क्लैट 2027 में हिस्सा लेंगी 27 एनएलयू

क्लैट 2027 में देश की 27 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी हिस्सा लेंगी। अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में लगभग 3,952 से 4,100 सीटें हैं, जबकि पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए लगभग 1,590 सीटें हैं। आवेदक पूल में 57% महिला परीक्षार्थी हैं, जबकि अंडरग्रेजुएट कैंडिडेट कुल रजिस्ट्रेशन में 80% से ज्यादा हिस्सा लेते हैं। कुल चयन दर 6% से कम रहने के कारण, सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा रहने की उम्मीद है।

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200 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी, देश के इन राज्यों में है प्रॉपर्टी

बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर ने आज नए चैप्टर की शुरुआत की है। 3 अगस्त 2026 को बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे सामने आए हैं। बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी हार तो प्रशांत किशोर को जीत हासिल हुई है। जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर 19,324 वोटों से जीते हैं। प्रशांत को 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 44,827 वोट मिले हैं। उनकी यह जीत इस लिहाज से अहम है कि बांकीपुर में बीते 31 साल से लगातार भाजपा का ही कब्जा था। इस जीत के बाद आइए जानते हैं प्रशांत किशोर की संपत्ति के बारे में।

200 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी

चुनाव आयोग में जमा किए गए हलफनामे के मुताबिक, उपचुनाव के जरिए राजनीति में कदम रखने वाले किशोर ने अपनी कुल संपत्ति 96 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई है। इनमें 22.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति (कैश, बैंक जमा, निवेश आदि) और 73.87 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति (जमीन और मकान) शामिल है। वहीं, उन पर करीब 5.78 करोड़ रुपये का कर्ज भी है। हलफनामे के अनुसार, उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने 101 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है। इसमें 89.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 12.42 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है।

देश के इन राज्यों में संपत्ति

दोनों पति-पत्नी की घोषित कुल संपत्ति 198 करोड़ रुपये से ज्यादा है। वहीं, हलफनामे में दर्ज अन्य संपत्तियों और निवेश को जोड़ने पर उनकी संयुक्त संपत्ति 208 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। प्रशांत किशोर के पास पटना के पाटलिपुत्र में एक मकान, दिल्ली के वसंत विहार में एक घर है। यूपी के गाजियाबाद स्थित इंदिरापुरम में एक अपार्टमेंट में दो फ्लैट हैं। बिहार के रोहतास जिला स्थित कोनार गांव में पैतृक संपत्ति भी है।

चुनावी हलफनामे के मुताबिक, किशोर के पास 65,570 रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास 1.95 लाख रुपये नकद हैं। दस्तावेज में किशोर का पेशा राजनीतिक सलाहकार (पॉलिटिकल कंसल्टेंट) बताया गया है। वहीं, डॉ. जाह्नवी दास नई दिल्ली के अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल में सीनियर एडवाइजर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के पद पर कार्यरत हैं। राजनीति में आने से पहले किशोर ने करीब आठ साल तक संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने पहले भारत और बाद में अफ्रीका में स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े कई कार्यक्रमों पर काम किया।

2011 में छोड़ी थी नौकरी 

बता दें कि, साल 2011 में किशोर ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने राजनीतिक सलाहकार (पॉलिटिकल कंसल्टिंग) के क्षेत्र में कदम रखा। अपनी रणनीति और चुनावी अनुभव के दम पर वह देश के सबसे चर्चित चुनावी रणनीतिकारों में शामिल हो गए। जेडीयू (JD(U)) से अलग होने के बाद उन्होंने साल 2022 में ‘जन सुराज’ अभियान शुरू किया। फिर अक्टूबर 2024 में इसे एक राजनीतिक पार्टी का रूप दिया। अब बांकीपुर उपचुनाव जीतकर उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की पहली चुनावी जीत दर्ज की है।

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा?

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की करारी हार का ठीकरा भाजपा में किसके सिर फूटेगा, यह सवाल अब सियासी गलियारों में पूछा जाने लगा है। राजनीतिक विश्लेषक इस बात को साफ तौर पर मानते है कि दतिया विधानसभा चुनाव के परिणाम जिस तरह से आए वह पार्टी के लिए वकाई चिंता का विषय है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी जिस तरह से चुनाव में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह का बूथ हार गए, उसके एक नहीं कई सियासी मायने है।

दतिया में भाजपा की करारी हार ठीकरा पूरी तरह से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पर फूटना तय है। चुनाव के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने जिस तरह से टिकट कटने को लेकर पार्टी नेतृ्व्य पर इशारों ही इशारों में सवाल उठाए, उसका खामियाजा पार्टी  को चुनाव में उठाना पड़ा। दतिया में भाजपा की हार सिर्फ पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी की हार नहीं बल्कि भाजपा संगठन की हार है।

2023 में दतिया विधानसभा सीट हारने के बाद इस बार भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया और आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद जिस तरह से पहले नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने दतिया में बवाल काटा और फिर नरोत्तम मिश्रा मंच पर रोए, उससे उपचुनाव में उनकी भूमिका पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। नरोत्तम मिश्रा पूरे उपचुनाव के दौरान दावा करते रहे है कि वह पूरी तरह पार्टी के साथ है लेकिन कई  अहम मौकों जैसे बसई में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बड़ौना में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का सभा में उनका नहीं जाना, उनकी नाराजगी और भाजपा की गुटबाजी से जोड़कर देखा गया।

वहीं दतिया भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह जिसको नरोत्तम मिश्रा का समर्थक माना जाता है, उसके बूथ पर भी पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को हार का सामना करना पड़ा। उपचुनाव में भाजपा की हार नरोत्तम मिश्रा की सियासी करियर पर एक ग्रहण का काम करेगी और उनकी पार्टी में पूछ-पऱख कम होगी और उनके सियासी पुर्नवास की राह कठिन हो जाएगी। इस बात का अंदाजा शायक खुद नरोत्तम मिश्रा को भी है इसलिए वह पूरे चुनाव के दौरान कहते रहे है कि पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया और अब पार्टी कितना देगी। वहीं नरोत्तम मिश्रा ने अब राजनीति में अपनी सक्रियता को लेकर भी इशारों ही इशारों में कई संदेश दिए है। दतिया से पार्टी की हार के साथ उन्होंने कहा कि मेरी राजनीति का पटाक्षेप हो गया है।