IND vs ENG 3rd ODI: लॉर्ड्स में होगा वनडे सीरीज का फैसला, क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

IND vs END 3rd ODI: भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला रविवार, 19 जुलाई को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर दोपहर 3:30 से खेला जाएगा। भारत और इंग्लैंड दोनों ही अब तक एक-एक मैच जीत चुकी हैं, इसलिए जो भी टीम ये मुकाबला जीतेगी वह सीरीज पर कब्जा कर लेगी। ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ी जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगे। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। वहीं मुकाबला शुरू होने से पहले जानें कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और पिच रिपोर्ट

क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दिन आसमान साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। तापमान करीब 13 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और बारिश की आशंका बेहद कम है। वहीं हवा में नमी सामान्य रहने की उम्मीद है। शुरुआती ओवरों में हल्की हवा तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद दे सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम क्रिकेट खेलने और मैच देखने के लिए अनुकूल रहने का अनुमान है। दोनों टीमों को पूरे 50-50 ओवर का मुकाबला खेलने का मौका मिल सकता है।

कैसी होगी लॉर्ड्स की पिच

लॉर्ड्स की पिच को संतुलित माना जाता है, जहां बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को मदद मिलने की संभावना रहती है। मैच की शुरुआत में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को सीम और उछाल मिल सकता है, जिससे शुरुआती ओवर काफी अहम होंगे। इसके बाद पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतर होती जाती है और रन बनाना आसान हो जाता है। वहीं, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों को भी पिच से टर्न और पकड़ मिलने की उम्मीद रहती है।

टॉस जीतने वाली टीम को क्या करना चाहिए?

लॉर्ड्स की पिच पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम आमतौर पर 270 से 290 रन के बीच का स्कोर बनाने की कोशिश करती है। ऐसे में मुकाबले में टॉस की भूमिका अहम रहती है, लेकिन यही मैच का फैसला नहीं करता। इस मैदान पर पिच दोनों टीमों को बराबर मौका देती है, इसलिए बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम के जीतने की संभावना अधिक रहती है।

कहां पर देखें लाइव मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा और निर्णायक वनडे मैच 19 जुलाई को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। ये मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। क्रिकेट प्रशंसक इस मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकेंगे, जबकि ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग JioHotstar ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।

भारत और इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: शुभमन गिल (कैप्टन), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (वाइस-कैप्टन), केएल राहुल (WK), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार

इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11: विल जैक्स, बेन डकेट, जो रूट, हैरी ब्रूक (कैप्टन), जोस बटलर (WK), सैम करन, जैकब बेथेल, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, साकिब महमूद, गस एटकिंसन

भारत और इंग्लैंड की पूरी टीम

इंडिया की ODI स्क्वॉड: शुभमन गिल (कैप्टन), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (वाइस-कैप्टन), केएल राहुल (WK), ईशान किशन (WK), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार।

इंग्लैंड की ODI टीम: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट, जोश टंग।

IND vs ENG: रिटायरमेंट की खबरों के बीच कोच गंभीर से हंजी-माजक करते दिखे रोहित शर्मा, वायरल हो रहा ये वीडियो

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दोपहर 3:30 से शुरू होगा। वहीं 3 मैचों की वनडे सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। तीसरा मुकाबला जो भी जीतेगा सीरीज अपने नाम कर लेगा। वहीं तीसरे मुकाबले से पहले रोहित शर्मा और टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर लॉर्ड्स के मैदान पर हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आए। दोनों की बातचीत और मुस्कुराते हुए तस्वीरें सामने आने के बाद फैंस के बीच इसकी काफी चर्चा हो रही है।

एक साथ नजर आए गंभीर-रोहित

शनिवार 18 जुलाई को लॉर्ड्स में दोनों अलग ही अंदाज में नजर आए। रोहित शर्मा और गौतम गंभीर को स्टेडियम की बालकनी में साथ बैठकर हंसी-मजाक करते देखा गया। इस दौरान बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक भी उनके साथ मौजूद थे और भारतीय टीम का माहौल काफी सकारात्मक दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं ये वीडियो ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ दिनों से रोहित शर्मा के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ रोहित का प्रदर्शन

इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में रोहित शर्मा अब तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। शुरुआती दो मैचों में उन्होंने 11 और 26 रन बनाए। कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भी वह अच्छी लय में नहीं दिखे और 47 गेंदों पर सिर्फ 26 रन ही बना सके। जिसके बाद से उनकी हाल की पारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर, युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भारत के लिए अपने पिछले तीन मुकाबलों में दो शतक लगाकर मजबूत दावेदारी पेश की है। ऐसे में टीम में रोहित की जगह और उनके भविष्य को लेकर चर्चा और दबाव दोनों बढ़ गए हैं।

रोहित ने किया था गंभीर का सपोर्ट

रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर जारी चर्चाओं के बीच PTI की एक रिपोर्ट में उनके और मुख्य कोच गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर भी जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने ही गंभीर को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनने के लिए समर्थन दिया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान दोनों के रिश्तों में खटास आने की खबरें सामने आईं।

क्या लॉर्ड्स होगा रोहित का आखिरी वनडे?

इस बीच, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रोहित 2027 वनडे विश्व कप तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं, लेकिन सेलेक्शन कमेटी की भविष्य की योजनाओं में उन्हें शामिल नहीं माना जा रहा है। वहीं इसके बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर अब अंतिम दौर में पहुंच सकता है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच हो सकता है। वहींBCCI ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।

अहमदाबाद में भीषण हादसा, पटाखा फैक्‍टरी में विस्‍फोट, 8 मजदूरों की मौत, PM मोदी ने जताया शोक

Fire breaks out after explosion at firecracker factory in Ahmedabad

Ahmedabad Firecracker Factory Blast : गुजरात में अहमदाबाद के रामोल इलाके में शनिवार को एक पटाखा फैक्‍टरी में विस्‍फोट के बाद भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, हादसे में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 10 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया है। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। विस्फोट के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।

 

10 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल

गुजरात में अहमदाबाद के रामोल इलाके में शनिवार को एक पटाखा फैक्‍टरी में विस्‍फोट के बाद भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, हादसे में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 10 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया है। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।

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राहत और बचाव अभियान जारी

विस्फोट के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज करीब 1 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। मौके पर फायर ब्रिगेड की कई टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा दुख

इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपए और घायलों के लिए 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

मलबे में कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं

खबरों के अनुसार, फैक्‍टरी में आग इतनी तेजी से फैली कि कई मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है, जिससे राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।

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बिना लाइसेंस के चल रही थी फैक्टरी 

यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फैक्‍टरी में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं? हालांकि जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्टरी बिना लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।

Viral Video: ’74 लाख खर्च हुए, फिर भी…’ IIM से पढ़ाई करने के लिए युवक ने छोड़ी सरकारी नौकरी, कहानी हुई वायरल

भारत में सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक करियर माना जाता है। वहीं एक बार सरकारी नौकरी मिलने के बाद बहुत कम लोग इसे अपनी इच्छा से छोड़ने का फैसला करते हैं। इसी बीच एक युवक का पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक युवक ने बेहतर भविष्य और नए अवसरों की तलाश में सरकारी नौकरी छोड़कर आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई करने का रास्ता चुना। उसके मुताबिक ये फैसला उनके करियर को नई दिशा देगा और आगे चलकर अधिक बड़े मौके हासिल करने में मदद करेगा।

क्यों छोड़ी नौकरी

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए पोस्ट में अमित सोनी ने बताया कि, आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए करने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। उनके मुताबिक, सरकारी नौकरी छोड़ने और पढ़ाई पूरी करने तक इस फैसले की कुल लागत करीब 74 लाख रुपये रही। उन्होंने बताया कि ये रकम कैसे बनी, लेकिन उनका मुताबिक, उन्हें अपने इस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है और वह इसे अपने करियर के लिए सही मानते हैं। अमित सोनी पहले भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे

बताया पूरा खर्च

अमित सोनी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कहा, “करीब 74 लाख रुपये। सरकारी नौकरी छोड़ने का फैसला मेरे लिए इतना महंगा पड़ा। जिस दिन मुझे आईआईएम अहमदाबाद में दाखिला मिला, उसी दिन मैंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया।” उन्होंने बताया कि इस रकम में एमबीए की पढ़ाई पर होने वाला खर्च भी शामिल है और वह आय भी, जिसे उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ने के कारण हासिल नहीं किया।

 

सोनी के अनुसार, आईआईएम अहमदाबाद के एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम फॉर एग्जीक्यूटिव्स (PGPX) की ट्यूशन फीस 37.10 लाख रुपये है। इसके अलावा, इंटरनेशनल इमर्शन प्रोग्राम पर करीब 4.5 लाख रुपये और पढ़ाई के दौरान रहने-खाने सहित अन्य खर्चों पर लगभग 2.5 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उन्हें 9.80 लाख रुपये रिजाइन बॉन्ड के रूप में जमा करने पड़े।

20 लाख का हुआ नुकसान

इसके अलावा, सोनी ने सरकारी नौकरी छोड़ने से होने वाले ऑपर्च्युनिटी कॉस्ट का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, आईआईएम अहमदाबाद में पढ़ाई के दौरान एक साल तक नौकरी नहीं करने की वजह से उन्हें वेतन और अन्य नौकरी से मिलने वाले लाभों के रूप में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद सोनी का कहना है कि उन्हें अपने फैसले पर कभी पछतावा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नौकरी छोड़ते समय उनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था, सिर्फ अपने फैसले पर पूरा भरोसा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “सिर्फ विश्वास।” वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ये फैसला सही था, तो उन्होंने जवाब दिया, “बिल्कुल, यह पूरी तरह इसके लायक था।”

क्यों लिया ये फैसला

सोनी ने कहा कि वह अपने इस फैसले को केवल पैसों के नजरिए से नहीं देखते। उनके मुताबिक, कुछ फैसलों की असली कीमत रुपये में नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले अनुभव और भविष्य में होने वाले बदलाव से तय होती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “कुछ निवेश की कीमत लाखों रुपये से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि आप आगे चलकर क्या बनते हैं। यूनिफॉर्म से बोर्डरूम तक का यह सफर मेरे जीवन का दूसरा चैप्टर है।” इससे पहले एक इंस्टाग्राम वीडियो में भी उन्होंने बताया था कि सरकारी नौकरी छोड़कर दोबारा पढ़ाई करने का फैसला उन्होंने आरामदायक जीवन नहीं, बल्कि अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए लिया था।

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IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

हर शेयर पर ₹656 का बंपर डिविडेंड, 24 जुलाई से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर; कीमत 2 सप्ताह में 8% मजबूत

फार्मा कंपनी एबॉट इंडिया लिमिटेड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 656 रुपये का डिविडेंड देने वाली है। इस अमाउंट में 131 रुपये का स्पेशल और 525 रुपये का फाइनल डिविडेंड शामिल है। रिकॉर्ड डेट 24 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

दोनों तरह के डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। प्रपोजल पर 13 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद डिविडेंड का पेमेंट 18 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

एबॉट इंडिया ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 475 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। इसका डिविडेंड देने का अच्छा इतिहास है। कंपनी साल 2003 से लगातार डिविडेंड दे रही है। 525 रुपये प्रति शेयर, एबॉट का अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड अमाउंट है।

Abbott India का शेयर एक साल में 18 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 28013.60 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 59500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 2 सप्ताह में 8 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में करीब 18 प्रतिशत नीचे आया है। एबॉट इंडिया में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 35,280 रुपये और एडजस्टेड लो 25,164 रुपये है।

ICICI Bank Q1 Results: मुनाफे में 16% का उछाल, इनकम 5% बढ़ी; एसेट क्वालिटी और सुधरी

कंपनी की वित्तीय सेहत

एबॉट इंडिया का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,709.51 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 394.93 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ​पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 6,929 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 1,552 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी Abbott Laboratories की ​सब्सिडियरी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

तीसरे एकदिवसीय मैच से बाहर हुए ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर

वॉशिंगटन सुंदर रविवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे से बाहर हो गए हैं। भारत के इस ऑलराउंडर के पैर में गुरुवार को कार्डिफ़ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान चोट लग गई थी। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड की पारी में मैदान पर उतरकर फ़ील्डिंग भी नहीं की। उनकी गैरमौजूदगी में भारत कुलदीप यादव को प्लेइंग XI में शामिल कर सकता है।

सोफ़िया गार्डन्स में खेले गए दूसरे वनडे में वॉशिंगटन ने पांच गेंदों पर दो रन बनाए। पारी के दौरान ब्रेक में फिज़ियो उनकी जांघ पर स्ट्रैपिंग करते दिखाई दिए थे। आउट होने के बाद भी वह स्पष्ट रूप से असहज दिखे थे।
मैच के बाद भारत के बल्लेबाज़ी कोच सितांशु कोटक ने कहा, “वॉशिंगटन को मिड ऑफ़ की तरफ़ पहला रन लेते समय चोट लगी थी। मुझे लगता है कि उनकी हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट है और अगली ही गेंद पर वह आउट हो गए।”

एक समय रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की मौजूदगी में टीम के किनारे पर रहने वाले वॉशिंगटन अब तीनों फ़ॉर्मेट में भारत के अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले वनडे में विजयी छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी और उसी के साथ अपना अर्धशतक भी पूरा किया था। तीन मैचों की सीरीज़ फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है।

भारत वॉशिंगटन को उनकी बल्लेबाज़ी से मिलने वाली अतिरिक्त गहराई के कारण बेहद अहम मानता है। मौजूदा दौरे पर टीम के पास उनका सीधा विकल्प मौजूद नहीं है। दूसरे ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी और हार्दिक पंड्या पहले से ही चोटिल हैं।केएल राहुल बीमारी के कारण दूसरा वनडे नहीं खेल पाए थे और उनकी जगह इशान किशन को मौका मिला था। अगर भारत को लगता है कि वॉशिंगटन की गेंदबाज़ी के बिना भी काम चल सकता है, तो लॉर्ड्स में राहुल और किशन दोनों को एक साथ प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। अन्यथा टीम को कुलदीप यादव को मौका देना पड़ सकता है।

बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप का आईपीएल 2026 सीज़न अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद से वह सभी फ़ॉर्मेट मिलाकर भारत के पिछले 13 मैचों में सिर्फ़ एक मुकाबला ही खेल सके हैं।

अश्विन ने हाल ही में कुलदीप को पर्याप्त मौके नहीं मिलने पर बात करते हुए कहा था, “दक्षिण अफ़्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक आपको कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर तीनों की ज़रूरत होगी। पहले वनडे में अक्षर और वॉशिंगटन दोनों ने अर्धशतक लगाकर हमें जीत दिलाई। लेकिन मुझे लगता है कि भविष्य में इन दोनों में से सिर्फ़ एक के लिए ही जगह होगी। मैं चाहता हूं कि कुलदीप के साथ बेहतर व्यवहार किया जाए, क्योंकि वह मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं।”

कुलदीप भारत के लिए वनडे में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले शीर्ष 10 गेंदबाज़ों में शामिल हैं। उन्होंने 121 मैचों में 194 विकेट लिए हैं। अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में वह दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों, दोनों को अपनी गेंदों से चकमा देने की क्षमता रखते हैं। हालांकि बल्लेबाज़ी में उनकी सीमित क्षमता कई बार उनकी टीम में जगह पर भारी पड़ी है।

3 reasons to buy the Mahindra Thar and 3 to skip it

Thar

The Mahindra Thar is one of India’s most capable off-road SUVs and is available with petrol and diesel engines, rear-wheel drive and four-wheel drive options. Priced from Rs 10.32 lakh (ex-showroom), it prioritises off-road ability over outright practicality. Here are three reasons to buy the Thar and three reasons why you may want to look elsewhere.

Reasons to buy

Built for serious off-roading

Purpose-built hardware makes it exceptionally capable off road

Few SUVs at this price can match the performance of the Thar once the road ends. Its ladder-frame construction, low-range transfer case and mechanical locking differential on 4×4 variants allow it to tackle steep climbs, deep ruts and loose surfaces with confidence. Even difficult trails are handled with surprising ease, making the Thar one of the most capable off-road SUVs currently on sale.

Strong petrol and diesel engines

Both petrol and diesel engines are refined and offer strong performance

The Thar is available with three engine options. The 1.5-litre diesel (4×2 only) produces 119hp and 300Nm, while the larger 2.2-litre diesel develops 132hp and 300Nm. The 2.0-litre turbo-petrol, meanwhile, makes 152hp and 300Nm. All engines come paired with a 6-speed manual gearbox, while the 2.2-litre diesel and 2.0-litre petrol can also be had with a 6-speed torque-converter automatic.

The diesel engine stands out for its refinement and strong low-end torque, making it particularly well-suited to off-road driving. Buyers looking for stronger on-road performance, meanwhile, will appreciate the punch of the turbo-petrol engine.

Better equipped than before

Recent updates make the cabin easier to live with

The latest updates have addressed several everyday usability issues. The Thar now gets a larger 10.25-inch touchscreen, rear-view camera, rear washer and wiper, rear AC vents, Type-C charging port, revised centre console with an adjustable armrest, grab handles on the A-pillars and relocated power window switches. While these are relatively small changes individually, together they make the Thar noticeably easier to use every day.

Reasons to skip

Rear-seat access remains inconvenient

Three-door body style limits practicality

Getting into the rear seats remains one of the Thar’s biggest compromises. The front seats need to be folded and slid forward, making access inconvenient, particularly for older passengers and those travelling with children. Boot space is also limited, leaving little room for luggage when all four seats are occupied. Buyers who frequently travel with family or need a more practical everyday SUV may find five-door alternatives better suited to their needs.

Ride comfort isn’t its forte

Suspension prioritises off-road ability over comfort

The Thar’s suspension is designed primarily for off-road use and it feels bouncy over broken roads. While Mahindra has improved the setup over the years, it isn’t as settled or comfortable as most monocoque SUVs. The hydraulically assisted steering is heavier than the electrically assisted systems used by most rivals and can kick back when driving over potholes or other sharp road imperfections.

Not particularly fuel efficient

Petrol and diesel engines aren’t efficiency focused

The Thar’s engines deliver strong performance, but fuel efficiency is not one of its strengths. In our 2021 Thar road test, the petrol automatic returned 7kpl in the city and 9.3kpl on the highway. The diesel manual performed better, managing 12kpl in the city and 12.6kpl on the highway, but it still trails many similarly priced monocoque SUVs. Buyers covering high annual running may find more economical alternatives elsewhere.

Nissan Gravite petrol MT real world fuel economy tested, explained

nissan gravite at fuel station

The Gravite is essentially Nissan’s version of the Renault Triber, with some minor cosmetic tweaks. Apart from the Renault Triber, it is the only three-row MPV under 4-meters and it’s priced from Rs. 5.73 lakh (ex-showroom). We’ve put the Nissan Gravite manual through our instrumented real-world tests to see how efficient it really is.

  1. Misses an auto engine start-stop feature
  2. Has a claimed fuel efficiency of 19.3kpl
  3. Kerb weight is a light 988kg

Nissan Gravite petrol MT real-world mileage

Gets a 72hp 1.0-litre 3-cyl NA engine

Powering the Gravite is 1.0-litre, three-cylinder, naturally-aspirated petrol engine (BR10), which is also offered with the Magnite, and it makes 72hp and 96Nm. It is offered with a 5-speed manual and a 5-speed AMT automatic, the former of which we’ve tested here.

In our real-world tests, the Nissan Gravite manual returned 11.9kpl in the city and 16.5kpl on the highway, for an overall average efficiency of about 14.2kpl. While the city efficiency is decent, an auto engine start-stop feature would have boosted it further. Thanks to the taller 4th and the 5th gears, the highway efficiency is quite impressive. Ambient temperatures were also above 30degC throughout our test which affected the efficiency.

With an overall average fuel efficiency of 14.2kpl and a 40-litre fuel tank in the Gravite, one can expect a real-world range of around 560km on a tankful of petrol.

Autocar India’s fuel-efficiency testing

Before conducting our real-world fuel-efficiency tests, we fill our test cars’ tanks to the brim and maintain tyre pressures based on the manufacturer’s recommendation. These cars are then driven on fixed city and highway loops in and around Navi Mumbai, and we maintain certain average speeds. Throughout the tests, the aircon is set to fan speed 2 with temperature dialed to the lowest position, and other electricals, such as the audio system, indicators and wipers, when required – just as a regular user would. Periodic driver swaps further neutralise variations in driver patterns. At the end of each cycle, we calculate efficiency by filling the tanks to full again.

इतिहास रचने को तैयार Vikram-1: PM मोदी का हाथ से लिखा ‘वंदे मातरम’ पोस्टकार्ड भी जाएगा अंतरिक्ष

Vikram 1 Launch

Vikram 1 Launch : प्राइवेट स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस 18 जुलाई को विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'वंदे मातरम' लिखा हाथ से लिखा पोस्टकार्ड अंतरिक्ष में भेजेगा। यह भारत के पहले निजी ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट की टेस्ट उड़ान होगी, जिसमें कई टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन और विशेष पेलोड भी शामिल हैं।

 

सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में स्काईरूट एयरोस्पेस ने कहा कि इस मिशन में ले जाए जाने वाले खास पेलोड में पीएम मोदी का हाथ से लिखा संदेश भी शामिल होगा। इसके साथ ही, कंपनी की टीम, निवेशकों, नीति-निर्माताओं और दुनिया भर के शुभचिंतकों के हाथ से लिखे नोट भी इसमें शामिल होंगे।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, भारत की अंतरिक्ष यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक नया सवेरा! आज सुबह 11:30 बजे, स्काईरूट एयरोस्पेस भारत के पहले निजी तौर पर विकसित लॉन्च व्हीकल, विक्रम-1 (Vikram-1) का पहला ऑर्बिटल लॉन्च करेगा। यह चार चरणों वाला रॉकेट त्वरित और ऑन-डिमांड लॉन्च सेवाएं प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि यह मिशन हमारे युवाओं की प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता की भावना को रेखांकित करता है। यह यह भी दर्शाता है कि कैसे हमारे अंतरिक्ष-क्षेत्र के सुधार नवाचार और उद्यम के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं।

 

 सफल लॉन्च के लिए पूरी स्काईरूट एयरोस्पेस टीम को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। विक्रम-1 नई ऊंचाइयों को छुए, इतिहास रचे और नवप्रवर्तकों की एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित करे।

 

 मैं सभी भारतीयों, विशेषकर अपने युवा मित्रों से इस ऐतिहासिक मिशन को देखने और #IndiaWithVikram1 का उपयोग करके टीम स्काईरूट को सफलता की शुभकामनाएं देने का आग्रह करता हूं।

 

क्यों खास है विक्रम 1 का मिशन?

यादगार चीजों के अलावा, विक्रम-1 में कॉस्मोसर्व, डी-क्यूब्ड और स्काईरूट के अपने स्कोप से टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन पेलोड ले जाए जाएंगे। साथ ही, इसमें कॉसमॉस डायमंड्स का बनाया आर्टवर्क ‘कॉस्मिक ब्लूम’ और एक माइक्रो-आर्ट पेलोड भी होगा। विक्रम-1 स्काईरूट एयरोस्पेस का पहला ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल, भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए एक अहम उपलब्धि साबित हो सकता है। इस मिशन का मकसद देश में बने इस लॉन्च व्हीकल की क्षमताओं को दिखाना और देश के कमर्शियल स्पेस लक्ष्यों को मज़बूत करना है।