‘2047 तक विकसित भारत, हम करके दिखाएंगे’ जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर PM मोदी का बड़ा संकल्प

PM Modi: राजनीति में लंबा सफर तय करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जनसेवा में अपने 25 साल पूरे किए। इस मौके पर उन्होंने पीछे मुड़कर उपलब्धियों को याद करने के बजाय भारत के विकास के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा “2047 तक विकसित भारत, हम इसे करके दिखाएंगे!”

दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही उन्होंने देश के लोगों का लगातार भरोसा और समर्थन देने के लिए आभार भी जताया।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, “2047 तक विकसित भारत, हम इसे करके दिखाएंगे! इसके साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने, ओलंपिक की मेजबानी करने और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने जैसे लक्ष्यों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि इन लक्ष्यों को लेकर देश में जो ऊर्जा और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है, वह बेहद खास है।

प्रधानमंत्री की ये बातें तब सामने आईं जब उन्होंने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे किए। यह सफर 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद, 2014 में वे प्रधानमंत्री बने और तब से अब तक तीन कार्यकाल पूरे कर चुके हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “जब मैंने 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी इस मुकाम तक पहुंचूंगा।”

उन्होंने कहा, “आज मैंने लगातार 25 वर्षों की सेवा पूरी कर ली है। यह लोगों के निरंतर आशीर्वाद और समर्थन का परिणाम है।”

‘मैं अपने देश के लोगों के सामने सिर झुकाता हूं’

पीएम मोदी ने अपनी 25 साल की यात्रा में लोगों को सबसे अहम माना और कहा कि यह उपलब्धि उनकी अपनी कामयाबी नहीं, बल्कि नागरिकों से मिले भरोसे और आशीर्वाद का नतीजा है।

पीएम मोदी ने कहा, “मैं देश के सभी लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने देश के लोगों के सामने सिर झुकाता हूं।”

प्रधानमंत्री ने समर्थन के लिए NDA की सभी पार्टियों का भी धन्यवाद किया।

अपने राजनीतिक सफर के दौरान हुए चुनावों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने बार-बार उन्हें सेवा करने का मौका दिया।

उन्होंने कहा, “इस दौरान, चाहे विधानसभा चुनाव हों या लोकसभा चुनाव, लोगों ने मुझे अपनी सेवा करने के लिए चुना। आज मैं भारत के लोकतंत्र और संविधान को नमन करता हूं।”

प्रधानमंत्री ने उन लोगों का भी जिक्र किया जिन्होंने उनका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि उन लोगों ने उन्हें लोकतंत्र की ताकत समझने में मदद की।

उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने मेरा विरोध किया, उन्होंने मुझे लोकतंत्र की ताकत दिखाई।”

‘मेरी जिंदगी में जो कुछ भी हुआ, वह बेकार नहीं गया’

अपनी यात्रा को याद करते हुए PM मोदी ने कहा कि हर अनुभव ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है।

उन्होंने कहा, “मेरी जिंदगी में जो कुछ भी हुआ, वह बेकार नहीं गया। हर अनुभव ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनका मकसद चुनावों के जरिए मशहूर होना होता, तो वे बहुत पहले ही चुनावी राजनीति में आ सकते थे।

PM मोदी ने कहा, “अगर मैं चुनावी राजनीति में चमकना चाहता, तो मैं बहुत पहले ही राजनीति के मैदान में उतर सकता था।”

इसके बजाय, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपने नजरिए को एक मिशन और कर्तव्य के तौर पर बताया।

उन्होंने कहा, “मैं महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए जीने वाला व्यक्ति हूं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मेरा ध्यान हमेशा कर्म पर रहता है,” और साथ ही यह भी कहा, “मेरा कर्तव्य ही मेरा धर्म है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि वे 25 साल पूरे होने को कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानते।

पीएम मोदी ने कहा, “मेरे 25 साल पूरे होने का पड़ाव व्यक्तिगत नहीं है।”

श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना

दिन की शुरुआत में, प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह अवसर उनके सरकार के प्रमुख के तौर पर पहली बार कार्यभार संभालने के 25 साल पूरे होने का था।

इस कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने देश, 140 करोड़ भारतीयों और खुद के लिए प्रार्थना की है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम करने और साथी नागरिकों की सेवा करने की शक्ति और क्षमता के लिए प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में भाग लेने वाले नागरिकों को भी बधाई और शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा, “आज मैं जो कुछ भी हूं, जहां भी हूं और जिस भी भूमिका में सेवा कर रहा हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान ‘जनता जनार्दन’ का है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा की, “मेरे लिए जनता ही ईश्वर का रूप है।”

उन्होंने कहा कि करोड़ों नागरिकों का भरोसा और पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।

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IMD Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है।

8 अक्टूबर को कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?

दिल्ली में 8 अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

इसके बाद 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और यह 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 10 और 11 अक्टूबर को भी दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इन दोनों दिनों में तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

उत्तराखंड का मौसम

IMD ने उत्तराखंड के 8 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अगले पांच दिनों में मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। इस अलर्ट में देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर शामिल हैं।

इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। अगले पांच दिनों के दौरान सभी जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 4,200 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।

मौसम विभाग ने कहा कि पिछले शनिवार को राज्य से मॉनसून के लौटने के बाद मौसम में यह बदलाव आया है और अब एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) मौसम को प्रभावित कर रहा है।

हिमाचल प्रदेश का मौसम

हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राज्य में रविवार तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर का मौसम

जम्मू-कश्मीर में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने के साथ-साथ आने वाले दिनों में बारिश होने की भी संभावना है।

लद्दाख का मौसम

लद्दाख में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला हुआ रह सकता है। यहां आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। इसके अलावा कई इलाकों में बारिश भी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश का मौसम

उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है, और राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश भी हो सकती है।

हरियाणा और चंडीगढ़ का मौसम

हरियाणा और चंडीगढ़ में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने के साथ-साथ मौसम के अस्थिर रहने की उम्मीद है। और रविवार तक बारिश व आंधी-तूफान की संभावना बनी रहेगी।

पंजाब का मौसम

आने वाले दिनों में पंजाब में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है।

दक्षिण भारत का मौसम

आने वाले दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में बारिश जारी रहने की संभावना है।

IMD का ताजा अनुमान

ताजा अनुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रहेगा और अलग-अलग इलाकों में बारिश, आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

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पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

कल का मौसम: दिल्ली-NCR, पंजाब और यूपी में आंधी का अलर्ट! वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से 6 अक्टूबर को इन इलाकों में बदलेगा मौसम

Weather Update: देश भर में मानसून की औपचारिक विदाई के बीच एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम पर असर दिखाने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर के लिए जारी ताजा मौसम अलर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदलने जा रहा है। 6 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों के असर से मूसलाधार बारिश का सिलसिला कल भी जारी रहने वाला है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के पहाड़ों में 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत में एक्टिव हो रहे नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का सबसे ज्यादा असर मैदानी और पहाड़ी इलाकों के आसमान पर देखा जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक 6 अक्टूबर को दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख सहित) के अलग-अलग इलाकों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश (पूर्वी व पश्चिमी) और मध्य प्रदेश के विदर्भ व पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भी बादलों की गर्जना और बिजली चमकने का अनुमान जताया गया है।

केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण भारत के राज्यों में चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाओं की वजह से बारिश का जोर बना हुआ है। 6 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तीन राज्यों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। केरल और माहे में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के दक्षिणी आंतरिक जिलों में गरज-चमक के साथ भारी पानी गिरने के आसार हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में तेज मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 40 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम (उप-हिमालयी व गांगेय क्षेत्र) में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश के निचले और मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी पृथक स्थानों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

El Nino Impact: अक्टूबर में क्यों झुलस रही मुंबई-दिल्ली? क्या अल-नीनो है बढ़ती गर्मी की वजह, जानें

देश के कई हिस्सों से मानसून की विदाई हो चुकी है। वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में अभी भी भारी बारिश का दौर जारी है। वहीं उत्तर भारत और दक्षिण-पश्चिम से मानसून की विदाई के बाद कुछ जगहों पर जमकर गर्मी पड़ रही है। मानसून की विदाई के बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में अक्टूबर की गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं देश की राजधानी दिल्ली का भी ऐसा ही हाल है। दिल्ली में मानसून की विदाई के बाद के उमस भरी गर्मी ने लोगों को काफी परेशान किया है। वहीं आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली की हवा भी खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। आइए जानते हैं क्या अक्टूबर में पड़ रही इस गर्मी के पीछे अल-नीनो वजह है

मुंबई में पड़ेगी और गर्मी

News18 की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विभाग ने बताया कि पिछले दो दिनों में महाराष्ट्र के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है। IMD के मौसमी अनुमान में भी अक्टूबर के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा गर्मी रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में महाराष्ट्र में भी इस महीने तापमान सामान्य से ऊपर रहने की आशंका है। इसकी वजह से लोगों को गर्म मौसम का सामना करना पड़ सकता है। लोगों को तेज गर्मी और मौसम में होने वाले बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मुंबई में गर्मी का असर लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिला और तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा।

दिल्ली में बारिश का अलर्ट

दिल्ली में मानसून की विदाई के बाद से उमस भरी गर्मी से लोग काफी परेशान है। वहीं इसी बीच दिल्ली के लोगों के लिए अच्छी खबर है। आईएमडी ने दिल्ली में 6 अक्टूबर को बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान मूसलाधार बारिश हो सकती है। 6 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक रहने की चेतावनी है। बारिश होने से लोगों को उमस भर्मी से राहत मिलेगी।

क्यों बढ़ा मुंबई का तापमान

रिपोर्ट के मुताबिक, IMD की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया कि मुंबई में बढ़ी गर्मी के पीछे कई मौसम संबंधी कारण हैं। उनके अनुसार, मानसून की विदाई, समुद्र से आने वाली हवाओं के देर से चलने और मुंबई के आसपास बने एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इन स्थितियों के कारण शहर में सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। मुंबई से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो गई, जो इस सदी में दूसरी सबसे जल्दी वापसी है। मानसून के कमजोर पड़ने, बादल कम होने और हवाओं के रुख में बदलाव से मुंबई और कोंकण में गर्मी बढ़ गई है।

अल-नीनो है वजह?

IMD के अनुमान के अनुसार, नवंबर और दिसंबर के दौरान प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति और मजबूत हो सकती है। इसका असर आने वाले समय के मौसम पर पड़ सकता है और तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। वही इस बार सर्दी भी अपेक्षाकृत कम ठंडी रह सकती है। लेकिन, मौसम एक्सपर्ट के मुताबिक, फिलहाल मुंबई में बढ़ी गर्मी का सीधा कारण एल नीनो नहीं है। मौजूदा तापमान में बढ़ोतरी मुख्य रूप से मानसून की विदाई और स्थानीय मौसम की परिस्थितियों की वजह से हुई है।

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Weather Update: नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से उत्तर भारत के मौसम में खलबली! साउथ से लेकर नॉर्थ तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update: देश भर में मौसमी गतिविधियों में एक बार फिर से बेहद उतार-चढ़ाव वाला दौर दिखने की संभावना बन रही है। एक ओर जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो रही है। वहीं दूसरी ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में बड़ी हलचल पैदा करने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सोमवार 5 अक्टूबर को जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी जबकि मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के आंकड़ों की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, केरल और तटीय व आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज हुई।

उत्तर भारत में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय: जानें बारिश, बर्फबारी और आंधी का हाल

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में सक्रिय हो गया है। इसके असर से 6 से 10 अक्टूबर के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 और 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 11 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बनी रहेंगी।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 11 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 6 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में भी 6 व 7 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलेंगी।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में निचले क्षोभमंडल में कई चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है जबकि कोमोरिन क्षेत्र से तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। इनके असर से दक्षिण में मौसम काफी उग्र रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज, 5 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी दी गई है।

केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 और 10 अक्टूबर को फिर से भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 5 व 6 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी प्रणालियों का व्यापक असर बना रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 5 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 और 6 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

तटीय महाराष्ट्र में उमस भरा मौसम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 अक्टूबर को तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

डोनाल्ड ट्रंप को ये क्या हो गया है? ब्राजील को समझ लिया भारत! राष्ट्रपति चुनाव पर कर बैठे बड़ी गलती

Donald Trump India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज यानी 5 अक्टूबर को एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दुनियाभर में चर्चा में हैं। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने ब्राजील की जगह गलती से भारत का नाम लिख दिया। उन्होंने दावा किया कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट किया। फिर मतदान खत्म होने के कुछ ही समय बाद इसके नतीजे भी आ गए। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया और वोटों की गिनती पर सवाल उठाते हुए उसे भ्रष्ट बताया। यानी ट्रंप की पोस्ट में जिस चुनाव को भारत का बताया गया, वह वास्तव में ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव था।

ब्राजील में पहले चरण का रिजल्ट लगभग पूरी तरह आ चुका है। लेकिन ब्राजील के राष्ट्रपति का फाइनल चुनावी नतीजा अभी नहीं आया है। 4 अक्टूबर 2026 को पहले चरण की वोटिंग हुई थी। अब मुकाबला दूसरे चरण में पहुंच गया है। अमेरिकी चुनाव प्रणाली की आलोचना करते हुए हुई इस गलती का ऑनलाइन मजाक उड़ाया गया। इससे उनके पहले भी नाम या देश को लेकर हुई गलतियों पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

ट्रंप ने क्या लिखा?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 125 मिलियन लोगों ने आज वोट किया और मतदान खत्म होते ही उसी दिन नतीजे आ गए। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया की तुलना करते हुए दावा किया कि डेट्रॉयट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों और राज्यों में इससे काफी कम वोट होने के बावजूद नतीजे आने में कई सप्ताह लग सकते हैं। ट्रंप ने इसी पोस्ट में अमेरिकी वोटिंग सिस्टम को भ्रष्ट करार दिया। साथ ही इस पोस्ट के अंत में ट्रंप अपने नाम के साथ ‘President DJT’ लिखा।

ब्राजील में हुआ था चुनाव

ट्रंप जिस चुनाव का जिक्र कर रहे थे, वह दरअसल भारत का नहीं बल्कि ब्राजीली राष्ट्रपति चुनाव था। ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से बढ़त बनाई। न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 47 फीसदी वोट, जबकि लूला को करीब 45 फीसदी वोट मिले। पहले दौर में किसी उम्मीदवार को जरूरी बहुमत नहीं मिलने के कारण दोनों अब 25 अक्टूबर को होने वाले रनऑफ चुनाव में आमने-सामने होंगे।

फ्लावियो बोल्सोनारो ने सर्वेक्षणों को भी चौंकाया

फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं। उनका प्रदर्शन चुनाव से पहले जारी कई निजी सर्वेक्षणों के अनुमान से बेहतर रहा। ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों में लूला को करीब तीन प्रतिशत अंकों की बढ़त दिखाई जा रही थी। इगारापे इंस्टीट्यूट के सह-संस्थापक रॉबर्ट मुगाह के मुताबिक, सर्वेकर्ताओं का अनुमान काफी हद तक गलत साबित हुआ।

महंगाई, अपराध और कर्ज बने बड़े मुद्दे

ब्राजील के चुनाव में महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराध प्रमुख मुद्दे रहे। बेरोजगारी और असमानता में कमी के बावजूद लूला सरकार को महंगाई, घरेलू कर्ज और अपराध एवं गैंग गतिविधियों को लेकर लोगों की चिंताओं का सामना करना पड़ा। फ्लावियो बोल्सोनारो ने इन्हीं मुद्दों को अपने चुनाव अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया। दूसरी ओर, लूला ने कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और परिवारों के लिए नए कर्ज राहत उपायों का प्रस्ताव रखा। देश की आर्थिक स्थिति भी चुनाव में अहम मुद्दा रही। ब्राजील का सार्वजनिक कर्ज जीडीपी के 82 फीसदी से ऊपर बताया गया है। देश में आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

बोल्सोनारो परिवार को भी मिली बड़ी कामयाबी

राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ बोल्सोनारो परिवार और उसकी लिबरल पार्टी को दूसरे चुनावों में भी मजबूत सफलता मिली है। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, लिबरल पार्टी ब्राजील की सीनेट में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। चुनाव में खाली हुई 54 सीनेट सीटों में से 19 सीटें जीत ली है। हालांकि, पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। चैंबर ऑफ डेप्युटीज में भी लिबरल पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनने में सफल रही। जायर बोल्सोनारो की पत्नी मिशेल बोल्सोनारो ने ब्रासीलिया के फेडरल डिस्ट्रिक्ट में सीनेट उम्मीदवारों के बीच सबसे ज्यादा वोट हासिल किए।

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह 2030 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने पर विचार कर सकती हैं। जायर बोल्सोनारो के दूसरे बेटे कार्लोस बोल्सोनारो सांता कैटरीना राज्य में सीनेट के लिए दूसरे सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार रहे। वही, उनके सबसे छोटे बेटे 28 वर्षीय जायर रेनान बोल्सोनारो इसी राज्य से सांसद चुने गए।

Ekadashi October 2026: अक्टूबर में आएंगी इंदिरा और पापांकुशा एकादशी, जानें तारीख, मुहूर्त और पारण समय

Ekadashi October 2026: हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है, इसलिए इसे श्री हरि की कृपा पाने का सबसे सरल उपाय भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूरे साल में आने वाली 24 एकादशी तिथियों का व्रत करने वाले भक्तों पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा होती है। उनके आशीर्वाद से व्रतियों के सभी कष्ट दूर होते हैं और उन्हें बैकुंठ में स्थान प्राप्त होता है।

हर माह की तरह अश्विन माह में भी दो एकादशी व्रत किए जाते हैं इंदिरा एकादशी और पापांकुशा एकादशी। इस साल यह दोनों उपवास अक्टूबर माह में किए जाएंगे। इंदिरा एकादशी का खास महत्व है क्योंकि यह पितृ पक्ष के दौरान आती है, जब पुरखों के लिए प्रार्थना और पूजा-पाठ किए जाते हैं। यहां इंदिरा एकादशी की तारीखें, तिथि का समय और पारण की जानकारी दी गई है, साथ ही अश्विन में पापांकुशा एकादशी की तारीख भी दी गई है।

इंदिरा एकादशी 

अश्विन कृष्ण पक्ष में पितृ पक्ष मनाया जाता है और यह पुरखों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे रीति-रिवाजों से जुड़ा है। इंदिरा एकादशी इसी समय पड़ती है। माना जाता है कि इंदिरा एकादशी का व्रत रखने से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है।

इंदिरा एकादशी 2026 तारीख और समय

इस साल इंदिरा एकादशी 6 अक्टूबर को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को सुबह 2:07 बजे शुरू होगी और 7 अक्टूबर को रात 12:34 बजे खत्म होगी। हिंदू त्योहारों की तारीखें आमतौर पर सूर्योदय के समय की तिथि से तय होती हैं, इसलिए व्रत 6 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

इंदिरा एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त

वैदिक कैलेंडर के अनुसार, अश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 अक्टूबर को सुबह 2:07 बजे शुरू होगी और 7 अक्टूबर को रात 12:34 बजे खत्म होगी। भक्त 6 अक्टूबर तक पूरे दिन व्रत रख सकते हैं और दिन में भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं।

पंचांग के अनुसार सूर्योदय सुबह 6:17 बजे और सूर्यास्त शाम 6:01 बजे होगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:39 बजे से 5:28 बजे तक रहेगा, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2:06 बजे से 2:53 बजे तक रहेगा। गोधूलि बेला शाम 6:01 बजे से 6:26 बजे तक और निशिता मुहूर्त रात 11:45 बजे से 12:34 बजे तक रहेगा।

इंदिरा एकादशी 2026 पारण समय

इंदिरा एकादशी का व्रत बुधवार, 7 अक्टूबर को तोड़ा जाएगा। दिए गए समय के अनुसार, भक्त सुबह की रस्में, प्रार्थना और शास्त्रों का पाठ पूरा करने के बाद सुबह 6:17 बजे से 8:38 बजे के बीच पारण कर सकते हैं।

पापांकुशा एकादशी 2026: यह कब मनाई जाएगी?

पापांकुशा एकादशी आश्विन शुक्ल पक्ष में आती है और गुरुवार, 22 अक्टूबर, 2026 को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे शुरू होगी और 22 अक्टूबर को दोपहर 2:47 बजे खत्म होगी। इसलिए व्रत की तारीख 22 अक्टूबर है।

पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने वाले भक्तों के लिए, पारण 23 अक्टूबर को किया जाता है। पारण का सही समय जगह के हिसाब से अलग हो सकता है क्योंकि एकादशी मनाने और पारण समय की गणना स्थानीय सूर्योदय और तिथि के हिसाब से होती है।

Weather Update: मानसून की विदाई तेज लेकिन इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने मौसम को लेकर जारी की ये चेतावनी

कल का मौसम: इन राज्यों में 5 अक्टूबर को भारी बारिश-तूफान का अलर्ट; 20-22 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Weather forecast for October 5: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी पांच अक्टूबर को देश के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का अनुमान जताया है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है। कई इलाकों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं का दौर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, दिल्ली समेत उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम फिलहाल शुष्क रहने की संभावना है।

दिल्ली में कल मौसम रहेगा साफ और शुष्क

राजधानी दिल्ली में 5 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ और धूप वाला रहने का अनुमान है। IMD के मुताबिक, दिल्ली में कोई महत्वपूर्ण बारिश होने की संभावना नहीं है। इस दौरान करीब 20-22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक सूखा मौसम जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 6 से 7 अक्टूबर के बीच हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। दिल्ली में 6 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है।

यूपी में फिलहाल बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं

उत्तर प्रदेश के लिए फिलहाल मौसम विभाग ने कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की है। 5 से 9 अक्टूबर के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए IMD के नवीनतम बुलेटिन में आंधी, भारी बारिश या खराब मौसम का कोई विशेष अलर्ट नहीं है।

इन राज्यों में बारिश और गरज-चमक

उत्तर भारत के मुकाबले देश के दूसरे हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है:- 

  • केरल: गरज-चमक, मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधि कम होने की संभावना है।
  • ओडिशा: 7 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है।
  • बिहार और झारखंड: 5 अक्टूबर से छिटपुट बारिश की शुरुआत हो सकती है।
  • पूर्वोत्तर भारत: कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
  • छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा: 7 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रहने का अनुमान है।

हिमाचल-उत्तराखंड में भी बारिश के आसार

  • 5 से 7 अक्टूबर के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां लौट सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है।
  • 6 और 7 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
  • हिमाचल प्रदेश के लिए 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान

  • दक्षिण भारत में बारिश का दौर अभी जारी रहेगा। केरल और माहे में 7 अक्टूबर तक व्यापक बारिश होने की संभावना है।
  • 5 और 6 अक्टूबर को केरल और माहे में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
  • वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
  • आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और यनम तथा रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

मानसून की विदाई जारी

  • देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है। IMD के मुताबिक, मानसून उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों से विदा हो चुका है।
  • अगले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तथा तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।
  • महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो चुकी है। IMD के अनुसार राज्य के 36 में से 20 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

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IMD Weather Update October 4: मौसम का आज बदलेगा मिजाज! इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

IMD Weather Update October 4: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जताया है। केरल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के भी कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने वाला है। IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

दिल्ली-NCR में अभी सूखा मौसम, 6-7 अक्टूबर को बारिश के आसार

दिल्ली में आज मौसम मुख्य रूप से शुष्क और धूप वाला रहने की संभावना है। राजधानी में फिलहाल कोई बड़ी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इस दौरान करीब 20-22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, 6 और 7 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश हो सकती है। यानी दिल्ली-NCR के लोगों को सप्ताह के मध्य में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

यूपी में फिलहाल बारिश का अलर्ट नहीं

उत्तर प्रदेश में भी फिलहाल मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। राज्य में अगले कुछ दिनों के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है। IMD के ताजा चेतावनी बुलेटिन के अनुसार, 4 से 9 अक्टूबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। राज्य में शनिवार को भी गरज-चमक, भारी बारिश या किसी अन्य गंभीर मौसम की स्थिति का अलर्ट नहीं है।

ओडिशा, बिहार और झारखंड में बारिश

उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में जहां मौसम शुष्क रहने वाला है। वहीं, पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ओडिशा में 7 अक्टूबर तक कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है। वहीं, बिहार और झारखंड में 5 अक्टूबर से छिटपुट बारिश शुरू हो सकती है।

पूर्वोत्तर में गरज-चमक और भारी बारिश के आसार

पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बिजली गिरने और बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। इस क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां 7 अक्टूबर तक जारी रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी 7 अक्टूबर तक कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है।

केरल में तेज हवाओं के साथ बारिश

केरल में मौजूदा बारिश का दौर जारी रहेगा। यहां गरज-चमक, मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि, अगले दो-तीन दिनों में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। IMD ने 4 से 6 अक्टूबर के बीच केरल और माहे में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश

IMD ने उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश के नए दौर का अनुमान जताया है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 6 और 7 अक्टूबर को कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। हालांकि, 3 से 5 अक्टूबर के बीच पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारी

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। केरल और माहे में 7 अक्टूबर तक व्यापक स्तर पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 2 से 5 अक्टूबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

मानसून की वापसी का दौर जारी

देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है। IMD के मुताबिक, आने वाले दिनों में उत्तर और मध्य भारत के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी हो सकती है। हालांकि, मानसून की विदाई के बावजूद दक्षिण, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।

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