कंडोम बनाने वाली कंपनी का शेयर आज बना रॉकेट, 6 महीने में निवेशकों का पैसा तीन गुना किया

क्यूपिड के शेयरों को 23 सितंबर को पंख लग गए। कंपनी का शेयर 6.60 फीसदी चढ़कर 275.25 रुपये पर बंद हुआ। इसकी वजह वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शानदार प्रदर्शन है। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम 93 फीसदी बढ़कर 391 करोड़ रुपये रही। टैक्स बाद प्रॉफिट (पीबीटी) 165 फीसदी बढ़कर 108 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने 22 सितंबर को नतीजों का ऐलान किया, जिसका असर 23 सितंबर को शेयर पर पड़ा।

आज शेयरों में दिखी जबर्दस्त तेजी 

Cupid के शेयर 23 सितंबर को मजबूत खुले। लेकिन, कुछ देर बाद गिरावट दिखी। फिर शेयरों को जैसे पंख लग गए। कंपनी का जून तिमाही में भी प्रदर्शन अच्छा रहा। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 44 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 15 करोड़ था। कंपनी ने अपने एक्सपोर्ट पोर्टफोलियो की कीमतें कम से कम 10 फीसदी बढ़ाई है।

कंपनी की ऑर्डर बुक काफी स्ट्रॉन्ग

यह कंपनी पुरुषों के लिए कंडोम, महिलाओं के लिए कंडोम, ल्यूब्रिकेंट्स और डायग्नॉस्टिक किट्स सहित कई तरह के प्रोडक्ट्स बनाती है। यह महाराष्ट्र की कंपनी है। यह 100 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट्स का निर्यात करती है। कंपनी की ऑर्डर बुक काफी स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से कंपनी ने FY27 के रेवेन्यू गाइडेंस को बढ़ाकर 750 करोड़ और प्रॉफिट गाइडेंस को 225 करोड़ किया है।

छह महीने में निवेशकों का पैसा तीन गुना 

कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल किया है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने निवेशकों का पैसा तीन गुना से ज्यादा किया है। इस साल 23 मार्च को इस शेयर का प्राइस 80 रुपये था। अभी प्राइस 275 रुपये है। इसका मतलब है कि अगर आपने इस शेयर में इस साल मार्च में 1 लाख रुपये लगाया होता तो आपका पैसा बढ़कर 3 लाख रुपये से ज्यादा हो गया होता। बीते छह महीनों में शेयर बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा है।  इस दौरान निफ्टी करीब 4 फीसदी चढ़ा है। सेंसेक्स 2.93 फीसदी चढ़ा है।

यह भी पढ़ें: Stock in Focus: सरकारी डिफेंस कंपनी को ₹810 करोड़ का ऑर्डर मिला, वायुसेना के लिए हथियार बनाएगी

23 सितंबर को शेयर बाजार में दिखी रिकवरी

23 सितंबर को शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.50 फीसदी यानी 117.80 प्वाइंट्स चढ़कर 23,446 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.40 फीसदी यानी 299 अंक के उछाल के साथ 74,828 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

NPS Swasthya scheme: इन 10 सवाल और जवाब के जरिए आसानी से समझें क्या है एनपीएस स्वास्थ्य स्कीम

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने एनपीएस स्वास्थ्य स्कीम के नए नियम पेश कर दिए हैं। इस स्कीम को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। आखिर यह स्कीम क्या है, इस स्कीम में निवेश के क्या फायदे हैं, यह स्कीम किसके लिए हैं? आइए ऐसे सभी सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

एनपीएस स्वास्थ्य क्या है?

एनपीएस स्वास्थ्य एक एनपीएस स्कीम है, जिसका मकसद एक रिटायरमेंट फंड तैयार करने के साथ ही इनवेस्टर को हेल्थ इंश्योरेंस और हेल्थ से संबंधित सर्विसेज ऑफर करना है।

एनपीएस स्वास्थ्य का फायदा कौन उठा सकता है?

ऐसा कोई व्यक्ति जो एनपीएस का सब्सक्राइबर बन सकता है, वह एनपीएस स्वास्थ्य का भी फायदा उठा सकता है। इस बारे में पीएफआरडीए की गाइडलाइंस में सभी शर्तों के बारे में विस्तार से बताया गया है।

क्या हेल्थ इंश्योरेंस अनिवार्य है?

हां, एनपीएस स्वास्थ्य के दो पार्ट्स हैं। इनमें एनपीएस स्वास्थ्य इनवेस्टमेंट अकाउंट और एक एक सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी शामिल है। इंश्योरेंस पॉलिसी लेना अनिवार्य है।

इसमें शुरुआत में कम से कम कितना कंट्रिब्यूशन जरूरी है?

शुरुआती कंट्रिब्यूशन में पहले साल का इंश्योरेंस प्रीमियम, हेल्थ बेनेफिट एडमिनिस्ट्रेटर के लिए 200 रुपये का सालाना मेंटेनेंस चार्ज, अप्लिकेबल टैक्स और एनपीएस स्वास्थ्य अकाउंट में 1000 रुपये का निवेश शामिल है।

बाद में कम से कम कितना कंट्रिब्यूशन करना होगा?

बाद में कम से कम 10 रुपये का कंट्रिब्यूशन जरूरी है। कंट्रिब्यूशंस का इनवेस्टमेंट पीएफआरडीए की गाइडलाइंस के तहत किया जाएगा।

क्या सब्सक्राइबर इलाज के खर्च के लिए पैसे निकाल सकता है?

सब्सक्राइबर एलिजिबल हेल्थकेयर एक्सपेंसेज के लिए कुछ पैसे निकाल सकता है। इसमें एलिजिबल आउटपेशेंट और इनपेंशेंट एक्सपेंसेज शामिल हैं। एनपीएस स्वास्थ्य अकाउंट में किए गए कुल कंट्रिब्यूशन के 25 फीसदी से ज्यादा निकालने की इजाजत नहीं होगी।

सब्सक्राइबर कितनी बार हेल्थकेयर के लिए पैसे निकाल सकता है?

पैसे निकालने (partial withdrawal) की संख्या की कोई लिमिट तय नहीं की गई है। पहली बार या उसके बाद पैसे निकालने के लिए कोई वेटिंग पीरियड भी तय नहीं की गई है। हालांकि, कितना पैसा निकाला जा सकता है, इसकी जो लिमिट तय है वह लागू होगी। पैसा सीधे सब्सक्राइबर को देने की जगह हॉस्पिटल या हेल्थकेयर प्रोवाइडर को दी जाएगी।

हेल्थ इंश्योरेंस के तहत कौन-कौन कवर होगा?

स्टैंडर्ड पॉलिसी में फैमिली फ्लोटर के तहत सब्सक्राइबर, पत्नी/पति और दो तक आश्रित बच्चे कवर होंगे। स्कीम में एंट्री की उम्र 18 से 70 साल है। पॉलिसी के नियम और शर्तों के मुताबिक, इसे 85 साल तक रिन्यू किया जा सकता है।

इंश्योरेंस कवर के विकल्प क्या है?

स्टैंडर्ड पॉलिसी फैमिली फ्लोटर के तहत 1 लाख रुपये, 5 लाख रुपये, 10 लाख रुपये और 30 लाख रुपये के सम एश्योर्ड (कवर) के विकल्प उपलब्थ हैं। इसके हिसाब से कुल सालाना डिडक्शंस 10,000 रुपये, 50,000 रुपये, 1 लाख रुपये और 3 लाख रुपये होंगे।

यह भी पढ़ें: शेयर, सोना और बैंक एफडी, इनमें निवेश का इनवेस्टर्स का आखिरी मकसद क्या है?

एनपीएस स्वास्थ्य में इंश्योरेंस प्रीमियम कैसे काम करेगा?

इंश्योरेंस प्रीमियम बीमा कंपनी की तरफ से IRDAI के फ्रेमवर्क के तहत तय किया जाएगा। इसका अमाउंट सब्सक्राइबर की एंट्री-एज बैंड पर निर्भर करेगा, जिसमें 18-40 साल, 40 से 60 साल और 60-70 साल के बैंड शामिल होंगे। पहले साल का प्रीमियम टैक्स के साथ अपफ्रंट चुकाना होगा। यह न्यूनतम शुरुआती कंट्रिब्यूश का हिस्सा होगा। रिन्यूअल के समय प्रीमियम का पेमेंट एनपीएस स्वास्थ्य कॉर्पस से किया जा सकता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के कमजोर पड़ने के संकेत, 23600 के ऊपर टिकने पर निफ्टी में आ सकती है और तेजी

Trade setup for today : 21 सितंबर को निफ्टी ने 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ हफ्ते की शुरुआत की और लगातार चौथे सेशन में भी तेजी बनाए रखी। इसे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी सुधार दिखा और मंदी का रुझान कम हुआ। हालांकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा,जो इसके कमजोर स्ट्रक्चर का संकेत है। मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि आगे निफ्टी को 23,500-23,600 के दायरे में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है,जबकि 23,600 के ऊपर मजबूती दिखाने पर और बढ़त की गुंजाइश बन सकती है। बाजार जानकारों के मुताबिक,नीचे की तरफ 23,300 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है और उसके बाद 23,000 का लेवल अहम सपोर्ट का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23,414) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,457, 23,493 और 23,551

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,341, 23,305 और 23,247

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई,लेकिन यह 15 सितंबर की लंबी रेड कैंडल के दायरे में ही रही। यह सीमित दायरे में हो रही ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट से लेकर लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा। हालांकि मोमेंटम इंडिकेटर्स ने बेयरिश मोमेंटम में कमी दिखाई। RSI बढ़कर 37.54 पर पहुंच गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। MACD ऊपर तो गया लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा,जबकि हिस्टोग्राम की कमजोरी लगातार चौथे सेशन में कम हुई। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।

बैंक निफ्टी (56,471) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,622, 56,716 और 56,868

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,317, 56,223 और 56,071

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपरी शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई,लेकिन यह 15 सितंबर की लंबी रेड कैंडल के दायरे में ही रही। इससे पता चलता है कि रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच ऊंचे लेवल पर दबाव होने के बावजूद इसमें पॉजिटिव रुझान बना हुआ है। बैंक निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा,जबकि पॉजिटिव क्रॉसओवर के बाद RSI बढ़कर 44.62 पर पहुंच गया,हालांकि यह अभी भी 50 के लेवल से नीचे ही है। लाल हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सेशन में भी घटता रहा, जबकि MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे बनी रही। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का रुझान धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है,हालांकि बड़ा ट्रेंड अभी भी सावधानी वाला बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

21 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹576 करोड़ के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान ₹2,800 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

वोलैटिलिटी इंडेक्स,India VIX कल लगातार चौथे सेशन में गिरा और एक और अपने शॉर्ट-टू-मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो बुल्स के लिए राहत का संकेत है। सोमवार को वोलैटिलिटी इंडेक्स 1.43 प्रतिशत गिरकर 11.22 पर आ गया। 12 के जोन से नीचे बने रहने से बुल्स को राहत मिल सकती है और मार्केट को स्थिर रहने में मदद मिल सकती है।

Market Technicals: मंदी का रुझान धीरे-धीरे हो रहा कम, निफ्टी में खुल सकता है 24000 की तरफ रैली का रास्ता

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 21 सितंबर को बढ़कर 1.2 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.06 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अगले हफ्ते इन दो शेयरों में कमाई का मौका, SBI सिक्योरिटीज ने दी दांव लगाने की सलाह

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निक्ल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का मानना है कि बाजार में तेजी के लिए निफ्टी का 23,500-23,600 को क्रॉस करना और इस लेवल से ऊपर टिके रहना जरूरी है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने शेयर बाजार के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें बताईं।

इन दो शेयरों में कमाई के बड़े मौके 

शाह का मानना है कि अगले हफ्ते Electronics Mart India (EMIL) और Lumax Auto Technologies (LAT) के शेयरों में कमाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि बीते 4 हफ्तों से EMIL के शेयर में 197-168 की रेंट में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। इस स्टॉक को स्ट्रॉन्ग वॉल्यूम का सपोर्ट मिल रहा है। डेली और वीकली चार्ट आधार पर इसमें सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेडिंग हो रही है। वीकली चार्ट पर बढ़ते ADX से बुलिश ट्रेंड का संकेत मिलता है।

इस वजह से शेयरों में दिख सकती है तेजी

Lumax Auto Technologies (LAT) के बारे में उन्होंने कहा कि इस शेयर में 11 अगस्त से ही 2,149-1,894 की रेंज में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। हाल में 34-डे EMA ने स्टॉक के लिए डायनेमिक सपोर्ट के रूप में सामने आया है। 2,085-1,110 के जोन में इस शेयर में निवेश बढ़ाया जा सकता है। इसमें 2,025 पर स्टॉपलॉस लगाना होगा। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ओसिलेटर्स से इस शेयर के ब्रेकआउट के बाद तेजी दिखाने के संकेत हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का आउटलुक पॉजिटिव

Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 सूचकांकों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, अभी सावधानी बरतनी होगी। इस हफ्तों दोनों ही सूचकांकों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लेकिन, लोअर लेवल पर अच्छी खरीदारी भी दिखी। इससे यह संकेत मिलता है कि इनवेस्टर्स लो लेवल पर शेयरों में निवेश में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Stock to buy: इस फार्मा कंपनी का शेयर रॉकेट बन सकता है, बर्नस्टीन ने दी ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग

लोअर लेवल पर दिख रही खरीदारी

शाह ने कहा कि लगातार तीन हफ्ते गिरने के बाद निफ्टी मिडकैप 100 में स्थिरता के संकेत दिखे हैं। खास बात यह है कि इंडेक्स ने फिर से 100-डे और 200-डे EMA को क्लेम किया है। RSI भी कमजोर लेवल से इम्प्रूवमेंट दिखा रहा है। उधर, Nifty Smallcap 100 में रिलेटिव स्ट्रेंथ दिख रहा है। वीकली चार्ट पर लोअल लॉन्ग शैडो बना है और यह अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर बना हुआ है। इससे लोअर, लेवल पर स्ट्रॉन्ग डिमांड का संकेत मिलता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stock to buy: इस फार्मा कंपनी का शेयर रॉकेट बन सकता है, बर्नस्टीन ने दी ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग

Stock to buy: शेयर बाजार में सेंटिमेंट कमजोर है। इसके बावजूद कुछ ऐसे शेयर हैं, जिनमें पैसे लगाने के अच्छे मौके दिख रहे हैं। इनमें एक फार्मा कंपनी का भी शेयर शामिल है। इस कंपनी का नाम जायडस लाइफसाइंसेज है। 18 सितंबर को इस शेयर का प्राइस 1.99 फीसदी चढ़कर 1,157.70 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 32 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

ब्रोकरेज फर्म ने दिया 1475 रुपये का टारगेट प्राइस

विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन (Bernstein) ने Zydus Lifesciences के शेयर पर आउटपरफॉर्मिंग की रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 1,457 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर अपने करेंट प्राइस से करीब 27 फीसदी चढ़ सकता है। शेयर बाजार में कमजोरी के बीच भी इसका प्रदर्शन अच्छा रह सकता है।

 Usnoflast से खुल सकता है बड़ा कारोबारी मौका

बर्नस्टीन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नोवार्टिस ने 16 सितंबर को एमोट्रोफिक लैटरल स्केलरोसिस (ALS) के लिए VHB937 को जारी नहीं रखने का फैसला लिया है। इससे जायडस लाइफसाइंसेज के Usnoflast के लिए कारोबारी संभावनाएं बढ़ गई हैं। Usnoflast अलग बायोलॉजिकल पैथवे का इस्तेमाल करता है। ब्रोकरेज फर्म को इस प्रोडक्ट के सफल रहने की उम्मीद है।

19 एनालिस्ट्स ने दी है शेयर खरीदने की सलाह

Usnoflast के ALS के ओरल ट्रीटमेंट में कारगर रहने की जांच चल रही है। जायडस लाइफसाइंसेज को कवर करने वाले 34 एनालिस्ट्स में से 19 एनालिस्ट्स ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। 9 एनालिस्ट्स ने ‘होल्ड’ यानी शेयर को अपने पास बनाए रखने की सलाह निवेशकों को दी है। छह एनालिस्ट्स ने इस शेयर को बेचने की सलाह दी है। इसका मतलब है कि ज्यादातर एनालिस्ट्स की राय इस शेयर को लेकर पॉजिटिव है।

यह भी पढ़ें: Stocks to buy: जोरदार रिटर्न के लिए इन 5 दमदार स्टॉक्स पर लगा सकते हैं दांव

बीते छह महीनों में 32 फीसदी चढ़ा शेयर 

निफ्टी फार्मा इंडेक्स बीते छह महीनों में 19.17 फीसदी चढा है, जबकि जायडस लाइफसाइंसेज का शेयर इस दौरान 32 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। निफ्टी इस दौरान नाममात्र यानी 0.33 फीसदी चढ़ा है, जबकि सेंसेक्स में इस दौरान 0.61 फीसदी तेजी आई है। कमजोर बाजार में भी जायडस लाइफसाइंसेज ने निवेशकों अच्छा रिटर्न दिया है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stocks to buy: जोरदार रिटर्न के लिए इन 5 दमदार स्टॉक्स पर लगा सकते हैं दांव

शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट का खराब असर निवेशकों पर पड़ा है। खासकर नए निवेशक तो अब बाजार में एंट्री करने से घबरा रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह निवेशक करने का सही समय है, क्योंकि कई दिग्गज शेयरों की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। ब्रोकरेज फर्म सैमको सिक्योरिटीज ने खासकर नए निवेशकों के लिए कुछ खास शेयरों की लिस्ट तैयार की है। इन शेयरों में निवेश से अच्छी कमाई हो सकती है।

अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर लंबी रेस का घोड़ा

इस लिस्ट का पहला स्टॉक अदाणी एंटरप्राइजेज है। यह अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। इसका मतलब है कि समूह के कई महत्वपूर्ण बिजनेसेज इस कंपनी के तहत आते हैं। यह शेयर 18 सितंबर को 1.94 फीसदी गिरकर 2,980 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी लौटने का मिलेगा फायदा

एक्सिस बैंक इस लिस्ट का दूसरा स्टॉक है। यह शेयर 18 सितंबर को 0.41 फीसदी चढ़कर 1,245 रुपये पर बंद हुआ। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है, क्योंकि प्राइवेट बैंकों के मुकाबले निवेशकों ने सरकारी बैंकों के शेयरों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है।

बजाज ऑटो को मिलेगा फेस्टिव सीजन का फायदा 

दोपहिया और तीन-पहिया बनाने वाली दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो इस लिस्ट की तीसरी कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर 0.12 फीसदी गिरकर 11,486 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते छह महीने में यह शेयर करीब 24 फीसदी चढ़ा है। कंपनी को त्योहारी सीजन का बड़ा फायदा मिल सकता है। देश में धनतेरस और दीवाली के मौके पर टू-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स खरीदना शुभ माना जाता है।

डिफेंस स्टॉक्स में तेजी का फायदा बीईएल को मिलेगा

डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स इस लिस्ट का चौथा स्टॉक है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 18 सितंबर को 397 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 10 फीसदी से ज्यादा गिरा है। कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। इसके अलावा डिफेंस पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

टेलीकॉम कंपनी ने बढ़ाया वैल्यू एडेड सर्विसेज पर फोकस

दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल भी इस लिस्ट में शामिल है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ। बीते छह महीने में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है। वैल्यू एडेड सर्विसेज पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stock to Buy: रॉकेट बन सकता है इस कंपनी का शेयर, जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

Stock to Buy: शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट के बीच अगर आप किसी मुनाफे वाले शेयर की तलाश में हैं तो आप हिताची एनर्जी इंडिया के शेयर के बारे में सोच सकते हैं। विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। 17 सितंबर को शेयरों में तेजी दिखी। शेयर 3.31 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

50 फीसदी से ज्यादा चढ़ सकता है शेयर 

जेफरीज ने हिताची एनर्जी इंडिया के शेयर के लिए 45,790 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से यह शेयर करीब 50 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने हिताची पर अपनी रिपोर्ट में कई बातें बताई हैं। उसने कहा है कि हिताची के मैनेजमेंट को भरोसा है कि भारत में पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन (T&D) पर निवेश बढ़ रहा है। इस सेगमेंट में अगले कई सालों तक बिजनेस के बड़े मौके बने रहेंगे।

सर्विसेज पर फोकस बढ़ाने का मिलेगा फायदा

ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी रेवेन्यू में अपनी सर्विसेज की हिस्सेदारी बढ़ा रही है। इससे आगे ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। उसने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BEES) और डेटा सेंटर्स के क्षेत्र में भी कंपनी के लिए बड़े कारोबारी मौके बताए हैं। जेफरीज का मानना है कि FY26-29 के दौरान कंपनी की अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट 54 फीसदी रह सकता है।

शेयर ने सिर्फ तीन साल में पैसा सात गुना किया

हिताची एनर्जी इंडिया के शेयरों ने निवेशकों को मालामाल किया है। सिर्फ तीन साल में इस शेयर ने निवेशकों का पैसा सात गुना से ज्यादा किया है। 22 सितंबर, 2023 को इस शेयर का प्राइस 4,183 रुपये था। अब कीमत 31,200 रुपये चल रही है। यह तीन साल में 625 फीसदी से ज्यादा रिटर्न है। इसका मतलब है कि अगर आपने तीन साल पहले हिताची के शेयर में एक लाख रुपये निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 7 लाख रुपये से ज्यादा हो गया होता।

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन कमजोर

बीते तीन सालों में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों का रिटर्न ज्यादा नहीं रहा है। निफ्टी ने इस दौरान 15.45 फीसदी का रिटर्न दिया है। सेंसेक्स ने इस दौरान 9.83 फीसदी का रिटर्न दिया है। इसका मतलब है कि बाजार के कमजोर प्रदर्शन के बीच भी हिताची एनर्जी इंडिया के शेयरों का प्रदर्शन जोरदार रहा है।

यह भी पढ़ें: Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को 5 साल का एक्सटेंशन मिलने से टाटा ग्रुप के शेयरों को लगे पंख

17 सितंबर को भी बाजार पर दबाव 

भारतीय शेयर बाजारों में खासकर बीते दो सालों से काफी ज्यादा दबाव दिख रहा है। 17 सितंबर को भी बाजार के प्रमुख सूचकांकों में काफी उतार चढ़ाव दिखा। आखिर में सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जबकि निफ्टी हल्की मजूबती के साथ क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

इस साल 27% चढ़ा है इस डिफेंस कंपनी का शेयर, क्या अभी निवेश करने पर होगी मोटी कमाई?

जेन टेक्नोलॉजीज डिफेंस सिमुलेशन और एंट्री-ड्रोन सॉल्यूशंस ऑफर करती है। सरकार डिफेंस पर खर्च बढ़ा रही है। इसके अलावा अगली पीढ़ी के वारफेयर सिस्टम्स की मांग बढ़ रही है। इसका फायदा जेन टेक्नोलॉजी को मिलेगा। कंपनी एयर फोर्स सिमुलेटर मार्केट में उतरी है। एंटी-ड्रोन सेगमेंट में भी कंपनी के लिए बड़े मौके है। कंपनी अमेरिकी बाजार में बिजनेस का विस्तार कर रही है। इससे मीडियम और लॉन्ग टर्म में कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

1239 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक जून तिमाही में

Zen Technologies की कंसॉलिडेटेड ऑर्डर बुक 30 जून, 2026 को 1,239 करोड़ रुपये की थी। FY26 की मार्च तिमाही के अंत में ऑर्डर बुक 1,336 करोड़ रुपये की थी। तिमाही दर तिमाही आधार पर ऑर्डर बुक में गिरावट की वजह जून तिमाही में बेहतर एग्जिक्यूशन है। कंपनी की ऑर्डर बुक में इक्विपमेंट ऑर्डर की हिस्सेदारी 921 करोड़ है, जबकि 318 करोड़ रुपये के ऑर्डर AMC के हैं।

मार्च तक 2700 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक की उम्मीद

कंपनी नए ऑर्डर्स के लिए 700-800 करोड़ रुपये के सिमुलेटर ऑर्डर्स पर विचार कर रही है। कंपनी को FY27 के अंत तक ऑर्डर बुक करीब 2,500 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है। एंटी-ड्रोन सिस्टम की बढ़ती मांग का फायदा भी कंपनी को मिलेगा। घरेलू बाजार के साथ ही कंपनी मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, साऊथईस्ट एशिया और CIS देशों में बिजनेस का विस्तार कर रही है। कंपनी की नजरें EU और नॉर्थ और साऊथ मार्केट्स पर भी हैं।

जून तिमाही में रेवेन्यू के मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन 

जून तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में साल दर साल आधार पर 10.5 फीसदी गिरावट आई। EBITDA साल दर साल आधार पर 40.2 फीसदी घटकर 39 करोड़ रुपये रह गया। इसका असर कंपनी के टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) पर पड़ा, जो करीब 34 करोड़ रुपये रहा। सितंबर तिमाही में ऑर्डर एग्जिक्यूशन की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।

कपैसिटी बढ़ाने के लिए अधिग्रहण पर विचार

अगले दो साल तक कंपनी की ग्रोथ में सिमुलेटर्स और एंट्री-ड्रोन सिस्टम्स का बड़ा हाथ रह सकता है। इंटरसेप्टर ड्रोन, हार्ड-किल सिस्टम्स, रोबोटिक्स, ऑटोनोमस व्हीकल्स और इंटिग्रेटेड स्मार्ट बॉर्डर सॉल्यूशंस से भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए अधिग्रहण पर भी विचार कर रही है। इससे रेवेन्यू का स्रोत भी बढ़ेगा।

यह भी पढ़ें: BSE का शेयर एनएसई के आईपीओ के ऐलान से 3% फिसला, क्या यह इसे खरीदने का सही मौका है?

52 हफ्ते के हाई से शेयर 14.5 फीसदी नीचे

Zen Technologies का शेयर 11 सितंबर को 1.25 फीसदी गिरकर 1,728.10 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 27 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। कंपनी का शेयर इस साल 19 अगस्त को 2,044 रुपये पर पहुंच गया था, जो इसका 52 हफ्ते का सबसे ज्यादा प्राइस है। अभी इस लेवल से यह करीब 14.5 फीसदी नीचे है। सरकार के डिफेंस इक्विपमेंट के इंपोर्ट पर निर्भरता घटाने और एक्सपोर्ट बढ़ाने पर फोकस का फायदा जेन टेक्नोलॉजीज को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

EPF Calculator: पीएफ से भी बनाया जा सकता है एक करोड़ रुपये का फंड! जानिए इसके लिए मंथली कितना करना होगा इन्वेस्टमेंट

एंप्लॉयी प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) की मदद से बड़ा रिटायरमेंट फंड बन सकता है। यह लंबी अवधि का निवेश है, जिससे पैसे को बढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। लंबे समय तक नियमित रूप से निवेश करने पर ईपीएफ का रिटर्न बहुत अच्छा रहता है। सिर्फ प्राइवेट नौकरी करने वाले एंप्लॉयीज ईपीएफ के दायरे में आते हैं।

हर महीने ईपीएफ में करीब 10,750 रुपये का निवेश करीब 20-25 साल तक करने पर करीब 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाता है। इस कैलकुलेशन में सालाना इंटरेस्ट रेट 8.25 फीसदी माना गया है। अगर एंप्लॉयी हर महीने वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) में भी हर महीने 6,000 रुपये का निवेश करता है तो 24-25 साल में करीब 1.58 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो सकता है।

यह ध्यान में रखना जरूरी है कि करियर में ब्रेक होने का असर ईपीएफ के फंड पर पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि करियर ब्रेक की वजह से ईपीएफ में हर महीने होने वाला कंट्रिब्यूशन रुक जाता है। इसका असर लंबी अवधि में कंपाउंडिंग के फायदे पर पड़ता है।

ईपीएफओ के नियम के तहत, एंप्लॉयीज ईपीएफ में अपनी बेसिक सैलरी का 12 फीसदी हर महीने कंट्रिब्यूट करता है। एंप्लॉयर भी 12 फीसदी कंट्रिब्यूशन एंप्लॉयी के ईपीएफ में हर महीने करता है। इसका 8.33 फीसदी एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) में जाता है और 3.67 फीसदी ईपीएफ में जाता है।

क्लासिस लॉ में एसोसिएट मयंक पराशर ने इसे एक उदाहरण की मतलब से समझाया। उन्होंने कहा कि ऐसा एक एंप्लॉयी है जो लगातार 25 साल तक नौकरी करता है। उसका ईपीएफ में मंथली कंट्रिब्यूशन 10,750 रुपये है। उसका ईपीएफ फंड 24-25 सालों में सालाना 8.25 फीसदी इंटरेस्ट रेट से बढ़कर करीब 1 करोड़ रुपये हो जाएगा। इस कैलकुलेशन में यह माना गया है कि एंप्लॉयी के मंथली कंट्रिब्यूशन में कोई बदलाव नहीं होता है।

epf1

करियर में ब्रेक का असर

पराशर ने कहा, “करियर में ब्रेक का असर ईपीएफ में पहले से जमा फंड पर नहीं पड़ेगा। लेकिन, ब्रेक के दौरान कंट्रिब्यूशन रुकने का असर रिटायरमेंट फंड पर पड़ेगा।” इसका मतलब है कि अगर एंप्लॉयी 3 साल का करियर ब्रेक लेता है तो उस दौरान ईपीएफ में कंट्रिब्यूशन रुक जाएगा। इसका असर लंबी अवधि में कंपाउंडिंग बेनेफिट पर पड़ेगा।

पराशर ने इसे भी एक उदाहरण की मदद से समझाया। उन्होंने कहा कि हम मान लेतें है कि एंप्लॉयी 25 साल की जगह सिर्फ 22 साल कंट्रिब्यूशन करता है। उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में उसका ईपीएफ फंड करीब 76.6 लाख रुपये होगा। इसका मतलब है कि करियर ब्रेक की वजह से फंड करीब 24.9 लाख रुपये घट जाता है।”

उन्होंने कहा कि करियर ब्रेक के दौरान न सिर्फ कंट्रिब्यूशन रुक जाता है बल्कि कंट्रिब्यूशन पर मिलने वाला इंटरेस्ट और कंपाउंडिंग बेनेफिट भी नहीं मिलता है। इसे हम नीचे टेबल की मदद से समझ सकते हैं।

epf 2

VPF की मदद से बना सकते हैं बड़ा फंड

एंप्लॉयी के करियर में अगर कोई ब्रेक नहीं होता है और वह अगर वीपीएफ में हर महीने अतिरिक्त 6000 रुपये का कंट्रिब्यूशन करता है तो ईपीएफ में हर महीने का कंट्रिब्यूशन बढ़कर 16,750 रुपये हो जाता है। इससे 25 साल में उसके लिए करीब 1.58 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाता है।

epf3

इस उदाहरण से पता चलता है कि नियमित रूप से कंट्रिब्यूशन होने पर ईपीएफ बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार करने में मदद कर सकता है। अगर आप वीपीएफ के जरिए अतिरिक्त कंट्रिब्यूशन कर सकते हैं तो आपके लिए और बड़ा फंड तैयार हो जाता है। लेकिन, करियर ब्रेक की वजह से रिटायरमेंट फंड का आकार कम हो जाता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: सोने में निवेश रोकने की नहीं करें भूल, कोटक म्यूचुअल फंड ने बताई इसकी वजह

Nifty 23500 के नीचे फिसला, क्या शेयर बाजार में आने वाली है बड़ी गिरावट?

शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। इससे बाजार के प्रमुख सूचकांक बीते तीन महीनों में सबसे नीचे लेवल पर आ गए हैं। इसकी बड़ी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता टेंशन है, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। 9 सितंबर को ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया।

बाजार की आगे की दिशा को लेकर तस्वीर साफ नहीं

आगे शेयर बाजार की दिशा को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि, एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी 10 सितंबर को 23,500 पार करने के बाद इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो बाजार में अच्छी रिकवरी दिख सकती है। अगर यह गिरकर 23,400 से नीचे जाता है तो बाजार में और गिरावट दिख सकती है।

लगातार तीसरे दिन बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट 

9 सितंबर को बाजार पर बिकवाली का दबाव हावी रहा। बेयर्स ने अपनी गिरफ्त और मजबूत कर ली। इससे सेंसेक्स 813 अंक यानी 1.08 फीसदी गिरकर 74,764 के लेवल पर आ गया। निफ्टी 203 अंक यानी 0.86 फीसदी गिरकर 23,431.50 पर क्लोज हुआ। बाजार का सेंटीमेंट लगातार कमजोर बना हुआ है।

निफ्टी के 23,400 के नीचे जाने पर बढ़ेगी गिरावट 

एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा, “बाजार का ट्रेंड हालांकि कमजोर बना हुआ है, लेकिन अगर निफ्टी 10 सितंबर को 23,500 पार करने के बाद इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो बाजार में अच्छी रिकवरी दिख सकती है। लेकि, इसके 23,400 के नीचे जाने पर बाजार में और गिरावट आ सकती है।”

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट 

बाजार में छोटे-बड़े सभी शेयरों पर दबाव दिख रहा है। 9 सितंबर को निफ्टी मिडकैप 100 अंक यानी 0.51 गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 अंक यानी 0.49 फीसदी गिरा। निफ्टी 500 के सिर्फ 147 शेयर बढ़कर चढ़ने में कामयाब रहे। गिरने वाले शेयरों की संख्या 347 रही।

यह भी पढ़ें: Vodafone Idea का शेयर कर सकता है कमाल, जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

तेजी में 23,620-23,640 पर मिलेगा रेसिस्टेंस

एसबीआई कैपिटल में हेड ऑफ टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,330-23,300 पर बड़ा सपोर्ट दिख रहा है। यह निफ्टी 23,300 से नीचे जाता है तो गिरावट बढ़ जाएगी, जिसमें यह गिरकर 23,170-23,150 तक जा सकता है। तेजी में निफ्टी को 23,620-23,640 पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। अगर निफ्टी इसे पार करने के बाद इसके ऊपर टिका रहता है तो यह 23,800 तक जा सकता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।