निफ्टी 50 में बड़ा बदलाव! विप्रो 3 दशक बाद इंडेक्स से बाहर होगी, BSE को मिलेगी एंट्री

निफ्टी 50 में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। इस इंडेक्स में स्टॉक्स एक्सचेंज BSE को दिग्गज आईटी कंपनी Wipro की जगह शामिल किया जाएगा। यह बदलाव 30 सितंबर से लागू होगा। इसके साथ ही बेंगलुरु की आईटी कंपनी Wipro का भारत के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स से करीब तीन दशक पुराना सफर खत्म हो जाएगा।

Wipro असल में Nifty 50 की शुरुआत से ही इसका हिस्सा रही है। हालांकि, अप्रैल से सितंबर 2013 के बीच कंपनी इस इंडेक्स से बाहर रही थी। उस समय Wipro के नॉन-आईटी कारोबार के डीमर्जर की वजह से यह बदलाव हुआ था। इसके बाद कंपनी लगातार Nifty 50 में बनी रही।

Wipro से पैसा निकलने का अनुमान

Nuvama के अनुमान के मुताबिक, Wipro के Nifty 50 से बाहर होने पर इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड करीब 246 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर सकते हैं। दूसरी ओर, BSE के इंडेक्स में शामिल होने से करीब 741 मिलियन डॉलर का निवेश आने का अनुमान है।

BSE के लिए यह बदलाव काफी अहम है। पिछले पांच साल में कंपनी के शेयर में 2,600% से ज्यादा की तेजी आई है। ट्रेडिंग वॉल्यूम, डेरिवेटिव्स कारोबार और बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से कंपनी को फायदा मिला है।

Nifty 500 में भी बदलाव

Nifty 50 में बदलाव के साथ NSE ने दूसरे प्रमुख इंडेक्स में भी बदलाव किए हैं। Nifty 500 से 3M India, Aditya Birla Fashion and Retail, Aditya Birla Lifestyle Brands, Bayer Cropscience, Blue Dart Express, Chalet Hotels, Go Digit General Insurance, Indegene, Jubilant Pharmova, Latent View Analytics, Sonata Software और Travel Food Services जैसी कंपनियां बाहर होंगी।

वहीं, Nifty 500 में Aether Industries, Avanti Feeds, Azad Engineering, Black Box, Brookfield India REIT, Embassy Office Parks REIT, Fractal Analytics, INOX India, Kirloskar Brothers, MTAR Technologies, Sansera Engineering, Sterlite Technologies और Vedanta Aluminium समेत कई कंपनियां शामिल होंगी।

Stocks to Watch: 11 अगस्त को इन 24 शेयरों पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

40 एकड़ की जमीन पर बने Centre of Excellence में है 3 क्रिकेट ग्राउंड 40 नेट पिच, 16 हजार Sq Ft का जिम (Video)

बीते कुछ दिनों में बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अच्छी खबरों में नहीं रहा है। जिन खिलाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट बांटे जाते हैं वह मैदान पर आकर अनफिट हो जाते हैं। लेकिन 9 अगस्त को  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2 साल पूरे किए और क्रिकेटर्स को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं ही इसकी उपलब्धि है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 3 बड़े क्रिकेट ग्राउंड है जिसमें अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच हो चुके हैं। 40 नेट पिच और 33 सेंटर विकेट्स हैं। 8 लेन का इनडोर प्रेक्टिस एरिया है और 16 हजार Sq Ft का जिम है।इसका वीडियो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपलोड किया।

बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मीडिया से बातचीत में सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, ‘‘उन्होंने बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के सभी सदस्यों को साथ लिया और दृढ़ निर्णय किया कि इस परिसर का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। हमें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की पुरानी और अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ने की जरूरत थी।’’ काम शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए शाह कई बार व्यक्तिगत रूप से यहां आए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई बड़ी परियोजना शुरू करनी होती है तो कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा जमीन को नियमित कराना भी जरूरी था। इन सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए जय कई मौकों पर खुद यहां आए।’’ यह सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि 40 एकड़ की यह जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी और कई लोग इसे वापस लेना चाहते थे। इसलिए 14 फरवरी 2022 को काम शुरू होने से पहले हर चीज को मंजूरी दिलाना जरूरी था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ बदलाव का दौर चुनौतीपूर्ण था। उस समय रोजर बिन्नी अध्यक्ष थे और हमने वीवीएस लक्ष्मण की भी मदद ली, जो उस समय इस पूरी योजना का हिस्सा बन चुके थे।’’

लक्ष्मण ने भी उस लंबे सफर को याद किया, जिसके लिए वह हैदराबाद से बेंगलुरु आए थे। उन्होंने बताया कि 2021 में जय शाह और तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उनसे संपर्क किया था। उस समय राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने जा रहे थे और बोर्ड राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निरंतरता बनाए रखना चाहता था।

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘मेरे लिए यह कठिन फैसला था। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा हमेशा मानना रहा है कि जिन पूर्व खिलाड़ियों को इस महान खेल से लाभ मिला है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल के लिए अपना योगदान वापस दें। इसी सोच के साथ मैं दिसंबर 2021 में बेंगलुरु आ गया।’’ पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने पूरी परियोजना के दौरान शाह के मार्गदर्शन को याद करते हुए कहा, ‘‘करीब दो साल के भीतर पूरा बुनियादी ढांचा तैयार होकर काम करने लगा। इसका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता है। वह उस समय बीसीसीआई सचिव थे और मैंने खुद देखा कि वह आर्किटेक्ट और L&T की टीम के साथ होने वाली हमारी विभिन्न बैठकों में कितनी दिलचस्पी लेते थे। उनका प्रयास रहता था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।’’

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘यह देखकर अच्छा लगता है कि जो दृष्टिकोण था, उसे हकीकत में बदला गया। मेरा मानना है कि सभी नेतृत्व करने वालों के पास विजन होता है, लेकिन वह विजन तभी सार्थक होता है जब उसे वास्तविकता में बदला जाए। हमने नवंबर 2024 में उस विजन को वास्तविकता के रूप में देखा।’

Electric Air Taxi: 2028 तक खत्म हो जाएगा ट्रैफिक जाम का झंझट! भारत के आसमान में उड़ेंगी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी और कारें, जानें सभी डिटेल्स

Electric Air Taxi in india News: भारत में आने वाले कुछ सालों में हवाई सफर का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के मुताबिक, भारत का लक्ष्य 2028 तक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सियों और कारों को आसमान में उड़ान भरते देखना है। इसके लिए अगले साल से इन अत्याधुनिक विमानों की टेस्टिंग और ट्रायल को और तेज किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि भारत 2028 तक देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी की उड़ान शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उम्मीद है कि इस नई टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग अगले साल तेज हो जाएगी।

हाल ही में बेंगलुरु में सरला एविएशन के नए हेडक्वार्टर के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए नायडू ने कहा कि इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग एयरक्राफ्ट बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली जैसे भीड़-भाड़ वाले महानगरों के लिए आवाजाही का एक नया विकल्प बन सकते हैं। ANI के मुताबिक नायडू ने कहा, “हम चाहते हैं कि 2028 तक ये मशीनें भारत में उड़ान भरें। इनकी बहुत ज्यादा जरूरत है, न सिर्फ बेंगलुरु में, बल्कि मुंबई और दिल्ली में भी…।”

15 मिनट में नोएडा से गुरुग्राम

कल्पना कीजिए कि आप अपने मोबाइल से टैक्सी बुक करते हैं। लेकिन यह टैक्सी सड़क पर आने के बजाय किसी बिल्डिंग की छत पर बने खास वर्टिपैड पर आपका इंतजार कर रही है। आप लिफ्ट से ऊपर पहुंचते हैं, एक ऐसे इलेक्ट्रिक विमान में बैठते हैं जो देखने में किसी बड़े ड्रोन जैसा लगता है। कुछ ही सेकंड में वह सीधे आसमान में उड़ जाता है।

सड़क के जाम में फंसने के बजाय यह एयर टैक्सी शहर के ऊपर से उड़ते हुए आपको एयरपोर्ट तक पहुंचा देती है। दावा है कि भविष्य में ऐसी यात्रा के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि एयर टैक्सी शुरू होने के बाद नोएडा से गुरुग्राम पहुंचने में सिर्फ 10 से 15 मिनट लगेंगे।

मंत्री ने क्या कहा?

मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरला एविएशन अगले साल पूरी तरह से टेस्टिंग के दौर में आ जाएगी। जबकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) टेस्टिंग, सुरक्षा और नियमों पर इंडस्ट्री के साथ काम करना जारी रखेंगे। नायडू ने यह भी कहा कि DGCA ने सरला एविएशन को डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल दिया है, जो कंपनी के eVTOL एयरक्राफ्ट के डेवलपमेंट में एक रेगुलेटरी कदम है। मंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि अगले साल हम पूरी तरह से टेस्टिंग के दौर में होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “2028 तक हम इसे हकीकत बनाने की योजना बना रहे हैं।”

क्या होती है इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी?

इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को टेक्नीकल भाषा में eVTOL यानी Electric Vertical Take-Off and Landing Aircraft कहा जाता है। इन टैक्सी की खासियत यह है कि इन्हें हेलीकॉप्टर की तरह रनवे की जरूरत नहीं होती। ये डायरेक्ट जमीन या वर्टिपैड से ऊपर उड़ सकते हैं। साथ ही उसी तरह नीचे उतर भी सकते हैं।

Electric Air Taxi

इनके डिजाइन में फ्लाइट और हेलीकॉप्टर दोनों की झलक दिखाई देती है। इनमें कई रोटर या इलेक्ट्रिक फैन लगाए जाते हैं, जो विमान के पंखों या उसके बाहरी हिस्सों पर लगे होते हैं। हेलीकॉप्टर की तरह eVTOL भी लंबवत उड़ान भर सकता है। लेकिन इसमें एक बड़े रोटर की जगह कई छोटे रोटर या फैन इस्तेमाल किए जाते हैं।

बैटरी और इलेक्ट्रिक तकनीक ने खोला रास्ता

eVTOL टेक्नोलॉजी का विचार नया नहीं है। इस दिशा में कई दशकों से काम हो रहा है। लेकिन हाल के सालों में बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी में हुई प्रगति ने इसे कमर्शियल इस्तेमाल के करीब पहुंचा दिया है। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी बड़े पैमाने पर सफल होती हैं तो शहरों में सड़क ट्रैफिक का कुछ हिस्सा आसमान में शिफ्ट किया जा सकता है।

जॉर्जिया टेक के वर्टिकल लिफ्ट रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की निदेशक मर्लिन स्मिथ के मुताबिक, बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुके हैं। ऐसे में परिवहन के मौजूदा तरीकों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है।

किन कामों में इस्तेमाल हो सकती हैं eVTOL?

शुरुआत में इलेक्ट्रिक एयर कारों का इस्तेमाल लोगों को कम और मध्यम दूरी तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। कई eVTOL कंपनियां एयरलाइंस के साथ मिलकर एयर-टैक्सी सर्विस शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं। लेकिन इनका इस्तेमाल सिर्फ यात्रियों को लाने-ले जाने तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में इनका उपयोग कई क्षेत्रों में किया जा सकता है, जैसे-

  • मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में एयर टैक्सी का इस्तेमाल हो सकेगा।
  • आग बुझाने और फायरफाइटिंग में भी ये काम करेगा।
  • इसके अलावा डिफेंस सेक्टर में, खेती और कृषि कार्यों में, पर्यटन क्षेत्र में, शहरों के बीच एयर टैक्सी सेवा का लाभ उठाया जा सकेगा।

कौन-कौन सी कंपनियां दौड़ में हैं?

अमेरिका में Archer, BETA Technologies और Joby जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी विकसित करने और उन्हें कमर्शियल सर्विस में लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। इनमें से कुछ कंपनियां अंतिम FAA सुरक्षा मंजूरी के करीब पहुंच चुकी हैं। हालांकि, आम यात्रियों के लिए एयर टैक्सी की नियमित बुकिंग कब से शुरू होगी, इसकी कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं है। फिर भी इस उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का दौर लोगों की उम्मीद से काफी करीब है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह टेक्नोलॉजी?

भारत जैसे तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भारी ट्रैफिक वाले देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी भविष्य के परिवहन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। खासतौर पर भारी ट्रैफिक जाम का सामने करने वाली दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में एयरपोर्ट और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच तेज कनेक्टिविटी के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

Electric Air TaxiS

अगर तकनीक, सुरक्षा, लागत और इससे जुड़े अथॉरिटी की मंजूरी से जुड़ी चुनौतियां समय पर दूर होती हैं, तो 2028 के आसपास भारत में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का सपना हकीकत में बदलता दिखाई दे सकता है। यानी आने वाले समय में सड़क पर कैब बुक करने के साथ-साथ मोबाइल से आसमान में उड़ने वाली टैक्सी भी बुक करने का विकल्प मिल सकता है।

ये भी पढ़ें- Pension News: इमरजेंसी के दौरान जेल गए लोगों को हर महीने मिलेंगे 10,000 रुपये, सरकारी बसों में कर सकेंगे मुफ्त यात्रा

Gold Rate Today: सावन के दूसरे सोमवार को सोना हुआ सस्ता, 10 बड़े शहरों में इतनी रह गई कीमत

देश में सावन मास के दूसरे सोमवार यानि कि 10 अगस्त को सोने की कीमत में गिरावट है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत गिरकर 152540 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। मुंबई में कीमत घटकर 152340 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। अन्य शहरों में भी ​सोने का भाव गिरा है। बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 8180 रुपये तक ​बढ़ी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 7600 रुपये तक महंगा हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,336.02 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 152540 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 139840 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 139640 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 151630 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 139000 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152340 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 139640 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली139840152540
मुंबई139640152340
अहमदाबाद139740152440
चेन्नई138990151630
कोलकाता139640152340
हैदराबाद139640152340
जयपुर139840152540
भोपाल139740152440
लखनऊ139840152540
चंडीगढ़139840152540

Income Tax Refund: अभी तक इनकम टैक्स रिफंड नहीं आया? ये 5 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

चांदी की कीमत

सोने की तरह चांदी की कीमत में भी गिरावट दिख रही है। 10 अगस्त की सुबह कीमत 244900 रुपये प्रति किलोग्राम है। बीते सप्ताह में चांदी का भाव 10000 रुपये ​बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 63.29 डॉलर प्रति औंस पर है।

वीवीएस लक्ष्मण बनने वाले थे टीम इंडिया के हेड कोच, इस वजह से ठुकराया था ऑफर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में बताया कि जय शाह ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव दिया था। लक्ष्मण ने बताया कि, वह इस जिम्मेदारी को संभालना चाहते थे, लेकिन कुछ पर्सनल रीजन की वजह से टीम से जुड़ने से मना कर दिया था। वहीं राहुल द्रविड़ के के बाद गौतम गंभीर टीम के मुख्य कोच बने। गंभीर 2027 तक टीम के हेड कोच बने रहेंगे।

लक्ष्मण ने क्या कहा

लक्ष्मण ने ये नहीं बताया कि उन्हें मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव किस समय मिला था। लेकिन ऐसा माना जा रहा कि ये 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद की बात है, जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने वाला था। उस समय द्रविड़ आगे भी कोच बने रहने को लेकर तैयार नहीं थे। बाद में BCCI ने उनका कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया। भारत ने द्रविड़ की कोचिंग में यह टूर्नामेंट जीतकर लंबे समय बाद ICC ट्रॉफी अपने नाम की।

पर्सनल वजह से नहीं लिया पद

वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा, “2023 में, मुझे हेड कोच बनना था।” उन्होंने आगे कहा, “पर्सनल वजहों से मैं यह काम नहीं कर पाया। मैं दो बार जय शाह से बात करने गया। वह मेरी वजहें समझ गए। जय और BCCI ने मुझे जो आजादी दी है, अपने विजन के साथ काम करने की, वह देवजीत और दूसरे अधिकारियों के साथ भी जारी है।” लक्ष्मण ने कहा कि हेड कोच बनने के बजाय उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चेयरमैन का पद संभालने का फैसला किया, जो पहले राहुल द्रविड़ के पास था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का फैसला किया।

दो साल का लिया एक्सटेंशन

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दो साल के लिए एक्सटेंशन लिया और BCCI से वादा किया कि मैं यहां हेड कोच का पद नहीं ले रहा हूं। लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर बनाऊं, इसके लिए सही स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल तैयार करूं, ताकि आगे बढ़ने से पहले यहां एक मजबूत व्यवस्था बन सके।”

गौतम गंभीर बने भारत के कोच

राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण का नाम एक बार फिर इस पद के लिए चर्चा में आया। लेकिन, उस समय BCCI ने गौतम गंभीर को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी। गंभीर इससे पहले IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे और उनकी अगुवाई में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता।

Karnataka: बेंगलुरु में ट्रेकिंग पर गया इंदौर का अद्वैत लापता, मंगेतर को बताया था घूमने का प्लान

कर्नाटक से एक बेहद ही हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। कर्नाटक की शिवगंगे पहाड़ी पर ट्रेकिंग के गया एक युवक अचानक लापता हो गया है। बता दें कि, इंदौर का 31 वर्षीय युवक अद्वैत उपाध्याय रविवार सुबह कर्नाटक की शिवगंगे पहाड़ी पर ट्रेकिंग के लिए गए थे, लेकिन इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस के अनुसार, अद्वैत ने पहाड़ी पर चढ़ाई शुरू करने से पहले अपनी किराए की बुलेट मोटरसाइकिल पहाड़ी के नीचे खड़ी की थी। उसने करीब पांच दिन पहले व्हाइटफील्ड इलाके से यह बाइक किराए पर ली थी।

मंगेतर को दी थी जानकारी 

31 साल के अद्वैत उपाध्याय ने शुक्रवार को ट्रेकिंग पर जाने से पहले अपनी मंगेतर को अपने प्लान के बारे में जानकारी दी थी। अद्वैत का मोबाइल फोन पहाड़ी से कुछ दूर बंद हालत में मिलने के बाद पुलिस की चिंता बढ़ गई है। नेलमंगला और डबासपेटे पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। पहाड़ी के अलग-अलग हिस्सों में ड्रोन की मदद से खोज की जा रही है। पुलिस शांथला ड्रॉप जैसे मुश्किल इलाकों में भी तलाश कर रही है, जहां बड़ी चट्टानों और घने पेड़ों के कारण पहुंचना आसान नहीं है।

पार्किंग में खड़ी मिली बुलेट

शिवगंगे पहाड़ी समुद्र तल से करीब 4,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। पुलिस को मिले CCTV फुटेज में अद्वैत पहाड़ी की ओर जाते हुए नजर आया। बाद में उसकी किराए की बुलेट पार्किंग एरिया में खड़ी मिली, जिससे पुलिस को उसके पहाड़ी पर जाने की पुष्टि हुई।

अद्वैत के लापता होने के बाद सबसे पहले कडुगोडी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई थी। बाद में मामला डबासपेटे पुलिस को सौंप दिया गया। बारिश के कारण कुछ समय के लिए तलाश रोकनी पड़ी, लेकिन मौसम ठीक होने के बाद पुलिस ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। नेलमंगला टाउन और डबासपेटे पुलिस की टीमें मिलकर युवक की तलाश कर रही हैं।

IND vs SL: टीम इंडिया में फिर हुई सरफराज खान की वापसी, इस खिलाड़ी की जगह मिला मौका

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से खेला जाएगा। वहीं इस मैच से पहले भारत के कई खिलाड़ी चोट की वजह से टीम से बाहर हो गए हैं। चोट की वजह से जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन सीरीज से बाहर हो गए हैं। वहीं BCCI ने साई सुदर्शन की जगह चोटिल खिलाड़ी के नाम का ऐलान कर दिया है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चोटिल साई सुदर्शन की जगह मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को टीम में शामिल किया है। BCCI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है।

बीसीसीआई ने क्या कहा

BCCI ने एक बयान में कहा, “साई सुदर्शन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। साई बेंगलुरु में BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में थे। दाएं पैर के अंगूठे में चोट के कारण वह बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिकवरी कर रहे थे। उनकी हालत में अब काफी सुधार है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए है। पुरुषों की सिलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को चुना है। वह 15 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए टीम के गॉल रवाना होने से पहले कोलंबो में भारतीय टीम से जुड़ेंगे।”

कब लगी थी साई को चोट

जुलाई में इंडिया A के श्रीलंका दौरे के दौरान साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी। इसके बाद से वह बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं। शुरुआत में उम्मीद थी कि वह टेस्ट सीरीज शुरू होने तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे, लेकिन उनकी रिकवरी में थोड़ा ज्यादा समय लग गया और वह सीरीज से बाहर हो गए।

सरफराज ने कब खेला था आखिरी मैच

सरफराज खान ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। तीन मैचों की उस सीरीज में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और दूसरे टेस्ट में अपने करियर का पहला शतक लगाया था। लेकिन, इसके बाद उन्हें टीम में खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 की पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में वह टीम में शामिल तो थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और बाद में वह टीम से बाहर हो गए।

खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों से परेशान BCCI? CoE में बढ़ी इंजर्ड प्लेयर की भीड़

बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, IPL के दौरान फ्रेंचाइजी और पैसों से जुड़ा दबाव खिलाड़ियों पर ज्यादा काम का बोझ डाल रहा है, जिससे चोटों की संख्या बढ़ी है। इस समय कम से कम 10 इंटरनेशलन खिलाड़ी छोटी या गंभीर चोटों के कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिहैब कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कई बड़े खिलाड़ी IPL के दौरान चोटिल होने के बावजूद खेलते रहे। लगातार ज्यादा क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों के शरीर पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर उम्रदराज खिलाड़ियों में चोट से वापसी का समय तय करना मुश्किल हो जाता है।

चोट के बाद भी खेलते हैं आईपीएल

सूत्र के अनुसार, IPL में टीम और पैसों से जुड़े दबाव के कारण कुछ खिलाड़ी चोट के बावजूद मैदान पर उतरते हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज और फिटनेस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि, टीम और CoE के फिजियो खिलाड़ियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दे रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती चोटों से सेलेक्टर्सु, कोच और कप्तान के सामने भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों के साथ-साथ उनके खेलने के कार्यक्रम को लेकर भी दबाव बढ़ रहा है।

चोट की वजह से बाहर हुए बुमराह-साई

जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के श्रीलंका दौरे से बाहर होने के बाद BCCI के चयनकर्ताओं के साथ CoE के तालमेल पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले खबर थी कि दोनों खिलाड़ी दो टेस्ट मैचों में से कम से कम एक मुकाबले में खेल सकते हैं, लेकिन बाद में उन्हें दौरे से बाहर कर दिया गया। भारत के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण फिलहाल दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। मार्च 2025 में नितिन पटेल के जाने के बाद से यहां का स्पोर्ट्स साइंस विभाग अभी तक स्थायी प्रमुख के बिना चल रहा है। इसी बीच BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने रविवार को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दौरा किया और मीडिया से बातचीत की।

लक्ष्मण ने क्या कहा

इस दौरान वीवीएस लक्ष्मण ने सेंटर की टीम और उसकी व्यवस्था का बचाव किया। उन्होंने कहा, “देखिए, CoE सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है, बल्कि क्रिकेटरों को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी है। इसलिए, हम (चोटों के लिए) ‘दोष’ शब्द का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते, क्योंकि जब आप इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो आप किसी को बलि का बकरा बना रहे होते हैं।” लक्ष्मण ने कहा, “लेकिन CoE और दोनों टीमों (पुरुष और महिला) के टीम मैनेजमेंट और दोनों टीमों के SSM स्टाफ के बीच शानदार तालमेल है। इसलिए यह बातचीत आसानी से हो रही है।”

क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

Yash: ‘मेरे साथ रहना मुश्किल है…’, शूटिंग के दौरान साथ देने के लिए यश ने पत्नी राधिका पंडित को कहा ‘थैंक्यू’

Yash: यश ने ‘टॉक्सिक’ पर काम करने के दौरान अपनी पत्नी राधिका पंडित से मिले सपोर्ट के बारे में बात की। एक्टर ने गीतू मोहनदास के डायरेक्शन में बनी इस फ़िल्म को अपने करियर के सबसे मुश्किल प्रोजेक्ट्स में से एक बताया। शनिवार को बेंगलुरु में फ़िल्म के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर, एक्टर ने लंबे समय तक चली शूटिंग, कई तरह के लुक्स और इस प्रोजेक्ट के लिए की गई शारीरिक मेहनत के बारे में खुलकर बात की।

‘टॉक्सिक’ में लीड रोल निभाने वाले यश ने बताया कि इस फ़िल्म के लिए उन्हें अपने फ़िज़िकल लुक पर काफ़ी समय देना पड़ा और कहानी के अलग-अलग हिस्सों के लिए अपना लुक बदलना पड़ा। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में साथ देने के लिए राधिका का शुक्रिया अदा किया।

यश ने कहा, “मैं अपनी पत्नी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मेरे साथ किसी भी तरह से जुड़े रहना आसान नहीं है। मेरे साथ रहना मुश्किल है। यह फ़िल्म बहुत मुश्किल थी और मैंने अपनी कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर काम किया। मेरे 2-3 अलग-अलग लुक थे और इसमें बहुत समय लगा। वह मेरे लिए बहुत बड़ा सहारा रही हैं।”

‘टॉक्सिक’ फ़िल्म महीनों से चर्चा में है; इसके टीज़र और गानों से यश के किरदार और फ़िल्म के डार्क माहौल की झलक मिलती है। कियारा आडवाणी, जो सर्कस आर्टिस्ट नादिया का रोल कर रही हैं, उन्हें ‘तबाही’ गाने में यश के साथ इंटीमेट सीन करने की वजह से ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा है।

इसी इवेंट में, यश ने लॉन्च के दौरान कियारा के सीन पर हो रही आलोचना पर बात की। रोल के प्रति उनकी लगन की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि एक्टर्स को ऑनलाइन लोगों के रिएक्शन की चिंता करने के बजाय अपनी पसंद पर अडिग रहना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, “एक एक्टर के तौर पर आपको जिन मुश्किलों से गुज़रना पड़ता है, अफ़सोस की बात है कि लोग उनकी परवाह नहीं करते। आप जिस चीज़ में यकीन रखते हैं, वही करें; लोग उसे सराहेंगे और उसकी तारीफ़ करेंगे। बस बात इतनी है कि हम अपने समय से थोड़ा आगे चल रहे हैं।”

‘टॉक्सिक’ को गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है। इस एक्शन थ्रिलर फ़िल्म की शूटिंग इंग्लिश और कन्नड़ भाषाओं में हुई है और इसे हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम वर्जन में भी रिलीज़ किया जाएगा। नयनतारा, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी भी इसकी कास्ट का हिस्सा हैं। यह फ़िल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।