भारतीय रिजर्व बैंक के मैनेजर ईशान किशन दिखे कॉर्पोरेट लुक में (Pics)

भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाज ईशान किशन भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक प्रबंधक भी हैं। लेकिन व्यस्तता के चलते कभी दफ्तर नहीं जा पाते। ईशान किशन का अगस्त का कैलेंडर खाली है क्योंकि भारतीय टीम को टेस्ट मैच खेलना है और दिलीप ट्रॉफी शुरु होने में समय है।

इस कारण से ईशान किशन ने अपने गृहनगर पटना में ही भारतीय रिजर्व बैंक के दफ्तर में समय व्यतीत किया। इस दौरान ईशान किशन भारतीय रिजर्व बैंक का आई कार्ड अपने गलें में टांगकर दफ्तर में मौजूद रहे। उनका पहनावा मैदान के इतर फॉर्मल पैंट शर्ट थे।

ईशान किशन को दफ्तर में पाकर क्रिकेट में दिलचस्पी रखने वाले कई प्रशंसक उनके करीब पहुंचे और उनके साथ में फोटो भी खिंचवाई। गौरतलब है कि ईशान किशन टी-20 विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा हैं और इस प्रारुप के नंबर 1 रैंक के बल्लेबाज भी हैं।

विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन इस प्रतिष्ठित इंटर-ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में 15 सदस्यों वाली टीम की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त को बेंगलुरु में शुरू होगा।

Ajit Agarkar: खतरे में है अजीत अगरकर की कुर्सी? ये दिग्गज खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर्स अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो जाएगा। वहीं ऐसी खबरें है कि अजीत अगरकर को टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पद से हटाया जा सकता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रही है। बीसीसीआई अगरकर की जगह वीवीएस लक्ष्मण को चीफ सिलेक्टर्स बना सकती है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा है। फिलहाल लक्ष्मण बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं बोर्ड ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या घोषणा नहीं की है।

अजीत अगरकर की होगी छुट्टी!

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हालिया इंग्लैंड दौरे के दौरान हुई कुछ घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने अजीत अगरकर का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने के फैसले पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया है। पहले माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन अब इस संभावना पर संशय जताया जा रहा है।

एनुअल जनरल मीटिंग में होगा फैसला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा के ODI भविष्य को लेकर हुआ विवाद BCCI के सीनियर अधिकारियों को पसंद नहीं आया। इसके बाद सेलेक्शन कमिटी के कामकाज और नेतृत्व को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अजीत अगरकर के भविष्य पर विस्तार से विचार किया जा सकता है।

2027 विश्व कप तक रहना चाहते हैं अगरकर

अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसी उम्मीद है कि भारत का 2 टेस्ट मैचों का श्रीलंका दौरा उनके प्रदर्शन के मूल्यांकन में अहम भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगरकर भी 2027 वनडे विश्व कप तक मुख्य चयनकर्ता के पद पर बने रहने के इच्छुक हैं। ऐसे में आगे का फैसला बोर्ड की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। हाल ही में, गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टी20 टीम के अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका भी निभाई थी।

2023 में बने थे चीफ सेलेक्टर्स

अजीत अगरकर ने 2023 में भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं। इस दौरान भारत ने 2024 और 2026 का टी20 विश्व कप जीतने के साथ-साथ 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया। इन उपलब्धियों की वजह से उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सफल दौरों में गिना जा रहा है।

कभी टेलर की दुकान थी, आज 70000 करोड़ रुपये मार्केट कैपिटलाइजेशन, जानिए प्रेस्टीज ग्रुप के इरफान रज्जाक की कहानी

सत्तार रज्जाक ने 1956 में बेंगलुरु में टेलर की दुकान खोली थी। बाद में इरफान रज्जाक सहित उनके तीन बेटे भी दुकान में उनकी मदद करने लगे। बाद में परिवार खासकर इरफान ने प्रॉपर्टी के बिजनेस में हाथ आजमाने का फैसला लिया। यह बात 1980 के दशक की है। तब बेंगलुरु शहर का दायरा बढ़ रहा था। प्रॉपर्टी का धंधा जोर पकड़ रहा था। परिवार ने 1986 में प्रेस्टीज एस्टेट्स एंड कंस्ट्रक्शंस नाम से कंपनी शुरू की।

40000 रुपये से रियल एस्टेट बिजनेस की शुरुआत

Prestige Estates and Constructions की शुरुआत सिर्फ 40,000 रुपये की शुरुआती पूंजी से हुई थी। इसका पहला प्रोजेक्ट 10,000 वर्ग फीट की एक ऑफिस ब्लिडिंग था। जैसे-जैसे बेंगलुरु शहर की सीमाएं बढ़ती गई, वैसे-वैसे प्रेस्टीज का कारोबार बढ़ता गया। आज इस कंपनी का नाम कई प्रतिष्ठित और बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है। इनमें Forum Mall, UB City और Kingfisher Towers शामिल हैं।

देश के कई बड़े शहरों में कंपनी के रियल एस्टेट प्रोजेक्टस

Prestige Estates Projects ने 2010 में अपना आईपीओ पेश किया। कंपनी ने इश्यू से करीब 1,200 करोड़ रुपये जुटाए। इस पैसे से कंपनी ने नए बाजारों में अपना कारोबार फैलाया। दक्षिण भारत के रियल एस्टेट मार्केट में कंपनी ने अपनी मजबूत पैठ बनाई। इनमें हैदराबाद, चेन्नई, कोच्चि जैसे शहर शामिल थे। बाद में कंपनी गोवा, पुणे और मुंबई के बाजार में दाखिल हुई। अब तक दिल्ली-एनसीआर में भी कंपनी आ चुकी है।

अगस्त में कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 70000 करोड़ रुपये

अगस्त 2026 में प्रेस्टीज एस्टेट प्रोजेक्ट्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 70,000 करोड़ रुपये पहुंच चुका है। यह कंपनी आज रेजिडेंशियल, कमर्शियल, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट्स में मौजूद है। देश के कई बड़े शहरों में कंपनी प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी है। आज देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों की लिस्ट में प्रेस्टीज का नाम शामिल है।

कंपनी के एमडी इरफान रज्जाक का नेटवर्थ करीब 1.5 अरब डॉलर 

इरफान रज्जाक कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। फॉर्ब्स बिलियनेयर्स लिस्ट 2026 के मुताबिक, उनका नेटवर्थ करीब 1.5 अरब डॉलर का है। कंपनी के कामकाज से परिवार के कई सदस्य करीबी रूप से जुड़े हैं। रज्जाक परिवार की दूसरी और तीसरी पीढ़ी के कई सदस्य आज कंपनी में बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

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शेयर ने पांच साल में निवेशकों का पैसा चार  गुना किया 

प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स का शेयर का प्राइस 5 अगस्त को 1:30 बजे 0.70 फीसदी चढ़कर 1,604 रुपये चल रहा था। बीते पांच साल में यह शेयर 345 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इस शेयर ने पांच साल में निवेशकों का पैसा चार गुना से ज्यादा कर दिया है।

क्या होती है JP Morgan SDE-2 की सैलरी? इंजीनियर ने शेयर किया अपना पूरा पैकेज

बेंगलुरु में काम करने वाली एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी सैलरी डिटेल सोशल मीडिया पर शेयर कर इंटरनेट पर हलचल मचा दी। JP Morgan में Associate (SDE-2) पद पर काम करने वाली इस टेकी ने अपनी पूरी सैलरी स्ट्रक्चर सार्वजनिक कर दी, जिसके बाद कई इंजीनियरिंग छात्रों और फ्रेशर्स के बीच चर्चा शुरू हो गई।

उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में बताया कि कई छात्रों और नए ग्रेजुएट्स ने उनसे कंपनी में मिलने वाले पैकेज को लेकर सवाल पूछे थे। इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए उन्होंने अपने ऑफर लेटर का पूरा ब्रेकडाउन शेयर किया।

₹32 लाख फिक्स सैलरी, कुल पैकेज ₹35.2 लाख सालाना

टेकी के शेयर किए गए ऑफर ब्रेकडाउन के मुताबिक, उन्होंने JP Morgan Chase में बेंगलुरु लोकेशन पर Associate (SDE-2) के तौर पर जॉइन किया है।

उनके पैकेज में:

32 लाख रुपये सालाना फिक्स सैलरी

10 प्रतिशत परफॉर्मेंस बोनस

कुल अनुमानित पैकेज करीब 35.2 लाख रुपये प्रति वर्ष शामिल है।

उन्होंने बताया कि इस ऑफर में न तो कोई जॉइनिंग बोनस मिला और न ही रिलॉकेशन अलाउंस या स्टॉक बोनस दिया गया। कंपनी की ओर से मिलने वाले फायदे सामान्य JP Morgan कर्मचारियों वाले बेनिफिट्स हैं।

फ्रेशर्स के सवालों के बाद शेयर किया ऑफर लेटर

टेकी ने बताया कि उन्होंने अपनी सैलरी पहले से बताने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उनकी पिछली JP Morgan जॉइनिंग पोस्ट के बाद कई छात्रों और फ्रेशर्स ने उनसे पैकेज को लेकर जानकारी मांगी थी। उन्होंने लिखा कि लोग जानना चाहते थे कि Associate (SDE-2) जैसी भूमिका में वास्तविक ऑफर कितना होता है। इसी वजह से उन्होंने बिना किसी अनुमान के अपनी वास्तविक सैलरी डिटेल साझा की।

पहली जॉइनिंग पोस्ट के बाद भी मिली थी काफी चर्चा

इस टेकी की JP Morgan ऑफिस में पहले दिन की तस्वीर वाली पोस्ट भी सोशल मीडिया पर काफी पसंद की गई थी। हालांकि, सैलरी ब्रेकडाउन वाली पोस्ट ने उससे कहीं ज्यादा ध्यान खींचा। पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने पैकेज देखकर हैरानी जताई और उन्हें शुभकामनाएं दीं। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतनी सैलरी के बाद उन्हें सोशल मीडिया से होने वाली कमाई की जरूरत नहीं होगी।

लोगों ने कहा- छात्रों के लिए मददगार है ऐसी जानकारी

कई यूजर्स ने सैलरी की जानकारी सार्वजनिक करने के फैसले की तारीफ की। उनका कहना था कि असली ऑफर और पैकेज की जानकारी मिलने से छात्रों और नए इंजीनियरों को प्लेसमेंट की तैयारी में मदद मिलती है। एक यूजर ने कहा कि ऐसी वास्तविक सैलरी डिटेल्स अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय युवाओं को सही उम्मीदें तय करने में मदद करती हैं।

कई लोगों का मानना था कि कंपनियों के पैकेज को लेकर अक्सर भ्रम रहता है, ऐसे में वास्तविक अनुभव साझा करना नए उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

कुछ लोगों ने सैलरी सार्वजनिक करने पर जताई चिंता

हालांकि, हर कोई इस कदम से सहमत नहीं था। कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर इतनी निजी जानकारी शेयर करने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी।एक यूजर ने कहा कि अब उनकी पूरी टीम को उनकी सैलरी के बारे में पता चल सकता है, जिससे भविष्य में परेशानी हो सकती है। वहीं, एक अन्य यूजर ने सलाह दी कि कंपनियों में काम करने वाले लोगों को अपनी कमाई से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने से पहले इसके संभावित प्रभावों के बारे में सोचना चाहिए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

JP Morgan टेकी की यह पोस्ट सिर्फ सैलरी चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया क्या युवाओं के लिए वेतन की जानकारी सार्वजनिक करना फायदेमंद है या निजी रखना बेहतर?

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Viral Video: गुरुग्राम में अकेले रहने का क्या है खर्च? 15000 किराया, 6800 राशन, 21 साल की चाहत का मंथली बजट वायरल

मेट्रो शहरों में अकेले रहना सुनने में जितना आसान और मजेदार लगता है, महीने के अंत में आने वाले बिल अक्सर होश भी उड़ा देते हैं। किराए से लेकर बिजली बिल, राशन, आवाजाही और लाइफस्टाइल के खर्चों को संभालते-संभालते अक्सर यंग प्रोफेश्नल्स यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि एक महीने का कितना खर्च वाजिब है? ऐसे में गुरुग्राम जैसे महंगे शहरों में बढ़ती लिविंग कॉस्ट के बीच एक 21 साल की युवती ने सोशल मीडिया पर अपना मंथली बजट शेयर किया है। चाहत यादव नाम की इस लड़की का जुलाई महीने का बजट बता रहा है कि उन्होंने इस महीने कुल 43096 रुपये खर्च किए।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया खर्चों का पूरा ब्रेकडाउन

चाहत यादव ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में चाहत ने महीने का पूरा बजट बताने की बताया एक-एक खर्चे का डिटेल में ब्रेकडाउन ही दे दिया। सबसे बड़ा खर्च मकान का किराया रहा। गुरुग्राम में एक फुली फर्निश्ड 1RK अपार्टमेंट के लिए चाहत ने महीने के 15000 रुपये दिए। बजट का दूसरा बड़ा हिस्सा खरीदारी में गया जिस पर 12805 रुपये खर्च हुए। ग्रॉसरी, ऑनलाइन फूड ऑर्डर और रोज की जरूरतों की चीजों पर 6879 रुपये खर्च हुए। स्कूटी के फ्यूल और रिपेयरिंग पर जुलाई में 2142 रुपये लगे।

 

महीने का बिजली बिल 2000 रुपये आया। चाहत ने जिम और दूसरी सर्विस मेंबरशिप के लिए 1800 रुपये का पेमेंट किया। इसके अलावा दोस्तों के साथ बाहर जाने और आउटिंग्स पर 2470 रुपये खर्च हुए। इन सभी खर्चों को जोड़कर जुलाई महीने का कुल खर्च 43096 रुपये बैठता है। चाहत ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में यह भी स्पष्ट किया कि इसमें उनका इन्वेस्टमेंट शामिल नहीं है। वीडियो के अंत में उसने अपने फॉलोअर्स से सवाल पूछा कि क्या मुझे इस खर्च को लेकर चिंतित होना चाहिए, या यह ठीक है?

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: लोगों ने दिए तरह-तरह के रिएक्शन

चाहत के इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की तरफ से ढेरों प्रतिक्रियाएं आईं। कई लोगों ने कहा कि गुरुग्राम जैसे शहर में अकेले रहने पर इतना खर्च होना बेहद सामान्य बात है। एक यूजर ने लिखा कि चिंता की कोई बात नहीं है, अगर आप कमा रहे हैं और अकेले रह रहे हैं तो यह काफी नॉर्मल है। दूसरे यूजर ने कहा कि यहां 40-50 हजार खर्च होना आम बात है, कोई चिंता की बात नहीं।

एक दूसरे यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि इस रील को देखने के बाद मुझे बेंगलुरु ज्यादा सस्ता लग रहा है। एक यूजर ने कमेंट किया कि यह बिल्कुल सच है और यह तो केवल बेसिक लाइफस्टाइल का खर्च है। अगर आप वीकेंड पार्टियां करते हैं या घूमते हैं, तो खर्च और ज्यादा होगा। गुरुग्राम में अकेले रहना काफी महंगा है।

हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी ध्यान दिलाया कि व्यक्तिगत लाइफस्टाइल के विकल्पों के आधार पर मासिक खर्च में बड़ा अंतर आ सकता है। बार-बार बाहर जाने, यात्रा करने, खरीदारी और प्रीमियम सेवाओं का इस्तेमाल करने से कुल बजट तेजी से बढ़ सकता है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

‘एक बेहतर मुख्यमंत्री की जरूरत…’, बांकीपुर में बढ़त के बाद प्रशांत किशोर का पहला रिएक्शन, जानें क्या कहा

बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलफेर देखने को मिल रहा है। जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर बांकीपुर उपचुनाव में जीत की ओर बढ़ रहे हैं। इस सीट पर हार, बीजेपी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं मानी जा रही है। प्रशांत किशोर की बढ़त से जन सुराज पार्टी के समर्थक काफी उत्साहित हैं। इस बीच प्रशांत किशोर ने बांकीपुर की जनता को धन्यवाद दिया है और सीट पर बढ़त के बाद भाजपा और सीएम सम्राट चौधरी पर हमला बोला।

प्रशांत किशोर ने बोला हमला

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बढ़त मिलने के बाद जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता क्षेत्र की जनता के भरोसे और समर्थन का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और आने वाले दो-तीन महीनों में लोगों को बदलाव भी नजर आने लगेगा। प्रशांत किशोर ने कहा, “मैं बड़े-बड़े वादे नहीं करना चाहता। मेरे विधायक बनने से बांकीपुर एक रात में बेंगलुरु जैसा नहीं बन जाएगा, लेकिन अगले दो-तीन महीनों में यहां कुछ अच्छे बदलाव जरूर दिखाई देंगे।”

उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने इस चुनाव के जरिए बीजेपी नेतृत्व को साफ संदेश दिया है कि बिहार को एक बेहतर मुख्यमंत्री की जरूरत है। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर बीजेपी सम्राट चौधरी की जगह कुशवाहा समाज के किसी दूसरे नेता को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है तो यह उनका अंदरूनी फैसला है। उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो ईमानदार, सक्षम और बिहार के विकास के लिए काम करने वाला हो। उन्होंने आगे कहा कि सबसे जरूरी बात बिहार का विकास है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि चुनाव कौन जीतता है या किस पार्टी की सरकार बनती है। लोकतंत्र में जीत और हार होती रहती है, लेकिन राज्य की तरक्की सबसे ज्यादा मायने रखती है।

जीत की ओर पीके

27वें राउंड के नतीजों में प्रशांत किशोर 50 हजार वोटों के आंकड़ा के पास पहुंच गए हैं। 27वें राउंड में उन्हें 55780 वोट मिले हैं। अभी 4 राउंड की गिनती और बची है। अब यह साफ हो गया है कि प्रशांत किशोर इस सीट पर बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं। 27वें राउंड में बीजेपी को 38893 वोट मिले हैं। दोनों पार्टियों के बीच वोटों का अंतर 16887 है।

Petrol Diesel Price Today: 3 अगस्त को जारी हुए पेट्रोल-डीजल के भाव, जानें अपने शहर का ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 03 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Price Today: सावन के पहले सोमवार को सोना फिसला, दिल्ली में ₹132240 पर आया 22 कैरेट

देश में सोने की कीमत में गिरावट नजर आ रही है। सावन के पहले सोमवार को ज्यादातर शहरों में दाम फिसला है। 3 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 144360 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। मुंबई में कीमत 144210 रुपये प्रति 10 ग्राम है। बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 710 रुपये तक ​गिरी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 750 रुपये तक नीचे आया।

रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना महंगा हुआ है। कीमत बढ़कर 4,067.06 डॉलर प्रति औंस हो गई है। इसकी वजह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जल्द समझौते की उम्मीद जताई है और नया हमला करने का फैसला टाल दिया है। इसके कारण महंगाई और ऊंची ब्याज दरों को लेकर चिंताएं कुछ कम हुईं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144360 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132240 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132190 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144210 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 144600 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132550 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144210 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132240144360
मुंबई132190144210
अहमदाबाद132240144260
चेन्नई132550144600
कोलकाता132190144210
हैदराबाद132190144210
जयपुर132240144360
भोपाल132240144260
लखनऊ132240144360
चंडीगढ़132240144360

Silver Price Outlook: चांदी इस साल ₹65000 सस्ती हुई, एक्सपर्ट्स से जानिए अब दाम घटेंगे या बढ़ेंगे

चांदी का भाव

चांदी की कीमत में भी देश के अंदर गिरावट है। 3 अगस्त की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। बीते एक सप्ताह में इसका भाव 5000 रुपये ​लुढ़का। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत बढ़कर 58.02 डॉलर प्रति औंस हो गई है।

40 लाख की भारतीय सैलरी या 1.90 लाख डॉलर की अमेरिकी कमाई? परचेजिंग पावर को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

भारत और अमेरिका की सैलरी और खर्च को लेकर सोशल मीडिया पर किया गया एक पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। पोस्ट में कहा गया कि, भारत में सालाना 40 लाख रुपये कमाने वाले व्यक्ति की लाइफस्टाइल अमेरिका में 1.90 लाख डॉलर सालाना कमाने वाले व्यक्ति जैसी होती है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं लोग इस पोस्ट पर कई लोग कमेंट कर रहे हैं। लोगों ने घर, कार, हेल्थकेयर और रोजमर्रा के खर्चों को लेकर अपने-अपने तर्क दिए।

व्यक्ति ने किया पोस्ट

सूरज कुमार तलरेजा नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अगर आप भारत में सालाना 40 लाख रुपये (40 LPA) कमा रहे हैं, तो आपकी लाइफस्टाइल लगभग वैसी ही है जैसी अमेरिका में सालाना 1,92,000 डॉलर कमाने वाले व्यक्ति की होती है।” उन्होंने आगे लोगों से ये भी कहा कि वे टैक्स को लेकर सोशल मीडिया पर बेवजह शिकायत करना बंद करें।

यूजर ने किया कमेंट

इस दावे पर नवीन नेगी नाम के एक अन्य यूजर ने आपत्ति जताई। उनके मुताबिक, इस तरह की तुलना करते समय भारत और अमेरिका की परचेजिंग पावर और घर-कार जैसी बड़ी संपत्तियों की कीमतों में मौजूद बड़े अंतर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने X पर लिखा, “अगर आप कभी अमेरिका में नहीं रहे हैं, तो इस तरह की बेवकूफी भरी बातें नहीं करनी चाहिए।” इसके बाद उन्होंने दोनों देशों में घरों और कारों की कीमतों का भी उदाहरण दिया।

3 लाख डॉलर में घर खरीद सकते हैं

नवीन नेगी ने लिखा, “सिर्फ जानकारी के लिए बता दूं कि अगर अमेरिका में आपकी सालाना आय 1.90 लाख डॉलर है, तो आज भी ऑस्टिन जैसे शहर में करीब 3 लाख डॉलर में 3BHK कॉन्डोमिनियम खरीदा जा सकता है। वहीं लगभग 50 हजार डॉलर में BMW 3 सीरीज का बेस मॉडल मिल जाता है, जो 1.90 लाख डॉलर की सालाना कमाई का करीब एक-चौथाई हिस्सा है।”

भारत में घर खरीदना मुश्किल

नवीन नेगी ने आगे कहा कि अगर भारत में किसी व्यक्ति की सालाना आय 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 80 लाख रुपये भी कर दी जाए, तब भी कई टियर-1 शहरों में आराम से दो बेडरूम का फ्लैट खरीदना आसान नहीं होगा। उन्होंने लिखा, “मान लीजिए भारत में किसी की सालाना कमाई 40 लाख रुपये की जगह 80 लाख रुपये हो जाए, तब भी देश के किसी बड़े टियर-1 शहर में आसानी से 2BHK फ्लैट खरीदना मुश्किल है। वहीं भारत में BMW 3 सीरीज की कीमत करीब 80 लाख रुपये या उससे अधिक है, जो एक साल की आय से लगभग दोगुनी बैठती है।”

 

नेगी ने कहा कि उनकी तुलना सिर्फ घरों और कारों तक सीमित नहीं है। उन्होंने लिखा, “मैंने अभी कम ब्याज दरों, सस्ती लीज की सुविधाओं, क्रेडिट कार्ड का बकाया दूसरे कार्ड में ट्रांसफर करने जैसी सुविधाओं और कई अन्य बातों का जिक्र भी नहीं किया है, जो अमेरिका में लोगों की खरीदने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं। इसके अलावा, अमेरिका में सरकारी स्कूलों की शिक्षा भी अच्छी गुणवत्ता की होती है और लगभग मुफ्त होती है।”

लोगों ने दिया मजेदारा रिएक्शन

इस बहस ने सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींचा और बड़ी संख्या में यूजर्स ने अपनी-अपनी राय रखी। एक यूजर ने लिखा, “बेंगलुरु में किसी अच्छी सोसाइटी में 3BHK फ्लैट की कीमत 2 करोड़ रुपये से कम नहीं है। अगर आप साल में 10 लाख रुपये भी बचाते हैं, तो बिना ब्याज जोड़े सिर्फ घर खरीदने में ही 20 साल लग जाएंगे।” एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “आप सिर्फ चीजों की कीमतों की तुलना कर रहे हैं। क्या अमेरिका में 1.90 लाख डॉलर सालाना कमाने वाला व्यक्ति फुल-टाइम घरेलू मदद रख सकता है? वहां सेवाएं काफी महंगी हैं।”

Bhuvneshwar Kumar: ‘कोई अफसोस नहीं है…’टीम इंडिया में वापसी को लेकर भुवनेश्वर कुमार ने तोड़ी चुप्पी

भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार पिछले काफी समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। हाल ही में पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल करने की बात कही थी। अब भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया में अपनी वापसी को लेकर चुप्पी तोड़ी है। भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि अब भारतीय टीम में उनकी वापसी की संभावना काफी कम है। वहीं आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए भुवनेश्वर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कुछ दिनों पहले कहा था कि, अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए भुवनेश्वर कुमार के अनुभव पर चयनकर्ताओं को जरूर विचार करना चाहिए।

भुवी ने खुलकर की बात

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने अपने मौजूदा सोच के बारे में खुलकर बात की। भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं IPL और डोमेस्टिक क्रिकेट इसलिए खेल रहा हूं क्योंकि मुझे यह गेम पसंद है। जब आप यंग होते हैं और इंडिया के लिए खेलते हैं, तो आप कहते हैं कि आपको गेम पसंद है। लेकिन सच कहूं तो, ‘जो कंट्रोल में है उसे कंट्रोल करो’, ‘ज्यादा मत सोचो’, या ‘गेम के पैशन के लिए खेलो’ जैसी बातें, मैं अब सच में उन चीजों को महसूस कर सकता हूं।”

भारत के लिए पहले खेल चुका हूं

36 साल के भुवी ने कहा, “मैं पहले भारत के लिए खेल चुका हूं। अब ऐसा नहीं है कि मुझे इसे हासिल करना बाकी है। अगर दोबारा देश के लिए खेलने का मौका मिलता है तो यह मेरे लिए खुशी की बात होगी, लेकिन मैं उस सफर का हिस्सा पहले ही रह चुका हूं। आज मैं जो भी क्रिकेट खेल रहा हूं, वह सिर्फ इस खेल के प्रति अपने प्यार की वजह से खेल रहा हूं। मुझे पता है कि आगे भी मुझे डिसिप्लिन बनाए रखना होगा।”

अपने प्रदर्शन को लेकर क्या कहा

“मेरे अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी दौर में मेरा प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा और इसके बाद मैं भारत की सीमित ओवरों की टीम से बाहर हो गया। टेस्ट क्रिकेट में भी मैंने अपना आखिरी मैच साल 2018 में खेला था। अब मैं घरेलू क्रिकेट और उत्तर प्रदेश टी20 लीग में खेलता हूं। मैं कोशिश करता हूं कि खेल से मेरा तालमेल बना रहे। साथ ही, मैं अपने शरीर को फिट और तरोताजा रखने के लिए जरूरत के मुताबिक आराम भी करता हूं।”

घर पर नहीं होती क्रिकेट की बातें

भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं पूरी तरह शांत हूं और इसका सबसे बड़ा श्रेय अपने परिवार को देता हूं। घर पर हम कभी क्रिकेट की बातें नहीं करते। न ही इस पर चर्चा होती है कि मेरी भारतीय टीम में वापसी होगी या नहीं, मुझे क्यों नहीं चुना गया या क्या गलत हुआ। मुझे किसी बात का कोई अफसोस नहीं है। मैं अच्छी तरह समझता हूं कि बदलाव खेल का हिस्सा है और समय के साथ नई पीढ़ी आती है। यह अनुभव सिर्फ मेरे साथ नहीं हुआ है और न ही मैं आखिरी खिलाड़ी हूं जिसके साथ ऐसा हुआ हो। यही खेल की प्रकृति है। मेरे परिवार ने हर कदम पर मेरा साथ दिया है। मैं जहां हूं, वहां खुश हूं।”

2022 में खेला था आखिरी मैच

भुवनेश्वर कुमार अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भूवी ने नवंबर 2022 के बाद से भारतीय टीम के लिए कोई मैच नहीं खेला है। लंबे क्रिकेट करियर के दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी में लगातार सुधार किया है। समय के साथ उनकी रफ्तार बढ़ी और उन्होंने यॉर्कर व कटर जैसी गेंदों पर भी अच्छी पकड़ बना ली। यही अनुभव और नई तकनीक उन्हें आज भी एक प्रभावी तेज गेंदबाज बनाती है, जिसकी झलक आईपीएल में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन में देखने को मिलती है।