एक्स ओरेकल बेंगलुरु के एम्प्लोयी को ऐसे मिला MBA डिग्री का फायदा, 25 हजार से सीधा 1 लाख हुई सैलरी

ओरेकल के पूर्व कर्मचारी प्रदीप कन्नन अपने करियर को कॉर्पोरेट भूमिका से एंटरप्रेन्योरशिप की ओर ले जाने का श्रेय अपने MBA को देते हैं। उनका कहना है कि इस डिग्री ने उन्हें ज़रूरी बिजनेस समझ और एक मजबूत आधार दिया, साथ ही उनकी सैलरी को भी ₹25,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख प्रति माह कर दिया। आजकल मुफ्त में सीखने के कई आधुनिक साधन मौजूद होने के बावजूद, कन्नन इस बात पर ज़ोर देते हैं कि MBA का उनकी ज़िंदगी की दिशा और एंटरप्रेन्योरशिप के सफ़र पर एक खास असर रहा है।

क्या एक डिग्री आपके करियर की दिशा पूरी तरह बदल सकती है? ऐसे समय में जब AI, YouTube और पॉडकास्ट की वजह से बिज़नेस से जुड़ी जानकारी पहले से कहीं ज़्यादा आसानी से मिल रही है, कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या MBA में निवेश करना अब भी फ़ायदेमंद है।

Oracle बेंगलुरु के पूर्व कर्मचारी प्रदीप कन्नन के लिए, इसका जवाब उनके अपने अनुभव से मिलता है। X पर शेयर की गई एक पोस्ट में, उन्होंने बताया कि कैसे MBA ने न सिर्फ उनकी महीने की सैलरी 25,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी, बल्कि उन्हें कॉर्पोरेट जिंदगी छोड़कर एंटरप्रेन्योर बनने का आत्मविश्वास और बिजनेस की समझ भी दी।

उन्होंने लिखा, “अगर मैंने MBA नहीं किया होता, तो मैं एंटरप्रेन्योर नहीं बन पाता। जब मैंने 2010 में MBA शुरू किया था, तब मुझे बिजनेस की कोई समझ नहीं थी। मैं दक्षिण भारत के एक टियर-3 शहर से आया था।”

कन्नन ने बताया कि MBA से उन्हें पहली बार असल में समझ आया कि बिजनेस कैसे काम करते हैं। बिजनेस स्कूल में जाने से पहले, उन्हें एंटरप्रेन्योरशिप या बिजनेस मैनेजमेंट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्होंने आगे कहा, “MBA मेरे लिए यह समझने का पहला मौका था कि बिजनेस असल में कैसे काम करते हैं। इसने मुझे एक ऐसा आधार दिया जो मैं कहीं और नहीं बना सकता था। मेरी सैलरी ₹25,000 प्रति माह से बढ़कर ₹1 लाख प्रति माह हो गई।”

हालांकि सैलरी में चार गुना बढ़ोतरी एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन कन्नन का कहना है कि असली बदलाव उनकी सोच में आया। उन्होंने 2010 के सीखने के माहौल की तुलना आज उपलब्ध मौकों से भी की।

उन्होंने आगे कहा, “आज, 2026 में, आप लगभग सब कुछ ऑनलाइन सीख सकते हैं। AI आपको स्ट्रेटेजी सिखा सकता है। YouTube आपको फाइनेंस सिखा सकता है। पॉडकास्ट आपको मार्केटिंग सिखा सकते हैं। लेकिन 2010 में, ऐसी दुनिया नहीं थी। कई लोगों के लिए, MBA बस एक और डिग्री थी। मेरे लिए, इसने मेरी जिंदगी की दिशा बदल दी।”

News18 की रिपोर्ट के अनुसार, कन्नन ने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करना जारी रखा और फिर 2019 में एक अलग रास्ता चुनने का फैसला किया। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और ‘द फालूदा शॉप’ (The Falooda Shop) शुरू किया, जो पारंपरिक भारतीय ड्रिंक्स से प्रेरित एक डेज़र्ट ब्रांड है।

जो एक छोटा सा बिज़नेस शुरू हुआ था, वह अब लगभग ₹9 करोड़ की वैल्यू वाले बिज़नेस में बदल गया है। यह ब्रांड अब भारत और दुबई में 18 से ज्यादा आउटलेट चलाता है, जहां कई तरह के फालूदा, मिल्कशेक और डेजर्ट मिलते हैं।

Totapuri Mango Price Crash: तोतापरी आम के दामों में भारी गिरावट की टेंशन! अब इसके लिए हाई लेवल कमेटी का ऐलान

आंध्र प्रदेश में तोतापरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट और इसके कारण किसानों के बीच पैदा हुए संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने इस समस्या के अध्ययन के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में आंध्र प्रदेश का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान किसानों ने उनके सामने पिछले कुछ महीनों में तोतापरी आम की कीमतों में आई भारी गिरावट का मुद्दा उठाया था। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों ने बताया कि मुख्य रूप से प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए उगाए जाने वाले इस आम के दाम गिरने से उनकी इनकम पर बहुत बुरा असर पड़ा है। किसानों की इसी चिंता को देखते हुए कृषि मंत्री ने कमेटी गठन करने का आदेश जारी किया।

वैल्यू चेन की पूरी समीक्षा करेगी वैज्ञानिकों की कमेटी

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक वैज्ञानिकों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों को मिलाकर बनाई गई यह कमेटी तोतापरी आम की पूरी वैल्यू चेन की विस्तृत समीक्षा करेगी। इस समीक्षा के दायरे में नीचे दिए गए विषय शामिल होंगे-

तोतापरी आम की खेती

  • प्रोसेसिंग
  • मार्केटिंग
  • घरेलू व्यापार
  • निर्यात

इसके साथ ही यह पैनल किसानों की कमाई में सुधार करने और इस पूरे सेक्टर को एक टिकाऊ व मजबूत स्थिति में लाने के लिए जरूरी उपायों के सुझाव भी देगा।

डॉ टी दामोदरन संभालेंगे कमेटी की कमान

लखनऊ स्थित ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान से जारी आदेश के मुताबिक इस उच्च स्तरीय समिति की कमान डॉ टी दामोदरन (निदेशक, ICAR-CISH) को सौंपी गई है। वही इसके अध्यक्ष होंगे। कमेटी में इनके अलावा डॉ. एम शंकरण, प्रमुख, फल फसल प्रभाग, ICAR-IIHR, बेंगलुरु, डॉ. एच एस सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, ICAR-CISH, डॉ. डी श्रीनिवास रेड्डी, प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर (अनंतराजुपेटा), डॉ. वाईएसआर हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश के बागवानी निदेशक या उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे।

10 दिनों के भीतर ग्राउंड जीरो पर जाएगी कमेटी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमेटी को निर्देश दिया है कि वे अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापरी उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करें। ग्राउंड लेवल की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए कमेटी को किसानों, प्रोसेसर्स, निर्यातकों, राज्य के बागवानी अधिकारियों और किसान उत्पादक संगठनों के साथ सीधा परामर्श करने के लिए कहा गया है।

सरकार को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

अपने फील्ड स्टडी और सभी पक्षों के साथ किए गए विचार-विमर्श के आधार पर यह कमेटी कृषि मंत्रालय को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट में कीमतों को स्थिर करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने, प्रोसेसिंग व एक्सपोर्ट क्षमता को मजबूत करने के लिए अहम सिफारिशें शामिल होंगी। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिलकर की जाने वाली संयुक्त कार्रवाई के लिए FPOs, प्रोसेसर्स और निर्यातकों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का रोडमैप भी सुझाया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने साफ तौर पर कहा है कि तोतापरी उत्पादकों की आय और उनकी आजीविका की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कमेटी की रिपोर्ट और निष्कर्षों के आधार पर किसानों की मदद करने, वैल्यू एडिशन को बढ़ाने और इस सेक्टर में निर्यात व निवेश के अवसरों का विस्तार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश में इस समय तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की सरकार है। टीडीपी केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक बेहद महत्वपूर्ण सहयोगी पार्टी है।

भारत के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित स्कूलों की पूरी लिस्ट, जहां फीस करोड़ों में और सुविधाएं इंटरनेशनल लेवल की हैं

भारत में कुछ चुनिंदा स्कूल ऐसे हैं जो सिर्फ पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अपने लग्जरी कैंपस, इंटरनेशनल लेवल की पढ़ाई और लाखों-करोड़ों की फीस के लिए भी जाने जाते हैं। यहां एडमिशन लेना हर किसी के बस की बात नहीं होती। ये स्कूल उन परिवारों की पहली पसंद बनते हैं जो अपने बच्चों को ग्लोबल एक्सपोजर, बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स और लीडरशिप क्वालिटी के साथ तैयार करना चाहते हैं। देहरादून, ग्वालियर, मुंबई, मसूरी और ऊटी जैसे शहरों में स्थित ये संस्थान आधुनिक शिक्षा और पारंपरिक मूल्यों का शानदार मेल पेश करते हैं।

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1. दून स्कूल, देहरादून

भारत के सबसे प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों में शामिल दून स्कूल को अक्सर “भारत का ईटन” कहा जाता है। यहां से कई पूर्व प्रधानमंत्री, बड़े उद्योगपति और नामी हस्तियां पढ़ चुकी हैं। यह स्कूल छात्रों के समग्र विकास पर जोर देता है, जिसमें पढ़ाई के साथ खेल, बहस और नेतृत्व क्षमता शामिल है। इसकी वार्षिक फीस लगभग ₹13.62 लाख से ₹20 लाख तक है।

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2. सिंधिया स्कूल, ग्वालियर

ग्वालियर किले के ऐतिहासिक परिसर में स्थित यह स्कूल अपनी शाही विरासत और अनुशासित शिक्षा प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है। यहां छात्रों को न सिर्फ अकादमिक ज्ञान दिया जाता है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने पर भी ध्यान दिया जाता है। इसकी वार्षिक फीस ₹8.2 लाख से ₹18.2 लाख तक है।

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3. एकोल मोंडियल वर्ल्ड स्कूल, मुंबई

यह एक प्रमुख इंटरनेशनल स्कूल है जो आईबी (IB) करिकुलम पर आधारित शिक्षा देता है। यह स्कूल खासतौर पर उन परिवारों में लोकप्रिय है जो ग्लोबल एजुकेशन सिस्टम को प्राथमिकता देते हैं। आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग और इंटरनेशनल स्टूडेंट कम्युनिटी इसकी खास पहचान है। वार्षिक फीस ₹6.9 लाख से ₹15 लाख तक है।

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4. मेयो कॉलेज, अजमेर

रॉयल फैमिली के बच्चों के लिए स्थापित यह स्कूल आज भी अपनी शाही परंपरा के लिए जाना जाता है। इसे “भारत का इटन” भी कहा जाता है। यहां छात्रों को अनुशासन, संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का बेहतरीन मिश्रण मिलता है। इसकी फीस ₹15 लाख से ₹20 लाख तक है।

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5. वुडस्टॉक स्कूल, मसूरी

हिमालय की गोद में बसा यह स्कूल एशिया के सबसे पुराने इंटरनेशनल स्कूलों में से एक है। यहां का शांत और प्राकृतिक वातावरण पढ़ाई के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। यह स्कूल वैश्विक स्तर का करिकुलम और बेहतरीन हॉस्टल सुविधाएं प्रदान करता है। फीस ₹16 लाख से ₹20 लाख तक जाती है।

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6. अमेरिकन स्कूल ऑफ बॉम्बे, मुंबई

यह स्कूल खासकर डिप्लोमैट्स, एनआरआई और हाई-प्रोफाइल परिवारों में बेहद लोकप्रिय है। यहां अमेरिकी स्टाइल का करिकुलम और अत्याधुनिक सुविधाएं मिलती हैं। छात्रों को ग्लोबल यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए तैयार किया जाता है। वार्षिक फीस ₹17 लाख से ₹20 लाख तक है।

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7. गुड शेफर्ड इंटरनेशनल स्कूल, ऊटी

नीलगिरि की पहाड़ियों में स्थित यह प्रीमियम बोर्डिंग स्कूल अपनी खूबसूरत लोकेशन और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाता है। यहां अकादमिक के साथ-साथ खेल और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर भी खास ध्यान दिया जाता है। इसकी फीस ₹11.8 लाख से ₹27.3 लाख+ तक पहुंच जाती है।

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8. हैरो इंटरनेशनल स्कूल, बेंगलुरु

ब्रिटिश शिक्षा प्रणाली से प्रेरित यह स्कूल भारत में प्रीमियम इंटरनेशनल एजुकेशन का नया चेहरा माना जाता है। यहां छात्रों को ग्लोबल स्टैंडर्ड की पढ़ाई, आधुनिक लैब्स और इंटरनेशनल एक्सपोजर मिलता है। यह स्कूल भविष्य के लीडर्स तैयार करने पर फोकस करता है। इसकी वार्षिक फीस ₹18 लाख से ₹23 लाख तक है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई वार्षिक फीस की जानकारी अनुमानित है। वास्तविक फीस कक्षा, हॉस्टल सुविधा, एडमिशन चार्ज और अन्य कारणों के अनुसार अलग हो सकती है। सटीक जानकारी के लिए संबंधित स्कूल से संपर्क करना उचित रहेगा।

LPG Price Today: कमर्शियल LPG सिलेंडर पर सरकार का बड़ा अपडेट, जानिए अपने शहर के ताजा रेट

LPG Price Today: इंडस्ट्रियल और कमर्शियल LPG का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर पिछले दो महीनों से लागू सभी पाबंदियां हटा दी हैं और सिलेंडरों की सप्लाई को फिर से सामान्य स्तर पर बहाल कर दिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के इस फैसले के पीछे पश्चिम एशिया में तनाव कम होना, होर्मुज (Strait of Hormuz) के फिर से सामान्य रूप से खुलना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को प्रमुख वजह माना जा रहा है। क्योंकि इन परिस्थितियों के चलते समुद्री मार्ग से LPG का आयात फिर से सामान्य हो गया है।

क्यों लगाई गई थी पाबंदियां?

पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़े तनाव के चलते सरकार ने अप्रैल में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर 15 दिन का लॉक-इन नियम लागू किया था। इसका मकसद सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाना था। इस नियम के कारण होटल, रेस्तरां, पीजी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान 15 दिनों के भीतर दूसरा कमर्शियल गैस सिलेंडर बुक नहीं कर सकते थे। अब हालात सामान्य होने के बाद सरकार ने यह प्रतिबंध हटा दिया है, जिससे कारोबारी जरूरत के अनुसार फिर से कमर्शियल सिलेंडर बुक करा सकेंगे।

इस बीच, आज देश भर में LPG की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 942 रुपये और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 3113.5 रुपये है। चलिए जानते हैं आपके शहर में क्या है रेट?

जानिए अपने शहर का रेट 

शहर घरेलू सिलेंडर की कीमतकमर्शियल सिलेंडर की कीमत
दिल्ली 942.0 रुपये3113.5 रुपये
मुंबई941.5 रुपये 3067.5 रुपये
कोलकाता968.0 रुपये3256.0 रुपये
चेन्नई 957.5 रुपये 3283.0 रुपये
बेंगलुरु944.5 रुपये 3198.0 रुपये
पोर्ट ब्लेयर1018.0 रुपये3544.0रुपये
नोएडा939.50 रुपये3113.50 रुपये
गाजियाबाद939.50 रुपये3113.50 रुपये
पटना1031.5 रुपये3400.5 रुपये

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Viral Post: 35 KM के लिए मांगे 3000 रुपए…बेंगलुरु में 2 युवकों से ऑटो चालक ने की बदसलूकी! वायरल हुआ पोस्ट

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेंगलुरु शहर की एक कहानी तेजी से वायरल हो रही है। बेंगलुरु में एक ऑटो चालक पर 2 युवकों के साथ मारपीट करने और उनसे जबरन पैसे लेने के आरोप लगे हैं। इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक हाल ही में शहर आए थे और इसी दौरान उनके साथ ये घटना हुई। मामला सामने आने के बाद बेंगलुरु में नए आने वाले लोगों की सेफ्टी को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

ये मामला तब चर्चा में आया जब सानू नाम के एक इंजीनियर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट शेयर किया। उन्होंने दावा किया कि “बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के कुछ ही समय बाद गांव से आए 2 युवा लड़कों को निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में दावा किया गया कि गांव से आए 2 युवा रोजगार की तलाश में शहर पहुंचे थे। वे SMVT रेलवे स्टेशन से होसुर जाने के लिए अट्टीबेले तक ऑटो में बैठे थे। करीब 35 किलोमीटर की यात्रा के बाद ऑटो चालक ने उनसे 3,000 रुपये की मांग की।”

 

पोस्ट के अनुसार, “युवक घबराकर मदद के लिए फोन करने लगे, लेकिन चालक ने कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन छीन लिया। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस और शहर पुलिस से मदद की अपील भी की गई।

पहली बार आए थे बेंगलुरु

सानू द्वारा शेयर की गई जानकारी के अनुसार, “2 युवा पहली बार बेंगलुरु पहुंचे थे और उन्हें होसुर जाने के लिए सही रास्ते की जानकारी नहीं थी। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के बाहर एक ऑटो चालक ने उनसे संपर्क किया और कहा कि वह उन्हें बस स्टैंड तक पहुंचा देगा। आरोप है कि ऑटो चालक ने दोनों युवकों को बताया कि इस सफर के लिए 50 रुपये प्रति व्यक्ति किराया देना होगा, जिसके बाद वे उसके साथ चले गए।” पोस्ट में आगे कहा गया कि, जब ऑटो चालक को पता चला कि दोनों युवक शहर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते हैं, तो उसने रास्ते में एक अन्य व्यक्ति को भी अपने साथ शामिल कर लिया।

छिन लिए युवक के फोन

इसके बाद 2 युवकों को लेकर ऑटो शहर से बाहर अट्टीबेले की दिशा में बढ़ा। कुछ समय बाद ऑटो एक सुनसान इलाके में जाकर रुका, जिससे दोनों युवक घबरा गए। आरोपों के अनुसार, ऑटो चालक और उसके साथी ने दोनों किशोरों से सफर के बदले 3,000 रुपये की मांग की। जब युवकों ने बताया कि उनके पास इतनी रकम नहीं है, तो दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इतना ही नहीं, आरोप है कि उन्होंने दोनों युवकों के साथ मारपीट भी की और उन पर पैसे देने का दबाव बनाया। घटना के दौरान 2 पीड़ित किशोर किसी तरह उनसे संपर्क करने में सफल हो गए थे।

उनके अनुसार, बातचीत के दौरान फोन पर घबराहट और शोर-शराबे की आवाजें सुनाई दे रही थीं। हालांकि कुछ ही देर बाद कॉल अचानक कट गई। इसके बाद जब उन्होंने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो कोई जवाब नहीं मिला। आरोप है कि उस समय तक दोनों युवकों के मोबाइल फोन उनसे छीन लिए गए थे, जिससे उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया।

शेयर किया स्क्रीनशॉट

सानू ने बाद में सोशल मीडिया पर एक नई जानकारी साझा करते हुए बताया कि 2 किशोरों को उनके मोबाइल फोन वापस मिल गए, लेकिन इसके लिए उन्हें पैसे देने पड़े। उनके अनुसार, पहले 2,000 रुपये देने की बात सामने आई थी, जबकि बाद में उन्होंने दावा किया कि कुल 2,400 रुपये का भुगतान किया गया था। आरोप है कि युवकों के पास पर्याप्त नकदी नहीं थी, इसलिए यह रकम UPI के जरिए भेजी गई। सानू ने कथित लेनदेन का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया और बेंगलुरु पुलिस को टैग करते हुए मामले की जांच की मांग की। उनका कहना है कि डिजिटल भुगतान के रिकॉर्ड से आरोपियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

X पर साझा की गई ये पोस्ट कुछ ही समय में तेजी से वायरल हो गईं। इस कथित घटना को लेकर कई यूजर्स ने हैरानी जताई और नाराजगी व्यक्त की। बड़ी संख्या में लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।