Gold Price Today: सोने में तेजी का कमबैक, दिल्ली में ₹132560 पर पहुंचा 22 कैरेट; चेक करें अपने शहर का भाव

देश में सोने की कीमत में तेजी लौट आई है। 10 जुलाई की सुबह ज्यादातर शहरों में 24 और 22 कैरेट गोल्ड के दाम में इजाफा देखा जा रहा है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 144600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। वैश्विक बाजारों में सोने में लौटी तेजी का असर घरेलू बाजार में भी दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,104.75 डॉलर प्रति औंस हो गया है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में सोने की कीमत में 350 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144600 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132560 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132410 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144450 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145320 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 133210 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144450 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132410 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132560144600
मुंबई132410144450
अहमदाबाद132460144500
चेन्नई133210145320
कोलकाता132410144450
हैदराबाद132410144450
जयपुर132560144600
भोपाल132460144500
लखनऊ132560144600
चंडीगढ़132560144600

चांदी की कीमत

दूसरी ओर चांदी की कीमत में गिरावट बनी हुई है। 10 जुलाई की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.96 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Yamaha का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, मिलेगी 117 km की IDC रेंज, जानें कीमत

Yamaha Aerox E: Yamaha ने भारत में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha Aerox E लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 2.82 लाख रुपये (दिल्ली) रखी गई है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को पिछले साल पेश किया गया था और अब इसे भारत के कुछ शहरों में खरीदने के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। फिलहाल Yamaha Aerox E दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई और पुणे में बिक्री के लिए उपलब्ध है। बता दें कि यह इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में मौजूद Ather 450 Apex, TVS X और Ola S1 Pro जैसे दमदार इलेक्ट्रिक स्कूटर को टक्कर देगा।

पावरट्रेन और रेंज

Yamaha Aerox E में दो 1.5kWh की हटाने योग्य (Removable) बैटरी पैक दिए गए हैं। इसमें Permanent Magnet Synchronous Motor (PMSM) लगी है, जो 9.4 kW (12.60hp) की पावर और 48Nm का टॉर्क जनरेट करती है। कंपनी के अनुसार, यह इलेक्ट्रिक स्कूटर फुल चार्ज होने पर 117 किलोमीटर तक की IDC सर्टिफाइड रेंज दे सकता है। वहीं, Power Mode में Boost फीचर ऑन करने पर इसकी टॉप स्पीड 95.5 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

बैटरी चार्जिंग की बात करें तो, एक बैटरी पैक को 0 से 100% चार्ज होने में करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगता है। अगर दोनों बैटरियों को एक साथ चार्ज किया जाए, तो इन्हें पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 6 घंटे 20 मिनट लग सकते हैं।

Yamaha Aerox E का डिजाइन और डायमेंशन

देखने में, Aerox E काफी हद तक अपने पेट्रोल वाले मॉडल, Aerox 155 जैसी ही लगती है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव नया TFT डिस्प्ले है, जिसने ICE मॉडल वाले LCD कंसोल की जगह ली है। इसके अलावा, इसमें आपको शार्प बॉडीवर्क के साथ वही स्पोर्टी मैक्सी-स्कूटर स्टाइलिंग मिलती है। इस स्कूटर का व्हीलबेस 1,360mm और कर्ब वेट 139 kg है, जो इसे स्टैंडर्ड Aerox 155 से लगभग 13 kg भारी बनाता है।

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 14-इंच के अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। इसमें आगे की तरफ 110/80 टायर और पीछे की तरफ 140/70 टायर मिलते हैं, जो इसे बेहतर स्टेबिलिटी और स्पोर्टी राइडिंग अनुभव देने में मदद करते हैं।

Yamaha Aerox E के फीचर्स

Yamaha नई Aerox E में इकॉनमी, स्टैंडर्ड और पावर राइडिंग मोड देता है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में बूस्ट मोड, रिवर्स मोड और ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम भी है। इसकी अन्य खासियतों में Yamaha Y-Connect के साथ ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, आगे और पीछे डिस्क ब्रेक, LED हेडलैंप और LED टेललैंप, TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और सिंगल-चैनल ABS शामिल हैं।

यह भी पढ़ें: 9 जुलाई को होगा Nissan Tekton का ग्लोबल डेब्यू, Creta-Seltos को देगी कड़ी टक्कर

पूरा देश घूमने के बराबर है इन शानदार लाइब्रेरीज का सफर करना, जहां मिलती है ज्ञान की अनमोल दुनिया!

भारत में लाइब्रेरी सिर्फ किताबों को रखने की जगह नहीं हैं, बल्कि ये देश के इतिहास, संस्कृति, साहित्य और ज्ञान की धरोहर को संभालकर रखने वाले सेंटर हैं। कई लाइब्रेरी ऐसी हैं जो 100 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं और आज भी रिसर्चर, स्टूडेंट और हिस्ट्री लवर के लिए नॉलेज का बड़ा सोर्स बनी हुई हैं। आइए जानते हैं भारत की कुछ सबसे पुरानी और पॉपुलर लाइब्रेरी के बारे में:

1. रज़ा लाइब्रेरी, रामपुर

रज़ा लाइब्रेरी - विकिपीडिया

रज़ा लाइब्रेरी भारत की सबसे पॉपुलर ऐतिहासिक लाइब्रेरी में से एक है। इसकी स्थापना 1774 में रामपुर के नवाब परिवार द्वारा की गई थी। यहां अरबी, फारसी, उर्दू, संस्कृत और हिंदी भाषा की हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां और किताबें सेफ रखी गई हैं।

इस लाइब्रेरी में इस्लामी आर्ट, भारतीय इतिहास, साहित्य, खगोल विज्ञान, गणित और दर्शन से जुड़ी दुर्लभ मटेरियल मौजूद है। यहां रखी कई पांडुलिपियां हाथ से लिखी हुई हैं और ऐतिहासिक नजर से बेहद जरुरी मानी जाती हैं।

रज़ा लाइब्रेरी अपनी खूबसूरत आर्किटेक्टर और दुर्लभ संग्रह के लिए दुनियाभर में जानी जाती है।

2. कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी, चेन्नई

Chennai: Newly revamped Connemara Library offers better spaces for book lovers, researchers - The Hindu

कोनेमारा पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना 1896 में चेन्नई में हुई थी। यह भारत की चार राष्ट्रीय डिपॉजिटरी लाइब्रेरी में से एक है, जहां देश में पब्लिश्ड हर पुस्तक, समाचार पत्र और पत्रिका की एक सेफ रखी जाती है।

इस लाइब्रेरी में लाखों किताबों का विशाल संग्रह मौजूद है, जिसमें साहित्य, विज्ञान, इतिहास, कला और कई अन्य विषय शामिल हैं। यहां दुर्लभ किताबों और पुराने डॉक्यूमेंट का भी बड़ा संग्रह है।

इसकी इमारत इंडो-सारासेनिक आर्किटेक्टर का सुंदर उदाहरण है। यह जगह न सिर्फ किताबों के लिए बल्कि अपनी ऐतिहासिक इमारत और शांत वातावरण के लिए भी पॉपुलर है।

3. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया, कोलकाता

National Library, Calcutta

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया भारत की सबसे बड़ी लाइब्रेरी मानी जाती है। इसकी शुरुआत 1836 में कलकत्ता पब्लिक लाइब्रेरी के रूप में हुई थी और बाद में इसे नेशनल लेवल की लाइब्रेरी का दर्जा मिला।

इस लाइब्रेरी में करोड़ों किताबें, पांडुलिपियां, समाचार पत्र और ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट मौजूद हैं। यहां भारतीय भाषाओं के साथ-साथ दुनिया की कई भाषाओं की किताबें अवेलेबल हैं।

यह लाइब्रेरी शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। यहां भारत के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास से जुड़ी कई दुर्लभ मटेरियल सेफ है।

4. इलाहाबाद पब्लिक लाइब्रेरी, प्रयागराज

Allahabad Public Library also known as Thornhill Mayne Memorial is a public library situated at Alfred Park in Prayagraj, India. Established in 1864, it is the biggest library in the state of

इलाहाबाद पब्लिक लाइब्रेरी की स्थापना 1863 में हुई थी। यह उत्तर भारत की सबसे पुरानी सार्वजनिक लाइब्रेरी में से एक है। इसे पहले थॉर्नहिल मेमोरियल लाइब्रेरी के नाम से भी जाना जाता था।

यहां हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू और अन्य भाषाओं की हजारों किताबें अवेलेबल हैं। लाइब्रेरी में इतिहास, साहित्य, धर्म, विज्ञान और कला से संबंधित कई पुस्तकें मौजूद हैं।

इसकी इमारत विक्टोरियन और गोथिक शैली की वास्तुकला का उदाहरण है। ऐतिहासिक महत्व के कारण यह जगह किताब प्रेमियों और टूरिस्ट को भी अट्रैक्ट करता है।

5. स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी, बेंगलुरु

The State Central Library in Bengaluru, Karnataka

बेंगलुरु की स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी की स्थापना 1915 में हुई थी। यह कर्नाटक की सबसे सार्वजनिक लाइब्रेरी में से एक है। यह कब्बन पार्क के पास अपनी लाल रंग की खूबसूरत इमारत के लिए पॉपुलर है।

इस लाइब्रेरी में लाखों किताबों का कलेक्शन है, जिसमें साहित्य, विज्ञान, इतिहास और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकें शामिल हैं। यहां स्टूडेंट और रिसर्चर बड़ी संख्या में आते हैं।

यह लाइब्रेरी लंबे समय से बेंगलुरु के लोगों के लिए ज्ञान और शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।

6. खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी, पटना

Visit Patna's Khuda Baksh Oriental Library | Incredible India

खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी की स्थापना 1891 में पटना में हुई थी। इसकी शुरुआत खुदा बख्श खान ने अपने प्राइवेट कलेक्शन को सार्वजनिक रूप देकर की थी।

यहां अरबी, फारसी, उर्दू और इस्लामी साहित्य की हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां सेफ हैं। इसके संग्रह में मुगलकालीन चित्र, ऐतिहासिक दस्तावेज और दुर्लभ किताबें भी शामिल हैं।

यह लाइब्रेरी एशिया की ओरिएंटल लाइब्रेरी में गिनी जाती है और दुनियाभर के रिसर्चर यहां स्टडी के लिए आते हैं।

7. डेविड ससून लाइब्रेरी, मुंबई

Old David Sassoon Library Stock Photos - Free & Royalty-Free Stock Photos from Dreamstime

डेविड ससून लाइब्रेरी की स्थापना 1870 में मुंबई में हुई थी। इसका नाम पॉपुलर बिजनेसमैन और समाजसेवी डेविड ससून के नाम पर रखा गया है।

यह लाइब्रेरी अपनी सुंदर गोथिक आर्किटेक्टर, लकड़ी की अलमारियों और पुराने जमाने के शांत एनवायरनमेंट के लिए पॉपुलर है। यहां साहित्य, इतिहास, कला और अन्य विषयों की हजारों किताबें मौजूद हैं।

मुंबई की विरासत इमारतों में शामिल यह लाइब्रेरी आज भी पाठकों और टूरिस्ट के अट्रैक्शन हब है।

8. सरस्वती महल लाइब्रेरी, तंजावुर

Saraswathi Mahal Library #Thanjuvur

सरस्वती महल लाइब्रेरी भारत की सबसे पुरानी लाइब्रेरी में से एक है। इसकी शुरुआत तंजावुर के नायक और मराठा शासकों के समय हुई थी।

इस लाइब्रेरी में संस्कृत, तमिल, तेलुगु और मराठी भाषाओं की हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां सेफ हैं। यहां आयुर्वेद, खगोल विज्ञान, साहित्य, इतिहास और धर्म के मटेरियल सेफ है।

यह लाइब्रेरी भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का अनमोल खजाना मानी जाती है और रिसर्चर के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

भारत की ये पुरानी लाइब्रेरी सिर्फ किताबों का कलेक्शन नहीं हैं, बल्कि देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। इन जगहों पर सेफ रेयर डॉक्यूमेंट और पांडुलिपियां आने वाली पीढ़ियों को भारत के ज्ञान और इतिहास से जोड़ने का काम करती हैं।

LPG Price Today: दिल्ली से पटना तक क्या है घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम? चेक करें अपने शहर का रेट

LPG Price Today: 8 जुलाई को भी घरेलू और कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। इससे करीब एक हफ्ते पहले यानी 1 जुलाई को तेल कंपनियों ने इस साल पहली बार 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 183.50 रुपये कम किए थे। जिसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,930 रुपये, मुंबई में 2,885.50 रुपये और कोलकाता में 3,081.50 रुपये हो गई थी।

इसके अलावा, सरकारी तेल कंपनियों ने 5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर के दाम में भी 13 रुपये की कमी की है। इसे आमतौर पर मुन्ना या छोटू सिलेंडर भी कहा जाता है। अब इसकी कीमत 808.50 रुपये हो गई है।

वहीं, 14.2 किलो वाले घरेलू कुकिंग गैस की कीमत में 7 जून को हुई बढ़ोतरी के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है। उस समय कीमतें ₹29 बढ़ाई गई थीं, जो 28 फरवरी को शुरू हुए US-ईरान संघर्ष के बाद दूसरी बार की गई बढ़ोतरी थी। इस संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से तेल टैंकरों की आवाजाही में रुकावट आई, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई में दिक्कतें हुईं।

शहर के हिसाब से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के लेटेस्ट रेट यहां देखें

शहरघरेलू LPG सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलो)
नई दिल्ली₹942.00₹2,930 (₹183.50 की कटौती)
कोलकाता₹968.00₹3,081.50 (₹174 की कटौती)
मुंबई₹941.50₹2,885.50 (₹182 की कटौती)
चेन्नई₹957.50₹3,106 (₹177 की कटौती)
गुरुग्राम₹950.50₹2,947.50 (₹182.50 की कटौती)
नोएडा₹939.50₹2,930 (₹183.50 की कटौती)
बेंगलुरु₹944.50₹3,021 (₹177 की कटौती)
भुवनेश्वर₹968₹3,114.50 (₹175.50 की कटौती)
चंडीगढ़₹951.50₹2,954.50 (₹181.50 की कटौती)
हैदराबाद₹994₹3,191 (₹176 की कटौती)
जयपुर₹945.50₹2,957.50 (₹183.50 की कटौती)
लखनऊ₹979.50₹3,052.50 (₹183.50 की कटौती)
पटना₹1,031.50₹3,227 (₹173 की कटौती)
तिरुवनंतपुरम₹951₹2,971.50 (₹180.50 की कटौती)

ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद तेल की कीमतें बढ़ीं

बुधवार को, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में तेजी देखने को मिली।  होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका द्वारा ईरान पर जवाबी हमले किए जाने के बाद तेल की कीमतें बढ़ गईं। वहीं, वाशिंगटन ने तेहरान पर क्रूड की बिक्री से जुड़े प्रतिबंध भी फिर से लागू कर दिए।

यह भी पढ़ें: Petrol-Diesel Price Today: 8 जुलाई के लेटेस्ट रेट जारी, जानें किस शहर में कितना मिल रहा है पेट्रोल और डीजल

 

8th Pay Commission पर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बिग अपडेट! सैलरी में 70% से ज्यादा बढ़ोतरी का प्रस्ताव, जानें HRA और DA का ये नया गणित

8th Pay Commission Salary Hike Proposals: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर एक बेहद जबरदस्त खबर आ रही है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों की ओर से सौंपे गए नए प्रस्तावों के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि आठवें वेतन आयोग के लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी में 70% से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यह अनुमानित बढ़ोतरी सिर्फ फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर नहीं है। बल्कि, बेसिक पे में संशोधन, हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में बढ़ोतरी और डियरनेस अलाउंस (DA) के मर्जर के संयुक्त प्रभाव के कारण यह आंकड़ा 70% के पार जा रहा है। आइए समझते हैं कि इस नए प्रस्ताव का पूरा गणित क्या है और लेवल-1 के कर्मचारियों की सैलरी पर इसका क्या असर पड़ेगा।

लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी ₹37080 से बढ़कर हो जाएगी ₹63500

ऑल इंडिया नेशनल पब्लिक सेक्टर एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) सहित कई प्रमुख कर्मचारी यूनियनों ने सरकार को जो प्रस्ताव भेजे हैं, उनके अनुसार एक्स-कैटेगरी (X-Category) के शहरों में काम करने वाले लेवल-1 कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी करीब ₹37080 से बढ़ाकर लगभग ₹63500 करने की सिफारिश की गई है। यह सीधे तौर पर 71% तक की कुल बढ़ोतरी को दर्शाता है।

आपको बता दें कि ये आंकड़े कर्मचारी यूनियनों द्वारा की गई सिफारिशों और प्रस्तावों पर आधारित हैं। यह सरकार या आठवें वेतन आयोग का अंतिम फैसला नहीं है। अंतिम निर्णय वेतन आयोग की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा ही लिया जाएगा।

70% से ज्यादा सैलरी बढ़ने की मुख्य वजहें क्या हैं?

सिर्फ बेसिक पे बढ़ने से सैलरी इतनी ज्यादा नहीं भागती, बल्कि बेसिक पे के साथ जुड़े अन्य भत्ते भी ऑटोमैटिकली बढ़ जाते हैं। यूनियनों ने ये मांगें रखी हैं:

DA का बेसिक पे में विलय: कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि नए पे-स्केल को तय करने और लागू करने से पहले महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज किया जाए। इससे सैलरी का आधार काफी बड़ा हो जाएगा।

हायर ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA): मासिक भत्ते को सीधे बढ़ाने के लिए ऊंचे ट्रांसपोर्ट अलाउंस की सिफारिश की गई है।

HRA दरों में संशोधन: शहरों की कैटेगरी के हिसाब से हाउस रेंट अलाउंस बढ़ाने का प्रस्ताव है।

HRA में बड़े बदलाव की तैयारी: X, Y और Z शहरों का नया ढांचा

केंद्र सरकार ने रहने के खर्च और आबादी के हिसाब से शहरों को तीन श्रेणियों- X, Y और Z में बांटा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे जैसे बड़े महानगर X कैटेगरी में आते हैं, जहाँ रहने का खर्च सबसे ज्यादा है।

वर्तमान में HRA की दरें 30%, 20% और 10% हैं। यूनियनों ने आठवें वेतन आयोग के तहत इसे बढ़ाकर 36%, 24% और 12% करने का प्रस्ताव रखा है।

कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

8th Pay Commission पर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बिग अपडेट! सैलरी में 70% से ज्यादा बढ़ोतरी का प्रस्ताव, जानें HRA और DA का ये नया गणित

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

प्रोजेक्शंस और अनुमानों के अनुसार एक्सपर्ट्स का मानना है कि, ‘70% से अधिक की अनुमानित वृद्धि केवल फिटमेंट फैक्टर पर नहीं, बल्कि कई मान्यताओं के संयोजन पर आधारित है। हालांकि संशोधित बेसिक पे मुख्य ड्राइवर है, लेकिन चूंकि HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे घटक सीधे बेसिक पे से जुड़े होते हैं, इसलिए बेस बढ़ते ही पूरी सैलरी का पैकेज काफी बड़ा दिखने लगता है।’

वैसे ये सभी बातें इस पर निर्भर करेंगी कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर क्या रहता है और सरकार अलाउंस के इस नए स्ट्रक्चर को किस तरह स्वीकार करती है। जब तक आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंपता, इसे एक मजबूत उम्मीद या संकेतक के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

ओडिशा में यूनियनों की बैठकें समाप्त होने और पश्चिम बंगाल में नए दौर की चर्चाएं शुरू होने के साथ ही, कर्मचारियों के बीच इस 70% सैलरी हाईक के फॉर्मूले पर बहस और तेज हो गई है।

Viral Video: मॉल में ‘विराट कोहली’ की एंट्री से मची अफरा-तफरी, बाद में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के दुनिया भर में फैंस हैं। विराट कोहली की एक झलक पाने के लिए फैंस हमेशा एक्साईटेड रहते हैं। वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर विराट कोहली की तरह दिखने वाला एक सोशल मीडिया क्रिएटर का प्रैंक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में एक शख्स विराट कोहली जैसी हेयरस्टाइल और टैटू बनवाकर आरसीबी की जर्सी पहन कर लखनऊ के एक मॉल में जाते हुए नजर आ रहा है। लोगों ने कोहली समझ लिया और बड़ी संख्या में लोग उनके आसपास इकट्ठा हो गए। बाद में पता चला कि वह भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली नहीं, बल्कि उनके जैसे दिखने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर कार्तिक शर्मा थे।

सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं इस प्रैंक को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए और कहा कि भीड़भाड़ वाली जगह पर इस तरह की हरकत करना सही नहीं है।

युवक ने किया प्रैंक

सोशल मीडिया क्रिएटर कार्तिक शर्मा, जिनकी शक्ल विराट कोहली काफी मिलती-जुलती हैं ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम वीडियो शेयर किया। प्रैंक को बिल्कुल असली दिखाने के लिए कार्तिक शर्मा ने विराट कोहली के लुक और अंदाज की पूरी तरह नकल की। उन्होंने कोहली जैसी हेयरस्टाइल, दाढ़ी और टैटू अपनाए, साथ ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जर्सी भी पहनी। इतना ही नहीं, वह चार बॉडीगार्ड के साथ बीएमडब्ल्यू कार से मॉल पहुंचे, जिससे लोगों को लगा कि सच में विराट कोहली वहां आए हैं। ये प्रैंक शुरू होते ही सफल होता नजर आया।

 

जैसे ही कार्तिक शर्मा मॉल के अंदर पहुंचे, कई लोगों ने उन्हें विराट कोहली समझ लिया और उनके आसपास भीड़ जमा हो गई। लोग उनके साथ सेल्फी लेने और उनके पीछे-पीछे चलने लगे, जिससे मॉल में काफी हलचल मच गई।

कुछ ही देर में भीड़ जमा हो गई

वीडियो में दावा किया गया कि मॉल के सुरक्षा कर्मी भी इस पूरे घटनाक्रम से हैरान हो गए। कार्तिक शर्मा के अनुसार, कुछ सिक्योरिटी गार्ड उन्हें मॉल के अंदर ले जाने लगे और भीड़ को संभालने में जुट गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग उनके पीछे चलने लगे, जबकि सुरक्षा कर्मचारी और उनके साथ मौजूद बॉडीगार्ड भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश करते नजर आए। वीडियो में दिखाया गया कि कुछ ही देर में मॉल के कई फ्लोर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग रेलिंग और बालकनी से उस शख्स को देखने की कोशिश करने लगे, जिसे वे विराट कोहली समझ रहे थे।

वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों को ये प्रैंक मजेदार लगा, लेकिन कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी आलोचना की। उनका कहना था कि इस तरह की हरकत से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सार्वजनिक जगह पर अनावश्यक भीड़ जुटने से लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

Viral Video: ‘तुम्हारा न्यूमरोलॉजी नंबर क्या है?’ जवाब सुनते ही ओनर ने किराए पर घर देने से किया इनकार

Viral Video: मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में बजट में हर खोजना काफी मुश्किल होता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर मुंबई में किराए पर घर लेने से जुड़ा एक अनोखा मामला चर्चा में है। एक आर्टिस्ट और इन्फ्लुएंसर ने बताया कि, उनकी एक दोस्त को मुंबई में सिर्फ उसके न्यूमरोलॉजी नंबर की वजह से किराए पर घर नहीं मिला। उनकी दोस्त ने एक मकान देखने के लिए मकान मालकिन से मुलाकात की थी, लेकिन बाद में उसे फ्लैट देने से इनकार कर दिया गया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो पर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं।

फ्लैट देने से किया इनकार

एक आर्टिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वाग्मिता सिंह का इंस्टाग्राम पर ये वीडियो शेयर किया है। वीडियो में वाग्मिता सिंह ने बताया कि मकान मालकिन ने उनकी दोस्त से पूछा, “तुम्हारा नंबर क्या है?” पहले उनकी दोस्त को लगा कि वह मोबाइल नंबर पूछ रही हैं। लेकिन बाद में मकान मालकिन ने साफ किया कि वह जन्मतिथि के आधार पर निकलने वाले न्यूमरोलॉजी नंबर के बारे में पूछ रही थीं। वाग्मिता सिंह के अनुसार, मकान मालकिन ने फ्लैट और उनकी दोस्त के न्यूमरोलॉजी नंबर की तुलना की।

न्यूमरोलॉजी नंबर अलग थी

उन्होंने कहा कि, फ्लैट का नंबर 4 से जुड़ा है, जबकि उनकी दोस्त का नंबर 7 है। मकान मालकिन का कहना था कि दोनों नंबर एक-दूसरे के अनुकूल नहीं हैं, इसलिए उन्होंने फ्लैट किराए पर देने से इनकार कर दिया। इस घटना पर रिएक्शन देते हुए वाग्मिता सिंह ने कहा कि “मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। मैं समझ नहीं पा रही हूं कि इस स्थिति को क्या कहूं।” इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में गुनगुनाया, “इस मेंटल इलनेस को मैं क्या नाम दूँ,” और अपनी हैरानी जाहिर की। इस वीडियो पर लोगों ने कई मजेदार रिएक्शन दिए है।

 

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर रिएक्शन दिया है। एक यूजर ने मजाक में लिखा, “लेकिन 4-7 तो बहुत अच्छा कॉम्बो है। आंटी ने एक अच्छा मौका गंवा दिया।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा, “अच्छा लगा कि कुछ लड़कियां सच में न्यूमरोलॉजी समझती हैं। 4 और 7 सबसे मजबूत जोड़ियों में से एक हैं।” वहीं एक और यूजर ने टिप्पणी की, “इंडिया इवॉल्व हो रहा है, लेकिन पीछे की ओर।”

बारिश से गिरा आंगन का पेड़ और 85 साल के बुजुर्ग एनजी केसरी को बना गया 28 लाख रुपये का मालिक! कैसे लगाएं चंदन का ये बेशकीमती पेड़?

अक्सर आपने सुना होगा कि एक ही रातों-रात किसी की किस्मत बदल गई, बेंगलुरु में ये कहावत सच होती नजर आई है। बेंगलुरु के रहने 85 वर्षीय एन. जी. केसरी की किस्मत रातों-रात बारिश ने बदल दी। बेंगलुरु में जब भी मॉनसून की तेज बारिश होती है, तो ज्यादातर लोग जलभराव, ट्रैफिक जाम और नुकसान की चिंता करने लगते हैं। एन. जी. केसरी के लिए एक तेज तूफान उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशकिस्मती बन गया।

एक बीज ने बदली किस्मत

यह कहानी करीब 40 साल पहले की है। एक दिन तेज हवा और बारिश के बाद एक अनजान बीज उनके घर के आंगन में आकर गिर गया। कुछ समय बाद वहां एक छोटा पौधा उग आया। केसरी ने उसे अपने बगीचे के बाकी पौधों की तरह ही संभाला और उसकी देखभाल की। बाद में उन्हें पता चला कि यह कोई साधारण पौधा नहीं, बल्कि कर्नाटक का बहुमूल्य चंदन का पेड़ है। समय के साथ पेड़ बड़ा और मजबूत होता गया और उसकी मनमोहक खुशबू पूरे इलाके में फैलने लगी।

मल्लेश्वरम के 17वें क्रॉस स्थित उनके घर के आंगन में लगा चंदन का पेड़ करीब 40 साल तक खामोशी से बढ़ता रहा। जब यह पूरी तरह तैयार हुआ, तो इसी एक पेड़ ने उन्हें करीब 28 लाख रुपये की कमाई कराई। यह दिखाता है कि धैर्य और सही देखभाल का फल कितना बड़ा हो सकता है। हालांकि, चंदन के पेड़ की खुशबू और उसकी कीमत ने सिर्फ लोगों का ही नहीं, बल्कि लकड़ी चोरों का भी ध्यान खींचा। बीते कई वर्षों में चोरों ने इस कीमती पेड़ को काटने की कई बार कोशिश की। पेड़ की सुरक्षा के लिए केसरी ने उसके चारों ओर मजबूत लोहे का जाल लगवा दिया और हमेशा उस पर नजर बनाए रखी।

बारिश से गिरा पेड़

इस साल जून के दूसरे सप्ताह में हुई तेज बारिश और आंधी ने चंदन के पेड़ को नुकसान पहुंचा दिया। तेज हवा के कारण पास का एक बड़ा पेड़ उखड़कर सीधे चंदन के पेड़ और उसके चारों ओर लगे लोहे के सुरक्षा जाल पर गिर गया। इससे चंदन का पेड़ भी गिर गया। शुरुआत में यह एक बड़ा नुकसान लगा, लेकिन बाद में यही घटना उनके लिए बड़ी खुशकिस्मती साबित हुई। केसरी ने कोई गलत रास्ता अपनाने के बजाय तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ का निरीक्षण किया और उसे मैसूरु स्थित सरकारी चंदन डिपो ले जाने की अनुमति दे दी। जांच के बाद पता चला कि चंदन के पेड़ का वजन करीब एक मीट्रिक टन था।

बुजुर्ग के मिले 28 लाख

आखिरकार इस चंदन के पेड़ को कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) ने खरीद लिया। इससे एन. जी. केसरी को करीब 28 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। कई वर्षों तक चंदन के पेड़ की सुरक्षा और देखभाल करने के लिए सरकारी कंपनी ने उन्हें ‘चंदन शिरोमणि’ सम्मान से भी नवाजा। यह अनोखी घटना एक बार फिर बताती है कि कर्नाटक में चंदन की खेती कितनी फायदेमंद हो सकती है। चंदन के पेड़ की गुणवत्ता और उसमें मौजूद तेल की मात्रा के आधार पर उसकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। एक छोटे से पौधे से शुरू हुई यह कहानी आज धैर्य, मेहनत और अच्छी किस्मत की मिसाल बन गई है।

कैसे लगाएं चंदन का बेशकीमती पेड़?

चंदन का पेड़ दुनिया के सबसे कीमती पेड़ों में गिना जाता है। इसकी लकड़ी और तेल का उपयोग इत्र, दवाइयों, पूजा-पाठ और सौंदर्य प्रसाधनों में होता है। अगर आप चंदन का पौधा लगाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाला पौधा किसी प्रमाणित नर्सरी से खरीदें। चंदन का पौधा अच्छी जल निकासी वाली दोमट या हल्की लाल मिट्टी में बेहतर बढ़ता है। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां भरपूर धूप आती हो। पौधा लगाने के लिए लगभग 2 से 3 फीट गहरा गड्ढा तैयार करें और उसमें गोबर की सड़ी हुई खाद मिलाकर पौधा लगाएं।

चंदन एक अर्ध-परजीवी (Semi-Parasitic) पौधा है। इसका मतलब है कि इसकी अच्छी वृद्धि के लिए पास में कोई सहायक पौधा, जैसे अरहर, करंज, नीम, बबूल या अन्य उपयुक्त पेड़ होना जरूरी है। चंदन अपनी जड़ों के माध्यम से इन पौधों से कुछ पोषक तत्व प्राप्त करता है। शुरुआती दिनों में नियमित सिंचाई करें, लेकिन पानी का जमाव बिल्कुल न होने दें। समय-समय पर खरपतवार हटाएं और जैविक खाद का इस्तेमाल करें। उचित देखभाल के साथ चंदन का पेड़ धीरे-धीरे मजबूत होता है और कई वर्षों बाद अच्छी गुणवत्ता की लकड़ी देता है। अगर लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं, तो चंदन की खेती एक अच्छा विकल्प हो सकती है। हालांकि, इसे लगाने से पहले अपने राज्य के नियमों और चंदन के पेड़ों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी जरूर लें।

Railway Job Alert: रेलवे में 4000 से ज्यादा सरकारी नौकरियों का रास्ता साफ, जानिए किस कैटेगरी में सबसे ज्यादा वैकेंसी, क्या है टाइमलाइन?

Railway Job Alert: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भारतीय रेलवे की ओर से एक बहुत बड़ी और खुशखबरी वाली खबर आई है। रेल मंत्रालय ने देश के विभिन्न रेलवे जोनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने और परिचालन दक्षता में सुधार के लिए 4098 तकनीकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक मंत्रालय ने 35 तकनीकी श्रेणियों में खाली पड़े पदों को भरने का फैसला किया है। इनमें से कई पद रेलवे के परिचालन सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन पदों में जूनियर इंजीनियर, डिपो सामग्री अधीक्षक और केमिकल एंड मेटलॉर्जिकल असिस्टेंट शामिल हैं।

किस कैटेगरी में हैं सबसे ज्यादा वैकेंसी? यहाँ देखें आंकड़ा

पीटीआई की रिपोर्टके मुताबिक रेलवे जोनों द्वारा HRMS के माध्यम से भेजी गई रिक्तियों के आकलन के बाद सबसे अधिक पद सुरक्षा और रखरखाव से जुड़ी श्रेणियों में पाए गए हैं। जोनों द्वारा पहचानी गई रिक्तियों का विवरण इस प्रकार हैं-

परमानेंट वे कैटेगरी : सबसे अधिक 845 पद खाली हैं।

वर्क्स कैटेगरी : इसके बाद दूसरे नंबर पर 470 पद हैं।

कैरिज एंड वैगन कैटेगरी : इसमें 450 पद शामिल हैं।

जूनियर इंजीनियर (सिग्नल): इस पद के लिए 197 रिक्तियां स्वीकृत की गई हैं।

जूनियर इंजीनियर (टेलीकम्युनिकेशन): इसके लिए 79 पद निर्धारित किए गए हैं।

21 जुलाई से जारी होगा आधिकारिक नोटिफिकेशन, ये है टाइमलाइन

रेल मंत्रालय द्वारा सभी रेलवे जोनों के महाप्रबंधकों को भेजे गए एक हालिया सर्कुलर में कहा गया है कि जोनों द्वारा हाइलाइट की गई रिक्तियों के आधार पर ही भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

अधिसूचना की तारीख : रेलवे भर्ती बोर्ड बेंगलुरु के अध्यक्ष के साथ परामर्श के बाद मंत्रालय ने एक टाइमलाइन तय की है। इसके तहत नोडल RRB द्वारा 21 जुलाई 2026 से केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना जारी की जाएगी।

जोनों को सख्त निर्देश : जोनल रेलवे को निर्देश दिया गया है कि वे आंतरिक प्रणाली पर अंतिम रिक्ति सूची अपलोड करने से पहले सभी आंतरिक प्रक्रियाओं को पूरा करें। इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणियों के लिए निर्धारित आरक्षण मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।

पहले ही आ चुकी है 6565 तकनीशियनों की भर्ती

सर्कुलर में यह भी जानकारी दी गई है कि इससे पहले मंत्रालय की मंजूरी के बाद 6565 तकनीशियनों की भर्ती के लिए अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है। इसमें नीचे दिए गए पद शामिल थे:

सिग्नल तकनीशियन ग्रेड I: 323 पद

तकनीशियन ग्रेड III: 6242 पद

रेलवे यूनियनों ने फैसले का किया स्वागत, काम का बोझ होगा कम

सुरक्षा श्रेणी के इन महत्वपूर्ण पदों को भरने के मंत्रालय के फैसले पर विभिन्न रेलवे यूनियनों ने गहरी संतुष्टि जताई है। यूनियनों का कहना है कि इस कदम से परिचालन दक्षता में सुधार होगा और वर्तमान में काम कर रहे कर्मचारियों पर से काम का बोझ कम होगा। ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन (AIRF) के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने इस फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि ‘करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा-श्रेणी के रिक्त पदों को भरना बेहद आवश्यक कदम है। मैं रेल मंत्रालय के इस फैसले की सराहना करता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे परिचालन सुरक्षा पर अपना ध्यान इसी तरह केंद्रित रखेंगे।’

इंडियन रेलवे एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने दावा किया कि यह भर्ती प्रक्रिया सिग्नल और टेलीकॉम कर्मचारियों द्वारा किए गए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि, ‘मुझे खुशी है कि रेल मंत्रालय ने हमारे विरोध पर संज्ञान लिया और विभिन्न सुरक्षा-श्रेणियों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का फैसला किया। मुझे उम्मीद है कि मंत्रालय न केवल चरणबद्ध तरीके से सभी खाली पदों को भरेगा बल्कि रेलवे नेटवर्क और इसके इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े पैमाने पर हो रहे विस्तार की जरूरतों को पूरा करने के लिए नए पदों का सृजन भी करेगा।’

RRB NTPC UG CBT 2 Admit Card: 10 जुलाई को है सीबीटी 2 परीक्षा, आरआरबी की आधिकारिक वेबसाइट से तुरंत डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

IAF Success Story: छोटे शहर की बेटी ने अकेले MiG-21 उड़ाकर रचा इतिहास, बनीं भारत की पहली महिला फाइटर पायलट

एक समय था जब भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनना महिलाओं के लिए सिर्फ एक सपना माना जाता था। काबिलियत होने के बावजूद लड़कियों के लिए लड़ाकू विमान उड़ाने का रास्ता बंद था। लेकिन मध्य प्रदेश के छोटे से कस्बे से निकली अवनी चतुर्वेदी ने इस सोच को बदल दिया। उन्होंने अकेले MiG-21 बाइसन फाइटर जेट उड़ाकर इतिहास रच दिया और भारत की पहली महिला बन गईं, जिन्होंने बिना किसी ट्रेनर के फाइटर विमान की कमान संभाली। उनकी कहानी आज लाखों बेटियों के लिए हौसले और मेहनत की मिसाल बन चुकी है।

भाई की वर्दी से मिली देश सेवा की प्रेरणा

अवनी चतुर्वेदी का जन्म मध्य प्रदेश के रीवा जिले में हुआ और उनका बचपन देवलोंड कस्बे में बीता। उनके बड़े भाई भारतीय सेना में थे। भाई को वर्दी में देखकर अवनी के मन में भी देश के लिए कुछ करने की इच्छा पैदा हुई।

हालांकि उन्होंने सेना में जाने की बजाय आसमान को अपना रास्ता चुना। उनका सपना था कि वह भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बनकर देश की सेवा करें।

जब सपना मुश्किल था, लेकिन हौसला मजबूत था

जिस समय अवनी बड़ी हो रही थीं, उस दौर में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम महिलाओं के लिए बंद थी। यानी महिलाएं चाहकर भी लड़ाकू विमान उड़ाने का मौका नहीं पा सकती थीं।

लेकिन अवनी ने इस बाधा को अपनी मंजिल के बीच नहीं आने दिया।

फ्लाइंग क्लब ने बदली जिंदगी की दिशा

अवनी ने राजस्थान की बनस्थली विद्यापीठ से बीटेक की पढ़ाई की। कॉलेज के दौरान वह फ्लाइंग क्लब से जुड़ीं और पहली बार विमान उड़ाने का अनुभव हासिल किया।

धीरे-धीरे उड़ान भरना उनका जुनून बन गया। इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) की तैयारी की और भारतीय वायुसेना में शामिल होने का रास्ता बनाया।

2015 का फैसला, जिसने खोल दिए बंद दरवाजे

साल 2015 भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक बड़ा बदलाव लेकर आया। सरकार ने महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम खोलने का फैसला किया।

इसी ऐतिहासिक पहल के तहत अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सिंह का चयन हुआ। ये तीनों भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं।

जून 2016 में तीनों को भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला और एक नए दौर की शुरुआत हुई।

MiG-21 उड़ाकर रचा ऐसा रिकॉर्ड, जो हमेशा याद रहेगा

फाइटर पायलट बनना तो बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन असली परीक्षा अकेले उड़ान भरना था। क्योंकि सोलो फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में कोई ट्रेनर मौजूद नहीं होता।

19 फरवरी 2018 को जामनगर एयरफोर्स स्टेशन से अवनी चतुर्वेदी ने MiG-21 बाइसन को अकेले उड़ाया। करीब 30 मिनट की इस ऐतिहासिक उड़ान के साथ वह भारत की पहली महिला बन गईं, जिन्होंने अकेले फाइटर जेट उड़ाया।

यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं था, बल्कि भारतीय विमानन इतिहास में बदलाव का प्रतीक था।

विमान को फर्क नहीं पड़ता पायलट पुरुष है या महिला”

अवनी की सोच उनकी उपलब्धियों जितनी ही प्रेरणादायक है। एक बार उनसे महिला फाइटर पायलट होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विमान को इससे फर्क नहीं पड़ता कि उसे उड़ाने वाला पुरुष है या महिला, उसे सिर्फ यह पता होता है कि उसे कौन सही तरीके से उड़ा सकता है।

उनकी यह सोच लैंगिक समानता का मजबूत संदेश देती है।

भारत की बेटी ने विदेशों में भी लहराया परचम

अवनी ने अपनी पहली ऐतिहासिक उड़ान के बाद भी कई उपलब्धियां हासिल कीं। साल 2023 में वह भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं, जिन्होंने जापान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया।

इस उपलब्धि ने दिखाया कि भारतीय महिला पायलट अब वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बना रही हैं।

नारी शक्ति पुरस्कार से हुआ सम्मान

अवनी चतुर्वेदी के योगदान को देखते हुए साल 2020 में उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश में महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देने के लिए दिया जाता है।

एक उड़ान जिसने बदल दी हजारों बेटियों की सोच

अवनी चतुर्वेदी की कहानी सिर्फ एक फाइटर जेट उड़ाने की कहानी नहीं है। यह उन सीमाओं को तोड़ने की कहानी है, जो कभी महिलाओं के रास्ते में खड़ी थीं।

बेंगलुरु कपल की कमाल की फाइनेंशियल प्लानिंग वायरल, हर महीने ऐसे करते हैं लाखों का निवेश