Gold Rate Today: सोना फिर लुढ़का, 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव आया नीचे; अब कितने में मिल रहा 10 ग्राम

देश में सोने की कीमत में फिर से गिरावट दिख रही है। ज्यादातर शहरों में 24 और 22 कैरेट दोनों का दाम लुढ़का है। 17 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 143430 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई और कोलकाता में भाव 143280 रुपये प्रति 10 ग्राम और चेन्नई में 143450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,030.84 डॉलर प्रति औंस पर है। ट्रेडर्स के मुताबिक, लोकल डिमांड संतुलित बनी हुई है, जबकि वैश्विक बाजारों में सोने में गिरावट है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 143430 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131340 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143280 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 143450 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143280 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली131490143430
मुंबई131340143280
अहमदाबाद131390143330
चेन्नई131490143450
कोलकाता131340143280
हैदराबाद131340143280
जयपुर131490143430
भोपाल131390143330
लखनऊ131490143430
चंडीगढ़131490143430

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान देश में सोने का आयात बढ़कर 11.01 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल अप्रैल-जून तिमाही में 7.49 अरब डॉलर था।

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में गिरावट बरकरार है। 17 जुलाई की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। आभूषण विक्रेताओं और इंडस्ट्रीज की ओर से कम खरीद के कारण घरेलू बाजार में चांदी में मंदी है। इसके अलावा लगातार प्रॉफिट-बुकिंग के कारण भी यह नीचे आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 56.79 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

ISRO में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों के इस्तीफों से हलचल, सरकार ने सख्त किए नियम, Gaganyaan Mission से जुड़े कर्मियों पर विशेष फोकस

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में हाल के महीनों में 100 से अधिक वैज्ञानिकों के इस्तीफा देने की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विशेष रूप से गगनयान (Gaganyaan) और अन्य महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के स्वैच्छिक इस्तीफे (Resignation) और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

ALSO READ: Royal Enfield Classic 350 का 2026 अपडेट लॉन्च, अब मिलेगा Slipper Clutch और Fast USB Type-C Charger; जानें नई कीमतें

100 से 120 वैज्ञानिकों के इस्तीफे की रिपोर्ट

हालांकि अंतरिक्ष विभाग ने आधिकारिक तौर पर इस्तीफा देने वाले वैज्ञानिकों की संख्या जारी नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल के महीनों में 100 से 120 वैज्ञानिकों ने ISRO छोड़ने का फैसला किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु स्थित यू.आर. राव सैटेलाइट सेंटर (URSC) से करीब 80 वैज्ञानिकों ने इस्तीफा दिया। तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) से लगभग 20 वैज्ञानिकों के जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों का कहना है कि इस्तीफों की संख्या 100 से अधिक होकर 120 तक पहुंच सकती है।

ALSO READ: Bajaj Chetak, Ola S1 Pro, TVS iQube, Hero Vida V2 को टक्कर देने आ रहा है सस्ता विएतनामी इलेक्ट्रिक स्कूटर

सरकार ने जारी किया नया निर्देश

14 जुलाई को जारी एक आंतरिक ज्ञापन (Internal Memorandum), जिसे India Today ने एक्सेस किया है, के अनुसार केंद्र सरकार ने ISRO के सभी केंद्रों को निर्देश दिया है कि गगनयान और अन्य महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़े ग्रुप 'A' वैज्ञानिक एवं तकनीकी अधिकारियों के इस्तीफे या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन सीधे स्वीकार न किए जाएं। अब ऐसे सभी मामलों को अंतिम निर्णय के लिए अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) के पास भेजा जाएगा।

ALSO READ: Bajaj Chetak और TVS iQube को मिलेगी कड़ी टक्कर, Ather 29 अगस्त को लॉन्च करेगा सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर

क्यों अहम है यह फैसला?

भारत का गगनयान मिशन देश का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है और इसे ISRO की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में गिना जाता है। ऐसे में अनुभवी वैज्ञानिकों के बड़े पैमाने पर संगठन छोड़ने की खबरों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से अब महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़े वैज्ञानिकों के इस्तीफों पर केंद्रीय स्तर पर फैसला लिया जाएगा।

Gold Price Today: सोने में तेजी लौटी, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक बढ़े दाम; चेक करें 10 बड़े शहरों का रेट

देश में सोने की कीमत में तेजी लौट आई है। ज्यादातर शहरों में दाम चढ़ा है। 16 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 143730 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई और कोलकाता में भाव 143580 रुपये प्रति 10 ग्राम और चेन्नई में 143790 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,029.66 डॉलर प्रति औंस पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत मंगलवार के 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ही बनी रही।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 143730 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131760 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131610 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143580 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 143790 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131810 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143580 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131610 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली131760143730
मुंबई131610143580
अहमदाबाद131660143630
चेन्नई131810143790
कोलकाता131610143580
हैदराबाद131610143580
जयपुर131760143730
भोपाल131660143630
लखनऊ131760143730
चंडीगढ़131760143730

HSBC ने कहा है कि 2026 में गोल्ड की औसत कीमत 4,560 डॉलर प्रति औंस रह सकती है। 2027 में गोल्ड की औसत कीमत 4,925 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान जताया है। इस साल के अंत में कीमत 4,750 डॉलर तक जा सकती है। अगले साल के अंत तक कीमत 5,025 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है।

चांदी की कीमत

सोने से उलट दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में गिरावट है। 16 जुलाई की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। आभूषण विक्रेताओं और इंडस्ट्रीज की ओर से कम खरीद के कारण घरेलू बाजार में चांदी में मंदी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.26 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

कोलकाता से दिल्ली-बेंगलुरु तक सीधी प्रीमियम बस सेवा शुरू, जानें किराया और सुविधाएं

Kolkata Premium Bus Service: कोलकाता को चार बड़े भारतीय शहरों के लिए सीधी प्रीमियम कोच कनेक्टिविटी मिलने वाली है। News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘श्यामली परिवहन’ बुधवार से दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु और पुरी के लिए नई लंबी दूरी की बस सेवाएं शुरू कर रही है। इन रूटों का मकसद यात्रियों को ट्रेन और फ्लाइट के मुकाबले आरामदायक और सही कीमत वाला विकल्प देना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर अर्जुन सिंह करुणामयी बस टर्मिनस पर इस सर्विस का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। चारों रूटों पर कोच रोजाना चलेंगे और हफ्ते भर नियमित रूप से रवाना होंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता से दिल्ली जाने वाली बस सेवा में करीब 26 घंटे का समय लगेगा। इस रूट का किराया लगभग 2,500 रुपये से 3,000 रुपये के बीच होगा। वहीं, बेंगलुरु जाने वाली बस करीब 35 घंटे में सफर पूरा करेगी और इसका किराया प्रति यात्री 4,500 रुपये रखा गया है।

इसके अलावा, चेन्नई रूट पर यात्रियों को करीब 24 घंटे का सफर करना होगा, जिसके लिए किराया लगभग 4,700 रुपये होगा। जबकि, पुरी जाने वाली प्रीमियम वोल्वो बस सबसे तेज होगी, जो करीब 8 घंटे में सफर पूरा करेगी। इस रूट का किराया 1,500 रुपये से 2,000 रुपये के बीच होगा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यात्रियों को बायो-टॉयलेट, मुफ्त तकिए और बिस्तर की चादरें मिलेंगी, साथ ही हर सीट पर अलग-अलग एंटरटेनमेंट स्क्रीन भी होगी। यात्रियों को सफर के दौरान स्नैक्स, बोतल बंद पानी, चाय और कॉफी भी मुफ्त में दी जाएगी।

श्यामली परिवहन के मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण घोष ने कहा कि इस सर्विस को हवाई यात्रा या फर्स्ट-क्लास AC ट्रेन कोच जैसी सुविधा देने के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि इसका किराया AC थ्री-टियर रेल किराए के बराबर रखा गया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता के यात्रियों की ओर से सस्ती और अच्छी क्वालिटी वाली लंबी दूरी की यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए ये नए रूट शुरू किए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार,  प्रीमियम कोच उन बिजनेस और घूमने-फिरने वाले यात्रियों को आकर्षित करेंगे जो शहर से पारंपरिक रेल और हवाई यात्रा के विकल्पों के बजाय सीधे और आरामदायक विकल्प की तलाश में हैं।

यह भी पढ़ें: Instamart ऐप से घर बैठे मिलेगी HPCL LPG सिलेंडर की डिलीवरी, जानें ऑर्डर करने का पूरा तरीका

Ather Energy share Price: एथर एनर्जी का शेयर बना रॉकेट, आईपीओ के निवेशकों का पैसा 3 गुना हुआ

एथर एनर्जी के शेयर 15 जुलाई को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गए। एक समय शेयर 9 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए थे। हालांकि, बाद में तेजी थोड़ी कम पड़ गई। 11:40 बजे शेयर 8.65 फीसदी उछाल के साथ 1,306 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में तेजी की वजह एक खबर है। हीरो मोटोकॉर्प का एथर एनर्जी में 1,000 करोड़ रुपये निवेश करने का प्लान है।

Ather Energy बेंगलुरु की कंपनी है, जो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाती है। हीरो मोटोकॉर्प यह निवेश प्रिफरेंशियल इश्यू या कनवर्टिबल वारंट्स के जरिए करेगी। हीरो मोटोकॉर्प ने कहा है कि इस ट्रांजेक्शन के बाद उसकी शेयरहोल्डिंग प्रस्तावित सिक्योरिटीज इश्यूएंस की फाइनल प्राइसिंग और स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगी। जरूरी एप्रूवल मिलने के 15 दिन के अंदर इस ट्रांजेक्शन के पूरा हो जाने की उम्मीद है।

एथर एनर्जी में इस साल जून के अंत में Hero MotoCorp की 29.5 फीसदी हिस्सेदारी थी। हीरो मोटोकॉर्प का दर्जा एथर एनर्जी के प्रमोटर का है। एथर एनर्जी भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली शुरुआती कंपनियों में से एक है। इसका मुकाबला TVS Motor और Bajaj Auto जैसी दिग्गज कंपनियों से है, जिन्होंने बड़े लेवल पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में एंट्री की है। इसके अलावा ओला भी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के मार्केट में है।

एथर एनर्जी का आईपीओ अप्रैल 2025 में आया था। कंपनी के शेयर 321 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 328 रुपये पर लिस्ट हुए थे। कंपनी का शेयर 2026 में 60 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। यह इश्यू प्राइस से करीब 3 गुना हो चुका है। उधर, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली ओला इलेक्ट्रिक का शेयर इश्यू प्राइस से करीब 48 फीसदी गिरा है।

एथर एनर्जी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री खुद करती है। इसका चार्जिंग नेटवर्क और बैटरी एनर्जी मैनेजमेंट सर्विसेज भी है। 31 मार्च, 2026 के अंत में कंपनी का टर्नओवर 3,671.76 करोड़ रुपये था। 14 जुलाई को कंपनी का शेयर 1,47 फीसदी चढ़कर 1,202 रुपये पर बंद हुआ था। ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि एथर एनर्जी ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के बाजार में अच्छी पैठ बना ली है।

15 जुलाई को शेयर बाजार में तेजी दिखी। निफ्टी 0.56 फीसदी यानी 132 अंक चढ़कर 24,185 अंक पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.65 फीसदी यानी 500 अंक के उछाल के साथ 77,549 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.89 फीसदी की तेजी दिखी। 14 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट आई थी।

Jagannath Rath Yatra 2026: 16 जुलाई को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और हैदराबाद में भी निकलेगी जगन्नाथ की सवारी, जानें ये शहर कैसे मनाएंगे जगन्नाथ रथयात्रा

Jagannath Rath Yatra 2026: भारत में ओडिश राज्य के पुरी शहर में हर साल भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाती है। इसे देखने के लिए पूरी दुनिया से श्रद्धालु जुटते हैं, तीनों लोकों के नाथ की विशाल शोभायात्रा का आनंद लेते हैं। साल 2026 में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत 16 जुलाई 2026, गुरुवार से होगी। यह पावन पर्व 24 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिस दिन बहुड़ा यात्रा यानी वापसी यात्रा के साथ इसका समापन होगा।

पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा के तर्ज पर देश कई शहरों में भी इसी समय या इसके आसपास भव्य आयोजन किए जाते हैं। हर बार की तरह इस साल भी दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और हैदराबाद में जगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं और अब इन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस दौरान, रथयात्रा के अलावा श्रद्धालुओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामुहिक भोज भी आयोजित किए जाते हैं।

दिल्ली का त्यागराज जगन्नाथ मंदिर 59वीं रथयात्रा निकालेगा

दिल्ली में सबसे बड़ी रथयात्रा त्यागराज जगन्नाथ मंदिर की ओर से निकाली जाती है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जगन्नाथ रथयात्रा का 59वां संस्करण 16 जुलाई से 27 जुलाई तक चलेगा। इस त्योहार का मुख्य आकर्षण भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का खूबसूरती से सजे हुए रथों पर जुलूस होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार देवताओं के लिए तीन अलग-अलग रथों पर शोभायात्रा निकालने की तैयारी है।

इस्कॉन और हौज खास मंदिर में खास जश्न होंगे

ईस्ट ऑफ कैलाश में इस्कॉन मंदिर खास दर्शन, भजन, कीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन और एक रथ यात्रा का आयोजन करेगा। इस बीच, दिल्ली के ओडिया समुदाय द्वारा बनाया गया हौज खास का ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर भी अपनी सालाना रथ यात्रा आयोजित करेगा।

न्यू लिंक रोड से मुंबई में शुरू होगी रथयात्रा

मुंबई में 16 जुलाई को सालाना जगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए हजारों की संख्या में भक्तों के इकट्ठा होने की उम्मीद है। यह रथयात्रा अंधेरी वेस्ट में न्यू लिंक रोड से शुरू होगी और इस्कॉन जुहू तक जाएगी।

हैदराबाद में 47वीं सालाना इस्कॉन रथयात्रा होगी

इस्कॉन एबिड्स की हैदराबाद ब्रांच 16 जुलाई को 47वीं सालाना श्री जगन्नाथ रथयात्रा आयोजित करेगी। 1979 से हर साल मनाए जाने वाले इस उत्सव में एक लाख से ज्यादा भक्तों के आने की उम्मीद है। रथ यात्रा सुबह 11 बजे एनटीआर स्टेडियम से शुरू होगी और आरटीसीएक्स रोड्स, हिमायत नगर, लिबर्टी, बशीरबाग, एबिड्स, MJ मार्केट और गांधी भवन मेट्रो स्टेशन से होते हुए 8 km का रास्ता तय करेगी, और शाम करीब 6 बजे एग्जीबिशन ग्राउंड पर खत्म होगी।

इस्कॉन बेंगलुरु अपने सभी केंद्रों पर रथ यात्रा निकालेगा

बेंगलुरु में श्रील प्रभुपाद के इस्कॉन ने घोषणा की है कि वह श्री जगन्नाथ मंदिर एडमिनिस्ट्रेशन (SJTA), पुरी द्वारा तय नौ दिन के त्योहार के दौरान, धार्मिक परंपराओं के अनुसार, अपने सभी सेंटर्स पर जगन्नाथ रथ यात्रा मनाएगा। इस उत्सव में रथयात्रा, भक्ति कार्यक्रम, भजन, कीर्तन और प्रसाद वितरण शामिल होगा।

आस्था और संस्कृति का उत्सव

रथ यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण रीति-रिवाजों में से एक भगवान जगन्नाथ का रथ खींचना है। भक्तों का मानना है कि इस परंपरा में हिस्सा लेने से आशीर्वाद, समृद्धि और आध्यात्मिक पुण्य मिलता है। यह उत्सव “जय जगन्नाथ” के नारों, भक्ति संगीत, ढोल और रथों के साथ नाच-गाने से भरा होता है।

Ashadha Gupt Navratri 2026: आज से शुरू हो रही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, जानें कलश स्थापना का मुहूर्त और गृहस्थों के लिए सरल पूजा विधि

IIT की डिग्री और हाई पैकेज के बाद भी क्यों छोड़ी नौकरी? पत्नी संग पहाड़ों में रहने लगा शख्स

कभी बड़े शहरों की भागदौड़ और कॉर्पोरेट करियर का हिस्सा रहे IIT कानपुर के पूर्व छात्र अर्जव मोदी ने अपनी जिंदगी को एक नए नजरिए से देखना शुरू किया। अच्छी नौकरी, बेहतर कमाई और शहर की सुविधाओं के बीच भी उन्हें एक अलग तरह के संतुलन की तलाश थी। इसी तलाश ने उन्हें हिमाचल प्रदेश के छोटे से पहाड़ी कस्बे बीर तक पहुंचाया, जहां उन्होंने अपनी पत्नी सिमरन चौधरी के साथ एक अलग जीवनशैली अपनाई।

यहां की शांत वादियां, धीमी रफ्तार और प्रकृति के करीब रहने का अनुभव उनके लिए किसी बदलाव से कम नहीं रहा। अर्जव और सिमरन की यह कहानी अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोग करियर, खुशी और जिंदगी की प्राथमिकताओं को लेकर नए सिरे से सोच रहे हैं।

कम कमाई लेकिन ज्यादा खुशी का एहसास

शहरों में अच्छी कमाई और सुविधाओं के बावजूद अर्जव को महसूस हुआ कि जीवन में संतुष्टि की कमी है। अब वह फ्रीलांस राइटिंग और कंटेंट का काम करते हैं, जबकि उनकी पत्नी रिमोट जॉब जारी रखे हुए हैं। दोनों की संयुक्त आय पहले से आधी से भी कम हो गई है, लेकिन उनका कहना है कि वे अब ज्यादा खुश और संतुष्ट हैं।

95 किलो से 72 किलो तक, बदली सिर्फ जिंदगी नहीं सोच भी

अर्जव ने लिंक्डइन पर अपने सफर को साझा करते हुए बताया कि 2021 में IIT से निकलने के बाद वह बेंगलुरु में तेज-तर्रार कॉर्पोरेट लाइफ जी रहे थे। उस समय उनका वजन 95 किलो था। 2026 में वह पहाड़ों में सादा जीवन जी रहे हैं, वजन करीब 72 किलो है और कम कमाई के बावजूद खुद को ज्यादा बेहतर महसूस करते हैं।

पहाड़ों ने सिखाया ‘घर’ का असली मतलब

सिमरन ने बताया कि बीर में रहने के बाद उनकी जीवनशैली पूरी तरह बदल गई है। वे ज्यादातर खाना घर पर बनाते हैं, कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटते हैं और प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल लगभग छोड़ चुके हैं। उनके अनुसार, पहाड़ों ने सिखाया कि घर सिर्फ खूबसूरत जगह या महंगे सामान से नहीं बनता, बल्कि उस जगह से जुड़ने और उसमें योगदान देने से बनता है।

शहर की दौड़ बनाम पहाड़ों की शांति

अर्जव ने अपनी पोस्ट में दो तरह की जिंदगी की तुलना की। एक तरफ महानगर में रहने वाला युवा प्रोफेशनल है, जिसकी कमाई ज्यादा है, लेकिन लगातार दूसरों से तुलना, करियर का दबाव और अकेलेपन का सामना करना पड़ता है।

दूसरी तरफ पहाड़ी इलाके में रहने वाला व्यक्ति है, जिसकी आय कम हो सकती है, लेकिन वह प्रकृति, रिश्तों और रोजमर्रा के छोटे-छोटे पलों का आनंद लेता है।

पहाड़ों में चले जाओ’ नहीं, सोच बदलने की बात

अर्जव ने साफ किया कि उनका मकसद सभी को शहर छोड़कर पहाड़ों में बसने की सलाह देना नहीं है। उनका संदेश सिर्फ इतना है कि जिंदगी की खुशी केवल ज्यादा कमाई या दूसरों से आगे निकलने में नहीं, बल्कि अपनी प्राथमिकताओं को समझने और संतुलन बनाने में भी है।

हर ऑटो ड्राइवर एक जैसा नहीं! बेंगलुरु के इस शख्स का अंदाज देख मुस्कुरा उठेंगे आप

अब देश को मिलेगी पहली सरकारी AI यूनिवर्सिटी! जानिए इसे लेकर क्या हुआ ऐलान, कैसी है तैयारी

AI university in India: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत एक नया इतिहास रचने जा रहा है। देश को जल्द ही अपनी पहली सरकारी एआई यूनिवर्सिटी मिलने वाली है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार (14 जुलाई) को यह बड़ा ऐलान किया कि राज्य देश की पहली सरकारी स्तर की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यूनिवर्सिटी स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण घोषणा बेंगलुरु में आयोजित Google I/O Connect India 2026 के उद्घाटन के दौरान की। इस कार्यक्रम में देश और दुनिया भर से टेक्नोलॉजी लीडर्स, इनोवेटर्स, एंटरप्रेन्योर्स, डेवलपर्स, रिसर्चर्स और पॉलिसी मेकर्स हिस्सा ले रहे हैं।

एआई यूनिवर्सिटी और AI Hub की होगी स्थापना

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम डीके शिवकुमार ने बताया कि राज्य सरकार जिम्मेदार एआई इनोवेशन के मामले में कर्नाटक को एक वैश्विक लीडर बनाना चाहती है। इसके लिए दो बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। पहला सरकारी एआई यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। यह प्रस्तावित यूनिवर्सिटी विश्व स्तरीय एआई टैलेंट तैयार करने, रिसर्च को आगे बढ़ाने और अकादमिक जगत, इंडस्ट्री एवं सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

दूसरा AI Hub भी स्थापित होगा जो स्टार्टअप्स, कंपनियों और अन्य संस्थानों द्वारा एआई के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए एक इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में काम करेगा। सीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तुलना भाप के इंजन, बिजली, इंटरनेट और मोबाइल टेक्नोलॉजी से करते हुए कहा कि यह इस पीढ़ी की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति है।

आईटी सेक्टर में कर्नाटक की मजबूत हिस्सेदारी

बेंगलुरु और कर्नाटक के मौजूदा तकनीकी दबदबे को बताते हुए सीएम डीके शिवकुमार ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि भारत के कुल सॉफ्टवेयर निर्यात में अकेले कर्नाटक की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। बेंगलुरु वर्तमान में 17000 से अधिक स्टार्टअप्स और हजारों ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का घर है जो वैश्विक बाजार के लिए प्रोडक्ट्स डिजाइन और इंजीनियर करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य को एक AI-native राज्य बनाना है। ऐसा राज्य जहां एआई केवल एक तकनीकी नारा बनकर न रहे बल्कि इसका इस्तेमाल सुशासन और लोगों के रोजमर्रा के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदारी से किया जाए।

इन 5 क्षेत्रों में गूगल के साथ साझेदारी का न्योता

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कर्नाटक के साथ दो दशकों से अधिक समय की गूगल की साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सर्च, एंड्रॉयड, यूट्यूब, मैप्स, क्रोम, जीमेल और गूगल पे जैसे गूगल के प्रोडक्ट्स ने भारतीयों के ज्ञान प्राप्त करने, व्यापार करने और सरकारी सेवाओं के साथ जुड़ने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है।

मुख्यमंत्री ने गूगल को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु अनुकूलन, अर्बन मोबिलिटी और सुशासन के लिए एआई समाधान बनाने में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने सहयोग के लिए 5 प्रमुख क्षेत्रों का खाका पेश किया:-

1- एआई टूल्स का विकास: शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और छोटे व्यवसायों के लिए विशेष एआई टूल्स विकसित करना।

2- भारतीय स्टार्टअप्स को सपोर्ट: बड़े पैमाने पर भारतीय चुनौतियों का समाधान खोजने वाले स्टार्टअप्स को सहायता देना।

3- एआई लर्निंग का विस्तार: पूरे कर्नाटक में छात्रों के लिए एआई सीखने के अवसरों को बढ़ाना।

4- ग्लोबल लैबोरेटरी बनाना: कर्नाटक को जिम्मेदार टेक्नोलॉजी के लिए एक वैश्विक प्रयोगशाला के रूप में स्थापित करना।

5- लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप: इकोसिस्टम पार्टनर के रूप में गूगल की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और गहरा करना।

भविष्य के लिए डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी

कर्नाटक सरकार देश के इस तकनीकी हब के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए राज्य सरकार डेटा सेंटर्स सहित अपने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रखेगी ताकि एआई इनोवेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और अगली पीढ़ी की डिजिटल सेवाओं को जरूरी सपोर्ट मिल सके।

ये भी पढ़ें- Siddharth Saxena: कौन हैं सिद्धार्थ सक्सेना? जिन्होंने 26 साल की उम्र में एक दिन में कमाए 76.99 करोड़ रुपये!

समारोह के अंत में डेवलपर्स और युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी क्रांतियां हमेशा जिज्ञासा और ‘क्या हम इसे अलग तरीके से कर सकते हैं?’ पूछने की इच्छा से शुरू होती हैं। उन्होंने डेवलपर्स को निडर होकर निर्माण करने, उद्यमियों को बड़े सपने देखने और शोधकर्ताओं को नवाचार जारी रखने का आग्रह किया।