ISRO Recruitment 2026: अंतरिक्ष विभाग और इसरो ने 746 पदों पर भर्ती शुरू, 92 साइंटिस्ट/इंजीनियर और 410 एप्रेंटिस के पद भी भरे जाएंगे

ISRO Recruitment 2026: अंतरिक्ष विभाग (DoS) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) ने हाल के वर्षों में अपनी सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। अंतरिक्ष विभाग और इसरो ने 746 अलग-अलग पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इनमें से कम से कम 43 बैकलॉग पद हैं। इसरो में नौकरी से जुड़ी सभी डिटेल्स ऑफिशियल वेबसाइट isro.gov.in/careers पर चेक कर सकते हैं।

आवेदन ऑनलाइन मोड में करना होगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इसरो के ऑफिशियल रिक्रूटमेंट पोर्टल पर 17 अगस्त 2026 तक फॉर्म भर सकते हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए इसरो ने 27 जुलाई से 29 जुलाई के बीच तीन नोटिफिकेशन जारी किए थे। इसके तहत 336 रेगुलर और 410 अप्रेंटिसशिप पद शामिल हैं। इसरो की इस भर्ती प्रक्रिया के तहत वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से लेकर प्रशासनिक स्टाफ और अप्रेंटिस तक के पद पर भर्तियां की जाएंगी। इसमें 92 पद साइंटिस्ट और इंजीनियर के भी हैं। इसरो साइंटिस्ट की सैलरी पे-मैट्रिक्स लेवल-10 के हिसाब से होती है।

किन पदों पर कितनी वैकेंसी?

इसरो के भर्ती अभियान को अलग-अलग श्रेणी में बांटा गया है, जिससे हर वर्ग और योग्यता वाले अभ्यर्थियों को मौका मिल सके: इस ताजा भर्ती प्रक्रिया का सबसे बड़ा हिस्सा इसरो सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट बोर्ड (ICRB) के जरिए 244 लेवल-4 प्रशासनिक पदों पर भर्ती का है। इनमें 113 सहायक, 81 कनिष्ठ निजी सहायक, 22 अपर डिविजन क्लर्क, 10 आशुलिपिक, स्वायत्त संस्थानों के लिए 17 सहायक और एक स्वायत्त संस्थान के लिए एक कनिष्ठ निजी सहायक शामिल हैं।

इस भर्ती में वेतन मैट्रिक्स के लेवल-10 में 92 वैज्ञानिक/इंजीनियर ‘एससी’ पद भी शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स में सबसे ज्यादा 34 पद खाली हैं। इसके बाद मैकेनिकल (26), कंप्यूटर साइंस (13), सिविल (10), इलेक्ट्रिकल (4), प्रशीतन और एयर-कंडीशनिंग (2), आर्किटेक्चर (2) और अहमदाबाद के भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) में एक सिविल इंजीनियर का पद हैं।

परमानेंट भर्ती के साथ, URSC, बेंगलुरु ने 2026-27 के लिए 410 अप्रेंटिसशिप पोस्ट की घोषणा की है। इनमें 220 ग्रेजुएट अप्रेंटिस, 120 टेक्नीशियन अप्रेंटिस और 70 डिप्लोमा इन कमर्शियल प्रैक्टिस अप्रेंटिस शामिल हैं।

ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (83 पोस्ट) सबसे ज़्यादा हैं, इसके बाद मैकेनिकल (50), कंप्यूटर साइंस (40), केमिकल (15), इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट (10), एयरोनॉटिकल (10), एयरोस्पेस (10) और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग (2) हैं। टेक्नीशियन अप्रेंटिसशिप में 38 इलेक्ट्रॉनिक्स, 30 कंप्यूटर साइंस, 30 मैकेनिकल, 10 इलेक्ट्रिकल, 5 सिविल, 5 इंस्ट्रूमेंटेशन और 2 ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग पोस्ट शामिल हैं।

अप्रेंटिस और साइंटिस्ट वेतन

इसरो अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के तहत कानूनी जरूरतों को पूरा करने और नए स्नाताकों को प्रशिक्षित करने के लिए अप्रेंटिस भर्ती करता है। सभी उम्मीदवारों को मासिक स्टाइपेंड मिलता है, जो 10,900 रुपये से 12,300 रुपये है। वहीं, साइंटिस्ट/’SC’ के पद पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों का शुरुआती बेसिक पे 56,100 रुपये प्रति माह होगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार के नियमानुसार डीए, एचआरए और मेडिकल जैसी अन्य तमाम सुविधाएं भी मिलेंगी।

इसरो में नौकरी के लिए जरूरी योग्यता

साइंटिस्ट और इंजीनियर के पदों पर भर्ती के लिए संबंधित ट्रेड में बीई या बीटेक की डिग्री होनी चाहिए, जिसमें कम से कम 65% अंक होने जरूरी हैं। इस बार साइंटिस्ट पदों के लिए GATE (2025 या 2026) स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए युवाओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन में 50% वेटेज गेट स्कोर का और 50% वेटेज इंटरव्यू का रहेगा। वहीं प्रशासनिक और अप्रेंटिस पदों के लिए अलग-अलग लिखित परीक्षा या मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।

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HAL Recruitment 2026: एचएएल में मैनेजमेंट ट्रेनी के बंपर पदों पर भर्ती का मौका, जानें आवेदन शुल्क, योग्यता सहित अन्य डिटेल

HAL Recruitment 2026: देश के सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा संस्थान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इंजीनियरिंग डिग्री धारक उम्मीदवारों के लिए शानदार अवसर पेश किया है। एचएएल ने डिजाइन ट्रेनी और मैनेजमेंट ट्रेनी के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत 120 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एचएएल की आधिकारिक वेबसाइट halindia.co.in के करियर सेक्शन में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 29 जुलाई से शुरू हो चुके हैं। आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार 14 अगस्त को दोपहर 2.00 बजे तक अप्लाई कर सकते हैं।

पदों का विवरण

डिजाइन ट्रेनी (60 पद): इसके तहत एचएएल के अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्रों में नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें एयरोनॉटिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉ निक्स, इंस्ट्रूमेंटेमेंटेशन, मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस और मेटलर्जी जैसी इंजीनियरिंग शाखाओं में डिग्री प्राप्त कर चुके अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

मैनेजमेंट ट्रेनी (60 पद): यह पद उत्पादन, ओवरहॉल और सर्विस डिवीजनों के लिए हैं। इसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉ निक्स, सिविल, प्रोडक्शन, मेटलर्जी और कंप्यूटर साइंस स्ट्री म के उम्मीदवार पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को बेंगलुरु, तुमकुरु, हैदराबाद, नासिक, कोरापुट, बैरकपुर, लखनऊ, कानपुर और कोरवा स्थित एचएएल की विभिन्न यूनिट में तैनात किया जाएगा।

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

शैक्षणिक योग्यता : संबंधित इंजीनियरिंग ब्रांच में न्यूनतम 70% कुल अंकों के साथ बी.ई. या बी.टेक. की डिग्री होना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PwBD) श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अंक 60% निर्धारित किए गए हैं। जो अभ्यर्थी बी.ई./बी.टेक. के अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी आवेदन करने के पात्र हैं, बशर्ते इंटरव्यू के समय तक उनके पास डिग्री का प्रमाण पत्र उपलब्ध हो।

आयु सीमा : 14 अगस्त 2026 के आधार पर अनारक्षित (UR) और ईडब्ल्यूएस (EWS) उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 28 वर्ष तय की गई है। आरक्षित श्रेणियों (OBC-NCL, SC, ST यों , PwBD) को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

स्टाइपेंड (सैलरी): ट्रेनिंग अवधि के दौरान चयनित अभ्यर्थियों को 50,000 रुपये का शुरुआती बेसिक पे, वेरिएबल डीए और अन्य भत्ते दिए जाएंगे।

चयन प्रक्रिया : अभ्यर्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा (CBT) और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। लिखित परीक्षा 5 और 6 सितंबर 2026 को आयोजित की जाना प्रस्तावित है।

आवेदन शुल्क : सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये है। एससी, एसटी, दिव्यांगजनों और एचएएल नों के आंतरिक कर्मचारियों को आवेदन शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है।

आवेदन कैसे करें?

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सीधे hal-india.co.in पर जाएं, ‘Careers’ टैब में विज्ञापन संख्या HAL/CHRC-TM/RECT-02/2026 पर क्लिक करें, अपने मोबाइल नंबर व ईमेल से रजिस्ट्रेशन करें और 14 अगस्त दोपहर 2:00 बजे से पहले अपना आवेदन फॉर्म सबमिट करें।

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Vaibhav Sooryavanshi: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी को क्यों बनाया गया उपकप्तान? सेलेक्टर ने बताया इस फैसले के पीछे की वजह

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 के बाद से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाया गया है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 23 अगस्त से बेंगलुरु में होगी। वहीं वैभव के उपकप्तान बनाए जाने के फैसले को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आई हैं। कई पूर्व खिलाड़ी और एक्सपर्ट के मुताबिक, इतनी कम उम्र में वैभव को बड़ी जिम्मेदारी देना जल्दबाजी हो सकती है। वहीं हाल ही में सेलेक्टर ने बताया की वैभव को इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों दी गई है।

फैसले का किया बचाव

ईस्ट जोन सेलेक्टर समिति के सदस्य और ओडिशा के पूर्व रणजी क्रिकेटर प्रवंजन मलिक ने इस फैसले का बचाव किय। प्रवंजन मलिक ने क्रिकबज से बातचीत में कहा, “वैभव को कप्तान नहीं, बल्कि उपकप्तान बनाया गया है। टीम की कप्तानी ईशान किशन करेंगे। ईशान विकेटकीपर भी हैं, इसलिए मैच के दौरान उनकी भूमिका लगातार एक्टिव रहेगी। इसका मतलब यह नहीं है कि वैभव पूरे समय टीम की कप्तानी करेंगे। वह अभी सीखने के दौर में हैं और हर दिन पहले से ज्यादा मैच्योर हो रहे हैं। उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी देने से उनकी नेतृत्व क्षमता और मैच की समझ बेहतर होगी।”

भविष्य के लीडरशीप क्षमता विकसित करना

मलिक ने ये भी बताया कि वैभव सूर्यवंशी पहले से ही बिहार की घरेलू टीम के उपकप्तान हैं और 2026 अंडर-19 विश्व कप में भी उपकप्तान की भूमिका भी निभा चुके हैं। उन्होंने कहा, “वैभव देश के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका आईपीएल सीजन भी शानदार रहा। वह बिहार की प्रथम श्रेणी टीम के भी उपकप्तान हैं।” मलिक ने आगे कहा, “दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी की जिम्मेदारी उनके लिए बड़ा अवसर है। हमारा मानना है कि युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी देना जरूरी है, क्योंकि इससे उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।”

उन्होंने आगे कहा, “कौन जानता है, भविष्य में वह भारतीय टीम के कप्तान भी बन सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्हें उपकप्तान बनाया गया है।” मलिक ने यह भी स्पष्ट किया कि चयनकर्ताओं ने वैभव को उपकप्तान बनाने से पहले उनसे इस फैसले पर कोई चर्चा नहीं की थी।

सस्ते Electric Scooters की होने वाली है इंट्री, Ather से Honda तक मचेगी हलचल

electric scooter

देश में इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पेट्रोल की ऊंची कीमतों, E20 फ्लेक्स-फ्यूल को लेकर चल रही चर्चाओं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के चलते ग्राहक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। जून 2026 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री 1.93 लाख यूनिट से ज्यादा रही, जो सालाना आधार पर करीब 75 फीसदी की वृद्धि है। खास बात यह है कि कुल टू-व्हीलर बिक्री में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बाजार हिस्सेदारी पहली बार डबल डिजिट में पहुंची है।

 

बढ़ती मांग को देखते हुए कई ऑटो कंपनियां नए इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश करने की तैयारी कर रही हैं। आने वाले 3-4 महीनों में भारत में चार नए इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में दस्तक दे सकते हैं। इनमें Ather, VinFast, Honda और Simple Energy के मॉडल शामिल हैं।

 

 Ather EL01, VinFast Viper, Honda QC3 और Simple Arrive की एंट्री से भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है। खासकर किफायती और प्रीमियम दोनों सेगमेंट में ग्राहकों के पास आने वाले महीनों में पहले के मुकाबले ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे।

1. Ather EL01

Ather Energy का नया मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर EL01 29 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में आयोजित होने वाले Ather Community Day में पेश किया जाएगा। यह कंपनी के नए EL प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा। भारत में इसकी अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत 1.05 लाख से 1.15 लाख रुपये के बीच हो सकती है। Ather ने 2025 के Community Day में EL प्लेटफॉर्म के साथ EL01 के प्रोटोटाइप को प्रदर्शित किया था। दिसंबर 2025 में कंपनी ने EL01 के डिजाइन का पेटेंट भी फाइल किया था।

 

पेटेंट तस्वीरों के मुताबिक, स्कूटर में 14-इंच फ्रंट और 12-इंच रियर अलॉय व्हील मिल सकते हैं। इसमें स्विंगआर्म-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर होगी। स्कूटर में बड़ा LED DRL और LED टेल-लैंप क्लस्टर भी देखने को मिलेगा। Ather EL01 कंपनी का पहला मॉडल होगा, जिसमें Advanced Electronic Braking System (AEBS) और ऑनबोर्ड चार्जर दिया जा सकता है। कंपनी इसे Ather Charge Drive Controller नाम देगी।

 

2. VinFast Viper

 

VinFast ने पिछले महीने भारत में Viper इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट दाखिल किया है। माना जा रहा है कि यह भारत के टू-व्हीलर सेगमेंट में कंपनी का पहला मॉडल हो सकता है।

 

VinFast Viper में 5-स्पोक अलॉय व्हील, 3 kW हब-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर और 4.8 kWh बैटरी पैक दिया जा सकता है। कंपनी भारत में इसे CKD (Completely Knocked Down) यूनिट के तौर पर ला सकती है। इसकी स्थानीय असेंबली तमिलनाडु के थूथुकुडी (Tuticorin) स्थित प्लांट में किए जाने की उम्मीद है।

 

प्रीमियम मैक्सी-स्टाइल इलेक्ट्रिक स्कूटर में 14-इंच व्हील मिलेंगे। इसकी अधिकतम रेंज करीब 156 किलोमीटर बताई गई है। वियतनाम में इसकी कीमत 45,500,000 VND है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 1.63 लाख रुपये के बराबर है।

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भारत में VinFast Viper का मुकाबला Vida V2, Ola S1 Pro Plus, Ather 450 Apex और TVS iQube ST जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से हो सकता है।

 

3. Honda QC3

Honda ने भारत में हाल ही में कई नए स्कूटर्स और मोटरसाइकिलों के साथ Honda QC3 इलेक्ट्रिक स्कूटर को पेश किया है। इसमें 3 kWh बैटरी पैक मिलेगा, जो फुल चार्ज पर 145 किलोमीटर की IDC रेंज देने में सक्षम होगा।

 

चार्जिंग की बात करें तो Honda QC3 को 0 से 80 फीसदी तक चार्ज होने में करीब 2 घंटे 40 मिनट लग सकते हैं, जबकि 100 फीसदी चार्ज होने में करीब 4 घंटे का समय लगेगा।

 

फीचर्स की बात करें तो इसमें 32-लीटर अंडर-सीट स्टोरेज, Smart Key और 5-इंच TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलेगा। TFT स्क्रीन में टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और Honda RoadSync कनेक्टिविटी की सुविधा भी दी जा सकती है। onda ने अभी इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, उम्मीद है कि यह FY27 के दौरान भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध हो सकता है। इसकी अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत 1.10 लाख से 1.25 लाख रुपये के बीच हो सकती है। बाजार में इसका मुकाबला TVS iQube, Bajaj Chetak, Ather 450 और Hero Vida V2 से होगा।

4. Simple Arrive

Simple Energy 2 सितंबर 2026 को भारत में अपना पहला फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर Simple Arrive लॉन्च करेगी। बेंगलुरु स्थित EV स्टार्टअप का यह मॉडल पारंपरिक डिजाइन के साथ आएगा।

 

Simple Arrive में फ्लैट सिंगल-पीस सीट, फ्रंट डिस्क ब्रेक, डुअल-शॉक रियर सस्पेंशन और सेंटर स्टैंड मिलेगा। स्कूटर में TFT इंस्ट्रूमेंट कंसोल और फ्रंट एप्रन में छोटे स्टोरेज स्पेस भी दिए जाएंगे। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को इस साल की शुरुआत में भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान देखा गया था। स्पाई तस्वीरों से पता चला था कि इसका डिजाइन कंपनी के One और OneS इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की तुलना में ज्यादा पारंपरिक होगा।

 

हालांकि, Simple Arrive की बैटरी क्षमता और रेंज से जुड़ी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। Simple Energy की खासियत यह भी है कि कंपनी भारत में कमर्शियल स्तर पर heavy rare-earth-free electric motors बनाने वाली एकमात्र कंपनी होने का दावा करती है।

दिलीप ट्रॉफी में भी शिरकत करेंगें वैभव सूर्यवंशी, खेलेंगे ईशान किशन की कप्तानी में

कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाज़ी से धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को आने वाली दिलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट ज़ोन टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। यह उनकी तेज़ी से आगे बढ़ने की कहानी का एक और अहम पड़ाव है, क्योंकि हाल के महीनों में ही उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई है।विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन इस प्रतिष्ठित इंटर-ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में 15 सदस्यों वाली टीम की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त को बेंगलुरु में शुरू होगा।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘Player of the series’ चुने गए।

ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

शमी के शामिल होने से टीम को बहुत अनुभव मिलेगा। 35 साल के यह तेज़ गेंदबाज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने 2025-26 घरेलू सीज़न में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के 14 में से 13 मैचों में भी खेले।

दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट ज़ोन की टीम: अभिमन्यु ईश्वरन (बंगाल), सुदीप कुमार घरामी (बंगाल), शाहबाज़ अहमद (बंगाल), सूरज सिंधु जायसवाल (बंगाल), मोहम्मद शमी (बंगाल), मुकेश कुमार (बंगाल), ईशान किशन (कप्तान, झारखंड), कुमार कुशाग्र (झारखंड ), शिखर मोहन (झारखंड ), अनुकूल रॉय (झारखंड), विराट सिंह (झारखंड), सुभ्रांशु सेनापति (ओडिशा), वैभव सूर्यवंशी (उप-कप्तान, बिहार), डेनिश दास (असम) और अभिजीत सरकार (त्रिपुरा)। स्टैंडबाय: आयुष लोहारूका (बिहार), श्रीदाम पॉल (त्रिपुरा), संबित एस बराल (ओडिशा), शरणदीप सिंह (झारखंड) और स्वास्तिक सामल (ओडिशा)।

रेस्टोरेंट में ₹30 की इडली, ऑनलाइन ₹90 क्यों? फूड डिलीवरी ऐप्स के बिलिंग गेम की ये कहानी सामने आई

Billing Game News: अगर आप अक्सर स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स से खाना मंगवाते हैं तो आपने भी ये गौर किया किया होगा कि रेस्टोरेंट में मिलने वाले फूड और ऐप पर दिखने वाले की कीमतों में बहुत बड़ा अंतर होता है। अब इस पूरे मसले पर बेंगलुरु के रेस्टोरेंट मालिकों ने मोर्चा खोल दिया है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां के होटेलियर्स ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के अनफेयर और अपारदर्शी कमीशन स्ट्रक्चर पर कड़ा एतराज जताया है।

रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स ने उनके बिजनेस को बढ़ाने में मदद की है। लेकिन इनका मौजूदा मॉडल उनके मुनाफे को पूरी तरह से खत्म कर रहा है। वहीं दूसरी ओर ग्राहकों को चीजें महंगी मिल रही हैं।

30 रुपये की इडली ऑनलाइन 90 रुपये की क्यों?

By2 Coffee चेन के संस्थापक राघवेंद्र पादुकोण ने रेस्टोरेंट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के बीच की कीमतों के भारी अंतर पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जो इडली रेस्टोरेंट में 30 से 35 रुपये में मिलती है, वही ऑनलाइन ऑर्डर करने पर 80 से 90 रुपये की क्यों हो जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रेस्टोरेंट की वास्तविक कीमत और ऑनलाइन कीमत बिल्कुल एक समान होनी चाहिए जिसमें सिर्फ डिलीवरी चार्ज का अंतर होना चाहिए। राघवेंद्र पादुकोण ने कहा कि रेस्टोरेंट मालिक फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ नहीं हैं बल्कि वे इस बात का विरोध कर रहे हैं कि यह मौजूदा मॉडल किस तरीके से काम कर रहा है।

कमाई का आधा हिस्सा भी नहीं बचता, जानें कहां-कहां कटता है पैसा

रिपोर्ट के मुताबिक रेस्टोरेंट मालिकों ने उन तमाम कटौतियों की डिटेल में जानकारी दी है जो उनके पेआउट को काफी कम कर देती हैं। इनमें हर ऑर्डर पर लिया जाने वाला कमीशन, ग्राहकों द्वारा दिया जाने वाला प्लेटफॉर्म शुल्क, कलेक्शन चार्ज, पेमेंट गेटवे शुल्क, सर्विस चार्ज पर लगने वाला जीएसटी, कैंसिलेशन चार्ज, लंबी दूरी का शुल्क और प्रमोशनल खर्च शामिल हैं। रेस्टोरेंट मालिकों के मुताबि, इन सभी कटौतियों को एक साथ मिलाने पर उन्हें अपनी वास्तविक बिक्री का आधा हिस्सा भी नहीं मिल पाता है। इससे उनका प्रॉफिट मार्जिन बुरी तरह प्रभावित होता है।

बिना अनुमति के डिस्काउंट और विज्ञापन का बोझ

कर्नाटक स्टेट होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष जीके शेट्टी का कहना है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स रेस्टोरेंट पार्टनर्स की अनुमति के बिना भारी कटौती कर रहे हैं। होटेलियर्स ने इस बात पर सबसे ज्यादा आपत्ति जताई कि प्लेटफॉर्म्स अपनी मर्जी से विज्ञापन, डिस्काउंट और प्रमोशनल कैंपेन शुरू करते हैं और उनका पूरा खर्च रेस्टोरेंट मालिकों से वसूल लेते हैं। रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि सिर्फ एक ईमेल नोटिफिकेशन भेज देने को उनकी सहमति नहीं माना जा सकता।

बैंगलोर होटल्स एसोसिएशन के मानद अध्यक्ष पीसी राव ने कहा कि अगर 20 प्रतिशत कमीशन तय हुआ है तो सिर्फ उतना ही पैसा कटना चाहिए। मालिकों को उम्मीद होती है कि कटौती के बाद उन्हें कम से कम 70 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा लेकिन अंत में उनके हाथ में सिर्फ 30 से 40 फीसदी रकम ही बचती है। उनका मानना है कि समझौते के बाद कोई भी हिडन चार्ज नहीं थोपा जाना चाहिए।

रेस्टोरेंट मालिकों की प्रमुख मांगें

इस स्थिति से निपटने के लिए होटेलियर्स ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने कुल सर्विस चार्ज और सभी कटौतियों को मिलाकर अधिकतम 20 प्रतिशत से नीचे सीमित करने की मांग की है। इसके अलावा तय कमीशन के अलावा कोई भी छिपा हुआ खर्च न वसूलने और डिस्काउंट या विज्ञापन कैंपेन चलाने से पहले रेस्टोरेंट से ओटीपी या सीधे तौर पर स्पष्ट अनुमति लेने की बात कही है।

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रेस्टोरेंट मालिकों ने पारदर्शी सेटलमेंट स्टेटमेंट देने की मांग की है ताकि सभी कटौतियों का स्पष्ट हिसाब मिल सके। साथ ही शिकायतों के निपटारे के लिए एक उचित एस्केलेशन सिस्टम बनाने, सर्विस चार्ज पर जीएसटी की समीक्षा करने और डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर के रूप में सीमित रखने वाले निष्पक्ष मॉडल को बनाए रखने की मांग की गई है।

Gold Rate Today: देश में सोना हुआ और सस्ता, फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद विदेश में कीमत बढ़ी; चेक करें नए रेट

देश में सोने की कीमत और नीचे आ गई है। 30 जुलाई की सुबह ज्यादातर शहरों में भाव और कम हो गया है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 143650 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। भारतीय रुपये की मजबूती से देश के अंदर कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव दिख रहा है। रुपया मजबूत होने पर विदेशी मुद्रा में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इससे सर्राफा कारोबारियों के लिए लागत कम रहती है। लिहाजा भारत में सोने के खुदरा भाव में कमी दिखने लगती है।

रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने के भाव में तेजी है। यह बढ़कर 4,080.38 डॉलर प्रति औंस हो गया है। अगस्त में डिलीवरी वाला US गोल्ड फ्यूचर्स भी बढ़कर 4,078 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी जुलाई की मीटिंग में बेंचमार्क ब्याज दरों को बिना किसी बदलाव के 3.50%-3.75% पर ही छोड़ दिया है। ब्याज दरों में कमी या इसे स्थिर रखा जाना, सोने और चांदी जैसे एसेट्स के लिए पॉजिटिव ट्रिगर का काम करता है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 143650 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131540 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143500 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 143500 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143500 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132990143650
मुंबई131540143500
अहमदाबाद131590143550
चेन्नई131540143500
कोलकाता131540143500
हैदराबाद131540143500
जयपुर131690143650
भोपाल131590143550
लखनऊ131690143650
चंडीगढ़131690143650

चांदी का भाव

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी देश के अंदर गिरावट है। 30 जुलाई की सुबह चांदी 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत बढ़कर 58.20 डॉलर प्रति औंस हो गई है।

Vaibhav Sooryavanshi: किस गेंदबाज के सामने बैटिंग करने से डरते हैं वैभव सूर्यवंशी? युवा बल्लेबाज ने खुद किया खुलासा

Vaibhav Sooryavanshi: युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मात्र 15 साल की उम्र में भारत की टी20 टीम में अपनी जगह बना ली है। वहीं हाल ही में हुए जिम्बाब्वे सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन किया है। अपने इसी शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी आईसीसी टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में 230 स्थान की बड़ी छलांग लगाकर 48वां स्थान पर पहुंच गए है। वहीं इससे पहले आईपीएल 2026 में भी वैभव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑरेंज कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) का अवॉर्ड भी अपने नाम किया है। हाल ही में युवा बल्लेबाज ने बताया कि आईपीएल में वह किस गेंदबाज के सामने बैटिंग नहीं करना चाहते।

किस गेंदबाज से डरते हैं वैभव?

राजस्थान रॉयल्स के एक इंटरव्यू के दौरान वैभव सूर्यवंशी से पूछा गया कि वह किस गेंदबाज के सामने बल्लेबाजी करने से बचना चाहेंगे। इस सवाल पर युवा बल्लेबाज ने सिर्फ चार शब्दों में ऐसा जवाब दिया, जिसे सुन हर कोई हैरान रह गया। वैभव ने कहा, “अभी कोई नहीं है।” इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि आईपीएल में भी कोई नहीं? तो उन्होंने जवाब दिया, “आईपीएल में? अभी तक ऐसा कोई गेंदबाज सामने नहीं आया है।” वैभव सूर्यवंशी से जब आईपीएल 2026 सीजन का सबसे पसंदीदा मैच पूछा गया तो उन्होंने 10 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेले गए मुकाबले का नाम लिया।

वैभव ने कहा, “RCB के खिलाफ। पिछले साल हम दोनों मैच हारे थे और उन मुकाबलों में काफी कुछ हुआ था।”

जडेजा ने दिया ये जवाब

राजस्थान रॉयल्स के साथ बातचीत के दौरान भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा से भी पूछा गया कि वह किस गेंदबाज के खिलाफ बल्लेबाजी करने से बचना चाहेंगे। इस सवाल के जवाब में जडेजा ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का नाम लिया। जडेजा आईपीएल 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स छोड़कर राजस्थान रॉयल्स में शामिल हुए थे। जडेजा ने कहा, “जोफ्रा। अच्छा है ये हमारी टीम में है।”

आईपीएल में डेब्यू के बाद से छाए वैभव

आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू करने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। कम उम्र में ही उन्होंने जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस, जोफ्रा आर्चर, जोश हेजलवुड और कगिसो रबाडा जैसे दुनिया के दिग्गज तेज गेंदबाजों का आत्मविश्वास के साथ सामना किया और उनके खिलाफ बड़े शॉट भी लगाए। इसी प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे उभरते युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू के बाद वह अब तक वैभव छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में केवल 19 गेंदों में अर्धशतक जड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी बनाने वाले खिलाड़ी बने हैं।

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Renting vs Buying: घर खरीदें या किराये पर रहें? जानिए EMI, रेंट रेश्यो और रिटर्न का पूरा गणित

Buying vs Renting Real Estate Guide: बड़े शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु या पुणे में घर खरीदना लोगों का सपना होता है। कई लोग इसे ‘इमोशनल ओनरशिप’ से जोड़कर देखते हैं, तो कुछ लोग इसे केवल ‘फाइनेंशियल रिटर्न’ के नजरिए से देखते हैं।

लेकिन क्या मेट्रो शहरों में आज की तारीख में घर खरीदना फायदे का सौदा है, या फिर किराये पर रहकर पैसों को शेयर बाजार या अन्य ऑप्शन में निवेश करना ज्यादा समझदारी है? आइए इसे EMI-to-Rent Ratio, रेंटल यील्ड और रियल-लाइफ कैलकुलेशन से समझते हैं।

किराए पर रहना vs घर खरीदना: गणित क्या कहता है?

इसे समझने के लिए ₹1 करोड़ की कीमत वाले 2BHK फ्लैट का उदाहरण लेते हैं:

सिनेरियो A: अगर आप घर खरीदते हैं

प्रॉपर्टी की कीमत: ₹1 करोड़

डाउन पेमेंट (20%): ₹20 लाख (अपनी बचत से)

होम लोन (80%): ₹80 लाख (8.5% ब्याज दर पर 20 साल के लिए)

मासिक EMI: लगभग ₹69,400 प्रति महीना

अन्य खर्च: मेंटेनेंस, प्रॉपर्टी टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन कॉस्ट (₹6-8 लाख एक्स्ट्रा)।

20 साल में कुल भुगतान: ₹80 लाख के लोन पर आप 20 साल में लगभग ₹86.5 लाख केवल ब्याज देंगे। यानी कुल भुगतान ₹1.66 करोड़ होगा (प्रिंसिपल + इंटरेस्ट)।

सिनेरियो B: अगर आप किराये पर रहते हैं और बाकी पैसा इन्वेस्ट करते हैं

मासिक किराया: भारत के मेट्रो शहरों में औसतन रेंटल यील्ड 2.5% से 3% होती है। यानी ₹1 करोड़ के मकान का मासिक किराया लगभग ₹22,000 से ₹25,000 होगा।

बचत (EMI vs Rent Diff): EMI (₹69,400) और Rent (₹25,000) के बीच का अंतर = ₹44,400 प्रति महीना।

डाउन पेमेंट की बचत: डाउन पेमेंट के ₹20 लाख भी आपके पास निवेश के लिए बचते हैं।

कंपाउंडिंग का जादू: अगर आप ₹20 लाख जो डाउन पेमेंट की बचत से हुआ है उसे म्यूचुअल फंड में 12% सालाना रिटर्न पर 20 साल के लिए इन्वेस्ट करते हैं, तो यह रकम बढ़कर लगभग ₹1.93 करोड़ हो जाती है।

साथ ही अगर आप हर महीने बची हुई ₹44,400 की SIP (12% रिटर्न के साथ) 20 साल तक करते हैं, तो इससे लगभग ₹4.43 करोड़ का फंड तैयार होता है। 20 साल बाद आपकी कुल वेल्थ ₹6.36 करोड़ होगी जो टैक्स और सालाना रेंट हाइक एडजस्ट करने के बाद भी एक बड़ा कॉर्पस आपके पास होगा।

EMI-to-Rent Ratio: क्या कहता है यह फॉर्मूला?

EMI-to-Rent Ratio यह तय करने का एक आसान तरीका है कि आपको घर खरीदना चाहिए या किराये पर रहना चाहिए:

EMI-to-Rent Ratio= मंथली Rent/ मंथली EMI

अनुपात 1 से 1.5 के बीच: अगर आपकी EMI और रेंट लगभग बराबर हैं, तो घर खरीदना ज्यादा बेहतर विकल्प है।

अनुपात 2.5 से अधिक: बड़े शहरों में अक्सर EMI (₹70,000) किराए (₹25,000) से 2.8 गुना अधिक होती है। जब अनुपात इतना ज्यादा हो, तो वित्तीय दृष्टि से किराये पर रहना और सरप्लस पैसे को इन्वेस्ट करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

Renting vs Buying: घर खरीदें या किराये पर रहें?

Renting vs Buying: घर खरीदें या किराये पर रहें? जानिए EMI, रेंट रेश्यो और रिटर्न का पूरा गणित

इमोशनल ओनरशिप बनाम फाइनेंशियल प्रैक्टिकैलिटी

भारत में घर सिर्फ एक एसेट नहीं है, बल्कि एक सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। ये रहे खुद के घर के फायदे:

  • सुरक्षा का अहसास: आपको कोई मकान मालिक खाली करने को नहीं कह सकता।
  • अपने हिसाब से बदलाव: आप इंटीरियर, रेनोवेशन या बदलाव अपनी पसंद से कर सकते हैं।
  • रिटायरमेंट एसेट: बुढ़ापे में रहने के लिए सिर पर पक्की छत रहती है।

किराये के घर के फायदे

  • जॉब फ्लेक्सिबिलिटी: अगर आपकी नौकरी बेंगलुरु से गुड़गांव शिफ्ट होती है, तो आप बिना किसी परेशानी के मूव कर सकते हैं।
  • बेहतर लोकेशन: जितने किराए में आप किसी प्रीमियम लोकेशन पर रह सकते हैं, उतना महंगा घर खरीदना आपकी क्षमता से बाहर हो सकता है।

आपके लिए क्या सही है?

आपको घर तब खरीदना चाहिए जब आपके पास इनकम का परमानेंट सोर्स हो, आप अगले 10-15 साल उसी शहर में बसना चाहते हैं, आपके पास डाउन पेमेंट का पर्याप्त फंड है, और आपके लिए मानसिक शांति वित्तीय रिटर्न से ज्यादा मायने रखती है।

वहीं आपको किराये पर तब रहना चाहिए जब आपकी उम्र 20-35 साल के बीच है, करियर में ग्रोथ और सिटी चेंज की संभावना है, और आप बचे हुए पैसों (EMI और रेंट के अंतर) को अनुशासित तरीके से शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट लागू, देखें आपके शहर में क्या है भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 29 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।