घर खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर: लोढ़ा डेवलपर्स ला रहा है 21 नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, दिल्ली-NCR में पहली बार एंट्री

Lodha Developers New Housing Projects: देश के रियल एस्टेट सेक्टर में इस समय मकानों की जबर्दस्त डिमांड देखने को मिल रही है, और इसी तेज मांग का फायदा उठाने के लिए मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोढ़ा ग्रुप) ने एक बहुत बड़ा दांव खेला है। चालू वित्त वर्ष (2026-27) में अपने बिजनेस का दायरा तेजी से बढ़ाने के लिए कंपनी ने मार्च 2027 तक 21 नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और नए फेज पेश करने का मेगा प्लान तैयार किया है।

इस आक्रामक विस्तार से लोढ़ा डेवलपर्स की नजर ₹24,000 करोड़ का भारी-भरकम राजस्व हासिल करने पर है। सबसे खास बात यह है कि मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद कंपनी अब पहली बार दिल्ली-NCR के लग्जरी और प्रीमियम हाउसिंग मार्केट में कदम रखने जा रही है। आइए आपको बताते हैं लोढ़ा डेवलपर्स के इस 21-प्रोजेक्ट वाले मेगा प्लान के बारे में।

21 नए प्रोजेक्ट्स का पूरा ब्रेकअप: कहां और कितना होगा निर्माण?

लोढ़ा डेवलपर्स की इन्वेस्टर्स प्रेजेंटेशन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की बाकी तीन तिमाहियों के दौरान कुल 15.6 मिलियन स्क्वायर फीट क्षेत्र में नए घरों का निर्माण किया जाएगा:

7 पूरी तरह से नए प्रोजेक्ट्स: कंपनी MMR, दिल्ली-NCR, पुणे और बेंगलुरु में 5.9 मिलियन वर्ग फीट में फैला 7 नया हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लॉन्च करेगी, जिनसे ₹9,850 करोड़ के रेवेन्यू का अनुमान है।

14 मौजूदा प्रोजेक्ट्स के नए फेज: अपने 14 मौजूदा और लोकप्रिय प्रोजेक्ट्स के नए फेज पेश किए जाएंगे। 9.7 मिलियन वर्ग फीट के इस डेवलपमेंट से ₹14,210 करोड़ जुटाने की योजना है।

Q1 का प्रदर्शन: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान कंपनी पहले ही MMR में 4 लाख वर्ग फीट का एक प्रोजेक्ट उतार चुकी है, जिससे ₹330 करोड़ की आय होने की उम्मीद है।

पहली बार दिल्ली-NCR में एंट्री और पोर्टफोलियो का डाइवर्सिफिकेशन

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों के रियल एस्टेट मार्केट में अपना परचम लहराने के बाद कंपनी पहली बार दिल्ली-NCR के बाजार में कदम रख रही है।

आवासीय परियोजनाओं के अलावा लोढ़ा डेवलपर्स अपने कमर्शियल पोर्टफोलियो का भी तेजी से विस्तार कर रहा है। इसके तहत ऑफिस स्पेस, रिटेल मॉल्स, वेयरहाउसिंग, इंडस्ट्रियल पार्क्स और डेटा सेंटर पार्क्स का निर्माण शामिल है।

पहली तिमाही के आंकड़े: मुनाफा दोगुना, 4% बढ़ी सेल्स बुकिंग

चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में लोढ़ा डेवलपर्स के वित्तीय आंकड़े काफी मजबूत रहे हैं। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल 100% से ज्यादा उछलकर ₹1,373.1 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ₹675 करोड़ था।

पहली तिमाही में कंपनी की कुल इनकम ₹5,096.7 करोड़ रही, जो बीते साल की समान अवधि (₹3,624.7 करोड़) से काफी अधिक है। अप्रैल-जून तिमाही के दौरान लोढ़ा डेवलपर्स की सेल्स बुकिंग्स 4% बढ़कर ₹4,630 करोड़ पर पहुंच गईं।

FY27 के लिए बड़ा लक्ष्य: ₹4,100 करोड़ नेट प्रॉफिट की उम्मीद

कंपनी ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कुल ₹24,000 करोड़ की सेल्स बुकिंग हासिल करने का रोडमैप तैयार किया है। देश में प्रीमियम घरों की भारी मांग, समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी और डेटा सेंटर्स जैसे एसेट्स के मुद्रीकरण के बल पर लोढ़ा डेवलपर्स ने चालू वित्त वर्ष में अपने शुद्ध मुनाफे को 20% बढ़ाकर ₹4,100 करोड़ तक पहुंचाने का टारगेट तय किया है।

बता दें कि बीते वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने ₹17,119.5 करोड़ की कुल इनकम के साथ ₹3,430.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया था और रिकॉर्ड ₹20,530 करोड़ की प्रॉपर्टीज बेची थीं।

होमबायर्स को मिलेंगे प्रीमियम विकल्प

देश के बड़े शहरों में बेहतर जीवनशैली और आधुनिक सुविधाओं वाले घरों की मांग लगातार बढ़ रही है। लोढ़ा डेवलपर्स के इस 21-प्रोजेक्ट वाले मेगा प्लान से न सिर्फ कंपनी को अपना रेवेन्यू टारगेट हासिल करने में मदद मिलेगी, बल्कि दिल्ली-NCR, मुंबई और बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में घर खरीदारों के पास भरोसा और लग्जरी के नए विकल्प उपलब्ध होंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shubhra Shetty: कौन हैं शुभ्रा शेट्टी? 20 साल छोटी गर्लफ्रेंड संग इस वहज से शादी नहीं कर पा रहे अनुराग कश्यप

Shubhra Shetty: शुभ्रा शेट्टी लगभग 11 सालों से फिल्ममेकर अनुराग कश्यप के साथ रिलेशनशिप में हैं। यह कपल अक्सर अपने रिश्ते को लाइमलाइट से दूर रखता है, लेकिन हाल ही में उन्होंने जेनिस सिकेरा के साथ बातचीत में अपनी लव स्टोरी, उम्र के अंतर और भविष्य की योजनाओं के बारे में खुलकर बात की।

शुभ्रा शेट्टी कौन हैं?

शुभ्रा पहले अनुराग कश्यप के प्रोडक्शन हाउस, ‘फैंटम फिल्म्स’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करती थीं। दोनों को पहली बार 2015 में साथ देखा गया था और कश्यप ने 2018 में सबके सामने अपने रिश्ते की बात मानी थी। शुभ्रा 30s में हैं, जबकि कश्यप 53 साल के हैं। यानी दोनों की उम्र में लगभग 20 साल का अंतर है। वह ज़्यादातर लाइमलाइट से दूर रही हैं और अपने फिल्ममेकर पार्टनर की तरह लोगों की नज़रों में ज़्यादा एक्टिव नहीं रही हैं।

शुभ्रा और अनुराग कश्यप का रिश्ता कैसे शुरू हुआ?

अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए शुभ्रा ने बताया कि कश्यप ने प्रपोज किया था। उन्होंने कहा कि कश्यप ने उनसे कहा था कि अपनी ज़िंदगी के अनुभवों की वजह से उन्हें पता था कि वह क्या महसूस कर रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने शुभ्रा को अपना समय लेने और ज़िंदगी का अनुभव करने की आज़ादी भी दी थी।

शुभ्रा ने बताया कि कश्यप चाहते थे कि वह अपने फ़ैसले खुद ले, न कि उनके रिश्ते की वजह से बंधा हुआ महसूस करें। उन्होंने शुभ्रा से कहा था कि वह बाहर जा सकती हैं, दुनिया देख सकती हैं और अगर चाहें तो वापस उनके पास आ सकती हैं। दोनों के बीच किताबें, फ़िल्में और फ़िल्म फ़स्टिवल के लिए एक जैसी पसंद की वजह से भी अच्छी बॉन्डिंग बनी। शुभ्रा ने बताया कि शुरुआती सालों में वे अपने रिश्ते को प्राइवेट रखने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आख़िरकार उनका रोमांस सबके सामने आ ही गया।

उम्र के फ़र्क़ के बारे में शुभ्रा ने क्या कहा है?

उम्र के फ़र्क़ की वजह से इस कपल पर लोगों का ध्यान गया। कश्यप ने माना कि जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती गई और शुभ्रा काफ़ी कम उम्र की दिखने लगीं, उन्हें इस बात की ज़्यादा चिंता होने लगी। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब अपनी इनसिक्योरिटीज़ की वजह से उन्होंने शुभ्रा से दूरी बनाने की कोशिश की थी। हालाँकि, बाद में दोनों ने इस स्थिति को संभाला और अपना रिश्ता जारी रखा।

शुभ्रा ने इस बारे में भी बात की कि उनके माता-पिता ने उनके रिश्ते पर कैसी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि वह उनके माता-पिता की चिंताओं को समझती थीं, क्योंकि जब उन्होंने कश्यप को डेट करना शुरू किया था, तब वह 20s में थीं, जबकि कश्यप उनसे काफ़ी बड़े थे और उनकी दो बार शादी हो चुकी थी।

वहीं, उम्र को लेकर होने वाली आलोचना (age-shaming) पर अनुराग ने कहा, “हमारे बीच भी ऐसे पल आए हैं। हम थोड़े असहज (self-conscious) महसूस करते रहे हैं। मैं ज़्यादा असहज रहा हूँ… और सिर्फ़ असहज ही नहीं, एक समय तो मैं इतना ज़्यादा सोचने लगा था कि इसे नज़रअंदाज़ करने की पूरी कोशिश कर रहा था। असल में, उनके चेहरे से उनकी उम्र का पता नहीं चलता। वह आज भी वैसी ही दिखती हैं। अपनी उम्र की नहीं लगतीं। तो बात यह है कि जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती गई और वह वैसी ही दिखती रहीं, तब मैं थोड़ा असहज महसूस करने लगा।”

शादी के बारे में शुभ्रा और अनुराग का क्या कहना है?

इस जोड़े ने शादी करने की योजना के बारे में भी बात की है। कश्यप ने बताया कि शुभ्रा शादी में यकीन नहीं रखतीं, लेकिन उन्होंने यह भी साफ़ किया कि वह अपने रिश्ते से खुश हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ बने रहना चाहते हैं और जो रिश्ता उन्होंने मिलकर बनाया है, उसे खोना नहीं चाहते।

जब शादी की योजनाओं के बारे में पूछा गया, तो अनुराग ने जेनिस सिकेरा को बताया कि शुभ्रा शादी में यकीन नहीं रखतीं। उन्होंने कहा, “मैं उनके साथ बहुत खुश हूं। मैं उनके साथ रहना चाहता हूं। तो, इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं करूंगा। ज़िंदगी में बहुत कुछ है। एक बूढ़े आदमी की इनसिक्योरिटी (असुरक्षा की भावना) क्या होती है? मैं इतना स्वस्थ रहना चाहता हूं कि जिन लोगों से मैं प्यार करता हूं, उनके बाद भी जीवित रहूं। क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो उसके बाद क्या होगा? दुनिया का दस्तूर यही है। तो, मैं इस बारे में बहुत सोचता हूं। लेकिन मेरी बात यह है कि जब तक हमें वह मिल गया है जो अभी हमारे पास है, मैं किसी भी चीज़ से खुश हूं। मैं इसे खोना नहीं चाहता।”फ़िल्ममेकर और शुभ्रा अभी मुंबई छोड़कर बेंगलुरु में रह रहे हैं।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के दाम आज भी स्थिर, जानें अपने शहर का ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 16 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹3490 तक महंगा, वैश्विक कीमत 0.9% बढ़ी

देश में सोने की कीमत में वीकली बेसिस पर अच्छी मजबूती दिख रही है। अलग-अलग शहरों में एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 3490 रुपये तक ​बढ़ी है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 3200 रुपये तक महंगा हुआ है। आज 16 अगस्त को राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड 155280 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई में कीमत 155130 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,379.9 डॉलर प्रति औंस पर है। एक सप्ताह में सोने की वैश्विक कीमत लगभग 0.9 प्रतिशत बढ़ी है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 155280 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142350 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 142200 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 155130 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 155130 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142200 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 155130 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 142200 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली142350155280
मुंबई142200155130
अहमदाबाद142250155180
चेन्नई142200155130
कोलकाता142200155130
हैदराबाद142200155130
जयपुर142350155280
भोपाल142250155180
लखनऊ142350155280
चंडीगढ़142350155280

इस म्यूचुअल फंड ने ₹10 लाख के निवेश को सिर्फ 13 साल में ₹1.25 करोड़ बना दिया

चांदी की कीमत

सोने की तरह चांदी भी वीकली बेसिस पर महंगी हुई है। एक सप्ताह में भाव 5000 रुपये ​बढ़ा है। 16 अगस्त की सुबह चांदी की कीमत 250000 रुपये प्रति किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.88 डॉलर प्रति औंस पर है।

जुलाई में सोने का आयात मामूली बढ़ा, चांदी का घटा

कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क में वृद्धि के बाद जुलाई में भारत के सोने और चांदी के आयात में नरमी आई। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में सोने का आयात केवल 4.77 प्रतिशत बढ़ा और 4.16 अरब डॉलर रहा। इससे पहले, अप्रैल में सोने के आयात में 81.69 प्रतिशत, मई में 34 प्रतिशत और जून में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। चांदी का आयात 66.1 प्रतिशत घटकर 17.16 करोड़ डॉलर रह गया। सरकार ने 13 मई से कीमती धातुओं पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। अप्रैल-जुलाई 2026 अवधि में सोने का कुल आयात 32.41 प्रतिशत बढ़कर 15.17 अरब डॉलर हो गया। चांदी का आयात 50.81 प्रतिशत घटकर 71.84 करोड़ डॉलर रहा।

अफगानिस्तान जाने की तैयारी…TTP आतंकी से चैट और भारत पर हमले की साजिश, बंगाल का युवक गिरफ्तार

बेंगलुरु पुलिस ने पश्चिम बंगाल के 25 साल के एक युवक को हिरासत में लिया है। उस पर आरोप है कि उसने आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के एक सदस्य से संपर्क करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, युवक ने संगठन में शामिल होने और पाकिस्तान की सेना व भारत के खिलाफ जवाबी हमले की योजना को लेकर बातचीत करने की कोशिश की थी।

युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के नाओपारा गांव निवासी असाफुल मल्लिक के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे बेंगलुरु के जिगनी इलाके से हिरासत में लिया। उस पर संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और आतंकी संगठनों से संपर्क रखने का आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, बोम्मासंद्रा इंडस्ट्रियल एरिया में गश्त के दौरान अधिकारियों को मल्लिक की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की। पूछताछ में मल्लिक ने कथित तौर पर बताया कि वह पाकिस्तान में मुसलमानों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई से नाराज था। उसका दावा था कि वहां मस्जिदों और आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मल्लिक इजरायल-फिलिस्तीन विवाद को लेकर पाकिस्तान के रुख से भी नाराज था। आरोप है कि उसे इस तरह से उकसाया जा रहा था कि अगर भारत में मुसलमानों को किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़े, तो वह उसके जवाब में कार्रवाई करे।

टीटीपी के संपर्क में था

पुलिस का दावा है कि मल्लिक ने फेसबुक के जरिए अफगानिस्तान के रहने वाले इमरान हैदर नाम के एक व्यक्ति से संपर्क किया था। जांच एजेंसियों को शक है कि हैदर का संबंध आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से हो सकता है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, मल्लिक ने अफगानिस्तान जाने में मदद के लिए हैदर से संपर्क किया था। उसने अफगानिस्तान जाने के लिए वीजा का आवेदन भी किया था। हालांकि, बाद में पैसों की कमी और परिवार की जिम्मेदारियों के चलते उसने यह योजना छोड़ दी।

इसके बाद पुलिस ने मल्लिक का मोबाइल फोन जांच के लिए अपने कब्जे में लिया। पुलिस के अनुसार, फोन में मल्लिक और हैदर के बीच हुई चैट, कई वॉयस कॉल और ऑडियो बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं। जांचकर्ता अब इन चैट, रिकॉर्डिंग और फोन में मिली दूसरी सामग्री की जांच कर रहे हैं। इसका मकसद यह पता लगाना है कि मल्लिक का हैदर और टीटीपी से कथित संपर्क कितना गहरा था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच हुई बातचीत में भारत या पाकिस्तानी सेना के खिलाफ किसी हमले की कोई ठोस योजना बनाई गई थी या नहीं।

Apollo Hospitals Share Price: इस साल 25% चढ़ा है शेयर, क्या अभी खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

Apollo Hospitals Share Price: अपोलो हॉस्पिटल्स का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 7,044 करोड़ रुपये रहा। एबिड्टा 28 फीसदी बढ़कर 1,092 करोड़ रुपये हो गया। एबिड्टा मार्जिन भी बढ़कर 15.5 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 14.6 फीसदी था।

कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट 581 करोड़ रुपये

जून तिमाही में Apollo Hospitals का कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 581 करोड़ रुपये रहा। करीब सभी बिजनेसेज में अच्छी ग्रोथ दिखी। इनमें हेल्थकेयर सर्विसेज, अपोलो हेल्थको और AHLL शामिल हैं। सभी बिजनेसेज की रेवेन्यू ग्रोथ डबल डिजिट में रही।

एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट में 8 फीसदी इजाफा 

हॉस्पिटल बिजनेस का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 3,567 करोड़ रुपये रहा। इसमें वॉल्यूम ग्रोथ में 11 फीसदी, प्राइसिंग में 4 फीसदी और केस और पेयर मिक्स में 3 फीसदी ग्रोथ का हाथ है। इनपेशेंट वॉल्यूम 13 फीसदी बढ़ा। ऑक्युपेंस 70 फीसदी बनी रही। एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट (ARPP) साल दर साल आधार पर 8 फीसदी बढ़ा।

मैनेजमेंट को रेवेन्यू ग्रोथ 20 फीसदी रहने का भरोसा 

मैनेजमेंट को हॉस्पिटल बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ FY27 में करीब 20 फीसदी रहने का भरोसा है। बेंगलुरु में 180 बेड के हॉस्पिटल्स में सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। गुरुग्राम के हॉस्पिटल में इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ऑपरेशन शुरू हो जाने की उम्मीद है। कंपनी ने FY31 तक बेड की संख्या बढ़कर 14,100 करने का प्लान बनाया है।

बेड की टैरिफ लिमिट तय होने से रेवेन्यू पर पड़ सकता है असर 

अपोलो हॉस्पिटल्स की ग्रोथ आगे स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। इसमें स्ट्रॉन्ग ऑक्युपेंसी, बढ़ती क्लिनिकल जटिलता, कपैसिटी विस्तार पर फोकस और डिजिटल बिजनेसेज में मुनाफा बनाने की बढ़ती क्षमता का हाथ होगा। हालांकि, हाल में संसदीय समिति ने हॉस्पिटल्स में बेड के टैरिफ की लिमिट तय करने की सलाह दी है। इसका असर अपोलो जैसे हॉस्पिटल्स के रेवेन्यू पर पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें: इस म्यूचुअल फंड ने ₹10 लाख के निवेश को सिर्फ 13 साल में ₹1.25 करोड़ बना दिया 

14 अगस्द को 3 फीसदी ज्यादा चढ़कर बंद हुआ शेयर 

यह शेयर इस साल अब तक 25 फीसदी चढ़ चुका है। FY28 के अनुमानित EV/EBITDA के 24 गुना पर शेयरों में ट्रेडिंग हो रही है। इस पर हमने रेटिंग ओवरवेट से इक्वल-वेट कर दी है। Apollo Hospitals का शेयर 14 अगस्त को 3.71 फीसदी चढ़कर 8,919 रुपये पर बंद हुआ। इनवेस्टर्स इस शेयर में थोड़ा मुनाफावसूली कर सकते हैं।

Horizon Industrial Parks IPO: एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹1168 करोड़, जानिए इश्यू के बारे में जरूरी बातें

Horizon Industrial Parks IPO: हराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स ने आईपीओ से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 1,167.8 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कुल 54 इनवेस्टर्स ने कंपनी में निवेश किया है। इनमें मॉर्गन स्टेनली, मिलेनियम मैनेजमेंट, सिटीग्रुप ग्लोबल जैसे बड़े इनवेस्टर्स शामिल हैं। कंपनी का 2,600 करोड़ रुपये का आईपीओ 17 अगस्त को खुलेगा। इसमें 19 अगस्त तक अप्लाई किया जा सकता है।

इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल नहीं होगा

Horizon Industrial Parks के आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को सिर्फ नए शेयर एलॉट करेगी। इसका मतलब है कि इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। कंपनी ने आईपीओ में प्रति शेयर 57-60 रुपये प्राइस बैंड तय किया है। हराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स में ब्लैकस्टोन की तीन सहयोगी कंपनियों का निवेश है। इससे कपनी में ब्लैकस्टोन की कुल हिस्सेदारी 88.74 फीसदी तक पहुंच जाती है।

कंपनी वेयरहाउसेज और कोल्ड स्टोरेज जैसी सेवाएं देती है

हराइजन ने आईपीओ से मिले 2,250 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल वह सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। यह देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल एंड लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर और ऑपरेटर है। यह ग्रेड A वेयरहाउसेज, इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज और इन-सिटी सेंटर्स ऑफर करती है।

10 शहरों में 45 एसेट्स ऑपरेट करती है कंपनी 

कंपनी के सेवाओं में कोल्ड स्टोरेज, एनर्जी सॉल्यूशंस, ऑन साइट स्टॉफ एकॉमोडेशन, रैकिंग और मैटेरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट शामिल हैं। कंपनी देश के 10 शहरों में 45 एसेट्स ऑपरेट करती है। इनमें दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और नागपुर शामिल हैं।

24 अगस्त को शेयर बीएसई और एनएसई में लिस्ट होंगे

कंपनी शेयरों का एलॉटमेंट 20 अगस्त को फाइनल कर देगी। 21 अगस्त को इनवेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में आ जाएंगे। 24 अगस्त को कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई में लिस्ट हो जाएंगे। मार्च 2026 में कंपनी पर कुल 6,884.3 करोड़ रुपये का कर्ज था। FY26 में कंपनी का लॉस बढ़कर 203.6 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, रेवेन्यू 77.1 फीसदी बढ़कर 691.4 करोड़ रुपये हो गया।

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अगले हफ्ते इन दो कंपनियों के आईपीओ भी आएंगे

अगला हफ्ता आईपीओ के लिहाज से व्यस्त रहेगा। हराइजन के अलावा ललिता ज्वेलरी मार्ट और शंकेष ज्वेलर्स अगले हफ्ते आईपीओ पेश करेंगे। ललिता का आईपीओ 17 अगस्त को खुल जाएगा। यह 19 अगस्त को बंद होगा। 1,700 करोड़ रुपये के आईपीओ में कंपनी 1200 करोड़ रुपये नए शेयर इश्यू करेगी। ऑफर फॉर सेल के जरिए 500 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जाएंगे।

Petrol Diesel Price Today: 15 अगस्त को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, जानें आपके शहर में आज का रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 15 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Price Today on I-Day: स्वतंत्रता दिवस पर सोना हुआ सस्ता, 24 और 22 कैरेट दोनों का लुढ़का भाव

आज, शनिवार को पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त के दिन देश में सोने की कीमत में गिरावट दिख रही है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 153030 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। अन्य शहरों में भी ​सोने का भाव टूटा है। सोने में हाल के दिनों में दिखी तेजी के बाद मुनाफावसूली हुई, जिससे कीमतें ​नीचे आई हैं।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने में हल्की तेजी है। हाजिर सोना 4,379.95 डॉलर प्रति औंस हो गया है। डॉलर में आई कमजोरी से सोने की वैश्विक कीमतों को बल मिला है। इस हफ्ते आए अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहे, जिससे संकेत मिला कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अगले महीने होने वाली मीटिंग में बेंचमार्क ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

अमेरिका में लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, जुलाई महीने में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि जून में गिरावट आई थी। वहीं जुलाई तक के 12 महीनों में अमेरिका में खुदरा महंगाई 3.4 प्रतिशत बढ़ी। यह अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक रही। US प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में जून के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ। जुलाई तक के 12 महीनों में यानि​ कि सालाना आधार पर प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 153030 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 140140 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152880 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 153160 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140390 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 140140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली140290153030
मुंबई140140152880
अहमदाबाद140190152930
चेन्नई140390153160
कोलकाता140140152880
हैदराबाद140140152880
जयपुर140290153030
भोपाल140190152930
लखनऊ140290153030
चंडीगढ़140290153030

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट है। 15 अगस्त की सुबह कीमत गिरकर 254900 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.88 डॉलर प्रति औंस है।

25 साल के GenZ ने 1 करोड़ रुपये का जॉब ऑफर ठुकराया! मेंटल पीस से जुड़ी वजह जानकर चौंक जाएंगे

एक 25 साल के प्रोफेशनल ने 1 करोड़ रुपये की नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया क्योंकि वह ऐसे माहौल में काम नहीं करना चाहता था, जो मानसिक रूप से नुकसानदेह हो। इस फ़ैसले ने पैसे, मानसिक स्वास्थ्य और युवा कर्मचारी अपने करियर से क्या चाहते हैं, इस पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

यह कहानी बेंगलुरु की प्रोडक्ट डिज़ाइनर मुस्कान अतार ने शेयर की। उन्होंने कहा कि वह इस बात से प्रभावित थीं कि उस युवा प्रोफेशनल ने अपने करियर की शुरुआत में ही कितनी साफ़-साफ़ अपनी प्राथमिकताएं तय कर ली थीं।

उन्होंने पैसे के बजाय अपने लंबे समय के लक्ष्यों को चुना

मुस्कान अतार ने लिंक्डइन पर लिखा, “मेरे एक दोस्त ने 25 साल की उम्र में ₹1 करोड़ का ऑफर ठुकरा दिया, ताकि उन्हें खराब माहौल वाले वर्कप्लेस में काम न करना पड़े।” उन्होंने कहा कि उन्होंने भी पहले ऐसे मौके ठुकराए हैं, लेकिन 25 साल की उम्र में ऐसा फैसला लेने के बारे में सोचना भी उनके लिए मुश्किल था।

उन्होंने कहा, “मैंने भी ऐसे मौकों को ना कहा है, लेकिन 25 साल की उम्र में इतनी स्पष्ट प्राथमिकता तय करने के बारे में मैं सोच भी नहीं सकती।” अतार ने बताया कि कई तरह के दबावों की वजह से उनके लिए यह फैसला लेना बहुत मुश्किल हो सकता था, जैसे परिवार की ज़रूरतें, दूसरों की उम्मीदें और निजी लक्ष्य।

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“परिवार की ज़िम्मेदारियां, दोस्तों का दबाव और अपनी जीवनशैली की इच्छाओं की वजह से शायद मैं वह ऑफ़र स्वीकार कर लेती। वह भी मेरी ही तरह के बैकग्राउंड से आते हैं, फिर भी उनमें ऐसे फ़ायदे छोड़ने की हिम्मत है जो उनके लंबे समय के लक्ष्यों से मेल नहीं खाते। यह उनके व्यक्तित्व में एक बड़ा सुधार दिखाता है।”

उन्होंने कहा कि इस फ़ैसले से यह भी पता चलता है कि कैसे कुछ युवा कर्मचारी नौकरी चुनते समय सिर्फ़ सैलरी से आगे की चीज़ों पर भी ध्यान दे रहे हैं। “कामकाजी लोगों की अगली पीढ़ी को पता है कि उनके लिए क्या ज़रूरी है। वर्कप्लेस को इसके हिसाब से ढलना सीखना होगा।”

उनकी पसंद पर लोगों की अलग-अलग राय थी

इस पोस्ट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं; कुछ लोगों ने इस फैसले की तारीफ़ की, तो कुछ ने कहा कि हर कोई इतनी बड़ी सैलरी ठुकराने का जोखिम नहीं उठा सकता। एक व्यक्ति ने लिखा, “खुशी है कि लोग अब मानसिक स्वास्थ्य के असर को समझ रहे हैं… चाहे वह अच्छा हो या बुरा… और हां, पैसा ज़रूरी है। मैं हमेशा कहता हूं कि मैं बाकी चीज़ों से ज़्यादा पैसे को चुनूंगा, कभी-कभी तो नौकरी की भूमिका या काम के घंटों से भी ज़्यादा। लेकिन टॉक्सिक माहौल और अजीब काम करने की जगह… बिल्कुल नहीं…!! यह बात मुझे MNC और PSU में एक दशक तक काम करने के बाद समझ आई, लेकिन 25 साल की उम्र में ऐसा करना तारीफ़ के काबिल है।”

एक और व्यक्ति ने कमेंट किया, “मेरे अंदर का मिडिल-क्लास इंसान 45 साल की उम्र में भी ऐसा नहीं कर पाएगा। तो हाँ, वे ऑफ़र मेरी तरफ़ भेज दो।” किसी ने लिखा, “यह बात बहुत रिलेटेबल है, भले ही पिछली पीढ़ी को यह बेवकूफी लगे, लेकिन कौन भला हर किसी की कहानी में हीरो रहा है!”

एक यूज़र ने कहा, “अगर कोई कुछ समय के लिए बिना इनकम के रह सकता है, तो ही यह मुमकिन है। शायद इस पीढ़ी के पास वह फ्लेक्सिबिलिटी है। हमारी पीढ़ी के पास वह नहीं थी, और अब भी नहीं है।” एक और व्यक्ति ने लिखा, “सच कहूं तो, उनकी तारीफ़ करनी चाहिए। अभी तो ऐसा लगता है कि वे एक प्रिविलेज्ड बैकग्राउंड से आते हैं, क्योंकि हम सब जानते हैं कि कितने लोग ऐसे ऑफ़र के लिए कुछ भी कर गुज़रने को तैयार होंगे! लेकिन हां, यह जानना बहुत अच्छी बात है कि आप ज़िंदगी में बहुत जल्दी क्या चाहते हैं और आपके पास वह फ़ैसला लेने की क्षमता/हालात/सपोर्ट है!”

एक कमेंट में लिखा था, “काम का भविष्य उन लोगों से तय होगा जो सिर्फ़ सैलरी नहीं, बल्कि मकसद, भलाई और सार्थक ग्रोथ को अहमियत देते हैं।”