BBA स्टूडेंट ने 3 महीने तक रोज 8.5 घंटे Rapido चलाया, एक दिन में 1200 रुपये तक कमाए फिर अपना एक्सपीरियंस डिटेल में बताया

आज के दौर में जब ज्यादातर कॉलेज स्टूडेंट्स छुट्टियों में घूमने-फिरने या आराम करने की सोचते हैं। वहीं, बेंगलुरु के एक BBA सेकंड ईयर के स्टूडेंट ने कुछ अलग करने का फैसला किया। पहले सास की परीक्षाएं खत्म होने के बाद मिले लगभग 3 महीने के वेकेशन में उसने सड़कों पर उतर रैपिडो बाइक चलाने का फैसला किया। इसके बाद इस छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपनी इस 3 महीने की यात्रा की पूरी कहानी बताई। छात्र ने अपनी पोस्ट में रोज की कमाई, ऐप के एल्गोरिदम, रेस्टोरेंट के चक्करों और गिग वर्कर्स की जिंदगी की कठिनाई को विस्तार से बताया है।

सुबह 8 से शाम 4:30 बजे की ड्यूटी और ₹1200 की रोजाना कमाई

स्टूडेंट ने बताया कि वह सुबह लगभग 8 बजे ऐप पर ऑनलाइन होता था और शाम 4:30 बजे तक काम करके घर लौट आता था। यानी वह रोज करीब 8.5 घंटे सड़कों पर बिताता था। शुरुआत में उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि रैपिडो का प्लेटफॉर्म और एल्गोरिदम कैसे काम करता है। लेकिन धीरे-धीरे उसे समझ आने लगा कि शहर के किस इलाके में और किस समय राइड्स की डिमांड सबसे ज्यादा होती है। जैसे ही उसने एल्गोरिदम का को समझ लिया, उसकी कमाई आसान हो गई। एक दिन में वह रोजाना करीब ₹1200 तक कमा लेता था। छात्र के लिए पॉकेट मनी और साइड हसल के तौर पर यह कमाई काफी अच्छी थी।

पर क्या सबकुछ अच्छा ही था? गिग वर्कर्स की असली मजबूरी समझिए

इस तजुर्बे ने छात्र को उन लोगों की जिंदगी के बारे में गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया जो पूरी तरह से डिलीवरी या राइड-शेयरिंग पर ही निर्भर हैं। उसने बताया कि 8.5 घंटे के दौरान वह कभी ब्रेक नहीं लेता था या तो वह बाइक चला रहा होता था या फिर अगली राइड का इंतजार कर रहा होता था। छात्र का कहना है कि वह छुट्टियों में सिर्फ एक्सपीरियंस और पॉकेट मनी के लिए यह काम कर रहा था, इसलिए उसके पास किसी भी वक्त काम बंद करके घर जाने का विकल्प था। लेकिन जो लोग अपने परिवार को पालने के लिए फुल-टाइम यह काम करते हैं, उनके पास घर लौटने का ऐसा कोई विकल्प नहीं होता।

छात्र ने ऐप के सिस्टम पर भी नाराजगी जताई। उसने लिखा कि कैप्टन (ड्राइवर) का अपनी राइड्स पर कोई कंट्रोल नहीं होता। अगर कोई ग्राहक राइड कैंसिल कर देता है, तो उसकी गलती न होने के बावजूद ड्राइवर की रेटिंग खराब हो जाती है। किसी भी समस्या के समय ऐप से सही कस्टमर सपोर्ट पाना किसी बुरे सपने जैसा है।

दोपहर में जब राइड कम तो आजमाई ये ट्रिक

स्टूडेंट की पोस्ट के मुताबिक दोपहर 12 से 3 बजे के बीच राइड्स काफी कम हो जाती थीं, इसलिए वह इस दौरान फूड ऑर्डर डिलीवर करने लगा। उसने बताया कि रेस्टोरेंट का अनुभव एकदम अलग होता था। कभी खाना तुरंत मिल जाता तो कभी 20-25 मिनट तक खड़े होकर इंतजार करना पड़ता। अपने इस सफर की एक सबसे हैरान कर देने वाली घटना का जिक्र करते हुए उसने बताया कि रैपिडो के जरिए स्विगी का एक फूड ऑर्डर लिया था क्योंकि उसकी ड्रॉप लोकेशन लड़के के घर के पास थी।

वो एक आइसक्रीम शॉप से जुड़ा ऑर्डर था। पर जब वो आइसक्रीम शॉप पहुंचा तो वहां बिजली नहीं थी। उनकी मशीनें और कंप्यूटर बंद थे। वे ऑर्डर तैयार नहीं कर सकते थे। दुकान वालों ने उससे कहा कि उसे स्विगी को कॉल करके ऑर्डर कैंसिल कराना होगा।

उसने स्विगी को कॉल किया, तो उन्होंने कहा कि वे इसे कैंसिल नहीं कर सकते और उसे रैपिडो से संपर्क करना होगा। फिर उसने रैपिडो को कॉल किया, तो उन्होंने कहा कि यह स्विगी का ऑर्डर है इसलिए स्विगी से बात करो। कुल मिलाकर वो स्विगी और रैपिडो के इस इन्फिनिट लूप में फंस गया और 45 मिनट तक परेशान होता रहा। आखिरकार उसने देखा कि डिलीवरी लोकेशन एक ट्यूशन सेंटर की थी। उसने गूगल मैप्स पर ट्यूशन सेंटर का नंबर ढूंढा और उन्हें सीधे कॉल करके पूरी बात बताई। इसके बाद ट्यूशन सेंटर वालों ने रेस्टोरेंट स्टाफ से बात की और तब जाकर ऑर्डर कैंसिल हुआ।

छात्र ने बताया कि सबसे अजीब बात यह है कि रैपिडो तब तक कस्टमर का कांटेक्ट नंबर नहीं दिखाता जब तक आप खाना पिक न कर लें (जिसके लिए रेस्टोरेंट के ओटीपी की जरूरत होती है)। अगर वह ड्रॉप लोकेशन कोई रैंडम घर होता तो वह शायद कुछ नहीं कर पाता।

ऑटो ड्राइवरों लड़ाई हो जाने का भी खतरा

बेंगलुरु में अक्सर बाइक टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों के बीच विवाद की खबरें आती रहती हैं। छात्र ने बताया कि 3 महीनों के दौरान वह मजेस्टिक, रेलवे स्टेशनों और दूसरे बिजी इलाकों में नियमित रूप से ऐप लॉगिन करता था। ऑटो वाले कई बार उसे घूर-घूरकर ऐसे देखते थे मानो उसे स्कैन कर रहे हों, लेकिन राहत की बात यह रही कि पूरे 3 महीनों में किसी भी ऑटो वाले ने उसे कभी धमकी नहीं दी और न ही कोई विवाद हुआ।

ग्राहकों के साथ उसका अनुभव काफी अच्छा रहा। उसने रास्ते में कई अनजान यात्रियों के साथ दिलचस्प बातचीत की और किसी भी ग्राहक के साथ उसका कोई कड़वा अनुभव नहीं रहा। उसने यह काम आरटीओ और बैन वाले हालिया विवादों से पहले ही खत्म कर लिया था, इसलिए उसे उस तरह की किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

3 महीने के सफर से मिला जिंदगी का सबसे बड़ा सबक

इस BBA छात्र का मानना है कि यह 3 महीने का सफर सिर्फ ₹1200 रोज कमाने के बारे में नहीं था। इसने उसे जमीनी हकीकत दिखाई। राइड के लिए लंबा इंतजार, पेट्रोल का खर्च, अनिश्चितता, प्लेटफॉर्म के कड़े नियम, रेस्टोरेंट की परेशानियां और लगातार चलते रहने का मानसिक दबाव जैसी जमीनी हकीकतों से उसे रुबरू होना पड़ा।

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रेडिट पोस्ट के आखिर में उसने अपने इस अनुभव का सबसे बड़ा हासिल बताते हुए लिखा है कि ‘एक स्टूडेंट के तौर पर 3 महीने के लिए गिग वर्क करना और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए इसे मजबूरी में करना, दोनों स्थितियों में जमीन-आसमान का फर्क है। मेरे लिए यह महज एक साइड हसल था, लेकिन किसी और के लिए वही ₹1,200 उसके घर के बिल भरने और भूखे रहने के बीच का इकलौता सहारा हो सकते हैं।’

महीने की 2 लाख कमाई और 1 लाख सीधा मुनाफा! बेंगलुरु का यह बार्बर कमा रहा है बंपर प्रॉफिट, जानें इनकी सक्सेस सीक्रेट

कई बार बिजनेस शुरू करने के लिए बड़े ऑफिस, महंगे ऐप या लाखों रुपये की टेक्नोलॉजी की जरूरत नहीं होती। लोगों की रोज की जरूरत से जुड़ा कोई साधारण काम भी अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है। बेंगलुरु के एक नाई की कहानी इसी बात का उदाहरण बनकर सामने आई है।एक समय खुद बाल काटने का काम करने वाले इस शख्स ने आगे चलकर अपना सैलून शुरू किया और धीरे-धीरे कारोबार को बढ़ाकर चार आउटलेट तक पहुंचा दिया। सोशल मीडिया पर सामने आई इस कहानी ने लोगों का ध्यान इसलिए खींचा, क्योंकि इसमें एक छोटे और आम दिखने वाले बिजनेस करके कमाई की बढ़ती संभावना दिखाई देती है।

मालिक ने सीधे किसी बड़े बिजनेस या इन्वेस्टमेंट से शुरुआत नहीं की थी। वह पहले खुद नाई का काम करता था और इसी काम का एक्सपीरियंस लेकर आगे अपना सैलून शुरू किया। काम बढ़ने के साथ उसने कारोबार को भी बड़ा किया और अब उसके चार सैलून चलने की बात कही जा रही है। इससे यह भी पता चलता है कि किसी काम का एक्सपीरियंस आगे चलकर अपना बिजनेस खड़ा कर सकता है और उसके लिए ये फॉर्मूला अपना सकते है।

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1. बिजनेस मॉडल (सैलून)

सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, इस सैलून से महीने में करीब 2 लाख रुपये का रेवेन्यू आता है। इसमें से दुकान का किराया, कर्मचारियों की सैलरी और कमीशन जैसे खर्च निकालने के बाद करीब 80 हजार से 1 लाख रुपये तक बचने का दावा किया गया है। यानी रोज की जरूरत वाली सर्विस होने की वजह से सैलून का कारोबार लगातार कस्टमर पर डिपेंड रहकर चल सकता है। लेकिन कमाई का यह आंकड़ा हर महीने एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है।

2. रेवेन्यू और प्रॉफिट

Reddit यूजर के मुताबिक, उनकी दोस्त ने सैलून में काम करने वाले नाई से पूछा कि दुकान से मालिक की कितनी कमाई होती है। जवाब में बताया गया कि सैलून से हर महीने करीब ₹2 लाख का रेवेन्यू आता है। इसमें से दुकान का किराया, कर्मचारियों की सैलरी और कमीशन जैसे खर्च निकालने के बाद मालिक के पास करीब ₹80 हजार से ₹1 लाख तक बच सकते हैं। यानी कमाई सिर्फ हेयरकट से नहीं, बल्कि खर्चों को संभालकर और कस्टमर की संख्या बनाए रखकर होती है।

3. बिजनेस प्रैक्टिस और एक्सपेंस

इस कहानी पर चर्चा करते हुए कई लोगों ने कहा कि रोज की जरूरत से जुड़े छोटे बिजनेस में अच्छी कमाई हो सकती है। हेयरकट और ग्रूमिंग ऐसी सर्विस हैं जिनकी लोगों को बार-बार जरूरत पड़ती है। इसी तरह चाय की दुकान, नाश्ते की दुकान या दूसरी लोकल सर्विस भी सही जगह और अच्छे कस्टमर बेस के साथ अच्छा बिजनेस कर सकती है।

4. बिजनेस एक्सपीरियंस 

सैलून की कमाई सुनकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर व्यक्ति इतनी ही कमाई आसानी से कर सकता है। दुकान खोलने के लिए जगह का किराया, फर्नीचर, मशीनें, स्टाफ, बिजली, सामान और शुरुआती महीनों का खर्च उठाना पड़ता है। इसके अलावा अच्छी लोकेशन पर पहले से कई सैलून मौजूद हो सकते हैं, जिससे मुकाबला भी बढ़ जाता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने बड़े सैलून या फ्रैंचाइजी के लिए काफी ज्यादा शुरुआती इन्वेस्टमेंट की जरूरत होने की बात भी कही है।

ध्यान दें

यह जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की गई पोस्ट और यूजर्स के दावों पर आधारित है। इसे किसी बिजनेस की गारंटी या इस्वेस्टमेंट की सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

रात 11:30 बजे पति सोया और 12:30 बजे हुआ डबल मर्डर! बॉयफ्रेंड संग मिल महिला ने रची खौफनाक साजिश

बेंगलुरु में 38 साल के एक व्यक्ति और उसके पांच साल के बेटे की हत्या के मामले की जांच में कई नई बातें सामने आई हैं। पुलिस को शक है कि दोनों की हत्या पहले से बनाई गई योजना के तहत की गई थी। जांच में तलाक को लेकर चल रहा विवाद, पहले से खरीदे गए दस्ताने और पति के सो जाने की बार-बार पुष्टि करने जैसी बातें सामने आई हैं। पुलिस ने चिक्काबनावर इलाके में हुई इस दोहरी हत्या के मामले में मृतक की पत्नी हरिणी और उसके कथित प्रेमी विनय को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर हत्या की पूरी साजिश और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

पति से छुटकारा पाने की चाहत में बनाया खौफनाक साजिश? 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, हरिणी अपने पति अभिनंदन से तलाक चाहती थी और कथित तौर पर विनय के साथ रहना चाहती थी। दोनों की शादी साल 2021 में हुई थी, लेकिन कुछ समय बाद उनके रिश्ते में परेशानियां शुरू हो गई थीं। बताया गया है कि दोनों करीब दो साल से अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, हरिणी और विनय की मुलाकात दिसंबर 2024 में स्नैपचैट के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच कथित तौर पर नजदीकियां बढ़ीं और उनका रिश्ता बन गया। पुलिस के मुताबिक, अभिनंदन को शक हो गया था कि उसकी पत्नी किसी दूसरे व्यक्ति से बात कर रही है। हत्या से करीब 15 दिन पहले उसने पुलिस से पत्नी के फोन की कॉल डिटेल मांगी थी। इस मुद्दे को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद भी होता था।

पति और मासूम बेटे की हत्या 

पुलिस को शक है कि हत्या की आखिरी योजना 14 अगस्त को पति-पत्नी के बीच हुए एक और झगड़े के बाद बनाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, इस झगड़े के दौरान अभिनंदन ने कथित तौर पर हरिणी के साथ मारपीट की थी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, झगड़े के बाद हरिणी ने विनय से बात की और दोनों ने कथित तौर पर हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया। पुलिस का कहना है कि हरिणी ने पहले ही दस्तानों की दो जोड़ी खरीद ली थीं। शक है कि हत्या के दौरान हरिणी और विनय ने इन्हीं दस्तानों का इस्तेमाल किया था। पुलिस को यह भी शक है कि हत्या से पहले घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया गया था। जांच में पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की पूरी योजना कैसे बनाई गई और उसे किस तरह अंजाम दिया गया।

रात 11 बजे पहुंचा था घर

रविवार रात विनय कथित तौर पर करीब 11 बजे हरिणी के घर पहुंचा। पुलिस को शक है कि हरिणी ने उसे घर में लाने से पहले गैराज के पास बने रास्ते में छिपा दिया था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय अभिनंदन अपने पांच साल के बेटे यदुवीर के साथ बिग बॉस देख रहा था। इसी दौरान हरिणी कथित तौर पर हत्या की योजना को अंजाम देने की तैयारी कर रही थी। रात करीब 11:30 बजे जब अभिनंदन सोने चला गया, तो हरिणी कथित तौर पर विनय को अपने कमरे में ले आई। चूंकि पति-पत्नी अलग-अलग कमरों में सोते थे, इसलिए हरिणी ने कथित तौर पर तीन बार जाकर यह देखा कि अभिनंदन सच में सो गया है या नहीं। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

रात करीब 12:30 बजे दोनों ने कथित तौर पर पहले से खरीदे गए दस्ताने पहने और अभिनंदन के पास पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, हमले के दौरान हुए शोर से पांच साल का यदुवीर जाग गया। इसके बाद बच्चे की भी हत्या किए जाने का आरोप है। नॉर्थ वेस्ट के डीसीपी नागेश ने इंडिया टुडे को बताया कि झगड़े के दौरान बच्चा जाग गया था। पुलिस के अनुसार, हरिणी ने बच्चे की हत्या करने की बात भी कबूल की है। पुलिस ने विनय कुमार को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, उसने भी घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। जांच के दौरान पुलिस को यह भी शक हुआ कि हत्या के बाद घटना को कुछ और दिखाने की कोशिश की गई थी। एपी7एएम की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को शक है कि अभिनंदन का शव बच्चे के शव के ऊपर रखा गया था। जांचकर्ता इस एंगल की भी जांच कर रहे हैं कि क्या ऐसा करके घटना को आत्महत्या या किसी दूसरी तरह की घटना जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी।

Stock in Focus: इंफ्रा कंपनी को ₹80 करोड़ का टोल कलेक्शन कॉन्ट्रैक्ट मिला, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Highway Infrastructure को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से ₹80.17 करोड़ का नया टोल कलेक्शन कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी को तमिलनाडु के Palayam Fee Plaza पर यूजर फीस कलेक्शन के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) जारी हुआ है।

कॉन्ट्रैक्ट 90 दिन का है

यह कॉन्ट्रैक्ट NH-44 पर कृष्णागिरि से थुंबीपाड़ी (Km 94 से Km 180) सेक्शन के लिए मिला है। Palayam Fee Plaza Km 154+500 पर स्थित है। यह प्रोजेक्ट Build-Operate-Transfer (BOT) मॉडल के तहत 90 दिनों के लिए चलेगा।

कंपनी के मुताबिक, यह हाईवे बेंगलुरु, होसुर और धर्मपुरी जैसे प्रमुख औद्योगिक इलाकों को जोड़ता है। इस वजह से इस रूट पर यात्री यातायात, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स गतिविधियां काफी ज्यादा हैं। इससे टोल कलेक्शन की अच्छी संभावना बनती है।

इस साल लगातार मिल रहे हैं बड़े ऑर्डर

Highway Infrastructure को इस साल NHAI से कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिल चुके हैं। फरवरी में कंपनी को गुजरात के Moti Naroli Fee Plaza समेत वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के कई टोल प्लाजा के संचालन के लिए ₹154.6 करोड़ का ऑर्डर मिला था। इसके अलावा हाल ही में कंपनी ने आंध्र प्रदेश में ₹329 करोड़ का टोलिंग कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किया था।

मंगलवार को Highway Infrastructure का शेयर 4.06% चढ़कर ₹46.40 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 6 महीने में स्टॉक 18.01% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह लगभग 60% टूट चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 331.71 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

वंदेभारत में अब आसानी से मिलेगी कन्फर्म सीट! रेलवे ने इस व्यस्त रूट पर 8 से बढ़ाकर कर दिए 16 डिब्बे

केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को कहा कि एर्नाकुलम-KSR बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस अब आठ की जगह 16 कोच के साथ चलेगी, जिससे इसकी बैठने की क्षमता दोगुनी होकर 1,128 हो जाएगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री गोपी ने रेलवे अधिकारियों और अन्य जन-प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एर्नाकुलम जंक्शन पर 16-कोच वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

गोपी ने कहा कि ओणम के यात्रा सीजन को देखते हुए रेलवे ने तुरंत ट्रेन की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया है। उन्होंने इसके लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से एर्नाकुलम और बेंगलुरु के बीच इस व्यस्त रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जिस सर्विस में पहले 530 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी, उसमें अब 1,128 सीटें होंगी।

गोपी ने आगे बताया कि क्षमता में यह बढ़ोतरी एक खास दिन पर हो रही है, क्योंकि यह मलयालम कैलेंडर के अनुसार नए साल की शुरुआत का दिन है।

रेलवे मैनेजर ने दी जानकारी

तिरुवनंतपुरम डिविजनल रेलवे मैनेजर दिव्याकांत चंद्राकर ने कहा कि ओणम के मौसम में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रेक (ट्रेन के डिब्बों) को बढ़ाकर 16 कोच करने का फैसला लिया गया।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई वंदे भारत सेवा में लगभग 150% ऑक्यूपेंसी (सीटों का भरा होना) देखी जा रही है, जबकि केरल को मंगलुरु और कोझिकोड से जोड़ने वाली दो अन्य वंदे भारत सेवाओं में लगभग 170% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है।

चंद्रकार ने आगे कहा कि 16-कोच वाली ट्रेन यात्रियों को ज्यादा सीटें, बेहतर सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी देगी। उन्होंने यह भी कहा कि एर्नाकुलम जंक्शन रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट का काम भी तेजी से चल रहा है और इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस कार्यक्रम में एर्नाकुलम के सांसद हिबी ईडन, सांसद हारिस बीरन, विधायक टीजे विनोद, वार्ड पार्षद, डिविजनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी और जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी के सदस्य, रेलवे अधिकारी, मीडिया कर्मी और यात्री भी मौजूद रहे।

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Stocks to Watch: 16 स्टॉक्स, Nifty की एक्सपायरी को Paytm, Milky Mist, Baazar Style समेत ये फोकस में

Stocks to Watch: कच्चे तेल में उबाल और अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली के दबावों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 74.50 प्वाइंट्स यानी 0.31% की गिरावट के साथ 24,300 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज उठा-पटक दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 17 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 281.09 प्वाइंट्स यानी 0.36% की गिरावट के साथ 77,728.16 और निफ्टी 78.35 प्वाइंट्स यानी 0.32% की फिसलन के साथ 24,287.65 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Indo-MIM

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडो-एमआईएम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 31.6% बढ़कर ₹240.1 करोड़ और रेवेन्यू 9.4% उछलकर ₹1,218.7 करोड़ पर पहुंच गया।

One 97 Communications (Paytm)

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के अनुसार विजय शेखर शर्मा की पैरेंट और प्रमोटर कंपनी रेसिलिएंट एसेट मैनेजमेंट बीवी प्रति शेयर ₹1535 के फ्लोर प्राइस पर पेटीएम में 4.98% तक की हिस्सेदारी बेच सकती है।

SPR Auto Technologies

एसपीआर ऑटो टेक्नोलॉजीज ने 17 अगस्त को अपना QIP इश्यू लॉन्च किया, जिसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹4,438.20 तय किया गया है। सूत्रों के हवाले से CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी इसके जरिए लगभग ₹1,000 करोड़ जुटा सकती है।

Netweb Technologies India

नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया का क्यूआईपी इश्यू 17 अगस्त को प्रति शेयर ₹4,885.90 के फ्लोर प्राइस पर खुला। सूत्रों के हवाले से CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक इसके जरिए कंपनी लगभग ₹1,200 करोड़ जुटा सकती है।

Jyoti CNC Automation

ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन को राजकोट में मौजूद अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में अगले पांच वर्षों में ₹1,020.65 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत मंज़ूरी मिल गई है। इस स्कीम के तहत कंपनी निवेश पर 25% तक के कैपेक्स इंसेंटिव के लिए एलिजिबल होगी।

Manipal Health Enterprises

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज ने बेंगलुरु के डोड्डानेकुंडी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित किंडर हॉस्पिटल के पूरे बिजनेस ऑपरेशन और एसेट्स को ₹130 करोड़ में खरीदने के लिए किंडोरामा हेल्थकेयर के साथ एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट साइन किया है।

Highway Infrastructure

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को तमिलनाडु में ‘पालयम फी प्लाजा’ के ऑपरेशंस के लिए ₹80.17 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला है। यह LOA (लेटर ऑफ अवार्ड) NHAI ने जारी किया था।

Embassy Office Parks REIT

अमेरिका की प्राइवेट इन्वेस्टमेंट फर्म बेन कैपिटल ने अपनी सहयोगी कंपनी APAC Company XXIII के जरिए एम्बेसी ऑफिस पार्क्स REIT के 2.67 करोड़ यूनिट्स ₹435.05 के भाव और 2.67 करोड़ यूनिट्स ₹435.01 के भाव पर बेच दिए। इसने कुल मिलाकर 5.63% होल्डिंग ₹2,325.28 करोड़ में बेचे हैं।

Baazar Style Retail

क्युपिड के प्रमोटर आदित्य कुमार हलवासिया ने बाजार स्टाइल रिटेल के प्रमोटर्स- भगवान प्रसाद, सिद्धार्थ सुराना और श्रेयांस सुराना से 45 लाख शेयर (5.91% हिस्सेदारी) ₹162.9 करोड़ में प्रति शेयर ₹362 के भाव पर खरीदे।

LEAP India

सिंगापुर सरकार ने लीप इंडिया के 22.15 लाख शेयर (0.5% हिस्सेदारी) ₹34.39 करोड़ में प्रति शेयर ₹155.28 के भाव पर खरीद लिए।

RPP Infra Projects

दिवा प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के अतिरिक्त 8.51 लाख शेयर (1.7% हिस्सेदारी) ₹4.99 करोड़ में प्रति शेयर ₹58.67 के भाव पर खरीदे। वहीं प्रमोटर यगावी एन ए ने 8.95 लाख शेयर (1.8% हिस्सेदारी) ₹5.25 करोड़ में ₹58.68 के भाव पर बेच दी।

Ponni Sugars (Erode)

प्रमोटर शेषशायी पेपर एंड बोर्ड्स ने पोन्नी शुगर्स (इरोड) के 2.9 लाख शेयर (3.37% हिस्सेदारी) ₹10.15 करोड़ में प्रति शेयर ₹350 के भाव पर खरीदे। वहीं इन्वेस्टर अत्यंत कैपिटल इंडिया फंड I ने 3.13 लाख शेयर (3.6% हिस्सेदारी) ₹10.96 करोड़ में प्रति शेयर ₹349.85 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक अत्यंत कैपिटल इंडिया फंड की कंपनी में 9.46% हिस्सेदारी थी।

Kesar India

मिनर्वा वेंचर्स फंड ने नागपुर की रियल एस्टेट डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनी केसर इंडिया इंडिया के 11.78 लाख शेयर (3.76% होल्डिंग) फोर्ब्स ईएमएफ से ₹149.01 करोड़ में प्रकि शेयर ₹1,265 के भाव पर खरीदे। जून 2026 तक केसर इंडिया में मिनर्वा वेंचर्स फंड की 3.51% और फोर्ब्स ईएमएफ की 4.25% हिस्सेदारी थी।

VISA Chrome

एसेट्स केयर एंड रीकंस्ट्रक्शन एंटरप्राइज ने वीजा क्रोम के 78.93 लाख शेयर ₹30 करोड़ में बेचे। वहीं महा इंवेस्टमेंट फंड पीसीसी-ओनिक्स स्ट्रैटेजी ने 78.94 लाख शेयर ₹30 करोड़ में यानी प्रति शेयर ₹38 के भाव पर खरीदे।

Milky Mist Dairy Food

आईपीओ को 59 गुना बोली मिलने के बाद मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे। इसके शेयर ₹140 के भाव में जारी हुए हैं।

Sham Foam

आईपीओ को 2.40 गुना बोली मिलने के बाद शैम फोम के शेयर ₹130 के भाव पर जारी हुए और अब इसकी बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

इन स्टॉक्स पर भी फोकस

एक्स-डिविडेंड: ECOS (इंडिया) मोबिलिटी एंड हॉस्पिटैलिटी, एलिक्सिर कैपिटल, इंडिया जिलेटिन एंड केमिकल्स, महानगर गैस, NGL फाइन केम, रॉसेल इंडिया, रूट मोबाइल, रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL), सोधानी एकेडमी ऑफ फिनटेक इनेबलर्स, शेषासाई टेक्नोलॉजीज, सन टीवी नेटवर्क, सिर्मा SGS टेक्नोलॉजी, फोर्ब्स प्रिसिजन टूल्स एंड मशीन पार्ट्स, वसुंधरा रसायन

इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की एक्स-डेट: सिटियस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट

कैपिटल रिडक्शन की एक्स-डेट: आशुतोष पेपर मिल्स

बाय बैक की एक्स-डेट: इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट

स्प्लिट की एक्स-डेट: किर्लोस्कर न्यूमैटिक कंपनी

F&O Ban: बंधन बैंक, एलआईसी, मणप्पुरम फाइनेंस और SAIL

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, जानें आपके शहर में क्या है रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 18 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

वॉकिंग… स्विमिंग या HIIT, जानिए डॉक्टर ने किसे बताया सबसे अच्छा कार्डियो वर्कआउट

जब लोग ‘कार्डियो’ शब्द सुनते हैं, तो अक्सर सबसे पहले दौड़ने (रनिंग) का ख्याल आता है। लेकिन कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस बेहतर करने के लिए आपको दौड़ने की ज़रूरत नहीं है। पैदल चलना, तैराकी और हाई-इंटेन्सिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) – ये सभी असरदार कार्डियोवैस्कुलर वर्कआउट हो सकते हैं और हर एक के अपने अलग-अलग फ़ायदे हैं।

बेंगलुरु के महादेवपुरा स्थित KIMS हॉस्पिटल्स में कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर और लीड कंसल्टेंट डॉ. दीपक कृष्णमूर्ति के अनुसार, कार्डियो का सबसे अच्छा तरीका जरूरी नहीं कि सबसे जयादा जोरदार वाला ही हो। डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “सबसे असरदार कार्डियो एक्सरसाइज़ वह है जिसे आप सुरक्षित रूप से, लगातार और मजे के साथ कर सकें। दौड़ना एक बेहतरीन कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज है, लेकिन यह निश्चित रूप से एकमात्र विकल्प नहीं है। अगर पैदल चलना, तैराकी और HIIT को नियमित एक्सरसाइज़ रूटीन में सही ढंग से शामिल किया जाए, तो ये सभी कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस को बेहतर बना सकते हैं।”

पैदल चलना- आसान, असरदार और जोड़ों के लिए सुरक्षित

जो लोग लंबे समय से कोई शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहे हैं, उनके लिए रोजाना की दिनचर्या में कार्डियो एक्सरसाइज़ शामिल करने का सबसे आसान तरीका तेज चलना (ब्रिस्क वॉकिंग) हो सकता है। डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “पैदल चलने को अक्सर कम आंका जाता है क्योंकि यह बहुत आसान है, लेकिन नियमित रूप से तेज चलने से कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस में काफ़ी सुधार हो सकता है। यह खास तौर पर बुज़ुर्गों, शुरुआत करने वालों और लंबे ब्रेक के बाद दोबारा एक्सरसाइज़ शुरू करने वाले लोगों के लिए फ़ायदेमंद है।”

पैदल चलना एक कम-ज़ोर वाली (लो-इम्पैक्ट) गतिविधि भी है, जिसमें दौड़ने की तुलना में जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है। इसकी तीव्रता को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है – जैसे कि चाल तेज़ करके, चढ़ाई पर चलकर या चलने का समय बढ़ाकर।

तेज चलने के फ़ायदे

रोज़ाना तेज़ चलने से कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस बेहतर हो सकती है, कैलोरी बर्न करने और वज़न कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में सुधार हो सकता है, पैरों की मांसपेशियाँ मज़बूत हो सकती हैं, स्टैमिना बढ़ सकता है और एक्टिव रहने का एक ऐसा तरीका मिल सकता है जो जोड़ों के लिए भी सुरक्षित हो।

डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “पहले ही दिन से बहुत तेज़ी से चलने की कोशिश करने के बजाय, ऐसी अवधि से शुरुआत करना ज़्यादा ज़रूरी है जिसे आप आसानी से कर सकें और फिर धीरे-धीरे अपनी रफ़्तार और दूरी बढ़ाएँ।”

तैराकी- पूरे शरीर का कार्डियो वर्कआउट

तैराकी एक अलग तरह की कार्डियोवैस्कुलर चुनौती देती है क्योंकि शरीर को पानी के दबाव (रेज़िस्टेंस) के ख़िलाफ़ हिलना-डुलना पड़ता है। साथ ही, पानी की उछाल (buoyancy) जोड़ों पर पड़ने वाले दबाव को कम करती है।

डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “जो लोग कम-ज़ोर वाले कार्डियोवैस्कुलर वर्कआउट की तलाश में हैं, उनके लिए तैराकी एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें शरीर के कई बड़े मसल्स का इस्तेमाल होता है, जबकि पानी का रेजिस्टेंस शरीर को लगातार काम करने पर मजबूर करता है।”

इस वजह से तैराकी उन लोगों के लिए खास तौर पर आकर्षक हो सकती है जिन्हें ज़्यादा ज़ोर-शोर वाली गतिविधियां (हाई-इम्पैक्ट एक्टिविटीज़) आरामदायक नहीं लगतीं या जो अपनी एक्सरसाइज़ रूटीन में कुछ नयापन लाना चाहते हैं। हालांकि, पूल तक पहुंच और तैरने की बुनियादी जानकारी होना ज़रूरी है। जो लोग शुरुआत कर रहे हैं और पानी में सहज महसूस नहीं करते, उन्हें सीधे ज़ोरदार कसरत के तौर पर तैराकी शुरू करने के बजाय, पहले तैराकी की सही तकनीक सीखनी चाहिए।

तैराकी के फ़ायदे

तैराकी से कार्डियोवैस्कुलर क्षमता बेहतर हो सकती है, शरीर की कई मांसपेशियों पर एक साथ काम होता है, मांसपेशियों की सहनशक्ति बढ़ती है, कैलोरी बर्न होती है, कुल मिलाकर स्टैमिना बेहतर होता है, कम दबाव वाला वर्कआउट मिलता है और वज़न उठाने वाले जोड़ों पर तनाव कम होता है।

डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “क्योंकि तैराकी में कार्डियोवैस्कुलर गतिविधि और मांसपेशियों का इस्तेमाल दोनों शामिल होते हैं, इसलिए यह एक बहुत असरदार वर्कआउट हो सकता है।” “हालांकि, इसकी तीव्रता व्यक्ति के फ़िटनेस लेवल के हिसाब से होनी चाहिए।”

HIIT- छोटा लेकिन ज़ोरदार

जिन लोगों के पास समय कम है, उनके लिए HIIT (हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग) कार्डियो का एक अच्छा और समय बचाने वाला तरीका हो सकता है। HIIT में ज़ोरदार एक्सरसाइज़ और आराम या कम-तीव्रता वाली गतिविधि के बीच बारी-बारी से बदलाव किया जाता है। व्यक्ति के फ़िटनेस लेवल के आधार पर, एक सेशन में तेज़ साइकलिंग, दौड़ना, बॉडीवेट एक्सरसाइज़ या दूसरी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं।

डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “HIIT कम समय में कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को मजबूत स्टिमुलस दे सकता है। लेकिन क्योंकि इसकी तीव्रता ज़्यादा होती है, इसलिए यह हर किसी के लिए सही नहीं होता है।” शुरुआत करने वालों को सीधे बहुत मुश्किल HIIT सेशन नहीं करने चाहिए। जिन लोगों को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, उन्हें भी ज़ोरदार ट्रेनिंग शुरू करने से पहले सही मेडिकल और एक्सरसाइज़ से जुड़ी सलाह लेनी चाहिए।

HIIT के फ़ायदे

सही तरीके से करने पर, HIIT कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस को बेहतर बना सकता है, कम समय के वर्कआउट में एक्सरसाइज़ की तीव्रता बढ़ा सकता है, सहनशक्ति (एंड्योरेंस) बढ़ा सकता है, कैलोरी बर्न करने में मदद कर सकता है, एक्सरसाइज़ रूटीन में विविधता ला सकता है, कार्डियोवैस्कुलर और मस्कुलर सिस्टम दोनों को चुनौती दे सकता है, और उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें लंबे वर्कआउट के लिए समय नहीं मिल पाता है।

डॉ. कृष्णमूर्ति बताते हैं, “HIIT का मतलब सिर्फ़ जितनी हो सके उतनी ज़ोरदार एक्सरसाइज़ करना नहीं है। इंटरवल, रिकवरी पीरियड और एक्सरसाइज़ की तीव्रता को व्यक्ति की फ़िटनेस और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार एडजस्ट किया जाना चाहिए।”

तो कौन सी कार्डियो एक्सरसाइज़ सबसे अच्छी है?

कार्डियो के मामले में कोई एक चीज़ सबसे अच्छी नहीं होती। वॉकिंग, स्विमिंग और HIIT अलग-अलग ज़रूरतों को पूरा करते हैं, और सही चुनाव व्यक्ति के फ़िटनेस लेवल, सेहत, पसंद, उपलब्ध समय और सुरक्षित रूप से एक्सरसाइज़ करने की क्षमता पर निर्भर करता है।

डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “जो लोग रोज़ाना आसान कार्डियो करना चाहते हैं, उन्हें तेज़ी से चलने (ब्रिस्क वॉकिंग) से बहुत फ़ायदा हो सकता है। जो लोग कम-इम्पैक्ट वाला, पूरे शरीर का वर्कआउट चाहते हैं, उनके लिए स्विमिंग बेहतर हो सकती है, जबकि HIIT उन लोगों के लिए सही हो सकता है जो पहले से ही फ़िट हैं और ज़्यादा ज़ोरदार, कम समय में होने वाला सेशन चाहते हैं।”

परफ़ेक्ट वर्कआउट चुनने से ज़्यादा ज़रूरी है उसे लगातार करना

लोग सबसे बड़ी गलतियों में से एक यह करते हैं कि वे सिर्फ़ “सबसे अच्छी” एक्सरसाइज़ खोजने पर बहुत ज़्यादा ध्यान देते हैं और उसे नियमित रूप से करने पर बहुत कम। डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “कार्डियो के फ़ायदे लगातार करने से मिलते हैं। अगर आप बहुत मुश्किल वर्कआउट को कभी-कभार करते हैं और उसे जारी नहीं रख पाते, तो उसका कोई खास फ़ायदा नहीं होता।”

अलग-अलग तरह के कार्डियो को मिलाने से एक्सरसाइज़ ज़्यादा मज़ेदार भी हो सकती है। कोई व्यक्ति अपनी फ़िटनेस और मेडिकल स्थिति के आधार पर ज़्यादातर दिन टहल सकता है, हफ़्ते में एक या दो बार तैर सकता है और कभी-कभी ज़्यादा ज़ोरदार सेशन भी कर सकता है।

ऐसा कार्डियो चुनें जिसे आप लंबे समय तक कर सकें

दौड़ना (रनिंग) एक बेहतरीन कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज़ है, लेकिन यह एकमात्र विकल्प नहीं है। तेज़ी से चलना (ब्रिस्क वॉकिंग) शुरुआत करने का एक आसान तरीका हो सकता है, स्विमिंग से पूरे शरीर का कम-इम्पैक्ट वाला वर्कआउट मिल सकता है, और समय कम होने पर HIIT एक ज़ोरदार सेशन दे सकता है।

आखिरकार, सबसे अच्छी कार्डियो एक्सरसाइज़ वही है जो आपकी क्षमताओं के अनुकूल हो और जिसे आप सुरक्षित रूप से और लगातार कर सकें। डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, “यह पूछने के बजाय कि वॉकिंग, स्विमिंग या HIIT में से कौन सा सबसे अच्छा है, यह पूछें कि आप कौन सी गतिविधि नियमित रूप से और सुरक्षित रूप से कर सकते हैं। यही बात एक्सरसाइज़ रूटीन को लंबे समय तक जारी रखने लायक और आखिरकार दिल की सेहत के लिए फ़ायदेमंद बनाती है।”

Petrol Diesel Price Today: दिल्ली-नोएडा समेत इन शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 17 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Gold Rate Today: सावन के तीसरे सोमवार को सोना आया और नीचे, मुंबई में ₹142190 में बिक रहा 22 कैरेट

सोमवार, 17 अगस्त को देश में सोने की कीमत और कम हो गई है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 155270 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। मुंबई में भाव 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अन्य शहरों में भी ​सोना फिसला है। पिछले सप्ताह अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 3490 रुपये तक ​बढ़ी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 3200 रुपये तक महंगा हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,379.9 डॉलर प्रति औंस पर है। बीते सप्ताह सोने की वैश्विक कीमत लगभग 0.9 प्रतिशत बढ़ी।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 155270 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 142190 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 155120 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 142190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली142340155270
मुंबई142190155120
अहमदाबाद142240155170
चेन्नई142190155120
कोलकाता142190155120
हैदराबाद142190155120
जयपुर142340155270
भोपाल142240155170
लखनऊ142340155270
चंडीगढ़142340155270

SIP Calculator: ₹100 की SIP से कितने समय में ₹1 लाख बनेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट का रुख है। 17 अगस्त की सुबह कीमत गिरकर 249900 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले सप्ताह भाव 5000 रुपये ​बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.88 डॉलर प्रति औंस पर है।

जुलाई में सोने का आयात मामूली बढ़ा, चांदी का घटा

कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क में वृद्धि के बाद जुलाई में भारत के सोने और चांदी के आयात में नरमी आई। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में सोने का आयात केवल 4.77 प्रतिशत बढ़ा और 4.16 अरब डॉलर रहा। चांदी का आयात 66.1 प्रतिशत घटकर 17.16 करोड़ डॉलर रह गया। सरकार ने 13 मई से कीमती धातुओं पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था।