Pranav Constructions IPO: 126 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद अलॉटमेंट आज, 10 सितंबर को; ग्रे मार्केट में तगड़ा है प्रीमियम

Pranav Constructions IPO: प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ₹351.03 करोड़ का IPO 9 सितंबर को 126.34 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 268.54 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 217.73 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 45.31 गुना भरा। अब आज, 10 सितंबर को अलॉटमेंट फाइनल होने का इंतजार है। इसके बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को होने की उम्मीद है।

IPO खुलने से पहले कंपनी ने 9 एंकर निवेशकों से ₹84.2 करोड़ जुटाए। एंकर निवेशकों को 67.94 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए। इश्यू में ₹315.60 करोड़ के 2.55 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹35.43 करोड़ के 28.57 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा। IPO में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹118-₹124 प्रति शेयर था।

जिन लोगों ने प्रणव कंस्ट्रक्शंस IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।

IPO में Pranav Constructions सिलेक्ट करें।

अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।

‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।

इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।

ड्रॉपडाउन मेन्यू से Pranav Constructions IPO चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।

‘कैप्चा’ डालें।

‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल सरकारी और वैधानिक मंजूरियां लेने की लागत, अतिरिक्त FSI खरीदने, और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़े सदस्यों को वैकल्पिक आवास और असुविधा के लिए मुआवजा देने में करेगी। इसके अलावा कर्ज चुकाने, भविष्य के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को हासिल करने, और कंपनी के सामान्य कारोबारी कामकाज के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल किया जाएगा।

Pranav Constructions की वित्तीय सेहत

प्रणव कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड एक रियल एस्टेट कंपनी है, जो मुख्य रूप से म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई (MCGM) क्षेत्र में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका खास फोकस वेस्टर्न सबअर्ब्स (पश्चिमी उपनगरों) पर है। कंपनी रेजिडेंशियल सेगमेंट में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स करती है, जिसमें किफायती, मिड व मास, और एस्पिरेशनल घर शामिल हैं।

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 20 प्रतिशत बढ़कर ₹763.93 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹71.32 करोड़ हो गया। उधारी ₹258.44 करोड़ की थी। एक साल पहले कंपनी का रेवेन्यू ₹638.24 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹62.25 करोड़ था। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 32.26 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Manika Plastech IPO: 11 सितंबर से खुलेगा इश्यू, 40% पर पहुंचा GMP; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Manika Plastech IPO: मुंबई की प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Manika Plastech का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 11 सितंबर से खुलेगा। इसमें निवेशक 16 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी ने इसके लिए ₹40 से ₹43 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

IPO में ₹92.5 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर इकाई VRIDAA Holding Trust 76.74 लाख शेयर तक OFS में बेचेगी।

Manika Plastech IPO का GMP

मणिका प्लास्टेक के आईपीओ को ग्रे मार्केट में भी तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP ₹17 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड से करीब 40% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है। इसे लिस्टिंग की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

₹54.9 करोड़ मशीनरी पर खर्च करेगी कंपनी

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से ₹54.9 करोड़ प्लांट और मशीनरी खरीदने पर खर्च होंगे। वहीं, ₹15 करोड़ कर्ज चुकाने में लगाए जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

एंकर निवेशकों के लिए बोली 10 सितंबर को खुलेगी। शेयर अलॉटमेंट 17 सितंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 21 सितंबर से होने की संभावना है। IPO के लिए Pantomath Capital Advisors को मर्चेंट बैंकर बनाया गया है।

क्या कारोबार करती है Manika Plastech?

Kapadia परिवार की प्रमोटेड Manika Plastech रिजिड पॉलिमर पैकेजिंग प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी का फोकस डिजाइन और प्रिसिजन इंजीनियरिंग पर है। कंपनी बैटरी केसिंग, पेल और कंटेनर, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और थिन-वॉल कंटेनर जैसे प्रोडक्ट बनाती है। इनमें स्टैंडर्ड और कस्टमाइज्ड दोनों तरह के प्रोडक्ट शामिल हैं।

कंपनी की 7 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। इनकी कुल उत्पादन क्षमता 29,200 MTPA है। कंपनी व्हीकल बैटरी, इनवर्टर, पेंट्स, एग्रोकेमिकल्स, लुब्रिकेंट्स, फूड एंड डेयरी और कंस्ट्रक्शन केमिकल्स जैसे सेक्टर्स को प्रोडक्ट सप्लाई करती है।

जून तिमाही में ₹13 करोड़ का प्रॉफिट

जून 2026 तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹13 करोड़ रहा। इस दौरान रेवेन्यू ₹162.4 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रॉफिट सालाना आधार पर 15.9% बढ़कर ₹22.4 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 7.3% बढ़कर ₹436 करोड़ रहा।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹77.9 करोड़ की बकाया उधारी थी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LDA Flat Scheme 2026: लखनऊ में अपना घर खरीदने का सुनहरा मौका! ₹2 लाख तक की बंपर छूट, जानें- ऑफर की लास्ट डेट समेत पूरी डिटेल

LDA Flat Scheme 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए गुड न्यूज है। लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने फेस्टिव सीजन को देखते हुए चुनिंदा फ्लैट्स पर 2 लाख रुपये तक की बंपर छूट देने की योजना शुरू की है। इस स्कीम के तहत 1 BHK, 2 BHK और 3 BHK फ्लैट उपलब्ध हैं। फ्लैट्स का आवंटन First-Come, First-Served (FCFS) यानी ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा।

फ्लैट की कीमत के हिसाब से मिलेगी छूट

LDA की इस योजना में छूट फ्लैट की कीमत के आधार पर तय की गई है। फ्लैट की कीमत के हिसाब से आपको डिस्काउंट दी जाएगी। यानी अगर कोई पात्र फ्लैट ₹80 लाख का है और उस पर ₹2 लाख की छूट मिलती है, तो उसकी कीमत ₹78 लाख हो जाएगी। हालांकि, खरीदार को यह ध्यान रखना होगा कि कुल खरीद लागत सिर्फ फ्लैट की कीमत तक सीमित नहीं होती।

फ्लैट की कीमत अधिकतम छूट

  • ₹20 लाख से ₹50 लाख ₹1 लाख
  • ₹50 लाख से अधिक और ₹75 लाख तक ₹1.5 लाख
  • ₹75 लाख से अधिक ₹2 लाख तक

कब तक मिलेगा ऑफर?

LDA के मुताबिक यह फेस्टिव ऑफर 22 सितंबर से अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। फ्लैट्स की बुकिंग LDA की वेबसाइट के जरिए की जा सकती है और आवंटन FCFS आधार पर होगा।

90 दिन में पूरा भुगतान करने पर 6% की छूट

इस योजना में एक और महत्वपूर्ण फायदा बताया गया है। LDA के उपाध्यक्ष प्रथेमेश कुमार के अनुसार, जो खरीदार फ्लैट की पूरी रकम 45 से 90 दिनों के भीतर जमा करते हैं, उन्हें 6% की अतिरिक्त छूट मिल सकती है। ऐसे फ्लैट भी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर आवंटित किए जाएंगे।

FCFS सिस्टम क्या है?

FCFS व्यवस्था लॉटरी सिस्टम से अलग होती है। इसमें उपलब्ध फ्लैट्स में से खरीदार अपनी पसंद का फ्लैट चुन सकता है और LDA के नियमों के अनुसार बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ ऑफर देखकर तुरंत बुकिंग कर दी जाए। खरीदार को पहले फ्लैट की कीमत, लोकेशन, उपलब्धता, पात्रता, भुगतान की शर्तें और अन्य नियम अच्छी तरह जांचने चाहिए।

₹1-2 लाख की छूट देखकर तुरंत न लें फैसला

मान लीजिए किसी फ्लैट की कीमत ₹80 लाख है और ₹2 लाख की छूट मिलती है। ऐसे में बेस प्राइस ₹78 लाख रह जाएगा। लेकिन घर खरीदने का वास्तविक खर्च इससे ज्यादा हो सकता है। खरीदार को स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस, मेंटेनेंस, पार्किंग, LDA के अन्य शुल्क, होम लोन प्रोसेसिंग फीस, इंटीरियर और शिफ्टिंग जैसे खर्चों को भी बजट में शामिल करना चाहिए। यानी सिर्फ ₹2 लाख की बचत को देखकर फैसला लेना सही नहीं होगा। असली सवाल यह है कि सभी खर्च जोड़ने के बाद फ्लैट आपकी जेब के हिसाब से कितना किफायती है।

फ्लैट खरीदने से पहले इन चीजों की जांच जरूरी

लोकेशन: ऑफिस, स्कूल, अस्पताल और रोजमर्रा की सुविधाएं कितनी दूर हैं, यह देखें।

कनेक्टिविटी: सड़क, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता जांचें।

फ्लैट की स्थिति: अगर फ्लैट रेडी-टू-मूव है तो बुकिंग से पहले खुद जाकर देखें। प्राकृतिक रोशनी, वेंटिलेशन, फर्श और निर्माण की स्थिति पर ध्यान दें।

पानी और बिजली: पानी और बिजली की नियमित व्यवस्था है या नहीं, यह पता करें। साथ ही सोसाइटी और कॉमन एरिया के रखरखाव की जिम्मेदारी और उसका शुल्क भी समझें।

बुकिंग से पहले कौन से दस्तावेज और शर्तें देखें?

खरीदार को केवल ब्रोशर या किसी अधिकारी/सेलर की जानकारी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। अलॉटमेंट और बुकिंग डॉक्यूमेंट, भुगतान प्रक्रिया, कब्जे की तारीख, सभी अतिरिक्त शुल्क और नियम एवं शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इसके अलावा मेंटेनेंस, कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियम भी पहले समझ लें। अगर होम लोन लेना है तो बैंक से यह भी जांच लें कि जिस फ्लैट को आप खरीद रहे हैं, उस पर लोन उपलब्ध/स्वीकृत है या नहीं।

सिर्फ छूट के लिए बड़ा होम लोन न लें

₹1-2 लाख की छूट पाने के लिए ऐसा बड़ा होम लोन लेना समझदारी नहीं होगी जिसकी EMI चुकाना मुश्किल हो जाए। बुकिंग से पहले अपनी मासिक आय, मौजूदा लोन, घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई, बीमा और इमरजेंसी सेविंग को ध्यान में रखकर EMI की गणना करें। साथ ही स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन, इंटीरियर और अन्य शुरुआती खर्चों के लिए अलग से रकम तैयार रखें।

घर की असली कीमत ऐसे समझें

फ्लैट की कीमत- छूट + स्टांप ड्यूटी/रजिस्ट्रेशन + अन्य शुल्क + इंटीरियर + लोन का खर्च = घर की कुल लागत…यही कुल रकम देखकर तय करें कि फ्लैट वास्तव में आपके बजट में है या नहीं।

ऑफर का सबसे बड़ा फायदा क्या है?

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पात्र खरीदारों को फ्लैट की कीमत पर ₹2 लाख तक की सीधी छूट मिल सकती है। अगर कोई व्यक्ति पहले से LDA का फ्लैट खरीदने की योजना बना रहा है और उसे अपनी पसंद की लोकेशन व कीमत में पात्र फ्लैट मिल जाता है, तो यह ऑफर आर्थिक बोझ कुछ कम कर सकता है। लेकिन सिर्फ छूट के लालच में जल्दबाजी न करें। फ्लैट की लोकेशन, निर्माण की स्थिति, सभी शुल्क, भुगतान की शर्तें, दस्तावेज और होम लोन की EMI जांचने के बाद ही बुकिंग करना बेहतर होगा।

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Stocks to Watch: 11 स्टॉक्स; Biocon, Raymond और Innovision समेत ये शेयर आज 9 सितंबर को फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुल रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 66.00 प्वाइंट्स यानी 0.28% की गिरावट के साथ 23,647.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 8 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 555.23 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 75,577.58 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 144.05 प्वाइंट्स यानी 0.61% की फिसलन के साथ 23,635.10 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Biocon

सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय प्राइवेट इक्विटी फर्म ट्रू नॉर्थ की कंपनी एक्टिव पाइन ब्लॉक डील के जरिए बायोकॉन के पेड-अप इक्विटी का लगभग 1% हिस्सा (1.66 करोड़ शेयर तक) बेच सकती है। ₹638.4 करोड़ की इस ब्लॉक डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹385 तय किया गया है।

Laxmi Organic Industries

राजन वेंकटेश ने नए मौकों की तलाश के लिए लक्ष्मी ऑर्गेनिक के एमडी और सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 13 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा। बोर्ड ने कंपनी के मौजूदा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हर्षवर्धन गोयनका को 14 नवंबर 2026 से पांच साल के लिए एमडी और सीईओ नियुक्त किया है।

Innovision

इनोविजन को ₹243.6 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ अवॉर्ड) मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मध्य प्रदेश में NH-3 के इंदौर-देवास सेक्शन को छह-लेन का बनाने के लिए IDTL A और IDTL B टोल प्लाजा पर यूजर फीस कलेक्शन एजेंसी नियुक्त करने और NH-39 के झांसी-खजुराहो सेक्शन को चार-लेन का बनाने के लिए पचवारा टोल प्लाजा के लिए है। इस ऑर्डर में आस-पास के टॉयलेट ब्लॉक की देखरेख और मेंटेनेंस भी शामिल है।

Enviro Infra Engineers

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स की सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी से ₹189.99 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट महाराष्ट्र के परली में 180 MW के NTPC विंड पावर प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए EPC टर्न्की वर्क पूरा करने के लिए है।

Moschip Technologies

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक मॉसचिप टेक को वायव्य लैब्स (Vayavya Labs) की 73% इक्विटी शेयर कैपिटल के प्रस्तावित अधिग्रहण से जुड़े विवाद के मामले में 15 सितंबर से पहले ₹200 करोड़ की अतिरिक्त सिक्योरिटी जमा करने का निर्देश दिया गया है।

Raymond

रेमंड के बोर्ड ने मिनर्वा वेंचर्स फंड को प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए 33.29 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी करके ₹214.71 करोड़ का फंड जुटाने को मंजूरी दी है। हर वारंट ₹645 के भाव पर जारी होंगे।

Fermenta Biotech

फर्मेंटा बायोटेक ने फर्मेंटेड फूड्स में नैचुरल इन-सिटू विटामिन B12 फोर्टिफिकेशन की टेक्नोलॉजी के कमर्शियलाइजेशन के लिए वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT), वेल्लोर के साथ एक एक्सक्लूसिव लाइसेंस एग्रीमेंट साइन करने का ऐलान किया है।

Great Eastern Shipping Company

ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी ने लगभग 81,609 DWT क्षमता वाला एक पुराना यानी सेकंड-हैंड कामसारमैक्स ड्राई बल्क कैरियर खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया है। 2019 में बने इस जहाज के वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2026 में कंपनी के बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है। इसके लिए पूरी फंडिंग कंपनी के अपने इंटरनल फंड से की जाएगी।

Sanofi India

सनोफी इंडिया ने अपने ऊपर आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। यह मामला 2012 और 2015 के बीच भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC), मैसूर को फार्मा सप्लाई और खरीद के फैसलों को गलत तरीके से प्रभावित करने के लिए BARC के एक कर्मचारी के साथ कथित मिलीभगत के आरोपों से जुड़ा है। फिलहाल आपराधिक शिकायत का मामला ट्रायल के चरण में है।

Shadowfax Technologies

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट फर्म टीपीजी के निवेश वाली न्यूवेस्ट एशिया फंड IV (सिंगापुर) ने शैडोफैक्स के 80 लाख शेयर (1.36% हिस्सेदारी) ₹250.03 के भाव पर बेच दिए। इसके साथ ही न्यूवेस्ट ने मौजूदा तिमाही में शैडोफैक्स में लगभग 3.5% हिस्सेदारी बेच दी है, जिससे उसकी हिस्सेदारी जून 2026 तक 11.53% से घटकर 8.03% रह गई है। वहीं दूसरी तरफ हांगकांग की इन्वेस्टमेंट फर्म ऑक्सबो कैपिटल मैनेजमेंट के मैनेजमेंट वाली ऑक्सबो मास्टर फंड ने प्रति शेयर ₹250 के भाव पर ₹119.6 करोड़ में 47.85 लाख शेयर (0.81% हिस्सेदारी) और खरीदे। इससे पहले 6 अगस्त 2026 को भी इसने 1.18% हिस्सेदारी खरीदी थी, और अब नई खरीदारी के बाद कंपनी में ऑक्सबो मास्टर फंड की हिस्सेदारी बढ़कर 2% हो गई है

Rays of Belief

लिस्टिंग के दिन सच्चियाय स्टॉक ब्रोकिंग ने ₹6.57 करोड़ में रेज ऑफ बिलीफ के 2.75 लाख शेयर, कैपेशियस वेल्थ मैनेजमेंट एलएलपी ने ₹5.37 करोड़ में 2.25 लाख शेयर, संतोष भंसाली एचयूएफ ने ₹4.54 करोड़ में 1.9 लाख शेयर और प्रज्ञा मर्केंटाइल ने ₹9.8 करोड़ में 4.1 लाख शेयर खरीदे। इन चारों ने मिलकर प्रति शेयर ₹239 के भाव पर कंपनी में 5.26% हिस्सेदारी खरीदी। वहीं लॉन्गथ्राइव कैपिटल वीसीसी-ट्रेंडव्यू कैपिटल फंड ने ने समान भाव पर रेज ऑफ बिलीफ के 1.43 लाख शेयर ₹3.42 करोड़ में बेच दिए।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: आस्था स्पिनटेक्स, ऐकनिट इंडस्ट्रीज, एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज, सेंचुरी प्लाईबोर्ड्स (इंडिया), एम्पायर इंडस्ट्रीज, फोर्स मोटर्स, गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स, जेबीएम ऑटो, ज्योति रेजिन्स एंड एढेसिव्स, क्रोनॉक्स लैब साइंसेज, नेपेरोल इन्वेस्टमेंट्स, नेशनल फिटिंग्स, परफेक्टपैक, प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स, शेयर इंडिया सिक्योरिटीज, श्री दिग्विजय सीमेंट कंपनी, ट्रैवल फूड सर्विसेज, WEP सॉल्यूशंस, वर्थ पेरिफेरल्स

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: ऑल्टियस टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: आज आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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ईरान का अमेरिका पर बड़ा पलटवार! 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लगा सकेंगे पैसे; चेक करें प्राइस बैंड, GMP जैसी डिटेल

करमतारा इंजीनियरिंग अपना ₹875 करोड़ का IPO ला रही है। यह 9 सितंबर को खुलने वाला है। क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। इसमें ₹675 करोड़ के 2.66 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹200 करोड़ के 78.74 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर तनवीर सिंह और राजीव सिंह शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इस पब्लिक इश्यू में ₹241-₹254 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 59 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं।

IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत करेंगे। करमतारा इंजीनियरिंग लिमिटेड रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन लाइंस के लिए प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी कई तरह के प्रोडक्ट्स की पेशकश करती है। यह सोलर स्ट्रक्चर (फिक्स्ड-टिल्ट और ट्रैकर); सोलर एनर्जी और ट्रांसमिशन सेक्टर के लिए फास्टनर; और ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन हार्डवेयर फिटिंग्स के लिए वन-स्टॉप शॉप के तौर पर काम करती है।

कंपनी विंड टर्बाइन के लिए ट्यूबलर टावर बनाने की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ विंड एनर्जी सेक्टर में भी कदम रख रही है। करमतारा इंजीनियरिंग उत्तरी अमेरिका, यूरोप, एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका के 50 से ज्यादा देशों को एक्सपोर्ट भी करती है। कंपनी के प्रमोटर तनवीर सिंह, राजीव सिंह, इंद्रजीत सिंह, इंद्रजीत तनवीर सिंह ट्रस्ट और इंद्रजीत राजीव सिंह ट्रस्ट हैं।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। कंपनी IPO में नए शेयर जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। JM फाइनेंशियल, ICICI सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल सर्विसेज इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।

Kanohar Electricals IPO: ट्रांसफॉर्मर कंपनी की 16 साल बाद शेयर बाजार में वापसी, ₹1056 करोड़ का IPO 8 सितंबर से

Karamtara Engineering की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में करमतारा इंजीनियरिंग का रेवेन्यू 36 प्रतिशत बढ़कर ₹4,316.36 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 64 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹228.75 करोड़ हो गया। इस बीच कंपनी पर ₹1,030.13 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,165.36 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹139.33 करोड़ था। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 19.69 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rentomojo IPO 9 सितंबर से, ₹384-₹404 रहेगा प्राइस बैंड; ग्रे मार्केट में अभी से चढ़ा शेयर

फर्नीचर, अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी रेंटोमोजो का ₹1,255.57 करोड़ का IPO 9 सितंबर को खुलने वाला है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 37 शेयर है। इस इश्यू में ₹150 करोड़ के 37.15 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,105.57 करोड़ के 2.74 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर गीतांश बामनिया के साथ-साथ एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस), एडलवाइस डिस्कवरी फंड-सीरीज I, IDG वेंचर्स इंडिया फंड III LLC, वैल्यू क्वेस्ट S.C.A.L.E. फंड, मैडिसन इंडिया, चिराटे वेंचर्स, GMO पेमेंट गेटवे समेत कई निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, एक्सिस कैपिटल और IIFL कैपिटल सर्विसेज बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

रेंटोमोजो ग्राहकों को घर के फर्नीचर और अप्लायंसेज के लिए किफायती, फ्लेक्सिबल और लॉन्ग टर्म सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध कराती है। इसके प्रोडक्ट्स में घर की जरूरी चीजें जैसे बेड, गद्दे, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, अलमारी, सोफा, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन, वॉटर प्योरिफायर आदि शामिल हैं। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

रेंटोमोजो अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए, वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल/लाइसेंस फीस का पेमेंट करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 8.17 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

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Rentomojo की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 394 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 142 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 104.30 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 187.59 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 271.96 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GATE 2027 Registration: आईआईटी मद्रास ने शुरू किया गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन, जानें कौन कर सकता और कौन नहीं कर सकता अप्लाई

GATE 2027 Registration: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। गेट 2027 में हिस्सा लेने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट gate2027.iitm.ac.in पर जाकर अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। यह आवेदन प्रक्रिया 02 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है।

गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो बिना लेट फीस के 27 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी। इस डेडलाइन तक अपना आवेदन करने से चूकने वाले उम्मीदवार, इसके बाद भी लेट फीस देकर 5 अक्टूबर तक अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन सुधार विंडो 14 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी।

गेट 2027, 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी, 2027 को होगा। सिटी अलॉटमेंट नोटिफिकेशन 4 जनवरी को आने की उम्मीद है, जबकि एडमिट कार्ड रिलीज की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। गेट 2027 का नतीजा 19 मार्च, 2027 को घोषित किया जाएगा।

गेट 2027 में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन पेपर किया गया शामिल

इस साल, गेट में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन (RA) पर एक नया पेपर होगा। नए पेपर के जुड़ने से, अब परीक्षा 30 टेस्ट पेपर्स के लिए होगी। आईआईटी मद्रास ने गेट 2027 के कुछ सिलेबस में भी बदलाव किए हैं। इनमें बायोटेक्नोलॉजी पेपर में अपडेट और टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और फाइबर साइंस, इंजीनियरिंग साइंसेज, ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज, और लाइफ साइंसेज के लिए सेक्शनल पेपर कोड में बदलाव शामिल हैं। उम्मीदवार एक या दो टेस्ट पेपर्स दे सकते हैं। हालांकि, दो पेपर्स चुनने वालों को परीक्षा अधिकारियों द्वारा मान्य कॉम्बिनेशन्स में से चुनना होगा।

गेट 2027 योग्यता

जो कैंडिडेट अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम के तीसरे साल या उससे ऊपर पढ़ रहे हैं, साथ ही जिन्होंने इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स या ह्यूमैनिटीज में सरकार से मंजूर डिग्री पूरी की है, वे इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

भारत के बाहर के संस्थान से योग्य डिग्री वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, जो अधिकारियों द्वारा बताई गई शर्तों के तहत है। भारतीय नागरिकों के लिए, DigiLocker के जरिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। आईआईटी मद्रास ने कैंडिडेट को सलाह दी है कि गेट 2027 आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले यह पक्का कर लें कि उनका DigiLocker अकाउंट वेरिफाई और अपडेटेड है।

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Purple Style Labs IPO: आज, 3 सितंबर अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख, शेयर मिले या नहीं ऐसे करें चेक

पर्पल स्टाइल लैब्स का ₹680 करोड़ का IPO 2 सितंबर को बंद हो गया। इश्यू को कुल 1.36 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें 1.18 करोड़ नए शेयर जारी हुए। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.50 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.89 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.66 गुना भरा। अब आज, 3 सितंबर अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 7 सितंबर को होगी।

जिन लोगों ने पर्पल स्टाइल लैब्स के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

  • https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।
  • IPO में Purple Style Labs सिलेक्ट करें।
  • अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Purple Style Labs IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

Purple Style Labs IPO के लिए प्राइस बैंड ₹546-₹575 प्रति शेयर था। कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹306 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनी पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल सब्सिडियरी PSL Retail में निवेश के लिए, सेल्स व मार्केटिंग खर्चों की फंडिंग के लिए, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए और IPO पर हुए खर्च की भरपाई के लिए करेगी।

क्या करती है Purple Style Labs

पर्पल स्टाइल लैब्स लिमिटेड एक मल्टी-ब्रांड लग्जरी ओम्नी चैनल फैशन प्लेटफॉर्म है। कंपनी ‘पर्नियाज पॉप-अप शॉप’ (Pernia’s Pop-Up Shop or PPUS) के तहत काम करती है। यह महिलाओं और पुरुषों के कपड़ों, ज्वेलरी, एक्सेसरीज और बच्चों के कपड़ों में लग्जरी फैशन प्रोडक्ट्स के एक खास कलेक्शन की पेशकश करती है। शादी और खास मौकों पर पहने जाने वाले कपड़ों पर खास फोकस है।

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कंपनी एक ओम्नी चैनल बिजनेस मॉडल के जरिए काम करती है, जिसमें एक्सपीरियंस सेंटर, वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन, टेलीफोनिक और डिजिटल सेल्स चैनल, इवेंट्स और एग्जीबीशन शामिल हैं। कंपनी के भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूके, मध्य पूर्व, ऑस्ट्रेलिया और अन्य बाजारों में भी कस्टमर हैं। पर्पल स्टाइल लैब्स का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 15 प्रतिशत बढ़कर ₹567 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹494 करोड़ था। कंपनी पर वित्त वर्ष 2026 के दौरान ₹371.40 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ESDS Software Solution IPO का अलॉटमेंट आज, 2 सितंबर को; 143 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद अब अच्छी लिस्टिंग की उम्मीद

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का ₹720 करोड़ का IPO 1 सितंबर को बंद हो चुका है। इसे कुल 142.88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। अब आज, 2 सितंबर को इसका अलॉटमेंट फाइनल हो रहा है। इसके बाद शेयरों की लिस्टिंग 4 सितंबर को NSE और BSE पर होने वाली है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 58.74 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

जिन लोगों ने ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से ESDS Software Solution IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में ESDS Software Solution सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इस IPO के लिए प्राइस बैंड ₹408-₹429 प्रति शेयर था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 274.97 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.87 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 41.68 गुना भरा। कंपनी AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर-एज-अ-सर्विस (IaaS), मैनेज्ड सर्विसेज और सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस (SaaS) जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

Mahanadi Coalfields IPO: एक और सरकारी कंपनी ने जमा किया ड्राफ्ट, कोल इंडिया बेचेगी 10% हिस्सा

ESDS Software Solution की वित्तीय सेहत

कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹216 करोड़ जुटाए। कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर 480.65 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 117 प्रतिशत की बढ़त के साथ 120.82 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 42.92 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 376.64 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 55.61 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mahanadi Coalfields IPO: एक और सरकारी कंपनी ने जमा किया ड्राफ्ट, कोल इंडिया बेचेगी 10% हिस्सा

सरकारी कंपनी कोल इंडिया के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, महानदी कोलफील्ड्स ने IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया है। इस इश्यू में केवल ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा, जिसमें कोल इंडिया अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी या 66.18 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखेगी। IPO में नए शेयर जारी नहीं होंगे, लिहाजा महानदी कोलफील्ड्स को इस ऑफरिंग से कोई पैसा नहीं मिलेगा। शेयरों को बेचने से होने वाली पूरी कमाई कोल इंडिया के पास जाएगी।

महानदी कोलफील्ड्स मुख्य रूप से ओडिशा में काम करती है और इसने वित्त वर्ष 2026 में भारत के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान दिया। कोल इंडिया के उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 28.4 प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारत के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया का योगदान लगभग 74 प्रतिशत था।

महानदी कोलफील्ड्स के शेयरों को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है। SBI कैपिटल मार्केट्स, एक्सिस कैपिटल, BOB कैपिटल मार्केट्स, IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल सर्विसेज को इस इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। महानदी कोलफील्ड्स का वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध मुनाफा 1.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,678 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 2.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 30,550 करोड़ रुपये हो गया।

मार्च और अप्रैल में ये 2 सब्सिडियरी हुई थीं लिस्ट

कोल इंडिया की वर्तमान में 8 सहायक कंपनियां- ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, MCL, और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDIL) हैं।

इससे पहले भारत कोकिंग कोल लिमिटेड जनवरी 2026 में स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। इसका पब्लिक इश्यू 1,068.78 करोड़ रुपये का था। सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड मार्च, 2026 में NSE और BSE पर लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,841.45 करोड़ रुपये का था।

2030 तक CIL की सभी सहायक कंपनियां लिस्ट कराने का है प्लान

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि 2030 तक कोल इंडिया लिमिटेड की सभी सहायक कंपनियां स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो जाएं। इस कदम का उद्देश्य निगरानी को सुव्यवस्थित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और संपत्तियों के मोनेटाइजेशन के जरिए वैल्यू अनलॉक करना है।

Priority Jewels IPO: 100.45 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद आज, 2 सितंबर को अलॉटमेंट; कैसी रहेगी लिस्टिंग?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।