Priority Jewels IPO: 100.45 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद आज, 2 सितंबर को अलॉटमेंट; कैसी रहेगी लिस्टिंग?

प्रायोरिटी ज्यूल्स का ₹91.50 करोड़ का IPO 100.45 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया है। अब 2 सितंबर को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 4 सितंबर को हो सकती है। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 39.87 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 166.49 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 106.76 गुना भरा।

जिन लोगों ने प्रायोरिटी ज्यूल्स के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Priority Jewels IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Priority Jewels सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इस IPO में 45.75 लाख नए शेयर जारी हुए। फाइनल इश्यू प्राइस ₹200 प्रति शेयर रहा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹27.45 करोड़ जुटाए। ग्रे मार्केट में प्रायोरिटी ज्यूल्स का शेयर 15.50 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

क्या-क्या बनाती है कंपनी

प्रायोरिटी ज्यूल्स हीरे जड़ी सोने और प्लेटिनम की फाइन ज्वेलरी डिजाइन करती है, बनाती है और बेचती है। यह रोज पहनी जाने वाली ज्वेलरी जैसे अंगूठी, झुमके, पेंडेंट, नेकलेस, ब्रेसलेट के साथ-साथ खास मौकों पर पहनी जाने वाली ज्वेलरी भी बेचती है। कंपनी भारत और दुनिया भर में स्वतंत्र ज्वेलर्स और ज्वेलरी चेन्स को अपने प्रोडक्ट बेचती है, जैसे कि कैरटलेन ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, कल्याण ज्वेलर्स, रिलायंस रिटेल, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, त्रिभुवनदास भीमजी झवेरी लिमिटेड, सेनको गोल्ड लिमिटेड।

प्रायोरिटी ज्यूल्स की 21 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में अच्छी मौजूदगी है। यह अमेरिका, UAE, हांगकांग और नॉर्वे सहित 13 देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती है। इसकी मुंबई में 2 ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं।

IPO के पैसे कैसे इस्तेमाल करेगी Priority Jewels

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। प्रायोरिटी ज्यूल्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹147.40 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा ₹6.48 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹110.49 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 24 प्रतिशत बढ़कर ₹539 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 68 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹17.65 करोड़ हो गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GATE 2027 Registration: अब तक शुरू नहीं हुई गेट 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया, जानें कब से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

GATE 2027 Registration: ग्रैजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों की परेशानी अब तक खत्म नहीं हुई है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (IIT), मद्रास अब तक गेट 2027 के लिए पंजीकरण शुरू नहीं कर सका है। दो बार पंजीरण शुरू होने की तारीख टलने के बाद अब उम्मीदवार नई तारीख घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। समझा जा रहा है कि आईआईटी मद्रास जल्द ही गेट 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकता है। रजिस्ट्रेशन की बदली हुई तारीखें आने वाले दिनों में ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी होने की उम्मीद है।

पहले जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, गेट 2027 आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त, 2026 को शुरू होने वाली थी। हालांकि, इसे बदलकर 27 अगस्त, 2026 कर दिया गया। लेकिन 27 अगस्त से भी पंजीकरण शुरू नहीं हो चका है। उम्मीदवार अब तक दो बार टल चुकी गेट 2027 पंजीकरण प्रक्रिया के जल्द शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस की बदली हुई तारीखें जल्द ही ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी।

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन कब शुरू होगा?

ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध शेड्यूल के अनुसार, छात्रों के लिए गेट 2027 आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 27 सितंबर, 2026 है। यह देखते हुए कि कंडक्टिंग बॉडी छात्रों को प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण करने के लिए कम से कम एक महीने का समय देती हैं, इस बात की बहुत संभावना है कि गेट 2027 रजिस्ट्रेशन प्रोसेस सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में कभी भी शुरू हो जाएगा। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि आईआईटी मद्रास ने गेट 2027 रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोलने में देरी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।

गेट 2027 जरूरी तारीखें

गेट 2027 पंजीकरण प्रक्रिया रद्द होने के बाद, कैंडिडेट अब रजिस्ट्रेशन और एप्लीकेशन प्रोसेस की नई तारीखों का इंतजार कर रहे हैं। नीचे दी गई जरूरी तारीखें देखें

एक्टिविटी तारीख

गेट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (GOAPS) शुरू होने की तारीख : 14 अगस्त 2026, 27 अगस्त 2026, TBA

रेगुलर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (बिना लेट फीस के) खत्म होने की तारीख : 21 सितंबर 2026, 27 सितंबर, 2026

एक्सटेंडेड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (लेट फीस के साथ) खत्म होने की तारीख : 30 सितंबर 2026, 5 अक्टूबर, 2026

गेट 2027 एप्लीकेशन में सुधार शुरू होने की तारीख : 14 अक्टूबर, 2026

गेट 2027 एप्लीकेशन में सुधार खत्म होने की तारीख : 21 अक्टूबर, 2026

सिटी अलॉटमेंट नोटिफिकेशन : 4 जनवरी, 2027

एडमिट कार्ड डाउनलोड : TBA

गेट 2027 एग्जाम : फरवरी 6, 2027, फरवरी 7, 2027, फरवरी 13, 2027, फरवरी 14, 2027, फरवरी 20, 2027, फरवरी 21, 2027

रिजल्ट की घोषणा : मार्च 19, 2027

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन के लिए DigiLocker क्रेडेंशियल जरूरी

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन विंडो जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। इस साल गेट के लिए रजिस्टर करने के लिए, छात्रों के पास वैलिड DigiLocker क्रेडेंशियल होना जरूरी है। कैंडिडेट्स को गेट 2027 के लिए अप्लाई करने से पहले अपने वेरिफाइड DigiLocker अकाउंट बनाने या अपडेट करने होंगे। DigiLocker के जरिए गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन सभी भारतीय नागरिकों के लिए जरूरी है।

गेट 2027 के लिए रजिस्टर करने के स्टेप्स

जीओएपीएस पोर्टल पर गेट 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया खुलने के बाद, योग्य उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने और आवेदन शुल्क जमा करने से पहले रजिस्ट्रेशन लिंक में सभी जरूरी क्रेडेंशियल डालने होंगे।

  • गेट 2027 के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • गेट 2027 GOAPS पोर्टल पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
  • सभी जरूरी डिटेल्स डालें।
  • एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए लॉगिन करें।
  • गेट 2027 एप्लीकेशन फीस जमा करें।
  • सेव करें और सबमिट पर क्लिक करें।

RPSC APO Admit Card 2026: आरपीएससी ने जारी किया 02 सितंबर को होने वाली एपीओ 2026 भर्ती का एडमिट कार्ड, आधिकारिक वेबसाइट से करें डाउनलोड

Hy-Tech Engineers IPO: कल होगी धमाकेदार एंट्री! 80% चढ़ा GMP, लिस्टिंग के बाद बेचें या होल्ड करें? एक्सपर्ट्स से जानें

Hy-Tech Engineers IPO GMP & Listing: प्राइमरी मार्केट में धमाल मचाने के बाद हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ कल यानी 1 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहा है। 244 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुए इस आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त क्रेज है और इसका जीएमपी लगभग 80 फीसदी के करीब पहुंच चुका है।

जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर अलॉट हुए हैं, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कल लिस्टिंग वाले दिन क्या करें, मुनाफा वसूल कर निकल जाएं या लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड रखें? आइए जानते हैं लिस्टिंग से पहले GMP, सब्सक्रिप्शन डेटा, ब्रोकरेज की राय और कंपनी की वित्तीय स्थिति से जुड़ी पूरी डिटेल्स।

244 गुना से ज्यादा हुआ था सब्सक्राइब

24 अगस्त से 27 अगस्त के बीच खुले इस ₹135.73 करोड़ के आईपीओ में निवेशकों ने रिकॉर्डतोड़ बोलियां लगाई थीं। कुल 1.84 करोड़ उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 443.49 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। गैर-संस्थागत निवेशक(NII) कैटेगरी में सबसे ज्यादा 402.29 गुना आवेदन आए। QIB का हिस्सा 255.77 गुना भरा। वहीं खुदरा निवेशकों का कोटा 170.58 गुना सब्सक्राइब हुआ।

कितनी मजबूत है बैलेंस शीट?

हाइड्रॉलिक्स इंडस्ट्री में 40 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाली हाई-टेक इंजीनियर्स मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन मशीनरी, ऑटोमोबाइल, कृषि उपकरण और इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनों के लिए हाइड्रॉलिक फिटिंग्स बनाती है। 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹189.40 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹22.59 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹19.62 करोड़ था।

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने व्हाइटओक कैपिटल जैसे दिग्गजों सहित एंकर निवेशकों से ₹40.72 करोड़ जुटाए थे।

80% लिस्टिंग गेन का इशारा

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट InvestorGain के अनुसार, 31 अगस्त को Hy-Tech Engineers का GMP ₹42 प्रति शेयर चल रहा है। इसका इश्यू प्राइस ₹53 था। इस हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹53 + ₹42 = ₹95 प्रति शेयर रह सकता है। निवेशकों को लिस्टिंग के दिन करीब 80% का बंपर मुनाफे की उम्मीद है।

Buy, Sell या Hold? ब्रोकरेज हाउसेज की क्या है राय?

कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज: ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी ने पिछले 2 सालों में 17.28% की रेवेन्यू CAGR दर्ज की है और EBIDTA मार्जिन 22% के आसपास बनाए रखा है। कंपनी का डोमेस्टिक मार्केट शेयर मजबूत है। ब्रोकरेज ने कहा, ‘कंपनी लंबे समय में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती है। कल अच्छे लिस्टिंग गेन की उम्मीद है। जिन्हें अलॉटमेंट मिला है, वे इसे मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए HOLD रख सकते हैं।’

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स: आनंद राठी ने कंपनी के 11,000 से ज्यादा SKUs, 170 सीधे क्लाइंट्स और रेलवे-डिफेंस में मौजूदगी की तारीफ की। अपर प्राइस बैंड पर FY26 P/E मल्टीपल 22.25x है जो वाजिब वैल्युएशन दिखाता है। इन्होंने भी इस इश्यू को ‘Subscribe – Long Term’ की रेटिंग दी थी।

निवेशकों के लिए फाइनल स्ट्रैटेजी

जिन्हें केवल शॉर्ट-टर्म मुनाफा चाहिए, वे कल बंपर ओपनिंग के बाद अपना प्रॉफिट बुक करके निकल सकते हैं या स्टॉप-लॉस लगाकर चल सकते हैं। वहीं लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स जिन्हें शेयर अलॉट हुए हैं और वे कंपनी के फंडामेंटल्स व हाइड्रॉलिक्स सेक्टर की ग्रोथ पर भरोसा रखते हैं, वे एक्सपर्ट्स की सलाह के मुताबिक इसे अपने पोर्टफोलियो में होल्ड कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPO: विजय केडिया का है तगड़ा निवेश! एंकर राउंड में मधुसूदन केला ने भी लगाया बड़ा दांव, 31 अगस्त से खुलेगा ये आईपीओ

Vijay Kedia Backed Asuthosh Fibre IPO: शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक विजय केडिया के निवेश वाली कंपनी आशुतोष फाइबर का आईपीओ दांव लगाने के लिए खुलने जा रहा है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए ₹16.04 करोड़ जुटा लिए हैं।

एंकर बुक में मधुसूदन केला के मेंटरशिप वाले सिंगुलैरिटी AMC समेत कई बड़े फंड्स ने हिस्सा लिया है। आइए आपको बताते हैं इस आईपीओ की प्राइस बैंड, महत्वपूर्ण तारीखें और कैसी है कंपनी की सेहत।

एंकर बुक: इन 5 बड़े निवेशकों ने लगाए पैसे

28 अगस्त को कंपनी ने एंकर निवेशकों को अपर प्राइस बैंड पर 17.43 लाख शेयर आवंटित किए:

  1. Nine Alps Corporate Advisors: ₹6 करोड़ के निवेश से 6.52 लाख शेयर खरीदे।
  2. Singularity Equity Fund II: ₹3.45 करोड़ के निवेश से 3.75 लाख शेयर खरीदे।
  3. Nav Capital Emerging Star Fund: ₹3.45 करोड़ के निवेश से 3.75 लाख शेयर खरीदे।
  4. Aarth AIF Growth Fund: ₹2.11 करोड़ के निवेश से 2.3 लाख शेयर खरीदे।
  5. Vira Bharat Opportunities Fund: ₹1 करोड़ के निवेश से 1.09 लाख शेयर खरीदे।

Asuthosh Fibre IPO की सभी जरूरी डिटेल्स

गुजरात बेस्ड टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाने वाली यह कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए बाजार से कुल ₹56.34 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसमें कोई भी ऑफर फॉर सेल (OFS) कंपोनेंट नहीं है।

  • IPO खुलने की तारीख: 31 अगस्त
  • IPO बंद होने की तारीख: 2 सितंबर
  • प्राइस बैंड: ₹87 से ₹92 प्रति शेयर
  • अलॉटमेंट: 3 सितंबर
  • लिस्टिंग: 7 सितंबर

आईपीओ के पैसों का क्या करेगी कंपनी?

आशुतोष फाइबर जुटाए गए फंड का इस्तेमाल अपनी क्षमता बढ़ाने और कर्ज कम करने में करेगी। ₹25.5 करोड़ नए उपकरण और मशीनरी की खरीद के लिए। ₹20 करोड़ कंपनी का पुराना कर्ज चुकाने के लिए और बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी।

विजय केडिया की कितनी है हिस्सेदारी?

ऑफर से पहले कंपनी के प्रमोटर्स के पास 59.79% हिस्सेदारी है। बाकी हिस्सेदारी पब्लिक शेयरधारकों के पास है, जिसमें शेयर बाजार के जाने-माने निवेशक विजय केडिया की 6.57% हिस्सेदारी शामिल है। इस आईपीओ के मर्चेंट बैंकर के रूप में Mefcom Capital Markets को नियुक्त किया गया है।

अब जानिए कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत

टेक्सटाइल यार्न और फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़ी इस कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में शानदार प्रदर्शन किया है। मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का मुनाफा 88.5% बढ़कर ₹16.04 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले साल (FY25) में ₹8.5 करोड़ था। कंपनी का कुल रेवेन्यू 2.9% की मामूली बढ़त के साथ ₹117.37 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹114 करोड़ था।

क्या है ग्रे मार्केट का हाल?

आईपीओ वॉच के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 29 अगस्त 2026 को आशुतोष फाइबर आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹37 प्रति शेयर दर्ज किया गया है। यह इसके अपर प्राइस बैंड ₹92 के मुकाबले 40.22% के तगड़े प्रीमियम का संकेत दे रहा है।

इससे पहले 28 अगस्त को भी जीएमपी ₹37 ही था, जबकि 27 अगस्त को यह ₹15 (16.30%) और 26 अगस्त को ₹13 (14.13%) पर बना हुआ था। लगातार बढ़ते और मजबूत जीएमपी ट्रेंड से स्पष्ट है कि प्राइमरी मार्केट में इस आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रही है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO Allotment Alert: 105x सब्सक्रिप्शन वाले आईपीओ का आज होगा अलॉटमेंट, 40% है GMP! ऐसे चेक करें स्टेटस

Augmont Enterprises IPO Allotment: बुलियन और गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेट करने वाली कंपनी ऑगमोंट एंटरप्राइज के ₹825 करोड़ के आईपीओ का आज, 27 अगस्त को अलॉटमेंट होना है। इस इश्यू को निवेशकों से बंपर रिस्पांस मिला था और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 105.78 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?

कंपनी के ऑफर पर मौजूद 77.15 लाख (77,15,999) शेयरों के मुकाबले कुल 81.61 करोड़ (81,61,83,836) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं:

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इस कैटेगरी में सबसे तगड़ा रिस्पॉन्स देखने को मिला और यह हिस्सा 226.96 गुना भरा।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 121.47 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशक: रिटेल निवेशकों का हिस्सा 30.98 गुना भरा है।

अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की तारीखें

अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 27 अगस्त 2026

रिफंड और शेयर क्रेडिट की तारीख: 28 अगस्त 2026

शेयर लिस्टिंग की तारीख: 31 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

कैसी रहा है वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 53.3% बढ़कर ₹348.3 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹227.2 करोड़ था। कंपनी का कुल राजस्व 42.2% बढ़कर ₹94,186.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹620 करोड़ में से ₹465 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए करेगी, जो इसके विशाल बुलियन ट्रेडिंग बिजनेस के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।

GMP से 40% लिस्टिंग गेन का संकेत

ग्रे मार्केट प्रीमियम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त को ऑगमोंट एंटरप्राइज के शेयर ₹315 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहे हैं। ₹788 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर ग्रे मार्केट में ₹1,103 पर लिस्ट होने का इशारा दे रहा है, जो करीब 39.97% (करीब 40%) के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।

इन 3 तरीकों से आसानी से चेक करें स्टेटस

अगर आपने भी इस आईपीओ में बोली लगाई है, तो आप अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) या बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:

1. रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) के जरिए स्टेटस देखें:

  • सबसे पहले रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट 
  • ड्रॉपडाउन सूची में से Augmont Enterprises IPO चुनें।
  • खोज विकल्प चुनें (PAN नंबर, Application Number या DP ID/Client ID)।
  • आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्टेटस देखने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।

2. BSE की वेबसाइट से अलॉटमेंट चेक करने का तरीका:

  • BSE के ऑफिशियल अलॉटमेंट पेज
  • ‘Issue Type’ में Equity का विकल्प चुनें।
  • ‘Issue Name’ की सूची से Augmont Enterprises सिलेक्ट करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • ‘I am not a robot’ पर टिक करें और Search पर क्लिक करें।

3. NSE की वेबसाइट के जरिए:

  • NSE के आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पोर्टल पर जाएं।
  • ‘Equity & SME IPO’ का चयन करें।
  • ऑगमोंट एंटरप्राइज का चुनाव कर आवश्यक एप्लीकेशन डिटेल्स भरकर स्टेटस जांचें।

लिस्टिंग पर पैसा डबल! 90x से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ ये IPO, आज है दांव लगाने का आखिरी मौका

Hy-Tech Engineers IPO Subscription: हाइड्रोलिक फिटिंग बनाने वाली कंपनी हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ को निवेशकों ने पैसों की बारिश कर दी है। अगर आप भी इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो आज, 27 अगस्त पैसे लगाने का आखिरी मौका है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, बोली के चौथे और अंतिम दिन दोपहर तक यह आईपीओ 90 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।

NII और रिटेल निवेशकों का भारी उत्साह

कंपनी के ₹136 करोड़ के आईपीओ में ऑफर पर मौजूद 1.81 करोड़ शेयरों के मुकाबले कुल 158.32 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा मांग देखी गई और यह हिस्सा 177.30 गुना भरा है।

रिटेल निवेशक: रिटेल कैटेगरी में आईपीओ 95.27 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

IPO से जुड़ी मुख्य बातें 

इश्यू साइज: ₹136 करोड़ (₹60 करोड़ का फ्रेश इश्यू + प्रमोटर्स द्वारा ₹75.73 करोड़ का ऑफर फॉर सेल)

अंतिम तिथि: 27 अगस्त, शाम 5 बजे तक

अलॉटमेंट: 28 अगस्त

लिस्टिंग डेट: 1 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।

एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए ₹40.72 करोड़

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने 8 एंकर इन्वेस्टर्स से ₹40.72 करोड़ जुटाए थे। कंपनी ने ₹53 प्रति शेयर के भाव पर 76.83 लाख शेयर अलॉट किए हैं। दिग्गज निवेशक प्रशांत खेमका के व्हाइटओक कैपिटल ने कुल एंकर अलॉटमेंट का 43% हिस्सा अकेले हासिल किया है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और फंड्स का इस्तेमाल

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा साल-दर-साल 15.15% बढ़कर ₹22.6 करोड़ रहा। ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू 17.4% बढ़कर ₹189.4 करोड़ पर पहुंच गया।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले फंड में से ₹29.96 करोड़ का इस्तेमाल कवठे, शिरवल और पीथमपुर यूनिट्स में मशीनरी खरीदने और विस्तार के लिए किया जाएगा। वहीं ₹16 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए होगा, जबकि बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होगी।

GMP में आया बंपर उछाल

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त की सुबह हाय-टेक इंजीनियर्स का शेयर ₹44 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहा है। ₹53 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह शेयर ग्रे मार्केट में 83% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। यानी लिस्टिंग पर निवेशकों का पैसा डबल हो सकता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Deepa Jewellers IPO: त्योहारी सीजन से पहले ज्वैलरी सेक्टर के इस मेगा आईपीओ में पैसे लगाने का बढ़िया मौका! प्राइस बैंड ₹168-177 तय

Deepa Jewellers IPO: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले एक और ज्वैलरी सेक्टर की कंपनी अपना आईपीओ ला रही है। हैदराबाद बेस्ड 22-कैरेट हॉलमार्क गोल्ड ज्वैलरी प्रोसेस करने और सप्लाई करने वाली कंपनी दीपा ज्वेलर्स ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड का ऐलान कर दिया है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए ₹460 करोड़ जुटाने की प्लानिंग में हैं।

फ्रेश इश्यू और OFS का गणित

दीपा ज्वेलर्स मार्केट से कुल ₹459.7 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1,701.4 करोड़ आंका गया है। कंपनी ₹250 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी करेगी। साथ ही कंपनी के प्रमोटर्स ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए ₹209.7 करोड़ के 1.18 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे।

IPO की पूरी डिटेल्स

  • प्राइस बैंड: ₹168 से ₹177 प्रति शेयर
  • एंकर बुक ओपनिंग: 31 अगस्त
  • आईपीओ ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 1- 3 सितंबर 2026
  • अलॉटमेंट: 4 सितंबर
  • लिस्टिंग: 8 सितंबर
  • न्यूनतम निवेश: अपर प्राइस बैंड पर न्यूनतम ₹14,868 के निवेश की जरूरत होगी।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और फंड्स का उपयोग

दीपा ज्वेलर्स एक संगठित बिजनेस-टू-बिजनेस(B2B) कंपनी है। यह 41 कारीगरों के नेटवर्क के जरिए आउटसोर्स मैन्युफैक्चरिंग मॉडल पर ज्वैलरी डिजाइन और प्रोसेस करवाती है। कंपनी तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में रिटेल चेन्स और स्टोर्स को अपनी सप्लाई देती है।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹250 करोड़ में से ₹215 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए किया जाएगा, जबकि बाकी बची रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होगी।

दमदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: 158% उछला मुनाफा

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन वित्तीय मोर्चे पर काफी शानदार रहा है। 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का नेट प्रॉफिट 158.2% बढ़कर ₹104.8 करोड़ पर पहुंच गया, जो बीते वर्ष (FY25) में ₹40.6 करोड़ था। इस दौरान कंपनी की कुल आय 37.9% की बढ़त के साथ ₹1,926.7 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹1,397 करोड़ थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens में लिस्टिंग पर हो जाएगा पैसा डबल! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Tempsens Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर ऐसे शानदार संकेत मिल रहे हैं कि आईपीओ निवेशकों का पैला लिस्टिंग पर ही डबल हो जाएगा। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹300 यानी 100% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को पैसा डबल हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹300 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Tempsens IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ESDS Software IPO: 28 अगस्त से खुलेगा ₹720 करोड़ का आईपीओ, GMP 58% के पार; आशीष कचोलिया का भी है निवेश

ESDS Software IPO: महाराष्ट्र की कंपनी ESDS Software Solution अपना ₹720 करोड़ का IPO ला रही है। यह 28 अगस्त को खुलेगा और 1 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड ₹408 से ₹429 प्रति शेयर तय किया है। इस कीमत पर कंपनी की वैल्यू करीब ₹5,028.3 करोड़ बैठती है।

IPO की पूरी डिटेल

यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। यानी IPO से मिलने वाला पूरा पैसा कंपनी को मिलेगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 27 अगस्त को खुलेगी। IPO का अलॉटमेंट 2 सितंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर 4 सितंबर से शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं।

कंपनी ने पहले ₹600 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। अब इश्यू का आकार बढ़ाकर ₹720 करोड़ कर दिया गया है।

रिटेल निवेशक कितना पैसा लगाएगा?

निवेशकों को कम से कम 34 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद 34 शेयर के मल्टीपल में ही बोली लगाई जा सकेगी।

अपर प्राइस बैंड ₹429 के हिसाब से रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश ₹14,586 होगा। वहीं अधिकतम निवेश करीब ₹1,89,618 तक जा सकता है।

ESDS Software IPO का GMP

ESDS Software के आईपीओ को ग्रे मार्केट में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP ₹250 रुपये है। यानी अपर प्राइस बैंड के हिसाब से निवेशकों को 58.28% का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होती है। इसलिए लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

IPO का पैसा कहां लगेगा?

ESDS Software Solution IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपने डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने में लगाएगी।

कंपनी करीब ₹576 करोड़ का इस्तेमाल क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर की खरीद और इंस्टॉलेशन पर करेगी। यह खर्च FY27 और FY28 के दौरान किया जाएगा। बाकी पैसा सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में लगाया जाएगा।

कंपनी क्या करती है?

ESDS Software Solution क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा कारोबार करती है। कंपनी GPUaaS, क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस देती है।

कंपनी का दावा है कि भारत में वह उन चुनिंदा कंपनियों में है जो इन सभी सेवाओं का पूरा स्पेक्ट्रम देती हैं। उसके डेटा सेंटर बेंगलुरु, नोएडा, नासिक और मोहाली जैसे शहरों में हैं। कोलकाता और साहिबाबाद में भी नए डेटा सेंटर बनाने की योजना है।

AI से जुड़ा बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

मार्च 2026 में ESDS Software ने ऑस्ट्रेलिया की एक neocloud AI compute कंपनी के साथ रणनीतिक समझौता किया था। यह कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती तौर पर 5 साल का है। इसे 2 साल और बढ़ाने का विकल्प भी है।

पूरे संभावित 7 साल के लिए इस समझौते की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 1.25 अरब डॉलर है। कंपनी को इस समझौते से FY27 की तीसरी तिमाही से रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

कंपनी के शेयरहोल्डर्स कौन हैं?

कंपनी के प्रमोटर्स के पास करीब 46.06% हिस्सेदारी है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 52.65% हिस्सेदारी है।

पब्लिक शेयरहोल्डर्स में मुकुल महावीर अग्रवाल की 6.99%, आशीष कचोलिया की 2.39% और Anchorage Capital Fund की 1.32% हिस्सेदारी है।

मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। FY26 में कंपनी का मुनाफा बढ़कर ₹120.8 करोड़ हो गया। FY25 में यह ₹55.6 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 30.7% बढ़कर ₹472.2 करोड़ हो गया। FY25 में रेवेन्यू ₹361.3 करोड़ था।

IPO के लिए DAM Capital Advisors और Systematix Corporate Services को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।

IPO Allotment: आईपीओ में शेयर अलॉटमेंट मिलने का चांस कैसे बढ़ाएं? ये 7 तरीके आएंगे काम

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Tempsens Instruments IPO Allotment: 184 गुना सब्सक्राइब, लेटेस्ट GMP के साथ जानिए अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Tempsens Instruments IPO Allotment: इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सेक्टर की Tempsens Instruments के IPO के लिए आज, 25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है। ₹650 करोड़ के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII की रही। इस कैटेगरी में IPO 314.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB ने 302.88 गुना बोली लगाई। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई।

Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग

कंपनी ने IPO के लिए ₹285 से ₹300 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। IPO 20 अगस्त को खुला था। 24 अगस्त को इसकी बोली बंद हो गई। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

GMP से लिस्टिंग पर कितना फायदा दिख रहा है?

Tempsens Instruments के शेयर को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। InvestorGain के मुताबिक, 25 अगस्त को इसका GMP करीब ₹317 था।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है। ऐसे में ₹317 का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹617 बनती है। यानी ₹300 के IPO Price के मुकाबले करीब 105.67% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, यह रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

Tempsens Instruments IPO अलॉट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने भी इस IPO में पैसा लगाया है, तो अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए KFin Technologies और NSE की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

KFin Technologies से कैसे चेक करें?

KFin Technologies इस IPO की Registrar है।

  • स्टेप 1: KFin Technologies की IPO Status वेबसाइट खोलें।
  • स्टेप 2: IPO की लिस्ट में Tempsens Instruments चुनें।
  • स्टेप 3: PAN, Application Number या DP ID/Client ID में से कोई विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

NSE से कैसे चेक करें?

NSE की वेबसाइट पर भी IPO से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।

  • NSE के IPO Bid Details सेक्शन में जाएं।
  • Equity और SME IPO Bid Details का विकल्प चुनें।
  • Tempsens Instruments को चुनें।
  • अपनी एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।
  • सबमिट करें और डिटेल देखें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।