Tempsens Instruments IPO Allotment: 184 गुना सब्सक्राइब, लेटेस्ट GMP के साथ जानिए अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Tempsens Instruments IPO Allotment: इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सेक्टर की Tempsens Instruments के IPO के लिए आज, 25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है। ₹650 करोड़ के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII की रही। इस कैटेगरी में IPO 314.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB ने 302.88 गुना बोली लगाई। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई।

Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग

कंपनी ने IPO के लिए ₹285 से ₹300 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। IPO 20 अगस्त को खुला था। 24 अगस्त को इसकी बोली बंद हो गई। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

GMP से लिस्टिंग पर कितना फायदा दिख रहा है?

Tempsens Instruments के शेयर को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। InvestorGain के मुताबिक, 25 अगस्त को इसका GMP करीब ₹317 था।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है। ऐसे में ₹317 का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹617 बनती है। यानी ₹300 के IPO Price के मुकाबले करीब 105.67% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, यह रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

Tempsens Instruments IPO अलॉट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने भी इस IPO में पैसा लगाया है, तो अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए KFin Technologies और NSE की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

KFin Technologies से कैसे चेक करें?

KFin Technologies इस IPO की Registrar है।

  • स्टेप 1: KFin Technologies की IPO Status वेबसाइट खोलें।
  • स्टेप 2: IPO की लिस्ट में Tempsens Instruments चुनें।
  • स्टेप 3: PAN, Application Number या DP ID/Client ID में से कोई विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

NSE से कैसे चेक करें?

NSE की वेबसाइट पर भी IPO से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।

  • NSE के IPO Bid Details सेक्शन में जाएं।
  • Equity और SME IPO Bid Details का विकल्प चुनें।
  • Tempsens Instruments को चुनें।
  • अपनी एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।
  • सबमिट करें और डिटेल देखें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GATE 2027 Registration: 27 अगस्त से शुरू होगा गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन, इस बार से डिजीलॉकर पर अकाउंट होगा अनिवार्य

GATE 2027 Registration: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास (IITM) इस हफ्ते ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करेगा। इस महीने की शुरुआत में आईआईटी मद्रास द्वारा शेयर किए गए संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 27 अगस्त, 2026 (गुरुवार) से शुरू होगी। इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद उम्मीदवारों को आधिकारिक गेट 2027 वेबसाइट, यानी gate2027.iitm.ac.in पर अपना ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।

इस बार, भारतीय नागरिकता वाले सभी इच्छुक उम्मीदवारों को डिजीलॉकर पर भी रजिस्टर करना होगा। गेट 2027 में शामिल होने के इच्छुक किसी उम्मीदवार के पास अगर अभी तक डिजीलॉकर पर वेरिफाइड अकाउंट नहीं है तो उन्हें 27 अगस्त तक ऐसा कर लेना चाहिए। उम्मीदवार यह भी ध्यान दें कि गेट ऑनलाइन एप्लिकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम्स (GOAPS) पोर्टल के जरिए गेट 2027 के लिए आवेदन करते समय उनका नाम डिजीलॉकर से वेरिफाई किया जाएगा। अगर उनके नाम में कोई गलती है, तो कैंडिडेट गेट 2027 के लिए आवेदन करने से पहले डिजीलॉकर पर उसे ठीक कर सकेंगे। नहीं तो, करेक्शन विंडो के दौरान, लागू नियमों के अनुसार इसे बदला जा सकता है।

गेट 2027 के लिए रिवाइज्ड शेड्यूल देखें

गेट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (GOAPS) शुरू होने की तारीख : 14 अगस्त, 2026

नियमित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख (बिना लेट फीस के): 27 अगस्त, 2026

बढ़ी हुई ऑनलाइन पंजीकरण की आखिरी तारीख (लेट फीस के साथ): 21 सितंबर, 2026

गेट 2027 आवेदन में सुधार करने की शुरुआती तारीख : 27 सितंबर, 2026

गेट 2027 आवेदन में सुधार करने की आखिरी तारीख : 30 सितंबर, 2026

सिटी अलॉटमेंट नोटिफिकेशन : 5 अक्टूबर, 2026

एडमिट कार्ड डाउनलोड : समय पर घोषित होगा

गेअ 2027 परीक्षा : 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी, 2027

रिजल्ट की घोषणा : 19 मार्च, 2027

गेट 2027 के लिए योग्यता

शैक्षिक योग्यता : इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स या ह्यूमैनिटीज में किसी भी सरकारी-मंज़ूर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के तीसरे साल या उससे ऊपर पढ़ रहे स्टूडेंट्स एलिजिबल हैं।

डिप्लोमा के जरिए बीई में प्रवेश लेने वाले छात्र : डिप्लोमा के बाद दूसरे साल में प्रवेश लेने वाले बीई के तीसरे साल या उससे ऊपर पढ़ रहे छात्र भी योग्य हैं।

उम्र सीमा : गेट 2027 के लिए अप्लाई करने की कोई उम्र सीमा नहीं है।

प्रयास की संख्या : कोई कैंडिडेट कितनी बार गेट के लिए आवेदन कर सकता है, इस पर कोई रोक नहीं है।

पेपर का चुनाव : कैंडिडेट बताए गए कॉम्बिनेशन में से ज्यादा से ज्यादा दो गेट 2027 पेपर चुन सकते हैं। हालांकि, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी क्वालिफाइंग डिग्री के विषय के हिसाब से सही पेपर चुनें।

गेट 2027 इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स, आर्किटेक्चर और ह्यूमैनिटीज में अंडरग्रेजुएट लेवल के विषयों के बारे में उम्मीदवारों की समझ का मूल्यांकन करने के लिए आयोजित किया जाता है। इसे आईआईएससी और आईआईटी मिलकर नेशनल कोऑर्डिनेशन बोर्ड (NCB), उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय (MoE), भारत सरकार की ओर से आयोजित करते हैं।

सफल उम्मीदवार, शिक्षा मंत्रालय द्वारा समर्थित संस्थान परास्नातक और डॉक्टोरल पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए गेट स्कोर का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही इन्हें वित्तीय मदद भी मिल सकती है, जबकि कई सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान अपने यहां भर्ती के लिए गेट स्कोर का इस्तेमाल करते हैं।

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Hy-Tech Engineers IPO: कल से खुलेगा ₹135 करोड़ का इश्यू, GMP मचा रहा धूम; निवेश से पहले जानिए 7 बड़ी बातें

Hy-Tech Engineers IPO: इंजीनियरिंग कंपनी Hy-Tech Engineers का मेनबोर्ड IPO सोमवार, 24 अगस्त से खुलेगा। ग्रे मार्केट में भी इस इश्यू को लेकर कापी उत्साह दिख रहा है। फिलहाल GMP करीब ₹25 है। यह अपर प्राइस बैंड ₹53 के मुकाबले करीब 47% की संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है।

कंपनी इंजीनियरिंग सेक्टर में हाइड्रोलिक फिटिंग्स बनाती है। पिछले तीन साल में इसका रेवेन्यू और मुनाफा दोनों बढ़े हैं। ऐसे में निवेश से पहले इसकी अहम बातें जान लेना जरूरी है।

1. प्राइस बैंड और GMP कितना है?

Hy-Tech Engineers ने IPO का प्राइस बैंड ₹50 से ₹53 प्रति शेयर रखा है। अगर ग्रे मार्केट प्रीमियम मौजूदा स्तर पर बना रहता है, तो शेयर करीब ₹78 पर लिस्ट हो सकता है। ऐसे में 47.17% का संभावित रिटर्न मिल सकता है। हालांकि GMP सिर्फ बाजार का संकेत होता है। लिस्टिंग इसी भाव पर होगी, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

2. IPO कब खुलेगा और कब बंद होगा?

यह IPO 24 अगस्त को खुलेगा और 27 अगस्त को बंद होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 28 अगस्त को होने की उम्मीद है। सफल निवेशकों के डिमैट खाते में शेयर 31 अगस्त तक आ सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग 1 सितंबर को BSE और NSE पर प्रस्तावित है।

3. कंपनी कितना पैसा जुटाएगी?

Hy-Tech Engineers कुल ₹135.73 करोड़ जुटाएगी। इसमें ₹60 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है। वहीं ₹75.73 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे। फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार के विस्तार में करेगी। यह पैसा नई मशीनें खरीदने, कावत्थे, शिरवाल और पीथमपुर यूनिट के विस्तार, कुछ कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगा।

4. रिटेल निवेशक को कितना निवेश करना होगा?

IPO का एक लॉट 283 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट खरीदने के लिए ₹14,999 लगाने होंगे। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए करीब ₹1,94,987 का निवेश करना होगा।

5. कंपनी क्या करती है?

Hy-Tech Engineers हाइड्रोलिक फिटिंग्स बनाने वाली इंजीनियरिंग कंपनी है। इसके प्रोडक्ट कई तरह के औद्योगिक इस्तेमाल में काम आते हैं। कंपनी भारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी कारोबार करती है। इस उद्योग में उसे 40 साल से ज्यादा का अनुभव है।

6. कंपनी की कमाई कैसी रही?

पिछले तीन साल में कंपनी की कमाई लगातार बढ़ी है। इसका असर मुनाफे में भी साफ दिखा है।

वित्त वर्षरेवेन्यूमुनाफा
FY24₹137.71 करोड़₹11.6 करोड़
FY25₹161.4 करोड़₹19.6 करोड़
FY26₹189.4 करोड़₹22.6 करोड़

FY24 से FY26 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 38% बढ़ा है। वहीं मुनाफा लगभग दोगुना हो गया है। इससे कंपनी की ग्रोथ मजबूत नजर आती है।

7. किसके लिए कितना रिजर्व है?

IPO में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित है। 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए रखा गया है। बाकी 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lalithaa Jewellery Listing: 66 गुना सब्सक्राइब आईपीओ, ₹201 के शेयर चमकाएंगे पोर्टफोलियो या रेड लिस्ट?

Lalithaa Jewellery Listing: आईपीओ को 66 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों की ज्वैलरी रिटेल कंपनी ललिता ज्लैवरी मार्ट के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर शानदार संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹72 यानी 35.82% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 24 अगस्त को करीब 36% का लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा।

इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹201 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार एमयूएफजी की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Lalithaa Jewellery चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट कंपनी पर क्लिक करके Lalithaa Jewellery चुनें।

पैन, एप्लीकेशन नंबर, डीपी/क्लाइंट आईडी, अकाउंट नंबर/IFSC में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Lalithaa Jewellery IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

ललिता ज्वैलरी का ₹1,700 करोड़ का आईपीओ 17-19 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 66.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 153.80 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 78.17 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.51 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 9.10 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 2,48,75,621 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर किरण कुमार जैन को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,033.23 करोड़ 10 नए स्टोर्स के सेटअप और बाकी आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Lalithaa Jewellery के बारे में

ललिता ज्वैलरी का कारोबार दक्षिण भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में मजबूती से फैला हुआ है। यह सोने, चांदी, हीरे इत्यादि के गहने बनाती है। ललिता ज्वैलरी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 67% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹1,009.82 करोड़ और टोटल इनकम 22% के सीएजीआर से ₹25,039.80 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,679.74 करोड़ पड़े थे।

आईपीओ को लेकर क्या था ब्रोकरेजेज का रुझान

एसबीआई सिक्योरिटीज ने ललिता ज्वैलरी आईपीओ को न्यूट्रल रेटिंग दी थी। ब्रोकरेज फर्म ने कहा था कि वह अभी की बजाय लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाही तक कंपनी के परफॉरमेंस को ट्रैक करेगी। आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से कंपनी की वैल्यू वित्त वर्ष 2026 की कमाई के मुकाबले 11.1 गुना पर थी जोकि ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक इंडस्ट्री पियर्स के हिसाब से है। हालांकि हेजिंग पॉलिसी नहीं होने को एक रिस्क बताया था। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक गोल्ड के भाव स्थिर होने पर कंपनी का मार्जिन कम हो सकता है।

एक और ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट ने ललिता ज्वैलरी को सब्सक्राइब रेटिंग दी थी। ब्रोकरेज फर्म ने लिस्टिंग गेन के साथ-साथ रिस्क उठा सकने वाले निवेशकों को लॉन्ग टर्म के लिए पैसे लगाने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक कल्याण ज्लैवर्स (Kalyan Jewellers) और टाइटन (Titan) जैसे दिग्गजों के मुकाबले P/E बेसिस पर यह आईपीओ 75% डिस्काउंट पर है। इसके अलावा ब्रोकरेज फर्म ने ₹1066 करोड़ के जीएसटी विवाद और प्रमोटर से जुड़े मामले को अहम रिस्क के तौर पर जिक्र किया है लेकिन यह भी कहा कि टैक्स से जुड़े पुराने मामले काफी हद तक सुलझ चुके हैं।

Horizon Industrial Parks लगातार घाटे में, अब ग्रे मार्केट से लिस्टिंग को लेकर मिल रहे ये संकेत

Tempsens Instruments IPO: लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे के संकेत, ग्रे मार्केट में 107% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा शेयर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Horizon Industrial Parks लगातार घाटे में, अब ग्रे मार्केट में ऐसी है शेयरों की हालत

Horizon Industrial Parks Listing: इनकम में उछाल के बावजूद लगातार घाटे में चल रही होरीजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स का आईपीओ दो गुना से कम सब्सक्राइब हो पाया। ग्रे मार्केट से भी इसके शेयरों की ढाई फीसदी प्रीमियम पर ही लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹1.5 यानी 2.50% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 2.5% का लिस्टिंग गेन मिल सकता है। इसके शेयर कल 24 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹60 के भाव पर जारी हुए हैं। एंप्लॉयीज को हर शेयर पर ₹5 का डिस्काउंट मिला है। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Horizon Industrial Parks चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Horizon Industrial Parks चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Horizon Industrial Parks IPO को मिला था सुस्त रिस्पांस

होरिजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स का ₹2,600 करोड़ का आईपीओ 17-19 अगस्त तक खुला था। यह इश्यू ओवरऑल 1.52 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.94 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.03 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.02 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.64 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 43,34,09,090 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹2,250.00 कंपनी और इसकी पूर्ण मालिकाना हक वाली कुछ सब्सिडरीज का कर्ज हल्का करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Horizon Industrial Parks के बारे में

जीएलएल रिपोर्ट के मुताबिक नेटवर्क के हिसाब से ब्लैकस्टोन के निवेश वाली होरीजोन इंडस्ट्रियल पार्क्स देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स इंफ्रा डेवलपर है। कंपनी के आईपीओ ड्राफ्ट के मुताबिक इसके पास देश के 10 बड़े शहरों में कुल 5.80 स्क्वेयर फीट में फैले हुए 45 लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल एसेट्स हैं। यह बड़ी-बड़ी कंपनियों के लिए बड़े और नए जमाने के हिसाब से वेयरहाउसेज और इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज बनाती है और फिर उन्हें किराए पर देती है।

इसके पास मुख्य रूप से तीन एसेट्स हैं- ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, रिटेल और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के इस्तेमाल के लिए फुलफिलमेंट सेंटर्स (वेयरहाउसिंग); मैन्युफैक्चरिंग, ईवी, रिन्यूएबल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो इत्यादि के लिए इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज; और लास्ट-माइल डिलीवरी के लिए इन-सिटी सेंटर्स जिनका इस्तेमाल डार्क स्टोर्स, फार्मा, क्लाउड किचन, रिटेल और सर्विस बिजनेस में होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले तीन वित्त वर्षों से इनकम में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद इसका घाटा लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹162.21 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जोकि वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹178.78 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹203.65 करोड़ पर पहुंच गया तो दूसरी तरफ इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना करीब 77% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹767.84 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹6,884.34 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹3,214.54 करोड़ पड़े थे।

Lalithaa Jewellery Listing: 66 गुना सब्सक्राइब आईपीओ, ₹201 के शेयर चमकाएंगे पोर्टफोलियो या रेड लिस्ट?

Tempsens Instruments IPO: लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे के संकेत, ग्रे मार्केट में 107% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा शेयर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens Instruments IPO: लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे के संकेत, ग्रे मार्केट में 107% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है शेयर

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) का ₹650 करोड़ का IPO 20 अगस्त को खुला था। अभी तक यह 21.69 गुना भर चुका है। इसमें 24 अगस्त को भी पैसे लगाए जा सकेंगे। उसके बाद अलॉटमेंट 25 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 28 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं। स्टॉक मार्केट में कंपनी की शुरुआत धांसू रहने के संकेत हैं। ग्रे मार्केट में शेयर 107 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। मतलब कि IPO निवेशकों को तगड़ा मुनाफा हो सकता है।

लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट के संकेत लिस्टिंग डे पर सच हो जाएं। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। Tempsens Instruments IPO के लिए प्राइस बैंड ₹285-₹300 प्रति शेयर और लॉट साइज 50 शेयर है। IPO में ₹95 करोड़ के 32 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं। साथ ही प्रमोटर्स और मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹555 करोड़ के 1.85 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल है।

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (इंडिया) लिमिटेड एक थर्मल इंजीनियरिंग कंपनी और खास तरह के केबल बनाने वाली कंपनी है। यह कस्टमाइज्ड टेंपरेचर सेंसिंग सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और खास तरह के केबल की डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। कंपनी के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं। कंपनी कॉन्टैक्ट और नॉन कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाती है।

किस कैटेगरी में अब तक कितना सब्सक्रिप्शन

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा अभी तक 3.31 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 52.98 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 18.73 गुना और कर्मचारियों के लिए रिजर्व हिस्सा 28.93 गुना भर चुका है। IPO के लिए ICICI Securities Ltd और JM Financial बु​क रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

Skyways Air Services IPO: ₹583 करोड़ के इश्यू के​ लिए ₹131-₹138 है प्राइस बैंड, 24 अगस्त से लगा सकेंगे पैसे

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल सॉल्यूशंस को लेकर पूंजीगत खर्च के लिए, कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट कामों के लिए करेगी। IPO की ओपनिंग से पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹194.55 करोड़ जुटाए। IPO में ₹1.5 करोड़ के शेयर कंपनी के कर्मचारियों के लिए रिजर्व हैं। बाकी ​बचे हिस्से में से 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Tempsens Instruments की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 19 प्रतिशत बढ़कर ₹455.86 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹71 करोड़ रहा। ​एक साल पहले रेवेन्यू ₹382.47 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹62.56 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स पर ₹77.95 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Skyways Air Services IPO: ₹583 करोड़ के इश्यू के​ लिए ₹131-₹138 है प्राइस बैंड, 24 अगस्त से लगा सकेंगे पैसे

मेनबोर्ड सेगमेंट में स्काईवेज एयर सर्विसेज का IPO 24 अगस्त को खुलने वाला है। कंपनी का इरादा ₹582.80 करोड़ जुटाने का है। इस इश्यू में ₹398.80 करोड़ के 2.89 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹184 करोड़ के 1.33 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर यशपाल शर्मा, तरुण शर्मा और निवेशक हिमांशु छाबड़ा, रोहित सहगल शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। IPO में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹131-₹138 प्रति शेयर है। लॉट साइज 100 शेयर है।

इश्यू की क्लोजिंग 27 अगस्त को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 28 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 1 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। IPO के लिए होलानी कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, शैनोन एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड और दौलत फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है।

क्या करती है Skyways Air Services

स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड (SASL) एक जानी-मानी लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग कंपनी है। एक फ्रेट फॉरवर्डिंग कंपनी लॉजिस्टिक्स मैनेजर की तरह काम करती है। ऐसी कंपनी आमतौर पर खुद माल को एक जगह से दूसरी जगह नहीं ले जाती, बल्कि ग्राहक की ओर से माल ढोने की जगह (शिपमेंट स्पेस) बुक करती है, सीमा शुल्क की प्रक्रिया संभालती है और अलग-अलग परिवहन कंपनियों के जरिए माल को हवाई, समुद्री, सड़क या रेल मार्ग से पहुंचाने की व्यवस्था करती है।

SASL लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई तरह की सेवाएं देती है, जैसे कि एयर और ओशन फ्रेट फॉरवर्डिंग, ट्रकिंग, कस्टम्स ब्रोकिंग, वेयरहाउसिंग, टेक्नोलॉजी पर बेस्ड एक्सप्रेस कार्गो और पार्सल डिलीवरी, और अन्य वैल्यू-एडेड सेवाएं। कंपनी की बाजार में मजबूत स्थिति और ग्लोबल कनेक्टिविटी है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

SASL अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल अपना और अपनी सब्सिडियरी Forin Container Line Pvt.Ltd. का कर्ज चुकाने के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इस पब्लिक इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Lumino Industries IPO: ₹700 करोड़ का एक और इश्यू, 27 अगस्त को ओपनिंग; ग्रे मार्केट में अभी से 56% चढ़ा शेयर

कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹174.54 करोड़ जुटाए। BSE पर अपलोड किए गए ​सर्कुलर के मुताबिक, SASL ने ₹138 प्रति शेयर के भाव पर 17 एंकर इनवेस्टर्स को 1.26 करोड़ शेयर एलोकेट किए। एंकर बुक में नोमुरा सिंगापुर, सिटी ग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरिशस, होलानी वेंचर कैपिटल फंड-I, इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस और ASAS ग्लोबल फंड जैसे दिग्गजों ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा, बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड और टॉरस एसेट मैनेजमेंट ने 6 स्कीम्स के जरिए निवेश किया। उन्हें ₹69.69 करोड़ के 50.5 लाख शेयर अलॉट किए गए।

कंपनी की वित्तीय सेहत

SASL का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 25 प्रतिशत बढ़कर ₹2,839.67 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹63.52 करोड़ रहा। एक साल पहले रेवेन्यू ₹2,270.99 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹48.14 करोड़ रहा था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹624 करोड़ की उधारी थी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 26.81 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lumino Industries IPO: ₹700 करोड़ का एक और इश्यू, 27 अगस्त को ओपनिंग; ग्रे मार्केट में अभी से 56% चढ़ा शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹700 करोड़ का एक और IPO खुलने जा रहा है। कंपनी है- ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज। IPO की ओपनिंग 27 अगस्त को होगी। इसमें करीब ₹500 करोड़ के 6.10 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही लगभग ₹200 करोड़ के 2.44 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर देवेंद्र गोयल और जय गोयल शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। इश्यू में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹78-₹82 प्रति शेयर है। लॉट साइज 182 शेयर है। IPO 31 अगस्त को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 1 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 3 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। एंकर निवेशक 25 अगस्त को बोली लगा सकेंगे।

ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है। इसका फोकस पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए कंडक्टर, पावर केबल, इलेक्ट्रिकल वायर और खास तरह के प्रोडक्ट बनाने और उनकी सप्लाई करने पर है। कंपनी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों में इस्तेमाल होने वाले हाई-टेंपरेचर लो-सैग (HTLS) कंडक्टर भी बनाती है।

इसके मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में एल्युमीनियम कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर शामिल हैं। वहीं EPC बिजनेस में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशनए HTLS री-कंडक्टरिंग, EHV सबस्टेशन, सोलर पावर प्रोजेक्ट और वॉटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शामिल हैं। ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज अपने प्रोडक्ट भारत की बड़ी EPC कंपनियों को सप्लाई करती है और इंटरनेशनल ग्राहकों को भी सेवाएं देती है।

IPO में कितना हिस्सा ​किसके लिए रिजर्व

इस IPO के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, JM फाइनेंशियल और मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है। IPO में 10 करोड़ रुपये के शेयर कंपनी के कर्मचारियों के लिए रिजर्व हैं। बाकी बचे इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Lumino Industries कैसे इस्तेमाल करेगी IPO के पैसे

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इसके अलावा मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए उपकरणों और मशीनरी की खरीद, सिविल वर्क और इंटीरियर डेवलप करने के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल होगा। बाकी बचे पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेंगे।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 7 प्रतिशत बढ़कर ₹2,089.31 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,946.68 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹124.59 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹384.16 करोड़ की उधारी थी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर अभी से 56.10 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हर एक शेयर पर 2 नए शेयर फ्री, फायदा पाना है तो आज 20 अगस्त को आखिरी मौका; 6 महीनों में कीमत 21% चढ़ी

गुड लक इंडिया लिमिटेड के शेयर में आज, 20 अगस्त को शानदार तेजी है। दिन में शेयर की कीमत BSE पर लगभग 8.5 प्रतिशत तक चढ़कर 1477.45 रुपये के हाई तक गई। दरअसल कंपनी बोनस शेयर बांटने जा रही है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे होंगे, वे बोनस शेयरों के हकदार होंगे।

इसका मतलब यह हुआ कि अगर कोई बोनस शेयर पाना चाहता है लेकिन अभी तक शेयरहोल्डर नहीं है तो उसे आज, 20 अगस्त को ट्रेडिंग खत्म होने से पहले गुड लक इंडिया के शेयर खरीदने होंगे। इसलिए शेयर में जमकर पैसे लगाए जा रहे हैं। कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 1 शेयर पर 2 नए शेयर बोनस के तौर पर देगी।

बोनस शेयरों के अलॉटमेंट की तारीख 24 अगस्त है। इनमें 25 अगस्त से ट्रेडिंग की जा सकेगी। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। इस बोनस इश्यू की घोषणा जुलाई महीने में हुई थी। गुड लंक इंडिया पहली बार बोनस शेयर देने वाली है।

क्या करती है कंपनी

गुडलक इंडिया लिमिटेड कई तरह के ERW स्टील पाइप, हॉलो सेक्शंस, CR कॉइल्स, CRCA शीट्स और पाइप, गैल्वेनाइज्ड कॉइल्स, CDW ट्यूब, फोर्जिंग और फ्लैंज बनाने और एक्सपोर्ट करने का काम करती है। कंपनी टेलीकॉम और ट्रांसमिशन लाइन टावर, सबस्टेशन स्ट्रक्चर, सड़क व रेलवे के लिए पुल और सड़क सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराती है।

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अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,205.94 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 49.66 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4,067.71 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 173.45 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Goodluck India का शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत उछला

कंपनी का मार्केट कैप 4800 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। 6 महीनों में कीमत 21 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 38 प्रतिशत उछली है। 2 साल में शेयर 64 प्रतिशत और 3 साल में 162 प्रतिशत की तेजी देख चुका है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NEET UG 2026 Counselling: जारी नहीं हुआ है नीट यूजी राउंड 1 काउंसलिंग रिजल्ट, एमसीसी 21 अगस्त को जारी करेगा मेरिट लिस्ट

NEET UG 2026 Counselling: नीट यूजी 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन करने और चॉइस लॉकिंग प्रक्रिया से गुजरने के बाद छात्र अब पहले राउंड के काउंसलिंग परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। इस मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद छात्र अपने आवंटित कॉलेज या संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे और अपनी सीट पक्की करेंगे। लेकिन मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) अंडरग्रेजुएट (UG) काउंसलिंग 2026 के पहले राउंड के रिजल्ट की तारीख बदलने का फैसला किया है।

नई घोषणा के अनुसार, नीट यूजी 2026 काउंसलिंग राउंड 1 का रिजल्ट अब 21 अगस्त को घोषित किया जाएगा। सीट आवंटन के बाद, अगर कैंडिडेट आवंटित सीट स्वीकार करते हैं, तो उन्हें 22 से 31, 2026 तक आवंटित संस्थान में रिपोर्ट करना होगा। नए कार्यक्रम के अनुसार, डेटा का वेरिफिकेशन 1 सितंबर को किया जाएगा। एमसीसी ने यह भी घोषणा की है कि राउंड 1 स्टेट काउंसलिंग प्रोसेस अब 27 अगस्त तक जारी रहेगा।

मेडिकल बॉडी ने कहा कि टाइम शेड्यूल का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित करने और काउंसलिंग आयोजित करने के लिए उपलब्ध सीमित समय को ध्यान में रखते हुए, सभी भाग लेने वाले इंस्टीट्यूट और कॉलेजों को सभी शनिवार, रविवार और गजेटेड छुट्टियों को वर्किंग डे मानने का निर्देश दिया गया है। बदला हुआ काउंसलिंग शेड्यूल कमेटी की ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in पर उपलब्ध है। अगर किसी कैंडिडेट को सीट अलॉट हो जाती है, तो वे अपनी पसंद के हिसाब से अपना अलॉटमेंट फ्रीज या फ्लोट कर सकते हैं।

जो लोग सीट अपग्रेडेशन के लिए बाद के काउंसलिंग राउंड में हिस्सा लेने के लिए ‘फ्लोट’ ऑप्शन चुनते हैं, वे तय समयसीमा के अंदर ऑनलाइन मोड से दस्तावेज सत्यापन समेत प्रवेश की औपचारिकता पूरी कर सकेंगे। इस दौरान, उन्हें आवंटित किए गए संस्थान में फिजिकली रिपोर्ट करने, मूल दस्तावेज जमा करने या प्रवेश फीस देने की जरूरत नहीं होगी। इस साल लाए गए सुधारों के मुताबिक, जब तक वे बाद के काउंसलिंग राउंड में हिस्सा नहीं लेते, तब तक उनका अस्थायी प्रवेश वैध रहेगा।

आगे क्या?

अगर नीट यूजी काउंसलिंग राउंड 1 के बाद कोई सीट अलॉट नहीं होती है, तो कैंडिडेट नीट 2026 काउंसलिंग के अगले राउंड में हिस्सा लेने के लिए योग्य हो जाएंगे। अगर किसी कैंडिडेट को सीट अलॉट हो जाती है, तो वे अपनी पसंद के हिसाब से अपना अलॉटमेंट फ्रीज या फ्लोट कर सकते हैं। मेडिकल कमिटी के बताए गए नए नियमों के मुताबिक, अपग्रेडेशन चुनने वाले कैंडिडेट को फिजिकल रिपोर्टिंग की जरूरत नहीं है।

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