RentoMojo IPO: 72 गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू, GMP मचा रहा धूम; जानिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने का पूरा प्रोसेस

RentoMojo IPO : रेंटल टेक्नोलॉजी कंपनी RentoMojo IPO 9 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक खुला था। इश्यू को कुल 72.84 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹384 से ₹404 रखा था। IPO का कुल साइज करीब ₹1,255.57 करोड़ है।

इसमें ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू और करीब ₹1,105.57 करोड़ का OFS शामिल है। RentoMojo लोगों को फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, गाड़ी और दूसरे लाइफस्टाइल प्रोडक्ट खरीदने के बजाय मासिक किराये पर लेने की सुविधा देती है।

RentoMojo IPO का अलॉटमेंट

इस आईपीओ का अलॉटमेंट सोमवार, 14 सितंबर को हो सकता था। लेकिन सोमवार को गणेश चतुर्थी के चलते शेयर बाजार बंद है।

इसलिए अब अलॉटमेंट 15 सितंबर को होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट अकाउंट में शेयर 16 सितंबर को क्रेडिट हो सकते हैं। कंपनी के शेयर की 17 सितंबर को NSE और BSE पर लिस्टिंग संभावित है।

RentoMojo IPO का लेटेस्ट GMP

ग्रे मार्केट में भी RentoMojo IPO को काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP ₹151 है। यह अपर प्राइस बैंड से 37.38% लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP अनऑफिशियल मार्केट का संकेत है। इसमें कभी भी बदलाव हो सकता है। इसलिए इसे शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

KFin Technologies पर ऐसे चेक करें

  • KFin Technologies की IPO allotment वेबसाइट खोलें।
  • IPO की लिस्ट में RentoMojo चुनें।
  • PAN, एप्लिकेशन नंबर या DP ID/Client ID में से कोई एक विकल्प चुनें।
  • अपनी डिटेल दर्ज करें और सबमिट करें।
  • स्क्रीन पर आपका अलॉटमेंट स्टेटस दिख जाएगा।

NSE पर ऐसे चेक करें

  • NSE की IPO एप्लिकेशन स्टेटस वेबसाइट पर जाएं।
  • RentoMojo IPO चुनें।
  • जरूरी एप्लिकेशन डिटेल्स दर्ज करें।
  • सबमिट पर क्लिक करें।
  • स्क्रीन पर शेयर अलॉटमेंट की जानकारी मिल जाएगी।

Hero Motors IPO: 16 सितंबर को खुलेगा ₹1000 करोड़ का इश्यू, जानिए GMP, प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

NSE IPO : 17 सितंबर में खुल रहे इश्यू में पैसा लगाएं या नहीं? जानिए ब्रोकरेज की राय, जोखिम और लेटेस्ट GMP

NSE IPO: कई साल के इंतजार के बाद देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का अब IPO आने वाला है। NSE का IPO 17 सितंबर 2026 को खुलेगा। यह 21 सितंबर को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है।

यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी IPO से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं मिलेगा। खर्च और टैक्स घटाने के बाद पूरी रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी। IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को हो सकता है। वहीं, लिस्टिंग 24 सितंबर को होने की संभावना है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर को होगी।

NSE IPO का लेटेस्ट GMP

ग्रे मार्केट में NSE IPO के GMP में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। यह शुरुआत में ₹310 के आसपास था। लेकिन, अब घटकर ₹192 पर आ गया है। ये अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 11.71% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि GMP को लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए। ये बस आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है।

NSE IPO की अहम डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO कब खुलेगा17 सितंबर 2026
IPO कब बंद होगा21 सितंबर 2026
प्राइस बैंड₹1,700-₹1,785
लॉट साइज8 शेयर
न्यूनतम निवेश₹14,280
इश्यू का प्रकार100% OFS
संभावित लिस्टिंग24 सितंबर 2026
कुल इश्यू साइजकरीब ₹22,569 करोड़ तक
कर्मचारी छूट₹170 प्रति शेयर

NSE IPO पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज हाउस SAMCO Securities ने NSE IPO पर Subscribe की सलाह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह IPO अच्छा मौका हो सकता है। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर NSE का वैल्यूएशन FY2026 की कमाई का 42.89 गुना है।

SAMCO के मुताबिक NSE की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत मार्केट पोजिशन है। NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसके पास बड़ा निवेशक बेस है। टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत है। इसके अलावा कंपनी के पास अपना क्लियरिंग सिस्टम है। बैलेंस शीट भी मजबूत है। कंपनी पर फंड-बेस्ड कर्ज भी नहीं है।

NSE IPO में क्या जोखिम हैं?

NSE के लिए सबसे बड़ा जोखिम डेरिवेटिव्स पर ज्यादा निर्भरता है। FY2026 में सिर्फ ऑप्शंस से 60.22% रेवेन्यू आया था। ऐसे में नियमों में बदलाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है। एक और चिंता इक्विटी ऑप्शंस में NSE की घटती हिस्सेदारी है। FY2024 में यह 96.86% थी। Q1 FY2027 में यह घटकर 68.48% रह गई।

कंपनी का रेवेन्यू कुछ बड़े ट्रेडिंग मेंबर्स पर भी निर्भर है। Q1 FY2027 में टॉप 10 ट्रेडिंग मेंबर्स से 47% रेवेन्यू आया। अगर इनमें से बड़े सदस्य दूसरी जगह चले जाते हैं या उनकी ट्रेडिंग गतिविधि घटती है, तो NSE के कारोबार पर असर पड़ सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Pranav Constructions IPO को 126 गुना बोली, अब ग्रे मार्केट से 15 सितंबर को तगड़ी लिस्टिंग के संकेत

Pranav Constructions IPO: ग्रेटर मुंबई में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम करने वाली प्रणव कंस्ट्रक्शंस के आईपीओ को निवेशकों को धांसू रिस्पांस मिला था। तीन दिनों में इसका ₹351 करोड़ का आईपाीओ 126 गुना से अधिक भरा था। अब 10 सितंबर को शेयरों के अलॉटमेंट के बाद 15 सितंबर को लिस्टिंग का इंतजार है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से मजबूत संकेत मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) फिलहाल ₹48 यानी 38.71% है यानी कि बीएसई और एनएसई पर इसके शेयरों की करीब 39% प्रीमियम पर एंट्री हो सकती है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक जीएमपी की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Pranav Constructions IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ₹351 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 7-9 सितंबर तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹118-₹124 था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 126.34 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 268.54 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 217.73 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 45.31 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹316 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28,56,869 शेयर यानी ₹35 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला हैं। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹145.72 करोड़ रीडेवलपमेंट से जुड़े सभी खर्चों, ₹91.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹42.57 करोड़ भविष्य के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण की फंडिंग और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों, और ₹40.31 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Pranav Constructions के बारे में

प्रणव कंस्ट्रक्शंस एक रियल एस्टेट कंपनी है जो ग्रेटर मुंबई में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका फोकस वेस्टर्न सबअर्ब्स पर है। यह रीडेवलपमेंट कंपनी है यानी कि इसका मुख्य बिजनेस जमीन खरीदकर उस पर बिल्डिंग बनाना नहीं बल्कि मौजूदा पुरानी सोसायटी/प्रॉपर्टी को फिर से डेवलप करना है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से इसके 28 प्रोडेक्ट्स पूरे हो चुके हैं, 20 पर काम चल रहा है तो 17 पर काम अभी शुरू होना है। यह कम कीमत वाले घरों से लेकर प्रीमियम सेगमेंट के भी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 34% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.32 करोड़ और टोटल इनकम 30% से अधिक के सीएजीआर से ₹763.93 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹258.44 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹159.52 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO का एंकरबुक, सबसे अधिक बोली लगा सकती है LIC, ये दिग्गज भी कतार में

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार खत्म होने वाला है और जल्द ही यह खुलने वाला है। अब सामने आ रहा है कि इसके एंकरबुक में सबसे अधिक पैसा देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) लगा सकती है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। हालांकि इसे लेकर अभी बातचीत चल रही है और इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। एक सूत्र के मुताबिक एआईसी के बाद सबसे अधिक शेयर नॉर्वे के नॉर्गेस बैंक (Norges Bank) को मिल सकते हैं। हालांकि एंकर निवेशकों का अलॉटमेंट अभी तय नहीं हुआ है और इसमें बदलाव हो सकता है।

एक दूसरे सूत्र का कहना है कि ADAI (अबू धाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी), दिग्गज यूरोपीय निवेशक कार्मिग्नैक (Carmignac), अबूधाबी की लुनाटे (Lunate), जीआईसी और फिडेलिटी भी बातचीत कर रही है और एंकरबुक के तहत बड़ी बोली लगा सकती है। एक तीसरे शख्स ने बताया कि एसबीआई पेंशन, एसबीआई लाइफ और एचडीएफसी लाइफ भी इसमें पैसे डाल सकते हैं और चूंकि यह एक बड़ा आईपीओ है तो दुनिया के प्रमुख हेज फंड्स के भी इसमें हिस्सा लेने और बड़े निवेश की उम्मीद है।

16 सितंबर को खुलेगा NSE का एंकर बुक

इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के लिए एनएसई का एंकर बुक 16 सितंबर को खुलेगा। इसके बाद पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए यह 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर तक खुला रहेगा। इसका ₹22,561.5 करोड़ का आईपीओ ₹1700-₹1785 के प्राइस बैंड में खुलेगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड और एरांडा इंवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) समेत 10 मौजूदा शेयरहोल्डर्स 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे।

मार्केट में कैसी है स्थिति

टर्नओवर के हिसाब से एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer Report के मुताबिक जून तिमाही के आखिरी में एनएसई की कैश मार्केट में 93.05%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.72%, इक्विटी ऑप्शंस में 68.48%, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स में 100% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी थी। वर्ल्ड फेडेरेशन ऑफ एक्सचेंजेज के मुताबिक वित्त विर्ष 2026 में दुनिया के अहम लिस्टेड स्टॉक एक्सचेंजों की तुलना में एनएसई सबसे बड़ा मल्टी-एसेट क्लास एक्सचेंज था। कैश इक्विटीज में ट्रेड्स की संख्या के आधार पर एनएसई की वैश्विक मार्केट में 11.38% और इक्विटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट्स के आधार पर 51.18% हिस्सेदारी थी।

कैसी है सेहत

वित्तीय मोर्चे पर एनएसई की सेहत पिछले वित्त वर्ष कमजोर हुई। वित्त वर्ष 2026 में एनएसई का मुनाफा 15.5% गिरकर ₹10,302.1 करोड़ और रेवेन्यू 3.1% घटकर ₹16,601.3 करोड़ पर आ गया। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बात करें तो जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एनएसई का मुनाफा 6.7% बढ़कर ₹3,120.1 करोड़ और रेवेन्यू 13.1% चढ़कर ₹4,560.4 करोड़ पर पहुंच गया।

NSE के शेयर लिस्ट होते ही बन सकते हैं रॉकेट, एक्सपर्ट ने बताई कहां तक जा सकती है कीमत

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

A-One Steels IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹405 करोड़ का एक और इश्यू, रहेंगे ₹355 करोड़ के नए शेयर

देश के IPO मार्केट में पिछले कुछ वक्त से हलचल काफी तेज है। एक ​के बाद एक बड़ी संख्या में पब्लिक इश्यू लॉन्च हो रहे हैं। मेनबोर्ड सेगमेंट में भी लगातार नए IPO आ रहे हैं। इसी कड़ी में जल्द ही A-One Steels India का नाम भी जुड़ने वाला है। कंपनी ₹405 करोड़ का इश्यू लॉन्च करने जा रही है। यह 24 सितंबर को खुलेगा और 28 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड और लॉट साइज तय होना अभी बाकी है। IPO में ₹355 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹50 करोड़ का ऑफर फॉर सेल रहेगा, जिसमें कंपनी के प्रमोटर संदीप कुमार, सुनील जालान और कृष्ण कुमार जालान शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

इस IPO में एंकर निवेशक 23 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 29 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 1 अक्टूबर को हो सकती है। इस इश्यू के लिए PL कैपिटल मार्केट्स और खंबाटा सिक्योरिटीज बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज है।

A-One Steels IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए ​किया जाएगा।

क्या करती है कंपनी

A-one Steels India Limited एक बैकवर्ड-इंटीग्रेटेड स्टील मैन्युफैक्चरर है। यह लंबे और फ्लैट स्टील प्रोडक्ट्स के साथ-साथ स्टील बनाने में इस्तेमाल होने वाले इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स की भी पेशकश करती है। कंपनी MS बिलेट्स से HR और CR कॉइल बनाती है, जिन्हें बाद में HR पाइप, CR पाइप और गैल्वेनाइज्ड ट्यूब में बदला जाता है। यह लंबे स्टील प्रोडक्ट्स के तौर पर MS बिलेट्स से TMT बार भी बनाती है। कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में होता है, जैसे कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर प्लांट, बांध, एयरपोर्ट, पुल, फ्लाईओवर, स्टेडियम, हाइवे, मरीन स्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल बिल्डिंग और ऊंची रिहायशी इमारतें।

Jindal Supreme IPO: ₹125 करोड़ का इश्यू 16 सितंबर से, ग्रे मार्केट में अभी से भागा शेयर; चेक करें प्राइस बैंड

कंपनी मेट कोक और सिलिकॉन मैंगनीज/फेरोसिलिकॉन जैसे इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट भी बनाती है, जिन्हें खुले बाजार में बेचा जाता है। स्टील इंडस्ट्री में एलॉयिंग (मिश्र धातु बनाने) के लिए फेरोसिलिकॉन बहुत जरूरी है। A-one Steels की 6 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जिनमें से 5 कर्नाटक में गौरीबिदानूर, बेल्लारी, कोप्पल, चिक्कंतापुर में हैं। एक यूनिट आंध्र प्रदेश के हिंदूपुर में है।

A-One Steels की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 18 प्रतिशत बढ़कर ₹4,202 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 1552 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹127.41 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹1,010.94 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू ₹3,569.63 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹7.71 करोड़ रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jindal Supreme IPO: ₹125 करोड़ का इश्यू 16 सितंबर से, ग्रे मार्केट में अभी से भागा शेयर; चेक करें प्राइस बैंड

स्टील सेक्टर की कंपनी जिंदल सुप्रीम (इंडिया) का IPO 16 सितंबर से खुलने जा रहा है। कंपनी का इरादा ₹124.88 करोड़ जुटाने का है। इस पब्लिक इश्यू में ₹99.89 करोड़ के 1.07 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹24.99 करोड़ के 26.87 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहेगा, जिसमें कंपनी की प्रमोटर VVJ Enterprise Pvt. Ltd. शेयरों को बिक्री के लिए रखेगी। IPO के लिए प्राइस बैंड ₹88-₹93 प्रति शेयर और लॉट साइज 161 शेयर है।

इश्यू की क्लोजिंग 18 सितंबर को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं। इस पब्लिक इश्यू के लिए Sarthi Capital Advisors बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Bigshare Services है। Jindal Supreme के पब्लिक इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

क्या करती है कंपनी

जिंदल सुप्रीम (इंडिया) लिमिटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल कामों के लिए स्टील पाइप, ट्यूब और दूसरे स्टील प्रोडक्ट्स बनाती और सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स में माइल्ड स्टील ब्लैक पाइप और ट्यूब, गैल्वेनाइज्ड पाइप, मेटल बीम क्रैश बैरियर और गैल्वेनाइज्ड आयरन ट्यूबलर पोल शामिल हैं। ये प्रोडक्ट लागू भारतीय मानकों के अनुसार अलग-अलग साइज में बनाए जाते हैं। इनका इस्तेमाल पानी की सप्लाई और प्लंबिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन, सड़कों और हाईवे, पुलों, तेल व गैस, केमिकल, खेती और ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने जैसे कई कामों में किया जाता है। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हरियाणा के हिसार में है। कंपनी के प्रमोटर अभिषेक जिंदल और सोनम जिंदल हैं।

Rentomojo IPO: ₹1256 करोड़ का इश्यू 73 गुना भरकर बंद, 37% मुनाफे में हो सकती है लिस्टिंग! ग्रे मार्केट से संकेत

Jindal Supreme की वित्तीय सेहत

कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹191 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹8.28 करोड़ रहा। इस बीच उधारी ₹92.46 करोड़ की थी। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 12 प्रतिशत बढ़कर ₹675.94 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 7 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹22.53 करोड़ रहा। जिंदल सुप्रीम अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। ग्रे मार्केट में शेयर अभी से 22.58 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rentomojo IPO: ₹1256 करोड़ का इश्यू 73 गुना भरकर बंद, 37% मुनाफे में हो सकती है लिस्टिंग! ग्रे मार्केट से संकेत

फर्नीचर, अप्लायंसेज किराए पर देने वाली कंपनी रेंटोमोजो का ₹1,255.57 करोड़ का IPO 11 सितंबर को बंद हो गया। इसे कुल 72.89 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 177.29 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 67.93 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 15.62 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 21.03 गुना भरा। यह 9 सितंबर को खुला था और प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर था।

अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। लिस्टिंग अच्छे मुनाफे में होने की उम्मीद है। ग्रे मार्केट में रेंटोमोजो का शेयर 36.63 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

रेंटोमोजो ग्राहकों को घर के फर्नीचर और अप्लायंसेज के लिए किफायती, फ्लेक्सिबल और लॉन्ग टर्म सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध कराती है। इसके प्रोडक्ट्स में घर की जरूरी चीजें जैसे बेड, गद्दे, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, अलमारी, सोफा, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन, वॉटर प्योरिफायर आदि शामिल हैं।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

रेंटोमोजो अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए, वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लिए लीज रेंटल/लाइसेंस फीस का पेमेंट करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। IPO में ₹150 करोड़ के 37.15 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹1,105.57 करोड़ के 2.74 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। OFS में कंपनी के प्रमोटर गीतांश बामनिया के साथ-साथ एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस), एडलवाइस डिस्कवरी फंड-सीरीज I, IDG वेंचर्स इंडिया फंड III LLC, वैल्यू क्वेस्ट S.C.A.L.E. फंड, मैडिसन इंडिया, चिराटे वेंचर्स, GMO पेमेंट गेटवे समेत कई निवेशकों ने शेयरों को बिक्री के लिए रखा। कंपनी ने IPO खुलने से पहले एंकर निवेशकों से ₹376.07 करोड़ जुटाए।

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Rentomojo की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 394 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 142 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 104.30 करोड़ रुपये रहा। इस बीच रेंटोमोजो पर 187.59 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 271.96 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sonaselection India IPO: 17 सितंबर को ओपनिंग, ₹142 करोड़ का है इश्यू; चेक करें प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट

मेनबोर्ड सेगमेंट में सोना सि​लेक्शन इंडिया का ₹141.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलने जा रहा है। इसमें 1.43 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹94-₹99 प्रति शेयर और लॉट साइज 150 शेयर है। एंकर निवेशक 16 सितंबर को निवेश कर सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 21 सितंबर को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होगा।

कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। इस IPO के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies है। सोना सि​लेक्शन इंडिया फैब्रिक बनाने और प्रोसेसिंग के कारोबार में है। यह वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन करती है।

यह 100% कॉटन फैब्रिक, कॉटन लाइक्रा (स्ट्रेच) फैब्रिक, कॉटन ब्लेंड और पॉलिएस्टर ब्लेंड बनाती है। साथ ही 100% कॉटन, कॉटन ब्लेंड, पॉलिएस्टर-विस्कोस (P/V) और पॉलिएस्टर फैब्रिक की प्रोसेसिंग भी करती है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट राजस्थान के भीलवाड़ा में लगभग 49,540 वर्ग मीटर में फैली हुई है। सोना सि​लेक्शन इंडिया के प्रमोटर हर्षिल नुवाल, सुभाष चंद्र नुवाल, उमा नुवाल, दीपांक भंडारी और सोना पॉलीस्पिन प्राइवेट लिमिटेड हैं।

कैसे इस्तेमाल होंगे IPO के पैसे

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए प्लांट और मशीनरी खरीदने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

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Sonaselection India की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में सोना सिलेक्शन इंडिया का रेवेन्यू 64 प्रतिशत बढ़कर ₹517.60 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 83 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹34 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹258.24 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹316.47 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹18.56 करोड़ दर्ज किया गया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SS Retail IPO: मोबाइल फोन रिटेल चेन का इश्यू 16 सितंबर से, जुटाए जाएंगे ₹500 करोड़; चेक करें प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट

SS रिटेल अपना ₹500.75 करोड़ का IPO ला रही है। यह 16 सितंबर को खुलने वाला है। इसमें ₹360.75 करोड़ के 85.08 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹140 करोड़ के 33.02 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर सिद्धार्थ गुणवंत शाह, दीपा सिद्धार्थ शाह, हर्षल किशोर पारेख, भाविनी हर्षल पारेख और शेयरहोल्डर राखी नरेंद्र फिरोदिया शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO में एंकर निवेशक 15 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। प्राइस बैंड ₹403-₹424 प्रति शेयर है। लॉट साइज 35 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 18 सितंबर को होने वाली है। इसके बाद अलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 सितंबर को लिस्ट होंगे।

IPO के लिए आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड और एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व है।

क्या करती है SS Retail

कंपनी मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाली एक मल्टी-ब्रांड रिटेल चेन है। यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा और गुजरात में काम करती है। इसका फोकस मुख्य रूप से टियर II, टियर III और उससे छोटे शहरों पर है। कंपनी अपने खुद के ब्रांड SS Mobile, Mobile Exchange Wala और The Mobile Space के तहत स्टोर चलाती है।

कंपनी खुद के स्टोर और फ्रेंचाइजी वाले स्टोर, दोनों तरह के मॉडल के तहत काम करती है। इसके प्रोडक्ट्स में मोबाइल फोन, पहले इस्तेमाल किए जा चुके स्मार्टफोन, एक्सेसरीज, टेलीविजन, लैपटॉप और टैबलेट शामिल हैं। साथ ही यह मोबाइल प्रोटेक्शन प्लान, EMI सुविधा, एंटी-थेफ्ट सॉफ्टवेयर और मोबाइल रिचार्ज जैसी सर्विसेज भी देती है।

SS Retail का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 47 प्रतिशत बढ़कर ₹2,352.85 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹59.28 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹162.59 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,599.96 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹39.86 करोड़ रहा था।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

SS रिटेल अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल वित्त वर्ष 2027 और 2028 के दौरान नए स्टोर्स खोलने के लिए ‘फिट-आउट’ (सजावट और जरूरी साजो-सामान) को लेकर, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO: तो क्या अब हुंडई का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा एनएसई का आईपीओ? जानिए क्या है अपडेट

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। एनएसई ने 9 सितंबर को अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया। इससे आईपीओ को लेकर एनएसई के प्लान में बदलाव के बारे में पता चला है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बीएसई से है, जो पहले से शेयर बाजार में सूचीबद्ध है। बीएसई के शेयर ने लिस्टिंग के बाद से इनवेस्टर्स को मालामाल किया है।

NSE का आईपीओ अब 23,000 करोड़ का हो सकता है

NSE ने आईपीओ का साइज घटा दिया है। पहले एक्सचेंज के आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रुपये का होने का अनुमान था। अब इसके 23,000 करोड़ रुपये के होने का अनुमान है। एक्सचेंज ने आईपीओ के अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स में यह बताया है। इसका मतलब है कि अब एनएसई का आईपीओ Hyundai Motor India के आईपीओ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा।

सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा

Hyundai Motor India ने करीब दो साल पहले IPO पेश किया था। यह आईपीओ 27,870 करोड़ रुपये का था। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले LIC ने 2022 में करीब 21000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। पहले लग रहा था कि NSE का आईपीओ हुंडई के आईपीओ का रिकॉर्ड तोड़ देगा। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा।

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा

एनएसई के आईपीओ का आकार घटने की वजह यह है कि कुछ पुराने इनवेस्टर्स अब आईपीओ में पहले के प्लान से कम शेयर बेचेंगे। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। इसलिए उसे आईपीओ से कोई पैसा नहीं मिलेगा। सिर्फ कुछ पुराने शेयरहोल्डर्स अपने शेयर इस इश्यू में बेचेंगे।

कुछ पुराने इनवेस्टर्स ने कम शेयर बेचने का लिया फैसला

GIC Re का पहले एनएसई के 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। न्यू इंडिया एश्योरेंस का 1.05 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में से प्रत्येक ने 60-60 लाख शेयर बेचने का प्लान बनाया था। कुल मिलाकर ये चारों इंश्योरेंस कंपनियां एनएसई के करीब 3.37 करोड़ शेयर बेचने वाली थी। लेकिन, अब इन कंपनियों ने कम शेयर बेचने का फैसला किया है।

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प्राइस बैंड भी पहले के अनुमान से कम रह सकता है

तीसरा बदलाव यह है कि अब एनएसई के शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये रहने का अनुमान है। पहले इसके करीब 2000 रुपये का अंदाजा लगाया गया था। हालांकि, कंपनी ने अभी इस बारे में औपचारिक ऐलान नहीं किया है। अगर कंपनी प्राइस बैंड घटाती है तो इसका मतलब है कि इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए जिस मिनिमम अमाउंट की जरूरत होगी, वह कम हो जाएगी। NSE आईपीओ का ऐलान एक-दो दिन के अंदर कर सकता है। इस महीने के आखिर में शेयरों के स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाने की उम्मीद है।