Pragyan Ojha: गंभीर-कोहली के बीच नहीं है सबकुछ ठीक? प्रज्ञान ओझा के सामने सबसे बड़ी चुनौती

BCCI ने भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा नया चीफ सिलेक्टर बनाया है। प्रज्ञान अजित अगरकर की जगह लेंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल करने की पुष्टि की है। वहीं प्रज्ञान ओझा का बोर्ड और खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई प्रमुख ने प्रज्ञान ओझा से कहा था कि वह परेशानी दूर करने में मदद करें। उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बातचीत की कमी को दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सिलेक्शन कमिटी में साउथ ज़ोन को रिप्रेजेंट करने वाले ओझा ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी-कभी कोहली से इस मुद्दे पर बात की थी। ओझा और कोहली ने भारत के लिए एक-दूसरे के साथ 22 मैच खेले हैं।

ओझा को दी जिम्मेदारी

ऐसी खबरें है कि इंग्लैंड दौरे के बाद जब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रोहित शर्मा को वनडे टीम से बाहर रखने का फैसला किया था, तो इसकी जानकारी रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय ओझा और रोहित दोनों ब्रिटेन में थे। ओझा ने वहीं रोहित को चयनकर्ताओं के इस फैसले के बारे में बताया था।

24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं ओझा

राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर प्रज्ञान ओझा अब तक ज्यादा चर्चा में नहीं रहे थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट की एक अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद उन पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव होगा। अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने आईसीसी की दो बड़ी ट्रॉफियां जीती थीं। ऐसे में उनकी जगह लेना प्रज्ञान ओझा के लिए आसान नहीं होगा। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मुख्य चयनकर्ता के पद पर आगे बढ़ाया गया। ऐसी खबरें हैं कि, ओझा के बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ भी अच्छे संबंध हैं। चयन से जुड़े मामलों में लक्ष्मण की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

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3 करोड़ सैलरी भी है कम! पार्थिव पटेल ने क्यों नहीं किया चीफ सेलेक्टर के लिए आवेदन? जानें वजह

अजीत अगरकर के जाने के बाद से बीसीसीआई नए चीफ सेलेक्टर की तलाश जारी है। वहीं ऐसी खबरे थी की पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल को इस पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अगर पटेल इस पद के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें बोर्ड का पूरा समर्थन मिल सकता है। वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख बीत जाने के बावजूद पार्थिव पटेल ने इस पद के लिए अपना नाम नहीं दिया। वहीं रिपोर्ट में ऐसा दावा किया जा रहा है कि चीफ सेलेक्टर को मिलने वाली सैलरी की वजह से पार्थिव ने आवेदन नहीं किया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

इस वजह से पार्थिव ने नहीं दिया नाम

द टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आर्थिक कारणों के चलते मुख्य चयनकर्ता बनने का फैसला छोड़ दिया। BCCI इस पद के लिए उन्हें हर साल 3 करोड़ रुपये देने को तैयार था, लेकिन यह जिम्मेदारी स्वीकार करने पर उन्हें गुजरात टाइटंस में अपनी कोचिंग की नौकरी और कमेंट्री से होने वाली कमाई छोड़नी पड़ सकती थी। ऐसे में उन्हें इस पद को चुनने से आर्थिक नुकसान होने की आशंका थी। फिलहाल, साउथ जोन के चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।

वहीं, वेस्ट जोन से एक नए चयनकर्ता को भी टीम में शामिल किया जाना है। इस पद के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर और रमेश पोवार के नामों की चर्चा हो रही है। दोनों को मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

अश्विन ने सैलरी को लेकर उठाए सवाल

भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर चयनकर्ताओं की सैलरी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, BCCI में चयनकर्ता के पद पर मिलने वाली रकम इतनी नहीं है कि बड़े और अनुभवी क्रिकेटर इस जिम्मेदारी को लेने के लिए आगे आएं। अश्विन ने कहा कि, ‘अगर सेलेक्टर्स की सैलरी बढ़ाई जाती है, तो इस पद के लिए बड़े और अनुभवी क्रिकेटर आगे आ सकते हैं। उन्होंने सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले जैसे दिग्गजों का उदाहरण देते हुए कहा कि अच्छे स्तर के चयनकर्ताओं को लाने के लिए इस पद को आर्थिक रूप से आकर्षक बनाना जरूरी है।”

हेड कोच जितनी मिले सैलरी

अश्विन ने आगे कहा, “चयनकर्ता बनने के बाद पूर्व क्रिकेटर मीडिया में काम नहीं कर सकते, खिलाड़ियों पर खुलकर चर्चा नहीं कर सकते और न ही कहीं कोचिंग दे सकते हैं, क्योंकि इससे हितों के टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा, उन्हें पूरे साल घरेलू क्रिकेट और IPL पर नजर रखनी पड़ती है। अश्विन का मानना है कि अगर मुख्य चयनकर्ता को भारतीय टीम के मुख्य कोच के बराबर वेतन मिले, तो इस पद के लिए बेहतर अनुभव और योग्यता वाले लोग सामने आएंगे।” उन्होंने यह पूछकर अपनी बात खत्म की कि क्या बोर्ड पहले उन पेडिग्री वाले सिलेक्टर्स को चाहता था।

Rohit Sharma: रोहित शर्मा को टीम से निकालने की अगरकर ने कर ली थी पूरी तैयारी? फिर कहां पलटा खेल, जानें इनसाइड स्टोरी

टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर बीसीसीआई का कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। बीसीसीआई अजीत अगरकर का कार्यकाल बढ़ाएगी या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। वहीं खबर है कि अगरकर ने मुख्य चयनकर्ता पद छोड़ने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट बोर्ड से जाने वाले पुरुष टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर बोर्ड से नाराज थे। बताया जा रहा कि सचिव देवजीत सैकिया ने बल्लेबाज रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन किया था, जिसके बाद अगरकर और बोर्ड के बीच नाराजगी बढ़ गई थी।

बता दें, इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले तीसरे मैच के पहले रोहित शर्मा की रिटायरमेंट की खबरें हर जगह छाई हुई थी। वहीं इस मुकाबले में रोहित शर्मा ने शानदार शतक लगाकर आलोचकों को करारा जवाब दिया था। हाल ही में वेस्टइंडिज के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में रोहित शर्मा को भी जगह मिली है।

बीसीसीआई से नाराज थे अगरकर

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘बीसीसीआई और अजीत अगरकर के बीच रिश्तों में तनाव की वजह रोहित शर्मा को लेकर लिया गया फैसला था।’ रिपोर्ट के अनुसार, ‘इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज से पहले अगरकर ने भारतीय टीम मैनेजमेंट और कुछ बीसीसीआई अधिकारियों के समर्थन से रोहित को आगे नहीं खिलाने का फैसला किया था। इसके बाद साउथ जोन के सिलेक्ट और रोहित के करीबी दोस्त प्रज्ञान ओझा को ये फैसला रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।’

रोहित ने ऐसे पलटा दांव

बताया गया कि अजीत अगरकर 2027 के विश्व कप के लिए रोहित शर्मा पर निर्भर नहीं रहना चाहते थे, क्योंकि रोहित अगले साल 40 साल के हो जाएंगे। वह यशस्वी जायसवाल को मौका देकर टीम में उनकी जगह मजबूत करना चाहते थे और इसके लिए उन्हें अपनी जगह पक्की करने के लिए करीब 20 वनडे मैच खेलने का मौका मिले। रोहित शर्मा इस फैसले और सेलेक्टर्स के उनके साथ किए जा रहे व्यवहार से खुश नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘उन्होंने एक बड़े अधिकारी से संपर्क किया, जिसके बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस मामले पर अपनी बात रखी। उनका ये बयान लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी वनडे से पहले सामने आया और इसे काफी अहम माना गया।’

देवजीत सैकिया ने कहा था

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था, “रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर मीडिया में कई तरह की बातें चल रही हैं। मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है कि रोहित रविवार को लॉर्ड्स में अपना आखिरी मैच खेलेंगे। रोहित भारतीय वनडे टीम के नियमित सदस्य हैं और जब तक वह टीम का हिस्सा हैं, देश के लिए खेलते रहेंगे। यानी लॉर्ड्स में होने वाला वनडे उनका आखिरी मैच नहीं होगा।”

रोहित ने लगाया था शतक

रोहित शर्मा ने इस मैच में शानदार शतक लगाकर अपनी काबिलियत साबित की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी मैच के बाद अजीत अगरकर को एहसास हुआ कि वह रोहित को टीम से बाहर नहीं कर सकते और रोहित जैसे बड़े खिलाड़ी को लेकर अकेले कोई बड़ा फैसला लेने की उनके पास पूरी ताकत नहीं है। इसके बाद रोहित को टीम से बाहर करने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

लक्ष्मण से भी था मतभेद

वीवीएस लक्ष्मण और अजीत अगरकर के बीच चोटिल खिलाड़ियों और इंडिया ए के मैचों को लेकर भी मतभेद थे। लक्ष्मण मजबूत टीम के साथ अच्छे खिलाड़ियों को खिलाने के पक्ष में थे, जबकि अगरकर एशियन गेम्स में पहली पसंद की टीम भेजने के फैसले से सहमत नहीं थे। इंडिया ए, ईरानी कप और भारतीय टीम के मैचों के शेड्यूल को लेकर भी दोनों की राय अलग थी। चोटिल खिलाड़ियों की वापसी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कामकाज को लेकर भी मतभेद रहे। इन सभी बातों से दोनों के बीच भरोसा कम होता गया।

Asian Games में मोहसिन नकवी के हाथ से मेडल लेगी टीम इंडिया? BCCI ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या है नियम

एशिया कप से शुरू हुआ ट्रॉफी विवाद एशियन गेम्स तक पहुंचने वाला है। ऐसी खबरें है कि एशियन गेम्स में भी मोहसिन नकवी की मौजूदगी देखने को मिल सकती है। पिछले साल एशिया कप में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम ने मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी नहीं लिया था। वहीं अभी हाल ही में हुए महिला एशिया कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। बता दें मोहसिन नकवी इस समय पाकिस्तान के गृहमंत्री हैं और साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रमुख भी हैं।

मेडल सेरेमनी में शामिल हो सकते हैं नकवी

रिपोर्ट के मुताबिक, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया मोहसीन नकवी को मेडल सेरेमनी के लिए आमंत्रित कर सकता है। अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी को जापान के आइची-नागोया में होने वाले 2026 एशियन गेम्स में मेडल देने की जिम्मेदारी मिलती है, तो भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमें उनसे मेडल लेना होगा। आइए जानते हैं क्या है ओसीए के नियम

भारतीय टीम ले सकती है मेडल

TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “OCA के नियमों और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, अगर कतर के OCA प्रेसिडेंट शेख जोआन बिन हमद अल थानी आधिकारिक तौर पर नकवी को यह जिम्मेदारी देते हैं, तो भारतीय खिलाड़ियों से अपने मेडल लेने की उम्मीद की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा करने से इनकार करना एशियन गेम्स, ओसीए और उसके अधिकृत प्रतिनिधि का अपमान माना जा सकता है और खिलाड़ियों पर डिसिप्लिनरी एक्शन भी हो सकती है।”

क्या है OCA के नियम

ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के संविधान और नियमों के आर्टिकल 66 में मेडल सेरेमनी को लेकर नियम दिए गए हैं। इसमें कहा गया कि विजेताओं को मेडल ओसीए के अध्यक्ष देते हैं। वहीं, अध्यक्ष यह जिम्मेदारी ओसीए के किसी दूसरे सदस्य को भी सौंप सकते हैं। इसी नियम में यह भी कहा गया है कि गेम्स की मेडल सेरेमनी के दौरान किसी तरह का प्रदर्शन या व्यावसायिक, राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय प्रचार करने की अनुमति नहीं है।

बीसीसीआई ने क्या कहा

इस मामले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के रुख के बारे में पूछे जाने पर बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, “हम अभी सिर्फ मैचों पर ध्यान दे रहे हैं। सबसे पहले टीमों को पोडियम तक पहुंचना है। उस समय जो भी परिस्थितियां होंगी, उन्हें ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा। जब समय आएगा, तब इस बारे में फैसला करेंगे। बोर्ड और खिलाड़ियों का पूरा ध्यान सिर्फ मैच जीतने पर है। जो चीज अभी हुई ही नहीं है, उस पर हम कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।”

Ajit Agarkar: अजीत अगरकर की विदाई तय? जानें क्यों छोड़ रहे चीफ सिलेक्टर का पद

Ajit Agarkar: अजीत अगरकर की विदाई तय? जानें क्यों छोड़ रहे चीफ सिलेक्टर का पद

पिछले कुछ समय से अजीत अगरकर के कार्यकाल को लेकर काफी चर्चा हो रही है। अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म होने वाला है। वहीं बीसीसीआई उनका कार्यकाल आगे बढ़ाएगी या नहीं इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। इसी बीच खबर है कि अजीत अगरकर ने बीसीसीआई की सीनियर पुरुष सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन पद से हटने का फैसला किया है। वहीं अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

अजीत अगरकर को 2023 में भारत की सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य चयनकर्ता बनाया गया था। चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई बड़े फैसले लिए। अब खबर है कि पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल अगरकर की जगह लेने वाले संभावित नामों में शामिल हैं।

खत्म हो रहा अजीत अगरकर का कार्यकाल

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, अगरकर ने बीसीसीआई को बता दिया है कि 4 अक्टूबर को उनका मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद वह चयनकर्ता के पद पर आगे काम नहीं करना चाहते हैं। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, “अजीत अगरकर ने एजीएम से ठीक पहले बीसीसीआई को आधिकारिक तौर पर बता दिया है कि 4 अक्टूबर को उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद वह सिलेक्टर के तौर पर आगे काम नहीं करना चाहते हैं।”

नए सिलेक्टर की तलाश में बीसीसीआई

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने HT को बताया, अजीत अगरकर से बातचीत के बाद बीसीसीआई अब नए चीफ सिलेक्टर की तलाश कर रहा है। अधिकारी ने बताया, “बातचीत के दौरान अगरकर ने फरवरी में बोर्ड के साथ हुई अपनी पिछली चर्चा का जिक्र किया। उस समय उन्होंने पहली बार बोर्ड के बड़े अधिकारियों से कहा था कि उनके मौजूदा कार्यकाल के खत्म होने के बाद किसी दूसरे विकल्प पर विचार किया जाए।” बीसीसीआई की सदस्य यूनिट्स ने अधिकारियों को अजीत अगरकर के भविष्य पर फैसला लेने की जिम्मेदारी दी है।

बढ़ेगा अगरकर का कार्यकाल

पीटीआई के मुताबिक, बीसीसीआई को तय करना है कि अगरकर का कार्यकाल बढ़ाया जाए या नया चीफ सिलेक्टर चुना जाए। यह खबर अगरकर और बोर्ड अधिकारियों की बातचीत के कुछ घंटे बाद आई। मौजूदा चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म होने वाला है। ऐसे में बीसीसीआई उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने या उनकी जगह नया चीफ सिलेक्टर नियुक्त करने पर विचार कर सकता है। बीसीसीआई सीनियर सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के भविष्य के साथ-साथ जूनियर सिलेक्शन कमिटी के पांचों पदों को भरने पर भी विचार कर रहा है।

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गेम शो होस्ट करते करते वनडे क्रिकेट खेलने वाले पहले बल्लेबाज बनेंगे रोहित शर्मा

रोहित शर्मा को आगामी वेस्टइंडीज सीरीज के लिए एकदिवसीय टीम में शामिल कर लिया गया है। इसका मतलब यह है कि एक तरफ उनका फैमिली गेम शो का प्रसारण होगा और दूसरी ओर वह क्रिकेट खेलेंगे। ऐसी सुविधा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने किसी भी क्रिकेटर को नहीं दी जो रोहित शर्मा को मिल रही है वह भी बिना खास फॉर्म के।

भारतीय पूर्व कप्तान रोहित शर्मा जल्द ही अपना फैमिली शो Family Full House with Rohit Sharma.में बतौर होस्ट शिरकत करते हुए नजर आएंगे।मीडिया सूत्रों के मुताबिक यह मशूहर अमेरिकी शो द फैमिली फ्यूड(The Family Feud) का भारतीय संस्करण होगा और इसके 40 एपिसोड रोहित शर्मा को शूट करने होंगे।इस अमेरिकी शो में मशहूर होस्ट स्टीव हार्वे की भूमिका रोहित शर्मा निभाएंगे।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

2027 एकदिवसीय विश्व कप का सवाल टाल गए रोहित शर्मा

 भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर गुरुवार को कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

नमन और नबी पहली बार वनडे टीम में शामिल लेकिन हुए आलोचना के शिकार

वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ होने वाली आगामी घरेलू सफ़ेद गेंद सीरीज़ के लिए वनडे टीम में नमन धीर और आक़िब नबी को पहली बार वनडे प्रारूप में चुना गया है। धीर को घरेलू क्रिकेट में पंजाब के लिए और आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए किए गए प्रभावी प्रदर्शन का इनाम मिला है। दूसरी ओर नबी ने इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में सरे के लिए दमदार प्रदर्शन कर पहली बार राष्ट्रीय एकदिवसीय टीम में जगह बनाई है।

अबूधाबी में हुए IPL नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स से 8.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम मिली।नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं।

हालांकि सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन वह लाल गेंद के सिद्धहस्त गेंदबाज माने जाते हैं। इस कारण से उनके चयनित होने पर आलोचना भी हो रही है।वजह यह है कि उनकी औसत गति 125 किमी प्रति घंटा है जो कि एकदिवसीय प्रारुप के लिए कम है। वहीं नमनधीर के चयन पर भी सवाल खड़े हुए हैं क्योंकि उन्होंने 14 लिस्ट ए मैचों में 39 की औसत से 400 रन बनाए हैं।

जनवरी में आख़िरी बार न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेलने वाले रवींद्र जडेजा ने भी लंबे समय बाद वनडे में वापसी की है।हार्दिक पंड्या को फिटनेस के मामले में अभी क्लियरेंस नहीं मिली है। इसको देखते हुए नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स टीम से निकालकर वनडे सीरीज़ में शामिल किया गया है। वहीं ऋषभ पंत को टीम में जगह नहीं मिली है। विकेटकीपर बल्लेबाज़ के रूप में ध्रुव जुरेल जरूर वनडे सीरीज़ की टीम में शामिल किए गए हैं।

भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आक़िब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर।

अजीत आगरकर चाहते हुए भी इस नियम के कारण रोहित शर्मा को वनडे टीम से ड्रॉप नहीं कर पाए

मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर अपने अंतिम टीम घोषणा के लिए बुधवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय और टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम की घोषणा करने के लिए आए। फैंस को लगा था कि कुछ दिनों पहले जो रोहित शर्मा ने उन पर Non Committal शर्ट पहनकर तंज कसा था उसका बदला वह रोहित शर्मा को एकदिवसीय  टीम से बाहर करके ले लेंगें। यह वही शब्द है जो मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर ने एक साल पहले रोहित शर्मा के विश्वकप खेलने के सवाल के जवाब में दिया था।

हालांकि अजीत आगरकर चाहकर भी ऐसा कुछ नहीं कर पाए क्योंकि एक खिलाड़ी को ड्रॉप करने के लिए  मुख्य चयनकर्ता के साथ अन्य चयनकर्ताओॆ का 2 तिहाई बहुमत चाहिए होता है। अगर मुख्य चयनकर्ता सिर्फ अपनी मर्जी से किसी खिलाड़ी को ड्रॉप कर भी दे तो लिखित में चयनित हुई टीम पर हस्ताक्षर बोर्ड के अध्यक्ष या सचिव के होते हैं और देवजीत सैकिया तो रोहित शर्मा के पक्ष की ही बातें पिछले 2-3 महीनों से कर रहे हैं। इस कारण अजीत आगरकर ने अपनी अंतिम टीम में भी कोई कोशिश नहीं की।

2027 एकदिवसीय विश्व कप का सवाल टाल गए रोहित शर्मा

 भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर गुरुवार को कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

Rohit Sharma

संन्यास की अटकलें जुलाई से हो रही है तेज

17 जुलाई (शुक्रवार) से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और 19 जुलाई (रविवार) को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

भारत की एकदिवसीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल और नमन धीर।

खतरे में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की कुर्सी? ये वर्ल्ड कप विनिंग खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। वहीं बीसीसीआई अभी तक कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए बीसीसीआई कार्यकाल को बढ़ा सकती है। फिलहाल उनके भविष्य को लेकर स्थिति साफ नहीं है और चयन के फैसलों को लेकर उन पर दबाव भी है। इसी बीच भारत के 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा कि, वह मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की जगह ले सकते हैं। फिलहाल इस बदलाव को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

बीसीसीआई में हुई थी चर्चा

चयन समिति के कुछ फैसलों को लेकर बीसीसीआई में चर्चा हुई है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी सवाल उठे थे। खबरें थीं कि 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम रोहित से आगे की सोच रही है और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच हो सकता है। लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि रोहित को लेकर ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है और वह टीम की योजना का हिस्सा बने रहेंगे।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज के बाद होगा फैसला

द टेलीग्राफ के मुताबिक, अजीत अगरकर का आगे का सफर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन से जुड़ा हो सकता है। दो मैचों की ये सीरीज शनिवार से शुरू हो चुकी है। टेस्ट क्रिकेट में भारत के हालिया खराब प्रदर्शन को लेकर चयन समिति पर भी सवाल उठे हैं। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली हार ने टीम की मुश्किलें बढ़ाई हैं और इसका असर अगरकर के भविष्य पर भी पड़ सकता है।

जहीर खान बन सकते हैं सेलेक्टर्स

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई में चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है। अगर अजीत अगरकर की जगह नया मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया जाता है, तो पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान भी दावेदारों में शामिल हो सकते हैं। जहीर को क्रिकेटरों को तैयार करने का अच्छा अनुभव है। वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ काम कर चुके हैं और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से भी जुड़े रहे हैं।

पहले मुख्य सेलेक्टर्स के पद के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का नाम भी चर्चा में था। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक लक्ष्मण इस बड़ी जिम्मेदारी को लेने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बजाय उन्हें बोर्ड में ‘क्रिकेट डायरेक्टर’ की भूमिका देने पर विचार किया जा सकता है।

क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

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