Ajit Agarkar: खतरे में है अजीत अगरकर की कुर्सी? ये दिग्गज खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर्स अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो जाएगा। वहीं ऐसी खबरें है कि अजीत अगरकर को टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पद से हटाया जा सकता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रही है। बीसीसीआई अगरकर की जगह वीवीएस लक्ष्मण को चीफ सिलेक्टर्स बना सकती है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा है। फिलहाल लक्ष्मण बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं बोर्ड ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या घोषणा नहीं की है।

अजीत अगरकर की होगी छुट्टी!

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हालिया इंग्लैंड दौरे के दौरान हुई कुछ घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने अजीत अगरकर का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने के फैसले पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया है। पहले माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन अब इस संभावना पर संशय जताया जा रहा है।

एनुअल जनरल मीटिंग में होगा फैसला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा के ODI भविष्य को लेकर हुआ विवाद BCCI के सीनियर अधिकारियों को पसंद नहीं आया। इसके बाद सेलेक्शन कमिटी के कामकाज और नेतृत्व को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अजीत अगरकर के भविष्य पर विस्तार से विचार किया जा सकता है।

2027 विश्व कप तक रहना चाहते हैं अगरकर

अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसी उम्मीद है कि भारत का 2 टेस्ट मैचों का श्रीलंका दौरा उनके प्रदर्शन के मूल्यांकन में अहम भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगरकर भी 2027 वनडे विश्व कप तक मुख्य चयनकर्ता के पद पर बने रहने के इच्छुक हैं। ऐसे में आगे का फैसला बोर्ड की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। हाल ही में, गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टी20 टीम के अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका भी निभाई थी।

2023 में बने थे चीफ सेलेक्टर्स

अजीत अगरकर ने 2023 में भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं। इस दौरान भारत ने 2024 और 2026 का टी20 विश्व कप जीतने के साथ-साथ 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया। इन उपलब्धियों की वजह से उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सफल दौरों में गिना जा रहा है।

मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर हुआ खत्म? युवा पेसरों पर दांव लगा रहे सेलेक्टर्स

भारत के दिग्गज गेंदबाज मोहम्मद शमी पिछले काफी समय से नेशनल टीम से दूर हैं। वहीं श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में मोहम्मद शमी को जगह नहीं मिली है। वहीं अब ऐसा लग रहा कि चयनकर्ता अब भविष्य की टीम तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। लंबे समय से टीम के अहम गेंदबाज रहे शमी ने वापसी के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में मौका नहीं मिला। टीम मैनेजमैंट अब युवा तेज गेंदबाजों को अधिक अवसर देकर आने वाले वर्षों के लिए मजबूत गेंदबाजी आक्रमण तैयार करना चाहता है।

टीम से बाहर होने के बाद मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी में 37 विकेट लेकर अपनी फिटनेस और शानदार फॉर्म साबित की। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में मौका नहीं दिया।

युवा खिलाड़ियों को दे रहे हैं मौका

स्पोर्ट्सस्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय चयनकर्ताओं ने सभी फॉर्मेट को ध्यान में रखते हुए 15 युवा तेज गेंदबाजों का एक समूह तैयार किया है। माना जा रहा कि आने वाले वर्षों में यही खिलाड़ी भारतीय तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि मोहम्मद शमी इस लंबे समय की योजना का हिस्सा नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय चयनकर्ता अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र और 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखकर अभी से टीम तैयार करने में जुटे हैं। इसके तहत अनुभवी खिलाड़ियों पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय युवा तेज गेंदबाजों को लगातार इंटरनेशनल मैच खिलाने की योजना है।

बुमराह टीम के अहम खिलाड़ी

जसप्रीत बुमराह भारतीय तेज गेंदबाजी के मुख्य खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी फिटनेस को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें हर मैच में नहीं खिलाना चाहता। इसलिए चयनकर्ता भविष्य के लिए युवा तेज गेंदबाजों को तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की मौजूदगी से भारतीय टीम को नई तेज गेंदबाजी यूनिट तैयार करने में मदद मिल सकती थी। बुमराह की गैरमौजूदगी में वह गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव से मार्गदर्शन भी दे सकते थे। स्पोर्ट्सस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, चयनकर्ताओं के मुताबिक, अब भविष्य की टीम बनाने पर पूरा ध्यान देना जरूरी है और पुराने विकल्पों पर निर्भर रहने से इस प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

सिराज पर होगी नजर

मोहम्मद शमी के टीम से बाहर रहने और जसप्रीत बुमराह के हर टेस्ट मैच में खेलने की संभावना कम होने के कारण अब तेज गेंदबाजी की बड़ी जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज पर आ सकती है। इसके साथ ही चयनकर्ता युवा तेज गेंदबाजों को लगातार मौके देकर एक मजबूत गेंदबाजी समूह तैयार करना चाहते हैं, ताकि आने वाले वर्षों में टीम के पास कई भरोसेमंद विकल्प मौजूद रहें।

Rohit Sharma Retirement: क्या लॉर्ड्स वनडे होगा हिटमैन का आखिरी मैच? BCCI के फैसले से बढ़ी हलचल

Rohit Sharma Retirement: क्या भारतीय क्रिकेट टीम का एक और शानदार दौर खत्म होने वाला है? PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला तीसरा वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में रोहित शर्मा का आखिरी मैच हो सकता है, क्योंकि नेशनल सिलेक्शन कमिटी के UK में चल रही मौजूदा सीरीज के बाद इस शानदार व्हाइट-बॉल खिलाड़ी को टीम में शामिल करने की उम्मीद कम लग रही है। बता दें कि रोहित शर्मा ने अपने पिछले 8 वनडे मैचों में कुल 241 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 30.1 और स्ट्राइक रेट 88.6 का रहा है। उन्होंने इस दौरान एक हाफ-सेंचुरी भी लगाई है।

सिलेक्टरों के चेयरमैन अजीत अगरकर टूरिंग सेलेक्टर के तौर पर कार्डिफ में हैं, और यह साफ है कि सेलेक्टर अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए 39 साल के, दो बार ICC ट्रॉफी जीतने वाले भारतीय कप्तान पर विचार नहीं कर रहे हैं।

PTI से बातचीत में BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “नेशनल सेलेक्टर चाहते हैं कि यशस्वी जायसवाल, जिन्होंने तीन पारियों में दो शतक लगाए हैं, उन्हें ज्यादा मौके मिलें। लगभग 20 मैच होने हैं, और जायसवाल को वे 20 मैच मिलने चाहिए।

अधिकारी ने कहा, “कोई भी रोहित को रिटायर होने के लिए नहीं कह सकता, लेकिन यह बिल्कुल साफ है कि सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज को देखते हुए, सेलेक्टर आगे की ओर देखना चाहेंगे। रोहित का भविष्य क्या होगा, यह फैसला उन्हें ही लेना है।”

रोहित शर्मा सिलेक्टर्स के फैसले से खुश नहीं

वहीं, रोहित शर्मा अभी भी भारत के लिए वनडे क्रिकेट खेलना चाहते हैं और उनका सबसे बड़ा लक्ष्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलना है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजीत अगरकर की अगुवाई वाली भारतीय चयन समिति ने आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। समिति ने कथित तौर पर रोहित शर्मा और टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को भी इस योजना की जानकारी दे दी है।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रोहित शर्मा इस फैसले से खुश नहीं हैं। उन्होंने इंग्लैंड में चल रही वनडे सीरीज के दौरान BCCI अधिकारियों से इस मुद्दे पर बातचीत भी की है।

विराट कोहली के बारे में क्या?

यह बताना जरूरी है कि हेड कोच गौतम गंभीर और अगरकर इस बात पर सहमत हैं कि अपनी फ़ॉर्म और फिटनेस को देखते हुए विराट कोहली का टीम में चुना जाना तय है, जबकि रोहित के मामले में ऐसा नहीं है।

माना जा रहा है कि अगर इंग्लैंड सीरीज के बाद भी रोहित को टीम में बनाए रखा जाता है, तो जायसवाल- जो उनके बाद टीम में आने के लिए तैयार हैं – का कीमती खेलने का समय जाहिर तौर पर बर्बाद होगा। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि टेस्ट से संन्यास लेने के मामले में सिलेक्शन कमिटी और रोहित की राय एक जैसी नहीं थी।

हालांकि, सिलेक्शन कमिटी के करीबी सूत्रों का कहना था कि वे नहीं चाहते थे कि रोहित इंग्लैंड में होने वाले पांच टेस्ट मैचों में से सिर्फ दो मैच खेलने के बाद कोई फैसला लें, लेकिन रोहित के पक्ष को जानने वालों का कहना है कि उनका इरादा कभी भी सिर्फ दो मैच खेलने का नहीं था और वे पूरी सीरीज के लिए उपलब्ध थे।

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