Mutual Fund: ₹10000 की मंथली SIP से बन गए ₹97 लाख! इस धाकड़ म्यूचुअल फंड ने 16 साल में किया कमाल

Mirae Asset Large & Midcap Fund Return: म्यूचुअल फंड से पैसा बनाना अनुशासन और सब्र का खेल है। और जब ये दोनों मिल जाएं तो कैसी वेल्थ क्रिएट होती है, इसका एक जीता-जागता एक उदाहरण सामने आया है। मिराए एसेट लार्ज एंड मिडकैप फंड ने बाजार में अपने शानदार 16 साल पूरे कर लिए हैं।

फंड हाउस द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जिन निवेशकों ने इस फंड की शुरुआत से ही हर महीने महज ₹10,000 की एसआईपी जारी रखी थी, उनका फंड 31 मई 2026 तक बढ़कर लगभग ₹97 लाख हो चुका है। आइए समझते हैं इस स्कीम के रिटर्न का पूरा रिपोर्ट कार्ड।

₹19 लाख निवेश पर मिले ₹97 लाख

मिराए एसेट म्यूचुअल फंड के डेटा के अनुसार, लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। 16 साल में ₹10,000 प्रति माह के हिसाब से निवेशक ने कुल ₹19 लाख जमा किए। 31 मई 2026 तक यह ₹19 लाख का निवेश बढ़कर ₹96.9 लाख हो गया। इस एसआईपी निवेश पर फंड ने 18.44% का जोरदार XIRR डिलीवर किया है।

लंपसम इन्वेस्टमेंट करने वाले भी हुए मालामाल

अगर किसी निवेशक ने 9 जुलाई 2010 को इस फंड के ‘रेगुलर प्लान-ग्रोथ’ ऑप्शन में सिर्फ ₹10,000 का एकमुश्त निवेश किया होता, तो वह रकम आज बढ़कर ₹1,50,690 हो चुकी होती। इसके मुकाबले, अगर यही पैसा इस स्कीम के बेंचमार्क में लगाया गया होता, तो वह सिर्फ ₹76,908 ही बनता।

बेंचमार्क और सेंसेक्स को पछाड़ा

पिछले 15 वर्षों के प्रदर्शन को देखें तो इस फंड ने अपने बेंचमार्क और इंडेक्स के मुकाबले काफी आउटपरफॉर्म किया है। पिछले 15 सालों में इस फंड ने 18.85% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है। इसके मुकाबले स्कीम के बेंचमार्क ‘Nifty LargeMidcap 250 TRI’ ने 14.60% का रिटर्न दिया। वहीं, एडिशनल बेंचमार्क ‘BSE Sensex TRI’ इस दौरान सिर्फ 11.22% का रिटर्न ही दे पाया।

₹42,000 करोड़ से ज्यादा का फंड मैनेजमेंट

यह स्कीम एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना है, जो मुख्य रूप से भारतीय लार्ज-कैप और मिड-कैप के शेयरों में पैसा लगाती है। 31 मई 2026 तक यह फंड ₹42,792.20 करोड़ के विशाल एसेट बेस को मैनेज कर रहा है। इस फंड की सफलता के पीछे इसके अनुभवी फंड मैनेजर नीलेश सुराना हैं, जो इसकी शुरुआत से ही इससे जुड़े हैं। जनवरी 2019 से अंकित जैन भी सह-फंड मैनेजर के रूप में उनके साथ कमान संभाल रहे हैं।

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एक्सपर्ट नोट: हालांकि इस फंड का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है, लेकिन फंड हाउस का कहना है कि यह स्कीम किसी भी प्रकार के गारंटीड रिटर्न का वादा नहीं करती है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : बाजार में लगातार दूसरे दिन दिखी तेजी, जानिए 13 जुलाई को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 10 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त दिखाने वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल,HDFC लाइफ,अदाणी एंटरप्राइजेज,SBI लाइफ इंश्योरेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि गिरने वाले शेयरों में डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,एटरनल,भारती एयरटेल,नेस्ले और सिप्ला शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस काफी हद तक पॉजिटिव रहा और सभी बड़े इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। रियल्टी शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 3.5 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में 3 प्रतिशत की तेजी आई। जून तिमाही के नतीजों के बाद TCS में बढ़त की वजह से निफ्टी IT इंडेक्स में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

अन्य सेक्टरों में,निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.5 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़े। जबकि ऑयल एंड गैस,प्राइवेट बैंक,एनर्जी,इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1 प्रतिशत से 1.3 प्रतिशत के बीच बढ़त हुई। ऑटो इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.59 प्रतिशत और 1.41 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि थोड़े समय के करेक्शन के बाद,मार्केट में जबरदस्त रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। बैंकों के पॉजिटिव बिजनेस अपडेट,IT सेक्टर के उम्मीद के मुताबिक गाइडेंस और AI से जुड़े मौकों के साथ-साथ ग्लोबल खर्च में बढ़त की उम्मीद ने पहली तिमाही के अर्निंग्स सीजन की अच्छी शुरुआत के लिए माहौल तैयार कर रहे है। उम्मीद से बेहतर Q1 नतीजों का सिलसिला अर्निंग में बढ़ोतरी को लेकर बनी चिंताओं को कम करने में मदद करेगा। इससे मौजूदा तेजी को और सपोर्ट मिल सकता है।

ग्लोबल स्तर पर तेल की कीमतों में नरमी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में रिकवरी ने भारत के प्रति सेंटीमेंट को और बेहतर बनाया है,जिससे FII निवेश में रिकवरी को सपोर्ट मिला है। अहम बात यह है कि FOMC मीटिंग के सख़्त रुख का ग्लोबल मार्केट पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा है,क्योंकि हालिया डेटा से पता चलता है कि महंगाई का दबाव कम होने की संभावना है। साथ ही,US, EU और चीन से आ रहे सुस्त आर्थिक आंकड़ो से संकेत मिल रहा है कि सेंट्रल बैंक आगे चलकर कम सख्त रुख अपना सकते हैं।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिख। कारोबार के अंत में यह 1.02% की बढ़त के साथ 24,207 पर बंद हुआ। इंडेक्स ने स्मॉल अपर विक (wick) वाली एक स्मॉल बॉडी बुलिश कैंडल बनाई,जो इंट्राडे में अनिश्चितता को दिखाती है। इसने सफलतापूर्वक अपना 100-दिन का EMA वापस हासिल कर लिया है और बुधवार को आई 516 अंको की भारी गिरावट का एक बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया है। RSI थोड़ा ऊपर गया है,जो धीरे-धीरे बुलिश मोमेंटम के बढ़ने का संकेत है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24400 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह शॉर्ट टर्म में 24550 और उसके बाद 24700 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24050-24000 के जोन में है।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार की दिशा तय करने में पहली तिमाही के नतीजों की अहम भूमिका होगी। अच्छी अर्निंग, घरेलू निवेशकों की तरफ से हो रहा मजबूत निवेश और अच्छे मॉनसून से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि,मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी बड़ी बढ़ोतरी बाजार के लिए बड़े जोखिम बने हुए हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला और पहले हाफ में एक रेंज में ट्रेड किया। फिर दूसरे हाफ की शुरुआत में ब्रेकआउट दिया और ऊपर बंद हुआ। आखिर में इंडेक्स 1.39% की बढ़त के साथ 58,046 पर बंद हुआ।

बैंक निफ्टी ने सफलतापूर्वक अपना 20-दिन का EMA वापस हासिल कर लिया है,जबकि RSI 60 के लेवल के करीब पहुंच रहा है। इससे पता चलता है कि इस हफ्ते की शुरुआत में दिखे सेलिंग प्रेशर को झेलने के बाद बुल्स ने फिर से कंट्रोल हासिल कर लिया है। इसके अलावा,ADX इंडिकेटर पर DI+ ने DI− को पार कर लिया है,जो बुलिश ट्रेंड को और मजबूत करता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 58500-58600 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी का पुलबैक 59000 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 59500 तक जा सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57600-57500 के जोन में है।

 

 

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Thar Viral Video: थार की ताकत नापने के लिए हरिद्वार में गंगा की नील धारा में उतार दी गाड़ी फिर इसके बाद पूरी हेकड़ी यूं निकल गई

Thar Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। महिंद्र की थार को स्टंट करना कुछ लोगों को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में थार के इंजन की ताकत को जांचने के लिए उसे उफनती नदी में घुसा दिया। ओवर कॉन्फिडेंस से भरे लड़कों की हालत तब खराब होनी शुरू हो गई, जब गाड़ी बीच नदी में फंस गई और डूबने लगी। हरिद्वार के इन युवकों हेकड़ी तुरंत निकल गई।

वीडियो की शुरुआत में आपको सबकुछ सही लगता है। लेकिन जैसे ही थार नदी के बीचोंबीच पहुंची, तेजी से लड़खड़ा जाती है। तेज बहाव और नदी के तल में फंसने की वजह से गाड़ी बंद हो जाती है। देखते ही देखते थार पानी में लगभग डूब जाती है। अब तक जो युवक स्टंट के मजे ले रहे थे, उनके चेहरे पर पसीना आ जाता है।

थार में दो युवक बैठे थे। गाड़ी डूबती देख उन्होंने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को जैसे तैसे करके सही सलामत बाहर निकाला। कुछ ही देर में वहां भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच और मामले को संभाला।

गाड़ी के डूबने के बाद ‘ऑफ-रोड रेस्क्यू’ किया गया। गाड़ी बाहर निकालने के लिए क्रेन मंगाई गई। काफी मशक्कत के बाद गंगा की तेज धारा में फंसी थार को बाहर निकालना मुमकिन हो पाया है। वहां क्या-क्या हुआ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक कनखल पुलिस ने जानकारी दी है कि घटना 9 जुलाई की है। जांच में पता चला है कि सार्वजनिक जगह पर खतरनाक स्टंट किया कर रहे थे। इसलिए थार को मौके पर ही हमने सीज कर दिया। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की जा रही है।

बता दें कि इस अभियान के जरिए सार्वजनिक स्थानों पर स्टंटबाजी, हुड़दंग और लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हो रही है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं। कोई इसे ‘ओवरकॉन्फिडेंस’ का मामला कह रहा है… तो कोई कह रहा है कि ऑफ-रोडिंग और लापरवाही में लोगों को फर्क करना आना चाहिए।

Government rules out choice of pure petrol, E10 alongside E20

Petrol pump

The Central government has ruled out offering pure petrol, E10 and E20 simultaneously across India, saying maintaining multiple petrol grades would increase costs and create significant logistical challenges. In a question-and-answer note issued on July 10, the Ministry of Petroleum and Natural Gas reiterated that E20 will continue as the country’s standard petrol blend.

  1. Government cites investments made in ethanol production infrastructure
  2. Separate fuel grades would require parallel storage and distribution
  3. E20 to remain the standard petrol blend across India

Government cites distribution challenges

The ministry said India’s fuel distribution network comprises more than one lakh retail outlets, supported by refineries, terminals, depots, pipelines and storage facilities. Maintaining three different petrol grades across this network would require separate storage, inventory management and distribution infrastructure, increasing handling costs and reducing operational efficiency.

The government also rejected comparisons with premium petrol, saying it is a niche product sold in relatively small volumes and does not require a separate nationwide fuel supply chain.

Investments in ethanol infrastructure

The ministry said substantial investments have been made in ethanol production, including distilleries, storage facilities and logistics infrastructure, to support India’s ethanol blending programme. It added that reverting to E10 as the standard petrol blend could leave ethanol production capacity underutilized and affect investments made by farmers, cooperatives, companies and financial institutions.

According to the ministry, India achieved an average 20 percent ethanol blending between November 2025 and June 2026, compared with 19.2 percent during the previous ethanol supply year.

What it means for older vehicles

The question of offering multiple petrol grades has been raised by owners of older vehicles originally certified to run on E10 petrol. The ministry said vehicle manufacturers, component suppliers, testing agencies and research institutions were consulted before the introduction of E20, covering areas such as material compatibility, engine calibration, fuel systems, durability, emissions and fuel economy.

To support its position, the ministry cited field data from Maruti Suzuki and Hero MotoCorp. It said Maruti Suzuki serviced 2.84 crore vehicles during FY2025-26, including 1.5 crore older vehicles that were not originally certified for E20, and reported no E20-related corrosion, abnormal wear or component-life damage. Hero MotoCorp also reported similar field experience.

The ministry acknowledged that some vehicles may record a 3-5 percent reduction in fuel economy when running on E20. However, it said this should be weighed against the fuel’s higher octane rating, as well as the benefits of lower crude oil imports and reduced emissions.

These are claims made by the Petroleum Ministry in support of the E20 programme. The release does not provide an independent comparison of the additional cost of maintaining multiple fuel grades against the benefit of allowing consumers to select fuel based on their vehicle’s original certification.

IPL से बैन है हैरी ब्रूक, कल 35 गेंदों में बनाए नाबाद 79 रन (Video Highlights)

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में हैरी ब्रूक को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। वह दो साल  2025 और 2026 में इस कारण  इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा नहीं थे। अगले साल अगर वह खुद को इंडियन प्रीमियर लीग नीलामी के लिए पंजीकृत करते हैं तो महंगे दामों में जाएंगे क्योंकि ब्रिस्टल में उन्होंने एक मुश्किल पिच पर विस्फोटक पारी खेली है।

ब्रूक ने अपने इंग्लैंड करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आईपीएल 2025 से बाहर होने का विकल्प चुना, जबकि 2024 में अपनी दादी की मृत्यु के बाद उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया।इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2025 सत्र से आखिरी समय में हटने के बाद दो सत्र के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।ब्रूक ने दूसरे सत्र के लिए खुद का इस लीग के लिए अनुपलब्ध करार देते हुए अपनी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स और उनके समर्थकों से “बिना शर्त” माफी मांगी थी।

इसके बाद वह सफेद गेंद के कप्तान बने और जल्द ही लाल गेंद के कप्तान भी बनने वाले हैं क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज हैं।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के आईपीएल से जुड़े नियमों के अनुसार अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में चुने जाने के बाद अनफिट नहीं होने की स्थिति में इस टूर्नामेंट में नहीं खेलता है तो उस पर आईपीएल में खेलने पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

हालांकि जब वह कल भारत के खिलाफ खेलने उतरे तो अकेले दम पर मैच का रुख पलट दिया।लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने तीसरे ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर जोस बटलर (08) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने विकेटकीपर इशान किशन को कैच थमाया।ब्रूक और सॉल्ट ने हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ब्रूक ने आते ही अर्शदीप पर छक्के से खाता खोला।

ब्रूक ने आठवें ओवर में वाशिंगटन सुंदर को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में तीन चौकों और एक छक्के से 19 रन बटोरे और फिर अगले ओवर में अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे अक्षर पटेल की लगातार गेंदों पर चौके और छक्के के साथ सिर्फ 21 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।

भारत के 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने ब्रूक (नाबाद 79 रन, 35 गेंद, आठ चौके, चार छक्के) और सलामी बल्लेबाज सॉल्ट ( नाबाद 59 रन, 42 गेंद, नौ चौके, एक छक्का) के बीच दूसरे विकेट की 146 रन की अटूट साझेदारी की बदौलत 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।

ये AI स्टार्टअप कर्मचारियों को दफ्तर के पास रहने के लिए दे रही 17 लाख का हाउसिंग स्टाइपेंड, 3 टाइम खाना, जिम-सॉना और न जाने क्या-क्या!

आज के समय में टेक कंपनियां अपने एम्प्लॉई को अट्रैक्ट करने के लिए कई तरह की फैसिलिटीज देती हैं, लेकिन न्यूयॉर्क की AI स्टार्टअप कंपनी रिला ने एक अलग पहल शुरू की है। कंपनी अपने एम्प्लॉई को ऑफिस के पास रहने के लिए लाखों रुपये का हाउसिंग स्टाइपेंड देती है। इसका मकसद एम्प्लॉई का आने-जाने का समय बचाना और उन्हें काम पर ज्यादा ध्यान फोकस करने में मदद करना है। हालांकि, इस सुविधा के साथ कंपनी का वर्क कल्चर भी काफी सख्त बताया जाता है:

एम्प्लॉई के रहने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है कंपनी

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न्यूयॉर्क की AI स्टार्टअप कंपनी रिला अपने एम्प्लॉई के हाउसिंग अलाउंस पर हर साल करीब 1.7 मिलियन डॉलर (लगभग 16-17 करोड़ रुपये) खर्च करती है। कंपनी के CEO सेबेस्टियन जिमेनेज़ का मानना है कि एम्प्लॉई को ऑफिस के करीब रहने से समय की बचत होती है और उनकी प्रोडक्टिविटी बेहतर हो सकती है। यह फैसिलिटी कंपनी की खास रणनीति का हिस्सा है, जिससे एम्प्लॉई अपने काम पर ज्यादा ध्यान दे सकें।

ऑफिस के पास रहने पर मिलता है ₹17 लाख से ज्यादा का स्टाइपेंड

एआई परामर्श सेवाएं और समाधान | पीडब्ल्यूसी

रिला कंपनी अपने एम्प्लॉई को सालाना करीब 18,000 डॉलर (लगभग 17 लाख रुपये) का हाउसिंग स्टाइपेंड देती है। यह लाभ उन एम्प्लॉई को मिलता है, जो ब्रुकलिन के विलियम्सबर्ग इलाके में कंपनी के ऑफिस से करीब 10 मिनट की बाइक दूरी के अंदर रहना पसंद करते हैं। विलियम्सबर्ग न्यूयॉर्क के सबसे पॉपुलर और एक्सपेंसिव एरिया में शामिल है, जहां स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया लगभग 4,000 डॉलर प्रति महीने तक हो सकता है।

ज्यादातर एम्प्लॉई उठा रहे हैं इस सुविधा का लाभ

A row of colorful houses with a blue sky and trees in the background | Premium AI-generated image

रिला में करीब 120 एम्प्लॉई काम करते हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत एम्प्लॉई इस अल्टरनेटिव हाउसिंग फैसिलिटी का यूज कर रहे हैं। इसी वजह से कंपनी का सालाना खर्च करीब 1.7 मिलियन डॉलर तक पहुंच जाता है। CEO के अनुसार, यह एम्प्लॉई को आराम देने के बजाय उनके काम करने के तरीके को बेहतर बनाने की कोशिश है।

आने-जाने का समय बचाना है कंपनी का प्राइमरी ऑब्जेक्टिव

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रिला के CEO सेबेस्टियन जिमेनेज़ का कहना है कि रोजाना ऑफिस आने-जाने में लगने वाला समय लोगों के दिन का सबसे स्ट्रेस्फुल बन जाता है। कंपनी चाहती है कि एम्प्लॉई लॉन्ग कम्युटेस में समय गंवाने के बजाय फैमिली के साथ समय बिताएं, किताब पढ़ें, एक्सरसाइज करें या कोई अच्छा काम कर सकें। इस तरह हाउसिंग अलाउंस को एम्प्लॉई की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के तरीके के रूप में देखा जा रहा है।

हाउसिंग के अलावा भी मिलती हैं कई फैसिलिटीज

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रिला अपने एम्प्लॉई को हाउसिंग स्टाइपेंड के अलावा दिन में तीन बार खाने की सुविधा भी देती है। कंपनी एम्प्लॉई के लिए सॉना और कोल्ड प्लंज जैसी सुविधाओं वाली जिम भी तैयार कर रही है। हालांकि, इन सुविधाओं के साथ कंपनी का काम करने का माहौल काफी डिमांडिंग है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एम्प्लॉई अक्सर हफ्ते में छह दिन और रोजाना करीब 12 घंटे काम करते हैं, यानी लगभग 72 घंटे प्रति सप्ताह। CEO ने कंपनी के कल्चर को “बेहद सख्त” बताया है, जहां ज्यादा परफॉरमेंस और हार्ड रोक पर जोर दिया जाता है।

Two-wheeler registrations grew 21 percent YoY in June 2026

Podium with Activa, Splendor, and Raider

India’s two-wheeler market registered 18.26 lakh units in June 2026, a 21 percent year-on-year increase over the 15.09 lakh units sold in June 2025, according to data from JATO Dynamics India. On a month-on-month basis, volumes eased slightly from the 18.58 lakh units recorded in May, marking a marginal 1.7 percent decline that JATO described as normal seasonal moderation.

  1. Two-wheeler registrations up 21 percent YoY to 18.26 lakh units in June 2026
  2. Electric two-wheelers account for 10.6 percent of monthly registrations
  3. Hero MotoCorp leads with a 26.2 percent market share; Honda close behind at 25.19 percent

India two-wheeler sales in June 2026

Motorcycles continue to dominate registrations, while EVs cross the 10 percent mark

Motorcycles continued to account for the largest share of the market at 59.9 percent of total registrations, followed by scooters at 30.4 percent. Petrol-powered two-wheelers held an 89.3 percent share, while electric models increased their contribution to 10.6 percent of monthly registrations. JATO noted that this reflects the broader growth of the EV segment through 2026, aided in part by the petrol price hikes introduced in May.

Urban markets led demand with 10.92 lakh registrations, followed by rural areas with 4.48 lakh units and major metropolitan cities with 2.86 lakh units. The Hero Splendor Plus was the country’s best-selling two-wheeler in June, ahead of the Honda Activa, TVS Jupiter and Bajaj Pulsar.

Hero MotoCorp retained its position as the market leader with 4.72 lakh registrations and a 26.2 percent share. Honda Motorcycle & Scooter India followed closely with 4.52 lakh units and a 25.19 percent share, with the Activa family continuing to drive volumes. TVS Motor Company registered 2.59 lakh units for a 19.99 percent share, buoyed by strong demand for its scooter lineup and the iQube. Bajaj Auto followed with 1.87 lakh units and a 10.46 percent share, with both the Pulsar range and Chetak EV contributing to volumes, while Suzuki Motorcycle India rounded out the top five with 1.04 lakh units and a 5.83 percent market share.

Dev Vadchhedia

Nissan Tekton on-road prices listed in major Indian cities

Nissan Tekton front design

The Nissan Tekton, launched recently in India, marked the manufacturer’s comeback to the midsize SUV segment after the Kicks’ discontinuation in 2023. This badge-engineered version of the Renault Duster is being offered in six trims: Visia, Visia+, Acenta, N-Connecta, Tekna, and Tekna+, offered with either a 100hp, 1.0-litre 3-cylinder turbo-petrol engine or a 163hp, 1.3-litre 4-cylinder turbo-petrol mill. Its ex-showroom prices range from Rs 10.49 lakh to Rs 18.59 lakh.

In case you want to know how much you need to pay to get your hands on one, here are the Nissan Tekton’s on-road prices across major Indian cities.

Nissan Tekton on-road price range

On-road prices of the Tekton range from Rs 11.96 lakh to Rs 23.06 lakh in major cities

Nissan Tekton price range in major Indian cities (in Rs, lakh)

 

1.0L TP 6MT

1.3L TP 6MT

1.3L TP 6DCT

Ex-showroom

10.49-16.49

14.99-16.39

14.99-18.59

Gurugram (on-road)

11.96-18.80

17.09-18.69

17.09-21.20

Delhi (on-road)

12.17-19.13

17.39-19.02

17.39-21.57

Mumbai (on-road)

12.38-19.46

17.69-19.35

17.69-21.94

Bengaluru (on-road)

12.91-20.29

18.44-20.17

18.44-22.87

Chennai (on-road)

13.01-20.45

18.59-20.33

18.59-23.06

Note: On-road prices may vary based on city-specific registration charges and other cost components, including insurance, FASTag and RTO fees. Please check with your nearest Nissan dealership for exact figures.

Nissan Tekton on-road prices are the lowest in Gurugram among all the mentioned cities. Delhi comes next, followed by Mumbai and Bengaluru. Prices are the highest in Chennai, and compared to Gurugram, the top-spec versions of the 1.0-litre turbo-petrol MT (Tekna+), 1.3-litre turbo-petrol MT (Tekna), and 1.3-litre turbo-petrol DCT (Tekna+) cost an additional Rs 1.65 lakh, Rs 1.64 lakh and Rs 1.86 lakh, respectively.

Namo Bharat Rapid Rail: क्या अब हर 3 मिनट पर मिलने जा रही है ‘नमो भारत’ रैपिड रेल? NCRTC ने बताया यात्रियों के लिए क्या है मेगा प्लान

Namo Bharat Rapid Rail: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर दौड़ने वाली नमो भारत रैपिड रेल के यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर आई है। नमो भारत नेटवर्क पर यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने भविष्य के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। पीटीआई को दिए एक खास इंटरव्यू में NCRTC के MD शलभ गोयल ने बताया कि अभी नमो भारत कॉरिडोर पर रोजाना करीब 1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं।

गोयल ने बताया कि इस समय ट्रेनें करीब 10 मिनट के गैप में चल रही हैं। लेकिन यात्रियों की डिमांड और जरूरत के हिसाब से इस फ्रीक्वेंसी को घटाकर सिर्फ 3 मिनट किया जा सकता है। कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें भविष्य की जरूरतों के मुताबिक क्षमता बढ़ाने की पूरी गुंजाइश है।

जरूरत पड़ने पर हर 3 मिनट में मिलेगी नमो भारत ट्रेन

शलभ गोयल ने बताया कि NCRTC लगातार पूरे कॉरिडोर पर यात्रियों की मांग का आकलन करता है और जरूरत के हिसाब से परिचालन में बदलाव करता है। उन्होंने बताया कि अभी ये ट्रेनें करीब 10 मिनट के अंतराल पर मिलती हैं। ये मौजूदा यात्रियों की संख्या के लिहाज से काफी आरामदायक है। उन्होंने आगे कहा कि जरूरत के हिसाब से इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी को बढ़ाकर 3 मिनट करने की पूरी फ्लेक्सिबिलिटी मौजूद है। यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कॉर्पोरेशन ने हाल ही में सराय काले खां और मेरठ साउथ के बीच पीक आवर्स के दौरान 18 एक्स्ट्रॉ ट्रिप्स शुरू की हैं.

अब तक 3.5 करोड़ यात्रियों ने किया सफर, रोजाना 1 लाख का आंकड़ा

एमडी ने बताया कि इस नेटवर्क पर राइडरशिप में लगातार इजाफा हो रहा है। अभी हर दिन करीब 1 लाख यात्री इस नेटवर्क पर यात्रा कर रहे हैं। इस कॉरिडोर से अब तक 3.5 करोड़ यात्री सफर कर चुके हैं। नमो भारत की 100 प्रतिशत ट्रेनसेट गुजरात के सावली में बनाई गई है। इस लिहाज से ये पूरी तरह मेक इन इंडिया हैं।

सराय काले खां में ट्रेवलेटर से 30% बढ़े यात्री

NCRTC का मुख्य फोकस नमो भारत स्टेशनों को सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों जैसे भारतीय रेलवे, मेट्रो सिस्टम, आईएसबीटी और सिटी बस सेवाओं के साथ इंटिग्रेट करने पर रहा है। मई 2026 में सराय काले खां नमो भारत स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले ट्रेवलेटर से लैस फुट ओवर ब्रिज के चालू होने से यात्रियों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत का उछाल आया है।

न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद नमो भारत स्टेशनों को फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से सीधे मेट्रो स्टेशनों के साथ जोड़ा गया है। आनंद विहार रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, दिल्ली मेट्रो और सिटी बस सेवाओं के साथ बेहतरीन इंटरचेंज की सुविधा देता है।

इन प्रयासों से इन ट्रांजिट सुविधाओं के आसपास पहले से मौजूद भीड़भाड़ और जाम की समस्या का एक सुरक्षित और लंबे समय का समाधान तो मिला ही है, व्यस्त सड़कों पर पैदल चलने वालों की आवाजाही भी कम हुई है। ऐसे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी वाले स्टेशनों का कॉरिडोर की कुल राइडरशिप में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान है।

दुनिया की पहली सिग्नलिंग तकनीक का इस्तेमाल

NCRTC ने इस कॉरिडोर में कई नई टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की हैं। इसमें वैश्विक स्तर पर पहली बार LTE रेडियो सिग्नलिंग टेक्नोलॉजी पर ETCS लेवल 2 हाइब्रिड लेवल 3 का इस्तेमाल किया गया है। ये भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल और बेस्ट-इन-क्लास स्टैंडर्ड पर आधारित है। इस अनुभव के दम पर अब NCRTC देश-विदेश में कहीं भी ऐसे अन्य प्रोजेक्ट्स में योगदान देने के लिए पूरी तरह मजबूत स्थिति में है।

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म्यूचुअल फंड से वेल्थ क्रिएशन के मंत्र, जानिए निफ्टी 50 और Nifty50 Equal Weight में से किसमें निवेश रहेगा फायदेमंद

Nifty 50 से तो हर निवेशक परिचित है,लेकिन क्या हम जानते हैं कि इसी Nifty के 50 शेयरों में निवेश का एक और तरीका भी है,जो पोर्टफोलियो में बेहतर संतुलन ला सकता है? यहां बात हो रही है Nifty50 Equal Weight Index की,जहां बड़ी और छोटी सभी 50 कंपनियों को बराबर वेटेज मिलता है। क्या इससे कंसन्ट्रेशन रिस्क (Concentration Risk) कम होता है? किन बाजार परिस्थितियों में यह रणनीति बेहतर काम करती है? और क्या लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए ये रेगुलर Nifty 50 Index Fund का बेहतर ऑप्शन हो सकता है? आज इन्हीं सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ हैं एक्सिस AMC में हेड प्रोडक्ट्स दिव्या मेनन।

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स: इंडेक्स फंड क्यों जरूरी?

दिव्या मेनन ने कहा कि इंडेक्स फंड इक्विटी पोर्टफोलियो की मजबूत नींव बन सकते हैं। इनमें अलग-अलग शेयर चुनने की बजाय पूरे बाजार में निवेश का मौका मिलता है। ये निवेश में अनुशासन लाते हैं और बिहैवियरल बायस (Behavioural Biases) को कम करते हैं। इंडेक्स फंड लंबी अवधि में वेल्थ बनाने का सरल और प्रभावी तरीका होते हैं।

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:निफ्टी से कैसे अलग?

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स में वही 50 कंपनियां शामिल होती हैं जो निफ्टी 50 का हिस्सा हैं। फर्क सिर्फ वेटेज देने के तरीके में है। निफ्टी में फ्री-फ्लोट मार्केट कैप पर ज्यादा वेटेज मिलता है। वहीं, NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स में सभी को बराबर वेटेज होता है। इसमें समय-समय पर रीबैलेंसिंग करके बैलेंस बनाते हैं। यानी इसमें कंपनियों की टीम वही होती है,लेकिन वेटेज तय करने की रणनीति अलग होती है।

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:आजकल चर्चा में क्यों?

निवेशकों का कंसंट्रेशन रिस्क आकलन पर फोकस बढ़ा है। कई मार्केट-कैप इंडेक्स कुछ चुनिंदा बड़ी कंपनियों तक सीमित हैं। ऐसे में Equal Weight रणनीति सभी कंपनियों को एक जैसी अहमियत देती है। पिछले कुछ सालों में इस कैटेगरी में निवेशकों की रुचि बढ़ी है।

NIFTY 50 बनाम NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:पोर्टफोलियो में कितना अंतर?

दोनों इंडेक्स में शामिल शेयरों की सूची बिल्कुल एक समान होती है। अंतर केवल वेटेज तय करने के तरीके में होता है। निफ्टी 50 में सबसे बड़ी कंपनी का वेटेज 10% से ज्यादा हो सकता है। निफ्टी 50 में सबसे छोटी कंपनियों का वेटेज 1% से भी कम हो सकता है। Equal Weight Index में हर कंपनी को लगभग 2% का वेटेज मिलता है।

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:कंसंट्रेशन रिस्क कैसे होता है कम?

कंसंट्रेशन रिस्क कम करना NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है। निफ्टी 50 में टॉप 10 शेयरों का वेटेज 50% से अधिक है। इसमें टॉप 10 शेयरों का कुल वेटेज करीब 20% है। इसका रिटर्न चुनिंदा बड़ी कंपनियों के बजाय ज्यादा कंपनियों से प्रभावित होता है। NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स ने लंबी अवधि में निफ्टी 50 के मुकाबले प्रदर्शन से बेहतर प्रदर्शन किया है।

 

 

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