2030 तक दोगुना होगा कारोबार! डिफेंस से लेकर जॉब तक भारत और पोलैंड के बीच इन 4 बड़े फैसलों पर बनी बात

भारत और पोलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच गुरुवार को महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस बैठक के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसमें से निकले 4 बिग अपडेट्स की जानकारी शेयर की है। आपको बता दें कि पीएम मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री ने बैठक के बाद जॉइंट मीडिया स्टेटमेंट भी दिया है। इसमें दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने का फैसला लिया गया है।

दुनिया में अभी चल रहे उथल पुथल, युद्ध और तनाव के बीच एक सार्थक पहल करते हुए भारत और पोलैंड ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का एक साझा लक्ष्य निर्धारित किया है। आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक बैठक के चार बड़े फैसले और दूसरे अहम बिंदुओं के बारे में:

1. वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना

दोनों देशों ने आर्थिक साझेदारी को और अधिक विस्तार देने के लिए आपसी व्यापार को 2030 तक दोगुना करने का संकल्प लिया है। इस फैसले से खासकर युवाओं के लिए रोजगार और जॉब के नए अवसर बनेंगे। यह कदम दोनों देशों में आर्थिक विकास, निवेश और उद्यमिता को भी बढ़ावा देगा। इसके माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए निर्यात के नए मौके भी बढ़ेंगे।

2. आपदाओं के रोकने वाले इनिशिएटिव में पोलैंड की एंट्री

पोलैंड आधिकारिक तौर पर आपदा रोधी बुनियादी ढांचा गठबंधन (Coalition for Disaster Resilient Infrastructure – CDRI) में शामिल हो गया है। इससे ग्लोबल क्लाइमेट से जुड़ी पहलों में भारत की लीडरशिप को और मजबूती मिली है। इससे आपदा से निपटने की तैयारियों में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा।

3. डिफेंस इंडस्ट्री डायलॉग पर सहमति

भारत और पोलैंड के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक डिफेंस इंडस्ट्री डायलॉग की स्थापना की गई है। यह मंच दोनों देशों को रक्षा उपकरणों और प्रणालियों के को-डिवेलपमेंट और को-प्रोडक्शन के अवसर तलाशने में मदद करेगा। इससे रक्षा प्रौद्योगिकियों में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा औद्योगिक साझेदारियों, कलपुर्जे तैयार करना और प्रौद्योगिकी सहयोग के माध्यम से डिफेंस सप्लाई चेन मजबूत होंगी।

4. आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर संवाद

दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर मुकाबला करने पर सहमति जताई है। यह संवाद आतंकवाद के खिलाफ द्विपक्षीय सहयोग को आसान बनाएगा। इससे कलेक्टिव एंटि टेररिज्म कैपिसिटी मजबूत होगी और राष्ट्रीय, वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर एंटि-टेररिज्म स्ट्रैटिजी को मजबूती मिलती है। इसके तहत सूचना और ज्ञान का आदान-प्रदान और कैपिसिटी बिल्डिंग को आगे बढ़ाया जाएगा।

रक्षा, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी और वैश्विक शांति पर चर्चा

आपको बता दें कि इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा क्रिटिकल मिनरल्स और कोल गैसीकरण में भी पोलैंड की विशेषज्ञता के साथ नई साझेदारियां विकसित की जाएंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू होने पर मशीनरी, रसायन, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे। वैश्विक शांति और क्षेत्रीय संघर्षों पर रुख स्पष्ट करते हुए पीएम मोदी ने दोहराया कि दुनिया चाहे यूक्रेन का संघर्ष हो या पश्चिम एशिया का संकट, भारत शांति की दिशा में किए जाने वाले हर सार्थक प्रयास का लगातार समर्थन करता रहेगा।