इमरान खान के बेटों ने 7 महीने से नहीं देखा अपने पिता को, पाकिस्तान जेल में क्या हुआ पूर्व PM के साथ? अब मिला ये जवाब

पाकिस्तान के जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों ने एक बार फिर अपने पिता की सेहत को लेकर चिंता जताई है। उनका आरोप है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने पिछले सात महीनों से परिवार के सदस्यों, वकीलों और डॉक्टरों को उनसे मिलने नहीं दिया है।

बता दें कि इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने पर CNN से बात करते हुए कासिम खान और सुलेमान ईसा खान ने कहा कि उन्हें अपने पिता की हालत के बारे में कोई भरोसेमंद जानकारी नहीं मिली है, क्योंकि उनसे मिलने-जुलने पर बहुत ज्यादा पाबंदियां लगा दी गई हैं।

दोनों भाइयों ने कहा, “हमें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है क्योंकि पिछले सात महीनों से उनके परिवार, डॉक्टरों और वकीलों को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी गई है।”

इमरान खान के बेटों का यह बयान ऐसे समय आया है, जब खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ (PTI) के हजारों समर्थकों ने पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन करके पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की रिहाई की मांग की।

इमरान खान, जो 2018 से 2022 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाए जाने तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे, 2023 से जेल में हैं। उन्हें भ्रष्टाचार और सरकारी राज जाहिर करने समेत कई मामलों में दोषी ठहराया गया है।

खान और उनके समर्थकों का हमेशा से यह कहना रहा है कि उन पर चल रहे मामले राजनीतिक मकसद से प्रेरित हैं और इनका मकसद उन्हें दोबारा सत्ता में आने से रोकना है।

वहीं, पद से हटाए जाने के बाद, खान ने देश भर में कई रैलियां कीं। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार पर आरोप लगाया कि उसने उन्हें पद से हटाने के लिए पाकिस्तान की सेना और अमेरिका के साथ मिलकर काम किया है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना और वॉशिंगटन, दोनों ने ही इन आरोपों से इनकार किया है।

बाद में, पाकिस्तानी सरकार ने PTI नेताओं और समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और पार्टी को 2024 के आम चुनाव लड़ने से रोक दिया।

बेटों ने कहा- पाकिस्तान जाने की कोशिशें नाकाम रहीं

कासिम और सुलेमान, जो 2004 में इमरान खान और उनकी मां जेमिमा गोल्डस्मिथ के अलग होने के बाद से यूनाइटेड किंगडम में रह रहे हैं, ने कहा कि उन्होंने अपने पिता से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने की कई बार कोशिश की।

CNN के मुताबिक, भाइयों का दावा है कि जब भी उन्होंने खान की जेल की सजा के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की, तो पाकिस्तानी अधिकारियों ने वीजा में देरी करके और प्रशासनिक अड़चनें पैदा करके उनके लिए वहां जाना और मुश्किल बना दिया।

कासिम ने कहा, “हम कोशिश कर रहे हैं, हम जाना चाहते हैं, लेकिन कुछ हो नहीं पा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा “ऐसा कोई कारण नहीं है कि हमें वीजा न मिले।”

वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने CNN को दिए एक बयान में उन आरोपों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि दोनों भाइयों के पास ‘ओवरसीज पाकिस्तानियों’ के लिए नेशनल आइडेंटिटी कार्ड हैं, जिनकी वजह से उन्हें बिना वीजा के पाकिस्तान में एंट्री मिलनी चाहिए।

मंत्रालय ने उनके दावों को “गुमराह करने वाला” बताया और कहा कि ऐसा लगता है कि वे एक प्रशासनिक प्रक्रिया को राजनीतिक फायदा उठाने के मुद्दे में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, कासिम और सुलेमान ने CNN को बताया कि उनके आइडेंटिटी कार्ड की मियाद खत्म हो गई थी और उन्हें रिन्यू नहीं कराया गया था। मंत्रालय ने इस दावे पर सीधे तौर पर कोई बात नहीं की।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पहुंच की मांग की

इस मामले ने एमनेस्टी इंटरनेशनल का भी ध्यान खींचा है। इस हफ्ते जारी एक बयान में, मानवाधिकार संगठन ने पाकिस्तानी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे “बिना किसी शर्त के इमरान खान और बुशरा बीबी खान को अपने परिवार और वकीलों से मिलने का अधिकार बहाल करें।“

एमनेस्टी ने आगे कहा कि दोनों को “बेहतर इलाज की सुविधा मिलनी चाहिए और उन्हें अकेले रखने (solitary confinement) की व्यवस्था, जो गैर-कानूनी है, तुरंत खत्म की जानी चाहिए।“

पाकिस्तान सरकार ने आरोपों को खारिज किया

वहीं, पाकिस्तान सरकार ने इमरान खान को अलग-थलग रखने या उन्हें चिकित्सा सुविधा नहीं देने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

CNN को दिए एक बयान में सरकार ने कहा कि वह “साफ तौर पर इस दावे को खारिज करती है कि मिस्टर इमरान खान नियाजी को सात महीने तक संचार-संपर्क से दूर रखा गया या उन्हें अपने परिवार, वकीलों और डॉक्टरों से मिलने नहीं दिया गया।” सरकार ने यह भी कहा कि “सबूत बताते हैं कि (कैदी को) बार-बार और पर्याप्त रूप से मिलने-जुलने की सुविधा दी गई है।”

सरकार ने कहा कि खान ने हाल ही में 21 मार्च, 2026 को अपने एक बेटे से बात की थी। इससे पता चलता है कि बातचीत बंद नहीं की गई थी, बल्कि इसे “पाकिस्तान जेल नियमों, लागू अदालती आदेशों, मंजूर शेड्यूल और हाई-प्रोफाइल कैदी के लिए सुरक्षा जरूरतों के तहत रेगुलेट” किया गया था।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि खान की मेडिकल हालत “ठीक और स्थिर” बनी हुई है और इसमें “कोई गंभीर या अनियंत्रित गिरावट” नहीं आई है।

सरकार के बयान के मुताबिक, इमरान खान को डॉक्टरों की सलाह, जेल नियमों और अदालत के निर्देशों के अनुसार इलाज, दवाएं और नियमित मेडिकल जांच की सुविधा दी जा रही है।

पाकिस्तान की सरकार ने जेल की खराब स्थितियों के दावों को भी खारिज कर दिया। उसने कहा कि खान को “लगभग 30 से 35 कैदियों के लिए बनाए गए एक खास सात-सेल वाले कंपाउंड” में रखा गया है।

सरकार के बयान के अनुसार, इस परिसर में “57 x 14 फीट का एक गलियारा और 35 x 37 फीट का एक लॉन” शामिल है। इसके अलावा वहां इमरान खान के लिए बिस्तर, गद्दा, चार तकिए, कंबल, टेबल, कुर्सी, शौचालय की सुविधा और व्यायाम के उपकरण भी उपलब्ध हैं।

सरकार ने आगे कहा कि ये व्यवस्थाएं उस तस्वीर से बिल्कुल अलग हैं, जिसमें सार्वजनिक रूप से इमरान खान को अलग-थलग रखने, उपेक्षा करने या सजा के तौर पर सुविधाओं से वंचित करने की बात कही जा रही है।

बेटे खान की हालत को लेकर परेशान

सरकार द्वारा भरोसा दिलाने के बावजूद, कासिम ने कहा कि परिवार बहुत परेशान है क्योंकि उन्हें खान की सेहत के बारे में कोई स्वतंत्र जानकारी नहीं मिली है।

उन्होंने कहा, “वे हमें किसी भी तरह की हेल्थ रिपोर्ट दिखाने से इनकार कर रहे हैं। इसलिए हो सकता है कि तब से उनकी सेहत काफी खराब हो गई हो।”

भाइयों ने इस बात को भी खारिज कर दिया कि उनके पिता सरकार के साथ कोई राजनीतिक समझौता कर सकते हैं।

सुलेमान ने कहा कि खान “ऐसा कोई समझौता नहीं करेंगे जिससे दूसरे राजनीतिक कैदी वहीं रह जाएं… जब तक कि उनके लिए भी कोई समाधान न निकल आए।”

कासिम को भी ऐसी संभावना कम ही लगी, हालांकि उन्होंने कहा कि “कुछ कहना मुश्किल है।”

कासिम ने अंत में अपनी बात खत्म करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान में हो रही घटनाओं पर ध्यान देने की अपील की।

उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि बहुत कुछ हो रहा है, लेकिन यह सबसे निराशाजनक बातों में से एक है। सिर्फ बेटों के तौर पर नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए, उन 35 करोड़ लोगों के लिए जिन्होंने उन्हें वोट दिया है, जो उनका समर्थन करते हैं और चाहते हैं कि वे देश का नेतृत्व करें। लेकिन इसके बजाय, उन्हें दरकिनार किया जा रहा है और जिस व्यक्ति को वे सत्ता में देखना चाहते हैं, वह बिना किसी ठोस वजह के जेल में है।”

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KKR समर्थित लॉजिस्टिक्स कंपनी ला रही है ₹2480 करोड़ का IPO! कल से करें अप्लाई, जानिए कितना चल रहा है GMP

LEAP India IPO Details: वैश्विक निवेश फर्म केकेआर के स्वामित्व वाली लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चैन कंपनी लीप इंडिया का ₹2,480 करोड़ का आईपीओ कल यानी 7 अगस्त 2026 से आम निवेशकों के सबस्क्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है।

इश्यू खुलने से ठीक पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे है। अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो दांव लगाने से पहले प्राइस बैंड, जीएमपी और इश्यू से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण डिटेल्स जान लें।

LEAP India IPO की प्रमुख डिटेल्स

  • प्राइस बैंड: ₹151 से ₹159 प्रति शेयर
  • फ्रेश इश्यू : ₹480 करोड़ मूल्य के 3.02 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।
  • ऑफर फॉर सेल (OFS): मौजूदा निवेशक ₹2,000 करोड़ के 12.58 करोड़ शेयर बेचेंगे।
  • एंकर निवेशकों के लिए ओपनिंग: 6 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 7- 11 अगस्त 2026
  • शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 12 अगस्त 2026
  • शेयर लिस्टिंग की तारीख (BSE/NSE): 14 अगस्त 2026

इस इश्यू का बुक-रनिंग लीड मैनेजर जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को इसका रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

क्या काम करती है LEAP India

2013 में स्थापित लीप इंडिया एंटरप्राइजेज को एसेट-पूलिंग और सप्लाई चैन सॉल्यूशन मुहैया कराती है। कंपनी ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, ऑटोमोटिव और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की कंपनियों को इक्विपमेंट पूलिंग, रिटर्नेबल पैकेजिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्टेशन और रिपेयर एंड मेंटेनेंस जैसी सेवाएं देती है। साल 2023 में वैश्विक निवेश फर्म KKR ने अपनी एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति के तहत कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी हासिल की थी।

ग्रे मार्केट में कैसा है माहौल?

इश्यू खुलने से पहले अनलिस्टेड मार्केट ट्रैकर्स Investorgain और IPO Watch के मुताबिक, 6 अगस्त की सुबह लीप इंडिया का शेयर अपने अपर प्राइस बैंड से लगभग 3.5% के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि जीएमपी अनऑफिशियल मार्केट का सेंटिमेंट दिखाता है और लिस्टिंग गेन की कोई गारंटी नहीं देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हर 7 से 15 साल में खिलने वाला ये हिमालयन फूल है खास, लंबाई इंसानों से भी ज्यादा

Padamchal flower: क्या आपने कभी ऐसे फूल को देखा है, जो इंसानों से भी ज्यादा लंबा हो? अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं। हाल ही में एक नया फूल मिला है, जो आपको पूरी तरह से चौंका देगा। हिमालय के पहाड़ों में पाया जाने वाला यह खास फूल दिखने में काफी अनोखा नहीं है। इसे खिलने में सालों लग जाते हैं। सोशल मीडिया पर ये खूब तेजी से वायरल हो रहा है, आइए इसके बारे में कुछ खास बातें बताते हैं।

हाल ही में, सोशल मीडिया पर हिमालय के एक दुर्लभ फूल का वीडियो वायरल हुआ है। बताया जा रहा है कि इस फूल को ‘डायमंड फ्लावर’ के नाम से जाना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वैज्ञानिक और स्थानीय भाषाओं में डायमंड फ्लावर को ‘रियम नोबिले’ (Rheum Nobile) या ‘केन्जो’ (Kenjo) के नाम से जाना जाता है।

इसकी चमकदार और अनोखी बनावट की वजह से लोग इसे प्यार से ‘हिमालयन डायमंड’ कहते हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों ये तेजी से वायरल हो रहा है।

इस फूल को खिलने में 7 से 15 साल लगते हैं और इसकी ऊंचाई 3.2 फीट से 6.5 फीट तक हो सकती है। ये फूल इंसानों से भी ऊंचे हो सकते हैं।

यह दुर्लभ पौधा आम जगहों पर नहीं उगता है। यह हिमालय के ठंडे और पथरीले इलाकों में, समुद्र तल से लगभग 4,000 मीटर (13,000 फीट) या उससे ज़्यादा ऊंचाई पर पाया जाता है।

कुदरत के करिश्मे की मिसाल बना ‘रियम नोबिले’ (Rheum Nobile) उन पौधों की जबरदस्त सहनशक्ति को दिखाता है, जो धरती के सबसे मुश्किल हालात में भी ऊंचाई वाले इलाकों में पनपते हैं।

औषधीय गुणों के लिए लोकप्रिय

जानकारी के मुताबिक हिमालय के पहाड़ों में रहने वाले लोग सालों से इस फूल को एक दवा की तरह भी करते आ रहे हैं। यह कई शारीरिक समस्याओं को ठीक करने में मददगार है, जैसे- सिर दर्द , फ्रैक्चर, अपच , शरीर की सूजन।

कहां देख सकते हैं फूल

अगर आप ट्रेकिंग का शौक रखते हैं, तो इसे देख सकते हैं। डायमंड फूल को उत्तराखंड के पहाड़ों में आसानी से देखा जा सकता है। खास जगह जैसे फ्लावर ऑफ वैली नेशनल पार्क, हेमकुंड साहिब क्षेत्र, गंगोत्री नेशनल पार्क में। इसके अलावा, यह फूल उत्तरी सिक्किम और भूटान के हिमालय में भी देखने को मिलते हैं।

Tamil Nadu Budget 2026: शादी पर लड़की को सोने का सिक्का, जन्म पर बच्चे को सोने की अंगूठी, जानें बजट में क्या-क्या है

Tamil Nadu Budget 2026: तमिलनाडु के वित्तमंत्री मैरी विल्सन ने 5 अगस्त को विजय सरकार का पहला बजट पेश किया। इस बजट में कई वेल्फेयर स्कीम के लिए बड़ा आवंटन किया गया है। साथ ही सरकार का फोकस टेंडर की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है। लेकिन, बजट में कुछ स्कीम के लिए आवंटित फंड की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है।

लड़की की शादी पर सोने का सिक्का और सिल्क साड़ी

सरकार ने दो गोल्ड असिस्टेंस स्कीम के लिए 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया है। गोल्ड कॉइन और सिल्क साड़ी स्कीम के तहत लड़की की शादी पर सरकार सोने का एक 8 ग्राम का सिक्का और सिल्क की एक साड़ी देगी। दरअसल, टीवीके प्रमुख सी जोसफ विजय ने चुनाव से पहले राज्य की जनता से ये वादे किए थे।

सरकारी अस्पताल में जन्म पर बच्चे को सोने की अंगूठी

गोल्ड कॉइन और सिल्क साड़ी स्कीम के लिए 812 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। 560 करोड़ रुपये का आवंटन गोल्ड रिंग स्कीम के लिए किया गया है। इस स्कीम के तहत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चे को सरकार की तरफ से एक सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस स्कीम से सरकार अस्पताल की सेवाओं में लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।

कॉलेज स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप के लिए 2000 करोड़ आवंटन

बजट में कॉलेज स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप देने की स्कीम के लिए 2,000 रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार ने हज सब्सिडी का भी ऐलान किया है। इस स्कीम के तहत पहली बार हज कमेटी के जरिए हज पर जाने वालों को सरकारी की तरफ 35,000 से 25,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।

राज्य सरकार पर पहले से 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज 

राज्य के वित्तमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में NEET की जगह 12वीं के मार्क्स के आधार पर दाखिला देने की अपील केंद्र सरकार से की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के लिए कई उपाय कर रही है। इससे पहले टीवीके सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक व्हाइट पेपर पेश किया था। इस राज्य पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने की जानकारी दी गई।

9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए अल्ट्रा-मॉडर्न स्कूल बनेंगे

राज्य के बजट में स्कूलों के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के लिए 300 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज के नाम पर एक खास स्कीम शुरू करने जा रही है। इस स्कीम में 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए अल्ट्रा मॉडर्न रेजिडेंशियल स्कूल बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में अतिरिक्त 125 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

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परिवारों को मुफ्त 200 यूनिट्स बिजली की स्कीम पहले से लागू

वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार पहले ही परिवारों के लिए मुफ्त 200 यूनिट्स बिजली की स्कीम शुरू कर चुकी है। शराब की 717 दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। विल्सन ने कहा कि सरकार का फोकस महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक न्यायन और सभी के लिए आवास पर है।

23731 करोड़ की गोबरधन स्कीम को मिली मंजूरी, जानिए इससे किसानों के लिए इनकम के कौन-कौन से नए रास्ते खुलेंगे

GOBARdhan Scheme Explained: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के लिए भारत की नेशनल यूनिफाइड स्कीम गोबरधन (GOBARdhan – National Circular Bioenergy Scheme) को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय योजना के लिए 23731 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में जैविक संसाधनों यानी पराली, गोबर और दूसरे कचरे को साफ-सुथरी ऊर्जा, ग्रामीण समृद्धि और आर्थिक विकास में बदलना है। इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2035-36 तक लागू किया जाएगा। योजनी के माध्यम से ग्रामीण इलाके के कचरे को ही भारत की तरक्की का ईंधन बनाने की तैयार है। सरकार की कोशिश रहेगी कि इस स्कीम से गांव क्लीन एनर्जी प्रोडकेशन के केंद्र बनेंगे और देश की ऊर्जा सुरक्षा में सीधे भागीदार बनेंगे।

किसानों की आमदनी के खुलेंगे कई नए रास्ते

गोवर्धन योजना देश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए कमाई के नए मौके लेकर आएगी। अक्सर किसानों के लिए सिरदर्द बनने वाली पराली (फसल अवशेष) और मवेशियों का गोबर अब उनकी अतिरिक्त कमाई का जरिया बनेंगे। इस योजना के माध्यम से किसान, ग्रामीण उद्यमी और सहकारी समितियां (कोऑपरेटिव्स) कचरा और बायोमास जुटाने का काम करके अच्छी इनकम कर सकेंगे। इसके अलावा सीबीजी प्लांट में गैस बनने के बाद निकलने वाली जैविक खाद के उत्पादन और बिक्री से भी किसानों को बड़ा फायदा होगा। इससे न सिर्फ केमिकल फर्टिलाइजर्स पर उनकी निर्भरता और खेती की लागत घटेगी बल्कि जैविक खाद बेचकर कमाई का एक नया रास्ता भी खुलेगा।

सीबीजी उत्पादन में 10 गुना तक होगी बढ़ोतरी

सरकार की इस पहल का लक्ष्य देश में घरेलू स्तर पर CBG के उत्पादन को करीब 10 गुना तक बढ़ाना है। इससे भारत की आयातित फॉसिल फ्यूल (पेट्रोल-डीजल और गैस) पर निर्भरता कम होगी और ऊर्जा सुरक्षा बेहद मजबूत होगी। केमिकली सीबीजी पूरी तरह से प्राकृतिक गैस जैसी होती है और इसे मौजूदा गैस पाइपलाइन नेटवर्क में आसानी से मिलाया जा सकता है। यह योजना पूरे सीबीजी सेक्टर को एक राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए तैयार की गई है।

गोवर्धन योजना के 6 मेन ग्रोथ इंजन क्या हैं?

योजना को सुचारू और सफल बनाने के लिए सरकार ने छह मेन ग्रोथ इंजन निर्धारित किए हैं-

1 – निश्चित सीबीजी खरीद की गारंटी: उत्पादकों को अपनी तैयार गैस बेचने में कोई दिक्कत न आए इसके लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के माध्यम से खरीद तय की गई है। सीएनजी और पीएनजी में सीबीजी मिलावट का लक्ष्य 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत रखा गया है।

2 – स्टेबल प्राइसिंग प्रेमवर्क: सीबीजी उत्पादकों को आर्थिक स्थिरता देने के लिए 2110 रुपये प्रति MMBTU की दर से एक स्थिर मूल्य तय किया गया है। यह कम से कम 10 साल के लिए फिक्स रहेगा। इससे उत्पादकों को लंबे समय तक बेहतर कमाई की गारंटी मिलेगी।

3 – कैपिटल असिस्टेंस: नए सीबीजी प्रोजेक्ट्स को हर दिन 1 टन क्षमता (1 TPD) पर 2 करोड़ रुपये तक की सरकारी मदद दी जाएगी। यह मदद प्लांट की मशीनों के अलावा बायोमास इकट्ठा करने और जैविक खाद बनाने से जुड़े उपकरणों के लिए भी मिलेगी।

4 – पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास: सीबीजी प्लांटों को मुख्य गैस पाइपलाइनों और सिटी गैस नेटवर्क से जोड़ने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इससे ट्रांसपोर्टेशन का खर्च घटेगा और बिक्री आसान होगी।

5 – क्रेडिट गारंटी सपोर्ट: एमएसएमई, महिला उद्यमियों और नए डेवलपर्स को बैंकों से आसानी से सस्ता लोन दिलाने के लिए एक विशेष क्रेडिट गारंटी मैकेनिज्म बनाया गया है।

6- इकोसिस्टम चैलेंज फंड: जिला स्तर पर योजना को बेहतर ढंग से लागू करने, कचरा इकट्ठा करने के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और नई तकनीक को अपनाने के लिए यह फंड बनाया गया है।

पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

पिछले कुछ सालों में सतत (SATAT) पहल और दूसरी योजनाओं के तहत देश में 200 से अधिक सीबीजी प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। अब नई यूनिफाइड ‘गोवर्धन’ योजना पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित की जाएगी। इससे फैसले जल्दी होंगे और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। यह योजना वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन करके ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करेगी। सरकार का दावा है कि कृषि अवशेषों, गोबर और नगरपालिका के जैविक कचरे का सही इस्तेमाल करके यह योजना वेस्ट-टू-वेल्थ और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी

Market Outlook : हरे निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 7 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : गुरुवार 6 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24600 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। आज के ट्रेंडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 फीसदी बढ़कर 78,954.76 पर और निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 फीसदी बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ। आज लगभग 2023 शेयर हरे निशान में बंद हुए। वहीं,2058 शेयरों में गिरावट देखने को मिल। जबकि 200 शेयर सपाट बंद हुए।

निफ्टी में बढ़त वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI,भारत इलेक्ट्रॉनिक्स,एटरनल और टाइटन कंपनी शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में पावर ग्रिड कॉर्प,टाटा स्टील,TCS,JSW स्टील और बजाज ऑटो शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2.2% की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस रहा,जिसमें 0.8% की बढ़त हुई। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इसमें 1.3% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी रियल्टी में भी 1.3% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल भी गिरावट के साथ बंद हुए। इनमें 1% की कमी आई। जबकि निफ्टी IT में 0.9% की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.4% की गिरावट आई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.5% की बढ़त हुई। यह ब्रॉडर मार्केट में मिले-जुले रुझानों को दिखाता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की नरमी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने के लिए शुरू हुए कूटनीतिक प्रयासों से बाजार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ। आरबीआई के स्थिर पॉलिसी रुख और ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव नजरिए से भी बाजार को सपोर्ट मिला। इसके चलते हैवीवेट,बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में सेलेक्टिव बाइंग देखने को मिली। क्रूड की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव कम हो सकता है और मार्जिन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए निवेशकों को लग रहा है कि आगे आने वाली तिमाहियों में इंडिया इंक का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। मूड में इस बदलाव के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ी है। O2C-आधारित कारोबार के लंबे समय तक खराब प्रदर्शन के बाद अब इसमें ‘बार्गेन बाइंग'(कम कीमत पर खरीदारी)देखने को मिल रही है। बाजार एनर्जी,टेलीकॉम,रिटेल और दूसरे सेक्टरो में इसकी लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर फिर से फोकस कर रहे हैं। आज ऑटो,मेटल,IT,रियल्टी और सीमेंट जैसे कई सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग हुई, लेकिन स्मॉल-कैप शेयरों में तेजी के कारण ब्रॉडर मार्केट मज़बूत बना रहा।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI एंड डेरिवेटिव्स,रियांक अरोड़ा का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी रही। हैवीवेट शेयरों में आई खरीदारी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में बढ़त जारी रही। अहम सेक्टरों में सेलेक्टिव वाइंग से बाजार में जोश देखने को मिला। निफ्टी अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है। इससे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड (bullish trend) अभी भी बरकरार है। निफ्टी के लिए 24,500–24,450 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 24,300 के पास एक बड़ा सपोर्ट है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए 24,750–24,850 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। अगर इंडेक्स इस दीवार के ऊपर जा कर टिकने में कामयाब रहता है तो नई खरीदारी आ सकती है और ऊंचे लेवल के लिए रास्ता खुल सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि सेंसेक्स में पूरे सेशन खरीदारी देखने को मिली और यह दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद हुआ। इससे मार्केट का पॉजिटिव स्ट्रक्चर और मजबूत हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 78,600–78,400 के आसपास है,जबकि रेजिस्टेंस 79,200–79,500 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन के ऊपर का ब्रेकआउट नई तेजी के लिए रास्ता साफ कर सकता है।

रियांक अरोड़ा का कहना है कि बाजार में मजबूती बनी हुई है। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बने हुए हैं और उनका टेक्निकल सेटअप भी पॉज़िटिव है। मौजूदा ट्रेंड पॉज़िटिव है और किसी भी छोटी-मोटी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम करेगी। ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स में गिरावट पर खरीदारी की स्ट्रैटेजी अपनी चाहिए। साथ ही उन्हें रिस्क मैनेजमेंट का भी ध्यान रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि आज निफ्टी पूरे दिन एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। मार्केट की दिशा को लेकर ट्रेडर्स कंफ्यूज रहे। ऊपरी स्तरों पर निफ्टी को बार-बार पिछले दिन के क्लोजिंग लेवल के पास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा। ऊपरी लेवल पर खरीदारी का जोश कम होता नजर आया।

पूरे सेशन के दौरान नीचे की तरफ 24,600 का लेवल एक अहम सपोर्ट बना रहा। जब तक निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहेगा तब तक इसमें 24,800 की ओर बढ़ने की संभावना बरकरार रहेगी। अगर यह मजबूती से 24,800 के ऊपर निकलता है तो एक नई रैली शुरू हो सकती है।

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए 24750-24780 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी 24780 के ऊपर बना रहता है तो यह 24900 और उसके बाद 25050 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24500-24480 का जोन इसके लिए पहले सपोर्ट का काम करेगा।

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बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी आज एक सीमित दायरे में घूमता रहा। 362 अंकों की छोटी रेंज में घूमते रहने के बाद यह 0.56% की बढ़त के साथ 58000 के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो यह बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर काफी हद तक न्यूट्रल हैं और संकेत दे रहे हैं कि नियर टर्म में साइडवेज कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो 58500-58600 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58600 के ऊपर एक मज़बूत चाल से नई तेजी आ सकती है,जिससे शॉर्ट टर्म में 59100 और उसके बाद 59600 तक की रैली का रास्ता खुल सकता है। वहीं, नीचे की तरफ 57600-57500 के आस-पास मौजूद 290 डे EMA जोन इंडेक्स के लिए मज़बूत सपोर्ट का काम कर सकता है।

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अभिजीत दिपके ने लॉन्च किया ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान, कहा- शिक्षा कमाई का जरिया नहीं

Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से देशभर में एक जन-संपर्क अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का मकसद नागरिकों से सीधे जुड़ना और उनकी परेशानियों व मुद्दों को करीब से समझना है। इस दौरान दिपके ने स्कूल-कॉलेजों में बढ़ती फीस को लेकर भी चिंता जताई।

अभियान की शुरुआत की घोषणा करते हुए दिपके ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार इस अभियान की पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने तर्क दिया कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फीस के कारण आम परिवारों के लिए अच्छी शिक्षा पाना मुश्किल होता जा रहा है।

शिक्षा में सुधार पहला मुद्दा होगा

उन्होंने कहा कि “शिक्षा में सुधार हमारा पहला मुद्दा होगा जिस पर हम काम करेंगे। दिपके ने कहा, हमारा मानना ​​है कि देश में शिक्षा महंगी हो गई है। पहली कक्षा के लिए सालाना फीस 1 लाख से 2 लाख रुपये के बीच है, और इसके अलावा डोनेशन भी देना पड़ता है।”

मध्यम और कम आय वाले परिवारों के लिए इतनी महंगी शिक्षा का खर्च उठाना कितना मुश्किल है, इस पर सवाल उठाते हुए दिपके ने कहा कि कई परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च जुटाने के लिए काफी संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जिन परिवारों की आमदनी इतनी नहीं है, वे इतना पैसा कहां से लाएंगे?”

माता-पिता कर्ज लेने को मजबूर

दिपके ने यह भी दावा किया कि कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण कई माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, “कॉलेज और कोचिंग की फीस भी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसकी वजह से कई परिवारों पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। हम परिवारों को इस बोझ से मुक्त करना चाहते हैं। अगर माता-पिता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं, तो उन पर बोझ नहीं पड़ना चाहिए।”

दिपके ने अंबेडकर का किया जिक्र

डॉ. बी.आर. अंबेडकर का जिक्र करते हुए, दिपके ने तर्क दिया कि शिक्षा को एक व्यावसायिक गतिविधि के बजाय एक मौलिक अधिकार बने रहना चाहिए।

उन्होंने कहा, “डॉ. बी.आर. अंबेडकर के अनुसार यह एक मौलिक अधिकार है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह मुनाफा कमाने का एक व्यापार बन गया है।”

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ना भिगोने की झंझट, ना चिपकने का डर! सिर्फ 15 मिनट में बनाए उपवास वाली परफेक्ट साबूदाना खिचड़ी

सावन के व्रत में साबूदाना खिचड़ी हर घर में पसंद की जाने वाली खास डिश है। लेकिन कई बार जल्दबाजी में साबूदाना भिगोना भूल जाते है। लेकिन कुकर ट्रिक से बिना लंबे समय तक भिगोए भी साबूदाना खिचड़ी को बिल्कुल खिली-खिली और स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करके आप कम समय में व्रत के लिए परफेक्ट और टेस्टी साबूदाना खिचड़ी तैयार कर सकते हैं।

 सबसे पहले साबूदाना को 2–3 बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि उसका स्टार्च निकल जाए। इसके बाद पानी पूरी तरह निकालकर साबूदाना को एक स्टील के डिब्बे में रखें। इसमें थोड़ा सा देसी घी, स्वादानुसार सेंधा नमक, चुटकी भर चीनी और थोड़ा सा पानी डालकर हल्के हाथ से मिला दें। इससे स्टीम होने के बाद साबूदाना का स्वाद और टेक्सचर अच्छा बनता है।

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कुकर में स्टीम

अब प्रेशर कुकर में थोड़ा पानी डालें और उसके अंदर साबूदाने वाला डिब्बा रख दें। चाहें तो साथ में दो आलू भी रख सकते हैं, ताकि वे भी एक साथ उबल जाएं। कुकर का ढक्कन बंद करें और मध्यम आंच पर 3 सीटी आने तक पकाएं। इसके बाद गैस बंद कर दें और कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने दें। इस तरीके से साबूदाना बिना भिगोए भी अच्छी तरह पक जाता है।

ठंडे पानी की ट्रिक

स्टीम होने के बाद साबूदाना थोड़ा चिपचिपा लग सकता है। इसे छलनी में निकालकर ऊपर से ठंडा पानी डालें और बहुत हल्के हाथ से धो लें। यह आसान ट्रिक साबूदाने के दानों को अलग-अलग कर देती है, जिससे खिचड़ी बनाते समय वह चिपकती नहीं और बिल्कुल खिली-खिली बनती है।

 

तड़का लगाएं

अब एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें और उसमें जीरा डालें। इसके बाद बारीक कटी हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक और व्रत में खाते हैं तो थोड़ा बारीक कटा टमाटर डालकर हल्का भून लें। फिर उबले हुए आलू के टुकड़े डालें। अब तैयार किया हुआ साबूदाना, सेंधा नमक, दरदरी काली मिर्च, चुटकी भर चीनी और भुनी हुई मूंगफली डालकर हल्के हाथ से मिलाएं, ताकि दाने टूटें नहीं। खिचड़ी तैयार होने के बाद ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया, थोड़ा नींबू का रस और चाहें तो भुना जीरा पाउडर छिड़क दें। इससे खिचड़ी का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं। ध्यान रखें कि खिचड़ी को ज्यादा देर तक न चलाएं, वरना साबूदाना टूट सकता है और चिपचिपा हो सकता है।

 

पौष्टिक आहार

साबूदाना शरीर को जल्दी एनर्जी देने वाला सोर्स है। जब इसमें मूंगफली, आलू और देसी घी मिलाया जाता है, तो यह ज्यादा पौष्टिक और पेट भरने वाला भोजन बन जाता है। इसलिए सावन, एकादशी या अन्य व्रत के दौरान यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद करता है।