Independence Day 2026: भारतीय आजादी, साहस और कर्तव्य पर बेस्ड ये 5 किताबें जरूर पढ़नी चाहिए

Independence Day 2026: हर साल अगस्त में भारत स्वतंत्रता दिवस के लिए सज-धज कर तैयार होता है। बालकनियों पर झंडे दिखाई देते हैं, स्कूलों की सभाओं में देशभक्ति के गीत गूंजते हैं और टीवी चैनलों पर भाषणों को दोबारा दिखाया जाता है। लेकिन, आजादी सिर्फ एक सुबह के समारोह से कहीं ज़्यादा की हकदार है।

अगर आप सच में समझना चाहते हैं कि आज़ादी का क्या मतलब है, तो कभी-कभी स्क्रीन बंद कर दें, फ़ोन रख दें और कोई किताब खोलें। सही किताब इतिहास को निजी अनुभव जैसा बना सकती है। इसलिए, इस आज़ादी के दिन, कुछ “ज़रूरी” पढ़ने के दबाव को भूल जाएं। कुछ ऐसा पढ़ें जो आपको थोड़ा बेचैन करे, आपमें गर्व की भावना जगाए और फिर आपको सोचने पर मजबूर करें।

यहां 5 ऐसी किताबें हैं जो आपको चुनौती देती हैं, उकसाती हैं और कभी-कभी ऐसे सवाल आपके सामने रखती हैं, जिनसे आप शायद बचना चाहेंगे।

जवाहरलाल नेहरू की ‘द डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया’

नेहरू की जेल की सज़ा के दौरान लिखी गई यह व्यापक किताब इतिहास, संस्कृति, राजनीति और दर्शन के नज़रिए से भारत को देखती है। यह आज़ादी का कोई मैनुअल नहीं, बल्कि खुद देश के साथ एक बातचीत है।

महात्मा गांधी की ‘द स्टोरी ऑफ़ माई एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ’

गांधी खुद को एक बेदाग़ हीरो के तौर पर पेश नहीं करते। इसके बजाय, वे अपनी नाकामियों, शक, प्रयोगों और मान्यताओं की पड़ताल करते हैं, जिससे साहस कम वीरतापूर्ण और कहीं ज़्यादा मानवीय लगता है।

बिपन चंद्र की ‘इंडियाज़ स्ट्रगल फ़ॉर इंडिपेंडेंस’

जो लोग सोचते हैं कि आज़ादी सिर्फ़ इसलिए मिली क्योंकि गांधी ने मार्च का नेतृत्व किया, उनके लिए यह किताब एक ज़रूरी सुधार है। यह 1857 से 1947 तक के आंदोलन को लोगों, राजनीति और प्रतिरोध के ज़रिए दिखाती है।

बी.आर. अंबेडकर की ‘एनिहिलेशन ऑफ़ कास्ट’

अंबेडकर हमें एक असहज सच का सामना करने पर मजबूर करते हैं- जब सामाजिक असमानता बनी रहती है, तो राजनीतिक आज़ादी का कोई खास मतलब नहीं रह जाता। समानता के लिए उनकी ज़बरदस्त दलील इस किताब को आज भी उतना ही प्रासंगिक बनाती है।

रामचंद्र गुहा की ‘इंडिया आफ्टर गांधी’

1947 में आज़ादी मिलने से भारत की समस्याएं जादुई रूप से हल नहीं हो गईं। यह किताब उसके बाद के मुश्किल दशकों का ब्यौरा देती है और हमें याद दिलाती है कि लोकतंत्र के लिए धैर्य, असहमति, ज़िम्मेदारी और कोशिश करते रहने के साहस की ज़रूरत होती है।

रामचंद्र गुहा की ‘इंडिया आफ्टर गांधी’

1947 में आज़ादी मिलने से भारत की समस्याएं जादुई रूप से हल नहीं हो गईं। यह किताब उसके बाद के मुश्किल दशकों का ब्यौरा देती है और हमें याद दिलाती है कि लोकतंत्र के लिए धैर्य, असहमति, ज़िम्मेदारी और कोशिश करते रहने के साहस की ज़रूरत होती है।

क्या आपका बच्चा पढ़ने बैठता है लेकिन ध्यान भटक जाता है? रोज की ये 5 आदतें तेज याददाश्त और फोकस बेहतर करने में करेंगी मदद

जैसे ही नया शैक्षणिक वर्ष शुरू होता है, कई माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे ध्यान भटकाने वाली चीज़ों को छोड़कर अपने स्कूल के काम पर बेहतर ढंग से ध्यान दें। हालांकि, आज की आधुनिक दुनिया में, स्मार्ट टेलीविजन, फ़ोन, सोशल मीडिया और किसी विषय को पूरी तरह से न समझ पाना पढ़ाई के दौरान रुकावटें पैदा कर सकता है।

ध्यान और याददाश्त को बेहतर बनाने के उपाय खोजने से पहले, ध्यान (फ़ोकस) और एकाग्रता (कॉन्सेंट्रेशन) के बीच के अंतर को समझना ज़रूरी है। फ़ोकस का मतलब है किसी गतिविधि या विचार पर ध्यान देना, जबकि एकाग्रता का मतलब है किसी चीज़ पर लगातार ध्यान बनाए रखने की क्षमता। फ़ोकस और एकाग्रता दोनों ही ज़रूरी कौशल हैं जिनकी बच्चों को सीखने, लक्ष्य हासिल करने, अपनी भावनाओं को संभालने और रचनात्मक रूप से सोचने में सफलता के लिए आवश्यकता होती है। बच्चों को कामों पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होने के कई कारण हैं।

ध्यान और एकाग्रता कौशल में सुधार एक क्रमिक प्रक्रिया है जिसके लिए धैर्य, निरंतरता और निश्चित रूप से माता-पिता, शिक्षकों और साथियों से उचित सहयोग की आवश्यकता होती है। आज की दुनिया में, जो ध्यान भटकाने वाली चीज़ों से भरी है, ऐसे कौशल विकसित करना एक रोज़मर्रा की दिनचर्या बन सकती है जो बच्चों को पढ़ाई में सफल होने और अधिक आत्मविश्वासी और मज़बूत व्यक्ति बनने में मदद करती है। हमने संस्कृति ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स के शिक्षक और ट्रस्टी प्रणीत मुंगाली से बात की, जिन्होंने 5 ऐसी आदतें बताईं जिनका अभ्यास स्कूली बच्चे कर सकते हैं और जो याददाश्त और फ़ोकस को बेहतर बनाने में सार्थक बदलाव ला सकती हैं:

1. शारीरिक व्यायाम को बढ़ावा देना

शारीरिक व्यायाम मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के साथ-साथ एकाग्रता और समन्वय कौशल को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

a. योग और गहरी सांस लेने को बढ़ावा दें। योग मुद्राएं जैसे ‘ट्री पोज़’ (वृक्षासन) और ‘वॉरियर पोज़’ (वीरभद्रासन) शरीर में समन्वय बनाने और खुद पर नियंत्रण विकसित करने में मदद करती हैं। गहरी सांस लेने से बच्चे शांत और फिर से ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होंगे।

b. क्रॉस-लेटरल मूवमेंट (शरीर के दोनों हिस्सों का इस्तेमाल करने वाली गतिविधियां) शुरू करें। ऐसी गतिविधियां जैसे अपने दाहिने कोहनी को अपने बाएं घुटने से छूना, मस्तिष्क के दोनों हिस्सों का उपयोग करने में मदद करती हैं।

2. ऐसी गतिविधियां करें जो आपके मस्तिष्क को सक्रिय करें

मज़ेदार ब्रेन गेम्स ध्यान देने, याद रखने और तार्किक रूप से सोचने की आपकी क्षमता को विकसित करते हैं।

a. अंतर पहचानें या छिपी हुई वस्तु खोजें। यह अवलोकन कौशल, दृश्य स्मृति और लंबे समय तक ध्यान बनाए रखने की क्षमता विकसित करने के लिए किया जाता है।

b. पैटर्न की नकल करें और उन्हें आगे बढ़ाएं। रंगीन मोतियों, ब्लॉकों या किसी अन्य आकार का उपयोग करके पैटर्न बनाना और उन्हें आगे बढ़ाना अनुक्रमण कौशल, तार्किक सोच और फ़ोकस विकसित करता है।

c. स्टोरी चेन एक्टिविटी- हर बच्चे को कहानी में एक वाक्य जोड़ना होता है, जिसमें उन्हें यह याद रखना होता है कि पहले क्या कहा गया था। इससे सुनने की क्षमता, मौखिक याददाश्त और रचनात्मकता को विकसित करने में मदद मिलती है।

3. बड़े कामों को छोटे हिस्सों में बांटें

कभी-कभी बच्चे काम से ध्यान हटा लेते हैं क्योंकि उन्हें वे काम बहुत मुश्किल लगते हैं। किसी नए या मुश्किल काम को कई आसान स्टेप्स में बांटने से उसे समझना, करना और याद रखना आसान हो जाता है।

4. पोमोडोरो तकनीक

पोमोडोरो तकनीक में कुछ समय (20-25 मिनट) तक किसी काम पर ध्यान देने और फिर थोड़ा ब्रेक (5 मिनट) लेने का सुझाव दिया जाता है। इस तकनीक से दिमाग की थकान कम होती है, प्रोडक्टिविटी बढ़ती है और ध्यान लगाने की क्षमता बेहतर होती है।

5. पढ़ाई के लिए ऐसी जगह बनाएं जहां ध्यान न भटके

बच्चों को पढ़ाई के लिए शांत और व्यवस्थित जगह देना बहुत ज़रूरी है। साथ ही, यह पक्का करें कि होमवर्क करते समय गैजेट्स जैसी चीज़ें उनका ध्यान न भटकाएं। आखिरी टिप लाइफ़स्टाइल के बारे में है। सही खान-पान, भरपूर पानी और अच्छी नींद से दिमाग बेहतर काम करता है, और ध्यान लगाने व याद रखने की क्षमता में सुधार होता है।

7,000mAh बैटरी वाला Realme 16x 5G भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध, देखें कीमत और ऑफर

अगर आप नया स्मार्टफोन लेने की सोच रहे हैं, तो Realme का Realme 16x 5G फोन में भारत में अब खरीदने के लिए उपलब्ध है। इस हैंडसेट में MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट, 6.8-इंच की डिस्प्ले, 50MP रियर कैमरा और 8MP सेल्फी कैमरा दिया गया है। इसके अलावा, Realme 16x 5G में 7,000mAh की बैटरी दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

Realme 16x 5G की भारत में कीमत और ऑफर

भारत में Realme 16x 5G के बेस वेरिएंट (4GB RAM और 128GB स्टोरेज) की कीमत ₹25,999 से शुरू होती है। जबकि यह 6GB + 128GB और 6GB + 256GB RAM और स्टोरेज कॉन्फ़िगरेशन में भी उपलब्ध है, जिनकी कीमत क्रमशः ₹27,999 और ₹30,999 है।

बता दें कि Realme 16x 5G को Endurance Brown और Glory White कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। इसे Flipkart और Realme India की वेबसाइट के जरिए खरीदा जा सकता है।

Realme 16x 5G पर मिल रहे ऑफर्स

पहली सेल के तहत, ग्राहक ₹2,000 की सीधी छूट का फायदा उठा सकते हैं। इससे तीनों वेरिएंट की असल कीमत घटकर क्रमशः ₹23,999, ₹25,999 और ₹28,999 हो जाती है। इसके अलावा, खरीदार क्रेडिट कार्ड EMI ट्रांजैक्शन पर ₹1,000 की छूट या ₹3,000 तक का एक्सचेंज ऑफर भी पा सकते हैं।

इसके साथ ही, कंपनी उन लोगों को 10 महीने तक की नो-कॉस्ट EMI की सुविधा दे रहा है, जो स्मार्टफोन की पूरी कीमत एक बार में नहीं चुकाना चाहते।

Realme 16x 5G के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

डुअल-सिम (नैनो) वाला Realme 16x 5G, Android 16 पर आधारित Realme UI 7.0 पर चलता है। इसमें 6.8-इंच की HD+ (720×1,570 पिक्सल) LCD स्क्रीन है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz तक, टच सैंपलिंग रेट 180Hz और ब्राइटनेस 1200 निट्स (HBM) तक है।

इस हैंडसेट में MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट दिया गया है, साथ ही इसमें 6GB तक RAM और 256GB तक ऑनबोर्ड स्टोरेज मिलती है। Realme ने इसमें 5,300 sq mm का AirFlow वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम और GT Boost गेमिंग ऑप्टिमाइजेशन इंजन भी दिया है।

कैमरे की बात करें तो Realme 16x 5G में f/1.8 अपर्चर वाला 50MP का रियर कैमरा है। इसमें सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए f/2.0 अपर्चर वाला 8MP का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है।

इसके अलावा, इस हैंडसेट में कनेक्टिविटी के लिए Wi-Fi, 5G, Bluetooth 5.3 और USB Type-C पोर्ट जैसे ऑप्शन मिलते हैं। पावर की बात करें तो, Realme 16x 5G में 7,000mAh की बैटरी है दी गई है, जो 45W फास्ट चार्जिंग, बायपास चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसका साइज 166.47 x 78.23 x 8.88mm और वजन 217g है।

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Solar Industries Q1 Results: डिफेंस कंपनी का मुनाफा 93% बढ़ा, रेवेन्यू भी तगड़ा उछाल

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस और विस्फोटक बनाने वाली कंपनी Solar Industries India ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 92.7% बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹338.7 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,154.5 करोड़ था।

EBITDA 94% बढ़ा

सोलर इंडस्ट्रीज का EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹534.9 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि यह कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, प्री-टैक्स प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट है।

डिफेंस कारोबार में 123% की छलांग

सोलर इंडस्ट्रीज का डिफेंस कारोबार 123% बढ़ा। यही पहली तिमाही की सबसे बड़ी ग्रोथ का कारण रहा।

कंपनी ने कहा कि स्वदेशी डिफेंस प्रोडक्ट्स की बढ़ती रेंज और भारत के साथ विदेशी ग्राहकों से बढ़ते ऑर्डर का फायदा मिल रहा है। नुवाल ने कहा कि कंपनी को भारत और वैश्विक स्तर पर डिफेंस पार्टनर बनाने की रणनीति अब नतीजों में दिखने लगी है।

₹21,350 करोड़ का ऑर्डर बुक

सोलर इंडस्ट्रीज की कुल ऑर्डर बुक ₹21,350 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में और बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।

सोलर इंडस्ट्रीज का अंतरराष्ट्रीय विस्फोटक कारोबार भी 65% बढ़ा। कंपनी का कहना है कि बढ़ते ऑर्डर, नए बाजार और लगातार निवेश उसकी वैश्विक मौजूदगी को और मजबूत करेंगे।

FY27 का लक्ष्य बरकरार

सोलर इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य को बरकरार रखा है। मजबूत शुरुआत, बड़ा ऑर्डर बुक और निवेश योजनाओं के दम पर कंपनी को इस लक्ष्य पर भरोसा है।

कंपनी ने FY27 में ₹2,050 करोड़ के कैपेक्स की योजना बनाई है। इसमें से पहली तिमाही में करीब ₹450 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।

Solar Industries के शेयर

सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर गुरुवार को 8.52% उछलकर ₹20,325 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 55.83% बढ़ा है। वहीं बीते 5 साल में इसने 1,054% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.84 लाख करोड़ रुपये है।

Tata Motors PV Q1 Results: टाटा की कंपनी का मुनाफा 80% गिरा, JLR के कमजोर आंकड़ों ने मुश्किल बढ़ाई

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मुश्किलें बड़ी थीं, हौसला उससे भी बड़ा! पैरों से लिखकर रच रही इतिहास 13 साल की बच्ची

13 साल की लक्ष्मी अपनी हिम्मत और मेहनत से लोगों को इंस्पायर कर रही हैं। शरीर से विकलांग होने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को रुकने नहीं दिया और अपने स्कूल का काम पूरा करने का रास्ता खुद खोज लिया। वह पैरों से लिखकर अपनी पढ़ाई जारी रख रही हैं और हर दिन यह साबित कर रही हैं कि मुश्किल हालात भी किसी के हौसले को रोक नहीं सकते।

सरकारी स्कूल की चौथी कक्षा में पढ़ने वाली स्टूडेंट का जज्बा उन बच्चों के लिए भी इंस्पिरेशन है, जो किसी न किसी चुनौती का सामना कर रहे हैं। उनके लिए पढ़ाई सिर्फ स्कूल का काम नहीं, बल्कि अपने सपनों की ओर बढ़ने का एक जरिया है। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास हमें सिखाता है कि हालात चाहे जैसे हों, कोशिश जारी रखी जाए तो रास्ता जरूर निकाला जा सकता है।

 

1. लक्ष्मी का डेली रूटीन

लक्ष्मी का स्कूल का रोज काम करने का तरीका काफी अलग है। वह अपने स्कूल बैग के पास बैठकर सबसे पहले उसे खोलती हैं और अपने पैरों की मदद से बैग के अंदर रखा सामान बाहर निकालती हैं। वह नोटबुक और पेन को सावधानी से निकालती हैं, फिर कॉपी को अपने सामने सही जगह पर रखती हैं। इसके बाद वह पन्ने पलटकर अपना काम शुरू कर देती हैं। आम बच्चों के लिए ये छोटे-छोटे काम बहुत आसान होते हैं, लेकिन लक्ष्मी को इन्हें करने के लिए ज्यादा मेहनत और ध्यान लगाना पड़ता है। इसके बावजूद वह किसी पर निर्भर रहने के बजाय अपने काम खुद करने की कोशिश करती हैं। उन्होंने धीरे-धीरे इस तरीके को अपना डेली रूटीन बना लिया है।

 

2. पढ़ाई के प्रति लगन

लक्ष्मी की पढ़ाई के प्रति लगन उनकी सबसे खास बात है। वह अपने पैरों से पेन पकड़कर कॉपी में लिखती हैं और इसी तरह अपना स्कूल का काम पूरा करती हैं। वीडियो में वह बिना किसी जल्दबाजी के पूरे ध्यान से लिखती हुई दिखाई देती हैं। उनके लिए लिखना और कॉपी संभालना आसान नहीं है, लेकिन उन्होंने अपनी परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढाल लिया है। जिस काम के लिए दूसरे बच्चों को हाथों का सहारा मिलता है, उसके लिए लक्ष्मी अपने पैरों का इस्तेमाल करती हैं। इसके लिए उन्हें रोज अभ्यास और मेहनत करनी पड़ती होगी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी पढ़ाई के बीच रुकावट नहीं बनने दिया। उनका शांत तरीके से अपने काम पर ध्यान देना दिखाता है कि वह अपनी पढ़ाई को लेकर कितनी गंभीर हैं।

 

3. बनी आम जनता की प्रेरणा

लक्ष्मी की लोगों ने उनकी मेहनत और हिम्मत की जमकर तारीफ की। कई लोगों को उनकी एकाग्रता और पढ़ाई के प्रति लगन काफी पसंद आई। लोगों ने उनके लिए अच्छे भविष्य, खुशी और सफलता की कामना करते हुए रियेक्ट किया। किसी ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें बहुत हिम्मती बताया, तो किसी ने उनके जज्बे को देखकर इंस्पिरेशन मिलने की बात कही। यही कारण है कि उनकी छोटी सी कोशिश कई लोगों के लिए इंस्पिरेशन बन गयी।

 

4. आगे बढ़ने का तरीका

लक्ष्मी की कहानी सिर्फ उनके स्कूल का काम करने या पैरों से लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों को आगे बढ़ने का मौका देने की जरूरत भी दिखाती है। दिव्यांग बच्चों के लिए ऐसा माहौल होना जरूरी है, जहां वे अपनी क्षमता के अनुसार पढ़ाई कर सकें और बिना किसी झिझक के अपनी बात रख सकें। उनकी कहानी हमें यह समझाती है कि हर बच्चे के सीखने और आगे बढ़ने का तरीका अलग हो सकता है।

13 साल की लक्ष्मी की यह कहानी पढ़ाई के प्रति लगन को दिखाती है। पैरों से लिखकर स्कूल का काम पूरा करना उनके लिए आसान नहीं है, फिर भी उन्होंने अपनी शारीरिक चुनौती को पढ़ाई के रास्ते में रुकावट नहीं बनने दिया। जो हमें सिखाती है कि सही मौका, सहयोग और मजबूत इरादे मिलें तो मुश्किल रास्ते भी आसान किए जा सकते हैं।

भारत 2036 तक बन सकता है 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी, करने होंगे ये 20 रिफॉर्म्स

भारत 10 साल में 20 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर की इकोनॉमी बन सकता है। लेकिन, इसके लिए रिफॉर्म्स के बड़े कदम उठाने होंगे। इनवेस्टमेंट बैंक इक्विरस के एमडी और चेयरमैन अजय गर्ग ने यह अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि 2036 तक 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने के लिए भारत को एक साथ 20 रिफॉर्म्स करने होंगे।

गर्ग न कहा, “मेरा मानना है कि एक साथ कुल 20 रिफॉर्म्स करने होंगे। इसकी वजह यह है कि इंडिया की इकोनॉमी 4 ट्रिलियन डॉलर की हो गई है। आज भारत की इकोनॉमी यूरोप के कई देशों की इकोनॉमी से बड़ी है। लेकिन, भारत में प्रति व्यक्ति आय अब भी सिर्फ 3000 डॉलर है।” प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत यूरोपीय देशों से काफी पीछे है।

Equirus एक इनवेस्टमेंट बैंक है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई है। उसने इस हफ्ते एक रिपोर्ट जारी किया है, जिसमें भारत के लिए जरूरी 20 रिफॉर्म्स बताए गए है। इक्विरस का मानना है कि इन रिफॉर्म्स से अगले एक दशक में भारत की जीडीपी बढ़कर करीब पांच गुनी हो जाएगी। इन रिफॉर्म्स के बगैर 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने में भारत को 21 साल लग जाएंगे।

गर्ग ने कहा कि अगर हर सेक्टर में भारत की ग्रोथ बीते 10 साल जितनी रहती है तो इकोनॉमी के 20 ट्रिलियन डॉलर के लेवल तक पहुंचने में 21 साल लग जाएंगे। लेकिन, जरूरी रिफॉर्म्स करने से यह लेवल 2036 तक हासिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में डॉलर के मुकाबले रुपये में संभावित मजबूती को ध्यान में नहीं रखा गया है।

इक्विरस की रिपोर्ट में शामिल रिफॉर्म्स में पहले नंबर पर कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट है। गर्ग ने कहा कि भारत में बॉन्ड मार्केट इसके शेयर बाजार के मुकाबले काफी कम विकसित है। इसकी बड़ी वजह बॉन्ड्स से जुड़े टैक्स के नियम हैं। कुछ साल पहले सरकार ने डेट म्यूचुअल फंड्स के टैक्स के नियमों में बदलाव किया। इससे डेट म्यूचुअल फंड्स में निवेश का आकर्षण कम हो गया।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, बॉन्ड्स के टैक्स के नियम भी इक्विटी जैसे होने चाहिए। रिपोर्ट में सर्विसेज पर फोकस बढ़ाने की जरूरत बताई गई है। इक्विरस का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग से ज्यादा फोकस सर्विसेज पर रखने की जरूरत है। फाइनेंशियल मार्केट्स, ग्लोबल कपैबिलिटी सेंटर्स, टूरिज्म और एजुकेशन ऐसे चार क्षेत्र हैं, जिनमें सबसे ज्यादा रिफॉर्म्स की जरूरत है।

गर्ग ने रेलवे के निजीकरण को भी जरूरी बताया है। उन्होंने टेलीकॉम सेक्टर का उदाहरण दिया। टेलीकॉम सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलने के बाद टेलीकॉम सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ। टेलीकॉम सेवाएं पिछले कुछ सालों में आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंच गई हैं। साथ ही टैरिफ यानी टेलीकॉम सेवाओं की कीमत में भी बड़ी कमी आई है।

Pova 8 Pro 5G की लॉन्च डेट कन्फर्म, 4,500 निट्स ब्राइटनेस और 6,500mAh बैटरी से होगा लैस

स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी ने घोषणा की है कि Pova 8 Pro 5G अगले हफ्ते भारत में लॉन्च किया जाएगा। इस घोषणा के साथ ही कंपनी ने आने वाले स्मार्टफोन के डिजाइन की झलक भी दिखाई है, जिससे यह कन्फर्म हो गया है कि इसके पिछले हिस्से में एक सेकेंडरी डिस्प्ले होगा। इसके अलावा, फोन में मेटल फ्रेम होने की भी जानकारी दी गई है। यह हैंडसेट पहले ही Tecno की ग्लोबल वेबसाइट पर अपनी मुख्य स्पेसिफिकेशन्स, फीचर्स, कलर ऑप्शन और दूसरी जानकारियों के साथ लिस्ट हो चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Pova 8 Pro 5G को पहले Google Play Console डेटाबेस पर भी देखा गया था, जिससे इसके जल्द आने का संकेत मिला था। बता दें कि ग्लोबल मार्केट में, Pova 8 Pro 5G में MediaTek Dimensity 7000 सीरीज का चिपसेट दिया गया है।

Pova 8 Pro 5G भारत में 18 अगस्त को होगा लॉन्च

गुरुवार को एक प्रेस रिलीज में, टेक कंपनी ने घोषणा की कि Pova 8 Pro 5G को भारत में 18 अगस्त को लॉन्च किया जाएगा। टेक कंपनी ने यह भी बताया है कि आने वाले स्मार्टफोन के पिछले हिस्से में, कैमरा मॉड्यूल के बगल में एक सेकेंडरी डिस्प्ले (जिसे ‘अलाइव मैट्रिक्स डिस्प्ले’ कहा जा रहा है) दिया जाएगा। Pova 8 Pro 5G में दाईं ओर Orange कलर का एक नया बटन होने का भी संकेत मिला है। इसके अलावा, फोन में एक फ्लैट मेटल फ्रेम भी होगा।

बता दें कि फोन के लॉन्च के आस-पास ही इसकी मुख्य स्पेसिफिकेशन और फीचर जैसी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

Pova 8 Pro 5G के स्पेसिफिकेशन

Pova 8 Pro 5G को Tecno की ग्लोबल वेबसाइट पर पहले ही लिस्ट किया जा चुका है। यहां फोन के स्पेसिफिकेशन, फीचर्स और कलर ऑप्शन की जानकारी दी गई है। ग्लोबल मार्केट में यह फोन Arc White, Graphite Black और Tundra Green कलर में उपलब्ध है।

सॉफ्टवेयर की बात करें तो फोन Android 16 पर आधारित HiOS 16 पर चलता है। इसमें ऑक्टा-कोर MediaTek Dimensity 7400 Ultimate चिपसेट दिया गया है, जिसे 4nm प्रोसेस पर बनाया गया है। इस चिपसेट की अधिकतम क्लॉक स्पीड 2.6GHz तक है। वहीं, ग्राफिक्स के लिए इसमें Arm Mali-G615 MC2 GPU दिया गया है।

स्टोरेज और RAM के मामले में Pova 8 Pro 5G को तीन कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है। इनमें 8GB RAM + 256GB स्टोरेज, 12GB RAM + 256GB स्टोरेज और 12GB RAM + 512GB स्टोरेज शामिल हैं।

इसके अलावा, Pova 8 Pro 5G के ग्लोबल वर्जन में 6.78-इंच (1,208 x 2,644 पिक्सल) का HyperLux AMOLED डिस्प्ले है, जो 144Hz तक का रिफ्रेश रेट, 429 ppi पिक्सल डेंसिटी, 4,500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, 1.07 बिलियन कलर्स और 93.18% स्क्रीन-टू-बॉडी रेश्यो देता है। वहीं, इसका डायमेंशन 162.48×77.27×7.39mm है और वजन लगभग 189g है।

कैमरे की बात करें तो, Pova 8 Pro 5G में पीछे की तरफ डुअल कैमरा सेटअप है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन के साथ 50MP का मेन कैमरा और 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा शामिल है। जबकि सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 13MP का फ्रंट कैमरा भी है।

इसके अलावा, फोन को पावर देने के लिए इसमें 6,500mAh की बैटरी दी गई है जो 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। साथ ही सुरक्षा के लिए इसमें अंडर-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर भी दिया गया है।

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Awarapan 2 Advance Bookings: एडवांस बुकिंग में फिल्म ने पार्ट 1 के लाइफटाइम कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ा, धमाकेदार होगी शुरुआत

Awarapan 2 Advance Bookings: हो सकता है कि कई युवा दर्शकों को यह सुनकर हैरानी हो-क्योंकि उन्होंने इमरान हाशमी की फ़िल्म ‘आवारापन’ के बारे में बड़े दर्शकों से हमेशा अच्छी बातें ही सुनी हैं—कि 2007 में रिलीज होने पर यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही थी। विशेष फ़िल्म्स की इस फ़िल्म ने अपनी पूरी अवधि में सिर्फ़ ₹7.7 करोड़ की नेट कमाई की थी।

लेकिन समय के साथ, जैसे-जैसे दर्शकों ने इसे होम मीडिया, केबल और बाद में स्ट्रीमिंग पर देखा, ‘आवारापन’ को एक ‘कल्ट फ़ॉलोइंग’ (खास चाहने वालों का वर्ग) मिली। इसी देर से मिली पहचान और प्यार का फ़ायदा अब इसके सीक्वल को मिल रहा है, जो इस हफ़्ते के आखिर में रिलीज़ होने वाला है। ‘आवारापन 2’ के 2026 में बॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फ़िल्मों में से एक बनने की उम्मीद है। असल में, फ़िल्म को लेकर इतनी ज़बरदस्त चर्चा है कि यह रिलीज़ से पहले ही पहले पार्ट की कुल कमाई का आंकड़ा पार करने की राह पर है।

आवारापन 2 की एडवांस बुकिंग

आवारापन 2 की एडवांस बुकिंग रिलीज़ से सिर्फ 48 घंटे पहले शुरू हुई, लेकिन बुधवार को ही इसे जबरदस्त शुरुआत मिली। गुरुवार को दोपहर 3 बजे तक, यानी फ़िल्म के रिलीज होने से सिर्फ़ 18 घंटे पहले, आवारापन 2 के रिलीज़ वाले दिन के लिए 1.3 लाख से ज़्यादा टिकट बिक चुके थे। Sacnilk के अनुसार, फिल्म ने अपने ओपनिंग डे के लिए ₹4 करोड़ के टिकट बेचे हैं।

ट्रेड जानकारों का अनुमान है कि फिल्म के ओपनिंग वीकेंड और उसके बाद की कुल एडवांस बुकिंग ₹9 करोड़ ग्रॉस (₹7-8 करोड़ नेट) से ज़्यादा होगी। इसका मतलब है कि रिलीज़ से पहले ही, आवारापन 2 ने अपनी पिछली फ़िल्म की कुल कमाई का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

आवारापन ने ओपनिंग डे पर ₹79 लाख कमाए थे और अपने पहले वीकेंड में ₹2.88 करोड़ की नेट कमाई की थी। महंगाई को ध्यान में रखने के बाद भी, यह आंकड़ा कम था। इसके उलट, उम्मीद है कि आवारापन 2 इमरान हाशमी की सबसे बड़ी ओपनर फ़िल्म होगी और पहले दिन ही ₹20 करोड़ का आंकड़ा छू सकती है।

बॉक्स ऑफ़िस पर ‘आवारापन 2’ का मुक़ाबला सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ से हो रहा है। लेकिन ट्रेड एनालिस्ट का मानना ​​है कि इस मुक़ाबले में ‘आवारापन 2’ ही जीतेगी। ज़्यादातर अनुमानों के मुताबिक़, फ़िल्म की ओपनिंग ज़बरदस्त ₹20 करोड़ नेट की हो सकती है। यहाँ तक कि कम से कम अनुमान भी ₹15-18 करोड़ के आसपास हैं, जो एक मज़बूत आंकड़ा है। मौजूदा हालात को देखते हुए, ‘आवारापन 2’ को अपने ओपनिंग वीकेंड में ही दुनिया भर में ₹100 करोड़ का आँकड़ा पार कर लेना चाहिए, जो कि पहले पार्ट की लाइफ़टाइम कमाई का आठ गुना है। यह एक असाधारण बदलाव है।

SBI Lakhpati Scheme: एसबीआई की सुपरहिट स्कीम! सिर्फ ₹600 महीना जमा करके पाएं ₹1 लाख से ज्यादा का फंड

SBI Har Ghar Lakhpati Scheme: अगर आप अपने बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या किसी बड़े लक्ष्य के लिए बिना जोखिम के फंड तैयार करना चाहते हैं, तो देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की खास योजना ‘हर घर लखपति स्कीम’ आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।

यह एसबीआई की एक फ्लैगशिप रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना है, जिसके तहत आप छोटी-छोटी मासिक बचत के जरिए ₹1 लाख या उससे ज्यादा का बड़ा फंड आसानी से बना सकते हैं। आइए इस योजना की पात्रता, ब्याज दरों, मैच्योरिटी नियमों और कैलकुलेशन को आसान भाषा में बताते हैं।

क्या है एसबीआई की ‘हर घर लखपति’ योजना?

यह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा पेश की गई एक स्पेशल रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों और मध्यम वर्ग में नियमित बचत की आदत को बढ़ावा देना है। ग्राहक अपनी सुविधा और वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से 3 साल से लेकर 10 साल तक की अवधि चुन सकते हैं। इस योजना में हर महीने एक निश्चित राशि जमा करके मैच्योरिटी पर ₹1 लाख या उससे अधिक का गारंटीड कॉर्पस प्राप्त किया जा सकता है।

कौन खोल सकता है यह खाता?

एसबीआई ने इस योजना को हर वर्ग के लिए बेहद सुलभ बनाया है। इस खाते को कोई भी नागरिक अकेले या किसी के साथ मिलकर सिंगल या जॉइंट अकाउंट खोल सकता है। 10 साल या उससे अधिक उम्र के बच्चे जो स्वतंत्र रूप से हस्ताक्षर कर सकते हैं, वे अपने नाम पर यह खाता खोल सकते हैं। छोटे बच्चों के लिए उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाता खोल सकते हैं।

कैसे ₹600 महीना जमा करके बनेंगे ₹1.10 लाख?

एसबीआई के उदाहरण के अनुसार, लंबी अवधि के लिए छोटी-सी मासिक बचत कैसे बड़ा फंड बनाती है, इसे इस कैलकुलेशन से समझें:

  • मासिक किस्त: ₹600 प्रति माह
  • समय अवधि: 10 साल (120 महीने)
  • कुल निवेश: ₹72,000 (10 सालों में)
  • अनुमानित रिटर्न: लगभग 8% (कर्मचारी/वरिष्ठ नागरिक/विशेष दरों के तहत)
  • कुल ब्याज: करीब ₹38,000
  • मैच्योरिटी पर कुल रकम: लगभग ₹1.10 लाख

₹1 लाख का फंड बनाने के लिए हर महीने कितना करना होगा निवेश?

आप जितने कम समय की अवधि चुनेंगे, आपकी मासिक किस्त उतनी ज्यादा होगी। ₹1 लाख का फंड पाने के लिए विभिन्न अवधियों का अनुमानित गणित इस प्रकार है:

₹1 लाख का फंड बनाने के लिए हर महीने कितना करना होगा निवेश?

किस श्रेणी के ग्राहक को कितना मिलेगा ब्याज?

हर घर लखपति योजना में ब्याज दरें आपकी चुनी गई अवधि और आपकी श्रेणी पर निर्भर करती हैं:

सामान्य नागरिक: 3 से 4 साल की अवधि के लिए 6.55% और 5 से 10 साल की अवधि के लिए 6.30% तक ब्याज दर।

वरिष्ठ नागरिक: सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50% अधिक यानी 6.80% से 7.05% तक ब्याज दर।

एसबीआई स्टाफ और रिटायर्ड कर्मचारी: इन्हें आम नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों से भी अधिक विशेष प्रीमियम ब्याज दरें प्रदान की जाती हैं।

प्री-मैच्योर विड्रॉल और जुर्माना

अगर आपको इमरजेंसी में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालना पड़ता है, तो उसके लिए एसबीआई के कुछ नियम लागू होते हैं:

  • 7 दिनों के भीतर: खाता खोलने के 7 दिनों के भीतर पैसा निकालने पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
  • ₹5 लाख तक के डिपॉजिट पर: मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करने पर 0.50% की पेनाल्टी लगेगी।
  • ₹5 लाख से अधिक के डिपॉजिट पर: समय से पहले निकासी पर 1% की पेनाल्टी काटी जाएगी।
  • टैक्स नियम: इस योजना पर मिलने वाले ब्याज पर आयकर नियमों के तहत टीडीएस और टैक्स लागू होगा।

क्या आपको इस स्कीम में निवेश करना चाहिए?

अगर आप बिना किसी मार्केट रिस्क के, निश्चित ब्याज दर के साथ अपने बच्चों या खुद के लिए ₹1 लाख या उससे बड़ा फंड जमा करना चाहते हैं, तो एसबीआई की यह ‘हर घर लखपति’ योजना एक अनुशासित और सुरक्षित रास्ता है। अपनी आय और क्षमता के अनुसार मासिक किस्त तय करके आज ही इसकी शुरुआत की जा सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।