IMD Rain Alert: इन राज्यों में अगले 7 दिन होगी आफत वाली बारिश! 25 अक्टूबर तक आंधी-बिजली का भी खतरा, आपके इलामें ऐसा रहेगा मौसम

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में आज यानी 19 से 25 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हवा की रफ्तार झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कुछ दिनों तक बारिश और खराब मौसम देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में बारिश की मात्रा 12 से 20 सेंटीमीटर के बीच रही। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

किस राज्य में कब होगी बारिश? जानिए IMD का पूरा पूर्वानुमान

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आज यानी 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 19 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में सात दिन बारिश की आशंका

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 21 से 23 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

कर्नाटक में अलर्ट

तटीय कर्नाटक में 19 से 22 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर तक व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 22 और 23 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 और 21 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। यहां 19 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं का भी अनुमान है।

लक्षद्वीप

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को तेज हवाएं तथा 21 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

अंडमान-निकोबार में भी बारिश का दौर

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान-निकोबार में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। द्वीप समूह में 20 अक्टूबर और फिर 23 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ओडिशा में 19 से 22 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को यहां गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का भी अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवात बनने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 19 अक्टूबर की सुबह भी उसी इलाके में सक्रिय था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह मौसम तंत्र अगले 2 से 3 दिनों में पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।

हालांकि, मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान में इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इसके अवदाब में मजबूत होने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के तट के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और आसपास के पंजाब क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों तथा दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और त्रिपुरा के पास भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

दिल्ली-UP समेत उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत का कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। इसका मतलब है कि फिलहाल इन क्षेत्रों के लिए कोई महत्वपूर्ण व्यापक मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में जाने से पहले बरतें सावधानी

IMD ने मछुआरों के लिए समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है:- 

  • 19 से 22 अक्टूबर: दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • 22 से 24 अक्टूबर: केरल और कर्नाटक के तटों के पास तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
  • बंगाल की खाड़ी: मौसम विभाग के इस बुलेटिन में कोई मछुआरा चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

Weather Update: नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से उत्तर भारत के मौसम में खलबली! साउथ से लेकर नॉर्थ तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update: देश भर में मौसमी गतिविधियों में एक बार फिर से बेहद उतार-चढ़ाव वाला दौर दिखने की संभावना बन रही है। एक ओर जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो रही है। वहीं दूसरी ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में बड़ी हलचल पैदा करने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सोमवार 5 अक्टूबर को जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी जबकि मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के आंकड़ों की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, केरल और तटीय व आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज हुई।

उत्तर भारत में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय: जानें बारिश, बर्फबारी और आंधी का हाल

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में सक्रिय हो गया है। इसके असर से 6 से 10 अक्टूबर के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 और 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 11 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बनी रहेंगी।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 11 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 6 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में भी 6 व 7 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलेंगी।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में निचले क्षोभमंडल में कई चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है जबकि कोमोरिन क्षेत्र से तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। इनके असर से दक्षिण में मौसम काफी उग्र रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज, 5 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी दी गई है।

केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 और 10 अक्टूबर को फिर से भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 5 व 6 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी प्रणालियों का व्यापक असर बना रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 5 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 और 6 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

तटीय महाराष्ट्र में उमस भरा मौसम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 अक्टूबर को तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

आज का मौसम: IMD ने 28 सितंबर को इन 7 राज्यों में दिया आंधी-बारिश का अलर्ट! बिहार, राजस्थान से दक्षिण भारत तक थंडरस्टॉर्म की चेतावनी

Today Weather Forecast 28 Sep 2026: देश के अलग-अलग हिस्सों में बने मौसमी सिस्टम के चलते आज 28 सितंबर को बारिश और आंधी-तूफान का व्यापक असर देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने की गंभीर चेतावनी जारी की है।

उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज देश के तीन प्रमुख क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।

अंडमान में 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल की चेतावनी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास सक्रिय मौसमी चक्र की वजह से वहां स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है। IMD ने चेतावनी दी है कि आज द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अनुमान

देश के 7 से अधिक राज्यों में तेज रफ्तार झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का अलर्ट जारी किया गया है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश की वादियों तक आज बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।

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बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में भी मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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कल का मौसम: 16 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

Weather update for September 16: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु तक देश के 9 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश होने की पूरी आशंका जताई गई है। अलग अलग मौसमी प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 16 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में कई जगहों पर तेज बारिश की संभावना है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में मूसलाधार पानी बरस सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

केरल, तमिलनाडु और अंडमान में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर और आंध्र प्रदेश में आंधी व तेज हवाओं की चेतावनी

देश के विस्तृत मैदानी और तटीय इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

यूपी, एमपी, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR में बिजली चमकने का अनुमान

मौसम विभाग ने देश के 9 से अधिक राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली चमकने को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने की पूरी संभावना जताई गई है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट: मछुआरों को हिदायत

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के असर की वजह से स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी स्पीड 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे उत्तरी गुजरात तटों पर 35 से 45 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसमबना रहेगा, जहां हवा की गति 55 किमी/घंटे तक जा सकती है।

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दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी अंडमान सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। ये बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा।

Weather Alert: गुजरात में बेहद भारी बारिश का खतरा, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भी IMD का अलर्ट! 19 सितंबर से मानसून की वापसी

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर के मौसम को लेकर लेटेस्ट वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मानसून की वापसी की आहट के बीच देश के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, उससे सटे कच्छ क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 15 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

जानिए देशभर में पिछले 24 घंटों का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी भारत में 15 सितंबर को बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। IMD ने सौराष्ट्र एवं कच्छ में 15 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 15 सितंबर को गुजरात रीजन और सौराष्ट्र व कच्छ में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कोंकण और गोवा में 15-16 सितंबर तथा 19-21 सितंबर के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के असर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 16 और 17 सितंबर को अधिकांश जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ बारिश होगी। 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 17 सितंबर को व्यापक बारिश होने का अनुमान है जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।

बिहार में गंभीर बिजली कड़कने की चेतावनी, बंगाल और ओडिशा का मौसम

पूर्वी भारत में 15 सितंबर को बिहार में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। बिहार में 17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 20 सितंबर तक तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 20 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 15 से 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जहां 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 15 सितंबर और 18 से 21 सितंबर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 17 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 19 से 21 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विदर्भ में 20 और 21 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में 15 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल व माहे और लक्षद्वीप में 15 से 21 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना में 17 से 21 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 15 से 21 सितंबर तक, केरल व माहे में 15-16 और 19-21 सितंबर को तथा तेलंगाना में 19 से 21 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

समंदर में तूफानी स्थिति: मछुआरों के लिए चेतावनी जारी

तटीय और समुद्री इलाकों में प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सतर्क किया है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 15 और 16 सितंबर को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 19 सितंबर तक तूफानी हवाएं जारी रहेंगी। दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 18 से 20 सितंबर तक तथा अंडमान सागर में 16 से 20 सितंबर के बीच खराब मौसम और चक्रवाती हवाओं के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।

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Monsoon Update: मानसून की विदाई के संकेत के बीच यूपी से गुजरात तक भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई और देश भर में जारी मौसमी हलचलों को लेकर ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। हालांकि मानसून की विदाई के इन संकेतों के बीच देश के कई हिस्सों में झमाझम और आफत की बारिश का दौर जारी है।

दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 14 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ में अत्यंत भारी बारिश और गुजरात रीजन में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों का हाल और सक्रिय मौसमी प्रणालियां

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान हरियाणा, तेलंगाना और पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 से 20 सेमी तक की बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कोंकण, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात रीजन, उत्तराखंड, तमिलनाडु, ओडिशा और असम के कई हिस्सों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कोंकण-गोवा में अत्यंत भारी बारिश का संकट

पश्चिमी भारत में 14 सितंबर को बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र एवं कच्छ के अलग-अलग इलाकों में 14 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात रीजन में 14 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की आशंका है जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में 15 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

मध्य महाराष्ट्र में 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कोंकण और गोवा संग गुजरात रीजन व सौराष्ट्र-कच्छ में 14 और 15 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR, राजस्थान और पंजाब में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलेगा। उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में 14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 और 15 सितंबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान दोनों हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। राजस्थान में 14 से 16 सितंबर के बीच 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अनुमान जताया गया है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम

मध्य भारत के राज्यों में 14 सितंबर को व्यापक बारिश का असर दिखेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर को कई जगहों पर बारिश होगी। इसमें पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट शामिल है। विदर्भ में 14 और 15 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 15 से 20 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में छिटपुट बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बंगाल, बिहार और ओडिशा में बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में 14 से 20 सितंबर के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। 16 सितंबर को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 16 और 17 सितंबर को और ओडिशा में 14 सितंबर और 18 से 20 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 14 से 18 सितंबर के दौरान तेज आंधी और हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 15 से 18 सितंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 सितंबर तक बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना और कर्नाटक में आंधी-तूफान का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में केरल, माहे और लक्षद्वीप में 14 से 20 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 14 सितंबर को 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 14 से 20 सितंबर तक, केरल व माहे में 14-16 और 19-20 सितंबर को, तथा तटीय आंध्र प्रदेश, यानम व रायलसीमा में 19 और 20 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

समुद्र में तेज हवाएं: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों में हवाओं के कड़े रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को चेतावनी दी है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। उत्तरी महाराष्ट्र तट, पूर्व-मध्य अरब सागर और दक्षिण केरल तट से सटे कोमोरिन क्षेत्र में 14 सितंबर को खराब समुद्री स्थिति रहेगी।

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इसके साथ ही सोमालिया तट और उससे लगे अरब सागर में 19 सितंबर तक और बंगाल की खाड़ी व अंडमान सागर के इलाकों में 15 से 19 सितंबर के दौरान तूफानी हवाएं चलने के कारण समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी! फिर बन रहा नया वेदर सिस्टम, MP, छत्तीसगढ़, यूपी समेत 10 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसूनी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 सितंबर को जारी ताजा वेदर बुलेटिन में एक नए और ताकतवर वेदर सिस्टम के एक्टिव होने की बड़ी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक 11 सितंबर के आसपास पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तटों पर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है।

इस नए सिस्टम और देश के अलग-अलग हिस्सों में एक्टिव साइक्लॉनिक सर्कुलेशन की वजह से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत 10 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है।

बीते 24 घंटों का हाल: अंडमान और असम में रिकॉर्ड 20 सेमी तक बारिश

बीते 24 घंटों में देखें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और असम में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मिजोरम में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

एक्टिव वेदर सिस्टम: उत्तर प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक बने कई सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है। निचले ट्रोपोस्फीयर में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार के इस सिस्टम तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।

दक्षिण तेलंगाना से मन्नार की खाड़ी तक और उत्तरी हरियाणा के ऊपर भी अलग-अलग ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर साइक्लॉनिक सर्कुलेशन एक्टिव हैं। इन मौसमी प्रणालियों के बीच 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया लो-प्रेशर सिस्टम मानसूनी हवाओं को और अधिक बल देगा।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 10 से 14 सितंबर तक भारी बारिश

IMD के मुताबिक मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश में काफी तेजी देखने को मिलेगी। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 से 14 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होगी। इस दौरान छत्तीसगढ़ में 10 से 14 सितंबर के बीच और पूर्वी मध्य प्रदेश में 12 व 13 सितंबर को भारी बारिश की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 14 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिसमें 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 12 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है जबकि 8 से 14 सितंबर तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में 10 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत के राज्यों में 8 से 14 सितंबर के दौरान भारी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। ओडिशा में 10 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार यानी बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 11 और 12 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी। 8 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में तेज आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है। बिहार में 8 से 10 सितंबर और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 सितंबर को और फिर 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 9 से 11 सितंबर तक और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 8 और 12 से 14 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 12 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि 8, 9, 11, 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 12 सितंबर के बीच लगातार भारी बारिश और बिजली गिरने का सिलसिला बना रहेगा।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड में लगातार बारिश, मैदानी इलाकों में छिटपुट बौछारें

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में मानसून का असर बना रहेगा। उत्तराखंड में 10 से 14 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश होगी और इस पूरे अंतराल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को व्यापक स्तर पर बारिश होगी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के बाकी हिस्सों में 14 सितंबर तक छिटपुट स्थानों पर बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण, गुजरात और तटीय आंध्र प्रदेश में बिगड़ेगा मौसम

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 8 से 14 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जहां 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र में 12 और 13 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 13 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम का सीधा असर दिखेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 से 14 सितंबर के बीच तथा तेलंगाना में 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में 8 से 12 सितंबर तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही और झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

गर्मी व उमस और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने 8 और 9 सितंबर को केरल व माहे में और 8 से 10 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में मौसम के बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना जताई है। समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए IMD ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है।

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सोमालिया तट के पास और अरब सागर के हिस्सों में 13 सितंबर तक तथा ओमान तट के पास 11 सितंबर तक तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। वहीं अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के आसपास 10 से 13 सितंबर के दौरान स्थिति खराब रहेगी, इसलिए मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

उत्तर भारत में एक्टिव हुआ लो-प्रेशर सिस्टम! अगले 6 दिनों तक दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, यहां-यहां बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: उत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक नया लो प्रेशर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 5 सितंबर को जारी वेदर बुलेटिन के अनुसार, इस मौसमी तंत्र की वजह से अगले दो दिनों के दौरान यह प्रणाली पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक व्यापक रूप से गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों का हाल और राज्यों में दर्ज की गई रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड और तमिलनाडु में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत का वेदर अपडेट

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 5 सितंबर से मानसूनी हवाएं काफी मजबूत रहने वाली हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश पर बने लो-प्रेशर सिस्टम के चलते दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक स्तर पर बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तराखंड में 5 से 11 सितंबर तक लगातार बारिश, आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 5 से 7 सितंबर और 10 व 11 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि 6 सितंबर को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 5 सितंबर को तेज आंधी और बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश के आसार

मध्य भारत में लो-प्रेशर एरिया के सीधे असर के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी इस इलाके में भारी बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 सितंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर बादल बरसेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी। छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश में तेजी आएगी और भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि विदर्भ क्षेत्र में 11 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी हलचल बनी रहेगी। बिहार में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 6 से 8 सितंबर और 11 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश दर्ज हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 7 सितंबर और 11 सितंबर को मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में 8 और 9 सितंबर, झारखंड में 9 सितंबर तथा ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 5 से 11 सितंबर के दौरान मध्यम से तेज बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल, असम समेत सभी 7 राज्यों में मूसलाधार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर अगले एक हफ्ते तक बेहद मजबूत रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 सितंबर के दौरान लगातार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 5 से 11 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है।

पश्चिमी और दक्षिण भारत का हाल: तेज हवाओं का दौर, बारिश धीमी

पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा के इलाकों में 5 से 9 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश जारी रहेगी जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 5 से 11 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। दक्षिण भारत की बात करें तो प्रायद्वीपीय हिस्सों में बारिश काफी सुस्त रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 5 से 11 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।

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IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम से अलर्ट पर ये 6 राज्य! यूपी-बिहार संग इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र रूप धारण करने वाला है। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर को ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यह नया मौसमी तंत्र अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और झारखंड के पार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत 6 प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में अत्यंत भारी बारिश, ओडिशा में बीते 24 घंटे में बरसा 20 सेमी पानी

मौसम विभाग के मुताबिक 1 सितंबर को झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गांगेय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बीते 24 घंटों के दौरान भी मानसूनी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है, जहां ओडिशा में 20 सेमी से अधिक बेहद भारी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा और झारखंड में बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज हुई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी ट्रफ और निचले व मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बने ट्रफ के प्रभाव से व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक भारी बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 2 से 5 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 1 से 7 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लगातार 5 दिनों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान

मध्य भारत के राज्यों में कम दबाव के क्षेत्र का काफी असर देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 1 और 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 3 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर के दौरान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच बेहद भारी बारिश होने के आसार हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग अलग हिस्सों में 1 से 5 सितंबर तक आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक की स्थिति लगातार बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

पूर्वोत्तर भारत में 1 सितंबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि अरुणाचल प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और 6 से 7 सितंबर के दौरान भारी बारिश होगी।

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दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी। वैसे तटीय कर्नाटक और केरल में 2 से 4 सितंबर के बीच अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।