Gift Nifty Indicator: ग्लोबल बाजारों में गिरावट के बीच क्या हरे निशान में खुलेंगे भारतीय बाजार, जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या मिल रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator:  कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, US-ईरान शांति समझौते की दिशा में प्रगति की उम्मीदें और घरेलू कंपनियों की अच्छी कमाई का माहौल भारतीय इक्विटी को सहारा दे सकता है। हालांकि एशियाई टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी का असर क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ रहा है। यहीं कारण है कि 6 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल संकेतों के मिले-जुले होने के बावजूद GIFT निफ्टी पॉजिटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है।

सुबह लगभग 7:45 बजे GIFT निफ्टी 58.5 अंक या 0.24 फीसदी बढ़कर 24,693 पर ट्रेड कर रहा था, जो संकेत देता है कि निफ्टी 50 बुधवार के 24,624.65 के क्लोजिंग लेवल से ऊपर खुल सकता है। यह पॉजिटिव संकेत भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के बुधवार के सेशन में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी की घोषणा के बाद मजबूती के साथ बंद होने के बाद आया है। सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 फीसदी बढ़कर 78,581.00 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 फीसदी बढ़कर 24,624.65 पर पहुंचा और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद 24,600 के स्तर से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।

एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार की जोरदार तेजी के बाद एशियाई इक्विटी में सुस्ती देखी गई, जिसमें वॉल स्ट्रीट में रात भर की कमजोरी के बाद टेक्नोलॉजी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.69 प्रतिशत की गिरावट आई। जापान का निक्केई 225 1.57 प्रतिशत गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.64 फीसदी नीचे आया क्योंकि बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों पर दबाव था। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 2.44 फीसदी की गिरावट आई, जबकि SK हाइनिक्स लगभग 7 फीसदी लुढ़क गया।

US बाजार रात भर मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए, जिसमें डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। ईरान के साथ संभावित शांति समझौते की दिशा में प्रगति को लेकर उम्मीद टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी पर भारी पड़ी। डाउ में 0.49 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 में 0.17 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 0.83 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि तिमाही नतीजों के बाद स्पेसएक्स और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेस के शेयरों में कमजोरी देखी गई।

तेल की कीमतों में नरमी

कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि निवेशक यह आकलन कर रहे थे कि क्या ईरान-ओमान बातचीत में हुई प्रगति से अंततः अमेरिका-ईरान के बीच व्यापक शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने का रास्ता साफ हो सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.18 प्रतिशत गिरकर 79.31 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.35 प्रतिशत गिरकर 74.96 डॉलर पर आ गया।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पॉलिसी फैसले के बाद, अब निवेशकों का ध्यान अप्रैल-जून तिमाही के जारी अर्निंग्स सीजन (कंपनियों के नतीजों के दौर) पर लौटने की उम्मीद है। कंपनियों के नतीजे और मैनेजमेंट की कमेंट्री स्टॉक-स्पेसिफिक हलचल के मुख्य कारण बने रहेंगे, जबकि मध्य पूर्व से जुड़ी वैश्विक घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव व्यापक बाजार धारणा को प्रभावित करते रहेंगे।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को लगातार छह सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर (शुद्ध विक्रेता) बन गए, तथा 943 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,883 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया, जिससे विदेशी बिकवाली के असर को कम करने में मदद मिली।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Stock Market: वॉल स्ट्रीट की थमी तेजी, एशियन मार्केट धड़ाम, निक्केई करीब 2% और कोस्पी 4% टूटा

Asian Stock Market: एशियन मार्केट में 6 अगस्त को गिरावट आई है। आज आई यह गिरावट वॉल स्ट्रीट में हाल ही में टेक्नोलॉजी सेक्टर की वजह से आई तेजी की रफ्तार के धीमी पड़ने के कारण रही है। इस बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर दक्षिण कोरिया पर पड़ा, जहां कोस्पी (Kospi) 4.69% गिर गया। जापान का निक्केई (Nikkei) 1.88% नीचे आया। जबकि टोपिक्स (Topix) में मामूली 0.22% की गिरावट हुई। व्यापक MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.2% फिसला और हैंग सेंग फ्यूचर्स 0.9% नीचे रहा, जिससे संकेत मिलता है कि सावधानी का माहौल पूरे क्षेत्र में फैल रहा था, न कि सिर्फ़ किसी एक बाज़ार तक सीमित था।

वॉल स्ट्रीट

वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में मिला-जुला कारोबार हुआ। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद होने के बाद निवेशक अब कंपनियों की अगली तिमाही की कमाई (कॉर्पोरेट अर्निंग्स) पर ध्यान दे रहे हैं।

डॉव जोन्स फ्यूचर्स में 92 अंक या 0.2% की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में 0.2% की तेजी आई। वहीं, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

पिछले सेशन में, डॉव 263.24 अंक या 0.49% चढ़कर रिकॉर्ड क्लोजिंग ऊंचाई पर पहुंचा और लगातार पांचवें सेशन में बढ़त बनाए रखी। इसके विपरीत, S&P 500 में 0.17% की गिरावट आई, जिससे चार दिन की तेजी का सिलसिला थम गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.83% गिरा।

शानदार कमाई के बावजूद SpaceX के शेयरों में 14% की गिरावट आई, क्योंकि निवेशक गुरुवार को लगभग 101 अरब डॉलर के स्टॉक के ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होने की तैयारी कर रहे थे। चिप से जुड़ी कंपनियों के लिए निराशाजनक माहौल के बीच, डेटा-स्टोरेज फर्म Sandisk और Western Digital के शेयरों में उनके नतीजे आने के बाद ‘आफ्टर-आवर्स’ ट्रेडिंग में क्रमशः 7.5% और 11% की गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतें

गुरुवार को तेल की कीमतों में नरमी आई क्योंकि निवेशक यह आकलन कर रहे थे कि क्या ईरान-ओमान के बीच चल रही बातचीत से अमेरिका-ईरान शांति समझौता हो सकता है। इससे पांच महीने से चल रहा संघर्ष खत्म हो सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 37 सेंट या 0.5% गिरकर 79.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 53 सेंट या 0.7% गिरकर 74.69 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले सेशन में, ब्रेंट में मामूली बढ़त हुई थी, जबकि WTI मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ था।

अमेरिका-ईरान युद्ध

बुधवार को रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच एक प्रस्तावित समझौते पर बातचीत हो रही है। इसका मकसद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करना है। इस समझौते के तहत, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाजों पर तेहरान का अधिकार हो सकता है। अगर यह समझौता फाइनल हो जाता है, तो यह ईरान को अब तक मिली सबसे बड़ी रियायतों में से एक होगी।

अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए जल्द ही कोई समझौता हो सकता है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का लगातार यही कहना है कि वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य (जो वैश्विक ऊर्जा शिपिंग का एक प्रमुख मार्ग है) तक पहुंच पर ईरान का नियंत्रण स्वीकार नहीं करेगा।

इस बीच, पांच सूत्रों के अनुसार, ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके क्षेत्र पर कोई नया सैन्य हमला करता है, तो वह पूरे क्षेत्र में महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर जवाबी हमले करेगा। यह चेतावनी तेहरान की उस रणनीति को दर्शाती है जिसके तहत वह वाशिंगटन के क्षेत्रीय सहयोगियों के हितों को खतरे में डालकर सैन्य कार्रवाई की संभावित कीमत बढ़ाना चाहता है।

आज सोने की कीमत

गुरुवार को लगातार चौथे सत्र में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई और यह सात हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसकी वजह कमजोर अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में कमी थी, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीदों से भी इसे समर्थन मिला।

स्पॉट गोल्ड 1% बढ़कर $4,285.69 प्रति औंस हो गया, जो 18 जून के बाद का उच्चतम स्तर है। इससे पिछले सत्र में भी इस कीमती धातु ने फरवरी के बाद से एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की थी।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

गल्फ संकट के दौरान भारत ने होर्मुज से कैसे निकाले अपने 60 जहाज? संसद में सरकार ने बताया पूरा प्लान

संसद में सरकार ने हाल ही में खाड़ी क्षेत्र (गल्फ) में पैदा हुए तनाव के दौरान उठाए गए कदमों की जानकारी दी। सरकार के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते खतरे के बावजूद भारत ने अपने महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार और जरूरी सामान की आवाजाही को जारी रखा। इसके लिए संबंधित एजेंसियों ने लगातार निगरानी रखी और समय पर आवश्यक कदम उठाए, जिससे देश की आपूर्ति व्यवस्था पर बड़ा असर नहीं पड़ा। संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि, खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बावजूद भारत का सामान लेकर जा रहे 60 मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से पूरी तरह सुरक्षित गुजरने में सफल रहे। सरकार ने ये भी बताया कि, खाड़ी क्षेत्र से 3,972 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया।

इसके अलावा 24 घंटे एक्टिव रहे संकट प्रबंधन सिस्टम ने इस दौरान हजारों फोन कॉल और ईमेल का जवाब देकर लोगों की मदद की। सरकार की ओर से शेयर किए गए ये आंकड़े बताते हैं कि खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए संकट के दौरान भारत ने किस तरह हालात से निपटने के लिए बड़े स्तर पर काम किया।

भारत में ज्यादातार तेल खाड़ी देशों से आता है

खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए संकट के दौरान वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से होकर दूसरे देशों तक पहुंचता है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है, जिसमें इराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देश प्रमुख हैं। ऐसे में अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक कोई रुकावट आती है, तो इसका असर तेल की सप्लाई, माल ढुलाई की लागत और बीमा खर्च पर पड़ सकता है। इससे देश में ईंधन की कीमतों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

60 मालवाहक जहाज आए वापस

सरकार ने बताया कि तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारत की ओर आने वाले 60 मालवाहक जहाज सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लोगों की सुरक्षा और सहायता को भी प्राथमिकता दी गई। सरकार ने जानकारी दी कि, खाड़ी क्षेत्र से 3,972 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया। अधिकारियों के अनुसार, संकट के दौरान समुद्री जहाजों पर काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही उनके परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया और जरूरत पड़ने पर सहायता व परामर्श की व्यवस्था भी की गई। संकट के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए आपातकालीन सहायता व्यवस्था पूरी तरह एक्टिव रखी गई थी।

24 घंटे किया गया काम

सरकार ने बताया कि, पूरे संकट के दौरान 24 घंटे कंट्रोल रूम और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग का संचार केंद्र लगातार एक्टिव रहा। आपात स्थिति में जहाजों को निर्देश दिए गए थे कि वे तुरंत नजदीकी भारतीय नौसेना या सहयोगी देशों के युद्धपोत से संपर्क करें। साथ ही घटना की जानकारी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग, इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) को भी तुरंत दें, ताकि समय रहते जरूरी मदद पहुंचाई जा सके।

सरकार के अनुसार, संकट के दौरान शुरू की गई सहायता व्यवस्था का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ। कंट्रोल रूम शुरू होने के बाद वहां नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों की बड़ी संख्या में मदद की गई। इस दौरान 15,771 फोन कॉल और 36,499 ईमेल का जवाब दिया गया, जिससे साफ है कि हालात को लेकर लोगों में चिंता थी और लगातार संपर्क बनाए रखना जरूरी था।

सोना ₹2,000 से ज्यादा चढ़ा, चांदी 4 हफ्ते के हाई पर पहुंची, इंडियन कंज्यूमर के लिए इस तेजी का क्या है मतलब!

Gold Silver Price Outlook: देश और दुनिया में सोने और चांदी की कीमतों में 5 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। मजबूत ग्लोबल संकेतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश के तौर पर इन कीमती धातुओं की मांग के कारण घरेलू वायदा बाजार (फ्यूचर्स मार्केट) में दोनों में तेजी देखी गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला सितंबर कॉन्ट्रैक्ट 4,545 रुपये या 2.05 फीसदी बढ़कर 2,26,160 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इस साल 9 जुलाई को भी चांदी इसी स्तर के आसपास ट्रेड कर रही थी, जब कमोडिटी एक्सचेंज पर इसकी कीमत 2,26,377 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने के वायदा भाव ₹2,165 या 1.5% बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए।

ग्लोबल बाज़ार में, दिसंबर डिलीवरी के लिए कॉमेक्स (Comex) गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 2% बढ़कर $4,226.50 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 3.21% बढ़कर $61.46 प्रति औंस हो गए।

सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है तेजी?

जानकारों का कहना है कि यह तेजी जियोपॉलिटिकल हालात, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच कीमती धातुओं की बढ़ती मांग की वजह से आई है।

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा, “सोने की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में भी बढ़त देखी गई, क्योंकि जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के कारण निवेशकों ने ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोना खरीदना बढ़ाया है।”

जानकारों के मुताबिक, मार्केट में नए सौदे होने से चांदी की कीमतों को भी फायदा हुआ।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बातचीत में प्रगति की खबरों से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई और कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, जिसके बाद बुलियन की कीमतों में बढ़त हुई।

कच्चे तेल की कम कीमतें महंगाई के दबाव को कम कर सकती हैं, जिससे ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की उम्मीदों पर असर पड़ता है और कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा मिलता है।

RBI का पॉलिसी फ़ैसला और उसका असर

यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने लगातार चौथी पॉलिसी मीटिंग में बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है।

कैपिटलXB के को-फ़ाउंडर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजिताभ भारती ने कहा कि RBI का यथास्थिति बनाए रखने का फैसला आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और महंगाई के जोखिमों पर नजर रखने के बीच संतुलन को दिखाता है। “हालांकि अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव ग्लोबल महंगाई के आउटलुक पर असर डाल रहा है, लेकिन RBI का ध्यान विकास को बढ़ावा देने और साथ ही महंगाई पर बारीकी से नजर रखने पर बना रहेगा।”

इंडियन कंज्यूमर के लिए इस बढ़ोतरी का क्या है मतलब?

सोने-चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी त्योहारी सीजन से ठीक पहले हुई है, जब भारत में आमतौर पर सोने की मांग बढ़ जाती है। ऊंची कीमतें गहने खरीदने के फैसलों पर असर डाल सकती हैं, खासकर उन ग्राहकों के लिए जो अपनी मर्जी से या गैर-जरूरी चीजों के लिए खरीदारी करते हैं।

कामा ज्वैलरी के मैनेजिंग डायरेक्टर कॉलिन शाह ने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चितता और बदलती आर्थिक स्थितियों की वजह से ग्राहक ज़्यादा सतर्क हो सकते हैं।शाह ने कहा, “आर्थिक हालात के अनिश्चित होने की वजह से लोग सतर्क हो रहे हैं। जैसे-जैसे हम त्योहारी सीजन की ओर बढ़ रहे हैं, इसका असर घरेलू मांग पर थोड़ा दिखेगा, खासकर सोना खरीदने के मामले में।”हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोने की पारंपरिक भूमिका यानी मूल्य को सुरक्षित रखने का जरिया – लंबे समय तक इसकी मांग को बनाए रख सकती है।

आगे कहां तक जाएंगे भाव

रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि अगर सोने की कीमत $4,200 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसके $4,500 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना बन सकती है।

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर, इससे सोने की कीमतें लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

वहीं चांदी के आउटलुक पर अगर कीमत लगातार $63 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो यह $70-$71 प्रति औंस की रेंज तक जा सकती है, जो लगभग ₹2.50-2.55 लाख प्रति किलोग्राम के बराबर है।

Silver Price Today: तेजी से बढ़ रही है चांदी की कीमतें, खरीदारी से पहले जान लें 10 प्रमुख शहरों के ताजा भाव

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या बाजार में भरेगी जोश, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा हैं संकेत, RBI की पॉलिसी पर नजर

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। वॉल स्ट्रीट के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने , कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण एशियाई बाजारों में तेजी के बाद GIFT निफ्टी मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। आज सबकी नजरें RBI के पॉलिसी फ़ैसले पर होंगी, जिससे बैंकों, NBFCs, ऑटो और रियल्टी जैसे ब्याज दरों से असर पड़ने वाले सेक्टर के शेयरों पर ध्यान रहेगा।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 165 अंक या 0.67 फीसदी की बढ़त के साथ 24,745 पर ट्रेड कर रहा था, जो यह संकेत देता है कि निफ्टी 50 मंगलवार के 24,614.90 के क्लोजिंग स्तर से काफी ऊपर खुल सकता है। बाजार के सकारात्मक शुरुआत के संकेत तब आए हैं जब भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने मंगलवार को लगातार चार सत्रों की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया था। सेंसेक्स 210.08 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 78,428.95 पर आ गया, जबकि निफ्टी 159.40 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,614.90 पर बंद हुआ। RBI के पॉलिसी फैसले और साप्ताहिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से पहले निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

एशियाई बाजारों में तेजी, वॉल स्ट्रीट रिकॉर्ड ऊंचाई पर

बुधवार को एशियाई इक्विटी में वैश्विक तेजी जारी रही, क्योंकि टेक्नोलॉजी कंपनियों की अच्छी कमाई और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की दिशा में प्रगति की उम्मीदों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। जापान का निक्केई 225 3 फीसदी बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.4 फीसदी चढ़ा। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे व्यापक इंडेक्स 1.5 फीसदी ऊपर चढ़ा।

शुरुआती एशियाई कारोबार में अमेरिकी फ्यूचर्स मिले-जुले रहे, जिसमें बेंचमार्क के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद S&P 500 फ्यूचर्स 0.2 फीसदी ऊपर चढ़े।

अमेरिकी इक्विटी में रात भर आई तेजी के बाद वैश्विक धारणा में काफी सुधार हुआ। अच्छी कॉर्पोरेट कमाई और जियोपॉलिटिकल चिंताओं में कमी के कारण डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। डॉव 1.71 प्रतिशत चढ़ा, जबकि S&P 500 में 1.79 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 2.59 फीसदी की बढ़त हुई। पैलांटिर टेक्नोलॉजीज और कैटरपिलर जैसी AI से जुड़ी कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों और सालाना अनुमानों में बढ़ोतरी के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ावा दिया।

तेल की कीमतों में गिरावट जारी

पिछले सेशन में 5 प्रतिशत से ज़्यादा गिरने के बाद कच्चे तेल की कीमतें दबाव में रहीं, क्योंकि US-ईरान विवाद को खत्म करने के लिए बातचीत में प्रगति की उम्मीदों ने लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट के डर को कम कर दिया। ब्रेंट क्रूड 0.4 फीसदी गिरकर $79.02 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.5 फीसदी गिरकर $75.35 पर आ गया।

RBI के पॉलिसी फैसले पर नज़र

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US-ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर उम्मीद और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार के निकट-अवधि के नजरिए को मजबूत किया है, जबकि विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी से भी बाजार की धारणा को मजबूती मिल रही है।

पोनमुडी ने कहा कि निवेशकों का ध्यान अब पूरी तरह से बुधवार को आने वाले RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के फैसले पर है। बाजार के प्रतिभागी महंगाई, लिक्विडिटी, ग्रोथ और व्यापक पॉलिसी आउटलुक पर केंद्रीय बैंक की टिप्पणी पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा बाजार के मजबूत खुलने की शुरुआत, RBI पॉलिसी पर होगी बाजार की नजर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Crude Oil Price: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, 5% से ज्यादा गिरकर $79 के पास

Crude Oil Price: होर्मुज खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल में गिरावट बड़ी है। कच्चा तेल 5% से ज्यादा गिरकर 79 डॉलर के  पास आया। यह दबाव इस उम्मीद के बीच बना रहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और फारस की खाड़ी से कच्चे तेल की सप्लाई बहाल करने के लिए कोई समझौता हो सकता है। ब्रेंट क्रूड गिरकर $79 प्रति बैरल के आसपास आ गया और $79.14 पर ट्रेड कर रहा था। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.9% गिरकर $75.06 पर आ गया। इससे पहले पिछले दो सेशन में बेंचमार्क में 10% से ज़्यादा की गिरावट आ चुकी थी।

कच्चे तेल की कीमतें क्यों बदल रही हैं?

मंगलवार को कतर ने घोषणा की कि एक अंतरिम प्रस्ताव तैयार किया गया है, जबकि अमेरिका और ईरान दोनों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए बातचीत में प्रगति का संकेत दिया है।

पिछले दो हफ़्तों में तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने राजनयिक बातचीत के लिए और समय देने के लिए ईरान पर नए सैन्य हमलों को टाल दिया है। हालाँकि, भले ही जलडमरूमध्य से व्यावसायिक शिपिंग को बहाल करने के लिए कोई अस्थायी समझौता हो जाए, लेकिन इससे संघर्ष का स्थायी समाधान नहीं हो सकता है या ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वाशिंगटन की चिंताओं का समाधान नहीं हो सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच पिछला संघर्ष-विराम एक महीने से भी कम समय तक चला और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव के कारण टूट गया। नए सिरे से हुए संघर्ष के कारण पिछले महीने ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग $32 का उतार-चढ़ाव आया, क्योंकि तनाव रेड सी (Red Sea) तक फैल गया था। जुलाई के अंत में लड़ाई में कुछ समय के लिए रुकावट आई थी, जिसका उद्देश्य राजनयिक प्रयासों का समर्थन करना था, लेकिन वह भी अंततः विफल हो गया।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कतरी सरकार ने बताया कि ट्रंप ने मंगलवार को कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से भी बात की, ताकि वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा की जा सके। व्हाइट हाउस ने बातचीत की पुष्टि की लेकिन आगे कोई विवरण नहीं दिया।

संभावित राजनयिक प्रगति के एक और संकेत के रूप में, चर्चाओं से परिचित राजनयिकों के अनुसार, ईरान यूरोपीय देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें (माइंस) हटाने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। अलग से, सरकारी IRIB न्यूज़ ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान के साथ बातचीत रचनात्मक रही और रणनीतिक जलमार्ग के माध्यम से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर केंद्रित थी।

इस बीच, मामले से परिचित लोगों के अनुसार, सऊदी अरब ने संघर्ष को फैलने से रोकने के प्रयास में ओमान के मध्यस्थों के माध्यम से यमन के हूथी विद्रोहियों के साथ चर्चा की है। सूत्रों ने कहा कि बातचीत विफल होने की स्थिति में किंगडम सैन्य आकस्मिक योजनाएँ भी तैयार कर रहा है।

आपूर्ति के मोर्चे पर, पिछले सप्ताह अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में 2.7 मिलियन बैरल की वृद्धि हुई, जबकि कुशिंग, ओक्लाहोमा( जो WTI क्रूड के लिए डिलीवरी हब है) में भंडार 2.4 मिलियन बैरल बढ़ गया। यदि बुधवार को बाद में आधिकारिक सरकारी आंकड़ों से इसकी पुष्टि हो जाती है, तो यह मार्च के बाद से कुशिंग में सबसे बड़ी साप्ताहिक वृद्धि होगी और भंडार को वापस 20 मिलियन-बैरल के स्तर से ऊपर ले जाएगी, जिसे सुचारू संचालन के लिए न्यूनतम आवश्यक स्तर माना जाता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा बाजार के मजबूत खुलने की शुरुआत, RBI पॉलिसी पर होगी बाजार की नजर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Crude Oil Price: क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज गिरावट, अचानक प्राइस गिरने की वजह क्या है?

क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई। भारतीय समय के मुताबिक, 4 बजे के करीब ब्रेंट क्रूड 2.23 फीसदी गिरकर 81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड तो एक समय 3 फीसदी से ज्यादा गिर गया था। शाम करीब 6 बजे यह 2.84 फीसदी की गिरावट के साथ 78 डॉलर प्रति बैरल था।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर जल्द समझौते की उम्मीद

क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक गिरावट की वजह अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का बयान है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर बहुत जल्द यहां तक कि मंगलवार या बुधवार को समझौता हो सकता है। अगर दोनों देशों के बीच यह समझौता हो जाता है तो क्रूड की कीमतों पर इसका बड़ा असर पड़ेगा।

अमेरिका और ईरान में समझौते के लिए बातचीत जारी

सीएनबीसी से बातचीत में बेसेंट ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही जल्द शुरू हो जाने की उम्मीद जताई। यह पूछने पर कि क्या प्रस्तावित समझौते से ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल करने वाले जहाजों से टोल वसूलने का अधिकार मिल जाएगा, उन्होंने कहा कि अमेरिका का भरोसा आवाजाही की आजादी में है।

पहले भी अमेरिका और ईरान में समझौते की कोशिशें हो चुकी हैं

बेसेंट के इस बयान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार कहा है कि दोनों देशों के बीच मामले के हल के लिए कूटनीतिक स्तर पर कोशिशें जारी हैं। हालांकि, ईरान ने सार्वजनिक रूप से अमेरिका से किसी तरह की सीधी बातचीत से इनकार किया है। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच समझौते की कई कोशिशें हो चुकी हैं। लेकिन, उनका कोई नतीजा नहीं निकला।

छह महीने मध्यपूर्व में जारी लड़ाई से क्रूड की कीमतों में उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई 28 फरवरी को हुई थी। इसके बाद क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान में पहुंच गईं। हालांकि, 120 डॉलर प्रति बैरल तक जाने के बाद कीमतों में नरमी आई हैं। इसके बावजूद ये लड़ाई से पहले के अपने लेवल से काफी ऊपर हैं। क्रूड की ऊंची कीमतें भारत के लिए अच्छा नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड में उछाल से ऑयल मार्केटिंग कंपनियां चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा चुकी हैं।

यह भी पढ़ें: चाबहार पोर्ट पर संकट क्यों? समझिए US प्रतिबंध के खतरे और ईरान युद्ध के बीच भारत कैसे बचाएगा अपना ड्रीम प्रोजेक्ट

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहने से ऑयल की सप्लाई पर पड़ सकता है असर

भारत क्रूड की अपनी 90 फीसदी जरूरत इंपोर्ट करता है। क्रूड महंगा होने से भारत का आयात बिल बढ़ जाता है। लंबे समय तक क्रूड के हाई लेवल पर रहने का काफी खराब असर सरकार की सेहत पर पड़ेगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मजु के रास्ते जहाजों की आवाजाही नहीं होने से भारत में क्रूड की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है।

Asian Markets: एशिया बाजारों में दबाव, कोस्पी 3% टूटा, निक्केई 1.5% नीचे, क्रूड ऑयल में नरमी

Asian Markets: सोमवार को एशिया बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा है। कोस्पी 4 फीसदी तो निक्केई 3 फीसदी नीचे है। निक्केई करीब 1.42 फीसदी की गिरावट के साथ 63,545.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.03फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.02 फीसदी चढ़कर 43,558.34 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.09 फीसदी की बढ़त के साथ 25,909.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी 3.25 फीसदी टूटा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.61 फीसदी की बढ़त के साथ 3,807.37 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

रविवार शाम को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में बढ़त देखी गई क्योंकि निवेशक जुलाई की रोज़गार रिपोर्ट और अगस्त के पहले हफ़्ते में आने वाले कई कंपनियों के नतीजों (अर्निंग्स कैलेंडर) पर नज़र बनाए हुए थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स में लगभग 200 अंक या 0.4% की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स 0.5% ऊपर चढ़े। नैस्डैक-100 फ्यूचर्स ने बेहतर प्रदर्शन किया और 0.8% की बढ़त हासिल की।

वॉल स्ट्रीट ने शुक्रवार का सत्र सकारात्मक रुख के साथ समाप्त किया; डॉव जोन्स 276.97 अंक या 0.53% बढ़कर 52,485.03 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.7% की बढ़त के साथ यह 7,489.72 पर पहुंचा, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 1% चढ़कर 25,373.85 पर बंद हुआ।

शुक्रवार को प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स के रिकॉर्ड स्तर के करीब बंद होने के बाद, अब निवेशक यह देख रहे हैं कि क्या हालिया तेज़ी को बढ़ावा देने वाले कारक बाज़ार में आगे भी बढ़त बनाए रखने में मदद करेंगे।

कच्चे तेल की कीमतें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ़ नियोजित सैन्य हमले को रद्द करने और सोमवार से ईरान के साथ नई बातचीत शुरू करने की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई।

अक्टूबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड शुरुआती एशियाई कारोबार में 7.3% तक गिर गया, जबकि जुलाई में इसमें लगभग 25% की तेजी आई थी , जो मार्च के बाद से इसकी सबसे बड़ी मासिक बढ़त थी। इस बीच, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया।

अमेरिका-ईरान युद्ध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एयर फ़ोर्स वन में कहा कि उन्होंने ईरान पर बड़े पैमाने पर होने वाले सैन्य हमले को रद्द कर दिया है। ऐसा उन्होंने सऊदी अरब समेत मध्य-पूर्व के प्रमुख सहयोगियों के कहने पर किया, जिन्होंने अमेरिका से कूटनीतिक समाधान खोजने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन इस शर्त पर रद्द किया गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए जल्द समझौता करने की कोशिशें जारी रहेंगी, साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत में तेज़ी लाने को भी कहा।

आज सोने की कीमत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि सोमवार को ईरान के साथ फिर से बातचीत शुरू होगी, सोने की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। इससे उम्मीद जगी कि लंबे समय से चल रहे इस टकराव में कोई समाधान निकलने से ऊर्जा-जनित महंगाई को कम करने में मदद मिल सकती है।

जुलाई में 1% की बढ़त के बाद सोने का कारोबार $4,070 प्रति औंस के आसपास हुआ; फरवरी के बाद यह सोने में पहली मासिक बढ़त थी।

हालिया बढ़ोतरी के बावजूद, पांच महीने से ज़्यादा समय पहले शुरू हुए अमेरिका-ईरान टकराव के बाद से सोने की कीमत में 20% से ज़्यादा की गिरावट आई है। ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं,जो सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों के लिए एक नकारात्मक बात है।

Stock Market Live Update: बाजार लगाएगा आज तेजी की छलांग, गिफ्ट निफ्टी दे रहा गैप-अप ओपनिंग के संकेत

Iran-US War Update: ईरान को धमकाते हुए क्यों पीछे हटे ट्रंप? फिलहाल ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका, सैन्य कार्रवाई रोकी

Iran-US War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान और मध्य पूर्व के कुछ अन्य देशों ने संभावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। इसके बाद उन्होंने वैश्विक हित को ध्यान में रखते हुए सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान पर तय सैन्य हमला इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि तेहरान और मध्य पूर्व के दूसरे देशों ने एक प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए और समय मांगा था।

इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत फिर से खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना शामिल होगा। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ट्रंप ने लिखा कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ ऐसी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, जिसकी ताकत और क्षमता द्वितीय विश्व युद्ध के बाद नहीं देखी गई। हालांकि, उन्होंने कहा कि बातचीत में प्रगति होने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने हमले को फिलहाल रद्द करने का निर्णय लिया।

ट्रंप के मुताबिक, ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तत्काल, पूरी तरह और बिना किसी बाधा के खोलना तथा ईरानी परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समझौता हो जाता है तो यह पूरी दुनिया और ईरान दोनों के लिए फायदेमंद होगा।

इजरायल ने अमेरिका का किया सपोर्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि इजरायल ने भी वार्ता जारी रहने तक सैन्य कार्रवाई टालने के फैसले में अमेरिका का साथ दिया है। उन्होंने सभी पक्षों से जल्द से जल्द समझौता पूरा करने की अपील की। उधर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका, इजरायल या क्षेत्र का कोई अन्य देश ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई करता है, तो तेहरान उसका निर्णायक जवाब देगा।

अराघची ने यह बात तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ अलग-अलग बातचीत के दौरान कही। तुर्किये के विदेश मंत्री ने भी पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच जारी वार्ता की ताजा स्थिति पर चर्चा हुई।

ये भी पढ़ें- Abhijeet Dipke: रिटायर्ड पिता ने विदेश में अभिजीत दिपके की पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया? RTI कार्यकर्ता ने CJP के फंड पर उठाए सवाल, जांच की मांग

हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर ईरान या अन्य संबंधित देशों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए संभावित समझौते और हमले को टालने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि बातचीत जारी रहने के दौरान सैन्य कार्रवाई में देरी करने में इजरायल भी अमेरिका के साथ शामिल हो गया है।

Global Market Today: ग्लोबल बाजार में कोहराम, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा, निक्केई 4% से ज्यादा लुढ़का

Global Market Today: एशियाई बाजारों में 28 जुलाई को गिरावट देखने को मिली। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 फीसदी के लोअर सर्किट पर फिसल गया। निक्केई 4.40 फीसदी टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले है। बेंचमार्क कोस्पी (Kospi) 8.70 फीसदी गिरा। जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक (Kosdaq) में 3.63% की गिरावट आई। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 4.21% गिरा और व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.63% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 शुरुआती कारोबार में 0.38% नीचे आ गया।

वॉल स्ट्रीट

सोमवार को वॉल स्ट्रीट मिला-जुला बंद हुआ क्योंकि निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले सतर्क रहे। बाज़ार के प्रतिभागियों ने तेल की बढ़ी हुई कीमतों पर भी कड़ी नज़र रखी, क्योंकि चिंता थी कि लगातार महंगाई का दबाव फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों पर सख्त रुख बनाए रखने के लिए मजबूर कर सकता है।

S&P 500 मामूली रूप से 0.02% बढ़कर 7,413.18 पर बंद हुआ, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर बंद हुआ।

टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, मेटा और एप्पल इस हफ़्ते अपने तिमाही नतीजे घोषित करने वाले हैं। निवेशक यह भी आकलन कर रहे हैं कि क्या पिछले कुछ वर्षों में बाज़ारों को आगे बढ़ाने वाली AI-संचालित तेज़ी अब अपनी रफ़्तार खो रही है।

अमेरिकी चिप शेयरों में बिकवाली

कई नकारात्मक घटनाक्रमों के बीच सोमवार को चिप शेयरों में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट जारी रही। Nvidia और AMD के शेयरों में 5-5% की गिरावट आई, जबकि Seagate के शेयर कंपनी की तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले 4% गिर गए।

इस बीच, SK Hynix के US-लिस्टेड शेयरों (ADRs) में रातों-रात 7.5% की गिरावट आई और वे अपने $149 के IPO प्राइस से नीचे बंद हुए। Micron और Western Digital के शेयर भी क्रमशः 2% और 4% गिरकर बंद हुए।

US-ईरान युद्ध

Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, Axios की एक खबर में बताया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को एक और मौका देने के लिए ईरान पर सैन्य हमले टालने का फैसला किया है। इस कदम के बावजूद, यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्षों के बीच कोई ठोस बातचीत हुई है या नहीं।

साथ ही, खबर है कि ईरान और ओमान के अधिकारी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग बहाल करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। यह फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ने वाला एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग है। सामान्य समय में, इस जलमार्ग से दुनिया की दैनिक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।

क्रूड में नरमी

मंगलवार, 28 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट जारी रही। यह गिरावट तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान मध्य पूर्व के संघर्ष को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं।

पिछले सत्र में 7% से ज़्यादा गिरने के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $82 प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड में तीन महीने से ज़्यादा समय में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह $88 प्रति बैरल के करीब बंद हुआ।

आज सोने की कीमत

सोने की कीमतें ऊंची बनी रहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि वाशिंगटन और ईरान संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं, युद्ध से महंगाई बढ़ने और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाएं कम हुईं।

सोमवार को 0.6% की बढ़त के बाद, शुरुआती कारोबार में यह कीमती धातु $4,075 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही थी। जून के आखिर से सोना $4,000 प्रति औंस के स्तर के करीब बना हुआ है। इसे ‘बार्गेन बाइंग’ (कम कीमत पर खरीदारी) का सहारा मिला है, जिससे यह ट्रेडर्स द्वारा बारीकी से देखे जाने वाले अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना हुआ है।

हालांकि, पांच महीने पहले संघर्ष शुरू होने के बाद से सोने की कीमतों में 20% से अधिक की गिरावट आई है। इससे उस कई साल की तेजी का अंत हो गया है, जिसने जनवरी के आखिर में कीमतों को लगभग $5,600 प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा दिया था।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।