Maruti Suzuki Q1 Results: नेट प्रॉफिट 11 फीसदी घटकर 3352 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 36 फीसदी बढ़ा

Maruti Suzuki Q1 Results: मारुति सुजुकी ने 31 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 11 फीसदी घटकर 3,352 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, रेवेन्यू 36 फीसदी बढ़कर 52,456 करोड़ रुपये रहा। प्रॉफिट में कमी की वजह एक्सपेंसेज में 40.5 फीसदी उछाल है। इनपुट कॉस्ट बढ़ने से जून तिमाही में कंपनी के एक्सपेंसेज बढ़कर 48,988 करोड़ रुपये हो गए।

प्रॉफिट पर स्टील और दूसरी कमोडिटीज की कीमतें बढ़ने का असर

GST में कमी के बाद व्हीकल्स की बिक्री बढ़ी है। लेकिन, रॉ मैटेरियल की कीमतों में उछाल से कंपनी के प्रॉफिट पर सेल्स बढ़ने का असर नहीं पड़ा। हालांकि, जून तिमाही में कंपनी ने कीमतें बढ़ाई। लेकिन, मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई की वजह से स्टील और दूसरे कमोडिटीज की कीमतों में उछाल आया। इससे कंपनी के मार्जिन पर दबाव रहा।

सेल्स वॉल्यूम साल दर साल आधार पर 29.3 फीसदी बढ़ा

जून तिमाही में कंपनी का सेल्स वॉल्यूम साल दर साल आधार पर 29.3 फीसदी बढ़ा। घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 34.1 फीसदी बढ़ी, एसयूवी की बिक्री 44.6 फीसदी बढ़ी और एक्सपोर्ट्स 28.6 फीसदी बढ़ा। घरेलू बाजार में मारुति की बाजार हिस्सेदारी 2.3 फीसदी बढ़कर 41.2 फीसदी हो गई। मारुति कार और एसयूवी बाजार की देश की सबसे बड़ी कंपनी है।

खारखौदा के नए प्लांट में उत्पादन शुरू होने का फायदा 

कंपनी की सेल्स में इजाफा में सोनीपत के खारखौदा में कंपनी के दूसरे प्लांट में उत्पादन शुरू होने का हाथ है। कंपनी ने कहा है कि जून तिमाही में कंपनी की नेट सेल्स 36 फीसदी बढ़कर 49,959 करोड़ रुपये हो गई। जून तिमाही की शुरुआत से ही रॉ मैटेरियल की कीमतें बढ़नी शुरू हुई थी। मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने पर यह और बढ़ गईं। कंपनी के बोर्ड ने 4 CBG प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी। पहले फेज पर इसका बजट 561 करोड़ रुपये है।

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इस साल कंपनी का शेयर करीब 15 फीसदी गिरा है

मारुति सुजुकी ने 31 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का एलान किया। 3 अगस्त को शेयर बाजार खुलने पर कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर दिखेगा। 31 जुलाई को कंपनी का शेयर 0.37 फीसदी चढ़कर 14,240 रुपये पर बंद हुआ। इस साल शेयर करीब 15 फीसदी गिरा है।

Stock Market Rise: बाजार लगातार तीसरे दिन चढ़ा, सेंसेक्स 166 अंकों की बढ़त के साथ बंद; निवेशकों की दौलत ₹1.32 लाख करोड़ बढ़ी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 31 जुलाई को लगातार तीसरे दिन तेजी रही। सेंसेक्स 166.49 अंकों की बढ़त के साथ 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक चढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.32 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 344 अंक तक उछलकर 78,272.25 के हाई तक गया। यह मार्क दिन के लो से 462 अंक ज्यादा है। निफ्टी भी दिन में पिछली क्लोजिंग से लगभग 112 अंक तक उछलकर 24,429.40 के हाई तक गया।

गुरुवार, 30 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,84,56,699.485 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह बढ़कर 4,85,88,400.40 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 1,31,700.915 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी। निफ्टी पर बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और श्रीराम फाइनेंस टॉप गेनर रहे। वहीं TCS, इटर्नल, इंफोसिस, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट, आईटीसी टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,928.15 पर बंद हुआ था। निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 अंक पर बंद हुआ था। विदेशी निवेशकों की ओर से अच्छी खरीद, रुपये में मजबूती और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए कंपनियों के उत्साहजनक नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को शुद्ध रूप से 3,623.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

विदेशी बाजारों की कैसी रही चाल

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 15 प्रतिशत की बढ़त में है। जापान के निक्केई 225 में भी 4 प्रतिशत की तेजी है। चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी बढ़त में है। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को अच्छी तेजी के साथ बंद हुए थे। यूरोपीय बाजार भी हरे निशान में हैं।

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रुपये में बढ़त

शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 9 पैसे की बढ़त के साथ 95.41 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। गुरुवार को रुपया लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज करते हुए 26 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.50 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ट्राइडेंट कैपिटल की साची त्रिवेदी ने भारतीय बाजार को बताया अट्रैक्टिव, कहा-कोरिया में तेजी सुस्त पड़ने से भारत में निवेश के मौके

भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों के लिए फिर से अट्रैक्टिव बन रहा है। ट्राइडेंट कैपिटल इनवेस्टमेंट्स की फाउंडर और डायरेक्टर साची त्रिवेदी ने यह कहा है। मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने शेयर बाजार को लेकर कई अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में एआई शेयरों की बदौलत आई तेजी अब ठंडी पड़ रही है। इधर, भारतीय बाजारों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है।

सिर्फ कुछ एआई स्टॉक्स की बदौलत चढ़ा कोरिया का बाजार

त्रिवेदी ने कहा कि दक्षिण कोरिया के बाजार में आई जबर्दस्त तेजी की वजह सिर्फ कुछ AI कंपनियों के शेयरों में आया उछाल है। सभी शेयरों में ऐसी तेजी नहीं दिखी है। दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार बीते एक साल में दुनिया में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला शेयर बाजार बन गया है।

इनवेस्टर्स की खरीदारी से कोस्पी में आई जरूरत से ज्यादा तेजी 

क्या दक्षिण कोरिया का बाजार जरूरत से ज्यादा चढ़ गया है? इस सवाल का जवाब त्रिवेदी ने हां में दिया। उन्होंने कहा, “रिटेल इनवेस्टर्स की ज्यादा खरीदारी और उधार के पैसे से बनाए गए डेरिवेटिव्स पोजीशन से बाजार काफी चढ़ गया। जब आप FOMO ट्रेड की कोशिश करते हैं…तो बाजार में ऐसा रिएक्शन दिखता है। “

हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार की वैल्यूएशन घटी

उन्होंने कहा कि हालिया गिरावट के बाद भारतीय बाजार का अट्रैक्शन बढ़ा है। पहले वैल्यूएशन काफी बढ़ गई थी। उन्होंने कहा, “सितंबर 2024 में भारतीय बाजार की वैल्यूएशन काफी ज्यादा थी। मुझे लगता है कि यह 24 गुना या इससे ज्यादा पहुंच गई थी। दूसरे मार्केट्स की वैल्यूएशन सिंगल डिजिट में थी। ऐसे में विदेशी निवेशकों के लिए दूसरे बाजार ज्यादा अट्रैक्टिव हो गए थे। अब मुझे लगता है कि अब स्थिति उलट गई है।”

निवेश के लिए भारतीय बाजार की वैल्यूएशन अब अट्रैक्टिव

त्रिवेदी ने बताया कि अब भारतीय बाजार की वैल्यूएशन ज्यादा अट्रैक्टिव हो गई है, क्योंकि दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में बड़ी तेजी आई है। उन्होंने कहा, “भारतीय बाजार की वैल्यूएशन काफी अट्रैक्विट यानी 20 गुना पर आ गई है। इसलिए मुझे लगता है कि अब भारतीय बाजार अट्रैक्टिव दिख रहा।”

कोविड के बाद से बाजार में आ रहा सिप से बड़ा निवेश 

उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार की वैल्यूएशन को कोविड पीरियड के बाद अलग नजरिए से देखने की जरूरत है, क्योंकि सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए लगातार घरेलू निवेशकों का पैसा आ रहा है। उन्होंने कहा, “कोविड के बाद भारतीय बाजार में नए निवेशक आए हैं और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में सिप के जरिए पैसा आया है।”

इनवेस्टर्स के लिए यह भारतीय बाजार में निवेश का अच्छा मौका

उन्होंने कहा कि लगातार घरेलू खरीदारी से भारतीय बाजार की वैल्यूएशन एक दशक पहले के मुकाबले बढ़ गई। मौजूदा वैल्यूएशन पर निवेशकों को भारतीय बाजार में निवेश के लिए अच्छा मौका है। भारतीय बाजार में निवेश करने वाले किसी इनवेस्टर के लिए यह अच्छा मौका है।

(नलिन मेहता मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर और नेटवर्क18 में चीफ एआई ऑफिसर-एडिटोरियल ऑपरेशंस हैं। नलिन ‘द न्यू बीजेपी: मोदी एंड द मेकिंग ऑफ द वर्ल्ड्स लार्जेस्ट पॉलिटिकल पार्टी’ किताब के लेखक हैं।)

Bajaj Finserv Share Price: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 18% बढ़ा, NII रही 20% ज्यादा; शेयर में 6% तक तेजी

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज फिनसर्व के शेयरों में 31 जुलाई को अच्छी तेजी है। कंपनी ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इसके बाद शेयर में पिछली क्लोजिंग से 6 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर भाव 2025.45 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 3.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसका शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 6,296.67 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 5329.17 करोड़ रुपये था।

कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 3,132.35 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2,789.05 करोड़ रुपये था। कुल इनकम एक साल पहले से 19 प्रतिशत बढ़कर 42,036.90 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 35300.02 करोड़ रुपये थी। खर्च 33,109.82 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 28,097 करोड़ रुपये के थे।

जून 2026 तिमाही में बजाज फिनसर्व की शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 14,528 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 12,083 करोड़ रुपये थी। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 33,027 करोड़ रुपये पर पहुंच गए। बजाज फिनसर्व एक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। यह बजाज ग्रुप के फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस के लिए होल्डिंग कंपनी है। यह बजाज फाइनेंस की पेरेंट कंपनी भी है।

कंपनी री-इंश्योरेंस बिजनेस में करेगी एंट्री

बजाज फिनसर्व के बोर्ड ने एक नई बनी सब्सिडियरी के जरिए री-इंश्योरेंस बिजनेस में उतरने की योजना को भी मंजूरी दी है। कामकाज शुरू करने से पहले इस प्रस्ताव के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) और अन्य संबंधित अथॉरिटीज से मंजूरी लेनी होगी। री-इंश्योरेंस को आसान शब्दों में “बीमा कंपनियों का बीमा” कहा जाता है। यह आम जनता के लिए नहीं होता। इसमें एक मुख्य बीमा कंपनी अपने द्वारा उठाए गए जोखिम का कुछ हिस्सा दूसरी री-इंश्योरेंस कंपनी को ट्रांसफर कर देती है। यह कदम बड़े नुकसान से बचने या आपदाओं के समय आर्थिक रूप से सुरक्षित रहने के लिए उठाया जाता है।

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Bajaj Finserv का शेयर एक महीने में 13 प्रतिशत मजबूत

बजाज फिनसर्व के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर की कीमत एक महीने में 13 प्रतिशत चढ़ी है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 58.71 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 2,194.65 रुपये और एडजस्टेड लो 1,598.15 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Mantra : कोटक AMC की शिबानी कुरियन से जानें, शेयर बाजार के इस रोलर कोस्टर राइड में कहां बनेगा पैसा

Market Mantra : शेयर बाजार इस समय जोरदार रोलर कोस्टर राइड में हैं। ग्लोबल अनिश्चितता,तिमाही नतीजों और बाजार के वैल्यूएशन निवेश की रणनीति पर बड़ा असर डाल रहे हैं। ऐसे में दिग्गज फंड मैनेजर क्या नजरिया लेकर चल रहे हैं, अब आगे बाजार की दिशा क्या होगी? इन सब बातों को लेकर निवेशक कंफ्यूज है। ऐसे में निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं? इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं कोटक महिंद्रा AMC की सीनियर फंड मैनेजर और इक्विटी रिसर्च हेड शिबानी कुरियन।

Q1 नतीजे बाजार के लिए करेंगे बड़े ट्रिगर का काम 

बाजार पर बात करते हुए शिबानी कुरियन ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट के चलते बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है। शॉर्ट टर्म में बाजार का रुख वेस्ट एशिया की स्थिति पर निर्भर करेगी। Q1 अर्निंग्स सीजन से बाजार की रिकवरी को सपोर्ट मिलेगा। अब तक Q1 नतीजे ज्यादातर अनुमान से बेहतर रहे। Q1 नतीजे बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर का काम करेंगे।

लार्जकैप प्राइवेट बैंकों के नतीजों से मिली निराशा

उन्होंने आगे कहा कि मिडकैप कंपनियों के नतीजे सुस्त रहे हैं। OMCs को छोड़कर सभी सेक्टर्स के मजबूत नतीजे आए हैं। स्मॉलकैप कंपनियों के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। NBFCs, ऑटो और कैपिटल गुड्स में अनुमान से बेहतर नतीजे देखने को मिले हैं। लार्जकैप प्राइवेट बैंकों के नतीजों से निराशा मिली है। पिछले 2 साल के मुकाबले अर्निंग्स सीजन में सुधार की उम्मीद दिख रही है।

IT सेक्टर का आउटलुक अभी भी सुस्त

आईटी सेक्टर पर अपनी राय साझा करते हुए शिबानी कुरियन ने कहा कि IT सेक्टर का आउटलुक अभी भी सुस्त है। डिस्क्रिशनरी खर्च में कम सुधार देखने को मिला है। ज्यादातर IT कंपनियों ने ग्रोथ गाइडेंस घटाई है। AI और कंपिटीशन के चलते प्राइसिंग में दबाव देखने को मिल रहा है। IT कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ और आउटलुक कमजोर है। AI से वॉल्यूम ग्रोथ को सपोर्ट मिला है। मिडकैप IT में वैल्यूशन बेहतर दिख रहे हैं। उनके फोकस फंड में 25-30 शेयर हैं। कैपिटल गुड्स, हेल्थकेयर सेक्टर पर ओवरवेट हैं। फाइनेंशियल पर भी ओवरवेट हैं। लेकिन इंश्योरेंस स्पेस पर अंडरवेट हैं।

 

Experts View : आशीष चतुरमोहता से जानें, मौजूदा बाजार में क्या करें निवेशक, लंबे समय के लिए कहां लगाएं दांव?

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

US ETFs: बच्चे की विदेश में पढ़ाई के लिए अमेरिकी ETFs क्यों हैं बेस्ट? जानिए सही करेंसी में बचत का फॉर्मूला

US ETFs for Overseas Education: बच्चों को विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज (US, UK या यूरोप) में पढ़ाना आज कई भारतीय माता-पिता का सपना है। इसके लिए अधिकांश पेरेंट्स सालों पहले से भारतीय म्यूचुअल फंड्स में SIP शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रुपए में की गई आपकी बचत डॉलर में बढ़ते कॉलेज फीस के खर्च के सामने कम पड़ सकती है?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब आपका वित्तीय लक्ष्य डॉलर या विदेशी मुद्रा में है, तो निवेश भी उसी करेंसी में होना चाहिए। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि विदेश में पढ़ाई के लिए US ETFs में सीधा निवेश क्यों सबसे समझदारी भरा विकल्प है।

रुपए में बचत क्यों पड़ सकती है कम?

अगर आपका लक्ष्य डॉलर में है, तो सिर्फ रुपए में कंपाउंडिंग करना मुश्किल हो सकता है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:

1- ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी: विदेशी यूनिवर्सिटीज की फीस हर साल 5% से 8% की दर से बढ़ती है।

2- रुपए की कमजोरी: ऐतिहासिक रूप से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले हर साल औसतन 4% से 5% टूटता है।

एक उदाहरण से समझे तो जैसे आज किसी अमेरिकी यूनिवर्सिटी की 4 साल की फीस $2,00,000 है, तो अगले 10 साल बाद रुपए के अवमूल्यन और महंगाई को मिलाकर यह बिल ₹3.5 करोड़ से भी अधिक का हो सकता है।

भारतीय इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स के बजाय Direct US ETFs क्यों बेहतर?

पहले पेरेंट्स भारतीय फंड हाउसेज के ‘फंड ऑफ फंड्स’ के जरिए विदेश में निवेश करते थे। लेकिन अब Direct US-listed ETFs एक बेहतर विकल्प बन गए हैं:

SEBI ओवरसीज कैप की सीमा नहीं: भारतीय म्यूचुअल फंड्स पर SEBI द्वारा लगाई गई विदेशी निवेश की लिमिट (करीब $7 बिलियन) बार-बार पूरी हो जाती है, जिससे फंड्स को अपनी SIP बार-बार रोकनी पड़ती है।

LRS के जरिए सीधा निवेश: RBI की लिब्रलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत हर भारतीय नागरिक (नाबालिग सहित) को हर साल $2,50,000 तक विदेश भेजने और सीधे US ETFs में निवेश करने की पूरी छूट मिलती है।

कम एक्सपेंस रेशियो: डायरेक्ट US ETFs (जैसे- Vanguard या iShares) का एक्सपेंस रेशियो बेहद कम (0.03% से 0.09%) होता है, जबकि घरेलू इंटरनेशनल फंड्स में यह 1.25% से 1.75% तक हो सकता है।

ऐतिहासिक रिटर्न का गणित

अगर पिछले 10 वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड देखें, तो S&P 500, Nasdaq 100 और ग्लोबल इक्विटीज के 60/20/20 पोर्टफोलियो ने डॉलर (USD) टर्म में 13% से 14% वार्षिक रिटर्न दिया है। जब इसमें रुपए की 4-5% सालाना गिरावट को जोड़ दिया जाता है, तो भारतीय निवेशकों के लिए यह सालाना रिटर्न रुपए के टर्म में 17% से 19% के करीब बैठता है। यानी डॉलर में निवेश करना फायदे वाला सौदा रहा है।

निवेश शुरू करने से पहले इन 3 बातों का रखें ध्यान

अमेरिकी ETFs में ऐप या ब्रोकरेज के जरिए निवेश करते समय इन व्यावहारिक पहलुओं को न भूलें:

Micro-SIP से बचें: हर महीने ₹1,000 या ₹2,000 जैसी छोटी SIP पर बैंक वायर चार्ज और फॉरेक्स स्प्रेड का खर्च भारी पड़ सकता है। इसलिए पैसे को रुपए में इकट्ठा करें और हर 3 या 6 महीने में एक बार में रेमिटेंस करें।

TCS के नियम: एक वित्त वर्ष में ₹10 लाख तक के रेमिटेंस पर अतिरिक्त टीसीएस नहीं लगता। ₹10 लाख से ऊपर 20% TCS कटता है, जिसे आप अपने वार्षिक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में एडजस्ट या रिफंड क्लेम कर सकते हैं।

Schedule FA रिपोर्टिंग: विदेश में शेयर या ETF खरीदते ही ITR-2 या ITR-3 भरते समय Schedule FA में उसका ब्योरा देना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर ‘ब्लैक मनी एक्ट’ के तहत भारी जुर्माना लग सकता है।

टारगेट तक पहुंचने की सही रणनीति

जैसे-जैसे आपके बच्चे के कॉलेज एडमिशन का समय करीब आए, आपको अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित मोड में शिफ्ट करना चाहिए:

Build Phase (शुरुआती 5-10 साल): इक्विटी ETFs (जैसे S&P 500 / Nasdaq) में आक्रामक तरीके से निवेश करें।

Protect Phase (3-4 साल पहले): जब एडमिशन में 3-4 साल बचें, तो धीरे-धीरे इक्विटी से पैसा निकालकर US डेट/बॉन्ड फंड्स में शिफ्ट करें।

Deploy Phase (आखिरी 1-2 साल): फीस भुगतान से 1-2 साल पहले फंड को USD कैश या लिक्विड बकेट में रखें, ताकि शेयर बाजार में किसी तात्कालिक गिरावट से आपकी फीस का बजट प्रभावित न हो।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silverstorm Parks And Resorts IPO Listing: पार्क और रिजॉर्ट कंपनी की फ्लैट शुरुआत, शेयर लगभग IPO प्राइस पर ही लिस्ट

SME सेगमेंट की कंपनी सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिजॉर्ट्स की 31 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्टिंग न अच्छी रही, न बुरी। कंपनी के शेयर BSE SME पर फ्लैट नोट के साथ 132.90 रुपये पर लिस्ट हुए। IPO का फाइनल इश्यू प्राइस 133 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का 82.43 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.91 गुना भरा था। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.81 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.19 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.41 गुना सब्सक्राइब हुआ।

Silverstorm Parks & Resorts IPO में 62 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी का पब्लिक इश्यू 24 जुलाई को खुला था और 28 जुलाई को बंद हुआ। सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड एम्यूजमेंट और टूरिज्म कंपनी है। यह भारत में एम्यूजमेंट पार्क, वॉटर पार्क, स्नो पार्क और हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज चलाती है। कंपनी की फ्लैगशिप डेस्टिनेशन, केरल के अतिरापिल्ली में स्थित ‘सिल्वर स्टॉर्म थीम पार्क’ है। यह लगभग 17.38 एकड़ में फैला है। इसमें एक एम्यूजमेंट और वॉटर पार्क, केरल का पहला इनडोर स्नो पार्क, कई रेस्टोरेंट और सिल्वर स्टॉर्म रिसॉर्ट शामिल हैं। कंपनी झारखंड के जमशेदपुर में भी एक स्नो पार्क चलाती है और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक नया स्नो पार्क और फैमिली एंटरटेनमेंट सेंटर बना रही है।

कंपनी एम्यूजमेंट और स्नो पार्क के टिकट बेचकर, खाने-पीने की सर्विसेज से, मर्चेंडाइज, रिजॉर्ट बुकिंग और प्राइवेट व कॉर्पोरेट इवेंट्स से कमाई करती है। यह अतिरापिल्ली में 1.2 किलोमीटर लंबे एरियल केबल कार प्रोजेक्ट के साथ अपनी सर्विस का विस्तार भी कर रही है। इसके साथ ही, नए एम्यूजमेंट राइड्स और वॉटर अट्रैक्शन भी जोड़े जा रहे हैं।

NSE Q1 Results: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मुनाफा 7% बढ़ा, इनकम रही 9% ज्यादा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ITR Filing Deadline: क्या 31 जुलाई के बाद बढ़ेगी आईटीआर की डेडलाइन? जानिए क्या है इनकम टैक्स विभाग का अपडेट

Income Tax Return Deadline Extension: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिना किसी लेट फीस के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आज 31 जुलाई 2026 आखिरी तारीख है। हर साल की तरह इस बार भी सोशल मीडिया और करदाताओं के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या सरकार या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस डेडलाइन को आगे बढ़ाएगा?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आधिकारिक रुझानों के मुताबिक, इस बार ITR फाइल करने की आखिरी तारीख बढ़ने की संभावना बेहद कम है। करदाताओं को किसी भी तरह की राहत या तारीख बढ़ाए जाने का इंतजार किए बिना आज ही अपना आईटीआर दाखिल कर देना चाहिए।

क्या बढ़ेगी ITR फाइल करने की आखिरी तारीख?

इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों के अनुसार, सरकार की तरफ से 31 जुलाई की डेडलाइन बढ़ाने को लेकर फिलहाल कोई विचार नहीं किया जा रहा है। इसके पीछे की वजह ये है कि, इस बार इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल (e-Filing Portal) काफी सुचारू रूप से काम कर रहा है और भारी ट्रैफिक के बावजूद कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं देखी गई है।

अब तक पांच करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना आईटीआर फाइल कर चुके हैं। विभाग का मानना है कि करदाताओं को पर्याप्त समय दिया गया था, इसलिए डेडलाइन बढ़ाने का कोई ठोस कारण नहीं है।

अगर आज 31 जुलाई तक ITR फाइल नहीं किया तो क्या होगा?

अगर आप 31 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने में चूक जाते हैं, तो आपको ये नुकसान और पेनाल्टी झेलनी पड़ेगी:

लेट फीस (Section 234F): अगर आपकी कुल सालाना कमाई ₹5 लाख से अधिक है, तो आपको ₹5,000 की लेट फीस देनी होगी। वहीं अगर आपकी कुल कमाई ₹5 लाख तक है, तो लेट फीस ₹1,000 होगी।

ब्याज का बोझ (Section 234A): अगर आपका कोई टैक्स बकाया निकलता है, तो 1 अगस्त से आपको बकाया टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से साधारण ब्याज देना होगा।

घाटे को कैरी फॉरवर्ड न कर पाना: अगर आप शेयर बाजार, F&O या प्रॉपर्टी से हुए नुकसान को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड करना चाहते हैं, तो 31 जुलाई के बाद बिलेटेड रिटर्न में यह सुविधा नहीं मिलेगी।

बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका

जो लोग 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे, वे 31 दिसंबर 2026 तक अपना बिलेटेड आईटीआर (Belated ITR) जमा कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें पेनल्टी और ब्याज चुकाना पड़ेगा।

टैक्सपेयर्स के लिए काम की सलाह

इनकम टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रही डेडलाइन एक्सटेंशन की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। आखिरी समय के रश और सर्वर पर दबाव से बचने के लिए आज ही तुरंत अपना ITR-1 या संबंधित फॉर्म भरकर प्रोसेस पूरा करें और रिटर्न को e-Verify करना न भूलें।

Rashifal Today: इन मूलांक वालों को मिलेगा आज आर्थिक लाभ! जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन आय बनाए रखने के लिए मेहनत भी ज्यादा करनी पड़ेगी। नौकरीपेशा लोगों पर अतिरिक्त काम का बोझ आ सकता है, जिसका भविष्य में लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे काम का दबाव बढ़ेगा। हालांकि, यही जिम्मेदारियां आगे चलकर आर्थिक लाभ भी दिला सकती हैं। कारोबार करने वालों को पुराने ग्राहक के साथ लेन-देन को लेकर विवाद से बचना चाहिए। निवेश करने से पहले किसी जानकार की सलाह लें और फिजूल खर्च से दूरी बनाए रखें।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक रूप से शुभ रहने वाला है। आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और नौकरी में आपके काम की सराहना होने के योग हैं। पहले किया गया निवेश भी फायदा दे सकता है। घर के खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आय भी अच्छी बनी रहेगी। किसी भरोसेमंद व्यक्ति की सलाह से नया आर्थिक अवसर मिल सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज खर्च उम्मीद से ज्यादा हो सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। शेयर बाजार या किसी भी जोखिम वाले निवेश से फिलहाल दूरी रखें। व्यापार में पुराने भुगतान करने पड़ सकते हैं, जिससे पैसों की कमी महसूस हो सकती है। जल्दबाजी में कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, लेकिन आय बनाए रखने के लिए मेहनत भी ज्यादा करनी पड़ेगी। नौकरीपेशा लोगों पर अतिरिक्त काम का बोझ आ सकता है, जिसका भविष्य में लाभ मिलेगा। व्यापारियों के लिए छोटी यात्रा फायदेमंद साबित हो सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज धन लाभ के अच्छे योग हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और आमदनी बढ़ने की संभावना है। किसी नए प्रोजेक्ट में किया गया निवेश भविष्य में अच्छा फायदा दे सकता है। पुराने दोस्त या सहकर्मी की मदद से नया अवसर मिल सकता है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास में आकर अधिक खर्च करने से बचें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। एक तरफ कमाई के मौके मिलेंगे, तो दूसरी ओर अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी, लेकिन परिवार की जरूरतों पर भी खर्च बढ़ेगा। संपत्ति या रियल एस्टेट में निवेश करने की योजना बना सकते हैं।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन सामान्य रहेगा। अगर आप फ्रीलांस या पार्ट-टाइम काम करते हैं, तो नई कमाई का रास्ता खुल सकता है। कोई ऐसा समझौता हो सकता है, जिससे भविष्य में लाभ मिलेगा। बेवजह लग्जरी चीजों पर खर्च करने से बचें। अगर किसी कर्ज को लेकर चिंता है, तो उसे कम करने की दिशा में अच्छी प्रगति हो सकती है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में किस्मत आपका साथ देगी। पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार में पहले लगाया गया पैसा अब फायदा दे सकता है। नौकरी करने वालों को बोनस या अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। परिवार के खर्च बढ़ेंगे, लेकिन आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। किसी भी नए निवेश से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है, जिससे भविष्य में आय बढ़ सकती है। घर की मरम्मत या परिवार की किसी जरूरत पर अचानक खर्च हो सकता है। लेन-देन में पूरी पारदर्शिता रखें, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।