Vikrant Massey: मारने की धमकियों से लेकर गाली गलौज तक की गई, जब ‘द साबरमती रिपोर्ट’ के बाद विक्रांत मैसी का लीक हो गया था नंबर

Vikrant Massey: विक्रांत मैसी ने बताया कि सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना का उनकी मानसिक सेहत पर कैसा असर पड़ा। विक्रांत ने सोशल मीडिया पर बढ़ती नफ़रत के बारे में बात की और बताया कि कैसे इसने उनकी भावनाओं और मानसिक सेहत पर असर डाला। उन्होंने कहा, “मैंने ‘द साबरमती रिपोर्ट’ नाम की एक फ़िल्म की थी, और मुझे उस फ़िल्म पर बहुत गर्व है।

एक्टर ने कहा जब मैंने वह फ़िल्म की, तो लोगों ने वही शब्द इस्तेमाल किया जो आपने किया – प्रोपेगैंडा। लोगों ने उस फिल्म को प्रोपेगैंडा कहा। हमने इसे गोधरा ट्रेन अग्निकांड पर बनाया था। हमने इसे साबरमती एक्सप्रेस में आग लगने की घटना पर बनाया था। मुझे बहुत सारी गालियां सुननी पड़ीं। मेरा WhatsApp नंबर लीक हो गया। मेरी कार का नंबर लीक हो गया। लोगों ने मुझे खुलेआम धमकियां दीं।”

उन्होंने आगे बताया कि वह समय उनके लिए बहुत मुश्किल था क्योंकि उनका बेटा सिर्फ़ छह महीने का था। उन्होंने कहा, “उस समय मेरा बेटा बस पैदा ही हुआ था। वह सिर्फ़ छह महीने का था। मुझ पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा और मैंने मीडिया में खुलकर यह बात कही। हालांकि, समय के साथ मुझे एहसास हुआ कि वे सब डरपोक हैं, और इससे मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं। मायने यह रखता है कि मेरे अपने लोग मेरी ज़िम्मेदारी हैं। मैं उनके प्रति जवाबदेह हूं।”

‘द साबरमती रिपोर्ट’ के बारे में

‘द साबरमती रिपोर्ट’ 2024 की एक हिंदी पॉलिटिकल थ्रिलर फ़िल्म है, जिसे धीरज सरना ने डायरेक्ट किया है और इसमें विक्रांत मैसी, राशी खन्ना और रिद्धि डोगरा मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फ़िल्म 27 फरवरी 2002 को गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगने की घटना से प्रेरित है, जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी। यह फ़िल्म 15 नवंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी।

कहानी पत्रकार समर कुमार (विक्रांत मैसी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें इस त्रासदी की रिपोर्टिंग के लिए गोधरा भेजा जाता है। कई सालों बाद, पत्रकार अमृता गिल (राशी खन्ना) को समर की पुरानी रिपोर्ट मिलती है और वह घटना की जांच में उनके साथ शामिल हो जाती हैं।

विक्रांत मैसी के आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में

‘मुसाफिर कैफ़े’ सीज़न 1 की सफलता के बाद, नेटफ़्लिक्स ने इस शो को दूसरे सीज़न के लिए रिन्यू किया है। विक्रांत, वेदिका पिंटो, महिमा मकवाना, सिद्धार्थ, अनुभा फतेहपुरिया, लवलीन मिश्रा और सादिया सिद्दीकी के साथ ‘चंदर’ का अपना किरदार फिर से निभाएंगे। शो अभी प्रोडक्शन स्टेज में है; पहले सीज़न के इमोशनल फिनाले ने दूसरे सीज़न के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश के नाम संदेश: पेपर लीक रोकने और परीक्षा सुधारों पर जानें क्या कहा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है।’ अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार, गलत तरीकों पर रोक लगाने और युवाओं के लिए पारदर्शिता लाने के लिए व्यापक कदम उठा रही है।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू ने कही ये बात

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि छात्र ही भारत के भविष्य को बनाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठा रही है, ताकि पेपर लीक और परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को पूरी तरह रोका जा सके। सरकार का लक्ष्य परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जिस तरह देश की सुरक्षा के लिए सरकार और समाज मिलकर काम करते हैं, उसी तरह छात्रों के वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए भी सभी को मिलकर गंभीर और मजबूत कदम उठाने होंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं छात्रों के लिए आगे बढ़ने और अपने बेहतर भविष्य का रास्ता बनाने का मौका देती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी और गलत तरीकों को पूरी तरह रोकना है। साथ ही, परीक्षा व्यवस्था को युवाओं के लिए ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में युवाओं और छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। इन प्रदर्शनों में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव, मामलों की तेजी से जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

देश के युवाओं की तारीफ 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं में बढ़ रही कारोबार और खुद का काम शुरू करने की सोच की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युवा सिर्फ नौकरी पाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि खुद रोजगार देने वाले बन रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि देश के कई युवा अपना काम शुरू कर रहे हैं और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। युवाओं की भागीदारी से भारत में स्टार्टअप का मजबूत माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी कंपनियां भी भारतीय युवाओं की प्रतिभा और मेहनत से प्रभावित हैं और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां और नेतृत्व की भूमिकाएं दे रही हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ऐसे सफल युवाओं ने पूरी दुनिया में भारत की युवा ताकत की पहचान मजबूत की है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की उपलब्धियों से देश के बेहतर और उज्ज्वल भविष्य में लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। युवाओं के पूरे विकास पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत देश के भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि परिवार और पूरे समाज की भी जिम्मेदारी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं के विकास और देश के निर्माण में खेलों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के तहत गांव और जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक खेलों को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं और बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। सरकार खेलों के विकास पर बड़े स्तर पर खर्च कर रही है। इसका असर भी देखने को मिल रहा है और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। राष्ट्रपति ने भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आतंकवाद के खिलाफ सटीक और प्रभावी कार्रवाई करने की भारत की क्षमता को दिखाया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए साफ संदेश दिया गया कि आतंकवादी और उन्हें मदद देने वाले लोग दुनिया में कहीं भी छिपे हों, उन्हें अपने किए की कीमत चुकानी होगी।

38 साल की उम्र में पुणे के इस कपल ने बनाया अपना रिटायरमेंट प्लान, इस एक चीज ने डिसाइड किया इनका FIRE फॉर्म्युला

पुणे के रहने वाले 38 साल के एक कपल ने कुल मिलाकर लगभग 11.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली है। वे अगले दो-तीन साल और काम करने के बाद जल्दी रिटायर होने के बारे में सोच रहे हैं, क्योंकि काम का बढ़ता दबाव और सेहत की चिंताएं उन्हें अपनी फाइनेंशियल प्राथमिकताओं पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर रही हैं।

इस कपल की कोई संतान नहीं है और वे अभी अपनी जीवनशैली पर सालाना लगभग 22 लाख रुपये खर्च करते हैं। उनकी संपत्ति रियल एस्टेट, भारतीय इक्विटी और म्यूचुअल फंड, अमेरिकी स्टॉक, कैश और रिटायरमेंट सेविंग्स में बंटी हुई है। उनकी मौजूदा संपत्ति के बंटवारे में रियल एस्टेट में लगभग 3.2 करोड़ रुपये, भारतीय स्टॉक और म्यूचुअल फंड में 1.8 करोड़ रुपये, अमेरिकी स्टॉक में 5 करोड़ रुपये और कैश व रिटायरमेंट सेविंग्स में 1.5 करोड़ रुपये शामिल हैं।

कपल रिटायरमेंट का फैसला लेने से पहले अगले दो-तीन साल तक काम जारी रखने की योजना बना रहा है। 30 के दशक के आखिर में होने वाले कई अन्य जोड़ों के विपरीत, उन्हें बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या परिवार पालने से जुड़े अन्य बड़े खर्चों के लिए रिटायरमेंट फंड नहीं बनाना है।

हालांकि, उनकी फाइनेंशियल जिम्मेदारियां खत्म नहीं हुई हैं। उनके माता-पिता रिटायर हो चुके हैं और उन पर निर्भर हैं, जिसका मतलब है कि कपल इतनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी बनाए रखना चाहता है कि अगर वे जल्दी काम करना छोड़ भी दें, तो भी वे अपने माता-पिता की आराम से मदद कर सकें।

X पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ी चिंता उनकी अपनी सेहत है। उनकी नौकरियों में लंबे समय तक काम करना, लगातार दबाव और काम से बहुत कम छुट्टी मिलना शामिल हो गया है। इस कपल को अपनी जीवनशैली के कारण सेहत पर असर भी दिखने लगा है, जिससे वे यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि क्या इतनी तेज़ी से और ज़्यादा पैसा कमाते रहना सही है।

अब चर्चा इस बात पर हो रही है कि “हम और कितना कमा सकते हैं?” के बजाय “कितना पैसा काफ़ी है?” पत्नी की बात को पोस्ट में इस तरह बताया गया- “हमने अपनी जवानी का समय पैसा बनाने में बिताया। शायद अब समय आ गया है कि हम इसमें से कुछ पैसा अपनी ज़िंदगी पर खर्च करें।”

यह जानकारी X पर अमित अरोड़ा नाम के यूज़र ने शेयर की। उन्होंने कपल की आर्थिक स्थिति को तो शानदार बताया, लेकिन सवाल उठाया कि क्या उनका असली मकसद ज़्यादा नेट वर्थ (कुल संपत्ति) बनाना होना चाहिए या ज़्यादा आज़ादी पाना।

“38 साल की उम्र में ऐसी स्थिति में होना शानदार है। दिलचस्प बात यह है कि वे आज़ादी चाहते हैं या ज़्यादा पैसा। ऐसी क्या चीज़ है जो उन्हें रिटायरमेंट में देरी करने पर मजबूर कर सकती है?” इस पोस्ट ने एक बहस छेड़ दी है कि क्या 11.5 करोड़ रुपये का फंड इस कपल के लिए 30 के दशक के आखिर में काम बंद करने के लिए काफ़ी है, खासकर उनके सालाना खर्च, माता-पिता की मदद करने की संभावना और निवेश के कई दशकों तक चलने की ज़रूरत को देखते हुए।

एक कमेंट करने वाले ने कपल की लोकेशन के हिसाब से उनके जमा किए गए पैसे (कॉर्पस) के साइज़ पर सवाल उठाया और उनकी इनकम के बारे में पूछा- “38 साल की उम्र में 11.5 करोड़ की नेट वर्थ बहुत बड़ी बात है… वो भी पुणे में… वहां की सैलरी देखकर सुखद आश्चर्य हुआ… क्या उनकी सालाना इनकम पता चल सकती है ताकि मैं यह देख सकूं कि मेरा बेंचमार्क कितना खराब रहा है?”

दूसरों ने कपल के बच्चे न करने के फ़ैसले और आगे चलकर उनकी ज़िंदगी कैसी होगी, इस पर ध्यान दिया। एक कमेंट में लिखा था- “जब वे बूढ़े हो जाएंगे, तो उनसे बात करने के लिए कुत्ते होंगे।” एक और कमेंट करने वाले ने सवाल उठाया कि क्या कपल की मौजूदा फाइनेंशियल स्थिति उन्हें बिना नौकरी के अगले चार दशकों तक सहारा देने के लिए काफ़ी होगी और उनकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पर चिंता जताई।

“मौजूदा आंकड़े बिना काम किए अगले 40 साल गुज़ारने के लिए ठीक नहीं हैं और एसेट एलोकेशन वेटेज और एस्टेट प्लानिंग पर फिर से काम करने की ज़रूरत है।” एक ज़्यादा आलोचनात्मक प्रतिक्रिया में सवाल उठाया गया कि क्या कपल को बाद में बच्चे न होने का पछतावा हो सकता है और तर्क दिया गया कि उन्हें जल्दी रिटायर होने के बजाय काम करते रहना चाहिए। “रिटायर होने के बाद वे क्या करेंगे? बच्चे न होने का पछतावा? जितना कम समय इसके लिए होगा, उतना ही अच्छा है। इसलिए उन्हें कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए ताकि वे अपने उस भयानक फ़ैसले के बारे में न सोचें।” यह बहस FIRE (फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, रिटायर अर्ली) अप्रोच से जुड़े एक बड़े सवाल को सामने लाती है, जिसमें लोग इतनी संपत्ति और इन्वेस्टमेंट इनकम जमा करने का लक्ष्य रखते हैं कि पेड एम्प्लॉयमेंट (नौकरी) ज़रूरी न रहे।

Vodafone Idea share Price: 3 दिन में 11% चढ़ा वोडाफोन आइडिया का शेयर, क्या आपको खरीदना चाहिए?

Vodafone Idea share Price: वोडाफोन आइडिया का शेयर तीन दिन में करीब 11 फीसदी चढ़ा है। 14 अगस्त को यह 4.37 फीसदी उछलकर 14.10 रुपये पर पहुंच गया। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी के टैरिफ बढ़ाने की चर्चा है। दरअसल, भारती एयरटेल ने हाल में अपनी कई स्कीम के टैरिफ बढ़ाए हैं। इससे यह माना जा रहा है कि वोडाफोन आइडिया भी टैरिफ बढ़ा सकती है।

वोडाफोन आइडिया की सेहत में दिख रहा सुधार

अगर वोडाफोन आइडिया टैरिफ बढ़ाती है तो उसका प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़ जाएगा। मास्टर कैपिटल सर्विसेज में एवीपी विष्णु कांत उपाध्याय ने कहा कि वोडाफोन आइडिया के टैरिफ बढ़ाने से उसका रेवेन्यू भी बढ़ेगा। वोडाफोन आइडिया की वित्तीय सेहत में सुधार दिख रहा है। इसका असर उसके शेयरों पर दिखा है। बीते एक साल में यह शेयर 129 फीसदी चढ़ा है।

शेयरों में तेजी जारी रहने का अनुमान 

उपाध्याय ने कहा, “निवेशकों को वोडाफोन आइडिया के शेयर अपने पास बनाए रखना चाहिए। इसकी वजह यह है कि कंपनी की स्थिति अब बदल रही है।” उनका मानना है कि यह शेयर 15 रुपये तक जा सकता है। उसके बाद यह 15.50 रुपये की तरफ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि निवेशकों को कंपनी के एग्जिक्यूशन, सब्सक्राइबर ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखनी चाहिए।

टैरिफ बढ़ाने से बढ़ सकता है रेवेन्यू 

IIFL का कहना है कि वोडाफोन आइडिया के लिए दो संभावनाएं दिख रही हैं। पहला, अगर यह टैरिफ बढ़ाती है तो इसका ARPU FY27 में करीब 4 रुपये बढ़ सकता है। दूसरा, अगर यह टैरिफ नहीं बढ़ाती है तो इसके सस्ते प्लान में यूजर्स की दिलचस्पी बढ़ सकती है। इसका मतलब है कि दोनों ही स्थितियों में वोडाफोन आइडिया को फायदा होगा।

18.70 रुपये तक जा सकता है शेयर 

ब्रोकरेज फर्म एंबिट कैपिटल ने बताया कि वोडाफोन आइडिया का शेयर 18.70 रुपये तक जा सकता है। जून तिमाही में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या 3 लाख बढ़ी है। लंबे समय बाद कंपनी के यूजर्स की संख्या बढ़ी है। एंबिट का कहना है कि कंपनी दिसंबर 2026 तक टैरिफ 15 फीसदी तक बढ़ा सकती है।

कंपनी का तीन साल में 45000 करोड़ निवेश का प्लान

कंपनी पहले ही डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करने का ऐलान कर चुकी है। इसके लिए वह अगले तीन साल में अपने नेटवर्क में 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी के सीईओ अभिजीत किशोर ने कहा था कि प्रमोटर्स से मिलता सहयोग और बैंकों से फंड के लिए चल रही बातचीत से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है।

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सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर 50 फीसदी हुई

वोडाफोन आइडिया देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। पहले नंबर पर रिलायंस जियो है। दूसरे नंबर पर भारती एयरटेल है। तीसरे पर वोडाफोन आइडिया है। रिलायंस जियो शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। वोडाफोन में सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 50 फीसदी हो गई है।

जानें क्यों Gen Z की पहली पसंद बन रहे हैं दुनिया के ये 10 शहर! जहां लाइफ, करियर और मस्ती का मिलेगा पूरा पैकेज

आज की जेन जी जनरेशन अपने रहने के लिए ऐसी जगह पसंद करती है, जहां काम और पढ़ाई के साथ घूमने-फिरने, एंटरटेनमेंट और सोशल लाइफ का भी अच्छा बैलेंस हो। उनके लिए किसी शहर की पहचान सिर्फ बड़ी इमारतों या अच्छे जॉब ऑप्शन से नहीं होती, बल्कि वहां का कल्चर, नाइटलाइफ, खाने-पीने की जगहें और रोज की जिंदगी भी काफी मायने रखती है।

इसी वजह से दुनिया के कुछ शहर जेन जी के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं। यहां किफायती लाइफस्टाइल, आसानी से घूमने की सुविधा और क्वालिटी ऑफ लाइफ जैसी कई चीजें युवाओं को अट्रैक्ट करती हैं। ‘टाइम आउट’ ने भी इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जेन जी के लिए दुनिया के बेहतरीन शहरों की एक स्पेशल लिस्ट तैयार की है।

1. टोक्यो, जापान

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टोक्यो इस लिस्ट में पहले नंबर पर है। यहां सर्वे में शामिल सभी यूथ ने रोज खुश रहने की बात कही। शहर की तेज और आसान पब्लिक ट्रांसपोर्ट, देर रात तक चलने वाली नाइटलाइफ, म्यूजिक बार और कई जगहों पर मुफ्त म्यूजियम एंट्री जैसी फैसिलिटी यूथ को काफी पसंद आती हैं। यहां काम, मनोरंजन और घूमने के लिए बहुत सारे ऑप्शन मिलते हैं।

2. वेलेंसिया, स्पेन

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समुद्र के किनारे बसा वेलेंसिया अपने खूबसूरत मौसम और आरामदायक माहौल के लिए जाना जाता है। यहां रहने का खर्च कई बड़े यूरोपीय शहरों की तुलना में कम है। समुद्र तट, आउटडोर एक्टिविटीज और अच्छे लोगों की वजह से यहां की लाइफस्टाइल काफी सुकून भरी है। घर से काम करने वाले यूथ के लिए यह अच्छा शहर माना जाता है।

3. बैंकॉक, थाईलैंड

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बैंकॉक अपनी चहल-पहल, स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड और शानदार नाइटलाइफ के लिए यूथ के बीच काफी पॉपुलर है। यहां कम बजट में खाने, घूमने और एंटरटेनमेंट के कई ऑप्शन मिल जाते हैं। शहर का माहौल काफी एनर्जेटिक है, इसलिए यहां रहने वाले युवा काम के साथ घूमने और दोस्तों के साथ समय बिताने का मजा भी ले सकते हैं।

4. कोपेनहेगन, डेनमार्क

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कोपेनहेगन को अच्छी लाइफ क्वालिटी और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए पसंद किया जाता है। यहां साइकिल से घूमना काफी आसान है और शहर में हरियाली भी खूब देखने को मिलती है। साफ-सुथरा माहौल और पर्यावरण को लेकर जागरूक लाइफस्टाइल इसे उन युवाओं के लिए खास बनाती है, जो करियर के साथ अपनी सेहत और प्राइवेट लाइफ पर भी ध्यान देना चाहते हैं।

5. पोर्टो, पुर्तगाल

पोर्टो अपनी खूबसूरत पुरानी इमारतों, समुद्र तटों और मिलनसार लोगों के लिए जाना जाता है। यहां कम्युनिटी का माहौल काफी अच्छा है, जिससे नए लोगों के लिए घुलना-मिलना आसान हो जाता है। बाहर खाना-पीना भी कई दूसरे यूरोपीय शहरों की तुलना में कम खर्चीला है। शहर की संस्कृति और शांत माहौल युवाओं को काफी अट्रैक्ट करता है।

6. बर्लिन, जर्मनी

बर्लिन को युवा और क्रिएटिव लोगों का शहर कहा जा सकता है। यहां की नाइटलाइफ, आर्ट सीन, म्यूजिक और बड़े पार्क युवाओं को खूब पसंद आते हैं। शहर में मनोरंजन के कई बजट-फ्रेंडली ऑप्शन हैं। साथ ही स्टार्टअप और क्रिएटिव इंडस्ट्री में काम करने वालों के लिए भी यहां अच्छे मौके मिलते हैं।

7. न्यूयॉर्क, अमेरिका

न्यूयॉर्क अपनी तेज रफ्तार जिंदगी और हर समय एक्टिव रहने वाले माहौल के लिए मशहूर है। शहर में पैदल घूमना आसान है और यहां हर तरह के म्यूजियम, थिएटर, रेस्टोरेंट और कल्चरल इवेंट मिल जाते हैं। नौकरी और करियर के बहुत सारे मौके होने के कारण यह युवाओं को अट्रैक्ट करता है, लेकिन यहां रहना काफी महंगा हो सकता है।

8. शंघाई, चीन

शंघाई आधुनिक इमारतों, शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित माहौल के लिए जाना जाता है। यहां टेक्नोलॉजी और बिजनेस से जुड़े करियर के कई मौके मिलते हैं। नए लोगों के लिए भी शहर में कई तरह की फैसिलिटीज हैं। यही वजह है कि करियर पर फोकस करने वाले युवा इसे एक अच्छा ऑप्शन मानते हैं।

9. एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड

एडिनबर्ग अपनी पुरानी बिल्डिंग, इतिहास और खूबसूरत हरियाली के लिए खास है। यहां सुरक्षा अच्छी है और शहर में पैदल घूमना भी आसान है। इसके अलावा यहां की अनोखी नाइटलाइफ युवाओं को अट्रैक्ट करती है। काम और आराम के बीच अच्छा बैलेंस बनाने के लिए भी यह शहर पसंद किया जाता है।

10. मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया

मेलबर्न अपनी क्रिएटिविटी, कला और खाने-पीने के लिए मशहूर है। यहां अच्छे रेस्टोरेंट के साथ इंडी थिएटर, लाइव कॉमेडी और म्यूजिक जैसे एंटरटेनमेंट के कई ऑप्शन मिलते हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में कम बजट में खाने-पीने की जगहें भी मिल जाती हैं। यही वजह है कि करियर की शुरुआत करने वाले युवा प्रोफेशनल्स के लिए मेलबर्न अट्रैक्टिव सिटी है।

इमरान खान से रिश्तेदारों की मुलाकात पर कोर्ट करेगी फैसला:जेल से अस्पताल भेजने की याचिका पर भी सुनवाई, पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के 3 जज सुनेंगे केस

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजने की मांग से जुड़ी याचिकाओं पर 18 अगस्त को सुनवाई तय की है। तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। इसमें जस्टिस शाहिद वाहिद, जस्टिस नईम अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल हैं। कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी संबंधित पक्षों और उनके वकीलों को नोटिस जारी कर दिया है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन पर भ्रष्टाचार से लेकर आतंकवाद तक के कई मामले चल रहे हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार गिरने के बाद से उनकी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) लगातार उनकी रिहाई और मुलाकात की मांग करती रही है। पाकिस्तानी पत्रकार ने इमरान की मौत का दावा किया था अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने एक वीडियो जारी कर इमरान की मौत की आशंका जाहिर की थी। वजाहत ने कहा कि इमरान की मौत की आशंका सेना के अफसरों की सूचनाओं के आधार पर किया गया एक आकलन था। इमरान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। पाकिस्तानी पत्रकार के दावे के बाद इमरान की बहनों ने भी सवाल उठाया कि उन्हें भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इमरान की पार्टी बोली- सड़कों पर उतरेंगे इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कहा है कि अगर उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई, तो 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। पार्टी ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने कहा कि PTI का केंद्रीय और प्रांतीय लीडरशिप और उसके सहयोगी दल इस फैसले पर साथ हैं। उन्होंने कहा कि मार्च का मकसद सिर्फ इमरान खान की रिहाई नहीं, बल्कि पार्टी संस्थापक तक पहुंच और उनसे मुलाकात सुनिश्चित करना है। नवंबर 2025 में इमरान से मिली थीं बहनें इमरान खान की बहन उज्मा खान ने नवंबर 2025 में अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। जेल से बाहर आकर उज्मा ने बताया था कि भाई इमरान पूरी तरह ठीक हैं। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा था- इमरान खान की सेहत बिल्कुल ठीक है, लेकिन वे बेहद गुस्से में हैं। उन्हें मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है और इस सब के लिए आसिम मुनीर जिम्मेदार हैं। उनकी बाहरी दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है। पिछली बार मई 2024 में नजर आए थे इमरान इमरान खान पिछली बार 16 मई 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि आम चुनाव से 5 दिन पहले मुझे अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया, जिससे मैं चुनाव से दूर रहूं। इमरान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा- केजरीवाल को भी भारत में चुनाव के दौरान कैंपेन के लिए जमानत दी गई थी। इमरान पर चल रहे केस के बारे में जानिए… ————– यह खबर भी पढ़ें… लाल किला धमाका अलकायदा ने कराया:UN की रिपोर्ट में दावा, NIA की जांच में भी यही निकला था; 11 मौतें हुई थीं लाल किले के पास हुए धमाके में अलकायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

asli paneer and Analog Paneer

एनालॉग पनीर एक कृत्रिम या नकली पनीर है, जो पारंपरिक तरीके से शुद्ध दूध को फाड़कर नहीं बनाया जाता। यह केवल पनीर जैसा दिखने, कटने और स्वाद देने वाला एक विकल्प (Substitute) है। इसे बनाने के लिए असली दूध के फैट की जगह स्किम्ड मिल्क पाउडर, पाम ऑयल या अन्य सस्ते वनस्पति तेल (Vegetable Fat), स्टार्च और केमिकल इमल्सीफायर्स का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि यह पहली नज़र में बिल्कुल असली पनीर जैसा लगता है, लेकिन इसमें पोषक तत्वों की भारी कमी होती है और इसका नियमित सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

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यह कैसे बनाया जाता है?

असली पनीर ताजे दूध (गाय या भैंस) में नींबू या सिरका डालकर बनाया जाता है। इसके विपरीत, एनालॉग पनीर बनाने की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है:

सस्ता तेल मिलाना: इसमें असली दूध के फैट (मलाई) की जगह पाम ऑयल (ताड़ का तेल) या अन्य सस्ता वनस्पति तेल इस्तेमाल किया जाता है।

पाउडर और स्टार्च का मिश्रण: इसमें स्किम्ड मिल्क पाउडर (Skimmed Milk Powder), मक्के या आलू का स्टार्च और पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाया जाता है।

केमिकल और स्टेबलाइजर: इसे असली पनीर जैसी बनावट देने के लिए इमल्सिफायर और स्टेबलाइज़र मिलाए जाते हैं ताकि तेल और पानी आपस में जम जाएं।

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यह असली पनीर से अलग कैसे है?

सामग्री और लागत: असली पनीर सिर्फ शुद्ध दूध से बनता है और महंगा होता है। वहीं एनालॉग पनीर वनस्पति तेल और मिल्क पाउडर से बनता है, जिससे इसकी निर्माण लागत बेहद कम (लगभग आधी) आती है।

 

पोषण और सेहत: असली पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का प्राकृतिक स्रोत है। इसके विपरीत, एनालॉग पनीर में पाम ऑयल और स्टार्च की अधिकता होने के कारण यह सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है।

 

इस्तेमाल कहां होता है: अत्यधिक सस्ता होने के कारण इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल स्ट्रीट फूड वेंडर्स, सस्ते रेस्टोरेंट, फ्रोजन फूड्स और बड़े पैमाने पर होने वाली शादियों/कैटरिंग में किया जाता है।

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असली और एनालॉग पनीर की पहचान कैसे करें?

हाथ से मसलकर देखें: असली पनीर हाथ से दबाने पर आसानी से चूरा (Crumble) हो जाता है। एनालॉग पनीर रबड़ जैसा खिंचता है या स्पंज की तरह दबता है।

 

आयोडीन टेस्ट (स्टार्च की जांच): पनीर के टुकड़े को पानी में उबालकर ठंडा करें और उस पर आयोडीन सॉल्यूशन की 2-3 बूंदें डालें। अगर पनीर का रंग नीला हो जाए, तो समझ जाएं कि उसमें स्टार्च मिला है यानी वह एनालॉग पनीर है।

 

स्वाद और महक: असली पनीर में दूध की हल्की प्राकृतिक महक और सौम्य मिठास होती है, जबकि एनालॉग पनीर स्वाद में फीका या हल्का तेल जैसा लगता है।

IPO News: आशीष कचोलिया और सुनील सिंघानिया के निवेश वाली कंपनी का आईपीओ आज से खुला, जानें सभी डिटेल्स

Credent Connect N Care IPO Details: नई दिल्ली बेस्ड हेल्थकेयर और मेडिकल लॉजिस्टिक्स सेवाएं देने वाली कंपनी क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर का आईपीओ आम निवेशकों के लिए खुल चुका है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने से एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹26.53 करोड़ जुटा लिए हैं।

इस आईपीओ में दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के अबाकस (Abakkus), मोतीलाल ओसवाल और 360 वन जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया है। वहीं दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की भी कंपनी में पहले से हिस्सेदारी है।

एंकर बुक में किन-किन बड़े नामों ने लगाया पैसा?

कंपनी ने एंकर निवेशकों को ₹189 प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर 14.04 लाख शेयर अलॉट किए हैं।

अबाकस एसेट मैनेजर: सुनील सिंघानिया के स्वामित्व वाले अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड और मिंट फोकस्ड ग्रोथ फंड ने ₹5-₹5 करोड़ लगाकर कुल 5.28 लाख शेयर खरीदे।

मोतीलाल ओसवाल: मोतीलाल ओसवाल फिनवेस्ट के जरिए ₹4 करोड़ (2.11 लाख शेयर) का निवेश किया।

हेम ग्रोथ अपॉर्चुनिटीज फंड: ₹4.48 करोड़ (2.37 लाख शेयर) का अलॉटमेंट मिला।

360 वन: अपने ट्रेजरी सॉल्यूशंस फंड के जरिए ₹1 करोड़ से अधिक (53,400 शेयर) का निवेश किया।

अन्य निवेशक: LRSD सिक्योरिटीज, फिनएवेन्यू कैपिटल ट्रस्ट, मेरु इन्वेस्टमेंट फंड, रेलिगो कमोडिटीज और शाइन स्टार बिल्ड कैप ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

RHP दाखिल करने के समय तक अबाकस के पास कंपनी में 1.21% और आशीष कचोलिया के पास 2.02% हिस्सेदारी थी। दोनों ने यह हिस्सेदारी जुलाई 2026 में ₹187 प्रति शेयर के भाव पर खरीदी थी।

IPO साइज, प्राइस बैंड और महत्वपूर्ण तारीखें

  • कुल आईपीओ साइज: ₹93.89 करोड़ (पूरा फ्रेश इश्यू – 49.68 लाख शेयर)
  • प्राइस बैंड: ₹179 से ₹189 प्रति शेयर
  • ओपन और क्लोज डेट: 13 अगस्त से 17 अगस्त 2026
  • लॉट साइज: 600 शेयर (रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम 2 लॉट यानी 1,200 शेयर – ₹2,26,800 का निवेश)
  • अलॉटमेंट और लिस्टिंग: 18 अगस्त को और लिस्टिंग 20 अगस्त को

कंपनी आईपीओ फंड्स का इस्तेमाल कहां करेगी?

  • आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग इन कार्यों के लिए किया जाएगा:
  • ₹26.8 करोड़: पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘क्रेडेंट हेल्थकेयर’ की वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए।
  • ₹3 करोड़: मशीनरी और कैपिटल एक्सपेंडिचर जरूरतों के लिए।
  • ₹37 करोड़: कंपनी की अपनी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं के लिए।
  • ₹6 करोड़: मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए।

बाकी बचे हुए पैसों का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

क्या करती है क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर?

यह कंपनी बी2बी (B2B) हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में काम करती है। कलेक्शन सेंटर्स से लैब तक और अलग-अलग स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच डायग्नोस्टिक सैंपल्स का सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन करती है। इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (IVD) कंपनियों के लिए सी एंड एफ (C&F) लोकेशंस से पैथोलॉजी लैब्स तक रीएजेंट्स पहुंचाती है। मुंबई, पुणे, चेन्नई और वाराणसी में कंपनी के 2 वेयरहाउस और 4 ब्रांच ऑफिस मौजूद हैं।

कैसी है वित्तीय सेहत?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन बेहद दमदार रहा है, जहां कुल रेवेन्यू FY25 के ₹77.9 करोड़ से 175% से अधिक बढ़कर ₹214.2 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं शुद्ध मुनाफे (PAT) में 730% से अधिक का ज़बरदस्त उछाल दर्ज किया गया और यह ₹2.2 करोड़ से बढ़कर ₹18.4 करोड़ हो गया; कंपनी के इस तेजी से बढ़ते मुनाफे और दिग्गज निवेशकों की मौजूदगी ने इस आईपीओ को मार्केट में चर्चा का केंद्र बना दिया है।

कितना चल रहा ग्रे मार्केट प्रीमियम?

अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में कंपनी के आईपीओ को लेकर काफी मजबूत रुझान देखने को मिल रहा है। बाजार जानकारों के मुताबिक, क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर का शेयर अपर प्राइस बैंड से 25% से अधिक के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है, जिससे लिस्टिंग पर अच्छे रिटर्न के संकेत मिल रहे हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LAPL Automotive IPO Listing: ₹135 पर लिस्ट ₹94 का शेयर, आईपीओ को मिली थी 344 गुना बोली

LAPL Automotive IPO Listing: दोपहिया से लेकर बस तक के लिए ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज बनाने वाली एलएपीएल ऑटोमोटिव के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 344 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹94 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹135.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 43.62% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में थोड़ी फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹130.00 (LAPL Automotive Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 38.30% मुनाफे में हैं।

LAPL Automotive IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एलएपीएल ऑटोमोटिव का ₹32 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 6-10 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 344.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 200.23 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 433.26 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 387.78 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 34,46,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.56 करोड़ औरंगाबाद के औरिक सिटी में एक अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹4.79 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹3.24 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹4.81 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

LAPL Automotive के बारे में

एलएपीएल ऑटोमोटिव कई प्रकार के ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज की डिजाइनिंग कर उन्हें बनाती है और सप्लाई करती है। इसे ऑटोमोटिव लाइटिंग और सिग्नलिंग प्रोडक्ट्स बनाने में महारत हासिल है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी महाराष्ट्र के औरंगाबाद में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में लाइटिंग डिविजन के तहत टेल लैम्प्स, ब्लिंकर लैम्प्स और हेडलैम्प्स हैं तो मोटर डिविजन के तहक स्टार्टर मोटर्स, वाइपर मोटर्स और रोटर्स हैं। इसके अलावा कंपनी के प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो में मिरर डिविजन के तहत दोपहिया और तिपहिया गाड़ियों के लिए रियर-व्यू मिरर्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 99% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹8.63 करोड़ और टोटल इनकम 24% से अधिक के सीएजीआर से ₹94.32 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹7.84 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹16.45 करोड़ पड़े थे।

वंदे भारत ट्रेनों के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाएगी ₹1350 करोड़ का IPO

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इमरान खान की मौत का दावा झूठा:पाकिस्तानी पत्रकार एक दिन बाद ही पलटा, PTI बोली- मिलने दो, नहीं तो सड़कों पर उतरेंगे

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की आशंका जताने वाला पाकिस्तानी पत्रकार दावे से पलट गया है। अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने मंगलवार रात 11 बजे एक वीडियो जारी कर इमरान की मौत की आशंका जाहिर की थी। वजाहत ने बुधवार दोपहर कहा कि इमरान की मौत की आशंका सेना के अफसरों की सूचनाओं के आधार पर किया गया एक आकलन था। इमरान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। पाकिस्तानी पत्रकार के दावे के बाद इमरान की बहनों ने भी सवाल उठाया कि उन्हें भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने चेतावनी दी है कि अगर इमरान से मिलने नहीं दिया गया, तो समर्थक सड़कों पर उतर जाएंगे। पाकिस्तानी पत्रकार का वीडियो देखिए… पत्रकार वजाहत सईद खान ने इमरान की मौत का दावा करने वाले वीडियो में कहा था- रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय के कम से कम तीन वरिष्ठ अधिकारियों को डर है कि इमरान खान अब जिंदा नहीं हैं। बाद में उन्होंने कहा कि यह कोई पक्की खबर नहीं, बल्कि केवल सेना के अंदर की आशंकाओं के आधार पर एक आकलन था। इमरान की पार्टी बोली- सड़कों पर उतरेंगे पत्रकार के दावे के बाद इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कहा है कि अगर उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई, तो 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। पार्टी ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है। नवंबर 2025 में इमरान से मिली थीं बहनें इमरान खान की बहन उज्मा खान ने नवंबर 2025 में अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। जेल से बाहर आकर उज्मा ने बताया था कि भाई इमरान पूरी तरह ठीक हैं। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक मुलाकात हुई थी।

उन्होंने कहा था- इमरान खान की सेहत बिल्कुल ठीक है, लेकिन वे बेहद गुस्से में हैं। उन्हें मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है और इस सब के लिए आसिम मुनीर जिम्मेदार हैं। उनकी बाहरी दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है। प्रशासन ने नहीं मिलने दिया तो फैली थी अफवाह नवंबर 2025 की शुरुआत में ही इमरान खान से मिलने उनके समर्थक और परिवार वाले पहुंचे थे, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें इजाजत नहीं दी। इसके बाद यह अफवाह फैल गई थी कि इमरान की मौत हो गई है और पाकिस्तान सरकार इसे छिपा रही है। इसके बाद पाकिस्तान में बड़ा प्रदर्शन किया गया था, जिसे देखते हुए रावलपिंडी से लेकर इस्लामाबाद तक हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। पिछली बार मई 2024 में नजर आए थे इमरान इमरान खान पिछली बार 16 मई 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि आम चुनाव से 5 दिन पहले मुझे अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया, जिससे मैं चुनाव से दूर रहूं। इमरान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा- केजरीवाल को भी भारत में चुनाव के दौरान कैंपेन के लिए जमानत दी गई थी। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसमें सरकारी गिफ्ट (तोशाखाना केस) बेचने और सरकारी सीक्रेट लीक करने जैसे आरोप शामिल हैं। इमरान पर आरोप है कि उन्होंने अल-कादिर ट्रस्ट के लिए पाकिस्तान सरकार की अरबों रुपए की जमीन को सस्ते में बेच दिया था। इस मामले में इमरान को 9 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पूरे मुल्क में फौज के कई अहम ठिकानों पर हमले हुए थे।​​​ पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने अल-कादिर ट्रस्ट केस में दिसंबर 2023 में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी और अन्य 6 व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया था। हालांकि जब इमरान के खिलाफ ये केस दर्ज हुआ, उससे पहले से ही वे तोशाखाना केस में अडियाला जेल में बंद थे। ​​​​ 50 अरब का स्कैम है अल-कादिर ट्रस्ट केस
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