Top News 22 August: इमरान खान की सेहत पर बहन का बड़ा दावा, राम मंदिर निर्माण पर क्या बोले नृपेंद्र मिश्रा?

Top News 22 August: इमरान खान की सेहत पर बहन का बड़ा दावा, राम मंदिर निर्माण पर क्या बोले नृपेंद्र मिश्रा?

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Top News 22 August: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के बाद उनकी बहन ने कहा कि इमरान को बहुत टॉर्चर किया जा रहा है। राम मंदिर निर्माण समिति ने अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का दावा, मंदिर निर्माण में सरकार का एक भी पैसा नहीं लगा। दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ा प्रदर्शन। रूस का यूक्रेन के शॉपिंग मॉल पर हमला। सुप्रीम कोर्ट पहुंचा झाखंड भर्ती विवाद। 22 अगस्त की बड़ी खबरें : 

 

इमरान के स्वास्थ्य पर क्या बोलीं बहन उज्मा?

पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व PM इमरान खान की बहन उज्मा ने दावा किया कि मुलाकात के दौरान इमरान बार-बार एक ही चीज कही, मेरे साथ जुल्म हुआ है। मुझे बहुत टॉर्चर किया जा रहा है। आंखों के इलाज के लिए इंजेक्शन न लगने पर स्थिति और बिगड़ने का खतरा था। आंख की एक नस खराब होने से बची हुई है। एक इंजेक्शन लगने के बाद अब धीरे-धीरे आंखों की रोशनी वापस आ रही है।

 

मंदिर निर्माण में नहीं लिया सरकार का एक भी पैसा

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि मंदिर निर्माण में निश्चित रूप से ट्रस्ट का योगदान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर और परिसर के निर्माण में केंद्र अथवा राज्य सरकार का एक पैसा भी नहीं लगा है।

 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के प्रसिद्ध धरना स्थल जंतर-मंतर पर शुक्रवार को एक बार फिर बड़ा प्रदर्शन हुआ। आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी रेगुलेशंस के विरोध में हजारों लोग जुटे। प्रदर्शन का आयोजन ‘Reservation Reform Andolan’ के बैनर तले किया गया। ALSO READ: दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन, आरक्षण और UGC नियमों के विरोध में उतरे हजारों लोग

 

रूस का यूक्रेन के शॉपिंग मॉल पर हमला

रूस ने शुक्रवार दोपहर मध्य यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में कई ड्रोन से हमला किया। इस हमले में शहर के एक बड़े शॉपिंग मॉल को निशाना बनाया गया। मीडिया खबरों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई और 121 लोग घायल हुए। घायलों में 22 बच्चे शामिल हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा झाखंड भर्ती विवाद

झारखंड में परीक्षा रद्द करने और नियुक्तियों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। रांची में 24 दिन आंदोलन के बाद झारखंड सरकार ने परीक्षाएं रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी थी। मामले में दायर याचिका पर शीर्ष अदालत सोमवार को सुनवाई कर सकती है।

 

असम में बाढ़ में घायल हथिनी ‘जॉयमोती’ को मिला नया जीवन, इलाज के लिए वंतारा किया गया एयरलिफ्ट

जॉयमोती नाम की 53 साल की मादा हाथी, जो जुलाई के दूसरे हफ्ते में नागालैंड और असम में आई बाढ़ के पानी में बह गई थी, को अब गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा ले जाया जा रहा है। संगठन ने शुक्रवार को बताया कि हाथी को तुरंत और विशेषज्ञ पशु चिकित्सा इलाज की जरूरत है, इसलिए उसे एयरलिफ्ट किया जा रहा है।

बाढ़ के दौरान जॉयमोती को स्थानीय लोगों ने सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर रेस्क्यू किया था। बाढ़ में बहने के बाद हाथी को कई गंभीर चोटें आई हैं। उसके माथे, दाहिने कान, पूंछ के ऊपर, बाईं अंदरूनी जांघ और पेट पर घाव हैं। साथ ही, उसके बाहरी जननांग के पास गहरी चोट भी है, जिसमें कीड़े पड़ गए थे।

उसकी दाहिनी आंख भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसकी वजह से उस आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है और लगातार पानी भी निकल रहा है। इसके अलावा, उसके बाएं पिछले पैर में काफी समय से लंगड़ाने की समस्या है। यह समस्या उसे जंगल में पेड़ काटने के दौरान लगी चोट और फ्रैक्चर के कारण हुई थी। इस वजह से उसे सामान्य तरीके से चलने और खाना-पानी तक पहुंचने में परेशानी होती है।

रेस्क्यू के बाद जॉयमोती को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार और शुरुआती पशु चिकित्सा सुविधा दी गई। इसमें घावों की ड्रेसिंग, दर्द की दवा, मल्टीविटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स के साथ जरूरी सपोर्टिव ट्रीटमेंट शामिल था। हालांकि, उसके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें हैं। साथ ही उसकी उम्र ज्यादा है और पहले से ही चलने-फिरने में परेशानी है। इन सभी वजहों से उसे तुरंत किसी विशेषज्ञ अस्पताल में इलाज की जरूरत थी।

हाथी को मेडिकल कारणों से किया गया शिफ्ट

हालांकि, वंतारा ने स्पष्ट किया है कि यह स्थानांतरण पूरी तरह से मेडिकल कारणों से किया जा रहा है। सड़क मार्ग के बजाय हवाई मार्ग से ले जाने का निर्णय हाथी को विशेष अस्पताल तक पहुंचाने में लगने वाले शारीरिक तनाव और समय को कम करने के लिए लिया गया है। पहुंचते ही जॉयमोती की पूरी पशु चिकित्सा जांच की जाएगी, जिसमें उसके घावों, आंखों की स्थिति और पोषण एवं सहायक देखभाल संबंधी सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा।

बता दें कि किसी हाथी को गंभीर इलाज के लिए हवाई रास्ते से अस्पताल ले जाना भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास है। इसके लिए पशु चिकित्सकों, एनिमल केयर टीम और लॉजिस्टिक्स से जुड़े लोगों ने काफी तैयारी की है।

जॉयमोती को ले जाने की पूरी प्रक्रिया में उसकी सेहत, आराम और सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया। यात्रा से पहले मेडिकल जांच और तैयारी से लेकर विमान में चढ़ाने, उड़ान के दौरान उसकी निगरानी और अस्पताल पहुंचने तक हर चरण को सावधानी से पूरा किया गया।

वन्तारा असम में तीन वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित करेगी

इसके अतिरिक्त, वन्तारा ने असम में तीन वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, जिनमें हाथियों के लिए एक विशेष केंद्र भी शामिल है, ताकि वन्यजीवों की आपातकालीन पशु चिकित्सा देखभाल के लिए स्थानीय क्षमता को मजबूत किया जा सके। प्रस्तावित केंद्रों में प्रजाति-विशिष्ट सुविधाएं और पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध होगी, जिससे जरूरतमंद जानवरों को आपातकालीन स्थिति में उनके रहने के स्थान के पास ही समय पर और उचित उपचार मिल सकेगा। इन केंद्रों का संचालन पूरी तरह से असम वन विभाग द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाएगा।

इसका उद्देश्य स्थानीय क्षमता को मजबूत करना है ताकि असम में हाथियों और अन्य वन्यजीवों को उनके घर के पास ही उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल मिल सके और विशेष उपचार की आवश्यकता होने पर लंबी दूरी के परिवहन की आवश्यकता न पड़े।

बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी द्वारा स्थापित वंतारा एक पशु कल्याण और वन्यजीव संरक्षण संगठन है।

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बाढ़ में घायल 53 साल की हथिनी ‘जॉयमोती’ का एयरलिफ्ट, इलाज के लिए वनतारा पहुंची, भारत में पहली बार हुआ ऐसा रेस्क्यू

बाढ़ में घायल 53 साल की हथिनी ‘जॉयमोती’ का एयरलिफ्ट, इलाज के लिए वनतारा पहुंची, भारत में पहली बार हुआ ऐसा रेस्क्यू

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जुलाई की भीषण बाढ़ में बहकर गंभीर रूप से घायल हुई 53 वर्षीय हथिनी जॉयमोती को विशेष इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर जामनगर स्थित वनतारा पहुंचाया गया है। नागालैंड में बाढ़ के तेज पानी में बहने के बाद स्थानीय लोगों और सरकारी एजेंसियों की मदद से उसे बचाया गया था। जॉयमोती के शरीर पर कई गंभीर घाव हैं, उसकी दाहिनी आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और पुरानी चोट के कारण पिछले पैर में भी लंगड़ापन है।

 

स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बावजूद उसकी उम्र, गंभीर चोटों और चलने-फिरने में परेशानी को देखते हुए विशेष अस्पताल में इलाज की जरूरत थी। वनतारा में अब उसकी विस्तृत चिकित्सा जांच के साथ आंख और अन्य चोटों का विशेष उपचार किया जा रहा है। पोषण और दूसरी जरूरी देखभाल भी दी जाएगी।

 

गंभीर रूप से घायल हाथी को अस्पताल में इलाज के लिए विमान से पहुंचाना भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास बताया गया है। जॉयमोती को सड़क के लंबे और थकाऊ सफर से बचाने के लिए एयरलिफ्ट किया गया। यात्रा के दौरान उसकी सेहत, आराम और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया।

 

वनतारा ने स्पष्ट किया है कि जॉयमोती को जामनगर लाना स्थायी स्थानांतरण नहीं है। उसे केवल विशेष और जरूरी इलाज के लिए यहां लाया गया है। वनतारा ने असम में हाथियों के लिए एक समर्पित केंद्र समेत तीन वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र बनाने का प्रस्ताव भी दिया है, ताकि भविष्य में घायल वन्यजीवों को उनके क्षेत्र के करीब ही बेहतर इलाज मिल सके।

Delhi-NCR में H1N1 और डेंगू का बढ़ा खतरा, डॉक्टरों ने बताया किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

दिल्ली-NCR के अस्पतालों में इन दिनों बुखार, फ्लू और डेंगू जैसी मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। ओपीडी (OPD) और इमरजेंसी में इनकी संख्या काफी ज्यादा देखी जा रही है। डॉक्टरों ने बताया है कि पिछले कुछ हफ्तों में इन्फ्लूएंजा A या H1N1 के मामलों में तेजी से उछाल आया है।

डॉक्टरों ने News18 को बताया कि मॉनसून के दौरान ज्यादा नमी और रुक-रुक कर होने वाली बारिश, साथ ही भीड़-भाड़ वाली बंद जगहें और फ्लू का टीका लगवाने वालों की कम संख्या इस बढ़ोतरी की वजह हैं।

हालांकि, ज्यादातर मरीज घर पर आराम और देखभाल से ठीक हो जाते हैं। लेकिन डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या ऑक्सीजन लेवल गिरने जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

मौसम और घर के अंदर भीड़-भाड़ की वजह से बढ़ीं बीमारियां

दिल्ली के BLK-Max सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन विभाग के हेड और वाइस चेयरमैन डॉ. राजिंदर कुमार सिंघल ने कहा, “पिछले कुछ हफ्तों में, पूरे इलाके में तेज बुखार वाली बीमारियों के लिए आउटपेशेंट (OPD) आने वालों और इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है।”

उन्होंने कहा कि मामलों में रेस्पिरेटरी वायरस इन्फेक्शन और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का मिला-जुला असर दिख रहा है। उन्होंने आगे कहा, “मौसम का बदलना, ज्यादा नमी और बीच-बीच में होने वाली बारिश से कम्युनिटी में पैथोजन (बीमारी फैलाने वाले कीटाणु) के जिंदा रहने और फैलने की रफ्तार काफी बढ़ जाती है।”

सिंघल ने कहा कि H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी तीन वजहों से हो रही है: पहला, नमी वाला गर्म मौसम, जिससे इन्फेक्शन वाली बूंदें हवा में ज्यादा देर तक बनी रहती हैं। दूसरा, ” लोगों का बंद और एयर कंडीशन वाले कमरों में ज्यादा समय बिताना जहां हवा का बहाव ठीक नहीं होता और वायरस तेजी से फैलता है। और तीसरा, “फ्लू का सालाना वैक्सीनेशन कम होना और साफ-सफाई की आदतों में लापरवाही बरतना, जिससे बहुत से लोग बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।”

दिल्ली में H1N1 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी

फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. अर्जुन खन्ना ने हाल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि इस साल दिल्ली में H1N1 के 1,449 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल इसी समय के मुकाबले लगभग छह गुना ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण शुरू में हल्का लग सकता है, लेकिन कमजोर मरीजों में यह निमोनिया, खून में ऑक्सीजन का खतरनाक स्तर तक गिरना और कभी-कभी फेफड़ों के गंभीर रूप से फेल होने जैसी स्थिति में बदल सकता है।

खन्ना ने कहा, “बात साफ है: हर बार बुखार होने पर घबराएं नहीं, लेकिन इन्फ्लूएंजा को हल्के में भी न लें।” उन्होंने आगे कहा, “हम ऐसे बहुत से मरीज देख रहे हैं जिन्हें तेज बुखार, शरीर में तेज दर्द, खांसी, गले में खराश और बहुत ज्यादा थकान है। हमें चिंता है कि कुछ मरीजों की हालत उतनी तेजी से बिगड़ रही है, जितनी आम वायरल बुखार में उम्मीद नहीं की जाती।”

खन्ना ने बढ़ते मामलों के पीछे मानसून का मौसम, स्कूलों, ऑफिस और सार्वजनिक परिवहन जैसी भीड़भाड़ वाली बंद जगहों में खराब वेंटिलेशन और फ्लू वायरस में लगातार होने वाले बदलाव को जिम्मेदार बताया। उनका मतलब है कि पिछले संक्रमण या वैक्सीन से मिली सुरक्षा हमेशा के लिए नहीं रहती।

फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग में रेस्पिरेटरी मेडिसिन और रेस्पिरेटरी क्रिटिकल केयर के HOD, डॉ. विकास मौर्य ने भी कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल H1N1 पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों की संख्या में “भारी उछाल” आया है। उन्होंने बताया कि फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों में से लगभग 70-80% H1N1 पॉजिटिव पाए जा रहे हैं, और इसके बाद इन्फ्लूएंजा के अन्य स्ट्रेन और रेस्पिरेटरी वायरस का नंबर आता है।

मौर्य ने कहा, “मानसून के दौरान होने वाला हर बुखार H1N1 की वजह से नहीं होता। हम अन्य वायरल रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन भी देख रहे हैं, जिनमें इन्फ्लूएंजा के अन्य स्ट्रेन जैसे H3N2 के साथ-साथ राइनोवायरस, एडेनोवायरस और COVID-19 जैसे इन्फेक्शन शामिल हैं। चिंता की एक और बात वे वायरस हैं जिनकी पहचान अभी उपलब्ध टेस्ट से नहीं हो पाती, लेकिन मरीज के लक्षणों से लगता है कि यह वायरल इन्फेक्शन है।”

लक्षण और खतरे के संकेत

डॉक्टरों ने News18 को बताया कि H1N1 का असर आम सर्दी-जुकाम की तुलना में अचानक और ज्यादा गंभीर होता है। इसमें तेज बुखार और कंपकंपी, शरीर में तेज दर्द, सिरदर्द और बहुत ज्यादा थकान, सूखी खांसी और गले में खराश जैसे लक्षण होते हैं। बच्चों में उल्टी या दस्त जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।

खन्ना ने कहा, “सिर्फ 102 या 103 डिग्री बुखार खतरनाक नहीं है। खतरे के संकेत तब होते हैं जब इसके साथ सांस लेने में तकलीफ, सीने में बेचैनी, असामान्य रूप से बहुत ज्यादा नींद आना, उलझन या ऑक्सीजन का स्तर कम होना जैसे लक्षण दिखें।”

उन्होंने कहा, “ऐसे में इसका इलाज घर पर नहीं किया जाना चाहिए।”

खन्ना ने आगे कहा कि अगर कोई मरीज ठीक होता हुआ दिखे और फिर अचानक उसे दोबारा तेज बुखार आ जाए और खांसी बढ़ जाए, तो इसे निमोनिया या किसी दूसरी गंभीर समस्या का संभावित संकेत मानकर इलाज किया जाना चाहिए।

किन्हें और कब टेस्ट करवाना चाहिए?

डॉ. सिंघल के अनुसार, हल्के मामलों में फ्लू के लिए रूटीन टेस्टिंग की जरूरत नहीं होती, लेकिन ज्यादा जोखिम वाले ग्रुप्स के लिए इसकी पुरजोर सलाह दी जाती है — जैसे 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग, 5 साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, और डायबिटीज, फेफड़ों की पुरानी बीमारी, अस्थमा, किडनी की बीमारी, दिल की बीमारी या कमजोर इम्यूनिटी (जैसे कैंसर के इलाज या ऑर्गन ट्रांसप्लांट की वजह से) वाले लोग।

ऐसे लोगों के लिए भी टेस्टिंग की सलाह दी जाती है जिनकी हालत बिगड़ रही हो, जैसे सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या ऐसा बुखार जो ठीक न हो रहा हो।

खन्ना ने अस्पताल में भर्ती 29,000 से ज्यादा H1N1 मरीजों पर हुई एक बड़ी स्टडी का भी जिक्र किया, जिसमें पाया गया कि एंटीवायरल दवाएं जल्दी शुरू करने से मौतें कम हुईं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बहुत ज्यादा बीमार और ज्यादा जोखिम वाले मरीजों में टेस्ट के नतीजे आने से पहले ही एंटीवायरल इलाज शुरू कर सकते हैं।

सिंघल ने कहा कि ओसेल्टामिविर (Oseltamivir) जैसी एंटीवायरल दवाएं तब सबसे अच्छा काम करती हैं जब उन्हें लक्षण शुरू होने के 48 घंटों के अंदर शुरू किया जाए।

मानसून के दौरान डेंगू के मामले भी बढ़ रहे हैं

दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. अरविंद अग्रवाल ने कहा, “हमारी OPD सेवाओं में हर दिन डेंगू या H1N1 के शक वाले 15 से 20 मामले सामने आ रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “इनमें से 2 से 3 मरीजों को गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी या ब्लड प्लेटलेट काउंट में तेजी से गिरावट जैसे गंभीर लक्षणों के कारण भर्ती करना पड़ता है।” उन्होंने आगे कहा कि बाकी मरीजों का इलाज OPD में ही हो जाता है, जिसमें वे खुद अपनी सेहत पर नजर रखते हैं और ओरल रिहाइड्रेशन (मुंह से तरल पदार्थ लेना) का तरीका अपनाते हैं।

अग्रवाल ने कहा, “हम लोगों को सलाह देते हैं कि वे अपने आस-पास पानी जमा न होने दें, मच्छर भगाने वाली चीजों का इस्तेमाल करें, साफ-सफाई बनाए रखें और लगातार बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।”

डॉक्टरों की सलाह और सावधानियां

डॉक्टरों ने गंभीर बीमारी से बचने के लिए सालाना फ्लू वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है, खासकर ज्यादा जोखिम वाले लोगों और हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए। इसके साथ ही, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकने, कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोने या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने, और बिना बुखार की दवा लिए बुखार उतरने के कम से कम 24 घंटे बाद तक घर पर रहने की भी सलाह दी गई है।

उन्होंने खुद से एंटीबायोटिक्स लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी है, क्योंकि ये फ्लू जैसे वायरल इन्फेक्शन पर असर नहीं करतीं और भविष्य में होने वाले इन्फेक्शन का इलाज मुश्किल बना सकती हैं। जब तक डॉक्टर खास तौर पर एंटीवायरल दवा न लिखें, तब तक पैरासिटामोल जैसी बुखार कम करने वाली दवाएं लेना और खूब तरल पदार्थ (fluids) लेना पहला कदम होना चाहिए।

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आधी रात शिफा अस्पताल पहुंचे इमरान खान, 6 डॉक्टरों ने की जांच; फिर अडियाला जेल भेजे गए

आधी रात शिफा अस्पताल पहुंचे इमरान खान, 6 डॉक्टरों ने की जांच; फिर अडियाला जेल भेजे गए

Imran Khan sent to adiyala jail after checkup

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को आधी रात को कड़ी सुरक्षा के बीच जांच के लिए शिफा अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में 6 डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। जांच के बाद वापस फिर अडियाला जेल भेज दिया गया। ALSO READ: Top News 21 August: चीनी के दाम से अमेरिका के कर्ज तक, इमरान खान और शशि थरूर समेत पढ़ें दिन की 5 बड़ी खबरें

 

सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को दिए आदेश में इमरान को इलाज के लिए तुरंत इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल भेजने और 16 सितंबर तक अस्पताल में रखने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार दफ्तर ने सरकार की उस समीक्षा याचिका को भी वापस लौटा दिया है जो इमरान खान को अस्पताल भेजे जाने के खिलाफ दाखिल की गई थी।

 

इस बीच संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने कहा है कि यदि देश की सरकारी सुविधाओं में पर्याप्त चिकित्सा देखभाल उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो सरकार इमरान खान को इलाज के लिए विदेश भेजने पर भी विचार कर सकती है।

 

पीटीआई और इमरान खान का परिवार लंबे समय से उनकी खराब सेहत को लेकर चिंता जताता रहा है। PTI प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला स्वागत योग्य है लेकिन उनकी पार्टी चाहती है कि इमरान खान को तब तक अस्पताल में रखा जाए, जब तक डॉक्टर उनकी सेहत को पूरी तरह ठीक न मान लें। ALSO READ: इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, तुरंत अस्पताल भेजने का आदेश; 16 सितंबर तक रहेंगे भर्ती

 

गौरतलब है कि 73 वर्षीय इमरान खान अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद अगस्त, 2023 से जेल में हैं। उन्हें कई मामलों में सजा सुनाई गई है। इमरान इन मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए आरोपों से इनकार करते रहे हैं। उनके वकीलों के मुताबिक जेल में रहने के दौरान उनकी दाहिनी आंख की रोशनी काफी प्रभावित हुई है। उनके बेटों ने भी पिछले साल उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताई थी।

स्लिम नहीं, फिट दिखना है जरूरी! जानिए सौम्या टंडन का फिटनेस मंत्र

हमेशा फिट रहने के लिए हमेशा सख्त डाइट या घंटों एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं होता। रोज की कुछ अच्छी आदतों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करके भी खुद को हेल्दी और एक्टिव रखा जा सकता है। महिलाओं के लिए नींद, खान-पान, पानी पीने और रोज की एक्टिविटी जैसी छोटी-छोटी चीजें काफी असर करती हैं।

एक्ट्रेस सौम्या टंडन भी अपनी फिटनेस और हेल्थ को बनाए रखने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानती हैं। उनकी फिटनेस रूटीन से जुड़ी ये आदतें उन महिलाओं के लिए भी काम की हो सकती हैं, जो बिना बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट डाइट के खुद को फिट रखना चाहती हैं। लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत और शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी हेल्थ रूटीन को अपनाने से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से सलाह लेना बेहतर है।

दिन की शुरुआत

सौम्या टंडन अपने दिन की शुरुआत एक बड़े गिलास गुनगुने पानी से करती हैं। इसमें वह थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाती हैं। सुबह पानी पीने से शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद मिलती है। अदरक को डाइजेस्ट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर अलग हो सकता है।

डाइट में जरूरी चीजें

सौम्या अपनी डाइट में प्रोटीन को भी खास जगह देती हैं। वह प्रोटीन ड्रिंक लेती हैं और मानती हैं कि रोज के खाने में पर्याप्त प्रोटीन होना जरूरी है। प्रोटीन शरीर की मिस्क्ल्स को मजबूत रखने में मदद करता है। इसके लिए दाल, पनीर, दूध, दही, अंडे या अपनी पसंद के दूसरे प्रोटीन वाले फूड शामिल किए जा सकते हैं।

इन चीजों से परहेज

सौम्या टंडन चीनी और ज्यादा मीठी चीजों से दूरी रखती हैं। वह मीठे से बचने को अपनी हेल्दी आदतों में शामिल करती हैं। रोज ज्यादा चीनी खाने से वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए मीठा कम मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है। घर पर मिठाई बनाते समय भी चीनी की मात्रा कम रखी जा सकती है।

खाली पेट ड्रिंक

सौम्या ने बताया है कि वह सुबह खाली पेट एक चम्मच हल्का गुनगुना घी लेती हैं और उसमें थोड़ी हल्दी व काली मिर्च मिलाती हैं। उनके अनुसार यह उनकी रोज की आदत का हिस्सा है। घी में फैट होता है और बैलेंस अमाउंट में इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन किसी भी चीज को खाली पेट लेने से पहले अपनी सेहत और डाइट का ध्यान रखना जरूरी है।

फिट रहने का सीक्रेट

सौम्या का कहना है कि वह खुद को फिट रखने के लिए क्रैश डाइटिंग नहीं करतीं। उनका फोकस बैलेंस्ड डाइट पर रहता है। डाइट में कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, फल और सब्जियां शामिल करना जरूरी है। इस तरह खाना खाने से शरीर को अलग-अलग जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और लंबे समय तक हेल्दी रूटीन बनाए रखना आसान हो सकता है।

इमरान खान को अस्पताल ले जाने की तैयारी:इस्लामाबाद के शिफा अस्पताल में भारी सुरक्षा; सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इलाज

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को रावलपिंडी की अडियाला जेल से इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। उन्हें कुछ ही देर में कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल शिफ्ट किया जा सकता है। यह कदम पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उठाया जा रहा है। उनके परिवार और वकीलों ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई थी और अपनी पसंद के डॉक्टरों से इलाज के लिए उन्हें निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की थी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

Credent IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, ₹189 का शेयर डबल

Credent Connect N Care IPO Listing: हेल्थकेयर सर्विसेज और लॉजिस्टिक्स कंपनी क्रीडेंट कनेक्ट एन केयर के शेयरों की आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 153 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹189 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹359.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90% का लिस्टिंग गेन (Credent Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹377.05 (Credent Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 99.50% मुनाफे में हैं।

Credent IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

क्रीडेंट कनेक्ट एन केयर का ₹94 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 13-17 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 153.13 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 130.40 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 216.97 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 138.86 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 49.68 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹26.80 करोड़ पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडरी क्रीडेंट हेल्थकेयर के वर्किंग कैपिटल को लेकर निवेश, ₹3.00 करोड़ क्रीडेंट हेल्थकेयर की मशीनरी, 37.00 करोड़ अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹6.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Credent Connect N Care के बारे में

क्रीडेंट कनेक्ट एन केयर लिमिटेड एक हेल्थकेयर सर्विसेज और लॉजिस्टिक्स कंपनी है। इसकी शुरुआत जून 2015 में क्रीडेंट कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के रूप में हुई थी। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है। इसके ग्राहक डाइग्नॉस्टिक लैब, आईवीडी कंपनियां, फार्मा कंपनियां, अस्पताल, क्लीनिक और हेल्थकेयर से जुड़ी कंपनियां हैं। इसका कारोबार देश भर में फैला हुआ है। क्रीडेंट हेल्थकेयर, क्रीडेंट टीम और आलट्रैक टेक के अधिग्रहण के जरिए इसनें अपनी क्षमता भी बढ़ाई है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.41% घटकर ₹2.25 करोड़ पर आ गया लेकिन टोटल इनकम 2.91% उछलकर ₹78.23 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹7.42 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.70 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Putrada Ekadashi 2026: सावन की पुत्रदा एकादशी पर इन 5 बातों का रखें खास ध्यान, वर्ना नहीं मिलेगा व्रत और पूजा का पूरा फल

Putrada Ekadashi 2026: सावन माह में आने वाली पुत्रदा एकादशी का सभी व्रत और पर्व में विशेष स्थान है। यह व्रत माताएं और अभिभावक अपनी संतान की सुख-समृद्धि, अच्छी सेहत और खुशहाली के लिए करते हैं। कुछ दंपति संतान की प्राप्ति की कामना से भी यह व्रत करते हैं। पुत्रदा एकादशी व्रत सावन के अलावा पौष माह में भी किया जाता है। सावन माह के शुल्क पक्ष की एकादशी तिथि को सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत होता है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है, लेकिन सावन का महीना होने की वजह से इस दिन भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन व्रत और पूजा करते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। आइए जानें इनके बारे में

कब है सावन पुत्रदा एकादशी 2026

पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 23 अगस्त 2026 को रात 2 बजे से शुरू होकर 24 अगस्त सुबह 4:18 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। लेकिन सावन पुत्रदा एकादशी व्रत पारण के दिन हरिवासर सूर्योदय के बाद तक रहने की वजह से 24 अगस्त को भी पुत्रदा एकादशी व्रत होगा।

इन 5 नियमों को भूल कर भी अनदेखा न करें

काले कपड़े न पहनें : एकादशी व्रत में पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग भगवान विष्णु का प्रिय रंग है। पूजा-पाठ के दौरान काले रंग के कपड़े पहनने से बचने की सलाह दी जाती है।

तुलसी की पत्तियां न तोड़ें : इस दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ने से बचना चाहिए। भगवान विष्णु की पूजा में पहले से रखी तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

गुस्सा और विवाद न करें : उन्होंने कहा कि इस दिन किसी का अपमान करने, बहस करने या किसी का दिल दुखाने से बचें। शांत मन से भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

चावल खाने से बचें : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी व्रत के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन सात्विक भोजन और फलाहार को प्राथमिकता दी जाती है।

तामसिक भोजन से दूरी रखें : एकादशी के दिन मांस-मदिरा और अन्य तामसिक चीजों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इससे पूजा और उपवास का पूरा फल नहीं मिलता है।

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Bhauma Pradosh Vrat 2026 Date: सावन के दूसरे और अंतिम प्रदोष व्रत पर त्रिपुष्कर योग का संयोग, जानें कब होगा भौम प्रदोष व्रत और पूजा का मुहूर्त

Bhauma Pradosh Vrat 2026 Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का अहम स्थान है। यह तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। माना जाता है कि भगवान शिव इस दिन कैलाश पर्वत पर प्रदोष काल में प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं। और इस समय भगवान की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। प्रदोष व्रत हिंदू कैलेंडर के हर माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। इस व्रत में प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद पूजा का विधान है। प्रदोष व्रत का नाम उस दिन से तय होता है, जब यह तिथि पड़ रही हो। जैसे सोमवार को त्रयोदशी तिथि लगने पर सोम प्रदोष व्रत किया जाता है।

सावन माह का अंतिम प्रदोष व्रत मंगलवार के पड़ रहा है। सावन शुक्ल त्रयोदशी तिथि मंगलवार के दिन पड़ने की वजह से यह भौम प्रदोष व्रत होगा। यह व्रत उन श्रद्धालुओं के लिए खासतौर से फलदायी होता है जिनकी कुंडली में मंगल दोष होता है। संतान की प्राप्ति के लिए भी प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस दिन मंगला गौरी व्रत का भी सुंदर संयोग बनेगा। इस व्रत के दिन शिव पूजा के लिए करीब सवा दो घंटे का मुहूर्त है। सावन के भौम प्रदोष व्रत के दिन त्रिपुष्कर योग बन रहा है, जो तीन गुना फल प्रदान करने वाला माना जाता है।

भौम प्रदोष व्रत 2026 तारीख

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 25 अगस्त को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ होगी। इस तिथि की समाप्ति 26 अगस्त को सुबह में 7 बजकर 59 मिनट पर होगी। उदयातिथि के आधार पर त्रयोदशी तिथि 26 अगस्त को है, लेकिन सावन का अंतिम प्रदोष यानि भौम प्रदोष व्रत 25 अगस्त दिन मंगलवार को रखा जाएगा। क्योंकि प्रदोष काल का पूजा मुहूर्त 25 अगस्त को मिल रहा है।

भौम प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त

इस बार भौम प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 51 मिनट से है, जो रात 9 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। शिव पूजा के लिए भक्तों को 2 घंटे 13 मिनट का शुभ समय प्राप्त होगा। इसके अलावा प्रदोष के दिन ब्रह्म मुहूर्त प्रात:काल 04:27 ए एम से 05:11 ए एम तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दिन में 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। उस दिन का निशिता मुहूर्त देर रात 12:01 ए एम से लेकर 26 अगस्त को 12:45 ए एम तक है।

भौम प्रदोष व्रत में त्रिपुष्कर योग का संयोग

सावन का यह भौम प्रदोष व्रत त्रिपुष्कर योग में किया जाएगा। त्रिपुष्कर योग सुबह 5 बजकर 55 मिनट से सुबह 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इस योग में किए गए शुभ कार्यों के तीन गुने फल प्राप्त होते हैं। प्रदोष के दिन रवि योग भी बन रहा है, जो रात में 10 बजकर 51 मिनट से 26 अगस्त को सुबह 5 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। रवि योग भी एक शुभ योग होता है। उस दिन सुबह में आयुष्मान् योग 07 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। इस योग में आयु लंबी होती है, उत्तम सेहत का आशीर्वाद मिलता है। सुबह 7:41 बजे से सौभाग्य योग बनेगा, जो रात तक रहेगा। त्रयोदशी व्रत पर उत्तराषाढा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात 10:51 पी एम तक रहेगा, फिर श्रवण नक्षत्र का प्रारंभ होगा।

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