Redmi Note 17 Pro सीरीज भारत में लॉन्च, 10,000mAh बैटरी, 50MP कैमरा और 120Hz डिस्प्ले के साथ, जानें कीमत

अगर आप मिड रेंज में Android फोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, आज यानी मंगलवार को Redmi ने अपना Redmi Note 17 Pro सीरीज लॉन्च कर दिया है। इस लाइनअप में Redmi Note 17 Pro Max और Redmi Note 17 Pro शामिल हैं, जो हाल ही में लॉन्च हुए Redmi Note 17 के बाद Note 17 सीरीज़ में दूसरे और तीसरे मॉडल के तौर पर आए हैं। नए Redmi Note 17 Pro Max में 10,000mAh की बैटरी और ऑक्टा-कोर Snapdragon 6 सीरीज का चिपसेट लगा है। जबकि Note 17 Pro में 9,000mAh की बैटरी दी गई है और Snapdragon 6s सीरीज का SoC है। अब चलिए जानते हैं दोनों फोन के स्पेसिफिकेशन्स और कीमत के बारे में।

भारत में Redmi Note 17 Pro और Note 17 Pro Max की कीमत और उपलब्धता

भारत में Redmi Note 17 Pro के बेस वेरिएंट (8GB RAM और 128GB स्टोरेज) की कीमत 36,999 रुपये से शुरू होती है। वहीं, इसके 8GB + 256GB RAM और स्टोरेज वाले हायर-एंड मॉडल की कीमत 39,999 रुपये है। दूसरी ओर, Redmi Note 17 Pro Max के बेस 8GB + 256GB मॉडल की कीमत 49,999 रुपये से शुरू होती है।

आखिर में, Redmi Note 17 Pro Max के सबसे महंगे 12GB + 256GB वाले मॉडल की कीमत Rs. 55,999 है। वहीं, कंपनी SBI, Axis Bank और IDFC First Bank के कार्ड्स पर Rs. 5,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट या HDB Financial Services के साथ Rs. 5,000 तक का कैशबैक भी दे रही है।

बता दें कि Redmi Note 17 Pro की भारत में बिक्री 17 सितंबर से शुरू होगी, जबकि Redmi Note 17 Pro Max की बिक्री 23 सितंबर से शुरू होगी। दोनों स्मार्टफोन को Amazon के जरिए खरीदा जा सकेगा। Redmi Note 17 Pro Max को Matcha Green, Secret Sunrise और Stealth Black कलर ऑप्शन में पेश किया गया है, जबकि Redmi Note 17 Pro Cloud Blue, Purple Vibe और Stealth Black कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा।

Redmi Note 17 Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Redmi Note 17 Pro Max एक डुअल-सिम स्मार्टफोन है, जो Android 16 पर आधारित HyperOS 3 के साथ आता है। कंपनी का कहना है कि फोन को 4 साल तक OS अपडेट और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट मिलेंगे।

इस स्मार्टफोन में 6.83 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इसका रेजोल्यूशन 1,280 x 2,772 पिक्सल है और इसमें 120Hz तक का रिफ्रेश रेट मिलता है। डिस्प्ले में 12-बिट कलर डेप्थ, 3,500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, 3,200Hz तक का इंस्टेंट टच सैंपलिंग रेट, HDR10+ सपोर्ट और Dolby Vision दिया गया है। फोन की स्क्रीन 100 प्रतिशत DCI-P3 कलर गैमट को सपोर्ट करती है। इसमें Wet Touch 2.0 फीचर भी दिया गया है, जिससे गीली स्क्रीन पर भी टच का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Redmi Note 17 Pro Max में Qualcomm का 4nm ऑक्टा-कोर Snapdragon 6 Gen 5 चिपसेट दिया गया है। इसकी अधिकतम क्लॉक स्पीड 2.6GHz तक है। फोन में 12GB तक LPDDR5x RAM, Adreno GPU और 256GB तक UFS 4.1 स्टोरेज मिलती है।

डस्ट और पानी से बचाव के लिए फोन को IP66, IP68 और IP69K रेटिंग मिली है। यानी स्मार्टफोन को धूल और पानी से काफी हद तक सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है।

कैमरे की बात करें तो Redmi Note 17 Pro Max में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन के साथ 50MP (f/1.5) का प्राइमरी रियर कैमरा और 8MP का अल्ट्रावाइड कैमरा शामिल है। Pro Max मॉडल में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 32MP (f/2.2) का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है। यह फोन 4K/30 fps तक की वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है।

Redmi Note 17 Pro Max में 10,000mAh की बैटरी है, जो 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 27W वायर्ड रिवर्स फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें 5G, 4G LTE, डुअल-बैंड Wi-Fi, ब्लूटूथ 6.0 और USB Type-C पोर्ट जैसे फीचर्स भी हैं। इसमें प्रॉक्सिमिटी सेंसर, एम्बिएंट लाइट सेंसर, एक्सेलेरोमीटर, ई-कंपास, IR ब्लास्टर और सिक्योरिटी के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर जैसे ऑनबोर्ड सेंसर भी शामिल हैं। फोन का साइज 163.44×78.27×8.57mm है और वजन लगभग 229 ग्राम है।

Redmi Note 17 Pro के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Redmi Note 17 Pro में Redmi Note 17 Pro Max जैसा ही OS, सॉफ्टवेयर सपोर्ट, डिस्प्ले और इनग्रेस प्रोटेक्शन रेटिंग मिलती है। हालांकि, इस फोन में ऑक्टा-कोर Snapdragon 6s Gen 4 SoC प्रोसेसर है, जो 2.4GHz तक की पीक क्लॉक स्पीड देता है। इसमें Pro Max मॉडल जैसा ही रियर कैमरा सेटअप भी मिलता है।

इसके अलावा, इस फोन के फ्रंट में 16MP (f/2.4) का सेल्फी कैमरा है, जो 1080p/30 fps तक वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। साथ ही, Redmi Note 17 Pro Max में 9,000mAh की बैटरी है, जो 67W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 22.5W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

यह भी पढ़ें: Samsung Galaxy S26 FE हुआ लॉन्च, 120Hz AMOLED डिस्प्ले और 50MP कैमरे के साथ, जानें कीमत और फीचर्स

Samsung Galaxy S26 FE हुआ लॉन्च, 120Hz AMOLED डिस्प्ले और 50MP कैमरे के साथ, जानें कीमत और फीचर्स

Samsung Galaxy S26 FE को सोमवार को भारत में कंपनी के लेटेस्ट ‘फैन एडिशन’ मॉडल के तौर पर लॉन्च किया गया। यह पिछले साल के Galaxy S26 FE का सक्सेसर है और इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.7-इंच का Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले दिया गया है। इसके अलावा, इस हैंडसेट में Exynos 2500 प्रोसेसर और 50MP के प्राइमरी सेंसर दिए गए हैं।

भारत में Samsung Galaxy S26 FE की कीमत और उपलब्धता

भारत में Samsung Galaxy S26 FE के 8GB RAM और 256GB ऑनबोर्ड स्टोरेज वाले एकमात्र वेरिएंट की कीमत 79,999 रुपये है। यह Pistachio, Blueberry और Graphite कलर ऑप्शन में उपलब्ध है।

लॉन्च ऑफर के तहत, ग्राहक पुराना स्मार्टफोन एक्सचेंज करके 8,000 रुपये तक का अपग्रेड बोनस पा सकते हैं। साथ ही, चुनिंदा NBFC पार्टनर के जरिए 30 महीने तक की नो-कॉस्ट EMI और 3,000 रुपये का अतिरिक्त अपग्रेड बोनस पाने का विकल्प भी है।

इसके अलावा, ग्राहक प्रमुख बैंक कार्ड से पेमेंट करने पर 7,000 रुपये तक का कैशबैक पा सकते हैं। वहीं, 12 महीने की नो-कॉस्ट बैंक EMI का विकल्प भी चुना जा सकता है। Samsung के ई-स्टोर से खरीदारी करने वाले ग्राहकों को 18 महीने की बैंक EMI का विकल्प भी मिलेगा।

Samsung Galaxy S26 FE के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

डुअल-सिम (नैनो + नैनो) वाला Samsung Galaxy S26 FE, Android 17 पर आधारित One UI 9 पर चलता है। इसमें सात साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट मिलने का वादा किया गया है। इस फोन में 6.7-इंच का FHD+ Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz है और ब्राइटनेस 1,900 निट्स तक है।

फोन के अंदर Exynos 2500 प्रोसेसर लगा है, जिसे 3nm प्रोसेस से बनाया गया है। इसके साथ 8GB RAM और 256GB स्टोरेज मिलती है। कैमरे की बात करें तो Galaxy S26 FE में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें OIS के साथ 50MP का वाइड कैमरा, 123-डिग्री फील्ड ऑफ व्यू वाला 12MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा और OIS व 3x ऑप्टिकल जूम वाला 8MP का टेलीफोटो कैमरा शामिल है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा भी है।

यह फोन Gemini Omni को भी सपोर्ट करता है, जो गैलरी में मौजूद फोटो और वीडियो का इस्तेमाल करके वीडियो क्लिप बना और एडिट कर सकता है। हैंडसेट में कनेक्टिविटी के लिए 5G, 4G LTE, Wi-Fi 6E, Wi-Fi Direct और Bluetooth 5.4 जैसे ऑप्शन दिए गए हैं।

बैटरी की बात करें तो, Samsung Galaxy में 4,900mAh की बैटरी है जो 45W वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है। Samsung का दावा है कि 45W एडॉप्टर का इस्तेमाल करके यह फोन लगभग 30 मिनट में 69% तक चार्ज हो सकता है। यह 15W फास्ट वायरलेस चार्जिंग और वायरलेस पावरशेयर को भी सपोर्ट करता है। फोन का साइज 161.6 x 76.9 x 7.4 mm है और वजन 193 ग्राम है। इसमें धूल और पानी से बचाव के लिए IP68 रेटिंग भी दी गई है।

यह भी पढ़ें: Redmi Note 17 Pro Series: कल भारत में होगी एंट्री, 10,000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले समेत मिलेंगे ये फीचर्स

Asian Market Today: ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद और AI को लेकर चिंताओं से एशिया बाजार गिरे, तेल की कीमतों में उछाल

Asian Market Today: तेल की कीमतों में नई तेजी, सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की बढ़ती उम्मीदों और AI कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताओं ने निवेशकों के मूड पर असर डाला जिसके चलते सोमवार को एशियाई शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला।

सेमीकंडक्टर और AI से जुड़े शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया की SK Hynix में 5% से ज़्यादा और जापान की Kioxia में 9% से ज़्यादा की गिरावट आई। Samsung Electronics में लगभग 4% और Advantest में 4.7% की गिरावट आई, जो AI इन्वेस्टमेंट साइकल से जुड़ी कंपनियों के प्रति सावधानी को दर्शाता है।

चिप शेयरों में यह बिकवाली तब हुई जब AI क्षेत्र के बड़े अधिकारियों ने ज़्यादा शक्तिशाली सिस्टम से जुड़े जोखिमों को देखते हुए मॉडल डेवलपमेंट की रफ़्तार को धीमा करने की बात कही। Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने इंडस्ट्री से डेवलपमेंट धीमा करने और मज़बूत सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा, जबकि OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और xAI के CEO एलन मस्क ने भी इस पहल का समर्थन किया।

निवेशक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या AI से जुड़े बिज़नेस से होने वाली कमाई, ज़्यादा एडवांस्ड मॉडल बनाने और चलाने के लिए ज़रूरी भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को सही ठहरा पाएगी। इससे ज़्यादा वैल्यूएशन वाले टेक्नोलॉजी शेयर, खर्च, रिटर्न या AI को अपनाने की रफ़्तार को लेकर चिंताएं बढ़ने पर तेज़ी से उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो गए हैं।

साथ ही, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी एशियाई बाज़ारों पर दबाव बढ़ाया। सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 2% से ज़्यादा की बढ़त हुई और यह $107 प्रति बैरल के आसपास रहा, जबकि पिछले हफ़्ते इसमें लगभग 9% की बढ़त हुई थी।

सऊदी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और खाड़ी में शिपिंग पर नए हमलों ने ग्लोबल तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जबकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर ओमान में होने वाली बैठक टाल दी गई।

लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची रहने की संभावना से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। उम्मीद से ज़्यादा अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद, बाज़ार अब बुधवार को फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की ज़्यादा संभावना मानकर चल रहे हैं।

निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में बैंक ऑफ़ जापान द्वारा ब्याज दरों में क्वार्टर-पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की भी ज़्यादा संभावना देख रहे हैं।

जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.7% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 3.3% नीचे आया। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8% गिरा। US इक्विटी फ्यूचर्स भी बाज़ार के कमज़ोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसमें Nasdaq 100 फ्यूचर्स में लगभग 1% की गिरावट है।

बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी वैल्यूएशन पर और दबाव बढ़ रहा है, खासकर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर, जहां भविष्य की कमाई की उम्मीदें पहले से ही ज़्यादा हैं। 10-साल की US ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब बनी हुई है, जबकि पिछले हफ़्ते 2-साल की यील्ड में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई।

फिर भी, कुछ निवेशकों का मानना ​​है कि AI डेवलपमेंट और खर्च में कमी आने से आखिरकार इस सेक्टर को फ़ायदा हो सकता है, क्योंकि कंपनियों को पहले से लगाए जा रहे कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से रिटर्न पाने के लिए ज़्यादा समय मिल जाएगा।

हालांकि, बाज़ार के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या AI इन्वेस्टमेंट की मौजूदा रफ़्तार से इतनी ज़्यादा कमाई हो पाएगी जो ऊँचे वैल्यूएशन को बनाए रख सके।

Crude Oil Price: सऊदी अरब के इस कदम से बढ़ी सप्लाई में रुकावट की आशंका, ब्रेंट क्रूड $108 के करीब

iphone duo price in india : Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की 10 बड़ी खूबियां, ₹2.99 लाख में क्या भारतीय इसे खरीदेंगे?

iphone duo price in india : Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की 10 बड़ी खूबियां, ₹2.99 लाख में क्या भारतीय इसे खरीदेंगे?

iphone duo

Apple Iphone 18 Price In India news : Apple ने आखिरकार अपने पहले फोल्डेबल iPhone iPhone Duo को लॉन्च कर दिया है। यह सिर्फ एक नया iPhone मॉडल नहीं, बल्कि Apple के स्मार्टफोन डिजाइन में बड़ा बदलाव है। फोन खुलने पर 7.6 इंच के बड़े डिस्प्ले में बदल जाता है और बंद करने पर 5.4 इंच की स्क्रीन वाला कॉम्पैक्ट फोन बन जाता है। भारत में इसकी शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है। 256GB मॉडल के लिए प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर 2026 शाम 5.30 बजे से शुरू होंगे और बिक्री 23 अक्टूबर से होगी।

ALSO READ: सोचा था iPhone 18 प्रो आएगा तो 17 सस्ता होगा, Apple ने उल्टा बढ़ा दी कीमत, बने Memes

1. 7.6 इंच का फोल्डेबल डिस्प्ले

 

iPhone Duo की सबसे बड़ी खासियत इसका 7.6 इंच का Super Retina XDR फोल्डिंग डिस्प्ले है। Apple के मुताबिक यह किसी भी iPhone में दिया गया अब तक का सबसे बड़ा डिस्प्ले है। इसमें ProMotion, Always-On Display और 3,000 निट्स तक की पीक आउटडोर ब्राइटनेस मिलती है। फोन को फोल्ड करने पर बाहर 5.4 इंच का Super Retina XDR डिस्प्ले मिलता है। यानी सामान्य काम के लिए कॉम्पैक्ट फोन और वीडियो, मल्टीटास्किंग या गेमिंग के लिए बड़ी स्क्रीन।

ALSO READ: एपल का पहला फोल्डेबल फोन iPhone Duo: पासपोर्ट जैसा साइज और मिनी आईपैड जैसी स्क्रीन, जानिए कीमत

2. Titanium बॉडी और नया हिंज

 

Apple ने iPhone Duo में टाइटेनियम फ्रेम और नया हिंज सिस्टम दिया है। कंपनी का कहना है कि हिंज में 100 से ज्यादा कंपोनेंट्स हैं। फोन को पानी, धूल और छींटों से बचाने के लिए IP68 रेटिंग भी दी गई है। यानी फोल्डेबल फोन होने के बावजूद Apple ने इसकी मजबूती पर खास ध्यान दिया है।

 

3. A20 Pro चिप से मिलेगी जबरदस्त पावर

 

iPhone Duo में वही A20 Pro चिप दी गई है जो iPhone 18 Pro सीरीज में इस्तेमाल हुई है। यह 2nm प्रोसेस पर बनी है और इसमें 6-core CPU, 7-core GPU और Dual 16-core Neural Engine दिया गया है। Apple के अनुसार A20 Pro का CPU पिछली पीढ़ी के A19 Pro से 20% तक तेज और GPU 40% तक तेज है।

ALSO READ: LIVE: फोल्डेबल iPhone Duo की इंट्री, एपल ने लॉन्च किया पहला फोल्डेबल फोन, आईफोन से बिलकुल अलग

4. Dual Battery से लंबी बैटरी लाइफ

 

फोल्डेबल डिजाइन के कारण Apple ने फोन के दोनों हिस्सों में अलग-अलग बैटरी लगाई है। दोनों बैटरियां मिलकर एक सिस्टम की तरह काम करती हैं। Apple के अनुसार बाहरी डिस्प्ले इस्तेमाल करने पर 44 घंटे तक वीडियो प्लेबैक, जबकि अंदर की बड़ी स्क्रीन पर 31 घंटे तक वीडियो प्लेबैक मिल सकता है।

 

5. 48MP Dual Fusion कैमरा

फोटोग्राफी के लिए iPhone Duo में 48MP Dual Fusion कैमरा सिस्टम दिया गया है। इसमें 48MP Fusion Main और 48MP Fusion Ultra Wide कैमरा शामिल हैं। Ultra Wide कैमरा मैक्रो फोटोग्राफी को भी सपोर्ट करता है। यानी फोल्डेबल होने के साथ Apple ने कैमरा अनुभव से भी समझौता नहीं किया है।

6. Smart Take और Duo Preview

iPhone Duo के कैमरे में कुछ खास फीचर्स भी जोड़े गए हैं। Smart Take AI की मदद से यह पहचान सकता है कि फोटो खिंचवाने वाले लोग कब तैयार हैं। वहीं Duo Preview की मदद से फोटो खिंचवाने वाला व्यक्ति भी बाहरी स्क्रीन पर लाइव कैमरा प्रीव्यू देख सकता है। इससे फोटो का फ्रेम और पोज पहले ही चेक किया जा सकता है।

 

7. 4K 120fps Dolby Vision वीडियो

 

वीडियो रिकॉर्डिंग के मामले में भी iPhone Duo काफी दमदार है। इसका मुख्य कैमरा 4K 120fps Dolby Vision वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। इसका इस्तेमाल खासकर स्लो-मोशन वीडियो के लिए किया जा सकता है। Apple ने वीडियो में बेहतर ऑडियो के लिए Audio Mix जैसे फीचर भी दिए हैं।

 

8. पहली बार iPhone में Split View मल्टीटास्किंग

 

फोल्डेबल स्क्रीन का सबसे बड़ा फायदा सॉफ्टवेयर में दिखाई देता है। Apple ने iOS 27 को iPhone Duo के लिए नए तरीके से डिजाइन किया है।  यूजर दो ऐप्स को एक साथ Split View में चला सकता है। उदाहरण के लिए एक तरफ Safari और दूसरी तरफ Notes खोले जा सकते हैं। एक ही ऐप की दो विंडो भी खोली जा सकती हैं। यही फीचर iPhone Duo को सामान्य iPhone से काफी अलग बनाता है।

 

9. Apple Intelligence और नया Siri AI

 

iPhone Duo में Apple Intelligence और नया Siri AI भी दिया गया है। नया Siri यूजर के व्यक्तिगत संदर्भ को समझने और स्क्रीन पर मौजूद जानकारी के आधार पर कार्रवाई करने में सक्षम बनाया गया है। Apple के मुताबिक Siri AI अभी Beta के रूप में उपलब्ध हो रहा है।

 

10. भारत में कीमत 3 लाख के करीब

 

iPhone Duo की भारत में शुरुआती कीमत ₹2,99,900 है। यह 256GB मॉडल की कीमत है।

 

इसके अलावा:

 

256GB: ₹2,99,900

512GB: ₹3,24,900

1TB: ₹3,74,900

2TB: ₹4,49,900

 

यानी टॉप मॉडल की कीमत ₹4.5 लाख के करीब पहुंच जाती है। Apple की आधिकारिक भारतीय वेबसाइट पर यही कीमतें दी गई हैं।

 

क्या iPhone Duo भारतीयों की पसंद बन पाएगा?

 

मेरी राय में iPhone Duo भारत में चर्चा और आकर्षण तो खूब पैदा करेगा, लेकिन यह तुरंत आम भारतीयों का फोन नहीं बनेगा। इसकी सबसे बड़ी वजह ₹2,99,900 की शुरुआती कीमत है। भारत में प्रीमियम स्मार्टफोन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इतनी कीमत इसे सीधे एक अल्ट्रा-प्रीमियम/लक्जरी स्मार्टफोन की कैटेगरी में ले जाती है। हालिया रिपोर्टों में भी भारत में iPhone Duo की कीमत को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं और मीम्स देखने को मिले हैं।

 

फिर भी iPhone Duo के लिए भारत क्यों बड़ा बाजार हो सकता है?

 

पहली वजह—Apple का ब्रांड वैल्यू। भारत में iPhone को सिर्फ स्मार्टफोन नहीं बल्कि प्रीमियम स्टेटस प्रोडक्ट के तौर पर भी देखा जाता है। दूसरी वजह—फोल्डेबल फोन का आकर्षण। iPhone यूजर्स लंबे समय से Apple के फोल्डेबल फोन का इंतजार कर रहे थे। इसलिए Apple के पहले फोल्डेबल मॉडल को लेकर शुरुआती उत्सुकता बहुत ज्यादा हो सकती है।

 

तीसरी वजह—EMI और ट्रेड-इन। Apple भारत में No Cost EMI और Trade In जैसे विकल्प भी दे रहा है, जिससे ऊंची कीमत का शुरुआती बोझ कुछ खरीदारों के लिए कम हो सकता है।

कहां मिल रहा है सस्ता 

प्राइस लिस्ट के मुताबिक अमेरिका में इस स्मार्टफोन की कीमत सबसे कम है। iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर (करीब 1.14 लाख रुपए) है। iPhone 18 Pro Max 1,299 डॉलर (करीब 1.24 लाख रुपए) से शुरू होता है, जबकि फोल्डेबल iPhone Duo की कीमत 1,999 डॉलर (करीब 1.90 लाख रुपए) है। अमेरिका में नए iPhone सबसे सस्ते मिल रहे हैं। यहां iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत करीब 1.06 लाख रुपए है, जबकि भारत में यही मॉडल 1,64,900 रुपए से शुरू होता है। इसी तरह iPhone Duo का अमेरिका में प्राइस भारतीय मुद्रा में 1.9 लाख रुपए के करीब है, अमेरिका जैसे मार्केट्स में टैक्स स्ट्रक्चर अलग होने के कारण वहां शुरुआती कीमत भारत के मुकाबले काफी कम दिखती है। 

 

यूएई में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 5,099 दिरहम (करीब 1,32,075 रुपए) है। वहीं iPhone 18 Pro Max की कीमत 5,499 दिरहम (करीब 1,42,435 रुपए) और iPhone Duo की कीमत 8,499 दिरहम (करीब 2,20,142 रुपए) से शुरू होती है।

जापान में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 2,19,800 येन (करीब 1.37 लाख रुपए) है। iPhone 18 Pro Max 2,39,800 येन (करीब 1.49 लाख रुपए) में मिलता है, जबकि iPhone Duo की कीमत 3,64,800 येन (करीब 2.27 लाख रुपए) है।

चीन में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 9,999 युआन (करीब 1.42 लाख रुपए) है। iPhone 18 Pro Max की कीमत 10,999 युआन (करीब 1.56 लाख रुपए) और iPhone Duo की कीमत 15,999 युआन (करीब 2.27 लाख रुपए) से शुरू होती है।

ब्रिटेन में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,199 पाउंड (करीब 1.54 लाख रुपए) है। iPhone 18 Pro Max 1,299 पाउंड (करीब 1.67 लाख रुपए) से शुरू होता है, जबकि iPhone Duo की कीमत 1,999 पाउंड (करीब 2.57 लाख रुपए) है।

जर्मनी में iPhone 18 Pro की कीमत 1,449 यूरो (करीब 1.61 लाख रुपए) से शुरू होती है। iPhone 18 Pro Max 1,599 यूरो (करीब 1.77 लाख रुपए) और iPhone Duo 2,299 यूरो (करीब 2.55 लाख रुपए) से शुरू होता है।

लेकिन सबसे बड़ी चुनौती कीमत है

यहीं iPhone Duo को भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा चुनौती मिलेगी। ₹2.99 लाख में ग्राहक एक प्रीमियम iPhone और दूसरा अच्छा स्मार्टफोन दोनों खरीद सकता है। इसके अलावा Samsung जैसे ब्रांड पहले से फोल्डेबल फोन बाजार में मौजूद हैं।

इसलिए iPhone Duo के लिए सबसे संभावित ग्राहक होंगे- Apple के कट्टर प्रशंसक, हाई-इनकम प्रोफेशनल्स, टेक एन्थूजियास्ट और वे ग्राहक जिन्हें सबसे नया और अलग डिवाइस चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक iPhone Duo भारत में 'मास मार्केट हिट' से ज्यादा 'प्रीमियम आइकॉन' बनने की संभावना रखता है।

इसकी डिजाइन, 7.6 इंच की स्क्रीन, A20 Pro चिप, कैमरा और फोल्डेबल iOS अनुभव इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं, लेकिन करीब ₹3 लाख की शुरुआती कीमत इसे आम iPhone खरीदार की पहुंच से काफी दूर रखती है। यानी भारतीयों को iPhone Duo पसंद जरूर आएगा, लेकिन कितने भारतीय इसे खरीदेंगे- इसका फैसला फीचर्स से ज्यादा कीमत करेगी।

मोबाइल नंबर को एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर कैसे करें पोर्ट? जानें स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

भारत में टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर अलग-अलग टैरिफ कीमतों, फायदों और वैलिडिटी वाले कई प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान देते हैं। Airtel, Jio, Vodafone Idea (Vi) और BSNL जैसी कंपनियां ग्राहकों को कई विकल्प देती हैं, जिससे वे अपनी जरूरतों और इस्तेमाल के हिसाब से सबसे अच्छा प्लान चुन सकते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आपका मौजूदा प्रीपेड या पोस्टपेड प्लान आपकी जरूरतों को पूरा नहीं करता या आपको उसकी कीमत के हिसाब से ज्यादा फायदा नहीं मिलता। वहीं, किसी दूसरी टेलीकॉम कंपनी के पास आपकी जरूरत के मुताबिक या उससे मिलता-जुलता बेहतर प्लान हो सकता है।

ऐसी स्थिति में आप अपना मौजूदा मोबाइल नंबर बदले बिना उसे किसी दूसरे नेटवर्क पर पोर्ट करा सकते हैं। इसके लिए कई अलग-अलग तरीके मौजूद हैं।

यहां एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड दी गई है, जो आपको अपने मौजूदा फोन नंबर को आसानी से एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर पोर्ट करने में मदद करेगी।

एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर मोबाइल नंबर पोर्ट करने की पात्रता

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का कहना है कि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) सुविधा का लाभ उठाने के लिए:

  • आपके मौजूदा नेटवर्क में मोबाइल नंबर कम से कम 90 दिनों से एक्टिव होना चाहिए।
  • अगर आपके पास पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन है, तो टेलीकॉम कंपनी का आपका सारा बकाया बिल चुका हुआ होना चाहिए।
  • आपने अपने मोबाइल नंबर के मालिकाना हक में बदलाव के लिए कोई आवेदन नहीं किया होना चाहिए।
  • आपका मोबाइल नंबर किसी कोर्ट केस में नहीं होना चाहिए और न ही कोर्ट ने उस नंबर को पोर्ट करने पर रोक लगाई हो।
  • आपके मोबाइल नंबर पर किसी तरह की कॉन्ट्रैक्ट या अनुबंध की बाध्यता नहीं होनी चाहिए।
  • जिस मोबाइल नंबर को पोर्ट करना है, उसकी SIM पिछले 7 दिनों में बदली या रिप्लेस नहीं की गई हो।

मोबाइल नंबर को एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर कैसे पोर्ट करें

  1. सबसे पहले एक वैध Unique Porting Code (UPC) जनरेट करें। इसके लिए अपने मोबाइल नंबर से SMS भेजना होगा।
  2. अपने फोन से 1900 नंबर पर यह SMS भेजें: PORT <10 अंकों वाला मोबाइल नंबर>
  3. इसके बाद आपको 1901 नंबर से UPC मिलेगा। नंबर पोर्ट करने की प्रक्रिया के दौरान इस UPC की जरूरत होगी।
  4. अब जिस टेलीकॉम कंपनी के नेटवर्क पर जाना चाहते हैं, उसके Point of Sale (POS) पर जाएं। वहां Customer Acquisition Form (CAF) और Porting Form भरें।
  5. इसके बाद नंबर पोर्ट करने के लिए जरूरी शुल्क का भुगतान करें और KYC प्रक्रिया पूरी करें। आपका आवेदन जमा होने के बाद MNP सर्विस प्रोवाइडर की ओर से आपको SMS मिलेगा।
  6. अगर आप पोर्टिंग का अनुरोध वापस लेना चाहते हैं, तो इसे 24 घंटे के अंदर कैंसिल कर सकते हैं।
  7. आमतौर पर आपका मोबाइल नंबर तीन कार्य दिवसों के अंदर नए नेटवर्क पर पोर्ट हो जाएगा। इसकी पुष्टि के लिए आपको SMS भी मिलेगा।
  8. जब आपको उसी मोबाइल नंबर वाला नया SIM कार्ड मिल जाए, तो उसे अपने फोन में डालें।
  9. वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपका नया SIM एक्टिवेट हो जाएगा।

यह भी पढ़ें: iPhone Duo Vs Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra: कीमत, कैमरा और फीचर्स का पूरा कंपैरिजन

Hormuz Strait में अमेरिकी पनडुब्बी पकड़ने का ईरान का दावा, ट्रंप के सामने बढ़ी चुनौती

Hormuz Strait में अमेरिकी पनडुब्बी पकड़ने का ईरान का दावा, ट्रंप के सामने बढ़ी चुनौती

donald trump

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट से बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास एक अमेरिकी बिना क्रू वाले अंडरवाटर व्हीकल को पकड़ लिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह डिवाइस कैलिफोर्निया की डिफेंस कंपनी एंडुरिल का बनाया हुआ DIVE-LD ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV) है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि होर्मुज स्ट्रेट में हुए इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव किस दिशा में जाता है।

ALSO READ: अब WhatsApp से भरें बिजली, पानी और गैस का बिल, ऐसे काम करेगा नया Bill Payment फीचर

हालांकि, अमेरिका ने इस घटना को अलग तरीके से पेश किया है। पेंटागन के एक प्रवक्ता के मुताबिक, एक अंडरवाटर ड्रोन एक दिन से ज्यादा पहले खराब हो गया था। अमेरिकी पक्ष ने कहा कि यह ड्रोन चल रहे ऑपरेशन के समर्थन में इलाके के पानी का सर्वे कर रहा था।

ईरान ने क्या दावा किया?

 

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नेवी ने दावा किया कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के एंट्री पॉइंट पर अमेरिकी सेना के एक आधुनिक मानवरहित सबमर्सिबल को अपने कब्जे में ले लिया। ईरानी सरकारी मीडिया ने इसे DIVE-LD बताया है। यह एक बड़े आकार का ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल है, जिसे समुद्र के भीतर बिना चालक के अलग-अलग मिशन को अंजाम देने के लिए डिजाइन किया गया है। ईरानी पक्ष ने दावा किया कि यह सिस्टम अत्याधुनिक तकनीक से लैस था।

क्या है DIVE-LD और इसका इस्तेमाल किस काम में होता है?

DIVE-LD एक ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल है। कंपनी के मुताबिक करीब 19 फीट यानी 5.8 मीटर लंबा यह सबमर्सिबल कई तरह के समुद्री मिशन में इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

इसके संभावित मिशनों में—

 

समुद्र के भीतर माइंस की पहचान और उनसे निपटने से जुड़े ऑपरेशन

सीबेड मैपिंग

समुद्र के भीतर जानकारी जुटाना

केबल और पाइपलाइन जैसे अंडरवाटर इंफ्रास्ट्रक्चर का निरीक्षण शामिल हैं।

 

अमेरिका ने क्या कहा?

 

ईरान के दावे के बाद अमेरिकी रक्षा विभाग ने घटना को लेकर अलग बयान दिया। पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि एक अंडरवाटर ड्रोन एक दिन से अधिक समय पहले खराब हो गया था। उनके मुताबिक यह ड्रोन चल रहे ऑपरेशन के समर्थन में इलाके के पानी का सर्वे कर रहा था। अमेरिकी पक्ष ने यह भी कहा कि खराब हुआ ड्रोन पुराना मॉडल था और उसमें संवेदनशील डेटा इकट्ठा करने की क्षमता या क्लासिफाइड सोनार अथवा रडार उपकरण नहीं था। इस तरह ईरान और अमेरिका के बयानों में घटना की अहमियत को लेकर स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।

 

एंडुरिल ने भी की अपने सिस्टम के नुकसान की पुष्टि

 

DIVE-LD बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एंडुरिल ने अपने एक सिस्टम के नुकसान की पुष्टि की है, लेकिन कंपनी ने घटना को लेकर इसकी अहमियत कम करके बताई। कंपनी के अनुसार DIVE-LD एक ऐसा ऑटोनॉमस सिस्टम है जिसे खतरनाक वातावरण में काम करने के लिए तैयार किया गया है और ऐसे मिशनों में वाहन के नुकसान की संभावना को डिजाइन का हिस्सा माना जाता है।

 

समुद्र में मानवरहित सिस्टम पर अमेरिका का बढ़ता जोर

 

अमेरिकी सेना पिछले कुछ समय से मानवरहित नेवल सिस्टम में निवेश बढ़ा रही है। इनमें समुद्र की सतह पर और पानी के भीतर काम करने वाले ऑटोनॉमस सिस्टम शामिल हैं। इन तकनीकों का इस्तेमाल बड़े समुद्री इलाकों की निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और दुश्मन के जहाजों या पनडुब्बियों पर नजर रखने जैसे अभियानों में किया जा सकता है। इसका एक बड़ा फायदा यह है कि ऐसे मिशनों में मानव सैनिकों को सीधे खतरे में डालने की जरूरत कम हो सकती है।

ALSO READ: Samsung की उड़ी नींद, iPhone Duo के साथ iPhone 18 Pro और नए Apple Watch भी होंगे पेश, कीमत का हुआ खुलासा

ईरान पर अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध

 

होर्मुज स्ट्रेट की घटना के बीच अमेरिका ने ईरान के विमानन क्षेत्र पर भी नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी परिसंपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के विमानन नेटवर्क, हथियारों के हस्तांतरण और कथित अवैध खरीद योजनाओं से जुड़े 36 संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रतिबंधों के दायरे में रखा है।

 

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इन प्रतिबंधों का निशाना ईरान की सक्रिय एयरलाइंस के साथ-साथ वे विदेशी बिचौलिए, मुखौटा कंपनियां और अन्य संस्थाएं हैं, जिन पर ईरान को विमान, विमान के कलपुर्जे और विमानन तकनीक हासिल करने में मदद करने का आरोप है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान के विमानन क्षेत्र का इस्तेमाल उसके शासन की गतिविधियों और कथित आतंकवादी नेटवर्क को समर्थन देने के लिए किया जाता रहा है।

 

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

 

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। यही वजह है कि यहां किसी अमेरिकी सैन्य सिस्टम के पकड़े जाने या क्षतिग्रस्त होने की घटना को लेकर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

ALSO READ: Avadh Ojha : 30-40 करोड़ लोगों को निपटा दूंगा, भगवान मुझे कभी सत्ता में मत लाना, अब सत्ता की कुर्सी से क्यों डर रहे हैं अवध ओझा

ईरान और अमेरिका के बीच पहले से जारी तनाव के बीच यह घटनाक्रम ट्रंप प्रशासन के लिए नई चुनौती पैदा कर सकता है। हालांकि, अमेरिका की ओर से ड्रोन को लेकर दिया गया बयान यह संकेत देता है कि वॉशिंगटन इस घटना को ईरानी दावे के मुताबिक बड़ा सैन्य झटका नहीं मान रहा है।

रेल यात्रियों को क्या फायदा होगा, 7 हाई-डेंसिटी रेल नेटवर्क को फोर-लेन करने की मिली मंजूरी

रेल यात्रियों को क्या फायदा होगा, 7 हाई-डेंसिटी रेल नेटवर्क को फोर-लेन करने की मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज रेलवे के सात हाई-डेंसिटी रेलवे नेटवर्क को फोर-लेन करने की मंजूरी दे दी। इनमें दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई, चेन्नई-कोलकाता और कोलकाता-दिल्ली जैसे देश के प्रमुख रेल मार्ग शामिल हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये सात कॉरिडोर रेलवे के कुल ट्रैफिक का करीब 40 प्रतिशत वहन करते हैं। इन मार्गों पर करीब 2,000 किलोमीटर की फोर-लेनिंग का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है।

ALSO READ: 1.43 लाख का iPhone 14 Pro ऑर्डर किया, बॉक्स में निकला नकली चीनी फोन, अब कंपनी देगी करीब ₹1.7 लाख

10,700 करोड़ रुपये से अधिक की तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं भी मंजूर

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके अलावा 10,700 करोड़ रुपए से अधिक की कुल लागत वाली तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है।

ALSO READ: Samsung की उड़ी नींद, iPhone Duo के साथ iPhone 18 Pro और नए Apple Watch भी होंगे पेश, कीमत का हुआ खुलासा

इनमें शामिल हैं:

 

  • खड़गपुर-जुड़सुगुड़ा चौथी रेल लाइन
  • कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन
  • बिलासपुर-पेंड्रा रोड तीसरी रेल लाइन
  • रेलवे की क्षमता बढ़ेगी, कम होगी ट्रैफिक की समस्या

सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे ट्रेनों की आवाजाही बेहतर होने के साथ भारतीय रेलवे की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सर्विस रिलायबिलिटी में भी सुधार होगा।

 

मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं से रेलवे परिचालन को व्यवस्थित करने और व्यस्त रेल मार्गों पर भीड़ एवं ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों के लिए रेल नेटवर्क की क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

रेलवे परियोजनाओं से पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर

 

स्वीकृत क्षमता विस्तार परियोजनाओं से देश के कई प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी को और बेहतर किया जाएगा। इनमें तिरुपति, सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर (तिरुत्तनी), श्री पद्मावती अम्मावारी मंदिर (तिरुचानूर), कोटिलिंगेश्वर देवालय, श्री सीती बैरवेश्वर स्वामी मंदिर, बंगारू तिरुपति, कोलार गोल्ड फील्ड्स, होगेनक्कल जलप्रपात, होसुर किला, मेट्टूर बांध और कोडाइकनाल की पहाड़ियां शामिल हैं।

 

इसके अलावा सत्यमंगलम वन्यजीव अभयारण्य, नमक्कल अंजनेयर मंदिर, नमक्कल किला, कल्याण पसुपतेश्वर मंदिर, यादाद्रिगुट्टा मंदिर, भोंगीर किला, सुरेंद्रपुरी और स्वर्णगिरि मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों को भी इन परियोजनाओं से लाभ मिलेगा।

 

माल ढुलाई की क्षमता में भी होगा बड़ा इजाफा

 

ये रेल मार्ग कोयला, सीमेंट, लौह एवं इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल, खाद्यान्न, पेट्रोलियम उत्पाद और उर्वरक जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं की ढुलाई के लिए बेहद अहम हैं। क्षमता विस्तार के बाद रेलवे के जरिए हर साल करीब 47 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई (47 MTPA) होने की उम्मीद है।

 

तेल आयात और कार्बन उत्सर्जन में आएगी कमी

रेलवे को पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा दक्ष परिवहन माध्यम माना जाता है। इन परियोजनाओं से देश के लॉजिस्टिक्स खर्च को कम करने और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही करीब 8 करोड़ लीटर तेल की बचत और लगभग 42 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। सरकार के अनुसार, CO₂ उत्सर्जन में होने वाली यह कमी करीब 2 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगी। 

Instagram पर वायरल हुआ 1980s वाला फोटो ट्रेंड, जानें ChatGPT से इसे कैसे बनाएं?

Instagram 80s Trend: Instagram ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को पुरानी यादें ताजा करने वाली मशीन में बदलने का एक और तरीका ढूंढ लिया है। जी हां, दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर एक नया फोटो ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें लोग अपनी तस्वीरों को ऐसा बना रहे हैं, जैसे उन्हें 1980 के दशक में खींचा गया हो।

इसके लिए सिर्फ फोटो पर पुराना या विंटेज फिल्टर लगाने के बजाय, लोग अपनी तस्वीरें ChatGPT पर अपलोड कर रहे हैं और उससे पूरी तस्वीर को 1980 के दशक के हिसाब से बदलने के लिए कह रहे हैं। इसमें हेयरस्टाइल, कपड़े, एक्सेसरीज, बैकग्राउंड और फोटो की पुरानी दिखने वाली क्वालिटी तक बदली जा रही है।

इस ट्रेंड को Instagram पर तेजी से फैलाने में एक और चीज मदद कर रही है। लोग Stories में इस फोटो को बनाने वाला प्रॉम्प्ट शेयर कर रहे हैं और Instagram के “Add Yours” स्टिकर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनके दोस्त और फॉलोअर्स भी अपनी 1980 के दशक वाली तस्वीरें बना सकते हैं।

इसका मकसद सिर्फ किसी फोटो को पुराना दिखाना नहीं है, बल्कि एक आसान सवाल का जवाब तलाशना है—अगर यह तस्वीर चार दशक पहले खींची गई होती, तो मैं कैसा दिखता?

इस ट्रेंड की खासियत सिर्फ फोटो का रंग बदलना नहीं, बल्कि पूरी तरह से 1980 के दशक का लुक तैयार करना है। ऑनलाइन सामने आ रही इन तस्वीरों में कई तरह के अलग-अलग स्टाइल और लुक देखने को मिल रहे हैं।

कुछ तस्वीरें ग्लैमरस बॉलीवुड पोर्ट्रेट जैसी लगती हैं। वहीं कुछ तस्वीरें फॉर्मल स्टूडियो फोटोग्राफ, दानेदार फिल्म स्टिल्स, पुराने जमाने की मैगजीन के कवर या परिवार के पुराने एल्बम की तस्वीरों जैसी दिखती हैं।

इस रेट्रो इफेक्ट को बनाने के लिए वॉर्म लाइटिंग, गहरे रंग, सॉफ्ट-फोकस फोटोग्राफी और फेड टेक्सचर जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारतीय स्टाइल वाले पोर्ट्रेट में अक्सर उस दौर की जानी-पहचानी चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसमें महिलाओं को रंग-बिरंगी साड़ियों, कर्ल किए हुए या घने बालों और खास तरह की ज्वेलरी के साथ दिखाया जा रहा है, जबकि पुरुषों के पोर्ट्रेट में ढीली या फिटिंग वाली शर्ट, हाई-वेस्ट पैंट, मूंछें और अच्छी तरह से स्टाइल किए गए बाल शामिल हो सकते हैं।

इस ट्रेंड में यह फर्क काफी महत्वपूर्ण है। अच्छी तस्वीर वही मानी जा रही है, जो ऐसी लगे जैसे वह वास्तव में 1980 के दशक में खींची गई हो, न कि आज की सेल्फी पर सिर्फ पुराना इफेक्ट लगा दिया गया हो।

इसे बनाने के तरीकों में एनालॉग-स्टाइल फिल्म ग्रेन, हल्के फेड रंग, सॉफ्ट फोकस, त्वचा का नैचुरल टेक्सचर और उस दौर का असली जैसा माहौल बनाने पर जोर दिया जाता है, साथ ही इसमें स्मार्टफोन, आज के कपड़े, मॉडर्न कारें और आज की दूसरी साफ तौर पर दिखने वाली चीजों को जानबूझकर शामिल नहीं किया जाता है।

चेहरे की पहचान बनाए रखना अब प्रॉम्प्ट का एक हिस्सा बन गया है

इस बदलाव का मतलब जरूरी नहीं कि इंसान का चेहरा पूरी तरह बदल दिया जाए।

इस ट्रेंड के उदाहरणों में बार-बार यह निर्देश दिया जाता है कि व्यक्ति के आस-पास के विजुअल माहौल को बदलते समय भी उसके चेहरे की पहचान, स्किन टोन और कुल मिलाकर उसकी पहचान को बनाए रखा जाए। इसलिए, यूजर्स अलग-अलग तरह के कपड़े, हेयरस्टाइल और बैकग्राउंड के साथ एक्सपेरिमेंट करते हुए भी अपने चेहरे और हाव-भाव को ओरिजिनल फोटो के काफी हद तक वैसा ही रख सकते हैं।

यह रिक्वेस्ट इसलिए भी खास है क्योंकि AI से बनी तस्वीर, अपलोड की गई फोटो वाले व्यक्ति से अलग दिख सकती है।

कुछ प्रॉम्प्ट्स में सिस्टम से यह भी कहा जाता है कि वह चेहरे की बनावट या आकार में बेवजह बदलाव न करे और व्यक्ति की पहचान बनी रहे।

इसी असर की वजह से कई तस्वीरें लोगों का ध्यान खींचती हैं। व्यक्ति तो वही रहता है, लेकिन उनके आस-पास की फोटो किसी और जमाने की लगती है।

यूजर्स 1980 के दशक के लुक को लेकर ज्यादा खास जानकारी दे रहे हैं

यह ट्रेंड यह भी दिखाता है कि प्रॉम्प्ट के आधार पर फाइनल इमेज कितनी बदल सकती है।

सिर्फ ChatGPT से यह कहने के बजाय कि “इसे 1980 के दशक जैसा बनाओ,” यूजर्स यह बता सकते हैं कि उन्हें क्या चाहिए – जैसे इंडियन स्टूडियो पोर्ट्रेट, बॉलीवुड स्टाइलिंग, फैमिली-एल्बम फोटोग्राफ, पुरानी शादी की तस्वीर, डिस्को सेटिंग, मैगजीन-कवर शूट या फिल्म पर खींची गई तस्वीर जैसा लुक।

इसके अलावा, लोग मूंछ, अलग हेयरस्टाइल, पुराने जमाने की एक्सेसरीज और बैकग्राउंड जैसी चीजों को भी अपनी पसंद के हिसाब से बदल रहे हैं। तस्वीर में डिस्को, आर्केड, 1980 के दशक का जिम, बीच या बर्थडे पार्टी जैसी जगहें भी जोड़ी जा सकती हैं।

इस तरह एक ही फोटो ट्रेंड से 1980 के दशक की दर्जनों अलग-अलग तरह की तस्वीरें बनाई जा रही हैं।

एक तस्वीर को एक बार में ग्लैमरस फिल्म पोर्ट्रेट जैसा और अगली बार में आम फैमिली स्नैपशॉट जैसा स्टाइल किया जा सकता है। मूल आइडिया वही रहता है, लेकिन जो नॉस्टैल्जिया पैदा होता है, वह सिनेमैटिक, फैशनेबल या जानबूझकर आम जिंदगी जैसा हो सकता है।

लोग ChatGPT से 1980 के दशक वाली तस्वीरें कैसे बना रहे हैं

इसका तरीका काफी आसान है। लोग एक साफ फोटो चुनते हैं, उसे ChatGPT पर अपलोड करते हैं और बताते हैं कि वे फोटो में किस तरह का 1980 के दशक वाला लुक चाहते हैं।

ऐसी फोटो बेहतर रहती है जिसमें चेहरा सामने या थोड़ा साइड से साफ दिखाई दे। इसके लिए प्रोफेशनल फोटो होना जरूरी नहीं है। साधारण सेल्फी से भी ऐसी तस्वीर बनाई जा सकती है।

इसके बाद प्रॉम्प्ट में कपड़े, हेयरस्टाइल, एक्सेसरीज, जगह, रोशनी और फोटो के टेक्सचर जैसी चीजों के बारे में जानकारी दी जा सकती है।

अगर पहली बार में तस्वीर सही नहीं बनती, तो यूजर्स को दोबारा शुरुआत करने की जरूरत नहीं होती। वे उसी तस्वीर में बदलाव करते हुए उसे बेहतर बना सकते हैं। किसी एक चीज को बदला जा सकता है। उदाहरण के लिए, अगर फोटो बहुत ज्यादा आधुनिक या परफेक्ट लग रही है, तो उसे कम आधुनिक और 1980 के दशक की असली फोटो जैसा बनाया जा सकता है।

यही बार-बार बदलाव करने की सुविधा इन तस्वीरों को साधारण फोटो फिल्टर से अलग बनाती है। तस्वीर में एक-एक चीज को बदलकर उसे अपनी पसंद के मुताबिक तैयार किया जा सकता है।

छोटी-छोटी गलतियां AI की पहचान बता सकती हैं

रेट्रो स्टाइल वाली तस्वीर पहली नजर में भले ही बिल्कुल असली लगे, लेकिन पोस्ट करने से पहले उसे ध्यान से जांचना जरूरी है।

AI से बनाई गई तस्वीरों में चेहरे की छोटी-बड़ी चीजें, ज्वेलरी, उंगलियां, कपड़ों के डिजाइन या बैकग्राउंड में लिखे शब्द बदल सकते हैं या गलत दिखाई दे सकते हैं।

इसलिए यूजर्स को सलाह दी जाती है कि अंतिम तस्वीर को ध्यान से देखें और AI से बनाई गई फोटो को असली पुरानी या ऐतिहासिक तस्वीर बताकर शेयर न करें।

इसमें प्राइवेसी का भी ध्यान रखना जरूरी है। ऐसी तस्वीरें अपलोड करने से बचना चाहिए जिनमें जरूरी दस्तावेज, निजी जगह या संवेदनशील जानकारी दिखाई दे रही हो। इसके अलावा, किसी दूसरे व्यक्ति की तस्वीर को उनकी अनुमति के बिना बदलने से भी बचना चाहिए।

AI से बनाई गई तस्वीरों को 1980 के दशक की सटीक ऐतिहासिक तस्वीर नहीं माना जाना चाहिए। ये सिर्फ रचनात्मक तरीके से तैयार की गई तस्वीरें हैं। AI कपड़ों, हेयरस्टाइल, जगहों और चेहरे की बारीकियों में गलतियां कर सकता है। इसलिए तस्वीर 1980 के दशक का अंदाज तो दिखा सकती है, लेकिन उस दौर की बिल्कुल सही तस्वीर नहीं हो सकती।

आज की सेल्फी से ऐसी तस्वीर तक, जो कभी ली ही नहीं गई

इस ट्रेंड के पीछे लोगों की दिलचस्पी को समझना आसान है।

आज की कोई भी फोटो हमें दिखाती है कि हम इस समय कैसे दिखते हैं। लेकिन 1980 के दशक का यह ट्रेंड इससे कुछ अलग है। इसमें लोग अपने अतीत की एक ऐसी तस्वीर बनवा सकते हैं, जो असल में कभी थी ही नहीं।

यह तस्वीर किसी ऐसे स्टूडियो पोर्ट्रेट जैसी हो सकती है, जो कभी खिंचा ही नहीं गया। यह किसी ऐसे फैमिली एल्बम की तस्वीर भी लग सकती है, जो कभी बना ही नहीं था। या फिर यह 1980 के दशक का फिल्मी अंदाज हो सकता है, जिसे व्यक्ति ने सिर्फ फिल्मों, फैशन और पुरानी पारिवारिक तस्वीरों के जरिए जाना है।

फिलहाल, Instagram का यह नया AI नॉस्टेल्जिया ट्रेंड लोगों के लिए ऐसे काल्पनिक अतीत को बनाना बेहद आसान कर रहा है।

सिर्फ एक फोटो, सही तरीके से लिखा गया प्रॉम्प्ट और कुछ बार बदलाव करके कोई भी व्यक्ति अपने चेहरे को बिल्कुल अलग दौर की तस्वीर में दिखा सकता है।

यह भी पढे़ं: Samsung ने लॉन्च किया सस्ता Galaxy A07s, 50MP कैमरा और 5,000mAh बैटरी से है लैस, जानें कीमत

GIFT निफ्टी में गिरावट, ब्रेंट क्रूड में उबाल, सेंसेक्स और निफ्टी में हो सकती है सुस्त शुरुआत

बुधवार सुबह GIFT निफ्टी में गिरावट आई है। इससे संकेत मिलता है कि सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ खुल सकते हैं। एशियाई बाजारों में तेजी रुख के बावजूद,अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है,जो बाजार पर दबाव डाल रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,जो भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती है। इसके अलावा,वॉल स्ट्रीट में कल हुई गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना भी बाजार के मूड को सतर्क बनाए रख सकती हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,655 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 0.25 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। इससे पहले,मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई थी। निफ्टी लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 144.05 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 23,635.10 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 555.23 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 75,577.58 पर आ गया।

पिछले सेशन में संस्थागत निवेशकों का रुझान मिला-जुला रहा। 8 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 123 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने सपोर्ट जारी रखा और सेशन के दौरान 566 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Market Trend : मार्केट का ट्रेंड निगेटिव, कमजोर बाजार में भी ये डिफेंस और बैंकिंग शेयर दिखा सकते हैं दम

AI और चिप शेयरों में तेज़ी से एशियाई बाजारों में तेजी

आज बुधवार को एशियाई शेयर बाजारो में तेजी दिख रही है। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लगातार बने उत्साह के कारण टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में हुई बढ़त है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा है। इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर का रहा। चिप बनाने वाली कंपनियों SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में बढ़त के कारण दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। मंगलवार को वॉल स्ट्रीट पर फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की बढ़त के बाद एशियन टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है,जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई है। Shanghai Composite में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जबकि हांगकांग के Hang Seng में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1 प्रतिशत गिर गया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में भी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चा तेल है। ईरान द्वारा खाड़ी में US की सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने के बाद लगातार चौथे सेशन में इसकी कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स $1.57 यानी 1.6% बढ़कर $99.49 प्रति बैरल पर आ गया है। जिससे क्रूड $100 के स्तर के बहुत करीब पहुंच गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत $1.60 या 1.72 प्रतिशत बढ़कर $94.63 प्रति बैरल हो गई। अगस्त की शुरुआत से अब तक ब्रेंट की कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुआ। सेल्सफोर्स और सॉफ्टवेयर बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं,मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ गईं और निवेशक महंगाई के आंकड़ों पर नजरे बनाए रहे,जिनका असर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना पर पड़ सकता है। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,673.52 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.32% गिरकर 26,421.41 अंक पर आ गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.18% गिरकर 52,786.07 अंक पर बंद हुआ।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ़्टी के लिए 23,700-23,800 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा,जबकि 23,600 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी 23,600 के नीचे टूटता है तो गिरावट 23,400 तक बढ़ सकती है। वहीं, 23,800 के ऊपर रिकवरी से कुछ समय के लिए स्थिरता आ सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Samsung ने लॉन्च किया सस्ता Galaxy A07s, 50MP कैमरा और 5,000mAh बैटरी से है लैस, जानें कीमत

साउथ कोरिया की टेक कंपनी Samsung ने चुनिंदा ग्लोबल मार्केट में अपना नया बजट स्मार्टफोन, Samsung Galaxy A07s लॉन्च किया है। यह नया Samsung स्मार्टफोन अब कंपनी की वेबसाइट पर तीन कलर ऑप्शन और दो RAM व स्टोरेज कॉन्फिगरेशन में खरीदने के लिए उपलब्ध है। बता दें कि Galaxy A07s में MediaTek Helio G सीरीज का चिपसेट और 5,000mAh की बैटरी दी गई है। इसके अलावा, फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 50MP का मेन कैमरा शामिल है। साथ ही, इसमें 6.7-इंच की HD+ टचस्क्रीन है, जो 90Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करती है।

Samsung Galaxy A07s की कीमत और उपलब्धता

Samsung Galaxy A07s के बेस वेरिएंट (4GB RAM और 64GB स्टोरेज) की कीमत JOD 119 (लगभग ₹16,000) से शुरू होती है। वहीं, टॉप-एंड 4GB + 128GB RAM और स्टोरेज वाले कॉन्फिगरेशन की कीमत JOD 149 (लगभग ₹20,000) है।

फिलहाल, यह हैंडसेट अभी जॉर्डन में Samsung के ऑनलाइन स्टोर पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। Samsung Galaxy A07s Black, Green, और Light Violet कलर ऑप्शन में मिल रहा है।

Samsung Galaxy A07s के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

Samsung Galaxy A07s एक डुअल-सिम स्मार्टफोन है, जो Android 16 पर आधारित One UI पर चलता है। कंपनी ने इस हैंडसेट के लिए 6 OS अपग्रेड देने का वादा किया है। इसमें 6.7-इंच का HD+ (720 x 1,600 पिक्सल) PLS LCD टचस्क्रीन है, जो 90Hz तक का रिफ्रेश रेट और 16.7 मिलियन कलर्स देता है। टेक कंपनी का दावा है कि यह हैंडसेट धूल और पानी की छींटों से बचाव के लिए IP54 रेटिंग के साथ आता है।

इस नए Samsung फोन में ऑक्टा-कोर MediaTek Helio G99+ चिपसेट दिया गया है, जिसमें 2.0GHz की स्पीड वाले 6 एफिशिएंसी कोर और 2.2GHz की पीक क्लॉक स्पीड वाले दो परफॉर्मेंस कोर हैं। इसके अलावा, फोन में 4GB RAM और 128GB तक की ऑनबोर्ड स्टोरेज है, जिसे माइक्रो-SD कार्ड के जरिए 2TB तक बढ़ाया जा सकता है।

कैमरे की बात करें तो Samsung Galaxy A07s में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 50MP (f/1.8) का प्राइमरी कैमरा है, जो ऑटोफोकस और 10x तक डिजिटल जूम की सुविधा देता है। फोन में 2MP (f/2.4) का रियर डेप्थ सेंसर भी है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए Samsung Galaxy A07s में 8MP (f/2.0) का कैमरा दिया गया है। यह फोन 30 fps तक 1080p रिजॉल्यूशन वाले वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है।

इस फोन में 5,000mAh की बैटरी है, जो USB Type-C पोर्ट के जरिए वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें 4G LTE, डुअल-बैंड Wi-Fi, Bluetooth 5.3, GPS, GLONASS, BeiDou, Galileo और QZSS का सपोर्ट भी मिलता है। इसमें मौजूद सेंसर की लिस्ट में एक्सेलेरोमीटर, सिक्योरिटी के लिए साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर, एम्बिएंट लाइट सेंसर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर शामिल हैं। इसका साइज 167.4 x 77.4 x 7.6mm है और वजन लगभग 188g है।

यह भी पढ़ें: iQOO 16 सितंबर में होगा लॉन्च, जानें डिस्प्ले, कैमरा, प्रोसेसर सहित और क्या मिलेगा खास