Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

IndiGo Q1 Results: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation को जून 2026 तिमाही में 382 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 2,161 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। महंगा जेट फ्यूल, रुपये में कमजोरी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव इसका बड़ा कारण रहे।

रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन खर्च ज्यादा

जून तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू 20% बढ़कर 24,584 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 20,496 करोड़ रुपये था। लेकिन खर्च 35.1% बढ़ गया। सबसे ज्यादा असर जेट फ्यूल पर पड़ा। विमान ईंधन का खर्च 86% उछलकर 10,830 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी वजह से कंपनी मुनाफे से घाटे में चली गई।

ऑपरेशन में क्या रहा?

जून तिमाही में इंडिगो की क्षमता (ASK) 2.9% बढ़कर 43.5 अरब रही। यात्रियों की संख्या 0.7% बढ़कर 3.13 करोड़ हो गई। वहीं Yield 21.3% बढ़कर 6.04 रुपये रही। हालांकि Load Factor 1.3 प्रतिशत अंक घटकर 83.3% पर आ गया।

30 जून 2026 तक कंपनी के पास 52,885 करोड़ रुपये का कुल कैश था। इसमें 39,039 करोड़ रुपये फ्री कैश और 13,846 करोड़ रुपये प्रतिबंधित (Restricted) कैश शामिल था। यानी नकदी के मोर्चे पर कंपनी की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में IndiGo ने कहा कि महंगा ईंधन, रुपये की कमजोरी और पश्चिम एशिया का संघर्ष इस तिमाही में मुनाफे पर भारी पड़ा।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने कहा कि तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। ईंधन की कीमतें ऊंची रहीं और मध्य-पूर्व में उड़ानों पर भी असर पड़ा। इसके बावजूद यात्रियों की मांग मजबूत बनी रही। बेहतर किरायों की वजह से रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी हुई। इस दौरान IndiGo ने 3.13 करोड़ यात्रियों को सफर कराया।

उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल लागत पर नियंत्रण और क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने पर फोकस कर रही है। हालांकि महंगे ईंधन और रुपये में कमजोरी की वजह से अकेले इस तिमाही में करीब 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

इंडिगो के लिए आगे क्या?

इंडिगो का कहना है कि भारत और पश्चिम एशिया के बीच यात्रा पर अभी भी असर बना हुआ है। दूसरी तिमाही में मांग भी सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है। इसलिए Q2FY27 में कंपनी की क्षमता पिछले साल के मुकाबले लगभग बराबर रह सकती है।

हालांकि IndiGo को उम्मीद है कि इसके बाद हालात सुधरेंगे। जैसे-जैसे यात्रा की मांग बढ़ेगी, विमानों का इस्तेमाल भी धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।

इंडिगो का शेयर गुरुवार को नतीजे आने से पहले 1.70% की गिरावट के साथ 5,030 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 14.70% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vishal Mega Mart shares : कमाई और मुनाफे में डबल डिजिट बढ़ोतरी के बावजूद 4% टूटा शेयर, जानिए मैनेजमेंट ने क्या कहा

Vishal Mega Mart stock crash : गुरुवार को विशाल मेगा मार्ट लिमिटेड के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए जाने के बाद शेयर में यह गिरावट आई है। पहली तिमाही में कंपनी ने मुनाफे और रेवेन्यू में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है। फिर भी दोपहर के कारोबार में यह शेयर 4 प्रतिशत नीचे 107.5 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। यह शेयर आज BSE मिडकैप इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल है।

साल 2026 में अब तक विशाल मेगा मार्ट के शेयर में 20.5 प्रतिशत की गिरावट आई है,जबकि निफ्टी में इसी अवधि में 8.5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 50,500 करोड़ रुपये है। कंपनी ने यह भी कहा है कि जून तिमाही के दौरान ज्यादा महंगाई का असर डिमांड पर पड़ा है

जून तिमाही में विशाल मेगा मार्ट के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के 206 करोड़ रुपये से बढ़कर 259 करोड़ रुपये हो गया है। इस अवधि में कंपनी की कामकाजी आय सालाना आधार पर 18.7 प्रतिशत बढ़कर 3,727 करोड़ रुपये रही है। जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 3,140 करोड़ रुपये पर रही था। पहली तिमाही में इसका ग्रॉस प्रॉफ़िट 19.9 प्रतिशत बढ़कर 1,068.8 करोड़ रुपये रहा है। वहीं ग्रॉस मार्जिन सालाना आधार पर मामूली सुधार के साथ 28.4 प्रतिशत से बढ़ कर 28.7 प्रतिशत पर रहा है।

EBITDA भी सालाना आधार पर 18.7 प्रतिशत बढ़कर 545 करोड़ रुपये हो गया,जो पिछले साल की समान अवधि में 459.5 करोड़ रुपये रहा था, जबकि EBITDA मार्जिन 14.6 प्रतिशत पर फ्लैट रहा है। टैक्स के बाद का प्रॉफ़िट मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 6.6 प्रतिशत से बढ़कर 6.9 प्रतिशत हो गया है।

इस तिमाही के दौरान कंपनी की ‘सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ’10 प्रतिशत रही है। इस अवधि में कंपनी ने 27 नए स्टोर खोले और 24 नेट स्टोर जोड़े हैं। जिससे 559 शहरों में इसके कुल स्टोरों की संख्या 819 हो गई है और इसका रिटेल फ़ुटप्रिंट लगभग 1.38 करोड़ वर्ग फ़ीट तक पहुंच गया है।

इस तिमाही में रेवेन्यू में अपैरल (Apparel) का हिस्सा 47.4 प्रतिशत रहा, इसके बाद जनरल मर्चेंडाइज़ का हिस्सा 27.3 प्रतिशत और FMCG का 25.2 प्रतिशत हिस्सा रहा। रेवेन्यू में कंपनी के अपने ब्रांड्स का हिस्सा 75.2 प्रतिशत रहा। जबकि जून के आखिर तक कंपनी का क्विक कॉमर्स कारोबार 520 शहरों में 767 स्टोर्स तक पहुंच गया।

आगे के आउटलुक पर बात करते हुए कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO गुनेन्दर कपूर ने कहा कि जून तिमाही में महंगाई ज्यादा होने का असर मांग पर पड़ा,लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में यह असर कम हो जाएगा।

 

 

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Xtranet Technologies IPO: आईटी सेक्टर के इस आईपीओ में निवेश का मौका! क्या आपको करना चाहिए अप्लाई? यहां जानें

Xtranet Technologies IPO Details: आईपीओ में पैसे लगाने वाले निवेशकों के लिए आज से एक और नया मौका खुल गया है। मध्य प्रदेश की आईटी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर कंपनी एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का ₹167 करोड़ का आईपीओ आज यानी 23 जुलाई से दांव लगाने के लिए खुल गया है। कंपनी के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में अच्छे प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। आइए आपको बताते हैं ब्रोकरेज की राय सहित इस आईपीओ से जुड़ी हर जरूरी बात।

Xtranet Technologies IPO का प्राइस बैंड और लॉट साइज

  • प्राइस बैंड: ₹120 से ₹127 प्रति शेयर।
  • रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश: ₹13,970
  • इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 23-27 जुलाई
  • शेयर अलॉटमेंट डेट: 28 जुलाई
  • लिस्टिंग डेट (BSE & NSE): 30 जुलाई

एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹50 करोड़

यह ₹167 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसमें 1.31 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। आम लोगों के लिए आईपीओ खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹50.04 करोड़ जुटाए हैं। प्रमुख एंकर इनवेस्टर्स सेंट कैपिटल फंड, विनी ग्रोथ फंड, लॉन्गथ्राइव कैपिटल और टॉरस म्यूचुअल फंड शामिल हैं।

आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल कंपनी ₹102 करोड़ वर्किंग कैपिटल जरूरतों, ₹20.2 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹8.48 करोड़ नए सिस्टम व हार्डवेयर खरीदने पर खर्च करेगी।

कंपनी की वित्तीय सेहत और ऑर्डर बुक

2002 में स्थापित यह कंपनी एंटरप्राइज एप्लीकेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स के क्षेत्र में एंड-टू-एंड आईटी सॉल्यूशंस प्रदान करती है।

फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) साल-दर-साल 35.6% बढ़कर ₹40.73 करोड़ हो गया। इस दौरान कुल रेवेन्यू 32.3% बढ़कर ₹365.3 करोड़ पर पहुंच गया। 30 अप्रैल 2026 तक कंपनी के पास ₹356.96 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक थी।

ग्रे मार्केट में कितना चल रहा है GMP?

IPO मार्केट पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, 23 जुलाई को एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹13 प्रति शेयर दर्ज किया गया। इस हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹140 रह सकता है। अगर GMP के अनुमानों के मुताबिक लिस्टिंग होती है तो इसमें पैसा लगाने वाले निवेशकों को करीब 10% से ज्यादा का मुनाफा हो सकता है।

एक्सपर्ट्स की राय: क्या लगाएं पैसा?

ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने इस आईपीओ को मध्यम अवधि और मध्यम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए ‘Subscribe’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ काफी मजबूत है और इसका वैल्यूएशन मौजूदा वित्तीय प्रदर्शन के हिसाब से सही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dr Reddy’s Shares: अमेरिकी मार्केट में 10% की गिरावट, तीन ब्रोकरेजेज से समझें आगे की स्ट्रैटेजी

Dr Reddy’s Share Price: दिग्गज फार्मा कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे पर अमेरिका में लिस्टेड इसके शेयर यानी ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) धड़ाम हो गए। अमेरिकी मार्केट में यह 10% टूट गया। अब ऐसे में अब भारतीय स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों में भी तेज गिरावट की आशंका दिखने लगी है। इससे पहले रिजल्ट आने वाले दिन यानी 22 जुलाई को बीएसई पर यह नतीजे आने से पहले 1.95% की गिरावट के साथ ₹1183.00 पर बंद हुआ था।

एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो 21 जनवरी 2026 को बीएसई पर एक साल के निचले स्तर ₹1149.00 से पांच ही महीने में यह 23.10% चढ़कर 29 जून 2026 को यह एक साल के हाई ₹1414.40 पर पहुंच गया था। आगे की बात करें तो इस कवर करने वाले ओवरऑल 41 एनालिस्ट्स में से 16 ने खरीदारी, 10 ने होल्ड और 15 ने सेल रेटिंग दी है।

Dr Reddy’s पर क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने डॉ रेड्डीज की न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन टारगेट प्राइस घटाकर ₹1125 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि सेमाग्लूटाइड से जुड़े रेगुलेटरी इश्यू को सुलझाने पर काम हो रहा है तो b-abatacept से कमर्शियल फायदा मार्च 2028 तिमाही से मिलने की उम्मीद है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 के हाई बेस के चलते वित्त वर्ष 2027 में कमाई घट सकती है और वित्त वर्ष 2028 से फिर सुधार दिख सकती है

सीएलएसए ने भी इस वित्त वर्ष 2027 के लिए डॉ रेड्डीज के रेवेन्यू के अनुमान को घटा दिया है क्योंकि इसे बिक्री में 30-40 लाख पेन का झटका लगने की आशंका है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सेमाग्लूटाइड से जुड़ी दिक्कते नवंबर तक सुलझ सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने अगले तीन वर्षों के लिए मार्जिन अनुमान भी घटा दिए हैं। सीएलएसए ने इसे होल्ड रेटिंग दी है और ₹1240 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है।

जेपी मॉर्गन ने ₹1,100 के टारगेट प्राइस पर डॉ रेड्डीज को अंडरवेट रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि रेवेन्यू में 52% हिस्सेदारी ब्रांडेड बिजनेस की होने के बावजूद कंपनी की कोर प्रॉफिटेबिलिटी अभी भी कमजोर बनी हुई है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक अगर कनाडा में सेमाग्लूटाइड और एबेटेसेप्ट की लॉन्चिंग में और देरी होती है या बिक्री उम्मीद से सुस्त रहती है, तो इससे FY2028–FY2029 की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि इन दोनों की कंपनी की कमाई में 20% से अधिक हिस्सेदारी होने का अनुमान है। इन दोनों प्रोडक्ट्स को हटाकर ब्रोकरेज का मानना है कि डॉ रेड्डीज का बेस बिजनेस FY27 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 32 गुने और FY28 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 30 गुने के महंगे भाव पर है

Semaglutide को लेकर क्या है दिक्कत

इस महीने की शुरुआत में डॉ रेड्डीज ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि प्रोडक्ट में API से जुड़ी दिक्कत के चलते सेमाग्लूटाइड के कुछ बैच तय मानकों के हिसाब से नहीं पाए गए थे। इस खुलासे के बाद 9 जुलाई को इसके शेयर 6% टूट गए थे। हालांकि मैनेजमेंट को सेमाग्लूटाइड मामले में आगे किसी और प्रोविजन के आसार नहीं दिख हे हैं और उनका मानना है कि वे इसकी असल वजह का पता लगाने पर काम कर रहे हैं। बता दें कि ₹240 करोड़ के सेमाग्लूटाइड एपीआई प्रोविजन के चलते जून 2026 तिमाही में कंपनी के प्रॉफिटेबिलिटी को झटका लगा।

Dr Reddy’s Q1 Results: डॉ रेड्डीज का प्रॉफिट 69 फीसदी गिरकर 443 करोड़ रुपये रहा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Markets Today: एशिया बाजार में उछाल, सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में तेजी से कोस्पी 4% उछला

Asian Markets Today: एशियाई बाजारों में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है । निक्केई 1 फीसदी तो कोस्पी में 4% का उछाल आया। वहीं अमेरिकी INDICES में ऊपरी स्तरों से दबाव दिखा। नैस्डैक में करीब आधे परसेंट की गिरावट रही। डाओ जोंस और S&P फ्लैट बंद हुए ।

सुबह 8.10 बजे के आसपास निक्केई करीब 0.42 फीसदी की बढ़त के साथ 66,395.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.51 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 0.14 फीसदी गिरकर 44,794.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.20 फीसदी की बढ़त के साथ 25,192.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 1.62 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट फ्लैट कारोबार कर रहा।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ, क्योंकि इन्वेस्टर्स ज़रूरी अर्निंग्स रिपोर्ट्स का इंतज़ार कर रहे थे, जबकि मिडिल ईस्ट में हाल की दुश्मनी ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी थी।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 6.06 पॉइंट्स या 0.01% गिरकर 52,218.58 पर आ गया, जबकि S&P 500 10.24 पॉइंट्स या 0.14% गिरकर 7,498.96 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 146.30 पॉइंट्स या 0.57% गिरकर 25,690.90 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक प्राइस में 2.30% की बढ़ोतरी हुई, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.24% गिरे, मेटा प्लेटफॉर्म्स 2.58% गिरा, एप्पल के स्टॉक प्राइस में 0.56% की कमी आई, सुपर माइक्रो कंप्यूटर के स्टॉक प्राइस में 19.84% की बढ़ोतरी हुई, डेल टेक्नोलॉजीज के शेयर प्राइस में 9.3% की बढ़ोतरी हुई, टेस्ला के स्टॉक प्राइस में 1.30% की गिरावट आई और स्पेसएक्स के शेयर प्राइस में 6.70% की गिरावट आई।

US-ईरान युद्ध

US मिलिट्री ने ईरान की मिलिट्री सरकार और इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स को निशाना बनाकर एक और रात हमले किए, जबकि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान युद्ध खत्म करने के लिए एक डील करना चाहता है, लेकिन उन्हें लगता है कि इस्लामिक रिपब्लिक अभी इसके लिए ‘तैयार’ नहीं है। इस बीच, ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को ब्लॉक करना और उन्हें टारगेट करना जारी रखे हुए है।

टेस्ला Q1 अर्निंग्स

टेस्ला इंक. ऑटो सेल्स के अच्छे क्वार्टर के बावजूद वॉल स्ट्रीट के प्रॉफिट एस्टीमेट से चूक गई। एलन मस्क की इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने वाली कंपनी ने दूसरी तिमाही में $1.1 बिलियन का प्रॉफिट बताया, जो पिछले साल के लेवल से लगभग 5% कम है। यह एनालिस्ट के 53 सेंट प्रति शेयर के एस्टीमेट की तुलना में 33 सेंट प्रति शेयर रहा। कंपनी का रेवेन्यू YoY 26% बढ़कर $28.2 बिलियन हो गया।

टेस्ला ने दो साल से ज़्यादा समय में अपने पहले नेगेटिव फ्री कैश फ्लो की भी रिपोर्ट दी, जिसमें $1.09 बिलियन खर्च हुए।

क्रूड ऑयल प्राइसेस

क्रूड ऑयल प्राइसेस छह हफ़्तों से ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गए। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.58% बढ़कर $95.56 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड बुधवार को लगभग 3% बढ़ने के बाद 1.30% बढ़कर $87.96 प्रति बैरल हो गया।

आज का सोने का रेट

गिरावट में खरीदारी के कारण सोने की कीमतों में बढ़त बनी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.1% बढ़कर $4,133.82 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमतें $59.75 प्रति औंस पर स्थिर रहीं।

डॉलर

सेफ-हेवन डिमांड के कारण डॉलर काफी हद तक स्थिर रहा, जबकि येन 40 साल के निचले स्तर के पास रहा। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले ग्रीनबैक को मापता है, 101.11 पर फ्लैट रहा। यूरो 0.02% बढ़कर $1.1412 पर था। ब्रिटिश स्टर्लिंग का आखिरी ट्रेड $1.3373 पर हुआ।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch : 23 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 23 जुलाई को कई बड़े स्टॉक्स फोकस में रहेंगे। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कुछ के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। इसके अलावा एक कंपनी ने बड़ा जॉइंट वेंचर भी किया है। ऐसे में इन 13 शेयरों में गुरुवार को अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है।

IndusInd Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक IndusInd Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46.5% बढ़कर ₹1,002 करोड़ रहा। यह CNBC-TV18 के ₹725 करोड़ के अनुमान से बेहतर है। बैंक की NII 1% बढ़कर ₹4,685 करोड़ रही। एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 3.25% और नेट NPA 0.95% पर आ गया, जबकि प्रोविजन घटकर ₹1,340 करोड़ रह गया।

Dr Reddy’s

दवा बनाने वाली कंपनी Dr Reddy’s का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 69% घटकर ₹443.5 करोड़ रह गया। कंपनी की आय 6% घटकर ₹8,070.5 करोड़ रही। EBITDA 55% गिरकर ₹1,009 करोड़ पर आ गया और EBITDA मार्जिन 26.7% से घटकर 12.5% रह गया। कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान से भी कमजोर रहे।

United Spirits

शराब बनाने वाली कंपनी United Spirits का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 51.6% बढ़कर ₹391 करोड़ रहा। यह CNBC-TV18 के ₹316 करोड़ के अनुमान से बेहतर है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹2,703 करोड़ रहा, जो अनुमान से भी ज्यादा है।

HPCL

सरकारी तेल कंपनी HPCL को जून तिमाही में ₹11,526.4 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने ₹4,901.5 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी का EBITDA ₹16,141 करोड़ के घाटे में पहुंच गया। हालांकि, रेवेन्यू 22.3% बढ़कर ₹1.41 लाख करोड़ रहा। कंपनी ने घाटे के लिए कमजोर मार्केटिंग मार्जिन और पश्चिम एशिया संकट को जिम्मेदार बताया।

UCO Bank

सरकारी बैंक UCO Bank का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 8% बढ़कर ₹656.3 करोड़ हो गया। बैंक की NII 17% बढ़कर ₹2,808 करोड़ रही। एसेट क्वालिटी में सुधार के साथ ग्रॉस NPA 2.08% और नेट NPA 0.25% पर आ गया। वहीं, प्रावधान घटकर ₹234.6 करोड़ रह गए।

Shoppers Stop

रिटेल कंपनी Shoppers Stop की जून तिमाही में आय 11.2% बढ़कर ₹1,291.4 करोड़ रही। कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹14.3 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹15.7 करोड़ था। EBITDA 9.2% बढ़कर ₹187.4 करोड़ हुआ। EBITDA मार्जिन मामूली घटकर 14.5% रह गया।

Nippon Life AMC

एसेट मैनेजमेंट कंपनी Nippon Life AMC का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 27.2% बढ़कर ₹504 करोड़ रहा। कंपनी की आय 26.4% बढ़कर ₹767 करोड़ हो गई। बेहतर एसेट मैनेजमेंट कारोबार की बदौलत कंपनी ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया।

Sona BLW

ऑटो कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी Sona BLW ने DENSO के साथ भारत में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड पावरट्रेन सिस्टम के लिए दो जॉइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है। चार पहिया वाहन JV में DENSO की 51% हिस्सेदारी होगी। दो और तीन पहिया EV JV में Sona BLW की 51% हिस्सेदारी रहेगी। DENSO इसके लिए ₹1,750 करोड़ का निवेश करेगी।

HEG

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने वाली कंपनी HEG का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 16.7% बढ़कर ₹122.3 करोड़ रहा। कंपनी की आय 11.1% बढ़कर ₹680.8 करोड़ और EBITDA 42.5% बढ़कर ₹150.6 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 17.3% से बढ़कर 22.1% पर पहुंच गया।

Schaeffler India

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Schaeffler India का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 13.4% बढ़कर ₹325.7 करोड़ रहा। कंपनी की आय 17.3% बढ़कर ₹2,761 करोड़ हो गई। EBITDA 16% बढ़कर ₹499 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA मार्जिन 18.1% पर मामूली नरम पड़ा।

Gandhar Oil

स्पेशलिटी ऑयल बनाने वाली कंपनी Gandhar Oil का जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन रहा। कंपनी का मुनाफा ₹44.13 करोड़ से बढ़कर ₹179 करोड़ पहुंच गया। आय 71.2%, EBITDA ₹249.2 करोड़ और मार्जिन 15.7% पर पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है।

IIFL Finance

एनबीएफसी कंपनी IIFL Finance का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 189.3% बढ़कर ₹675.1 करोड़ रहा। कंपनी की NII 54.8% बढ़कर ₹2,003.9 करोड़ हो गई। वहीं, प्रावधान ₹512 करोड़ से घटकर ₹294.2 करोड़ रह गए, जिससे कंपनी के नतीजों में मजबूत सुधार देखने को मिला।

NACL Industries

एग्रोकेमिकल कंपनी NACL Industries का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 59.8% बढ़कर ₹20.84 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹13.04 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी ने बेहतर परिचालन के दम पर मजबूत नतीजे पेश किए। यह कंपनी हाल ही में मुरुगप्पा ग्रुप का हिस्सा बनी है।

आज इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

जून तिमाही के नतीजों का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहेगा। 3i Infotech, Banaras Beads, Capital Small Finance Bank, Chennai Petroleum Corporation (CPCL), Cipla, Coromandel International, Indiabulls और Indian Energy Exchange (IEX) अपने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगे। निवेशकों की नजर इन शेयरों पर रहेगी।

HPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी को ₹11526 करोड़ का घाटा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।