Meesho Q1 Results: मीशो का घाटा 54% घटा, रेवेन्यू 48% उछला; शेयरों पर रहेगी नजर

Meesho Q1 Results: ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी का घाटा पिछले साल के मुकाबले काफी कम हुआ है, जबकि रेवेन्यू में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

घाटा आधे से भी कम हुआ

जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस 54.1% घटकर ₹132.8 करोड़ रह गया। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹289.4 करोड़ था।

वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू 48% बढ़कर ₹3,712.8 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,503.9 करोड़ था।

EBITDA और कारोबार में सुधार

तिमाही के दौरान मीशो का EBITDA लॉस ₹224.7 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹264.4 करोड़ था। यानी इस मोर्चे पर भी सुधार देखने को मिला।

कंपनी का नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 34% बढ़कर ₹11,614 करोड़ हो गया। यह प्लेटफॉर्म पर बढ़ते ग्राहकों और ज्यादा खरीदारी का संकेत है।

ऑर्डर और ग्राहकों की संख्या बढ़ी

अप्रैल-जून तिमाही में मीशो पर 72.5 करोड़ ऑर्डर दिए गए। यह पिछले साल के मुकाबले 29% ज्यादा है।

कंपनी के एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (ATUs) की संख्या भी 29% बढ़कर 27.4 करोड़ हो गई। वहीं, हर ग्राहक ने सालाना औसतन 10.3 ऑर्डर किए। प्रीपेड ऑर्डर की हिस्सेदारी बढ़कर 37% हो गई। इससे ऑर्डर कैंसिलेशन और रिटर्न-टू-ओरिजिन (RTO) में कमी आई।

AI पर लगातार बढ़ा रही निवेश

मीशो ने कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी के मुताबिक, AI की मदद से इंजीनियरों की उत्पादकता दोगुने से ज्यादा बढ़ी है।

AI आधारित कैटलॉगिंग, डिमांड इंटेलिजेंस और मल्टीलिंगुअल वॉयस एजेंट्स की मदद से प्लेटफॉर्म पर सक्रिय सेलर्स की संख्या 81% बढ़कर 10.4 लाख से ज्यादा हो गई। इनमें से करीब 45% सेलर्स टियर-2 और उससे छोटे शहरों से हैं।

Meesho Mall में तेज ग्रोथ

मीशो का Meesho Mall अब 1,200 से ज्यादा ब्रांड्स के साथ काम कर रहा है। इस कारोबार में सालाना आधार पर करीब 93% की ग्रोथ दर्ज की गई।

वहीं, Content Commerce NMV में 141% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का कहना है कि AI से जुड़े क्रिएटर टूल्स की वजह से कंटेंट के जरिए आने वाले ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

मीशो के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर धीरज बंसल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी के मजबूत ऑपरेटिंग मॉडल को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, AI अब कंपनी के हर हिस्से का अहम हिस्सा बन चुका है। इसी तिमाही में मीशो ने करीब 72.5 करोड़ ऑर्डर प्रोसेस किए, यानी औसतन हर सेकेंड 90 से ज्यादा ऑर्डर प्लेटफॉर्म पर आए।

मीशो के शेयरों का हाल

मीशो का शेयर गुरुवार को 0.71% की गिरावट के साथ ₹188.40 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.82% चढ़ा है। इसका मार्केट कैप 87.06 हजार करोड़ रुपये है।

Stocks to Watch: 24 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट को पहली तिमाही में ₹8 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू ₹140 करोड़ के पार

Velora Impact Q1 Results: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। पहले इसका नाम प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड था। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में कारोबार और मुनाफे, दोनों में बढ़त दर्ज की है। कंपनी का कहना है कि बेहतर बिजनेस परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का फायदा नतीजों में दिखा है।

जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹141.92 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹1.17 करोड़ था। यानी कंपनी की आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।

EBITDA और मुनाफा भी बढ़ा

कंपनी का EBITDA ₹7.98 करोड़ रहा। वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) ₹7.90 करोड़ दर्ज किया गया। तिमाही के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी ₹7.90 करोड़ रहा। कंपनी का कहना है कि बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बिजनेस में तेजी की वजह से मुनाफे में बड़ा सुधार देखने को मिला।

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹14.19 रहा। यह प्रति शेयर कमाई में अच्छी बढ़त को दिखाता है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित हरजीभाई गोल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी की सफलता को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, कंपनी बिजनेस को और मजबूत करने, नए अवसरों का फायदा उठाने और शेयरधारकों के लिए लंबे समय तक वैल्यू बनाने पर फोकस कर रही है।

वेलोरा इम्पैक्ट का बिजनेस क्या है

वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर की कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से कलर पिगमेंट बनाती है। इसके प्रमुख उत्पादों में पिगमेंट ग्रीन 7, कॉपर फ्थैलोसाइनिन ग्रीन क्रूड और दूसरे ब्लू व ग्रीन पिगमेंट शामिल हैं। इन पिगमेंट्स का इस्तेमाल कई उद्योगों में होता है। इनमें पेंट, प्रिंटिंग इंक, प्लास्टिक, ग्लास, सिंथेटिक फाइबर, सिरेमिक, टेक्सटाइल, कॉस्मेटिक्स और कलर्ड सीमेंट जैसे सेक्टर शामिल हैं।

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई भारत के साथ-साथ दूसरे देशों में भी करती है। हाल ही में कंपनी ने अपना नाम बदलकर वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड रखा है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव उसके नए बिजनेस विजन, बढ़ते कारोबार और भविष्य की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को ध्यान में रखकर किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 24 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 10 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 24 जुलाई को कई बड़े स्टॉक्स एक्शन में रह सकते हैं। जून तिमाही के नतीजों, प्रोडक्ट लॉन्च, ब्लॉक डील और अहम कॉरपोरेट अपडेट्स के चलते इन शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे। ऐसे में इन 10 स्टॉक्स पर निवेशकों की करीबी नजर रहेगी।

Infosys

आईटी सर्विसेज कंपनी Infosys का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 8.6% घटकर 7,769 करोड़ रुपये रहा। यह CNBC-TV18 के अनुमान से कम है। कंपनी का रेवेन्यू 3.9% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये रहा। EBIT 10,163 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन 21.1% रहा।

IndiGo

एविएशन कंपनी IndiGo जून तिमाही में 238 करोड़ रुपये के घाटे में आ गई। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 2,176 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़कर 24,854 करोड़ रुपये रहा। विमान ईंधन पर खर्च बढ़ने से EBITDAR मार्जिन 15.6% पर आ गया।

Maruti Suzuki

ऑटोमोबाइल कंपनी Maruti Suzuki की नई Brezza को Bharat NCAP में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। कंपनी 24 जुलाई को इसे लॉन्च करेगी। सभी वेरिएंट में 6 एयरबैग स्टैंडर्ड होंगे। इसके साथ कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स भी मिलेंगे।

Sona BLW

ऑटो कंपोनेंट कंपनी Sona BLW का शुद्ध मुनाफा 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301 करोड़ रुपये और EBITDA 42.6% बढ़कर 293.3 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि EBITDA मार्जिन 22.5% रह गया।

Cyient

इंजीनियरिंग और आईटी सर्विसेज कंपनी Cyient का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 90% बढ़कर 104 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 7.7% बढ़कर 2,076 करोड़ रुपये रहा। EBIT 20% बढ़कर 187 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 9% पर पहुंच गया।

Suryoday SFB

स्मॉल फाइनेंस बैंक Suryoday SFB का शुद्ध मुनाफा 75 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 35 करोड़ रुपये था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 27.8% बढ़कर 316 करोड़ रुपये हो गई। नेट NPA 1.27% और ग्रॉस NPA 6.6% रहा।

Motilal Oswal

ब्रोकिंग कंपनी Motilal Oswal का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 14.04% बढ़कर 609 करोड़ रुपये रहा। एसेट और प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार का ऑपरेटिंग PAT 46% बढ़कर 335 करोड़ रुपये हो गया। हाउसिंग फाइनेंस कारोबार का मुनाफा 36% बढ़ा, जबकि वेल्थ और कैपिटल मार्केट कारोबार में दबाव रहा।

Shadowfax Tech

लॉजिस्टिक्स टेक कंपनी Shadowfax Tech में करीब 1,047.5 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील हो सकती है। Eight Roads, Flipkart और IMM India Fund 9.08% तक हिस्सेदारी बेच सकते हैं। सौदा 197 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर होने की संभावना है।

Orient Cement

सीमेंट कंपनी Orient Cement का शुद्ध मुनाफा 62.4% घटकर 77 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी का रेवेन्यू 30.3% घटकर 604 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 144 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 23.8% हो गया।

NIIT Learning

एडटेक कंपनी NIIT Learning का शुद्ध मुनाफा 16.4% बढ़कर 57.4 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू 25.2% बढ़कर 565 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 92.8 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन 16.4% पर आ गया।

पहली तिमाही के नतीजे

सीमेंट, बैंकिंग, इलेक्ट्रिकल और कैपिटल गुड्स सेक्टर की कई कंपनियां शुक्रवार (24 जुलाई) को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें ACC, Bank of Baroda, Bank of India, CG Power and Industrial Solutions, Aaron Industries, Arihant Capital Markets और Automotive Stampings and Assemblies शामिल हैं। निवेशकों की नजर इन कंपनियों के रेवेन्यू, मुनाफे और ऑपरेशनल प्रदर्शन पर रहेगी।

Cyient Q1 Results: मुनाफा 90% उछला; शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ाया फोकस

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cyient Q1 Results: मुनाफा 90% उछला; शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ाया फोकस

Cyient Q1 Results: इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी Cyient Ltd ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही आधार (QoQ) पर 90% बढ़कर 104 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछली तिमाही में यह 55 करोड़ रुपये था। वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू 7.7% बढ़कर 2,076 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही में 1,927 करोड़ रुपये था।

जून तिमाही में कंपनी का EBIT 20% बढ़कर 187 करोड़ रुपये रहा। वहीं EBIT मार्जिन 8.1% से बढ़कर 9% हो गया। यानी कंपनी ने बिक्री के मुकाबले बेहतर ऑपरेटिंग मुनाफा कमाया।

DET बिजनेस का प्रदर्शन

Cyient के डिजिटल, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (DET) कारोबार का रेवेन्यू 1,540 करोड़ रुपये रहा। यह तिमाही आधार पर 2.7% और सालाना आधार पर 10.6% बढ़ा। हालांकि, कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 0.5% की तिमाही और 0.9% की सालाना गिरावट दर्ज की गई।

DET कारोबार का EBIT 203 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन 13.2% रहा। वहीं इस सेगमेंट का मुनाफा 141 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही से 2.1% ज्यादा है।

शेयर बायबैक पूरा, AI पर बढ़ा फोकस

Cyient ने बताया कि तिमाही के दौरान उसका शेयर बायबैक प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा हो गया। साथ ही कंपनी ने TAO Digital Solutions के अधिग्रहण का ऐलान किया, जिससे डेटा और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में उसकी पकड़ मजबूत होगी और ग्राहकों के लिए AI से जुड़े सॉल्यूशंस डेवलप करने में मदद मिलेगी।

कंपनी ने कहा कि Cyient Semiconductors ने लगातार पांचवीं तिमाही में ऑर्गेनिक ग्रोथ दर्ज की है। वहीं Cyient DLM का ऑर्डर बुक अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णा बोडानापु ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत कंपनी के लिए मजबूत रही है। पिछले कुछ तिमाहियों में किए गए निवेश अब नतीजों में दिखने लगे हैं। कंपनी AI क्षमताओं, सेमीकंडक्टर और इंजीनियरिंग कारोबार में निवेश बढ़ा रही है ताकि आने वाले वर्षों में तेज ग्रोथ हासिल की जा सके।

Cyient शेयर का हाल

Cyient का शेयर गुरुवार को 1.29% की गिरावट के साथ 832 रुपये पर बंद हुआ। एक साल में स्टॉक 34.98% गिरा है। इसका मार्केट कैप 9.16 हजार करोड़ रुपये है।

Infosys अक्तूबर और जनवरी में बढ़ाएगी एंप्लॉयीज की सैलरी, इस साल करेगी 20000 फ्रेशर्स की भर्ती

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Magnus Steel Q1 Results: प्रॉफिट और रेवेन्यू में तगड़ा उछाल, अब स्टील और इंफ्रा सेक्टर के नए मौकों पर फोकस

Magnus Steel & Infra ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 273.7% बढ़कर 7.30 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.95 करोड़ रुपये था।

कंपनी का नेट प्रॉफिट 490.6% बढ़कर 2.41 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 41 लाख रुपये था। टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) भी 2.41 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 41 लाख रुपये से करीब पांच गुना ज्यादा है।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 400.7% बढ़कर 2.41 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 48 लाख रुपये था। वहीं अर्निंग्स पर शेयर (EPS) बढ़कर 7.13 रुपये हो गई, जो एक साल पहले 1.21 रुपये थी। कंपनी ने कहा कि बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और लागत पर नियंत्रण की वजह से मुनाफे में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।

टाटा मोटर्स प्रोजेक्ट से मिला बड़ा मौका

कंपनी ने बताया कि उसे गुजरात और महाराष्ट्र में Tata Motors के प्रस्तावित ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरशुदा स्टील सप्लायर के रूप में शामिल किया गया है। प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्टर RIECO Industries के जरिए कंपनी ने स्टील की सप्लाई भी शुरू कर दी है और कई खरीद ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी का दावा है कि इससे उसकी ऑर्डर बुक मजबूत होगी और आने वाले समय में ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

Magnus Steel के चेयरमैन और डायरेक्टर कैरॉन नरेश बजाज ने कहा कि पहली तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की मजबूत रणनीति और ऑपरेशनल क्षमता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में नए अवसरों का फायदा उठाकर शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में बेहतर मूल्य सृजित करने पर फोकस कर रही है।

FY26 में भी रहा अच्छा प्रदर्शन

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 22.58 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 4.51 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस दौरान कंपनी का EPS 13.33 रुपये प्रति शेयर रहा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Infosys अक्तूबर और जनवरी में बढ़ाएगी एंप्लॉयीज की सैलरी, इस साल करेगी 20000 फ्रेशर्स की भर्ती

इंफोसिस इस साल अक्तूबर में एंप्लॉयीज की सैलरी बढ़ाएगी। ज्यादातर एंप्लॉयीज की सैलरी अक्तूबर में बढ़ेगी। बाकी एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी। कंपनी के सीईओ सलील पारेख ने 23 जुलाई को यह बताया। कंपनी ने गुरुवार को ही जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

सीनियर एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी

पारेख ने नतीजों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ज्यादातर एंप्लॉयीज की सैलरी में वृद्धि अक्तूबर में हो जाएगी। सीनियर एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी।” कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 12.2 फीसदी बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान रेवेन्यू 14 फीसदी बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ का आउटलुक घटाया

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ का आउटलुक 3 फीसदी से घटाकर 1.5 फीसदी कर दिया। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। 24 जुलाई को इसके शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का असर दिखेगा। इंफोसिस देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी ने 23 जुलाई को नए सीईओ के नाम का भी ऐलान किया। मौजूदा सीईओ सलील पारेख का कार्यकाल 31 मार्च, 2027 को खत्म हो रहा है।

जून तिमाही में कंपनी ने की 4000 फ्रेशर्स की भर्ती

इंफोसिस ने कहा कि वह इस वित्त वर्ष (2026-27) के दौरान 20,000 फ्रेशर्स की भर्ती करेगी। उसने बताया कि जून तिमाही में उसने 4,000 से ज्यादा फ्रेशर्स की भर्ती की। बीते 12 महीनों में कंपनी के एंप्लॉयीज का एट्रिशन रेट (नौकरी छोड़ने की दर) बढ़कर 13 फीसदी हो गया। जून तिमाही में यह 12.6 फीसदी था। 30 जून को कंपनी में एंप्लॉयीज की कुल संख्या 3,28,062 थी। यह मार्च के अंत में 3,28,594 से थोड़ा कम है।

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इस साल अब तक 35 फीसदी फिसला है

इंफोसिस का शेयर 23 जुलाई को 0.076 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 1,052.90 रुपये पर बंद हुआ। इस साल कंपनी का शेयर 35 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इस दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स 25 फीसदी गिरा है। बीते छह महीनों में भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखा है। इसकी वजह एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के नए एआई टूल्स हैं। 23 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लगातार चौथे दिन गिरकर बंद हुए।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Sona Comstar Q1 Results: मुनाफा 47% उछला, रेवेन्यू ने बनाया नया रिकॉर्ड; रोबोटिक्स कारोबार में भी उतरी कंपनी

Sona Comstar Q1 Results: ऑटो कंपोनेंट कंपनी Sona BLW Precision Forgings (Sona Comstar) ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 122 करोड़ रुपये था। वहीं ऑपरेशन से रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 854 करोड़ रुपये था।

कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। CNBC-TV18 के अनुमान के मुकाबले कंपनी ने मुनाफा, रेवेन्यू और EBITDA तीनों मोर्चों पर बेहतर नतीजे दिए।

EBITDA और मार्जिन का हाल

जून तिमाही में EBITDA 42.6% बढ़कर 293.3 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन 24.1% से घटकर 22.5% पर आ गया। यानी कंपनी की कमाई बढ़ी, लेकिन लागत बढ़ने से मार्जिन पर कुछ दबाव रहा।

EV बिजनेस ने बनाई नई ऊंचाई

Sona Comstar ने कहा कि यह उसकी अब तक की सबसे अधिक तिमाही रेवेन्यू रही। बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) से होने वाला रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। जून तिमाही में कुल ऑटोमोटिव रेवेन्यू में BEV उत्पादों की हिस्सेदारी 44% रही, जबकि BEV रेवेन्यू सालाना आधार पर 107% बढ़ा।

रोबोटिक्स और AI में एंट्री

Sona Comstar ने इस तिमाही में Robotics & Physical AI कारोबार में भी उतरने का ऐलान किया। कंपनी इस क्षेत्र के लिए मिशन-क्रिटिकल कंपोनेंट, सॉफ्टवेयर, इंजीनियरिंग सेवाएं और चुनिंदा रोबोट प्लेटफॉर्म डेवलप करेगी। साथ ही कंपनी ने Sona Comstar 2.0 रणनीति पेश की है। इसके तहत FY35 तक रेवेन्यू को फिर से 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

नए ऑर्डर और शेयर का हाल

तिमाही के दौरान कंपनी को तीन नए ऑर्डर मिले, जिनमें EV, हाइब्रिड और ICE वाहनों से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनसे कंपनी की ऑर्डर बुक में करीब 940 करोड़ रुपये जुड़े।

कंपनी के नतीजे बाजार बंद होने के बाद आए। इससे पहले BSE पर Sona Comstar का शेयर 719.25 रुपये पर बंद हुआ। अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर इन नतीजों पर रहेगी।

Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी का मुनाफा 25% घटा, रेवेन्यू बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aastha Spintex ने 1:1 बोनस शेयर का ऐलान किया, वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल कारोबार में करेगी विस्तार

कॉटन यार्न निर्माता कंपनी Aastha Spintex ने अपने शेयरधारकों के लिए 1:1 बोनस शेयर जारी करने का ऐलान किया है। इसका मतलब है कि निवेशकों को उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेगा। कंपनी के बोर्ड ने 23 जुलाई 2026 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

बोनस इश्यू को पूरा करने के लिए कंपनी ने अपनी अधिकृत शेयर पूंजी 45 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये करने का भी फैसला किया है। इसके अलावा बोर्ड ने FY26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 0.10 रुपये के अंतिम डिविडेंड की भी सिफारिश की है। हालांकि, डिविडेंड और बोनस इश्यू दोनों पर अंतिम मुहर शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लगेगी।

वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल कारोबार में उतरेगी कंपनी

गुजरात की कॉटन यार्न निर्माता कंपनी Aastha Spintex अब अपने कारोबार का विस्तार करते हुए ग्रे फैब्रिक और अन्य वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल उत्पादों के क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी। कंपनी का कहना है कि यह कदम उसे टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ने और नए ग्रोथ अवसरों का फायदा उठाने में मदद करेगा।

हाल ही में बढ़ाई है उत्पादन क्षमता

कंपनी ने हाल ही में Falcon Yarns Pvt. Ltd. का अधिग्रहण पूरा किया है। इसके बाद उसकी सालाना स्पिनिंग क्षमता 7,700 मीट्रिक टन से बढ़कर 17,457 मीट्रिक टन हो गई है। वहीं स्पिंडल क्षमता 25,920 से बढ़कर 61,824 तक पहुंच गई है। कंपनी का मानना है कि नई उत्पादन क्षमता के साथ वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल सेगमेंट में विस्तार उसकी अगली ग्रोथ का आधार बनेगा।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

Aastha Spintex के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि बोनस इश्यू और अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने का फैसला कंपनी के भविष्य को लेकर उसके भरोसे और शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने की रणनीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी अब टेक्सटाइल वैल्यू चेन में आगे बढ़ते हुए अपने ब्रांड के तहत वैल्यू-एडेड उत्पादों पर फोकस करेगी।

पिछले दो साल में मजबूत रही ग्रोथ

कंपनी का प्रदर्शन भी लगातार मजबूत रहा है। FY23 में 240 करोड़ रुपये रहा रेवेन्यू FY25 में बढ़कर 352 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 1.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 23 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो उसकी प्रॉफिटेबिलिटी में तेज सुधार को दिखाता है।

Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी का मुनाफा 25% घटा, रेवेन्यू बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Infosys के सीईओ सलील पारेख पद छोड़ेंगे, आशीष कुमार दास होंगे नए सीईओ

इंफोसिस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख पद छोड़ेंगे। उनकी जगह आशीष कुमार दास लेंगे। इंफोसिस ने यह ऐलान 23 जुलाई को किया। पारेख बीते 9 सालों से कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी को मुश्किल दौर से निकाला। उनके कार्यकाल में कंपनी में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टफिशियल इंटेलिजेंस जैसी चीजें देखने को मिलीं।

दास की नियुक्ति को बोर्ड की मंजूरी

Infosys ने कहा कि पारेख कार्यकाल पूरा होने पर पद छोड़ देंगे। कंपनी ने यह भी कहा कि बोर्ड ने सीईओ पद पर आशीष कुमार दास की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। पारेख ने जनवरी 2018 में इंफोसिस के बॉस की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नाम सबसे लंबे समय तक कंपनी का सीईओ रहने का रिकॉर्ड है। 5 साल का उनका मौजूदा कार्यकाल 31 मार्च, 2027 को खत्म हो रहा है।

नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर चल रही थी चर्चा

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने 23 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। नए सीईओ की नियुक्ति का ऐलान कंपनी की एनुअल रिपोर्ट और एजीएम नोटिस के कई हफ्ते बाद हुआ। इससे पहले यह नहीं बताया गया था कि बोर्ड मार्च 2027 के बाद उनका कार्यकाल बढ़ाना चाहता है या नहीं। इससे निवेशकों के बीच पारेख के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा हो रही थी।

नए सीईओ में ये योग्यताएं चाहती है कंपनी 

इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा, “बोर्ड दास को सीईओ डेजिग्नेट नियुक्त कर खुशी महसूस कर रहा है। हमारी इंडस्ट्री बड़े बदलाव के समय से गुजर रही है। बोर्ड की स्पष्ट सोच थी कि हमारे अगले सीईओ के पास कंपनी की वैल्यू और ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के साथ बड़े बदलाव के लिए तैयार रहने की योग्यता होनी चाहिए। इस बात की मुझे काफी खुशी है कि कंपनी का एग्जिक्यूटिव हमारा अगला सीईओ होगा।”

पारेख ने कंपनी को सफल नेतृत्व दिया

उन्होंने कहा कि बोर्ड की तरफ से मैं 9 साल की शानदार लीडरशिप के लिए पारेख को धन्यवाद देता हूं। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अपनी लीडरशिप पोजीशन को और मजबूत की। अपनी क्षमता में इजाफा किया। शेयरहोल्डर्स को रिवॉर्ड दिया और भविष्य में ग्रोथ के लिए मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया। कंपनी में बड़े बदलाव में सलील की बड़ी भूमिका रही। वह 31 मार्च, 2027 तक कंपनी का नेतृत्व करते रहेंगे।

पारेख के कार्यकाल में रेवेन्यू 20 अरब डॉलर के पार

पारेख के नेतृत्व में इंफोसिस ने क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टफिशियल इंटेलिजेंस में अपनी पोजीशन मजबूत की। उनके कार्यकाल में कंपनी का रेवेन्यू 20 अरब डॉलर को पार कर गया। हाल में पारेख ने जेनेरेटिव एआई की दिशा में इंफोसिस की पहली का नेतृत्व किया। कंपनी एआई प्लेटफॉर्म्स, एंटरप्राइज एआई ऑफरिंग्स और वर्कफोर्स रीस्किलिंग में काफी निवेश कर रही है।

Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी का मुनाफा 25% घटा, रेवेन्यू बढ़ा; डिविडेंड का ऐलान

Q1 Results: एग्रो केमिकल कंपनी Coromandel International ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 24.6% घटकर 381 करोड़ रुपये रह गया।

पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 505 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। हालांकि, ऑपरेशन से रेवेन्यू 15.9% बढ़कर 8,165 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 7,042 करोड़ रुपये था।

बढ़ती लागत से मुनाफे पर दबाव

रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी के बावजूद बढ़ती लागत का असर कंपनी की कमाई पर पड़ा। जून तिमाही में EBITDA 3.4% घटकर 756 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 782 करोड़ रुपये था। वहीं EBITDA मार्जिन 11.1% से घटकर 9.3% पर आ गया। यानी कंपनी हर 100 रुपये की बिक्री पर पहले के मुकाबले कम ऑपरेटिंग मुनाफा कमा सकी।

NACL Industries अधिग्रहण का असर

Coromandel ने कहा कि इस बार के नतीजों की पिछले साल से सीधी तुलना पूरी तरह सही नहीं होगी। इसकी वजह NACL Industries का अधिग्रहण है। Coromandel ने अगस्त 2025 में NACL Industries में 53.08% हिस्सेदारी खरीदी थी। अब उसके वित्तीय नतीजे भी कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों में शामिल हैं, जिससे दोनों अवधियों की तुलना प्रभावित हुई है।

पिछली तिमाही भी रही थी कमजोर

मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 76% गिरकर 140 करोड़ रुपये रह गया था। उस दौरान 70.6 करोड़ रुपये के एकमुश्त (Exceptional) नुकसान का भी असर रहा था। हालांकि, रेवेन्यू 20.4% बढ़कर 6,004 करोड़ रुपये पहुंच गया था।

डिविडेंड और शेयर का हाल

Coromandel के बोर्ड ने 2 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है। इसका भुगतान 21 अगस्त 2026 तक किया जाएगा।

कंपनी के नतीजे बाजार बंद होने के बाद आए। इससे पहले NSE पर Coromandel International का शेयर करीब 1% की गिरावट के साथ 2,019 रुपये पर बंद हुआ। अब अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर इन नतीजों पर रहेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।