Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Coal India Q1 Results: महारत्न कंपनी कोल इंडिया ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस सरकारी कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.69% बढ़कर ₹8,852 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹8,797 करोड़ था।

वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 7.8% बढ़कर ₹46,254.80 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹42,919.20 करोड़ था। हालांकि, EBITDA 4.1% घटकर ₹12,069 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹12,588 करोड़ था। इसी वजह से EBITDA मार्जिन 29.3% से घटकर 26.1% पर आ गया।

खर्च बढ़ने से मार्जिन पर दबाव

जून तिमाही में कोल इंडिया का कुल खर्च 11.9% बढ़कर ₹36,816.23 करोड़ हो गया। हालांकि, बिक्री बढ़ने से रेवेन्यू में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। कंपनी का प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) ₹11,719 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹11,776 करोड़ था।

अगर मार्च तिमाही से तुलना करें तो कंपनी का मुनाफा 18.9% घटा है। वहीं, रेवेन्यू में 0.5% की हल्की गिरावट आई। हालांकि, तिमाही आधार पर EBITDA मार्जिन 25.9% से बढ़कर 26.1% हो गया।

₹5.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹5.50 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

कंपनी ने 31 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है। जिन निवेशकों के नाम इस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें डिविडेंड मिलेगा। इसका भुगतान 25 अगस्त 2026 तक कर दिया जाएगा।

सहायक कंपनियों का मिला-जुला प्रदर्शन

जून तिमाही में कंपनी की सहायक कंपनियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। CMPDI ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹481.4 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 62% बढ़कर ₹145.5 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट 54% बढ़कर ₹116.3 करोड़ हो गया।

दूसरी ओर, BCCL का प्रदर्शन कमजोर रहा। कम बिक्री और बढ़ती लागत की वजह से कंपनी का रेवेन्यू 4% घटकर ₹3,587 करोड़ रह गया। पिछले साल कंपनी को ₹177 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस बार उसे ₹68 करोड़ का घाटा हुआ।

कोल इंडिया के शेयर

कोल इंडिया का शेयर नतीजों से पहले सोमवार को 0.09% की बढ़त के साथ ₹427 पर बंद हुआ।

लंबी अवधि में शेयर ने अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में 12.26%, तीन साल में 86.64% और 2026 में अब तक 7.14% का रिटर्न मिला है। हालांकि, हाल के महीनों में शेयर पर दबाव दिखा है। पिछले तीन महीने में 5.52%, एक महीने में 1.81% और एक हफ्ते में 0.44% की गिरावट आई है।

Tata Power Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹1401 करोड़ मुनाफा, शेयरों में दिख सकती है हलचल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Power Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹1401 करोड़ मुनाफा, शेयरों में दिख सकती है हलचल

Tata Power Q1 Results: टाटा पावर ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 11% बढ़कर ₹1,401 करोड़ रहा। CNBC-TV18 के पोल में इसका अनुमान ₹1,185 करोड़ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 5.6% बढ़कर ₹19,051 करोड़ पहुंच गया। यह भी अनुमान ₹18,657 करोड़ से ज्यादा रहा।

कंपनी का EBITDA ₹4,013 करोड़ रहा। यह भी अनुमान से बेहतर है। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 23% से घटकर 21.07% रह गया।

रिन्यूएबल एनर्जी सबसे बड़ा सहारा

टाटा पावर ने कहा कि इस तिमाही में उसकी ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और जनरेशन कारोबार रहे। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल नई क्षमता में 86% हिस्सेदारी क्लीन एनर्जी की रही। इसी दौरान देश में बिजली की मांग भी सालाना आधार पर 8.5% बढ़ी।

कंपनी ने इस तिमाही में ₹5,375 करोड़ का पूंजीगत निवेश (Capex) किया। यह अब तक का उसका सबसे बड़ा तिमाही निवेश है।

रूफटॉप सोलर में शानदार प्रदर्शन

रूफटॉप सोलर कारोबार ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी ने तिमाही के दौरान 371 MWp रूफटॉप सोलर इंस्टॉल किए। यह पिछले साल से 37% ज्यादा है। वहीं, सार्वजनिक और बस ईवी चार्जिंग नेटवर्क बढ़कर 7,200 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट तक पहुंच गया।

सोलर मैन्युफैक्चरिंग कारोबार भी दमदार रहा। कंपनी ने रिकॉर्ड 1,001 MW सोलर मॉड्यूल और 862 MW सोलर सेल का उत्पादन किया।

इस कारोबार का रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹2,462 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 113% उछलकर ₹626 करोड़ रहा। वहीं, PAT 287% बढ़कर ₹371 करोड़ हो गया। कंपनी ने बताया कि लागत कम होने और बिक्री के बेहतर मिश्रण से मुनाफे में तेज बढ़ोतरी हुई।

दूसरे कारोबारों से भी मिला सहारा

जनरेशन और कोल कारोबार को मुंबई प्लांट के बेहतर प्रदर्शन, मुंद्रा पावर से अतिरिक्त आय और हल्दिया प्लांट में बेहतर मार्जिन का फायदा मिला। इस क्लस्टर का मुनाफा 27% बढ़ा।

ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार में भी बेहतर रिटर्न और नई परियोजनाओं से आय बढ़ी। हालांकि, राजस्थान और गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोडक्शन पर कुछ असर पड़ा। इसके बावजूद रूफटॉप सोलर और मैन्युफैक्चरिंग कारोबार ने इसकी भरपाई कर दी।

टाटा पावर का शेयर नतीजों से पहले सोमवार को 1.23% चढ़कर ₹379 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 8.99% का रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks Of The Day : नतीजों के बाद लॉरेस लैब्स लाइफ हाई पर, कॉनकॉल के बाद KFIN टेक को भी लगे पंख

Stock Of The Day : नतीजों के बाद लॉरेस लैब्स के शेयर आज अपने लाइफ हाई पर जाते दिखें हैं। नतीजों और कॉनकॉल के बाद KFIN टेक का शेयर भी जोर से दौड़ा है। फार्मा सेक्टर में आज सबसे ज्यादा फोकस लॉरेस लैब्स पर है। जिसमें जोरदार तेजी आई है। लॉरेस लैब्स की बात करें तो 1 महीने में इस शेयर ने 11 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, इस साल अब तक इसने 50 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी फार्मा इंडेक्स ने 1 महीने में 1 फीसदी और इस साल अब तक 15 फीसदी रिटर्न दिया है।

लॉरेस लैब्स में तेजी क्यों?

कंपनी ने लगातार शानदार नतीजे पेश किए हैं। अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ देखने को मिली है। कंपनी के CDMO और फॉर्मूलेशन बिजनेस ने दम दिखाया है। सिंथेसिस (SYNTHESIS) बिजनेस में 69% की तगड़ी ग्रोथ देखने को मिली है।

लॉरेस लैब्स: कमेंट्री

कंपनी की मैनेजमेंट कमेंट्री में कहा गया है कि कैपेक्स बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए किया गया। यह पहले 1500 करोड़ रुपए था। विशाखापत्तनम का बड़ा पेप्टाइड प्लांट ट्रैक पर है।

लॉरेस लैब्स: वैल्युएशन

यह स्टॉक FY27 के EPS के 65 गुना वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। FY26-28 में 24% CAGR अर्निंग संभव है।

लॉरेस लैब्स:शेयर प्राइस हिस्ट्री

3 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 121.90 रुपए यानी 7.61% फीसदी की बढ़त के साथ 1725 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 1,734.50 रुपए और दिन का लो 1,617.10 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,734.50 रुपए और 52 वीक लो 810.05 रुपए है। 1 हफ्ते में इस शेयर ने 10.49 फीसदी और 1 महीने में 18.76 फीसदी रिटर्न दिया है। 1 साल में इसने 105.42 फीसदी और 3 साल में 400.29 फीसदी रिटर्न दिया है।

KFIN (KFin Technologies) में भी रफ्तार

नतीजों और कॉनकॉल के बाद KFIN टेक भी दौड़ा है। कंपनी ने कॉनकॉल में बताया है कि बैंक बेस्ड वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म डील जल्द संभव है। NPS बिजनेस ब्रेकइवेन पर पहुंच गया है। MF मार्केट शेयर 37% से बढ़ाकर 40% करने का लक्ष्य है। पहली तिमाही में कंपनी के साथ 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा AUM वाले 6 नए फंड मैनेजर्स जुड़े है। FY27 के अंत तक 40% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य है। इंटरनेशनल बिजनेस से मार्जिन में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

शेयर की चाल पर एक नजर

3 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 92.25 रुपए यानी 10.75% की तेजी के साथ 950 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 955.30 रुपए और दिन का लो 862 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,215 रुपए है। 1 हफ्ते में इसने 7.51 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, 1 महीने में इसने 8.40 फीसदी तेजी दिखाई है। 1 साल में शेयर 18.56 फीसदी टूटा है। वहीं, 3 साल में इसने 140.17 फीसदी रिटर्न दिया है।

 

 

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Kalyan Jewellers में एक म्यूचुअल फंड हाउस बेच सकता है 5 करोड़ शेयर, कीमत फिसली

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी कल्याण ज्वेलर्स इंडिया के शेयरों में 27 जुलाई को गिरावट है। दिन में शेयर पिछले बंद भाव से 1.6 प्रतिशत तक नीचे आया। BSE पर कीमत 563.65 रुपये के लो तक गई। ऐसी खबर है कि एक बड़ा घरेलू म्यूचुअल फंड हाउस ब्लॉक डील के जरिए कल्याण ज्वेलर्स के लगभग 5 करोड़ शेयर बेच सकता है। एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयर में कम समय में आए तेज उछाल को देखते हुए म्यूचुअल फंड कुछ हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। इस डील के लिए दो बैंकर नियुक्त किए गए हैं।

शेयर बिक्री करने वाले म्यूचुअल फंड का नाम सामने नहीं आया है। कल्याण ज्वेलर्स में जून 2026 के आखिर तक पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 37.14 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसमें से 15.41 प्रतिशत हिस्सा म्यूचुअल फंड्स के पास था। सुंदरम म्यूचुअल फंड के पास सुंदरम मिड कैप फंड के जरिए 1.33 प्रतिशत, फ्रैंकलिन इंडिया फ्लेक्सी कैप फंड के पास 1.64 प्रतिशत और मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड के पास 9.17 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

कल्याण ज्वेलर्स का मार्केट कैप 58500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में करीब 50 प्रतिशत मजबूत हो चुका है। 2 सप्ताह में यह लगभग 11 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। कंपनी 4 अगस्त को अपने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करेगी। जून तिमाही में कंपनी ने 12 कल्याण शोरूम और 5 कैंडेरे स्टोर खोले। 30 जून तक इसके कुल आउटलेट्स की संख्या 524 तक पहुंच गई।

Kalyan Jewellers पर सिटी है बुलिश

जुलाई महीने की शुरुआत में कल्याण ज्वेलर्स के शेयर के लिए ब्रोकरेज सिटीग्रुप ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई थी। टारगेट प्राइस 750 रुपये प्रति शेयर बरकरार रखा था। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी के बिजनेस पर अपडेट सामने आने के बाद ब्रोकरेज ने अपना व्यू दिया था। तिमाही के दौरान कल्याण ज्वेलर्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 38 प्रतिशत बढ़ा। इंटरनेशनल ऑपरेशंस से रेवेन्यू में लगभग 35 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई। तिमाही के दौरान इंटरनेशनल मार्केट ने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में लगभग 14 प्रतिशत का योगदान दिया।

सिटी ने स्टॉक पर अपना कंस्ट्रक्टिव लॉन्ग-टर्म व्यू बरकरार रखा है। उसे उम्मीद है कि कंपनी की फ्रेंचाइजी-लेड एक्सपेंशन स्ट्रैटेजी प्रॉफिटेबल ग्रोथ को सपोर्ट करती रहेगी, साथ ही रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉइड (RoCE) में भी सुधार करेगी।

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केसरिया और भगवा कपड़ों से समाजवादी पार्टी की जन्मजात दुश्मनी: मुख्यमंत्री योगी

CM Yogi Barabanki Speech

 

 

  • सीएम योगी ने मैनपुरी में 682 करोड़ रुपये की 111 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
  • मुख्यमंत्री योगी ने कहा- धूम-धाम से निकलेगी कांवड़ यात्रा, प्रदेशभर में होंगे जन्माष्टमी के आयोजन
  • सीएम बोले –‘अब कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा’, विकास के लिए भी पैसों की कमी नहीं
  • देश की हर समस्या का समाधान उत्तर प्रदेश में, अब यूपी की काबिलियत पर कोई प्रश्न नहीं करता

 

लखनऊ, 26 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी कहती थी, कांवड़ यात्रा में शिव भक्त आएंगे तो दंगा हो जाएगा। सपा शंख व घंटा भी नहीं बजाने देती थी। समाजवादी पार्टी की केसरिया और भगवा कपड़ों से मानो जन्मजात दुश्मनी थी। हालांकि अब कोई कांवड़ यात्रा पर रोक नहीं लगा पाएगा, अब धूमधाम से कांवड़ यात्रा भी निकलेगी और शिवभक्त शिवालयों में जलाभिषेक भी करेंगे। उन्होंने कहा कि सपा ने जन्माष्टमी के आयोजनों पर भी रोक लगा दी थी, जिसे डबल इंजन सरकार ने फिर से शुरू कराया।

 

सीएम योगी मैनपुरी में 682 करोड़ रुपये से अधिक की 111 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के दौरान संबोधन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज हमारा प्रदेश उपद्रवग्रस्त नहीं, उत्सव प्रदेश बन गया है। अब कर्फ्यू न दंगा है, यूपी में सब चंगा है। 

 

उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है और उसके बाद सावन का महीना शुरू हो जाएगा। कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। पहले समाजवादी पार्टी कहती थी कि कांवड़ यात्रा नहीं होने देंगे, शिव भक्त जाएंगे तो दंगा हो जाएगा। वे शंख नहीं बजने देते थे, घंटा भी नहीं बजने देते थे। केसरिया व भगवा कपड़ों से मानो समाजवादी पार्टी की जन्मजात दुश्मनी थी। उन्होंने कहा, प्रदेश में डबल इंजन सरकार आते ही हमने तय किया कि धूम-धाम से कांवड़ यात्रा निकलेगी।

 

कांवड़ यात्रा पर नहीं लगने दी रोक

सीएम ने कहा कि हमने सुनिश्चित किया कि कांवड़ यात्रा पर कोई रोक नहीं लगाएगा। हमारी डबल इंजन सरकार ने आते ही कहा कि हम सुविधा देंगे और अनुशासित तरीके से शिव भक्त कांवड़ यात्रा निकालेंगे। कांवड़िए यात्रा कर जल लेकर आएंगे और शिवालयों में जलाभिषेक भी करेंगे। 

 

सपा ने जन्माष्टमी के आयोजन पर लगा दी थी रोक

सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को अब कोई रोक नहीं सकता। भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा, वृंदावन से लेकर मैनपुरी, इटावा समेत उत्तर प्रदेश के हर जिले में भव्यता के साथ आयोजन होते हैं। हर थाने, पुलिस लाइन, जेल में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन होता है, जिस पर पहले सपा ने रोक लगा दी थी।

 

उन्होंने कहा कि आज पर्यटन और संस्कृति विभाग के द्वारा मंदिरों के सुंदरीकरण के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले ये पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल के लिए चला जाता था। अब मंदिरों के सुंदरीकरण में वही पैसा खर्च हो रहा है। सपाई विकास की योजनाओं का पैसा अपने परिवार के विकास में लगा देते थे और गरीब देखता रहता था। छात्र की छात्रवृत्ति नहीं आती थी, नौजवान की नौकरी चली जाती थी, महिला स्वावलंबन के नाम पर सुरक्षा का संकट खड़ा कर देते थे।

 

मैनपुरी की पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान

सीएम ने कहा कि आज का मैनपुरी अपनी पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत की वजह से पहचाना जा रहा है। एक समय ऐसा भी था, जब मैनपुरी के नाम पर लोग घबराते थे। यहां के नौजवानों को होटल में कमरे नहीं मिलते थे। दूसरे शहरों में मैनपुरी के लोगों को किराए का मकान नहीं मिलता था। आज मयन ऋषि व च्यवन ऋषि की इस धरा को डबल इंजन की सरकार ने नई पहचान दी है। आज मैनपुरी का नौजवान, किसान, व्यापारी देश के किसी कोने में जाता है तो उसे सम्मान मिलता है। यह पहचान का संकट पूर्व की सरकारों ने पैदा किया था।

 

पहले जो गरीब नौजवान पैसा नहीं दे सकता था, उसकी नौकरी नहीं लगती थी। आज डबल इंजन की सरकार में नौकरी निकलती है तो मैनपुरी व इटावा का नौजवान भी नियुक्ति पत्र प्राप्त करता है। बड़ी शान के साथ अपनी सेवाएं देता है, नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में योगदान भी करता है।

 

यूपी में विकास के लिए पैसों की कमी नहीं

सीएम ने कहा कि आज यूपी बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है, भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्था में अपना स्थान बनाया है। अब यूपी में पैसे की कमी नहीं है, विकास के लिए जितना पैसा चाहिए दिया जाएगा। नौजवानों के लिए नौकरी और किसानों के लिए योजनाओं की भी कमी नहीं है।

 

सीएम ने कहा कि हमने योजनाओं का लाभ बिना जातिगत के भेदभाव के दिया है। फसल ऋण माफी के जरिए 86 लाख अन्नदाता किसानों को लाभ पहुंचाया गया, किसी के साथ भेदभाव नहीं हुआ। वह किसान दलित, वंचित, पिछड़ा समेत हर जाति के थे, जिन्हें लाभान्वित किया गया। एक जिला एक उत्पाद की योजना भी बिना भेदभाव के चलाई गई। मैनपुरी तारकशी कारीगरी को वैश्विक पहचान दिलाया गया। 

 

सपा के गुंडों ने बेटियों का जीना मुश्किल किया था

सीएम ने कहा कि पूर्व की सरकारों में बहुत सारे संभ्रांत परिवार अपनी बेटियों को यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदारों के घर पढ़ने के लिए भेज देते थे। क्योंकि समाजवादी पार्टी के गुंडों ने बेटियों व उनके परिवार का जीना मुश्किल कर दिया था। व्यापारी यूपी में निवेश नहीं करना चाहता था, उसे पूंजी के साथ अपनी सुरक्षा का भी भय रहता था।

 

सपा सरकार में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को मारी गोली

सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मदन चौहान को उनके मैनपुरी स्थित पेट्रोल पंप में घुसकर गोली मारी गई थी। पूर्व सरकार में व्यापारी घर से निकलता था तो शाम को परिवार का मुंह देख पाने की प्रार्थना करता था। इसी को देखते हुए भाजपा सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉरलेंस अपनाया। इटावा हो या मैनपुरी यहां के संगठित अपराध की कमर तोड़ दी। प्रदेश को माफिया मुक्त किया गया। बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। अपराधियों को जेल या जहन्नुम भेज दिया गया और माफियों को मिट्टी में मिला दिया।

 

यह कार्य 2017 से पहले हो सकता था, लेकिन विकास, विरासत, उत्सवपूर्ण माहौल के लिए समय चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 12 बजे सोकर उठेगा, 2 बजे तैयार होगा, 5 बजे जिम जाएगा और 7 बजे अपनी महफिल में चला जाएगा, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है। विकास का कोई विजन उस व्यक्ति के पास नहीं था, केवल लूट कर अपने परिवार का खजाना भरा गया। यही यूपी की दुर्गति का कारण था।

 

देश की हर समस्या का समाधान यूपी में

सीएम ने कहा कि सपा सरकार में नौकरी निकलते ही वसूली शुरू हो जाती थी। आज नियुक्ति पत्र बांटते वक्त पूछने पर मैनपुरी के युवाओं से भी पता चलता है कि उन्हें कहीं सिफारिश, वसूली या किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया कि 9 लाख से ज्यादा नौजवानों को सरकारी नौकरी मिली है। परंपरागत उद्यम जीवित हुआ तो सवा तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिला। सुरक्षा का बेहतर माहौल बना तो 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव यूपी में प्राप्त हुआ। आज यूपी के प्रति व्यक्ति की आय बढ़ी है। अब यूपी पर कोई सवाल नहीं उठाता, बल्कि देश की हर समस्या का समाधान यूपी में ढूंढता है। सीएम ने कहा कि लोग फिर जाति, क्षेत्र के नाम पर बांटने आएंगे, लेकिन ये समाज और देश के दुश्मन हैं। कभी ऐसे लोगों के कारण विदेशी हमले होते थे, फिर से वैसी ही साजिश पैदा हो रही हैं। 

 

सपा को महापुरुष पसंद नहीं

सीएम ने कहा कि हम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल एंप्लॉयमेंट जोन बना रहे हैं, समाजवादी पार्टी को इससे कोई लेना-देना नहीं था। हम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर श्रमजीवी हॉस्टल का निर्माण कर रहे हैं, समाजवादी पार्टी उनके नाम पर बने हुए संस्थानों का नाम मिटाती थी। डबल इंजन सरकार बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कर रही है, समाजवादी पार्टी ने कन्नौज में बाबा साहब के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम ही हटा दिया था। इन्हें सामाजिक न्याय से जुड़े हुए पुरोधा और महापुरुष पसंद नहीं हैं। इनको केवल परिवार के नाम पर सबकुछ पसंद है। यूपी को विकसित उत्तर प्रदेश बनना है, तो मैनपुरी को विकसित बनना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मैनपुरी जिले को विकसित बनाने के लिए जरूरी है कि मैनपुरी व करहल क्षेत्र का हर विधानसभा क्षेत्र, हर विकासखंड विकसित बने और उसी की कार्ययोजना को आगे बढ़ा जा रहा है। 

 

किसानों को जरूर मिलेगी 10 घंटे बिजली

सीएम ने कहा कि अन्नदाता किसान को कम से कम 10 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। मैनपुरी के किसानों को ये जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि वह जुलाई के महीने में मैनपुरी इसलिए आए हैं, ताकि पानी, बरसात की स्थिति देख सकें। उन्होंने कहा कि सरकार प्राथमिकता के आधार पर मैनपुरी जिले की सभी समस्याओं का समाधान निकालकर विकास कार्य को आगे बढ़ा रही है। मैनपुरी के लोगों को कहीं भी निराश और हताश नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विकसित यूपी के लिए मैनपुरी को भी तैयार होना है। 

 

सीएम योगी ने कार्यक्रम की शुरुआत पौधरोपण से की। इसके बाद महिलाओं को फलों की टोकरी देकर गोदभराई की रस्म और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को गोद में लेकर दुलार किया व उपहार भेंट किए। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बेसिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर स्कूली बच्चों को स्कूल बैग व किट उपहार स्वरूप भेंट की। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए विकास से जुड़े विभिन्न मॉडलों को देखकर खुशी व्यक्त की। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को देखा। सीएम ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, मिशन शक्ति समेत अन्य स्टॉलों का भी अवलोकन किया।

 

इस कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति, विधायक रामनेरश अग्निहोत्री, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, जिला अध्यक्ष ममता राजपूत, जिला प्रभारी अनिल चौधरी, डीसीबी चेयरमैन नरेंद्र सिंह राठौर, मैनपुरी जिला पंचायत प्रशासक अर्चना भदौरिया, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष संगीता गुप्ता समेत अन्य भाजपा नेता व गणमान्य उपस्थित रहें।

Meesho Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, Buy के साथ शुरू किया कवरेज; बुल केस में 81% तक उछाल की जताई उम्मीद

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश है। ब्रोकरेज ने इस शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 240 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह शेयर की पिछली क्लोजिंग से 30 प्रतिशत ज्यादा है। बुल केस में टारगेट प्राइस 335 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह पिछली क्लोजिंग से 81 प्रतिशत तक ज्यादा है। ब्रोकरेज का यह व्यू मीशो के जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद आया है।

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही के दौरान मीशो का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर 54 प्रतिशत घटकर 132.83 करोड़ रुपये रह गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 48 प्रतिशत बढ़कर 3,712.8 करोड़ रुपये हो गया। घाटा घटने की वजह ज्यादा बिक्री और ऑर्डर कैंसिलेशन (ऑर्डर रद्द होने) में कमी रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) सालाना आधार पर लगभग 26 प्रतिशत बढ़कर 19,054 करोड़ रुपये हो गई। नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) यानि कि डिलीवर किए गए ऑर्डर की वैल्यू साल-दर-साल आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 11,614 करोड़ रुपये हो गई।

कुल खर्च बढ़कर 3959.24 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 2777.64 करोड़ रुपये के थे। मीशो को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यूजर्स की संख्या और खर्च में ज्यादा बढ़ोतरी दिखेगी, लेकिन NMV की ग्रोथ धीमी रहेगी।

Meesho पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-2031 के दौरान मीशो की नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 27.5% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगी। यह मुख्य रूप से तेजी से बढ़ते ATU (एक्टिव ट्रांजेक्टिंग यूजर्स) और ऑर्डर करने की थोड़ी ज्यादा फ्रीक्वेंसी से प्रेरित होगी। इसके साथ ही, मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज की वजह से वित्त वर्ष 2031 तक Meesho के एडजस्टेड मार्केटप्लेस EBITDA मार्जिन में 760 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा दिख सकता है। यह आंकड़ा 4.75% तक पहुंच सकता है।

ज्यादा ऐड मॉनेटाइजेशन और लॉजिस्टिक्स स्प्रेड के नॉर्मलाइजेशन से वित्त वर्ष 2031 तक कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन में 400 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है और यह 7.5% तक पहुंच सकता है। वहीं, 255 बेसिस पॉइंट्स ऑपरेटिंग लेवरेज से वित्त वर्ष 2031 तक एडजस्टेड EBITDA ₹4,800 करोड़ (3.75% मार्जिन पर) तक पहुंच सकता है।

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Meesho का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट

ब्रोकरेज का कहना है कि Meesho एक मल्टी-साइडेड मार्केटप्लेस चलाती है, जो कंज्यूमर्स, सेलर्स, लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को जोड़ता है। इससे एक ऐसा सेल्फ-रीइन्फोर्सिंग फ्लाईव्हील बनता है जो प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को बढ़ावा देता है और इसके कॉस्ट एडवांटेज को बनाए रखता है। कंपनी ने कम लागत वाले लॉजिस्टिक्स, जीरो सेलर कमीशन और पहली बार इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों व सेलर्स के लिए ऑनबोर्डिंग की मुश्किलों को कम करके चीजों को सस्ता और आसान बनाया है।

मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि पारंपरिक रिटेलर्स और दूसरे इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के उलट, Meesho का बिजनेस मॉडल असल में एसेट-लाइट है। इसमें फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर या इन्वेंट्री पर बहुत कम पूंजीगत खर्च (CAPEX) की जरूरत होती है। कंपनी नेगेटिव वर्किंग कैपिटल पर भी काम करती है, जिससे बड़ी फ्लोट इनकम होती है और काफी फ्री कैश फ्लो जेनरेट होता है। मीशो के स्टॉक को कवर करने वाले 14 एनालिस्ट्स में से 8 ने “बाय” रेटिंग दी है। 3 ने होल्ड और 3 ने सेल रेटिंग दी है।

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MV Electrosystems IPO: ₹400-₹425 प्रति शेयर तय हुआ प्राइस बैंड, 30 जुलाई से लगा सकेंगे पैसे

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने अपने ₹290 करोड़ के IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह ₹400-425 प्रति शेयर रखा गया है। निवेशक 34 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। यह IPO 30 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 3 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। इश्यू में केवल नए शेयर जारी होंगे। IPO की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 4 अगस्त को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने की उम्मीद है।

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इनमें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए IGBT-बेस्ड 3-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल, केबल प्रोटेक्शन और मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, सिस्टम और सब-सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी इंटीग्रेटेड डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वालिटी-टेस्टिंग प्रोसेस के जरिए काम करती है। यह इनोवेशन, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और क्लाइंट-सेंट्रिक सॉल्यूशंस पर जोर देती है। MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स के प्रमोटर मोहित वोहरा, अमित धवन, सुमित धवन, राहुल धवन, सोनाली धवन, रामेंद्र प्रताप सिंह हैं। IPO में एंकर निवेशक 29 जुलाई को बोली लगा सकेंगे।

कंपनी की वित्तीय सेहत

MV Electrosystems का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 23 प्रतिशत घटकर 49.79 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 64.64 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी 12.63 करोड़ रुपये के घाटे में रही, जबकि ​एक साल पहले इसने 1.40 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.89 करोड़ रुपये की उधारी थी।

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MV Electrosystems कैसे करेगी IPO के पैसों का इस्तेमाल

IPO से होने वाली कमाई का इस्तेमाल लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च डिजाइन और डेवलपमेंट एक्टिविटीज में निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। IPO के लिए Sundae Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। पब्लिक इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

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