INDvsSL Series में कमेंट्री करते आएंगे अजिंक्य रहाणे, संन्यास के बाद बनेंगे कमेंटेटर

भारत के पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे 15 से 27 अगस्त तक होने वाले भारत के श्रीलंका दौरे के दौरान सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर टेस्ट कमेंट्री में अपना करियर शुरु करने जा रहे हैं।रहाणे ने हाल ही में अपने 18 साल के क्रिकेट करियर को अलविदा कहा है।अब वह कमेंट्री बॉक्स में एक नई भूमिका निभाएंगे और दो मैचों की टेस्ट सीरीज में अपने अनुभव और नज़रिए को सामने रखेंगे। इस सीरीज का प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा और इसे सोनी लिव पर प्रसारित किया जाएगा।

भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेलने वाले रहाणे ने 5,077 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। रेड-बॉल क्रिकेट, मैच की स्थितियों और खेल की बारीकियों की उनकी गहरी समझ प्रसारण में एक नया आयाम जोड़ेगी। वह अहम पलों, रणनीतियों और मुकाबलों का विश्लेषण करेंगे ताकि फैंस को यह बेहतर ढंग से समझ आ सके कि टेस्ट मैच कैसे आकार लेता है।

सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के स्पोर्ट्स और इंटरनेशनल के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर और बिजनेस हेड, राजेश कौल ने कहा, “अजिंक्य रहाणे हमेशा से अपने संयम, मज़बूती और खेल की गहरी समझ के लिए जाने जाते रहे हैं। जब वह सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव पर टेस्ट कमेंट्री में पर्दापण करेंगे, तो दर्शकों को उस फॉर्मेट पर उनका नज़रिया सुनने को मिलेगा जिसे वह बहुत अच्छी तरह समझते हैं।भारत के श्रीलंका दौरे के लिए हमारे कमेंट्री पैनल में उन्हें शामिल करके हमें खुशी है और हम उस अनुभव और जानकारी का इंतजार कर रहे हैं जो वह हमारी कवरेज में लाएंगे।”

रहाणे ने कहा, “मैं सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव पर भारत के श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट कमेंट्री में अपना डेब्यू करने को लेकर उत्साहित हूं। टेस्ट क्रिकेट हमारे खेल का सबसे बड़ा फॉर्मेट है, और इतने सालों तक इस फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद, अब खेल को एक अलग नजरिए से देखना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं अपने अनुभव साझा करने, खेल की बारीकियों को समझाने और फैंस को उन फैसलों, रणनीतियों और पलों के बारे में जानकारी देने के लिए उत्सुक हूं जो टेस्ट मैच को आकार दे सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि मैं फैंस के लिए प्रसारण के अनुभव को और बेहतर बना पाऊंगा और उन्हें मैदान पर होने वाली चीज़ों की गहरी समझ दे पाऊंगा।”

Gland Pharma के शेयर बन सकते हैं रॉकेट, नोमुरा ने दिया ₹3330 का टारगेट प्राइस

ग्लैंड फार्मा का शेयर 12 अगस्त को 1.69 फीसदी गिरकर 2,875 रुपये पर बंद हुआ। लेकिन, यह शेयर एक हफ्ते में करीब 11 फीसदी चढ़ा है। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने इस शेयर को खरीदने की अपनी सलाह बनाए रखी है। इसकी वजह इसके जून तिमाही के अच्छे नतीजे हैं।

इस साल 68 फीसदी चढ़ा शेयर 

Gland Pharma का शेयर इस साल करीब 68 फीसदी चढ़ा है। कंपनी का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। इसका रेवेन्यू साल दर साल आधार पर इस दौरान 19.6 फीसदी बढ़ा। EBITDA साल दर साल आधार पर 33.1 फीसदी बढ़ा। टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 47.1 फीसदी बढ़ा।

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन

कंपनी के जून तिमाही के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में CDMO सेगमेंट की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी रही। Cenexi को छोड़ दिया जाए तो रेवेन्यू में सीडीएमओ की हिस्सेदारी करीब 29 फीसदी रही। साल दर साल आधार पर इसकी ग्रोथ करीब 37 फीसदी रही। कंपनी का ग्रॉस मार्जिन साल दर साल आधार पर फ्लैट रहा। हालांकि, EBITDA मार्जिन 276 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा।

टेक-ट्रांसफर/सीडीएमओ पार्टनरशिप पर फोकस

नोमुरा ने कहा है कि ग्लैंड फार्मा ने आईपी-आधारित प्रोग्राम की जगह टेक-ट्रांसफर/सीडीएमओ पार्टनरशिप पर फोकस बढ़ाया है। इस मॉडल को कंपनी के इंजेक्टेबल मैन्युफैक्चरिंग कपैबिलिटी, यूरोप में सेनेक्सी की मौजूदगी और कंपनी के स्ट्रॉन्ग रेगुलेटरी और क्वालिटी ट्रैक रिकॉर्ड का सपोर्ट मिलेगा।

मोतीलाल ओसवाल ने भी दी खरीदने की सलाह

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने ग्लैंड फार्मा के शेयर के लिए 3,080 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि कंपनी का प्रदर्शन जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहा। इसमें अमेरिकी और यूरोपीय यूनियन मार्केट्स में कंपनी की अच्छी सेल्स ग्रोथ का हाथ रहा। हालांकि, दूसरे बाजारों में प्रदर्शन कमजोर रहा। अमेरिकी और यूरोपीय यूनियन मार्केट्स में अच्छे प्रदर्शन में नए प्रोडक्ट लॉन्चेज के साथ ही मौजूदा प्रोडक्ट्स की अच्छी सेल्स ग्रोथ का हाथ है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव

12 अगस्त को शेयर बाजारों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.15 फीसदी यानी 35 अंक गिरकर 24,435 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.24 फीसदी यानी 187 अंक गिरकर 77,966 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी में 0.77 फीसदी की तेजी दिखी। निफ्टी फार्मा इंडेक्स भी हरे निशान में बंद हुआ।

Retail Inflation : लगातार चौथे महीने महंगाई बढ़ी, रिटेल इंफ्लेशन जुलाई में 4.45% हुई; RBI के लिए बढ़ेगी मुश्किल

Retail Inflation : रिटेल महंगाई जुलाई में लगातार चौथे महीने बढ़ी है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई सालाना आधार पर बढ़कर 4.45% हो गई। जून में यह 4.38% थी। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी इसका बड़ा कारण रही।

जुलाई में महंगाई लगातार दूसरे महीने RBI के 4% के लक्ष्य से ऊपर रही। अप्रैल में महंगाई 3.48% थी। इसके बाद मई में 3.93%, जून में 4.38% और जुलाई में 4.45% हो गई। यानी अप्रैल से अब तक महंगाई करीब 1 प्रतिशत अंक बढ़ चुकी है।

खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई महंगाई

जुलाई में Consumer Food Price Index (CFPI) आधारित महंगाई 5.52% रही। जून में यह 5.32% थी। ग्रामीण इलाकों में खाने-पीने की महंगाई ज्यादा रही। यहां यह 5.79% रही। शहरी इलाकों में यह 5.05% थी।

इसी वजह से आने वाले महीनों में भी महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ICRA के मुताबिक, अगस्त में रिटेल महंगाई 4.7% तक पहुंच सकती है।

गांवों में महंगाई का ज्यादा दबाव

ग्रामीण भारत में कुल रिटेल महंगाई जुलाई में 4.84% रही। जून में यह 4.74% थी। वहीं, शहरी महंगाई 3.93% से मामूली बढ़कर 3.96% हो गई। खाने-पीने की चीजों के अलावा कपड़े और जूते भी ग्रामीण इलाकों में ज्यादा महंगे हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी महंगाई 3.97% रही। शहरी क्षेत्रों में यह 2.41% थी।

कुछ सेवाओं की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई। जुलाई में रेस्टोरेंट और होटल से जुड़ी सेवाओं की महंगाई 7.72% रही। ट्रांसपोर्ट की महंगाई 4.43% और पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन, अन्य सेवाओं की महंगाई 14.77% रही।

अदरक, लहसुन और प्याज ने रुलाया

रसोई में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजें जुलाई में काफी महंगी हुईं। अदरक की कीमतों में सालाना आधार पर 83.62% की बढ़ोतरी हुई। जून में यह 50.41% थी। लहसुन की महंगाई भी 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई। प्याज की कीमतें भी तेजी से बढ़ीं। प्याज की महंगाई जून के 4.73% से बढ़कर जुलाई में 22.54% हो गई।

हालांकि, कुछ सब्जियों ने राहत दी। जुलाई में टमाटर की कीमत सालाना आधार पर 4.59% घटी। जून में टमाटर 31.92% महंगा था। आलू की कीमत 16.56% और भिंडी की कीमत 5.52% घटी।

सोना-चांदी भी महंगे

महंगाई के आंकड़ों में कीमती धातुओं की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दिखी। जुलाई में चांदी के आभूषणों की कीमत सालाना आधार पर 109.84% बढ़ी। सोने, हीरे और प्लैटिनम के आभूषण भी महंगे हुए। इनकी कीमतों में क्रमशः 32.98% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

आगे ब्याज दरों पर क्या होगा?

महंगाई बढ़ने से RBI के लिए ब्याज दरों को लेकर फैसला थोड़ा मुश्किल हो सकता है। RBI ने हाल में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा था। कोटक महिंद्रा बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट उपासना भारद्वाज के मुताबिक, बारिश, कच्चे तेल की कीमत और इनपुट लागत पर नजर रखना जरूरी होगा। उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही से महंगाई 5% के ऊपर जा सकती है।

ICRA की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में औसत CPI महंगाई करीब 5% रह सकती है। पश्चिम एशिया में तनाव और मानसून इसके लिए बड़े जोखिम हैं। अगर महंगाई का दबाव दूसरी चीजों तक भी फैलता है, तो दिसंबर 2026 की बैठक में RBI ब्याज दर बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

तेलंगाना में सबसे ज्यादा महंगाई

राज्यों की बात करें तो जुलाई में तेलंगाना में महंगाई सबसे ज्यादा 6.32% रही। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 5.72% और तमिलनाडु में 5.44% रही। वहीं, मिजोरम में महंगाई सबसे कम 1.84% रही। मेघालय में यह 2.31% और त्रिपुरा में 2.32% रही। दिल्ली में भी महंगाई अपेक्षाकृत कम 2.68% रही।

कुल मिलाकर, जुलाई के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई का दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है। अभी इसकी बड़ी वजह खाने-पीने की चीजें और कुछ सप्लाई से जुड़ी समस्याएं हैं। अगर यह दबाव आगे भी बना रहता है, तो इसका असर RBI की ब्याज दरों की अगली रणनीति पर पड़ सकता है।

Lenskart Q1 Results: आईवियर कंपनी का मुनाफा 270% बढ़ा, रेवेन्यू ₹2714 करोड़ पहुंचा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

वंदे भारत ट्रेनों के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाएगी ₹1350 करोड़ का IPO

वंदे भारत के लिए पार्ट्स बनाने वाली निफा 1,350 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने का प्लान बना रही है। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी। निफा कोलकाता की कंपनी है। इसने इश्यू के प्रबंधन के लिए नोमुरा और एक्सिस कैपिटल को एडवाइजर नियुक्त किया है। शेयर बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है। इससे आईपीओ बाजार में हलचल बढ़ी है।

आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए

Nipha के आईपीओ में नए शेयर इश्यू करने की संभावना है। कंपनी इश्यू से मिले पैसे का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कर्ज चुकाने और बिजनेस से जुड़ी दूसरी जरूरतों के लिए करेगी। अभी इश्यू के बारे में बातचीत जारी है। इससे बाद में इश्यू के साइज और दूसरी चीजों में बदलाव हो सकता है।

आधुनिकीकरण पर रेलवे के फोकस से होगा फायदा 

आईपीओ के प्लान की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया, “इनवेस्टर्स के बीच मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस की अच्छी डिमांड है। रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ा है। इसका फायदा निफा जैसी कंपनियों को मध्यम से लंबी अवधि में मिलेगा।”

कंपनी की 10 मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं

निफा की 10 मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं। इनमें से 9 पश्चिम बंगाल में है और एक हरियाणा में है। कंपनी रेलवे के अलावा एग्रीकल्चर, इलेक्ट्रिकल-स्विच गियर और इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज को प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। आईपीओ के प्लान के बारे में जानने के लिए कंपनी को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला।

कंपनी के रेलवे पोर्टफोलियो में कई प्रोडक्ट्स शामिल

कंपनी वंदे भारत के लिए कंपोनेंट्स की सप्लाई के साथ ही रेलवे को LHB कोच और EMU सप्लाई करती है। इसके रेलवे पोर्टफोलियो में लोकोमोटिव कास्टिंग्स, ट्रैक और पर्मानेंट-वे कंपोनेंट्स, ट्रेन कपलिंग और ड्राफ्ट सिस्टम्स, फ्रेट रेल प्रोडक्ट्स और रेल-व्हील सेट्स शामिल हैं।

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2030 तक वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 800 करने का प्लान

आधुनिकीकरण पर रेलवे के फोकस का फायदा निफा को मिलेगा। सरकार वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाना चाहती है। दिसंबर 2025 तक वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 164 थी। सरकार का प्लान 2030 तक इसे बढ़ाकर 800 और 20247 तक 4,500 करने का प्लान है। FY26 में निफा का प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 634 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 475 करोड़ रुपये था। इसका ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 19 फीसदी था।

Tata Motors CV Q1 Results: टाटा की कंपनी को ₹2560 करोड़ मुनाफा, रेवेन्यू भी 20% उछला

Tata Motors CV Q1 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Motors Commercial Vehicles Ltd ने 12 अगस्त को जून तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 83% बढ़कर ₹2,560 करोड़ हो गया। इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और फ्रेट ग्राहकों से मजबूत मांग ने कंपनी के प्रदर्शन को सहारा दिया। हालांकि, कमोडिटी की बढ़ती लागत का दबाव भी रहा।

Tata Motors CV का रेवेन्यू 20% बढ़ा

टाटा मोटर्स CV का ऑपरेशंस से रेवेन्यू पहली तिमाही में 20% बढ़कर ₹20,576 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹17,192 करोड़ था।

कंपनी के MD और CEO गिरीश वाघ ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री ने मजबूती दिखाई। भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, बेहतर फ्लीट इस्तेमाल और अलग-अलग सेक्टर से बनी मांग ने कारोबार को सहारा दिया।

उन्होंने कहा कि Tata Motors के कमर्शियल व्हीकल वॉल्यूम में सालाना आधार पर 26% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी के मुताबिक, मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, बेहतर मार्केट रणनीति और लगातार अच्छे अमल से कंपनी की बाजार स्थिति और मजबूत हुई है।

इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल की मांग भी बढ़ी

टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की। eSCV सेगमेंट ने मई और जून में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।

इन दो महीनों में इस सेगमेंट की हिस्सेदारी 10% रही। वहीं, पहली तिमाही में eSCV सेगमेंट में Tata Motors की बाजार हिस्सेदारी 47% रही। कंपनी का कहना है कि इससे इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल की बढ़ती मांग और उसके EV इकोसिस्टम की मजबूती का पता चलता है।

EBITDA मार्जिन 11.7% रहा

टाटा मोटर्स के CFO जीवी रमणन के मुताबिक, पहली तिमाही में रेवेन्यू और मुनाफे के साथ EBITDA मार्जिन भी मजबूत रहा। यह 11.7% रहा।

कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी और जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद कंपनी ने यह मार्जिन हासिल किया। तिमाही में फ्री कैश फ्लो भी मजबूत रहा और यह करीब ₹1,100 करोड़ रहा।

कंपनी ने कहा कि कमोडिटी की लागत का दबाव अभी बना हुआ है। इससे निपटने के लिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी, कीमतों में अनुशासन और बेहतर सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर फोकस किया जा रहा है।

Tata Motors CV का मार्केट शेयर कितना रहा?

कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में घरेलू CV VAHAN मार्केट शेयर 36.8% रहा। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 100 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई।

कैटेगरी के हिसाब से HCV में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 56.3% रही। ILMCV में 36.9%, SCV PU में 27.7% और CV Passenger सेगमेंट में 41.3% रही।

शेयर में 1.6% की गिरावट

Tata Motors CV के शेयर 12 अगस्त को 1.6% की गिरावट के साथ ₹342 पर बंद हुए। कंपनी ने तिमाही नतीजे बाजार बंद होने के बाद जारी किए। इसलिए इन नतीजों का असर अगले कारोबारी सत्र में शेयर पर देखने को मिल सकता है।

कंपनी ने आगे के प्रदर्शन को लेकर भी भरोसा जताया है। Tata Motors के मुताबिक, मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, लगातार इनोवेशन और ग्राहकों को बेहतर वैल्यू देने पर फोकस के चलते आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपनी बाजार स्थिति मजबूत करने और मुनाफे के साथ ग्रोथ जारी रखने की उम्मीद कर रही है।

Grasim Q1 Results: प्रॉफिट 51% बढ़कर 2146 करोड़, रेवेन्यू 21 फीसदी बढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

MRF Share Price : Q1 नतीजों के बाद शेयर में गिरावट जारी लेकिन ब्रोकरेज बुलिश, आगे शेयर लगा सकता है 26% की छलांग

MRF Share Price : जून तिमाही में खराब ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस के कारण MRF के शेयरों में बुधवार, 12 अगस्त को थोड़ी गिरावट देखी गई। जिससे पिछले सेशन की गिरावट का सिलसिला जारी रहा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म CLSA ने टायर बनाने वाली इस कंपनी पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी है।

MRF का शेयर 0.26 फीसदी गिरकर 1,30,785 रुपये पर बंद हुआ। बता दें कि मंगलवार को कंपनी के Q1 FY27 के नतीजे घोषित करने के बाद शेयर में 2.04 फीसदी की गिरावट आई थी। 2026 में अब तक टायर बनाने वाली इस कंपनी के शेयर में 13.4 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में 6.5 फीसदी की गिरावट देखी गई। MRF का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 55,450 करोड़ रुपये था।

CLSA ने स्टॉक पर क्या दिया तर्क

CLSA ने MRF पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बनाए रखी है और प्रति शेयर 1,65,240 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जिसका मतलब है कि मंगलवार की क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 26 फीसदी की बढ़त हो सकती है। ब्रोकरेज ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान मार्जिन पर भारी दबाव का ज़िक्र किया और बताया कि MRF का EBITDA मार्जिन क्रमिक रूप से 453 बेसिस पॉइंट्स गिर गया और उनके अनुमान से कम रहा। यह कमज़ोरी ग्रॉस मार्जिन में 566 बेसिस पॉइंट्स की क्रमिक गिरावट के कारण आई, क्योंकि कच्चे माल की लागत में 16-18 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई थी।

Q1 में मुनाफ़े में कमी के बावजूद, CLSA को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में मार्जिन पर दबाव कम होगा। ब्रोकरेज के अनुसार, टायर इंडस्ट्री पहले ही कीमतों में लगभग 7-9 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुकी है और Q2 FY27 के दौरान और बढ़ोतरी की योजना है।

CLSA को उम्मीद है कि MRF के मार्जिन में क्रमिक रूप से सुधार होगा क्योंकि कंपनी को कीमतों में बढ़ोतरी का पूरे तिमाही का फ़ायदा मिलेगा। कीमतों में और बढ़ोतरी और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) पर बढ़ी हुई लागत का बोझ डालने से भी मार्जिन में सुधार में मदद मिलनी चाहिए।

कैसे रहे तिमाही नतीजें

MRF ने जून तिमाही में कमाई में गिरावट दर्ज की, क्योंकि रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद ज़्यादा लागत का असर मुनाफ़े पर पड़ा। EBITDA सालाना आधार पर 7.46% घटकर ₹1,070.43 करोड़ से ₹990.63 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 13.95% से घटकर 11.77% रह गया। रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.64% बढ़कर ₹8,415.50 करोड़ हो गया। कम मुनाफ़े का असर मंगलवार को स्टॉक पर दिखा, जब नतीजों के बाद MRF के शेयर 2% से ज़्यादा गिर गए।

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Trading plan : कच्चे तेल में तेजी और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर बढ़ाया दबाव, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में तेजी और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। निफ्टी 175 अंक से ज्यादा फिसलकर 24300 के नीचे आ गया है। बैंक निफ्टी की तेजी भी कम हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी नरमी देखने को मिल रही है। बाजार में गिरावट के बावजूद वौलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX में तेजी देखने को नहीं मिल रही है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रा ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा है कि वे फरवरी 2027 तक का कार्यकाल पूरा करेंगे। लेकिन फिर से नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। कंपनी के बोर्ड को उत्तराधिकारी पर फैसला लेना चाहिए। एन चंद्रा के इस्तीफे से TCS 5 फीसदी फिसलकर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। टाटा ग्रुप के दूसरे शेयरों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है।

IT शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली है। आईटी इंडेक्स दो फीसदी से ज्यादा फिसला है। TCS के साथ LTM, परसिस्टेंट और इंफोसिस में भी दबाव देखने को मिल रहा है। साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल, रियल्टी और FMCG इंडेक्स करीब एक फीसदी फिसले हैं। वहीं दूसरी ओर आज सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा तेजी है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

हॉस्पिटल शेयरों में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल 3-4 फीसदी टूटकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। उधर फोर्टिस भी करीब 6 फीसदी टूटा। हॉस्पिटल चार्जेज पर कैप लगाने की सिफारिश से दूसरे दिन भी इन शेयरों पर दबाव देखने को मिल रहा है।

नतीजों के लिहाज से कल बड़ा दिन है। कल निफ्टी की दो कंपनियों टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (TMPV) और मैक्स हेल्थ के रिजल्ट आएंगे। TMPV का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 46% बढ़ सकता है। लेकिन कच्चे माल के दाम बढ़ने से मुनाफे और मार्जिन पर दबाव संभव है। साथ ही जुबिलेंट फूड, अंबर समेत वायदा की 5 कंपनियां भी रिजल्ट पेश करेंगी।

बाजार: खराब दिन

बाजार पर अपनी राय देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के लिए आज एक खराब दिन रहा। सुबह-सुबह CNBC-आवाज़ पर इसी की चर्चा थी। कल ही बाजार ने चेतावनी के संकेत दिए थे। निफ्टी अब 24,350 के नीचे काम कर रहा है। हालांकि बैंक निफ्टी अभी भी अहम स्तरों के ऊपर है। लेकिन निफ्टी IT और बाकी बड़े शेयरों में गिरावट है। एन चंद्रा की टाटा संस वाली खबर से भी सेंटीमेंट खराब हुआ है। चंद्रा दोबारा चेयरमैन नहीं बनेंगे। अदाणी ग्रुप के शेयरों में भी बड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली। हॉस्पिटल शेयरों में आज भी बड़ी गिरावट आई।

बाजार: अब क्या?

बाजार में ब्रेकआउट फेल होने के पूरे संकेत हैं और ऐसे में वापस रेंज के लो टेस्ट हो सकते हैं। अगर निफ्टी 24,300 के नीचे बंद हुआ तो बड़ा नेगेटिव होगा। कच्चा तेल नीचे आने को तैयार नहीं है और मामला सिर्फ तेल का नहीं, सप्लाई का है। होर्मुज से सप्लाई वापस ठप हो चुकी है। ऐसे में बाजार में वापस बड़े करेक्शन का रिस्क है। स्टॉक स्पेसिफिक मौके भी अब काफी कम हो रहे हैं और परसों अर्निंग सीजन भी खत्म हो रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सतर्क रहना बेहतर रहेगा। लेकिन अगर अच्छा ट्रेड मिले तो जरूर लें, जैसे कि आज नाल्को और PI इंडस्ट्रीज में मिली।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,250 पर सपोर्ट और 24,400-24,450 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

प्री-CAS रणनीति

शॉर्ट पोजिशन्स लेकर ना जाएं। शॉर्ट का नजरिया सिर्फ इंट्राडे का था।

 

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खुलने वाला है बड़ा मौका! ब्लैकस्टोन के निवेश वाली कंपनी का ₹2,600 करोड़ का आईपीओ जल्द, जानिए डेट्स और पूरी डिटेल

Horizon Industrial Parks IPO Details: ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट फर्म ब्लैकस्टोन समर्थित भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचा ऑपरेटर ‘होराइजन इंडस्ट्रियल पार्क’ ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास अपना रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने ऐलान किया है कि उसका ₹2,600 करोड़ का आईपीओ आगामी 17 अगस्त को दलाल स्ट्रीट पर उतरेगा।

यह अगले हफ्ते खुलने वाला चौथा मेनबोर्ड का आईपीओ होगा। इससे पहले ललिता ज्वैलरी मार्ट, सनशाइन पिक्चर्स और शंखेश ज्वैलर्स के आईपीओ भी कतार में हैं।

आईपीओ की महत्वपूर्ण तारीखें

  • एंकर बुक: 14 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग डेट: 17 अगस्त 2026
  • आईपीओ क्लोजिंग डेट: 19 अगस्त 2026
  • शेयर अलॉटमेंट फाइनल होना: 20 अगस्त 2026
  • शेयरों की लिस्टिंग: 24 अगस्त 2026

प्राइस बैंड की घोषणा 12 अगस्त को की जाएगी। इस आईपीओ में कोई भी ऑफर-फॉर-सेल (OFS) कंपोनेंट नहीं है, यानी पूरा इश्यू पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है।

इश्यू साइज और रिजर्वेशन

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ₹5 करोड़ तक के शेयर आरक्षित किए हैं। इसके अलावा नेट इश्यू का स्ट्रक्चर इस तरह रहेगा:

  • संस्थागत निवेशक (QIB): अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा
  • गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 15 प्रतिशत हिस्सा
  • रिटेल निवेशक: शेष 10 प्रतिशत हिस्सा

कंपनी का बिजनेस और प्रमोटर होल्डिंग

हॉरिजन इंडस्ट्रियल पार्क देश के प्रमुख कंजम्पशन और इंडस्ट्रियल हब (जैसे- दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और नागपुर) में 45 संपत्तियों के जरिए 58.58 मिलियन वर्ग फीट में फैला हुआ मजबूत नेटवर्क प्रदान करता है।

इसकी प्रमोटर फर्म ब्लैकस्टोन अपनी तीन सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से कंपनी में 88.74% हिस्सेदारी रखती है। इसके अलावा राधाकिसन दमानी, 360 ONE और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस जैसे पब्लिक शेयरधारकों की इसमें 11.26% हिस्सेदारी है।

फंड का इस्तेमाल कैसे होगा?

कंपनी इस आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का मुख्य रूप से कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल करेगी। नेट इश्यू से मिलने वाले फंड में से ₹2,250 करोड़ का उपयोग कंपनी अपने कंसोलिडेटेड बकाया कर्ज (जो कि कुल ₹6,884.3 करोड़ है) को चुकाने में करेगी। बाकी बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कामकाज के लिए किया जाएगा।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

वित्तीय मोर्चे पर बात करें तो हॉरिजन इंडस्ट्रियल पार्क अभी एक घाटे में चल रही कंपनी है और इसका घाटा बढ़ रहा है। मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध घाटा बढ़कर ₹203.6 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹178.7 करोड़ था। हालांकि, इसी अवधि के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 77.1% उछलकर ₹691.4 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹390.3 करोड़ था।

इस आईपीओ के प्रबंधन के लिए कंपनी ने जेएम फाइनेंशियल, एक्सिस कैपिटल, आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।