Hindustan Copper Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 163% बढ़ा, रेवेन्यू में 81% का उछाल

Hindustan Copper Q1 Results: सरकारी माइनिंग कंपनी Hindustan Copper के शेयर सोमवार, 10 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 163.4% बढ़कर 353 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 134 करोड़ रुपये था।

कंपनी का रेवेन्यू 81.4% बढ़कर 936.5 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 516.4 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

हिंदुस्तान कॉपर का EBITDA 507.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 212.3 करोड़ रुपये था। यानी ऑपरेटिंग मुनाफा भी दोगुना से ज्यादा बढ़ा।

वहीं, EBITDA मार्जिन 41% से बढ़कर 54% पर पहुंच गया। इससे कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार दिखा।

कॉपर की कीमतों का भी मिला सहारा

वैश्विक बाजार में कॉपर की कीमतें पिछले छह हफ्तों से लगातार बढ़ रही थीं। इसकी वजह सप्लाई का कम होना और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होना रहा।

पिछले हफ्ते कॉपर की कीमत 14,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई थी। यह जनवरी के आखिर के बाद का सबसे ऊंचा इंट्राडे स्तर था। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भी कॉपर की कीमतें मजबूत रह सकती हैं।

हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों का हाल

नतीजों के बाद Hindustan Copper के शेयरों में 1% से ज्यादा तेजी देखने को मिली। हालांकि, फिर मुनाफावसूली के के चलते यह लाल निशान में चला गया। दोपहर 2.20 बजे तक स्टॉक 0.48% की गिरावट के साथ 533.50 रुपये पर बंद हुआ।

पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.72% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 125% का रिटर्न दिया है। इस सरकारी कंपनी का मार्केट कैप 51.63 हजार करोड़ रुपये है।

हिंदुस्तान कॉपर का बिजनेस क्या है

Hindustan Copper Ltd भारत सरकार के मालिकाना हक वाली खनन कंपनी है। इसका मुख्य कारोबार कॉपर (तांबा) की खोज, खनन, उत्पादन और बिक्री है।

कंपनी कॉपर ओर (अयस्क) निकालने से लेकर उसे प्रोसेस कर कॉन्संट्रेट, कॉपर कैथोड, वायर रॉड और दूसरे कॉपर उत्पाद बनाती है। इसके ग्राहक बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और रक्षा जैसे कई बड़े उद्योग हैं।

SBI Share Price: उम्मीद से बेहतर नतीजों के बाद क्यों टूटा शेयर, जानिए एनालिस्ट स्टॉक को लेकर क्या दे रहा हैं राय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Birla Group Stocks: 9% टूटा शेयर, जून तिमाही में घाटा बढ़ा तो स्टॉक मार्केट में भी दिखी आंच

Aditya Birla Fashion Share Price: बिड़ला ग्रुप की आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह 9% से अधिक टूट गया। कंपनी के शेयरों पर यह दबाव इसकी जून तिमाही के कारोबारी के चलते आया। जून तिमाही में कंपनी का घाटा रेवेन्यू में उछाल के बावजूद बढ़ा तो शेयरों को लेकर निवेशकों का रुझान बेयरेश हो गया और वे धड़ाधड़ इसे बेचने लगे। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.21% की गिरावट के साथ ₹61.28 पर है। इंट्रा-डे में यह 9.16% फिसलकर ₹57.51 तक आ गया था।

Aditya Birla Fashion के लिए कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का नेट लॉस ₹212 करोड़ से बढ़कर ₹215.2 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹2,025.6 करोड़ पर पहुंच गया तो ईबीआईटीडीए भी 5% बढ़कर ₹117.1 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि जून तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन 6.10% से 5.78% पर आ गया।

आदित्य बिड़ला फैशन का कहना है कि जून तिमाही में पैंटालून्स (Pantaloons) से इसकी ग्रोथ को सपोर्ट मिला। TMRW के लगातार विस्तार औ लग्जरी बिजनेस में तेजी से यह मजबूत हुई। हालांकि हाई डायरेक्ट और अदर कॉस्ट्स के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा। साथ ही फाइनेंस की अधिक कॉस्ट और डेप्रिसिएशन के चलते भी मुनाफे पर दबाव आया।

अपने नेटवर्क के विस्तार के चलते प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव के बावजूद पेंटालून्स की रेवेन्यू ग्रोथ जून तिमाही में हेल्दी रही। TMRW का कारोबार जून तिमाही में भी बढ़ती रही और घाटा इसका कम हुआ। साथ ही लग्जरी और अन्य सेगमेंट से इसका रेवेन्यू 30% बढ़ा लेकिन मार्जिन में तेज गिरावट आई तो एथनिक सेगमेंट की ग्रोथ सुस्त रही जिस पर शादियों के छोटे सीजन का झटका दिखा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों ने निवेशकों को काफी झटका दिया है। पिछले साल 22 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹94.95 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से यह 6 महीने में यह 43.56% फिसलकर 30 मार्च 2026 को ₹53.59 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

पोर्टफोलियो चार्ज, 10% चढ़ गया Power India का शेयर, निकालें मुनाफा या करें होल्ड?

Ola Electric के शेयर खरीदें या बेचें, Q1 रिजल्ट के बाद इन बातों पर लें फैसला

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

पोर्टफोलियो चार्ज, 10% चढ़ गया Power India का शेयर, निकालें मुनाफा या होल्ड?

Hitachi Energy Share Price: पावर इंडिया (Power India) की हिताची एनर्जी के लिए जून तिमाही धमाकेदार रही। जून तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद कई एनालिस्ट्स ने हिताची एनर्जी को अपग्रेड किया है। इसने शेयरों में ऐसा जोश भरा कि यह 10% से अधिक उछल पड़ा। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया, जिससे इसके भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 10.40% की बढ़त के साथ ₹35,967.25 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 10.77% उछलकर ₹36,089.65 (Power India Share Price) तक पहुंच गया था। आगे की बात करें तो हिताची एनर्जी के शेयरों को कवर करने वाले 20 एनालिस्ट्स में से 12 ने इसे खरीदारी, 5 ने होल्ड और 3 ने सेल रेटिंग दी है।

कैसी रही जून तिमाही

जून तिमाही में हिताची एनर्जी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 69% बढ़कर ₹2,493 करोड़ और ईबीआईटीडीए 135% उछलकर ₹363 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 10.4% से 14.5% पर पहुंच गया। इसके अलावा कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग अब ₹32,222 करोड़ के हाइएस्ट लेवल पर है और इसमें सालाना आधार पर 10% की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही कंपनी को जून तिमाही में 165 MW / 330 MWh बीईएसएस प्रोजेक्ट के लिए अपना पहला बीईएसएस ऑर्डर मिला। इसके अलावा ₹1700 करोड़ के HVDC ऑर्डर को छोड़कर कंपनी का ऑर्डर इनफ्लो सालाना आधार पर 26% बढ़कर ₹5,096 करोड़ पर पहुंच गया। इसे इंडस्ट्रियल्स, डेटा सेंटर और रिन्यूएबल सेक्टर की ग्रोथ से सपोर्ट मिला।

Hitachi Energy के शेयरों पर क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

एक्सिस कैपिटल ने इसकी रेटिंग को रिड्यूस से अपग्रेड कर ऐड कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹32,470 से बढ़ाकर ₹35,159 कर दिया है।

प्रभुदास लीलाधर ने इसकी रेटिंग को रिड्यूस से अपग्रेड कर होल्ड और टारगेट प्राइस को ₹30,768 से बढ़ाकर ₹34,026 कर दिया है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इसे अपग्रेड कर खरीदारी की रेटिंग दी है। साथ ही ब्रोकरेज फर्म ने इसका टारगेट ₹37,800 से बढ़ाकर ₹40,000 कर दिया है।

मैक्वेरी ने ₹38,500 के टारगेट प्राइस के साथ इसकी आउटपरफॉर्म रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वह भारत में ग्रिड विस्तार पर खर्च को लेकर पॉजिटिव है और इसका हिताची एनर्जी को फायदा मिलेगा।

सिटी ने इसका टारगेट प्राइस ₹46,700 पर फिक्स किया है जोकि इसके शेयरों के लिए हाइएस्ट टारगेट में शुमार है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बेस ऑर्डर इनफ्लो ग्रोथ, नए सेगमेंट में मार्जिन का ट्रेंड, नई कैपेसिटा का चालू होना और HVDC ऑर्डर विन पर नजर रहेगी।

नोमुरा ने खरीदारी की रेटिंग और ₹40,030 के टारगेट प्राइस के साथ हिताची एनर्जी की कवरेज शुरू की है। कंपनी का कहना है कि कई स्ट्रक्चरल थीम के एक साथ आने से कंपनी के लिए मजबूत ग्रोथ की संभावनाएं बनी हैं। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि ग्रिड ऑटोमेशन के लिए लाइफसाइकल सर्विस ऑर्डर्स, ट्रांसपोर्ट इंफ्रा का विस्तार, डेटा सेंटर्स में कई गुना बढ़ोतरी, एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस और ग्रिड इंटीग्रेशन के लिए हर साल एक HVDC प्रोजेक्ट ऑर्डर हासिल करने के लक्ष्य से इसे फायदा मिल सकता है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी पुराने हो रहे HVDC स्टेशनों के अपग्रेड से मिलने वाले मौकों का लॉन्ग-टर्म में फायदा उठाने के लिए मजबूत स्थिति में है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

हिताची एनर्जी के शेयरों ने फटाफट कम समय में ही निवेशकों की तगड़ी कमाई कराई है। 16 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹16,104.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से पांच महीने में 140.93% उछलकर 1 जून 2026 को यह ₹38,800.00 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

Ola Electric के शेयर खरीदें या बेचें, Q1 रिजल्ट के बाद इन बातों पर लें फैसला

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सरकारी स्टील कंपनी मार्केट से जुटाएगी बड़ा फंड! FY27 में 5% का FPO लाने की प्लानिंग, सरकार से मांगी मंजूरी

Steel Authority of India FPO: सरकारी क्षेत्र की सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) बाजार से फंड जुटाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, महारत्न कंपनी ‘सेल’ ने चालू वित्त वर्ष (FY27) में 5 फीसदी का फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) लाने के लिए वित्त मंत्रालय के निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) से संपर्क किया है।

इसके पीछे का उद्देश्य अपनी विस्तार योजनाओं के लिए पैसे जुटाना है। कंपनी की योजना नए शेयर जारी कर मिलने वाले फंड का सीधा इस्तेमाल अपने प्लांटों के आधुनिकीकरण और कैपेक्स जरूरतों को पूरा करने में करने की है।

OFS से अलग कैसे है FPO का रास्ता?

आमतौर पर सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) का रास्ता चुनती है, लेकिन SAIL इस बार FPO के जरिए फंड जुटाना चाहती है। OFS के जरिए जब सरकार शेयर बेचती है, तो उससे मिलने वाला सारा पैसा भारत सरकार के खजाने में जाता है। वहीं FPO के तहत कंपनी नए इक्विटी शेयर जनता के लिए जारी करती है। इससे जुटाई गई राशि सीधे कंपनी के बैलेंस शीट में जाती है, जिसका इस्तेमाल बिजनेस विस्तार में होता है।

वर्तमान में SAIL में भारत सरकार की हिस्सेदारी 65 फीसदी है। फ्रेश इक्विटी जारी होने से सरकार की शेयरहोल्डिंग में थोड़ी गिरावट तो आएगी, लेकिन इससे सरकार को सीधे तौर पर कोई रेवेन्यू नहीं मिलेगा, बल्कि पूरी रकम कंपनी के खाते में जाएगी।

कैपेक्स और क्षमता विस्तार के लिए फंड की जरूरत

इस्पात मंत्रालय के तहत आने वाली महारत्न कंपनी SAIL हाल के वर्षों में अपने उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए लगातार पूंजीगत व्यय बढ़ा रही है। कंपनी देश भर में भिलाई, बोकारो, राउरकेला, दुर्गापुर और बर्नपुर में 5 इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट और 3 स्पेशल स्टील प्लांट संचालित करती है। फ्रेश शेयर बिक्री से मिलने वाला फंड कंपनी को कर्ज या सिर्फ आंतरिक लाभ पर निर्भर रहने के बजाय पूंजी जुटाने का एक मजबूत विकल्प प्रदान करेगा।

Q1 में मुनाफा दोगुना से ज्यादा बढ़ा

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब कंपनी के पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे काफी मजबूत रहे हैं। जून तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ दो गुने से अधिक बढ़कर ₹1,644.05 करोड़ रहा, जिसमें खर्चों में आई कमी का बड़ा योगदान रहा। जून तिमाही के दौरान क्रूड स्टील का उत्पादन 4.76 मिलियन टन रहा, जबकि बिक्री 4.16 MT रही।

SAIL के चेयरमैन अशोक कुमार पांडा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू इस्पात खपत में लगातार सुधार देखने को मिला है और भारतीय स्टील उद्योग ने मजबूत जुझारूपन दिखाया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

DLF The Dahlias: ₹271 करोड़ में बिक गया डीएलएफ का सुपर-लग्जरी पेंटहाउस! गुरुग्राम के ‘द डहेलियाज’ में हुई मेगा डील

DLF The Dahlias Penthouse Sold: देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने गुरुग्राम में स्थित अपने अपकमिंग सुपर-लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट ‘द डहलियाज’ में एक पेंटहाउस ₹271 करोड़ में बेचा है। प्रति वर्ग फुट की दर से देखा जाए तो यह भारतीय रियल एस्टेट इतिहास के सबसे महंगे मकान सौदों में से एक बन गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस अल्ट्रा-लग्जरी पेंटहाउस को इम्पीरियल ऑटो से जुड़े उद्यमी मानव सरदाना ने खरीदा है।

₹1.58 लाख प्रति वर्ग फुट पर हुई डील 

डीएलएफ के इस पेंटहाउस की कीमतें और इसका साइज देखकर हर कोई हैरान है। इस पेंटहाउस का सुपर एरिया 17,200 वर्ग फुट और कारपेट एरिया 10,500 वर्ग फुट है। सुपर एरिया के हिसाब से यह सौदा करीब ₹1.58 लाख प्रति वर्ग फुट में हुआ है। वहीं अगर कारपेट एरिया के आधार पर गणना करें, तो इसकी कीमत ₹2.6 लाख प्रति वर्ग फुट बैठती है।

डीएलएफ ने अक्टूबर 2024 में गुरुग्राम के DLF Phase 5 में 17 एकड़ में फैले इस सुपर-लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहेलियाज’ को लॉन्च किया था। इस प्रोजेक्ट में कुल 420 अपार्टमेंट और पेंटहाउस शामिल हैं।

₹40,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट, 65% यूनिट्स बिकीं

डीएलएफ को ‘द डहेलियाज’ प्रोजेक्ट से ₹40,000 करोड़ से अधिक के कुल रेवेन्यू की उम्मीद है। लॉन्च के बाद से अब तक इस प्रोजेक्ट की 65% से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं। इस प्रोजेक्ट में नॉर्मल अपार्टमेंट की कीमत ₹100 करोड़ से ₹170 करोड़ के बीच है, जबकि पेंटहाउसेज की कीमत इससे भी ज्यादा है।

कोरोना महामारी के बाद से ही देश के प्रमुख 7 बड़े शहरों में लग्जरी और सुपर-लग्जरी अपार्टमेंट्स की मांग में जबरदस्त उछाल आया है, जिसमें गुरुग्राम और मुंबई सबसे आगे बने हुए हैं।

डीएलएफ का बिजनेस आउटलुक और Q1 नतीजे

चालू वित्त वर्ष (FY27) की पहली तिमाही में कोई नया प्रोजेक्ट लॉन्च न होने के कारण डीएलएफ की सेल्स बुकिंग 94% घटकर ₹657 करोड़ रह गई थी। इसके बावजूद कंपनी अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त है। वित्त वर्ष 2025-26 में डीएलएफ ने ₹20,143 करोड़ की सेल्स बुकिंग दर्ज की थी।

चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी ने ₹20,000 करोड़ के सालाना सेल्स बुकिंग गाइडेंस को हासिल करने का भरोसा जताया है। जून तिमाही में कुल आय घटकर ₹1,605.56 करोड़ रहने के बावजूद डीएलएफ का समेकित शुद्ध लाभ 4% बढ़कर ₹793.90 करोड़ हो गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Quality Power Q1 Results: मुनाफा 47% बढ़ा, ऑर्डर बुक दमदार; डिविडेंड का भी ऐलान

Quality Power Q1 Results: पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Quality Power Electrical Equipments ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं।

कंपनी का एडजस्टेड कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 47% बढ़कर 54.5 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले साल की समान तिमाही में 37.1 करोड़ रुपये था। वहीं, रेवेन्यू 32% बढ़कर 256.4 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 194.1 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

क्वालिटी पावर का एडजस्टेड EBITDA 50% बढ़कर 72.5 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 25% से बढ़कर 28.3% पर पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि एडजस्टेड आंकड़ों में तुर्की के कारोबार पर Ind AS 29 के तहत दर्ज 7.82 करोड़ रुपये के गैर-नकद (Non-Cash) नुकसान को शामिल नहीं किया गया है।

रिपोर्टेड आधार पर EBITDA 64.7 करोड़ रुपये, EBITDA मार्जिन 25.2%, जबकि शुद्ध मुनाफा 46.7 करोड़ रुपये और PAT मार्जिन 18.2% रहा।

ऑर्डर बुक और नए प्रोजेक्ट पर फोकस

30 जून 2026 तक क्वालिटी पावर की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक 1,945.5 करोड़ रुपये रही, जो FY26 की कुल रेवेन्यू का करीब 1.9 गुना है। तिमाही के दौरान कंपनी को 104.9 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। इनमें अमेरिका के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए हाई-वोल्टेज रिएक्टर, जापान में FACTS सिस्टम और Hitachi Energy India से 400 kV इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफॉर्मर के ऑर्डर शामिल हैं।

सांगली प्लांट में उत्पादन की तैयारी

क्वालिटी पावर के सांगली प्लांट में क्षमता विस्तार का काम जारी है। मशीनों की स्थापना की जा रही है और नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद अगस्त में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य है। चेयरमैन और एमडी पीटी पांडियन ने कहा कि हाई-वोल्टेज और एनर्जी ट्रांजिशन सॉल्यूशंस की मजबूत मांग के चलते कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की अच्छी शुरुआत की है।

डिविडेंड और शेयर का हाल

क्वालिटी पावर ने FY27 के लिए 0.25 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम लाभांश देने की भी घोषणा की है।

कंपनी का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 3.63% की गिरावट के साथ 1115 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 37.56% चढ़ा है। 1 साल में इसने 41.77% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 8.64 हजार करोड़ रुपये है।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक 40% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने दांव लगाने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक 40% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने दांव लगाने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों को लेकर बुलिश हैं। Morgan Stanley, HSBC, Motilal Oswal, Nuvama और JM Financial ने पांच कंपनियों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनके मुताबिक, अगले 12 महीनों में ये शेयर करीब 24% से 40% तक का रिटर्न दे सकते हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance पर Morgan Stanley ने ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,420 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 1,143 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 24.2% की रिटर्न संभावित तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मजबूत रिटेल लोन डिस्बर्समेंट और बेहतर लोन ग्रोथ कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

Britannia

FMCG कंपनी Britannia पर Nuvama ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 7,240 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 5,508 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 31.4% उछाल की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया का तनाव प्रमुख जोखिम हैं।

Hindalco Industries

मेटल कंपनी Hindalco Industries पर HSBC ने ‘Buy’ रेटिंग के साथ 1,430 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 1,053.50 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 35.7% की तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि एल्यूमिनियम की मजबूत वैश्विक मांग और चीन की उत्पादन सीमा कंपनी के लिए सकारात्मक रहेगी।

Time Technoplast

प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Time Technoplast पर Motilal Oswal ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 280 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 205.50 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 36.3% रिटर्न की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि पैकेजिंग और कम्पोजिट सिलेंडर बिजनेस में विस्तार के दम पर लगातार मजबूत रेवेन्यू और मुनाफे की ग्रोथ दर्ज कर सकती है।

Ventive Hospitality

हॉस्पिटैलिटी कंपनी Ventive Hospitality पर JM Financial ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 840 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 603.20 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 40% की संभावित तेजी बनती है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया लागत का दबाव अस्थायी है और लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Q1 Results: बिगब्लॉक कंस्ट्रक्शन का घाटा कम हुआ, रेवेन्यू 40% बढ़ा; नया प्लांट लगाने का प्लान

BigBloc Construction Q1 Results: AAC ब्लॉक और ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल बनाने वाली कंपनी BigBloc Construction ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 40.5% बढ़कर 79.14 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही में 56.35 करोड़ रुपये थी।

कंपनी के घाटे में बड़ी कमी

कंपनी का नेट लॉस घटकर 71.95 लाख रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 4.96 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 386% बढ़कर 6.28 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 2.29% से बढ़कर 7.93% पर पहुंच गया। कंपनी ने इसका श्रेय बेहतर ऑपरेशनल, लागत नियंत्रण और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स को दिया है।

क्षमता विस्तार पर जोर

तिमाही के दौरान BigBloc Construction ने उमरगांव प्लांट में कंस्ट्रक्शन केमिकल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया। इसमें ब्लॉक जॉइंटिंग मोर्टार, रेडी मिक्स प्लास्टर और टाइल एडहेसिव्स शामिल हैं। कंपनी का कुल क्षमता उपयोग बढ़कर 69% हो गया, जो पिछले साल 53% था। इसके अलावा समूह की रूफटॉप सोलर क्षमता बढ़कर 3.34 मेगावाट हो गई।

इंदौर में बनेगा सबसे बड़ा AAC प्लांट

BigBloc ने हाल ही में इंदौर के पास 56,950 वर्ग मीटर जमीन खरीदी है। यहां भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड AAC ब्लॉक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा। मानसून के बाद इसका निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी को L&T से बुलेट ट्रेन स्टेशन परियोजना का ऑर्डर भी मिला है, जिससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में उसकी मौजूदगी और मजबूत हुई है।

कंपनी के CFO मोहित साबू ने कहा कि BigBloc अब सिर्फ AAC ब्लॉक निर्माता नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग सॉल्यूशंस कंपनी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का फोकस क्षमता विस्तार, नए प्रोडक्ट्स, वितरण नेटवर्क और लंबी अवधि में शेयरधारकों के लिए वैल्यू बढ़ाने पर रहेगा।

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Sky Gold Q1 Results: मुंबई की B2B ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Sky Gold and Diamonds ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 78% बढ़कर 2,012.8 करोड़ रुपये रही। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दोगुना से ज्यादा यानी 140% बढ़कर 104.9 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी ने कहा कि यह ग्रोथ संगठित ज्वेलरी रिटेलर्स से मजबूत मांग, हल्के वजन (Lightweight) और वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की बढ़ती बिक्री और बेहतर मैन्युफैक्चरिंग एग्जीक्यूशन की वजह से आई है।

कैश फ्लो भी हुआ पॉजिटिव

Sky Gold ने बताया कि जून तिमाही में उसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा। इसका श्रेय एसेट-लाइट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल, एडवांस गोल्ड बिजनेस की बढ़ती हिस्सेदारी और एक्सपोर्ट पेमेंट जल्दी मिलने को दिया गया है।

हल्की ज्वेलरी और एक्सपोर्ट पर फोकस

स्काई गोल्ड अब हल्के वजन की ज्वेलरी, कम कैरेट के गहने और डायमंड-स्टडेड ज्वेलरी पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उसका मानना है कि इससे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मजबूत होगा। साथ ही, एक्सपोर्ट कारोबार बढ़ाने पर भी कंपनी का फोकस है।

हाल ही में कंपनी ने लंदन में आयोजित Asiana UK-India Jewellery Expo में अपने प्रोडक्ट्स पेश किए। कंपनी के मुताबिक, उसे ब्रिटेन और यूरोप के खरीदारों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और 30-45 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक तैयार हुई।

₹8,100 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

स्काई गोल्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान ने कहा कि संगठित ज्वेलरी बाजार और डिजाइन बेस्ड प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत डिजाइन-बेस्ड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 8,100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी का फोकस रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफे और मजबूत कैश फ्लो के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा।

स्काई गोल्ड के शेयरों का हाल

स्काई गोल्ड का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 4.61% बढ़कर 723 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 106.78% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 169.37% का रिटर्न दिया है। 5 साल में 3,114% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.20 हजार करोड़ रुपये है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।