न्यूरालिंक की एग्जीक्यूटिव शिवॉन जिलिस ने इलॉन मस्क के साथ ब्रेकअप होने की पुष्टि की है। उन्होंने शुक्रवार को X पर पोस्ट कर बताया कि एक हफ्ते में बात प्यार से अलगाव तक पहुंच गई। उन्हें इसकी पहले से कोई वॉर्निंग नहीं मिली थी। जिलिस ने कहा- मैं इस अलगाव से दुखी हैं, लेकिन मस्क की अब भी बहुत परवाह करती हूं। मैं चाहूंगी कि वे हमेशा खुशी रहें। मुझे उम्मीद है कि हम दोनों आगे भी अच्छे दोस्त रहेंगे और अपने बच्चों की साथ में परवरिश में करेंगे। शिवॉन जिलिस का बयान ऐसे समय में आया, जब सोशल मीडिया पर लोगों ने ध्यान दिया कि मस्क ने X अकाउंट पर जिलिस को अनफॉलो कर दिया है। इसके बाद जिलिस ने X पर ही ब्रेकअप की जानकारी दी। मस्क X के मालिक हैं, जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था। मस्क 14 बच्चों के पिता, जिलिस 2021 से 2025 के बीच 3 बार मां बनीं शिवॉन जिलिस और इलॉन मस्क के 4 बच्चे हैं। इनमें जुड़वां बच्चे स्ट्राइडर और एज्योर, बेटी अर्काडिया और बेटा सेल्डन लाइकर्गस शामिल हैं। मस्क ने 2021 में जुड़वां बच्चों के जन्म की जानकारी दी थी। वहीं, अर्काडिया का जन्म 2024 में हुआ था। इसके बाद जिलिस ने 28 फरवरी 2025 को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चौथे बच्चे सेल्डन लाइकर्गस के जन्म की जानकारी दी थी। हालांकि, उन्होंने बच्चे की सटीक जन्म तारीख नहीं बताई थी। सेल्डन इलॉन मस्क का 14वां बच्चा है। मस्क ने 2 शादिया कीं, 3 गर्लफ्रेंड्स रहीं 1990 के दशक में कनाडा की क्वीन्स यूनिवर्सिटी में फिजिक्स की पढ़ाई के दौरान मस्क की मुलाकात इंग्लिश लिटरेचर की स्टूडेंट जस्टिन विल्सन से हुई। मस्क को विल्सन से एक ही नजर में प्यार हो गया। कई साल डेट करने के बाद दोनों ने जनवरी 2000 में शादी कर ली। 2 साल बाद पहले बेटे नेवाडा का जन्म हुआ, जब वह दस हफ्ते का था तो इंफेंट डेथ सिंड्रोम से उसकी मौत हो गई। 2004 में कपल ने IVF के जरिए जुड़वां बच्चों विवियन और ग्रिफिन का वेलकम किया। 2006 में तीन बच्चे काई, सैक्सन और डेमियन भी IVF से हुए। 2008 में मस्क और जस्टिन विल्सन का तलाक हो गया। 2008 में इलॉन ने ब्रिटिश स्टार तालुलाह रिले के साथ डेटिंग शुरू की। 2010 में दोनों ने शादी की। हालांकि 2012 में तलाक हो गया। 2013 में उन्होंने फिर से शादी की। दिसंबर 2014 में तालुलाह ने दूसरी बार तलाक की अर्जी दायर की, लेकिन अगले साल इसे वापस ले लिया। मार्च 2016 में तालुलाह ने तीसरी बार अर्जी दायर की और तलाक लिया। कपल का कोई बच्चा नहीं है। इलॉन ने एक्ट्रेस एम्बर हर्ड को 2016 के अंत और 2017 की शुरुआत में कई महीनों तक डेट किया। एम्बर के पूर्व पति जॉनी ने बाद में एम्बर पर इलॉन के साथ उसे धोखा देने का आरोप लगाया, जबकि वे शादीशुदा थे, लेकिन इलॉन और एम्बर दोनों ने इस संबंध से इनकार किया। वे 2017 की गर्मियों में अलग हो गए और नवंबर 2017 में इलॉन ने बताया कि वह एम्बर के साथ ‘वास्तव में प्यार में’ थे। इलॉन मस्क और सिंगर ग्रिम्स ने मेट गाला में रेड कार्पेट पर डेब्यू करने से एक महीने पहले अप्रैल 2018 में डेटिंग शुरू की थी। मई 2020 में कपल ने अपने पहले बच्चे का वेलकम किया। इसका नाम X Æ A-12 रखा। दिसंबर 2021 में सरोगेसी के जरिए बेटी एक्सा डार्क साइडरेल हुई। 2022 में दोनों अलग हो गए। पिछले साल यह भी सामने आया कि कपल का तीसरा बच्चा टेक्नो मैकेनिक्स है। बच्चे के बारे में उसकी सही जन्मतिथि सहित बहुत कम जानकारी है। फिलहाल इलॉन मस्क न्यूरालिंक एग्जीक्यूटिव शिवोन जिलिस के साथ रिश्ते में हैं। कपल ने बताया है कि उन्होंने हाल ही में तीसरे बच्चे का स्वागत किया है। इलॉन और शिवोन ने नवंबर 2021 में जुड़वां बच्चों स्ट्राइडर और एज्योर का वेलकम किया था। मस्क का मानना है कि दुनिया इस समय कम जनसंख्या के संकट का सामना कर रही है और अच्छे IQ वाले लोगों को बच्चे पैदा करने चाहिए। मस्क ने कहा था- दुनिया में कम जनसंख्या का संकट इलॉन ने 2010 में ब्रिटिश स्टार तालुलाह रिले से शादी की थी। हालांकि, 2012 में तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने फिर से आपस में शादी कर ली। दिसंबर 2014 में तालुलाह ने दूसरी बार तलाक की अर्जी दायर की, लेकिन अगले साल इसे वापस ले लिया। मार्च 2016 में तालुलाह ने तीसरी बार तलाक अर्जी दायर की और तलाक ले लिया। कपल का कोई बच्चा नहीं है। मस्क का मानना है कि दुनिया इस समय कम जनसंख्या के संकट का सामना कर रही है और अच्छे IQ वाले लोगों को बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने 2021 में कहा था कि अगर लोग ज्यादा बच्चे पैदा नहीं करेंगे, तो हमारी सभ्यता खत्म हो जाएगी।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी की जमकर तारीफ की। उन्होंने अनंत को प्यार से “आंध्र का प्यारा बेटा” कहा। ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की नींव रखे जाने के बाद आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायडू ने ये बातें कहीं। कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि राज्य में खेती और बागवानी के क्षेत्र में इस तरह की पहल से नई संभावनाएं बनेंगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अनंत अंबानी मौजूद रहे।
ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की नींव के बाद सीएम नायडू ने इसे आंध्र प्रदेश के लिए गर्व का पल बताया। वहीं, अनंत अंबानी ने भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने पर खुशी जताई और आंध्र प्रदेश में इसके लिए नींव रखे जाने को अपने लिए खास अनुभव बताया।
हर संभव मदद करेगा रिलायंस-अनंत
अनंत अंबानी ने प्रोजेक्ट पर भरोसा जताने और रिलायंस के साथ मिलकर काम करने के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि, रिलायंस इंडस्ट्रीज इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर को पूरा सपोर्ट देगी। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए अगर किसी और मदद की जरूरत होगी, तो कंपनी उसके लिए भी तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जरूरी मदद के बारे में उन्हें गाइड करने के लिए कहा।
पीएम मोदी की तारीफ की
अनंत अंबानी ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लीडरशिप में आंध्र भूमि एक “स्वर्ण भूमि” में बदल रही है। उन्होंने कहा, देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलाव देखने को मिल रहे हैं और विकास के भी नए काम हो रहे हैं। अनंत ने लोगों से अपील की कि वे देश को आगे बढ़ाने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने में अपनी भूमिका निभाएं।
1 लाख करोड़ रुपए की किया निवेश
रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश में कंपनी की बड़ी निवेश योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, रिलायंस राज्य में करीब 1 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी कर रही है। इस निवेश से कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाए जाएंगे और 3 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। अनंत के मुताबिक, इस पहल से आंध्र प्रदेश को करीब 60 हजार करोड़ रुपये का राजस्व भी मिल सकता है।
मदनपल्ले में रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के शिलान्यास कार्यक्रम में अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस इस नए संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और किसानों के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी संस्थान को जरूरी सहयोग देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
हिमालय की 4 खतरनाक ग्लेशियर झीलों का पानी सुखाएगा नेपाल! क्या है पूरी तैयारी डिटेल में जानिए
Anubhav Sinha: फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा का लखनऊ के लिए प्यार इस बात से पता चलता है कि ‘मुल्क’ (2018) की शूटिंग के बाद से उन्होंने इस शहर में तीन और फिल्में शूट की हैं – जिनमें डायरेक्टर के तौर पर ‘आर्टिकल 15’ (2019) और ‘थप्पड़’ (2020) शामिल हैं और दो फिल्में प्रोड्यूसर के तौर पर की हैं।
लखनऊ के अपने हालिया दौरे पर, ‘अस्सी’ (Assi) फिल्म के डायरेक्टर ने कहा कि “लखनऊ में कुछ तो ऐसा है, जो मुझे यहां खींच लाता है। ‘मुल्क’ की शूटिंग से पहले, मैं यहां सिर्फ दो बार आया था – वो भी ‘तुम बिन’ (2021) और उसके सीक्वल के प्रमोशन के लिए और तब से एक फिल्ममेकर के तौर पर छह फिल्में कर चुका हूं, जिसमें मेरी लेटेस्ट प्रोडक्शन फिल्म भी शामिल है।”
‘शहर ने मुझे बहुत प्यार दिया है’
फिल्ममेकर ने कहा कि “लखनऊ मेरा मिडिल एज लव है! अगर मैं इसे बांटकर देखूं तो बनारस वो जगह है जहां मैंने अपना बचपन बिताया, अलीगढ़ कॉलेज वाले दिन प्यार है और मुंबई ने मुझे इतना कुछ दिया है, जो मेरी सोच से भी परे है। अब लखनऊ है, जहां मैं काम के सिलसिले में आया था और इससे प्यार हो गया। फिर शूटिंग, इवेंट्स और प्रमोशन के लिए बार-बार आता रहा। यह शहर मुझे इतना प्यार देता है जिसे मापा नहीं जा सकता। अब मेरे इतने दोस्त और शुभचिंतक हैं कि मुझे अपनी यात्रा को सीक्रेट रखना पड़ता है।
“जब मैं लखनऊ से निकलता हूं, तो मिठाइयों से लेकर मूंगबड़ी, अचार और न जाने क्या-क्या लेकर जाता हूं! ऐसा लगता है जैसे कोई दामाद जा रहा हो… इस बार मैं 10 किलो खाने-पीने का सामान लेकर गया। पुरानी दिल्ली (Old City) की साबिर की फिरनी से लेकर नैमतखाना के खट्टे-मीठे करेले तक।”
‘बेहतरीन खाना’
खाने के शौकीन अनुभव ने कहा कि “शानदार खाने की चाहत और हेल्दी लाइफस्टाइल के बीच बैलेंस बनाना मुश्किल होता है, इसलिए जब मुझे मौका मिलता है तो मैं इसका पूरा मजा लेता हूं और फिर डाइट और वर्कआउट से उसे बैलेंस करता हूं।” लखनऊ में बहुत बढ़िया खाना मिलता है। मुझे लगता है कि वहां के लोगों को भी शायद पता नहीं है कि ऐसी जगहों पर कितना शानदार खाना मिलता ,है जो कोई विज्ञापन नहीं करतीं और जहां पारंपरिक घरों में खाना परोसा जाता है। और ऐसा सिर्फ नॉन-वेज खाने के लिए नहीं है… वहां बहुत बढ़िया वेज खाना भी मिलता है! भारत में अमृतसर, वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ जैसे कुछ शहर हैं, जहां जाने के लिए मुझे एक महीने पहले से तैयारी करनी पड़ती है।”
उन्होंने ‘अभी तो पार्टी शुरू हुई है’ फिल्म की शूटिंग भी की है, जो अभी रिलीज नहीं हुई है। इसके अलावा एक एंथोलॉजी फिल्म को प्रोड्यूस किया है, जिसे हंसल मेहता, सुधीर मिश्रा और उन्होंने खुद शूट किया था और वे अपनी मौजूदा फिल्म पर भी काम कर रहे हैं। अपनी जर्नी के दौरान उन्होंने कैंट में गायत्री स्वीट्स के समोसे, अमीनाबाद में नेतराम की कचौड़ी और खानसामों द्वारा खास तौर पर तैयार किए गए लजीज व्यंजनों का मजा लिया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर अक्सर युवाओं की चर्चा होती है, लेकिन एक 77 साल के भारतीय दादाजी ने इस धारणा को ही बदल दिया। वह फ्लाइट में बैठकर ChatGPT की मदद से वर्टिकल फार्मिंग का बिजनेस आइडिया तैयार कर रहे थे। खास बात यह थी कि वह AI से बात करते समय उसे बार-बार बेहद सम्मान से ‘सर’ कह रहे थे। उनकी यही बात सोशल मीडिया यूजर्स को इतनी पसंद आई कि तस्वीर वायरल हो गई।
फ्लाइट में चल रही थी बिजनेस की तैयारी
हैदराबाद के रहने वाले VBR प्रसाद इंडिगो की फ्लाइट में सफर कर रहे थे। उनके पास बैठे एक युवा यात्री की नजर उनके फोन पर पड़ी। प्रसाद ChatGPT के साथ बिजनेस प्लान पर चर्चा कर रहे थे। युवा यात्री ने उनकी तस्वीर लेकर X पर शेयर कर दी। पोस्ट में बताया गया कि 77 साल की उम्र में भी प्रसाद बिजनेस आइडिया पर इतनी गंभीरता से काम कर रहे थे। देखते ही देखते पोस्ट को लाखों व्यूज मिल गए।
ChatGPT को तीन बार कहा ‘सर’
प्रसाद की बातचीत का सबसे मजेदार हिस्सा उनका अंदाज था। उन्होंने कुछ ही वाक्यों में ChatGPT को तीन बार ‘सर’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने AI को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह दो फाइल डाउनलोड करेंगे और जरूरत पड़ने पर दोबारा मदद लेंगे। सोशल मीडिया पर लोगों को उनका यह शालीन अंदाज बेहद पसंद आया। आज जहां लोग AI को सीधे आदेश देने के आदी हो चुके हैं, वहीं प्रसाद का विनम्र तरीका इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया।
77 की उम्र में नया बिजनेस आइडिया
प्रसाद सिर्फ ChatGPT से बातचीत नहीं कर रहे थे, बल्कि उससे अपने वर्टिकल फार्मिंग के आइडिया को बेहतर बनाने में मदद ले रहे थे। यानी उम्र बढ़ने के साथ सीखने और कुछ नया करने का उनका उत्साह कम नहीं हुआ। उनकी तस्वीर शेयर करने वाले यूजर ने भी उनकी तारीफ करते हुए लिखा कि वह 77 की उम्र में कई युवाओं से ज्यादा फोकस्ड नजर आ रहे थे।
वायरल होने के बाद दादाजी ने खुद दिया जवाब
पोस्ट वायरल होने के बाद प्रसाद खुद X पर आए और लोगों के प्यार का जवाब दिया। उन्होंने खुशी जताई कि उनकी तस्वीर और बातचीत को इतनी लोकप्रियता मिली। उन्होंने AI को लेकर भी एक बात कही तकनीक का इस्तेमाल इंसान के हाथ में है और इसे अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
77 year old grandpa on my flight was cooking up a vertical farming business plan w/ ChatGPT until takeoff. and he calls the AI “sir” the respect!!
we yapped the whole flight, now we’re besties. this man is more locked in than all of us https://t.co/upRjJhRr9f
— teknosaur (@theteknosaur) September 29, 2026
सोशल मीडिया ने कहा- ‘ऐसे ही रहिए सर!’
प्रसाद की कहानी पर लोगों ने मजेदार से लेकर भावुक प्रतिक्रियाएं तक दीं। किसी ने उनकी विनम्रता की तारीफ की तो किसी ने मजाक में कहा कि अगर कभी AI इंसानों से नाराज हुआ, तो प्रसाद को उनकी शालीनता के कारण छोड़ देगा। कई लोगों ने यह भी कहा कि उनकी कहानी दिखाती है कि AI सीखने की कोई उम्र नहीं होती। सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो तकनीक बुजुर्गों के लिए भी सीखने, काम करने और नए आइडिया आजमाने का साथी बन सकती है।
फिल्म- दृश्यम द कन्क्लूजन
निर्देशक- अभिषेक पाठक
कलाकार- अजय देवगन, श्रिया सरन, तब्बू, प्रकाश राज, रजत कपूर, जयदीप अहलावत
रेटिंग-3/5
Drishyam The Conclusion Movie Review: फाइनली लंबे इंतजार के बाद अजय देवगन की पॉपुलर फ्रैंचाइजी का आखिरी पार्ट ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ रिलीज हो गया है। फिल्म ने रिलीज के पहले से काफी बज बनाया हुआ है। वहीं एंडवांस बुकिंग में भी अच्छा कलेक्शन किया हुआ है। लेकिन क्या वाकई फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरी है, चलिए आपको बताते हैं।
फिल्म की कहानी
पार्ट वन से शुरू हुआ विजय सलगांवकर और पुलिस के बीच का खेल पार्ट 2 में बेहद इंट्रेस्टिंग हो जाता है। दूसरे पार्ट की कहानी ऐसे मोड़ पर खत्म होती है, जहां से दर्शकों का पार्ट 3 के लिए इंतजार चरम पर होता है। हर कोई जानने को बेताब था कि आखिरकार विजय का राज पुलिस के सामने खुल पाता है या फिर से वह बच जाएगा। वहीं विजय इस बार खुद नियति के भरोसे होता है। आर या पार…..। स्टोरी ‘दृश्यम 2’ की कहानी को आगे बढ़ाती हैं। ‘दृश्यम 3’ देखने से पहले पिछली फिल्मों की कहानी पता होना बेहद जरूरी है, वरना ये सिर के ऊपर जाएगी।
कहानी बेटे समीर को खोने और उसके कातिल को सजा न दिला पाने वाली पूर्व आईजी मीरा देशमुख यानी तब्बू के खुदखुशी करने से शुरू होती है। अपनी पत्नी को बुरे हाल में देखकर उसके पति महेश देशमुख यानी रजत कपूर बेटे के केस को री-ओपन करने की रिक्वेस्ट करता हैं। केस खुलने के बाद कहानी में एंट्री होती हैं क्राइम ब्रांच के एसपी राजवीर सिंह तोमर यानी जयदीप अहलावत की।
तोमर अपने आप को ‘शनि’ बताता है। राजवीर की पैनी नजरें विजय सलगांवकर और उसके परिवार पर गड़ी हैं। विजय का पूरा परिवार फिर से पुलिस, केस, कोर्ट के चक्कर में फंसने लगते हैं। पुलिस के पास विजय के झूठ का पर्दाफाश करने के लिए नए सबूत के साथ ही गवाह भी हैं। वहीं एक भी केस न हारने वाला वकील इंद्रजीत शेट्टी यानी प्रकाश राज का साथ भी है। अब ‘2 अक्टूबर को क्या हुआ था?’ के साथ-साथ ’23 जुलाई को किस जुर्म को अंजाम दिया गया?’ और विजय सलगांवकर इस बच पाता है या नहीं इन सब सवालों के जवाब के लिए आपको फिल्म को देखना होगा।
भागती हुई फिल्म की कहानी
इस बार कहानी कहने में अभिषेक पाठक ने थोड़ी जल्दबाजी कर दी है। अपने अंत तक पहुंचने में विजय काफी भागता हुआ नजर आता है। फिल्म ने ‘फैमिली मैन’ विजय को लगभग पूरी तरह से साइड कर दिया है। फिल्म के पहले हिस्से में श्रिया सरन और विजय की दोनों बेटियों (इशिता दत्ता और मृणाल जाधव) को बेहद कम स्क्रीन स्पेस और डायलॉग मिले हैं। यही बात कहानी को कमजोर करती है। ओरिजिनल ‘दृश्यम’ को इतना असरदार उसके परिवार ने बनाया था। विजय सिर्फ पुलिस को चकमा देने वाला आदमी नहीं था, वह एक ऐसा पति और पिता भी था जो अपने परिवार की हर तरह से सुरक्षा करता है। उसकी आम और प्यारी छोटी सी दुनिया ने ही उसके असाधारण कामों को और भी ज्यादा दिलचस्प बना दिया था। इस बार फिल्म सिर्फ विजय पर फोकस करती है। कहीं न कही जितनी जरूरत नहीं थी उससे ज्यादा तनाव के माहौल को क्रिएट किया गया है। मोटामोटी कहें तो फिल्म इससे बेहतरीन फेयलवेल डिजर्व करती थी।
कैसा है क्लाइमेक्स?
इस बार में सस्पेंस उम्मीद से कम है और ड्रामेबाजी ज्यादा है। क्लाइमेक्स आपको बहुत ज्यादा इंप्रेस नहीं कर पाता है। जैसे-जैसे फिल्म अपने क्लाइमेक्स की ओर जाती है, इसमें जबरदस्ती वाला ड्रामा देखने को मिलता है, जो आपको बड़े खुलासे के लिए थोड़ा उत्सुक बनाता है। लेकिन जब यह समझ आता है कि विजय जैसा स्कूल ड्रॉपआउट अपनी चालाकी को कैसे अंजाम देता है, तो फिल्म पूरी तरह से बेहद आम सी हो जाती है। वह शानदार प्लानिंग जिसने कभी हमें विजय के दिमाग़ की तारीफ करने पर मजबूर किया था, वह यहां आकर न के बराबर हो जाती है।
कलाकार
काम के मामले में अजय देवगन शानदार हैं इसमे कतई शक नहीं किया जा सकता है। अपनी आंखों से एक्टिंग करने के लिए मशहूर उन्होंने फिल्म में भी इसका जादू दिखाया हैं। नंदिनी के रोल में श्रिया सरन को अपनी छाप छोड़ने के लिए बस एक ही सीन मिला है। जयदीप अहलावत राजवीर के रोल में शानदार हैं। टॉप लॉयर इंद्रजीत शेट्टी के रोल में प्रकाश राज ठीक हैं। अमर मोहिले का बैकग्राउंड स्कोर ने फिल्म की शान को बरकरार रखा है।
फिल्म देखें या नहीं
‘दृश्यम: द कंक्लूजन’ में दर्शकों के लिए एक फिल्म कम और यादों का खजाना ज्यादा है। फ्रैंचाइजी को लोगों ने बहुत प्यार दिया। फिल्म बढ़िया है, लेकिन थोड़ा और शानदार तरीके से पेश की जा सकती थी। फिल्म को सिनेमाघरों में एक बार देखने जाना चाहिए। आखिर विजय के साथ क्या होता आपको भी तो जानना है।
Ranbir Kapoor Birthday: संजय लीला भंसाली की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘लव एंड वॉर’ इस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है। पहली बार इंडस्ट्री के तीन बड़े सितारों रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल को संजय लीला भंसाली सिनेमाई दुनिया में एक साथ लेकर ला रहे है।
फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हाल ही में मेकर्स ने रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल के दिलचस्प फर्स्ट-लुक पोस्टर जारी किए, जिन्होंने फिल्म को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया। अब फिल्म की पूरी कास्ट और क्रू ने साथ मिलकर रणबीर कपूर का जन्मदिन मनाया।
इस साल रणबीर कपूर का जन्मदिन पूरी तरह से ‘लव एंड वॉर’ के नाम रहा। देशभर में सुपरस्टार की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है, वहीं फिल्म से सामने आए उनके फर्स्ट-लुक पोस्टर ने इस खास मौके को उनके प्रशंसकों के लिए और भी यादगार बना दिया। इस तरह उनके जन्मदिन की खुशियां दोगुनी हो गईं।
इस खास दिन पर फिल्म के कलाकारों, निर्देशक संजय लीला भंसाली और पूरी टीम ने एक साथ मिलकर शानदार बर्थडे डिनर का आयोजन किया। सुपरस्टार के जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए पूरी टीम का एक साथ आना इस मौके को और भी खास बनाता है। साथ ही इसने फिल्म को लेकर दर्शकों के उत्साह को भी और बढ़ा दिया है।
मेकर्स ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रणबीर कपूर के जन्मदिन के डिनर सेलिब्रेशन की तस्वीरें साझा कीं। इसके साथ कैप्शन लिखा- आज सिर्फ़ ‘लव’ है, ‘वॉर’ नहीं! रणबीर, जन्मदिन मुबारक हो! संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ 21 जनवरी 2027 को आएगी।
रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल के फर्स्ट-लुक पोस्टर सामने आने के बाद अब दर्शकों के लिए बड़े पर्दे पर ‘लव एंड वॉर’ की दुनिया देखने का इंतजार करना और भी मुश्किल हो गया है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शक इसकी पहली झलक देखने के लिए उत्सुक थे। अब कलाकारों के शानदार पोस्टर सामने आने के बाद फिल्म को लेकर उत्सुकता और भी बढ़ गई है।
संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 21 जनवरी 2027 को हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
अमेरिका के टेक्सास में 81 साल के Don Johnson की कहानी इन दिनों लोगों के बीच चर्चा में है। उम्र के उस पड़ाव पर, जब इंसान आराम और परिवार के साथ सुकून के पल बिताना चाहता है, Johnson अपनी पत्नी के इलाज के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे। उनकी पत्नी Josephine कैंसर से जूझ रही हैं और इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा था। ऐसे में Johnson ने उम्र की परवाह किए बिना काम करना जारी रखा। वह खोया हुआ सामान उसके मालिकों तक पहुंचाने का काम करते थे और कई-कई घंटे सड़क पर बिताते थे। उनकी जिंदगी की मुश्किलों का अंदाजा तब हुआ, जब एक ग्राहक के घर लगे कैमरे में वह भारी सूटकेस लेकर सीढ़ियां चढ़ते नजर आए।
थके हुए Johnson को देखकर ग्राहक Erin Howell भावुक हो गईं। इसके बाद उन्होंने उनकी मदद के लिए फंडरेजर शुरू किया। देखते ही देखते यह कहानी लोगों तक पहुंची और बड़ी संख्या में लोगों ने Johnson और उनकी पत्नी के लिए मदद का हाथ बढ़ाया।
सीढ़ियों पर भारी बैग उठाते दिखे Johnson
Johnson खोए हुए सामान को उसके मालिकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। एक दिन वह Erin Howell के घर सामान पहुंचाने पहुंचे। घर के सिक्योरिटी कैमरे में वह भारी सूटकेस लेकर सीढ़ियां चढ़ते नजर आए। उनकी थकान और मेहनत देखकर Howell भावुक हो गईं और उन्होंने Johnson की कहानी लोगों के साथ साझा करने का फैसला किया।
पत्नी के इलाज के लिए चुना मुश्किल काम
Johnson और Josephine की शादी को 57 साल हो चुके हैं। Josephine को जानलेवा कैंसर का पता चलने के बाद परिवार की आर्थिक मुश्किलें बढ़ती गईं। मेडिकल बिल, दवाइयों और रोजमर्रा के खर्चों ने Johnson को काम करने के लिए मजबूर कर दिया।
उन्होंने कई जगह नौकरी तलाशने की कोशिश की, लेकिन उम्र के कारण उन्हें काम नहीं मिल पाया। आखिरकार उन्होंने सामान डिलीवर करने का काम शुरू किया। Johnson के मुताबिक, यही वह काम था जो उन्हें मिल सका।
14 घंटे की शिफ्ट और हजारों मील का सफर
Johnson कई बार दिन में करीब 14 घंटे तक काम करते थे। इस दौरान उन्हें लंबी दूरी तक गाड़ी चलाने के साथ भारी सामान भी उठाना पड़ता था। तीन साल में वह खोया हुआ सामान पहुंचाते हुए अपनी कार से 200,000 मील से ज्यादा दूरी तय कर चुके हैं। लगातार सफर और काम के कारण उनकी कार में भी कई तकनीकी परेशानियां आने लगीं, लेकिन पत्नी के इलाज का खर्च जुटाने के लिए उन्होंने काम जारी रखा।
एक वीडियो ने बदल दी जिंदगी
Howell ने जब कैमरे में रिकॉर्ड हुई Johnson की तस्वीरें देखीं तो उन्होंने उनके लिए फंडरेजर शुरू करने का फैसला किया। उनका मकसद Johnson और Josephine पर पड़े आर्थिक बोझ को कम करना था। 2 सितंबर को शुरू हुए इस अभियान में अब तक 2.44 लाख डॉलर से ज्यादा जुटाए जा चुके हैं, जबकि लक्ष्य 3 लाख डॉलर रखा गया है। भारतीय मुद्रा में जुटाई गई रकम करीब ₹2.87 करोड़ बैठती है।
अब शायद काम छोड़ पाएंगे Johnson
लोगों की मदद मिलने के बाद Johnson को उम्मीद जगी है कि अब उन्हें इतनी मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि वह काम करना बंद कर पाएंगे और यह उनके लिए बेहद खास एहसास है।
Donald Johnson is 81. He has driven over 200,000 miles delivering lost luggage as his wife Josephine has cancer & he needs to pay her medical bills.
“It’s the only job that will hire me.”
Vote blue for a country where 81-year-olds get to care for their wives. #BlueWaveIn40Days pic.twitter.com/3fjMhLtBDj
— Pat Fuller #KeeperOfTheFlame (@bannerite) September 24, 2026
पत्नी को मिली नई उम्मीद
इस मदद का असर Josephine पर भी पड़ा है। बीमारी और आर्थिक परेशानियों के बीच लोगों की दुआओं और समर्थन ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत महसूस कराया है। उनका कहना है कि अब वह इस मुश्किल दौर का सामना कर सकती हैं और लोगों का प्यार उनके लिए खुशी का एहसास लेकर आया है।
पिता से पैसे मांगने से किया इनकार, ₹130 की टिप से शुरू किया सफर, आज सालाना ₹1 करोड़ तक कमाई
![]()
एक छोटी और प्यारी की वाडी से Netflix की फ़िल्म और Prime के Show The Traitors तक का सफर।
Ansh Chopra ने इस मुकाम तक पहुँचने के लिए सालों मेहनत की।
कभी Delivery Boy बने, कभी Call Centre में काम किया, लेकिन Actor बनने का सपना नहीं छोड़ा।
आज कामयाबी उनके दरवाजे पर है, लेकिन घर आज भी वही है।
क्योंकि इसी घर में उनके पिता ने सपना देखा था-
“मेरा बेटा एक दिन Actor बनेगा।”
पिता आज साथ नहीं हैं, लेकिन अंश आज भी हर नई कामयाबी के साथ उनकी तस्वीर को अपने पास रखते हैं।
कभी-कभी सपने सिर्फ हमारे नहीं होते
उन्हें पूरा करने के लिए किसी अपने का सपना भी साथ होता है।
@anshstagram04
@bigg_nerds
मुंबई की वाडी से Netflix की Films और The Traitors Show तक पहुँचे Ansh Chopra | Bigg Nerds | Tu Yaa Main | The Traitors|
Ansh Chopra Bigg Nerds, Ansh Chopra The Traitors, journey from struggle to success, Ansh Chopra Tu Yaa Main, from Mumbai wadi to Netflix, son fulfilling father’s dream
#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi
Follow us for more:
Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/
Website: https://hindi.thebetterindia.com/
दिल्ली में इस बार मुकाबला थोड़ा हटके होने वाला है। शहर के गोल-मटोल, प्यारे और चंकी डॉग्स एक मजेदार ऑनलाइन कॉन्टेस्ट में आमने-सामने होंगे। इस अनोखी प्रतियोगिता में कुल 64 कुत्ते हिस्सा ले रहे हैं, जिनकी तस्वीरें Instagram पर मुकाबले के लिए उतारी जाएंगी। खास बात यह है कि किस डॉग को विजेता का ताज मिलेगा, इसका फैसला कोई जज नहीं करेगा, बल्कि जनता अपनी पसंद के आधार पर वोट देगी। इस कॉन्टेस्ट का आयोजन Fat Dogs of Delhi नाम का Instagram पेज कर रहा है।
प्रतियोगिता का आइडिया अमेरिका की मशहूर Fat Bear Week से लिया गया है, लेकिन दिल्ली के इस मुकाबले में भालुओं की जगह प्यारे डॉग्स हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि अलग-अलग इलाकों से आए इन चंकी कंटेस्टेंट्स में कौन लोगों का सबसे ज्यादा प्यार हासिल कर पाता है और आखिर में ‘सबसे गोल-मटोल डॉग’ का खिताब अपने नाम करता है।
64 डॉग्स से शुरू होगा मुकाबला
कॉन्टेस्ट में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से 64 डॉग्स हिस्सा लेंगे। उनके मालिक अपने पेट की फोटो, नाम और इलाके की जानकारी भेजकर एंट्री करा सकते हैं। इसके बाद हर राउंड में डॉग्स की तस्वीरें आमने-सामने होंगी और लोग अपने पसंदीदा कंटेस्टेंट के लिए वोट करेंगे।
Fat Bear Week से आया आइडिया
दिल्ली का यह मजेदार मुकाबला अमेरिका के मशहूर Fat Bear Week से प्रेरित है। Alaska के Katmai National Park में हर साल लोग उन भूरे भालुओं के लिए वोट करते हैं, जिन्होंने गर्मियों में खूब खाना खाकर सर्दियों की तैयारी की होती है। यह आयोजन 2014 में शुरू हुआ था और अब हर साल लोगों का ध्यान खींचता है।
दिल्ली के डॉग्स के लिए तय हुआ पूरा शेड्यूल
यह मुकाबला 24 सितंबर से 64 डॉग्स के साथ शुरू हो चुका है। इसके बाद 25 सितंबर को टॉप 32, 26 सितंबर को टॉप 16, 27 सितंबर को क्वार्टर फाइनल, 28 सितंबर को सेमीफाइनल और 29 सितंबर को फाइनल होगा। हर चरण में Instagram वोटिंग के जरिए अगले विजेता का फैसला किया जाएगा।
दोपहर 2 से 3 बजे होगी वोटिंग
वोटिंग Instagram Stories के जरिए होगी। हर पोल 24 घंटे तक खुला रहेगा। हालांकि, फिलहाल विजेता के लिए कोई तय इनाम नहीं रखा गया है। आयोजकों का कहना है कि अगर कोई स्पॉन्सर सामने आता है तो विजेता डॉग्स के लिए ट्रीट्स की व्यवस्था की जा सकती है।
आपका डॉग भी बन सकता है ‘चंकी चैंपियन’
अगर आपके पास दिल्ली में रहने वाला कोई गोल-मटोल Labrador, Indie या Pug है, तो उसके पास भी इस मजेदार मुकाबले में शामिल होने का मौका है। मालिकों को सिर्फ अपने डॉग की फोटो, नाम और दिल्ली का इलाका Instagram पर भेजना होगा। वे अपने पसंदीदा डॉग के लिए कैंपेन मैटेरियल भी भेज सकते हैं, जिसे पेज शेयर कर सकता है।
Mahakavya Shri Ramayan Katha: कुछ कहानियां हमें विरासत में मिलती हैं। ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ कुछ ऐसी है। रामायण सिर्फ एक महाकाव्य नहीं, बल्कि भारतीय समाज और संस्कृति का ऐसा हिस्सा है, जिसकी कहानियां पीढ़ियों से घरों, मंदिरों, रामलीलाओं और परिवारों के बीच आगे बढ़ती रही है।
निर्देशक अभिषेक सिंह रामायण को किसी ऐसी कहानी के तौर पर पेश करने की कोशिश नहीं करते, जिसे नए सिरे से बदलने की जरूरत हो। फिल्म को उसी भरोसे, प्यार, आस्था, त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और भक्ति की भावना के साथ बनाया गया है, जो इसे लेकर हर भारतीय अनुभव करता है।
फिल्म की खास बात यह है कि यह ऑरिजनल रामायण के इमोशन को बरकरार रखते हुए आज के दर्शक से कनेक्ट करने की कोशिश करती है। कथा की मूल पहचान को बदले बिना फिल्म के कई प्रसंगों में ऐसे भाव उभरते हैं, जिनसे वर्तमान पीढ़ी भी आसानी से जुड़ सकती है।
‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का फोकस सिर्फ रॉयल सीन्स या बड़े पैमाने पर कहानी दिखाने के बजाय उन रिश्तों पर अधिक है, जो रामायण की आत्मा हैं। श्री राम और माता सीता का प्रेम, लक्ष्मण की अपने बड़े भाई के प्रति अटूट निष्ठा, हनुमान की श्री राम के प्रति पूर्ण भक्ति और राम की मर्यादा के सामने रावण का अहंकार — यही फिल्म की नींव हैं।
देव शर्मा ने श्री राम के किरदार को काफी संयम और गरिमा के साथ निभाया है। उनके एक्सप्रेशन सिर्फ वीरता दिखाने तक सीमित नहीं , बल्कि श्री राम के धैर्य, करुणा और मर्यादा को भी सामने लाते हैं। उनके किरदार में एक ठहराव दिखाई देता है। अंजलि अरोड़ा के किरदार को लेकर दर्शकों शक था, लेकिन माता सीता उन्होंने शानदार तरीके से निभाया हैं। फिल्म सीता के किरदार को सिर्फ राम की कहानी का हिस्सा बनाकर नहीं रखती, बल्कि उनके विश्वास, आत्मसम्मान और आंतरिक शक्ति को भी महत्व देती है।
शील वर्मा लक्ष्मण के रूप में राम परिवार की कहानी में एक महत्वपूर्ण इमोशनल परत जोड़ते हैं। श्री राम और माता सीता के प्रति उनका समर्पण और अपने बड़े भाई के साथ उनका रिश्ता फिल्म की यात्रा में लगातार महत्वपूर्ण बना रहता है। वहीं निर्भय वाधवा हनुमान के किरदार में ऊर्जा और भक्ति लेकर आते हैं। हनुमान की मौजूदगी वाले हिस्सों में उनका उत्साह कहानी को अलग गति देता है। जबकि राजनेश दुग्गल रावण के रूप में जच रहे हैं।
फिल्म का संगीत सुनने में अच्छा लगता है। संगीत कहानी के माहौल के साथ सटीक बैठता है। ‘सिया राम’ को जावेद अली ने अपनी आवाज दी है। वहीं फरहाद बिवंडीवाला की आवाज में ‘राम जी की सेना’ फिल्म में ऊर्जा और उत्साह लेकर आता है। कैलाश खेर का ‘हे हनुमान’ हनुमान से जुड़े सीन्स में भक्ति और जोश को बढ़ाता है। इसके अलावा शान, शाहिद मल्ल्या और वैशाली सामंत जैसे गायकों की आवाजें भी साउंडट्रैक का हिस्सा हैं।
बात वीएफएक्स की करें तो कुछ बड़े सीन्स में और बेहतर काम किया जा सकता था। खास कर युद्ध वाले सीन या लंका से जुड़े सीन थोड़े फीके लगते हैं। फिर भी यह कमी फिल्म की कहानी से जुड़ाव को पूरी तरह कमजोर नहीं करती है। अयोध्या से वनवास, सीता हरण, हनुमान के आगमन, लंका की ओर बढ़ती कहानी रावण के अंत तक की जर्नी दिखाती है।
शायद फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह अपने दर्शकों को अच्छी तरह समझती है। महाकाव्य श्री रामायण कथा रामायण को किसी चौंकाने वाले या पूरी तरह अलग रूप में पेश करने की कोशिश नहीं करती। यह आस्था और उन मूल्यों को केंद्र में रखती है, जिनके कारण यह कथा आज भी लोगों के जीवन का हिस्सा बनी हुई है। फिल्म को हम 3.5 रेटिंग देते हैं।
फिल्म का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है और इसका निर्माण प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला ने महोबिया फिल्म्स प्रोडक्शन के बैनर तले किया है। फिल्म को एजे फिल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्ड और अजय कनोजिया प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि हनी कुलदीप अग्रवाल और मोनिका सेन सह-निर्माता हैं।


