Kapil Sharma: कपिल को शो में सैफ-करीना ने मचाया धमाल, कपल बोला- हम आप से बहुत प्यार करते हैं

Kapil Sharma: शनिवार को सोशल मीडिया पर हुई एक मजेदार बातचीत के दौरान करीना कपूर ने कॉमेडियन कपिल शर्मा को ‘असली स्टार’ कहा। बेबो अपने पति सैफ अली खान के साथ ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो’ के हालिया एपिसोड में नजर आईं। कपिल ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर करीना, सैफ और बाकी क्रू के साथ एक सेल्फी शेयर की।

उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि इस पावर कपल के साथ इतना मजा आएगा। तस्वीर के साथ लिखे कैप्शन में कहा गया- “डियर @kareenakapoorkhan और @saifalikhanpataudi पता नहीं था कि आप लोगों के साथ इतना मजा आएगा… इस शानदार और मजेदार एपिसोड के लिए शुक्रिया… आप दोनों को बहुत प्यार।”

कपिल की पोस्ट को अपने अकाउंट पर रीशेयर करते हुए करीना ने उनकी तारीफ की और कहा- “कपिल आप सच में एक स्टार हैं और हम भी आपसे बहुत प्यार करते हैं।” इस मजेदार एपिसोड के दौरान करीना और सैफ ने कई दिलचस्प बातें बताईं। बेबो ने बताया कि सैफ ने उन्हें एक या दो बार नहीं, बल्कि तीन बार प्रपोज किया था – मुंबई, ग्रीस और पेरिस में। इसके बाद ही वह उनसे शादी करने के लिए राजी हुईं।

बेबो ने बताया- “उन्होंने मुझे मुंबई में प्रपोज किया, ग्रीस में प्रपोज किया और पेरिस में भी प्रपोज किया और तब जाकर मैंने ‘हां’ कहा।” इस बात पर सैफ ने अपने खास अंदाज में मजाक करते हुए कहा, “अगर तुमने मुंबई में ही ‘हां’ कह दिया होता तो मेरे काफी पैसे बच जाते।”

जब उनसे पूछा गया कि शादी के 14 साल बाद भी वे इतने “जवान और फ्रेश” कैसे दिखते हैं तो सैफ ने इसका श्रेय रोजाना देसी घी खाने को दिया। करीना ने आगे बताया कि उनके घर में देसी घी का इस्तेमाल रोज होता है और उनके बच्चे, तैमूर और जेह भी इसे नियमित रूप से खाते हैं।

कुछ और राज खोलते हुए सैफ ने कहा- “वह इसे सिर्फ खाती ही नहीं है बल्कि रात को अपने पैरों पर लगाती भी है।” उनकी बात से सहमत होते हुए बेबो ने कहा- “इससे बहुत फायदा मिलता है।”

Pehla Pyaar Doosri Baar: लव, मजेदार पंचलाइन और ढेर सारे ट्विस्ट…, तैयार हो जाइए लव रंजन की नई रॉम-कॉम दुनिया से जुड़ने के लिए

Pehla Pyaar Doosri Baar: पिछले एक दशक में हिंदी सिनेमा में दोस्ती और रिश्तों को दिखाने का अंदाज काफी बदला है, लेकिन लव रंजन आज भी यंग दर्शकों की पसंद को बखूबी समझते हैं। अब सभी की नजरें उनकी अगली प्रोडक्शन फिल्म ‘पहला प्यार दूसरी बार’ पर टिकी हैं।

अगर पीछे मुड़कर देखा जाए तो इंडियन सिनेमा ने पिछले 10 सालों में यादगार रोमांटिक कॉमेडी फिल्में दी हैं, जिन्होंने खुद में समय के साथ आने वाले बदलाव को कैद किया है। फिल्में जैसी ‘की एंड का’ (2016) जिसने लड़के और लड़की के रोल को रिलेशनशिप में बदल दिया, जबकि ‘बरेली की बर्फी’ (2017) जैसी फिल्म ने छोटे शहर की सादगी के साथ गर्माहट को वापस लाते हुए पेश किया।

इन सब के अलावा दर्शकों ने ‘शुभ मंगल सावधान’ (2017) और ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ (2020) के साथ बेबाक तरीके से आज के मुद्दों से जुड़े ह्यूमर को खूबसूरती से दिखाया है, जबकि ‘लुका छुपी’ (2019) जैसी फिल्म में लिव-इन रिलेशनशिप की कहानी को पेश किया गया है। उम्र के फर्क को दिखाती ‘दे दे प्यार दे’ (2019) में अलग तरह के रिश्ते को दिखाया गया, वहीं ‘जरा हटके जरा बचके’ (2023) में मॉडर्न फैमिली के बीच होने वाली उत्तालपुथल नजर आती है। इसके अलावा, ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ (2024) में आने वाले समय के रोमांस की कहानी दिखाई गई है।

समय-समय पर दर्शकों की पसंद में आने वाले बदलाव के बीच लव रंजन एक ऐसा नाम रहे हैं, जिन्होंने लगातार मॉडर्न रोमांटिक और फ्रेंडशिप कॉमेडी के साथ एक अलग स्टैंडर्ड सेट किया है। लव रंजन ने प्यार का पंचनामा और प्यार का पंचनामा 2 के साथ इंडस्ट्री में एक नई लहर पैदा की थी और इस तरह से दशक की दो सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों को देकर उन्होंने रोमांटिक कॉमेडी की दुनिया में अपनी जगह मजबूत कर ली।

इसके बाद उनकी फिल्म ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ (2018) एक ब्लॉकबस्टर हिट बनकर सामने आई, जिसने न सिर्फ शानदार कमाई अपने नाम की बल्कि यंग ऑडियंस के बीच भी काफी पसंद की गई। इस फिल्म में दोस्ती और प्यार की झलक है और इसकी कहानी खुद में इन दोनों रिश्तों के बीच होने वाली खींचतान को मजेदार अंदाज और हमेशा याद रहने वाले डायलॉग्स के साथ खुद में लिए हुए है।

फिल्म के कई डायलॉग्स को दर्शक आज भी दोहराते नजर आते हैं। उन्होंने इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए ‘दे दे प्यार दे’ (2019), ‘तू झूठी मैं मक्कार’ (2023) और ‘दे दे प्यार दे 2’ (2025) जैसी कई सफल फिल्में दी। लव रंजन की इन सभी फिल्मों ने समय समय पर साबित किया है कि रोमांटिक कॉमेडी बॉक्स ऑफिस पर रूल कर सकती है, अगर राइटिंग अच्छी हो और आज के दौर के डेटिंग से जुड़ी परेशानियों को दिखाने के साथ रिलेटेबल तरीके से ग्रुप केमिस्ट्री को पेश किया जाए। यह सभी फिल्में दिखाती हैं कि लव रंजन अच्छी तरह से जानते हैं कि रोमांटिक कॉमेडी में दर्शक आज के समय में क्या देखना चाहते हैं।

अब लव रंजन नए डायरेक्शन में यूथ कल्चर और बैंटर को अपनी नई फिल्म ‘पहला प्यार दूसरी बार’ के ज़रिए पेश करने वाले हैं, जिसमें उनकी सिग्नेचर राइटिंग अपना कमाल दिखाने के लिए तैयार है। फिल्म की कहानी पूरी तरह से फ्रेंडशिप कॉमेडी पर आधारित है। स्क्वॉड लॉयल्टी, दोस्ती की डायनेमिक्स और यंग लव की मजेदार चुनौतियों को लिए ‘पहला प्यार दूसरी बार’ एक यादगार बडी-ग्रुप एंटरटेनर होने वाली है।

लव फिल्म्स के बैनर तले बनी ‘पहला प्यार दूसरी बार’ को डेब्यूटेंट डायरेक्टर अनुज सैनी ने डायरेक्ट किया है। फिल्म को लव रंजन और अंकुर गर्ग द्वारा को प्रोड्यूस किया गया है। यह फिल्म 23 अक्टूबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

Nayyi Navelli Review: सुपरनैचुरल पावर के साथ यामी गौतम ने मचाया गदर, जानें कैसी है ‘नई नवेली’

फिल्म- नई नवेली

निर्देशक- बालाजी मोहन

कलाकार- यामी गौतम, आदिनाथ एम कोठारे, अनुराग ठाकुर, मीता वशिष्ठ, सुनीता राजवर आदि

रेटिंग- 3.5/5

Nayyi Navelli Review: क्या एक नई नवेली दुल्हन सिर्फ अपने परिवार की खुशियों के लिए घर में आती है? या उसके आने के पीछे कोई ऐसा मकसद भी हो सकता है, जो पूरे परिवार की दुनिया बदल दे? निर्देशक बालाजी मोहन की नई नवेली इसी सवाल को दिलचस्प अंदाज में पेश करती है। यामी गौतम और आदिनाथ एम. कोठारे की यह फिल्म प्यार, रहस्य, कॉमेडी और जादुई शक्तियों के जरिए भारतीय लोककथाओं की दुनिया में ले जाती है। फिल्म का अंदाज थोड़ा अलग है और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है।

फिल्म की कहानी

कहानी मोहनी (यामी गौतम) और राजा अवस्थी (आदिनाथ एम. कोठारे) के प्यार से शुरू होती है। दोनों की शादी जल्दबाजी में हो जाती है, लेकिन इस फैसले के पीछे एक खास वजह छिपी है। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, अवस्थी परिवार की जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आते हैं, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करते हैं।

राजा का भाई बंटू अवस्थी (अनुराग ठाकुर) अपनी भाभी मोहनी पर शक करने लगता है। उसे लगता है कि मोहनी कोई साधारण महिला नहीं, बल्कि एक डायन है। लेकिन फिल्म का असली खेल यहीं शुरू होता है। मोहनी के पास जादुई शक्तियां तो हैं, मगर उसके रहस्य को सिर्फ डायन होने के शक तक सीमित नहीं किया जा सकता। आखिर वह इस परिवार से क्यों जुड़ी है और उसका असली मकसद क्या है? इन सवालों के जवाब ही एक्साइटमेंट पैदा करते हैं।

फिल्म की कहानी में भारतीय लोककथाओं और धार्मिक कहानियों के संदर्भ भी शामिल हैं। रामायण से जुड़ने वाली इसकी कड़ियां कहानी को एक सांस्कृतिक आयाम देती हैं। हालांकि फिल्म इन पहलुओं को किस तरह अपनी कहानी का हिस्सा बनाती है, यही इसका दिलचस्प पक्ष है।

यामी गौतम का चला जादू

मोहनी के किरदार में यामी गौतम पूरी फिल्म पर अपनी छाप छोड़ती हैं। उनके अभिनय में सहजता है और चेहरे के हाव-भाव कई बार बिना ज्यादा संवादों के भी किरदार की भावनाएं जाहिर कर देते हैं। उनका खूबसूरत लुक मोहिनी का राज है, जिसे वो और आकर्षक बनाता है। यामी इस किरदार में सिर्फ ग्लैमर नहीं बल्कि गंभीरता और आत्मविश्वास भी लेकर आती हैं।

आदिनाथ एम. कोठारे राजा के रूप में उनका अच्छा साथ देते हैं। वहीं अनुराग ठाकुर बंटू के किरदार में कहानी के शक और कॉमेडी वाले पहलू को आगे बढ़ाते हैं। सुनीता राजवर, आदित्य कुलश्रेष्ठ, मीता वशिष्ठ, सुष्मिता मुखर्जी, प्रतीक पचौरी, सोनल झा और सुनील सिन्हा सहित बाकी कलाकार भी अपने हिस्से के सीन में प्रभाव छोड़ते हैं। फिल्म में डराने वाले पलों से लेकर हंसाने वाले सीन्स तक, कलाकारों का प्रदर्शन इसकी ताकत है।

डायलॉग और तकनीकी मजबूती

फिल्म की सबसे अच्छी बात इसका देसी अंदाज है। डायलॉग में देसीपन, जो कहानी को आम दर्शकों के करीब लाता है। कई सीन्स में कॉमेडी नैचुलर लगती है और कुछ पल ऐसे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर मीम्स के रूप में भी पसंद किया जा सकता है।

तकनीकी पक्ष की बात करें तो फिल्म का वीएफएक्स इसके बजट के हिसाब से अच्छा है। सिनेमैटोग्राफी में कुछ खूबसूरत शॉट्स देखने को मिलते हैं। खास बात यह है कि फिल्म का बड़ा हिस्सा एक ही लोकेशन पर शूट होने के बावजूद प्रस्तुति में यूनिकनेस बनाए रखने की कोशिश की गई है। निर्देशक बालाजी मोहन इस सीमित सेटिंग को कहानी के अनुरूप इस्तेमाल करते हैं। हालांकि फिल्म की रफ्तार कुछ जगहों पर बेहतर हो सकती थी। एडिटिंग में थोड़ी और कसावट इसे ज्यादा इंप्रेसिव बना सकती थी। वहीं म्यूजिक जुबान पर चढ़ने वाला नहीं है।

क्या ये है फैमली फिल्म?

नई नवेली में मनोरंजन के साथ सामाजिक कुरीतियों पर तंज कसने वाले डायलॉग भी हैं। फिल्म कुछ जगहों पर मैसेज देने की कोशिश करती है, जबकि लोककथाओं और रामायण से जुड़े संदर्भ इसकी कहानी को भारतीय सांस्कृतिक बैकग्राउंड से जोड़ते हैं। यही पहलू इसे सिर्फ एक सामान्य कॉमेडी या फैंटेसी फिल्म से थोड़ा अलग बनाता है। अगर आप परिवार के साथ कुछ अलग देखना चाहते हैं तो यह फिल्म एक ऑप्शन हो सकती है।

देखें या नहीं

नई नवेली की सबसे बड़ी जीत इसका अनोखा विचार और यामी गौतम का काम है। देसी डायलॉग, को स्टार्स की मौजूदगी और भारतीय लोककथाओं से जुड़ाव इसे मनोरंजक बनाते हैं। वहीं एडिटिंग और म्यूजिक बेहतर हो सकता था। कुल मिलाकर बालाजी मोहन की यह फिल्म कुछ कमियों के बावजूद एक अलग तरह का सिनेमाई अनुभव देने की कोशिश करती है। अगर आपको कॉमेडी और सुपरनैचुलर पावर वाली फिल्म देखना का मन है तो नई नवेली आपके लिए ट्रीट बन सकती है।

महिला टीम की दिग्गज ऑलराउंडर ने लिया संन्यास, खेले ODI और T20I विश्वकप फाइनल

पूनम राउत ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। इसके साथ ही उनके एक दशक से अधिक लंबे करियर का समापन हो गया। दाएं हाथ की बल्लेबाज राउत ने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी मैच 2021 में खेला था।

राउत ने 73 वनडे मैचों में 2299 रन, 35 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 719 रन और भारत के लिए खेले गए चार टेस्ट मैचों में 264 रन बनाए। उन्होंने कुल चार अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए – तीन वनडे में और एक 2014 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में। इसके अलावा, उन्होंने वनडे में 15 और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार अर्धशतक भी जड़े। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जून 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ एक वनडे था।

राउत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 2017 महिला विश्व कप के दौरान देखने को मिला, जहां उन्होंने कुल 381 रन बनाए। इसमें लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में खेली गई 86 रनों की पारी भी शामिल थी, हालांकि उस मैच में भारत को नौ रनों से हार का सामना करना पड़ा था। उसी टूर्नामेंट में, उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 109 रन बनाए और दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर 320 रनों की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी की।

2021 में, वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के ऐतिहासिक पिंक-बॉल टेस्ट का हिस्सा थीं। उन्होंने पहली पारी में 36 रन बनाए। इस मैच में, अंपायर द्वारा ‘नॉट आउट’ दिए जाने के बावजूद, गेंद बल्ले के किनारे से लगने पर उन्होंने खुद ही मैदान से बाहर जाना स्वीकार किया, जिसके लिए उनकी काफी तारीफ हुई।

इंस्टाग्राम पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए, राउत ने अपने सफर को याद किया। “मुंबई की सड़कों से लेकर भारतीय जर्सी पहनने तक का यह सफर किसी वरदान से कम नहीं रहा। यह एक ऐसा सफर था जिसमें कई त्याग, संघर्ष, कभी न भूलने वाली जीतें, कड़े सबक और ऐसे पल शामिल रहे, जिन्हें मैं जीवन भर संजोकर रखूंगी।”
उन्होंने आगे कहा, ”भारत का प्रतिनिधित्व करना सिर्फ एक सपना पूरा होने जैसा नहीं था; यह एक ऐसा सौभाग्य था जिसे मैंने बहुत गर्व के साथ निभाया। अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के इस अध्याय को समाप्त करते समय, मेरा दिल उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता से भरा है जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया, मेरा साथ दिया और मेरे सफर का हिस्सा बने। क्रिकेट ने मुझे सिर्फ एक करियर ही नहीं दिया, बल्कि मुझे एक मकसद, एक पहचान और एक परिवार भी दिया।”

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बाद के जीवन के बारे में बात करते हुए, राउत ने कहा कि वह उस खेल को कुछ वापस देना चाहती हैं जिसने उनके जीवन को संवारा है। “हो सकता है कि मेरे अंदर का खिलाड़ी अब खेल से दूर हो जाए, लेकिन इस खेल के लिए मेरा प्यार कभी रिटायर नहीं होगा। मेरी अगली पारी उस खेल को कुछ वापस देने की है, जिसने मुझे सब कुछ दिया है।”

बेटे की याद में हर दिन 300 लोगों का भरते हैं 70 साल के बापू | Free Food | 70 YO Dada | Gondal

बेटे की याद में हर दिन 300 लोगों का भरते हैं 70 साल के बापू | Free Food | 70 YO Dada | Gondal

गुजरात के गोंडल में मुफ़्त टिफिन सेवा चलाने वाले 70 साल के चंदू बापू ने 20 साल पहले अपने बेटे को खोने के बाद एक संकल्प लिया था: “मैं किसी को भूखे पेट नहीं सोने दूँगा!”

आज बापू उन लोगों का पेट भरते हैं, जो देख नहीं सकते, बोल नहीं सकते, दिव्यांग हैं, शारीरिक रूप से असमर्थ हैं या बेसहारा हैं। उन्होंने सिर्फ़ 10 लोगों से इस सेवा की शुरुआत की थी, लेकिन आज 300 लोग बापू की गाड़ी का इंतज़ार करते हैं! जैसे ही बापू की गाड़ी पहुँचती है, उनके चेहरों पर मुस्कान आ जाती है।

बापू को आपके साथ की ज़रूरत है। यह कोई संस्था नहीं, बल्कि एक पिता का अपने बेटे के प्रति प्यार है और निःस्वार्थ सेवा है।

आपकी छोटी-सी मदद किसी की भूख मिटा सकती है।
संपर्क करें- 80000 83700

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OTT Watchlist: ‘दिल पड़ोसी’ से लेकर ‘शायद यही है प्यार’ तक, अक्टूबर की अपनी वॉचलिस्ट में शामिल करें फिल्में और सीरीज

OTT Watchlist: अगर आप कुछ नया देखने की तलाश में हैं तो आने वाले समय में OTT पर बहुत कुछ नया आने वाला है। छोटे शहरों के रिश्तों पर आधारित ड्रामा और मॉर्डन अटरेक्शन की कहानियों से लेकर, इंटेंस रोमांटिक थ्रिलर तक-यहां 5 ऐसे टाइटल्स हैं जिन्हें आप शेमारूमी (ShemarooMe), नेटफ्लिक्स, ज़ी5 (ZEE5), अमेजन प्राइम वीडियो और जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर अपनी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

1. दिल पड़ोसी – शेमारूमी (ShemarooMe)-15 अक्टूबर, 2026

एक शांत छोटे शहर की बैकग्राउंड पर बेस्ड ‘दिल पड़ोसी’ अटरेक्शन, रिश्तों और उन अनपेक्षित तरीकों की पड़ताल करती है, जिनसे कोई दूसरा व्यक्ति आपकी जिंदगी की दिशा बदल सकता है। कहानी दो जोड़ों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी जिंदगी तब बदलने लगती है जब एक युवा और मॉर्डन कपल उनके पड़ोस में रहने आता है। नायरा एम. बनर्जी, प्रणव कुमार, शिवानी सिंह और जय तलवार अभिनीत यह सीरीज शादी, चाहत और खुद को पहचानने (self-discovery) के सफर को दिखाती है।

2. शायद यही है प्यार- जियोहॉटस्टार (JioHotstar)-28 सितंबर, 2026

यह हिंदी रोमांटिक ड्रामा प्रीति नाम की 35 वर्षीय महिला की कहानी है, जो एक टॉक्सिक रिश्ते से बाहर निकलने के बाद अपनी जिंदगी को फिर से संवार रही है। जब वह खुद को फिर से खोजने पर ध्यान दे रही होती है, तभी अचानक उसे आरव से गहरा लगाव हो जाता है। आरव उससे उम्र में छोटा है और उसका आना प्रीति की नजदीकी, जिंदगी में दूसरे मौके और उम्र के फासले वाले रोमांस को लेकर बनी सोच को चुनौती देता है।

3. #लव (#Love) – नेटफ्लिक्स-2 अक्टूबर, 2026

बालाजी मोहन द्वारा निर्देशित और सौंदर्या रजनीकांत द्वारा निर्मित यह rom-com दो कॉम्पटीटर डेटिंग ऐप फाउंडर्स की कहानी है। एक ऐप ‘डीप कम्पैटिबिलिटी एल्गोरिदम’ (गहरी अनुकूलता वाले एल्गोरिदम) पर आधारित है, जबकि दूसरा ऐप केवल ‘आकर्षण’ (attraction) पर जोर देता है। एक दोस्ताना शर्त अचानक एक ऐसे रोमांस में बदल जाती है, जिसका अंदाजा कोई भी एल्गोरिदम नहीं लगा सकता था।

4. रोमांचकम (Romanchakam)– नेटफ्लिक्स-1 अक्टूबर, 2026

यह लाइव रोमांटिक-कॉमेडी आधुनिक डेटिंग और युवाओं के रिश्तों को एक नए और मजेदार अंदाज में पेश करती है। यह सीरीज उन युवाओं के उतार-चढ़ाव भरे बेहद मजेदार और दिल छू लेने वाले अनुभवों को दिखाती है, जो अपने करियर के लक्ष्यों और नए-नए पनप रहे रोमांस के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

5. पूजा मेरी जान (Pooja Meri Jaan)– ZEE5-2 अक्टूबर, 2026

जो दर्शक इमोशनल रोमांटिक थ्रिलर पसंद करते हैं, उनके लिए यह कहानी एक ऐसे प्रपोजल के रिजेक्शन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बाद में बेकाबू हो जाता है। जब जुनून (ob्सेशन) हद से बढ़ जाता है, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आते हैं—जिसमें कोर्ट-कचहरी के ड्रामे और रिश्तों से जुड़े ऐसे राज खुलते हैं, जो इसमें शामिल सभी लोगों के लिए खतरा बन जाते हैं।

असल जिंदगी में बिल्कुल नॉन-ड्रामैटिक हैं आदित्य धर: यामी गौतम

बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम ने अपने पति और फिल्मकार आदित्य धर को असल जिंदगी में बेहद शांत और सहज स्वभाव का बताया है। सोनी मराठी के कार्यक्रम ‘कोण होणार करोडपति’ के आगामी एपिसोड में यामी अपनी फिल्म ‘नयी नवेली’ के प्रचार के दौरान अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के साथ बातचीत में अपनी प्रेम कहानी से जुड़े दिलचस्प किस्से साझा करेंगी।

इस एपिसोड में यामी गौतम और अभिनेता आदिनाथ कोठारे माधुरी दीक्षित के सामने हॉट सीट पर नजर आएंगे। इस दौरान यामी बताएंगी कि माधुरी की फिल्मों में दिखाई गई प्रेम कहानियों ने उनके प्यार को लेकर नजरिये को किस तरह प्रभावित किया।

माधुरी की फिल्मों की प्रेम कहानियों को याद करते हुए यामी कहती हैं आपकी फिल्में देखकर हमें लगता था कि प्रेम कहानी हो तो ऐसी हो। हर लड़की ऐसे ही किसी लम्हे का सपना देखती है, जिसमें मन ही मन लगे-‘पलट, पलट!’ लेकिन असल जिंदगी में आदित्य और मुझमें एक बात एक जैसी है। हम दोनों ही बहुत कम खुलने वाले और बिल्कुल नॉन-ड्रामैटिक लोग हैं।

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यामी ने बताया कि उनकी पहली मुलाकात फिल्म ‘उरी’ के सेट पर हुई थी। उस समय आदित्य फिल्म का निर्देशन कर रहे थे और यामी अभिनय कर रही थीं। शूटिंग के दौरान दोनों के बीच ज्यादा बातचीत नहीं हुई, लेकिन फिल्म के प्रचार के दौरान साथ में इंटरव्यू देते हुए उन्हें एक-दूसरे को बेहतर ढंग से जानने का मौका मिला।

यामी के अनुसार, बातचीत के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि जिंदगी, परिवार और संस्कारों को लेकर दोनों की सोच काफी मिलती है। आदित्य का शांत स्वभाव, सभी के प्रति सम्मान और काम के प्रति जुनून उन्हें बेहद पसंद आया।

यामी ने कहा हमारी पहली मुलाकात ‘उरी’ के सेट पर हुई थी। शूटिंग के दौरान हमारी ज्यादा बातचीत नहीं हुई। लेकिन प्रमोशन के समय जब हम साथ इंटरव्यू देते थे, तो एक-दूसरे के जवाब भी सुनते थे। तभी मुझे लगा कि इनके उसूल और पारिवारिक संस्कार मेरे जैसे हैं। आदित्य की यही बात मुझे बहुत अच्छी लगी। सेट पर मैं पहले ही देख चुकी थी कि वह कैसे इंसान हैं। ऐसे लोग बहुत कम मिलते हैं। वह कभी किसी पर गुस्सा नहीं करते थे, सबकी इज्जत करते थे और अपने काम को लेकर बेहद जुनूनी थे। साथ ही, बहुत शांत और सुलझे हुए भी थे।

इस पर माधुरी दीक्षित ने मुस्कुराते हुए कहा बिल्कुल आपकी तरह। यामी ने अपने जीवनसाथी के बारे में कहा ऐसा साथी मिलना बहुत बड़ी बात होती है। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि आदित्य मेरे पति हैं। ‘कोण होणार करोडपति’ का यह विशेष एपिसोड सोनी मराठी पर सोमवार से शनिवार रात नौ बजे प्रसारित होता है। दर्शक इसे सोनी लिव पर भी देख सकते हैं।

Pic Credit : UNI

Viral Video: न भारत, न गुजरात… पाकिस्तान में दिखा नवरात्रि का ऐसा नजारा, वीडियो देख खुश हो जाएंगे आप

भारत में नवरात्रि के दौरान गरबा, पूजा और माता रानी के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो जाता है। लेकिन क्या आपने कभी पाकिस्तान में नवरात्रि का ऐसा नजारा देखा है? सोशल मीडिया पर कराची के एक मंदिर का वीडियो चर्चा में है, जहां हिंदू श्रद्धालु माता रानी की भक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं। कोई गरबा कर रहा है, तो कोई प्रसाद बांटकर त्योहार की खुशियां साझा कर रहा है। इस वीडियो को देखकर भारत के कई सोशल मीडिया यूजर्स भी अपनी भावनाएं जाहिर कर रहे हैं। खास बात यह है कि सरहद के उस पार मनाए जा रहे इस त्योहार की झलक लोगों को धार्मिक आस्था और आपसी जुड़ाव का खूबसूरत संदेश देती नजर आ रही है।

कराची के मंदिर में गरबा करते दिखे श्रद्धालु

इंस्टाग्राम यूजर @munji_galhiyun ने यह वीडियो साझा किया है। इसमें पाकिस्तान के कराची स्थित श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर में नवरात्रि उत्सव की झलक दिखाई गई है। वीडियो पर लिखा है, “Navratri Day: 1: Shiv Mandir, Karachi Pakistan।”

वीडियो की शुरुआत में महिला कहती है, “This is not India, this is Pakistan Navratri।” इसके बाद मंदिर परिसर में गरबा करते श्रद्धालु दिखाई देते हैं। कहीं लोग भक्ति संगीत पर झूम रहे हैं, तो कहीं एक साथ प्रसाद ग्रहण करते नजर आ रहे हैं। माता रानी की प्रतिमा और ‘जय माता दी’ लिखे हेडबैंड पहने भक्तों की तस्वीरें भी इस वीडियो को खास बनाती हैं।

नौ दिनों तक चलती हैं नवरात्रि की रौनक

इंस्टाग्राम पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, मंदिर में नवरात्रि का उत्सव नौ दिनों तक चलता है। इस दौरान पूजा-पाठ, पारंपरिक गरबा और सामूहिक कार्यक्रमों के जरिए श्रद्धालु त्योहार मनाते हैं। महिला ने एक अन्य वीडियो में यह भी बताया कि मुस्लिम लड़के अपने परिवार के साथ इन कार्यक्रमों में आ सकते हैं। उसने इसकी वजह लड़कियों की सुरक्षा बताई। उसके अनुसार, उत्सव का समय रात 8 बजे से मध्यरात्रि तक रहता है।

वीडियो देखकर भारतीय यूजर्स ने जताई खुशी

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी चर्चा में हैं। कई यूजर्स ने पाकिस्तान में हिंदू समुदाय को नवरात्रि मनाते देखकर खुशी जताई, जबकि कुछ ने भविष्य में इन समारोहों में शामिल होने की इच्छा जाहिर की।

एक यूजर ने लिखा, “भगवान आप सभी को आशीर्वाद दें। भारत से ढेर सारा प्यार और प्रार्थनाएं।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि वह भी नवरात्रि में उनके साथ शामिल होना चाहता है और ‘जय माता दी’ कहकर शुभकामनाएं दीं।

एक अन्य यूजर ने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या यह सच है। वहीं, किसी ने लिखा कि यह वीडियो देखकर उसका दिन बन गया।

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भारत-पाकिस्तान के बीच त्योहार साथ मनाने की उम्मीद

कुछ लोगों ने इस वीडियो को दोनों पड़ोसी देशों के बीच बेहतर रिश्तों की उम्मीद से भी जोड़ा। एक यूजर ने इच्छा जताई कि काश किसी दिन भारत और पाकिस्तान के लोग मिलकर त्योहार मना सकें।कराची के मंदिर में नवरात्रि की यह झलक दिखाती है कि धार्मिक परंपराएं और त्योहार लोगों के जीवन में कितनी अहम जगह रखते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो इसी वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है और सरहद के दोनों ओर रहने वाले लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव की चर्चा को आगे बढ़ा रहा है।

फ्लाइट अटेंडेंट की नौकरी छोड़ संभाला फैमिली बिजनेस, एक दिन में कमाए ₹14.45 लाख

Young Environmentalist Shreya Kumawat | Rajasthan | | The Better India Hindi

Young Environmentalist Shreya Kumawat | Rajasthan | | The Better India Hindi

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सड़क चौड़ी करने के लिए जब पेड़ काटे गए, तो राजस्थान की 9वीं क्लास की श्रेया कुमावत ने इसे सिर्फ एक घटना की तरह नहीं देखा।

पेड़ों से उनका प्यार पहले ही लॉकडाउन में शुरू हो चुका था। लेकिन इस घटना ने उनके इस प्यार को एक मिशन में बदल दिया।

आज श्रेया 50,000+ पौधे तैयार कर चुकी हैं, 2,100+ पेड़ लगा चुकी हैं और बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के लिए ‘Green Bachpan’ जैसी पहल चला रही हैं।

उनका सपना है कि लोग सिर्फ पेड़ लगाएं नहीं, बल्कि उन्हें बचाएं भी… और प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें।

क्योंकि बदलाव के लिए उम्र बड़ी नहीं, सोच बड़ी होनी चाहिए।

[Shreya Kumawat environmental activist, young environmentalist, children environmental awareness initiative India, young climate activist India]

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2026 के इकोनॉमिक्स नोबेल का ऐलान आज:भारतीय मूल के अर्थशास्त्री राज चेट्टी का नाम भी चर्चा में; गरीबी से निकलने के मौके बताए

2026 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार का ऐलान आज होगा। संभावित दावेदारों में भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री राज चेट्टी का नाम भी चर्चा में है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री राज चेट्टी ने सरकारी आंकड़ों की मदद से यह समझाने की कोशिश की है कि किसी व्यक्ति के आगे बढ़ने के मौके किन बातों पर निर्भर करते हैं। उनके काम से यह समझने में मदद मिलती है कि कुछ शहरों में गरीब परिवारों के बच्चों को अच्छी कमाई करने और बेहतर जिंदगी पाने के ज्यादा मौके क्यों मिलते हैं, जबकि दूसरी जगहों पर उनके लिए आगे बढ़ना मुश्किल होता है। नोबेल के लिए 6 और अर्थशास्त्री भी दावेदार राज चेट्टी के अलावा कंपनियों के विलय, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोजगार और अमीर-गरीब के बीच बढ़ते अंतर पर रिसर्च करने वाले अर्थशास्त्रियों के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। 1. कंपनियों के विलय से कीमतों पर असर बताने वाले एरियल पेक्स हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री एरियल पेक्स ने कंपनियों के बीच मुकाबले और उनके एक होने से बाजार पर पड़ने वाले असर पर रिसर्च की है। उन्होंने स्टीवन बेरी और जेम्स लेविनसोहन के साथ मिलकर 1995 में अमेरिकी कार बाजार पर एक अहम शोधपत्र लिखा था। उनकी रिसर्च से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि दो कंपनियों के एक होने से सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं या नहीं। इससे सरकार को यह तय करने में भी मदद मिलती है कि किसी कंपनी के विलय से ग्राहकों को नुकसान हो सकता है या नहीं। 2. AI से अर्थव्यवस्था समझने वाली सुसान एथी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सुसान एथी ने अर्थशास्त्र में AI और मशीन लर्निंग के इस्तेमाल पर काम किया है। इन तकनीकों की मदद से बड़ी मात्रा में आंकड़ों का विश्लेषण किया जा सकता है। उनकी रिसर्च से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किसी योजना से लोगों को वास्तव में फायदा हुआ या नहीं। उदाहरण के लिए, नौकरी की ट्रेनिंग देने से लोगों की कमाई बढ़ी या नहीं और किन लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिला। 2007 में एथी को जॉन बेट्स क्लार्क मेडल मिला था। यह 40 साल से कम उम्र के अर्थशास्त्रियों को उनके अहम काम के लिए दिया जाता है। वह यह पुरस्कार पाने वाली पहली महिला थीं। 3. टैक्स और सरकारी कर्ज का लोगों की बचत पर असर बताने वाले रॉबर्ट बैरो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री रॉबर्ट बैरो ने इस बात पर रिसर्च की है कि भविष्य में टैक्स बढ़ने की आशंका लोगों के खर्च और बचत को कैसे बदल सकती है। मान लीजिए, सरकार कर्ज लेकर लोगों का टैक्स घटा देती है। ऐसे में कुछ लोग अतिरिक्त पैसे खर्च करने के बजाय बचा सकते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि सरकार भविष्य में कर्ज चुकाने के लिए टैक्स बढ़ा सकती है। इस विचार को ‘रिकार्डियन इक्विवेलेंस’ कहा जाता है। हालांकि, इस पर अर्थशास्त्रियों के बीच लंबे समय से बहस होती रही है। 4. अमीर-गरीब के बीच बढ़ते अंतर पर रिसर्च करने वाले थॉमस पिकेटी और इमैनुएल साएज पेरिस स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के थॉमस पिकेटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के इमैनुएल साएज ने इस बात पर रिसर्च की है कि समाज की कुल कमाई और संपत्ति का कितना हिस्सा अमीर लोगों के पास जाता है। उनके काम से यह समझने में मदद मिलती है कि अमीर और गरीब के बीच आर्थिक अंतर कैसे बढ़ता है और समय के साथ कमाई का बंटवारा किस तरह बदलता है। उनकी रिसर्च ने दुनिया भर में आर्थिक असमानता पर चर्चा को बढ़ावा दिया है। 5. तकनीक और विदेशी व्यापार का नौकरियों पर असर बताने वाले डेविड ऑटोर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के अर्थशास्त्री डेविड ऑटोर ने इस बात पर रिसर्च की है कि कंप्यूटर, नई तकनीक और दूसरे देशों से व्यापार बढ़ने का नौकरियों पर क्या असर पड़ता है। उन्होंने चीन के साथ बढ़ते व्यापार का भी अध्ययन किया है। उनकी रिसर्च से यह समझने में मदद मिलती है कि सस्ते विदेशी सामान के आने से कुछ उद्योगों और उनमें काम करने वाले लोगों पर क्या असर पड़ सकता है। उनका काम आज AI और ऑटोमेशन के कारण नौकरियों में होने वाले बदलावों को समझने में भी उपयोगी है। 6. बच्चों की सेहत का भविष्य पर असर बताने वाली जेनेट करी येल यूनिवर्सिटी की अर्थशास्त्री जेनेट करी ने बच्चों की सेहत और उनकी आर्थिक स्थिति के बीच संबंधों पर रिसर्च की है। उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि बचपन में गरीबी, प्रदूषण और खराब स्वास्थ्य का असर बड़े होने के बाद भी कैसे बना रहता है। उनकी रिसर्च बताती है कि बचपन में खराब माहौल का असर आगे चलकर व्यक्ति की सेहत और कमाई पर पड़ सकता है। उनके काम से यह समझने में मदद मिलती है कि बच्चों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर माहौल देना क्यों जरूरी है। अर्थशास्त्र का नोबेल बाकी पुरस्कारों से अलग है अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल की मूल वसीयत में शामिल नहीं था। स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने 1968 में इसकी शुरुआत की थी। इसका आधिकारिक नाम ‘अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में स्वेरिग्स रिक्सबैंक पुरस्कार’ है। यह पुरस्कार ऐसे शोध को सम्मान देता है, जिसने अर्थव्यवस्था को समझने या उससे जुड़े फैसले लेने के तरीकों में अहम योगदान दिया हो। विजेता चुनते समय यह भी देखा जाता है कि किसी शोध का लंबे समय में कितना असर पड़ा है। ———————- ये खबर भी पढ़ें…. भारतवंशी नवनीतम पिल्लै को शांति का नोबेल:ट्रम्प पर तंज, दोस्तों से कहा- आप और तालियां बजाओगे, तो शायद यह पुरस्कार बांट लूं कनाडा की लेखिका और कवयित्री ऐन कार्सन को 2026 का साहित्य नोबेल पुरस्कार दिया गया है। नोबेल समिति ने उन्हें ऐसी रचनाओं के लिए सम्मानित किया है, जिनमें उन्होंने पुराने यूनानी-रोमन साहित्य को आज की जिंदगी, प्यार, रिश्तों और दुख से जोड़ा। पूरी खबर यहां पढ़ें…