जिंदगी के हर मोड़ पर आएंगी काम, ये 6 किताबें सिखाएंगी जीने का हुनर!

जिंदगी की बड़ी सीख किसी एक्सपीरियंस से नहीं मिलती। कई बार रोज की छोटी-छोटी बातें, लोगों से मिलना, रिश्ते और घटनाएं भी बहुत कुछ सिखा जाती हैं। कुछ किताबें ऐसी ही आम जिंदगी और छोटे पलों की कहानियां बताती हैं, जिनसे खुशी, रिश्तों, उम्मीद और खुद को समझने की सीख मिलती है।

 

 

द हाउस ऑन मैंगो स्ट्रीट – सैंड्रा सिस्नेरोस

THE HOUSE ON MANGO STREET by CISNEROS, SANDRA: (1983) | JOHN LUTSCHAK BOOKS

सैंड्रा सिस्नेरोस की यह किताब एस्पेरांजा नाम की एक लड़की की कहानी है। जो बड़ी हो रही है और धीरे-धीरे खुद को समझने की कोशिश करती है। उसके आसपास रहने वाले लोग, परिवार और रोज होने वाली छोटी-छोटी घटनाएं उसके सोच को बदलती हैं। कहानी यह समझाती है कि जिस जगह और माहौल में इंसान बड़ा होता है, उसका असर उसकी सोच और पहचान पर पड़ता है।

 

 

ऐन ऑफ ग्रीन गेबल्स – एल.एम. मोंटगोमरी

Anne of Green Gables Vintage Illustrated Hardcover Book - Etsy Australia

एल.एम. मोंटगोमरी की यह कहानी ऐन शर्ली नाम की एक बहुत ही कल्पनाशील लड़की की है। ऐन को लंबे समय तक ऐसा लगता है कि उसे कोई नहीं चाहता, लेकिन बाद में उसे एक घर और अपनेपन का एहसास मिलता है। वह छोटी-छोटी चीजों में भी खुशी ढूंढ लेती है। प्रकृति, दोस्ती और रोज के अनुभव उसके लिए खास बन जाते हैं। यह किताब सिखाती है कि खुशी सिर्फ बड़ी चीजों से नहीं मिलती। सही सोच, उम्मीद, दया और छोटी खुशियों की कद्र करने से भी जिंदगी खूबसूरत बन सकती है।

 

 

अ मैन कॉल्ड ओवे – फ्रेडरिक बैकमैन

A Man Called Ove: The global bestselling phenomenon : Buy Online at Best Price in KSA - Souq is now Amazon.sa: Backman, Fredrik, Koch, Henning: Books

फ्रेडरिक बैकमैन की यह कहानी ओवे नाम के एक अकेले और थोड़े गुस्सैल व्यक्ति की है। ओवे को जिंदगी में बदलाव बिल्कुल पसंद नहीं होता। लेकिन जब उसके नए पड़ोसी उसके जीवन में आते हैं, तो धीरे-धीरे उसकी दुनिया बदलने लगती है। उसके व्यवहार के पीछे छिपी अच्छाई सामने आने लगती हैं। कहानी बताती है कि कई बार कठोर दिखने वाले लोगों में भी प्यार और अपनापन छिपा होता है।

 

 

द स्टोरीड लाइफ ऑफ ए.जे. फिक्री – गैब्रिएल जेविन

गैब्रिएल जेविन की यह किताब ए.जे. फिक्री नाम के एक बुकस्टोर मालिक की कहानी है। वह अकेला रहता है और उसकी जिंदगी बहुत शांत तरीके से चल रही होती है।लेकिन अचानक होने वाली घटनाओं से उसका नजरिया बदलने लगता है। धीरे-धीरे उसे रिश्तों, दोस्ती और अपनेपन की अहमियत समझ आती है। यह कहानी बताती है कि जिंदगी में नई शुरुआत के लिए कभी देर नहीं होती।

 

 

द लिटिल प्रिंस – एंटोनी डी सेंट एक्सुपरी

एंटोनी डी सेंट-एक्सुपरी की ‘द लिटिल प्रिंस’ देखने में बच्चों की कहानी लगती है, लेकिन इसमें बड़ों के लिए भी बहुत सी जरूरी बातें छिपी हैं। कहानी में लिटिल प्रिंस अलग-अलग लोगों से मिलता है और उनके जरिए प्यार, दोस्ती, जिम्मेदारी और अकेलेपन को समझता है। यह किताब बताती है कि बड़े होने के बाद भी जिंदगी में छोटी चीजों को लेकर उत्सुकता और खुशी बनाए रखनी चाहिए।

 

 

ट्यूजडेज विद मॉरी -मिच एल्बम

मिच एल्बम की यह किताब राइटर और उनके पुराने प्रोफेसर मॉरी श्वार्ट्ज के बीच होने वाली मुलाकातों पर बेस्ड है। मॉरी बताते हैं कि लोग कई बार पैसा, काम और सफलता पाने की दौड़ में उन चीजों को भूल जाते हैं जो सच में खुशी देती हैं। वह रिश्तों को समय देने और अपने परिवार के साथ प्यार से रहने की बात करते हैं। इस किताब में जिंदगी की बड़ी सीख को आम बातचीत से समझाया गया है।

 

 

रोज की जिंदगी से सीख

इन सभी किताबों की कहानियां अलग हैं, लेकिन इनका मेसेज काफी हद तक एक जैसा है। जिंदगी की खुशी हमेशा बड़ी सफलता या बड़ी घटना में नहीं होती। परिवार के साथ बिताया समय, दोस्ती, किसी की मदद करना, छोटी खुशियों को महसूस करना और मुश्किल समय में उम्मीद बनाए रखना भी बहुत जरूरी है।

Mirzapur Movie Trailer: कालीन भैया, मुन्ना भैया, गुड्डू पंडित नहीं, चौंका तो रहा बबलू का रोल, किस यादव जी के रोल में हैं रवि किशन?

Mirzapur Movie Trailer: मेकर्स ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’ फिल्म का ट्रेलर मंगलवार 11 अगस्त को रिलीज कर दिया गया है। फिल्म के ट्रेलर का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। ट्रेलर में कालीन भैया, मुन्ना भैया, गुड्डू पंडित और बबलू पंडित जैसे पुराने किरदार फिर दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ नए कलाकार भी कहानी में शामिल किया गया हैं। फिल्म में ट्रेलर में रवि किशन का किरदार बेहद एग्रेसिव नजर आ रहा है। वहीं गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को हिंदी और तेलुगु भाषा में सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इससे पहले ओटीटी पर ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज के तीनों सीजन को फैंस से काफी प्यार मिला था।

फिल्म की कहानी ‘मिर्जापुर’ सीरीज की दुनिया से जुड़ी हुई है। फिल्म की कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। वहीं, इसके प्रोडक्शन की जिम्मेदारी रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट ने संभाली है।।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ का रिलीज हुआ ट्रेलर

‘मिर्जापुर: द मूवी’ के करीब 3 मिनट के इस ट्रेलर में फिल्म की कहानी मिर्जापुर की सत्ता और उसे हासिल करने की लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। ट्रेलर की शुरुआत ही एक खाली गद्दी और दमदार वॉयसओवर से होती है। इसमें कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) की आवाज सुनाई देती है। वह कहते हैं, “गद्दी न तो विरासत से मिलती है, न सियासत से। मिलती है तो सिर्फ और सिर्फ बाहुबल से। और टिकती है डर से।” इसके बाद मुन्ना भैया (दिव्येंदु) की एंट्री होती है, जो खुद को मिर्जापुर का “प्रिंस” बताते हैं। लेकिन कालीन भैया और मुन्ना के बीच रिश्ते पहले जैसे नहीं दिखते। कालीन भैया को लगता है कि मुन्ना उनके हर काम और मिशन में परेशानी खड़ी कर देते हैं।

 

रवि किशन की धमाकेदार एंट्री

वहीं, मुन्ना और गुड्डू पंडित (अली फजल) के बीच भी पुरानी दुश्मनी फिर सामने आती है, जब दोनों एक-दूसरे पर बंदूक ताने नजर आते हैं। इस बार कहानी में रवि किशन असली ट्विस्ट लेकर आते हैं। मिर्जापुर की गद्दी पर अपना दावा पेश करते हुए रवि किशन भी मैदान में उतरते नजर आते हैं। कालीन भैया उन्हें चेतावनी देते हैं कि मिर्जापुर में दाखिल होने का रास्ता सिर्फ उनके नियंत्रण में है। इस पर रवि किशन अपने खास अंदाज में कहते हैं कि अगर वह रास्ते की रखवाली कर रहे हैं, तो वह मिर्जापुर के अंदर आकर ही रहेंगे।

ट्रेलर के एक सीन में वह एक शख्स पर चाकू से हमला करते दिखाई देते हैं और मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “क्या तुम्हारा हीमोग्लोबिन कम है? खून बहुत कम निकल रहा है।”। वहीं ट्रेलर के आखिर में बीना भाभी (रसिका दुगल) भी इस पावर गेम में अपनी राजनीतिक चालें चलती नजर आ रही हैं।

कब आई थी पहली सीरीज

‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज की शुरुआत साल 2018 में प्राइम वीडियो पर हुई थी। इसके बाद सीरीज का दूसरा सीजन 2020 में और तीसरा सीजन 2024 में रिलीज हुआ। सीरीज की लोकप्रियता को देखते हुए इसके चौथे सीजन का भी ऐलान किया जा चुका है। हालांकि, मेकर्स पहले ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के जरिए कहानी को आगे बढ़ाएंगे और इसके बाद सीजन 4 दर्शकों के सामने आएगा।

कौन-कौन है फिल्म में

‘मिर्जापुर: द मूवी’ में मुख्य किरदारों के अलावा भी एक बड़ी स्टारकास्ट शामिल है। इसमें रवि किशन, पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, श्वेता त्रिपाठी, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, श्रेया पिलगांवकर, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौड़, श्वेता त्रिपाठी, सोनल एस. चौहान, अनंग्शा बिस्वास, शाजी चौधरी, सत्येंद्र सोनी, कुलभूषण खरबंदा और सुशांत सिंह जैसे कई कलाकार नजर आ रहे हैं।

Govinda: ‘वो गालियां देती हैं और मैं सह लेता हूं…’, सुनीता आहूजा के चीटिंग के आरोपों पर बोले गोविंदा

Govinda: सुनीता आहूजा ने अक्सर सबके सामने बॉलीवुड एक्टर गोविंदा के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफ़ेयर और अपनी को-स्टार्स के साथ बेवफाई के बारे में बात की है। हाल ही में हुई एक बातचीत में, गोविंदा ने इन आरोपों पर बात की और इन दावों को खारिज कर दिया। साथ ही, उन्होंने सुनीता से यह भी पूछा कि क्या वह कामयाबी पाने के लिए उनकी बुराई कर रही हैं।

‘वो गालियां देती हैं और मैं सह लेता हूं’

एएनआई से बात करते हुए गोविंदा ने माना कि सुनीता ने भले ही पहले ऐसे आरोप लगाए हों, लेकिन उनके घर में बच्चों की परवरिश की ज़िम्मेदारी उन्हीं की है। उन्होंने कहा, “इतने प्यार से मुझे गालियां देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि लोग जहां भी हों और ईश्वर ने उन्हें जो भी भूमिका सौंपी हो-जिस भी स्थान पर वे हों-उनके बिना हम सफल नहीं हो पाते। हम वो नहीं होते जो आज हैं। हमारे परिवार के कई बच्चे बड़े हो चुके हैं और उन पर उनका पूरा हक है। वो उनके प्रति दयालु भी थीं।”

‘क्या सफलता पाने के लिए बुरी बातें कहना ज़रूरी है?’

गोविंदा ने इशारा किया कि सुनीता ने उनके बारे में सार्वजनिक रूप से बोलना शुरू करने के बाद से ही सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने कहा, “ऐसी बहुत सी बातें हैं जो अनकही रह जाती हैं- ऐसी बातें जिन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अगर मैं इन मामलों की बस एक झलक बाहर से दिखाऊं, तो क्या वाकई दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत होगी? लोग अक्सर इसे बचने का तरीका समझते हैं। क्या सफलता पाने के लिए अपनों की बुराई करना जरूरी है? यह थोड़ा आसान है। सुनीता इसे चतुराई से करती हैं। वह तारीफ के चार शब्द कहती हैं या शायद तारीफ स्वाभाविक रूप से निकल आती है और फिर आलोचना करती हैं। मुझे इसमें ज़्यादा प्यार नजर आता है।”

‘ची-ची के कई अफ़ेयर थे’

सुनीता हाल ही में खत्म हुए शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट थीं। शो में अपने छोटे से समय के दौरान, सुनीता ने गोविंदा के कथित अफ़ेयर के बारे में बात की। उन्होंने कहा, “प्यार में, आपको सब कुछ बर्दाश्त करने की हिम्मत होनी चाहिए। ची-ची के जीवन में कई अफ़ेयर रहे; खैर, हीरो और हीरोइन के साथ ऐसा होता ही है। मुझे लगता है कि इतने सालों तक ची-ची का साथ देने के बाद, मैं उनके जैसे बेटे की हकदार हूं।”

गोविंदा और सुनीता आहूजा के बारे में

गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। उस समय, वह पहले से ही बॉलीवुड स्टार थे। उन्होंने अपने करियर की वजह से लगभग दो साल तक अपनी शादी को छिपाकर रखा और अपनी बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद इसे सबके सामने ज़ाहिर किया। बाद में, उनके बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।

माँ और पिता, बेटे को दे रहे हैं दोनों का प्यार | Single Father | Uttar Pradesh | Kuldeep Satvik Vlog

कहते हैं कि माँ की जगह कोई नहीं ले सकता। लेकिन उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले कुलदीप भारद्वाज वो पिता हैं, जो अपने ढाई साल के बच्चे की मुस्कान के लिए हर दिन माँ और पापा, दोनों की भूमिका निभाते हैं।

पत्नी के निधन के बाद कुलदीप ने अपने बेटे की परवरिश की ज़िम्मेदारी अकेले उठाई। आज वह उसके लिए पिता भी हैं और माँ भी।

सोशल मीडिया पर उनके छोटे-छोटे वीडियोज़ आज हज़ारों लोगों का दिल जीत रहे हैं। और उन Single Parents के लिए भी उम्मीद बन रहे हैं, जो अपने बच्चों के लिए पूरी दुनिया हैं। आइए जानते हैं नन्हे सात्विक और उसके पापा की कहानी

@kuldeepsatvikvlogs

माँ और पिता, बेटे को दे रहे हैं दोनों का प्यार | Single Father | Uttar Pradesh | Kuldeep Satvik Vlogs

[Single Father from Uttar Pradesh Making Inpiring Vlogs on Parenthood, Single Parent

#goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

पुरानी साड़ियों को करें री-स्टाइल! एक ग्रीन ब्लाउज से बनाएं 7 खूबसूरत लुक

सावन के महीने में हरा रंग पहनना शुभ और खूबसूरत माना जाता है। इस समय महिलाएं हरे रंग की साड़ी, सूट और कुर्ती पहनना पसंद करती हैं। लेकिन हर बार नई साड़ी खरीदना जरूरी नहीं है। आपके पास रखा सिर्फ एक ग्रीन ब्लाउज भी कई अलग-अलग साड़ियों के साथ नया लुक दे सकता है। बस साड़ी के रंग के साथ सही ग्रीन शेड का कॉम्बिनेशन चुनना जरूरी है।

 

येलो-गोल्डन साड़ी

Charismatic Yellow Soft Silk Saree With Staring Blouse Piece – Kankaari

पीले या गोल्डन रंग की साड़ी के साथ डार्क ग्रीन ब्लाउज पहन सकती हैं। दोनों रंगों का कॉन्ट्रास्ट काफी खूबसूरत दिखाई देता है। खासकर सावन के मौके पर यह कॉम्बिनेशन ट्रेडिशनल होने के साथ थोड़ा हटके भी लगेगा। इसके साथ गोल्डन ज्वेलरी और हरी चूड़ियां पहनकर लुक को और सुंदर बनाया जा सकता है।

 

 

ब्लू-ग्रीन लुक

Latest Saree Blouse Types You Should Totally Checkout! - Bewakoof Blog

रॉयल ब्लू या गहरे नीले रंग की साड़ी के साथ लाइट ग्रीन ब्लाउज अच्छा लगेगा। ब्लाउज पर हल्का प्रिंट या डिजाइन है, तो यह लुक और भी खूबसूरत दिखाई देगा। ऑफिस, कॉलेज या किसी छोटे फंक्शन के लिए क्लासी लुक अच्छा ऑप्शन है। ज्यादा हैवी ज्वेलरी की जगह छोटी इयररिंग्स के साथ इसे स्टाइल कर सकती हैं।

 

 

व्हाइट-गोल्डन साड़ी

Buy Saree Mall White & Green Woven Saree With Unstitched Blouse for Women Online @ Tata CLiQ

व्हाइट और गोल्डन बॉर्डर वाली साड़ी के साथ डार्क ग्रीन ब्लाउज पहनकर खूबसूरत ट्रेडिशनल लुक पाया जा सकता है। केरल स्टाइल की सफेद और गोल्डन साड़ी पर इसे जरूर ट्राई करें। ग्रीन ब्लाउज इस सिंपल साड़ी में रंग जोड़ देगा और पूरा लुक काफी एलिगेंट दिखाई देगा।

 

 

पिंक-ग्रीन कॉम्बिनेशन

Rani Pink Paithani Silk Saree with Green Blouse

गुलाबी साड़ी के साथ लाइट ग्रीन ब्लाउज का कॉन्ट्रास्ट काफी प्यारा लगता है। पिंक हैवी या डिजाइनर साड़ी के साथ हल्के हरे रंग का ब्लाउज लुक को बैलेंस करता है। यदि साड़ी पहले से ही काफी हैवी है, तो ब्लाउज को सिंपल रखें।

 

 

ब्रोकेड ब्लाउज

This may contain: a woman in a red and green sari sitting on a ledge smiling at the camera

यदि ब्रोकेड ब्लाउज है, तो उसे भी दोबारा स्टाइल कर सकती हैं। इसे पिंक, पिस्ता ग्रीन या ऑलिव ग्रीन जैसे हल्के रंगों की साड़ी के साथ पहनें। ब्रोकेड का डिजाइन पूरे लुक को रिच और ट्रेडिशनल बना देगा। यह कॉम्बिनेशन शादी, पूजा या किसी त्योहार के लिए अच्छा रहेगा।

 

लाइट ग्रीन ब्लाउज

Search – City Center

लाइट ग्रीन ब्लाउज को सिर्फ एक रंग की साड़ी तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है। इसे कई सिंगल कलर की साड़ियों के साथ कंट्रास्ट करके पहना जा सकता है। इससे पुरानी साड़ी भी नए लुक में नजर आएगी। सावन का टच देने के लिए इसके साथ हरी चूड़ियां, ग्रीन एक्सेसरीज और हरी बिंदी पहन सकती हैं।

 

ऑरेंज-सिंदूरी साड़ी

Orange and Green Floral Design Pure Silk Saree with Self Border

ब्राइट ऑरेंज या सिंदूरी रंग की साड़ी जिसे आप लंबे समय से नहीं पहन पाई हैं, तो उसके साथ डार्क ग्रीन ब्लाउज ट्राई करें। ग्रीन ब्लाउज ऑरेंज के ब्राइट रंग को थोड़ा बैलेंस करता है और दोनों रंगों का कॉन्ट्रास्ट काफी शानदार लगता है। सावन के लिए यह कॉम्बिनेशन ट्रेडिशनल के साथ-साथ स्टाइलिश भी नजर आएगा।

पटना में बाइक सवार को अचानक पुलिस ने रोका, वजह जान हैरान रह गए लोग, VIDEO वायरल

बिहार की राजधानी पटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। पटना में रात के समय बाइक से जा रहे एक युवक को पुलिस ने अचानक रोक लिया। पुलिस के अचानक रोकने पर युवक घबरा गया। आमतौर पर पुलिस ट्रैफिक नियम तोड़ने या दस्तावेजों की जांच के लिए किसी वाहन को रोकती है, लेकिन इस मामले में वजह कुछ अलग थी। पुलिस ने युवक को उसकी जैकेट में छिपे एक छोटे से पिल्ले की वजह से उसे रुकवाया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

पिल्ले की वजह से रोका

X पर शेयर किए गए एक वीडियो में एक युवक रात के समय बाइक चलाता नजर आया। उसने अपनी जैकेट के अंदर एक छोटे पपी को सेफ रखा हुआ था। सड़क लगभग खाली थी और दोनों बाइक से घूम रहे थे। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया। युवक को पहले लगा कि शायद पुलिस सामान्य ट्रैफिक जांच के लिए उसे रोक रही है। लेकिन पुलिस ने युवक को किसी नियम के उल्लंघन के लिए नहीं रोका था। पुलिसवालों की नजर उसकी जैकेट के अंदर बैठे छोटे पपी पर पड़ी थी।

वायरल हुआ वीडियो

एक पुलिसकर्मी ने प्यार से पपी को बाहर निकालकर सहलाया। शुरुआत में पपी थोड़ा घबराया हुआ था, लेकिन कुछ देर बाद वह सहज हो गया। पुलिसकर्मी ने उसके सिर पर हाथ फेरते हुए उसका हाल भी पूछा। पुलिसवाले ने पूछा, “ठीक है, अच्छे से हो ना?” वहां मौजूद दूसरे लोग राइडर और उसके पपी को देखकर मुस्कुराते नजर आए, जब पुलिसकर्मी उसे प्यार कर रहा था। इसके बाद पुलिसवालों ने युवक को जाने दिया और वह पपी को जैकेट के अंदर आराम से बैठाकर वहां से चला गया।

 

लोगों ने किया कमेंट

सोशल मीडिया ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आते ही यूजर्स का ध्यान इस पर गया और लोगों ने इस खूबसूरत पल की जमकर तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “भाई सड़क पर सबसे प्यारे पैसेंजर को ले जा रहा था!” दूसरे यूजर ने लिखा, “उसने कितने प्यारे तरीके से पूछा, ‘ठीक है, अच्छे से होना।’” एक अन्य यूजर ने मजाक में कहा, “दिन का सबसे अच्छा ट्रैफिक स्टॉप। चालान के बजाय छोटे पैसेंजर के सिर पर प्यार से हाथ फेरा गया। कभी-कभी दयालुता का एक छोटा सा काम हर किसी का दिन बेहतर बना देता है।” वहीं, एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “सबसे प्यारे छोटे को-राइडर ने एक सामान्य ट्रैफिक स्टॉप को यादगार पल में बदल दिया।”

‘खामोशी द म्यूजिकल’ के 30 साल हुए पूरे, इन 7 वजहों से संजय लीला भंसाली की फिल्म बनीं क्लासिक

रिलीज के तीन दशक बाद भी, खामोशी द म्यूजिकल को इंडियन सिनेमा की सबसे दिल को छूने वाली और इमोशनल फिल्मों में से एक के तौर पर याद किया जाता है। सिर्फ़ एक क्रिटिक्स द्वारा सराही गई ड्रामा से कहीं ज़्यादा, यह संजय लीला भंसाली का डायरेक्टोरियल डेब्यू था, जिसने दर्शकों को एक ऐसे फिल्ममेकर से मिलवाया, जिसका कहानी कहने का पैशन इंडियन सिनेमा को फिर से डिफाइन करेगा। आज भी, यह फिल्म अनगिनत कारणों से पसंदीदा बनी हुई है।

1. इसने दुनिया को संजय लीला भंसाली के सिनेमैटिक विज़न से इंट्रोड्यूस कराया

खामोशी: द म्यूजिकल भंसाली की ज़बरदस्त कहानी कहने की कला की पहली झलक थी। इमोशन, म्यूजिक और शानदार विजुअल्स को मिलाने की उनकी काबिलियत उनकी पहली ही फिल्म से साफ़ थी, जिसने एक ऐसे फिल्ममेकिंग स्टाइल की नींव रखी जो बाद में आइकॉनिक बन गया।

2. एक कहानी जो आज भी टाइमलेस लगती है

असल में, खामोशी परिवार, प्यार, त्याग और हिम्मत के बारे में एक दिल को छू लेने वाली कहानी है। एक सुनने वाली बेटी और उसके बहरे-गूंगे माता-पिता के बीच के रिश्ते को ईमानदारी और दया के साथ दिखाकर, भंसाली ने एक ऐसी फिल्म बनाई जिसके इमोशन पीढ़ियों तक गूंजते रहेंगे।

3. म्यूज़िक जो एक इमोशनल भाषा बन गया

संजय लीला भंसाली के लिए, म्यूज़िक हमेशा मनोरंजन से कहीं ज़्यादा रहा है, यह कहानी कहने का ज़रिया है। खामोशी ने इस सोच को खूबसूरती से दिखाया, हर गाने ने कहानी को बेहतर बनाया और किरदारों के इमोशन को बढ़ाया। तीन दशक बाद भी, इसका साउंडट्रैक यादगार है।

4. भंसाली के सिग्नेचर विज़ुअल स्टाइल का जन्म

दर्शकों के देवदास या बाजीराव मस्तानी की शान देखने से पहले ही, खामोशी ने भंसाली की हर छोटी-बड़ी बात पर नज़र रखने की कला दिखाई। हर फ्रेम, हर रंग और हर कंपोज़िशन में वह विज़ुअल खूबसूरती झलकती थी जो बाद में उनका ट्रेडमार्क बन गई।

5. परफॉर्मेंस जो हमेशा असर छोड़ती हैं

भंसाली की अपनी कास्ट से गहरी इमोशनल परफॉर्मेंस निकलवाने की काबिलियत शुरू से ही साफ़ थी। फिल्म के किरदार अपनी असलियत, कमज़ोरी और इमोशनल गहराई की वजह से यादगार बने रहते हैं, जिससे खामोशी परफॉर्मेंस पर आधारित कहानी कहने के लिए एक बेंचमार्क बन जाती है।

6. अपने समय से आगे की फिल्म

इनक्लूसिविटी के बारे में बातचीत आम होने से बहुत पहले, खामोशी ने दिव्यांग किरदारों को अपनी कहानी के केंद्र में गरिमा, हमदर्दी और संवेदनशीलता के साथ रखा। भंसाली ने इस विषय को परंपरा के बजाय दया के साथ लिया, जिससे यह फिल्म आज भी उतनी ही रेलिवेंट है जितनी तीन दशक पहले थी।

7. एक असाधारण विरासत की शुरुआत

आज पीछे मुड़कर देखें तो, खामोशी: द म्यूजिकल एक शानदार डेब्यू से कहीं ज़्यादा है, यह भारत के सबसे महान फिल्ममेकर्स में से एक के जन्म की निशानी है। इस फ़िल्म ने संजय लीला भंसाली के शानदार सफ़र का रास्ता बनाया, जिसमें उन्होंने हम दिल दे चुके सनम, देवदास, ब्लैक, गोलियों की रासलीला राम-लीला, बाजीराव मस्तानी, पद्मावत, गंगूबाई काठियावाड़ी और हीरामंडी: द डायमंड बाज़ार जैसी फ़िल्में कीं। इन सालों में, भंसाली ने सात नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड, कई फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड, पद्म श्री, एक BAFTA अवॉर्ड नॉमिनेशन जीता है, और रिपब्लिक डे पर एक झांकी, भारत गाथा डिज़ाइन करने वाले पहले फ़िल्ममेकर बने, जो भारतीय सिनेमा के कर्तव्य पथ पर सफ़र का जश्न मनाती है, जिससे भारत के सबसे महान सिनेमाई दूरदर्शी लोगों में से एक के रूप में उनकी जगह और पक्की हो गई।

तीस साल बाद, खामोशी: द म्यूज़िकल सिर्फ़ एक पसंदीदा फ़िल्म नहीं है, बल्कि यह संजय लीला भंसाली की असाधारण विरासत की नींव है। जैसे-जैसे दर्शक उनकी अगली फ़िल्म, लव एंड वॉर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, यह इंतज़ार ही उस भरोसे और तारीफ़ का सबूत है जो भंसाली ने तीन दशकों में बनाया है। अगर खामोशी ने एक जीनियस के जन्म को दिखाया, तो लव एंड वॉर एक ऐसे फिल्ममेकर के शानदार सफ़र में एक और मील का पत्थर साबित होगी, जो इंडियन सिनेमा का भविष्य बना रहा है।

Ahaan Panday: अहान पांडे की बहन अलाना पांडे ने सेकेंड प्रेग्नेंसी का किया ऐलान, शेयर की क्यूट फोटो

Ahaan Panday: एक्टर अहान पांडे की बहन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अलाना पांडे अपने पति आइवर मैकक्रे के साथ अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाले हैं। अलाना ने सोशल मीडिया पर यह खबर शेयर की और उनकी कज़िन अनन्या पांडे ने प्यारा सा रिएक्शन दिया।

अलना पांडे की दूसरी प्रेग्नेंसी

शनिवार को अलना ने इंस्टाग्राम पर एक शानदार वीडियो शेयर किया। इसमें वह हॉल्टर-नेक ड्रेस पहने हुए अपने बेटे रिवर के साथ एक बगीचे में टहल रही थीं और बैकग्राउंड में एक महल दिख रहा था। बाद में उनके पति भी उनके साथ शामिल हुए और उन्होंने अपने बेटे रिवर को गोद में उठा लिया। इसके बाद अलना ने अपना बेबी बंप दिखाया और उसे प्यार से सहलाया।

रिवर ने अपनी मां को प्यार से गले लगाया। आइवर भी अलना के बेबी बंप को प्यार से सहलाते हुए दिखे। कपल ने सोनोग्राफी की एक फोटो भी शेयर की, जिसके साथ कैप्शन लिखा था, ‘जल्द आ रहा है’। अलना ने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा, “प्यार करने के लिए एक और सदस्य।”

डीन पांडे ने अलाना की दूसरी प्रेग्नेंसी पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “दूसरी बार नानी बन रही हूं। भगवान तुम पर कृपा बनाए रखे।” अलीज़ेह अग्निहोत्री, मृणाल ठाकुर और आलिया कश्यप ने भी इस कपल को बधाई दी। आइवर ने कमेंट किया, “रिवर अब बड़ा भाई बन गया है।” अनन्या पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर यह वीडियो शेयर किया और अपनी खुशी ज़ाहिर करने के लिए कई रेड हार्ट इमोजी और एक ‘बुरी नज़र से बचाने वाला’ (evil eye) इमोजी लगाया।

अलाना पांडे और आइवर मैकक्रे के बारे में

अलाना, चंकी पांडे के भाई चिक्की पांडे और फिटनेस इंस्ट्रक्टर डीन पांडे की बेटी हैं। वह एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं और उन्होंने करण जौहर के शो ‘द ट्राइब’ से स्क्रीन पर डेब्यू किया। 2024 में प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हुए इस शो में अल्फिया जाफरी, आर्याना गांधी, सृष्टि पोरे और अलाविआ जाफरी भी शामिल थीं।

अलाना ने मार्च 2023 में मुंबई में एक हिंदू शादी समारोह में अपने लंबे समय के बॉयफ्रेंड आइवर से शादी की। इस शादी में कई बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ शामिल हुए, जिनमें उनकी कज़िन अनन्या पांडे, चंकी पांडे, रेखा, शाहरुख खान, जैकी श्रॉफ, बॉबी देओल, नीलम कोठारी, महिमा चौधरी और तुषार कपूर जैसे कई लोग शामिल थे।

इस कपल ने 2024 में अपने बेटे ‘रिवर’ का स्वागत किया। पेरेंट बनने के अनुभव के बारे में बात करते हुए, अलाना ने अपने एक वीडियो में कहा, “यह सच में बहुत शानदार रहा है। मुझे नहीं लगता कि कोई भी चीज़ आपको उस बदलाव के लिए तैयार कर सकती है जो आपकी ज़िंदगी में आने वाला है। मुझे लगता है कि जब आप परिवार शुरू करते हैं तो एक इंसान के तौर पर आप बहुत आगे बढ़ते हैं, ज़िम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है, और आप अपने बारे में और अपनी क्षमताओं के बारे में बहुत कुछ सीखते हैं। माता-पिता बनना ज़िंदगी की सबसे अच्छी चीज़ों में से एक है। अपने परिवार के लिए मेरे मन में जितना प्यार है, वह मेरी सोच से कहीं ज़्यादा है।”

प्यार में की जा रही ये गलती आपके बच्चे को बना सकती है कम आत्मनिर्भर, Helicopter Parenting को समझिए और इससे बचिए

माता-पिता के तौर पर, अपने बच्चे के लिए हर काम करना स्वाभाविक है। चाहे उनके जूते के फीते बांधना हो, स्कूल बैग पैक करना हो या हर छोटी-मोटी समस्या को सुलझाना हो, मदद अक्सर प्यार की वजह से की जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बहुत ज्यादा मदद करने से असल में आपके बच्चे का विकास रुक सकता है?

जानकारों का कहना है कि हर समय मदद करने से अनजाने में बच्चों में आत्मविश्वास, मुश्किलों का सामना करने की क्षमता और जरूरी जीवन कौशल विकसित नहीं हो पाते। इसका मकसद मदद को पूरी तरह बंद करना नहीं है, बल्कि यह जानना है कि कब पीछे हटकर उन्हें खुद सीखने दिया जाए।

क्या आप ऐसी परेशानियां हल कर रहे हैं, जिन्हें आपका बच्चा खुद हल कर सकता है?

अगर आप हर मुश्किल को तुरंत सुलझाने की कोशिश करते हैं, तो खुद से पूछें- क्या मेरा बच्चा थोड़ी सी मदद से यह काम कर सकता है? बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से फ़ैसले लेने, नई चीज़ें आज़माने और यहां तक कि गलतियां करने का मौका देने से वे ज़्यादा आत्मनिर्भर बनते हैं। समस्या को सुलझाना एक ऐसा हुनर ​​है जो अभ्यास से आता है, न कि किसी और के उसे आपके लिए कर देने से।

बच्चों के लिए मुश्किलों का सामना करना हमेशा बुरी बात क्यों नहीं होती?

अपने बच्चे को संघर्ष करते देखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन अक्सर यहीं से सबसे बड़ी सीख मिलती है। चाहे होमवर्क पूरा करना हो, किसी दोस्त के साथ अनबन सुलझाना हो या कोई नया हुनर ​​सीखना हो—चुनौतियों का सामना करने से डटे रहने की हिम्मत, सोच-समझकर फ़ैसला लेने की क्षमता और मुश्किल हालात में भी मज़बूत बने रहने का गुण आता है। अगर आप बहुत जल्दी मदद के लिए आगे आ जाते हैं, तो हो सकता है कि बच्चा कुछ ज़रूरी बातें सीखने का मौका गँवा दे।

क्या हर समय मदद करने से आपके बच्चे का आत्मविश्वास कम हो सकता है?

जब माता-पिता हर काम की ज़िम्मेदारी खुद ले लेते हैं, तो बच्चे अपनी काबिलियत पर शक करने लग सकते हैं। उन्हें अपने काम खुद पूरे करने देने से- भले ही वे उन्हें एकदम सही तरीके से न कर पाएं-एक बहुत अच्छा संदेश मिलता है- “मुझे भरोसा है कि तुम इसे खुद समझकर कर लोगे।” समय के साथ, इससे उनमें आत्मविश्वास और ज़िम्मेदारी की मज़बूत भावना पैदा होती है।

माता-पिता बच्चों में आत्मनिर्भरता को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं?

छोटे-छोटे बदलाव बड़ा फ़र्क ला सकते हैं। तुरंत जवाब देने के बजाय, ऐसे सवाल पूछें जिनसे बच्चा स्थिति को समझकर सोच सके। मदद करने से पहले उन्हें खुद कोशिश करने के लिए प्रोत्साहित करें। सिर्फ़ नतीजे पर ध्यान देने के बजाय उनकी कोशिश की तारीफ़ करें और जैसे-जैसे वे बड़े हों, उन्हें धीरे-धीरे ज़्यादा ज़िम्मेदारियां सौंपें। इसका मकसद बच्चों को उनके हाल पर छोड़ देना नहीं है, बल्कि उन्हें सीखने और आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी आज़ादी देते हुए सहारा देना है।

आपको यह भी पसंद आ सकता है

पेरेंटिंग का मतलब यह नहीं है कि आप अपने बच्चे के लिए सब कुछ करें। इसका मतलब है उन्हें ऐसे भविष्य के लिए तैयार करना जहां वे अपने काम खुद कर सकें। बच्चों को आज़ादी से काम करने का मौका देते हुए, उन्हें सही रास्ता दिखाना, हिम्मत बढ़ाना और इमोशनल सपोर्ट देना उन्हें काबिल और कॉन्फिडेंट इंसान बनने में मदद कर सकता है। कभी-कभी, अपने बच्चे की मदद करने का सबसे अच्छा तरीका यह नहीं होता कि आप हर काम में दखल दें, बल्कि थोड़ा पीछे हटकर उन्हें यह पता लगाने का मौका दें कि वे क्या-क्या कर सकते हैं।

Mrunal Thakur: मृणाल ठाकुर ने 10 साल छोटे यशस्वी जायसवाल संग डेटिंग की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘जेन जेड से…’

Mrunal Thakur: मृणाल ठाकुर ने उस वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कहा गया था कि वह क्रिकेटर यशस्वी जयसवाल को डेट कर रही हैं। 34 वर्षीय मृणाल को 24 वर्षीय यशस्वी से तब जोड़ा गया जब उन्हें मुंबई के बांद्रा पश्चिम में एक ही कैफे से बाहर निकलते देखा गया। यह क्लिप तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई और प्रशंसकों ने अटकलें लगाना शुरू कर दिया। हालांकि, मृणाल ने अब अफवाहों पर विराम लगा दिया है।

मृणाल ने यशस्वी के साथ अपनी क्लिप के कमेंट बॉक्स में लिखा, “भाई आराम से… मुझे एक साथ कहां दिखाओ? कैसे यार, आप लोग इतने पढ़े-लिखे लोग ऐसे अफवाओ को सच मानने लगते हैं?” उन्होंने कहा, “देश में क्या कुछ नहीं हो रहा है। जेन जेड से कुछ सीखिए और सही मुद्दों पर वीडियो बनाइए और ज्यादा व्यूज मिलेंगे।”

हालांकि यह कमेंट अब वीडियो के नीचे दिखाई नहीं दे रही है, फ्री प्रेस जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इस बीच, मृणाल के प्रशंसक भी उनका समर्थन करने के लिए सामने आए। एक शख्स ने लिखा, “क्या झूठी खबर चला रहे हो ।” किसी और ने कहा, “वह मेरा प्यार है।” एक अन्य लिखा था, “भाई एमएलटीबी एक रेस्टोरेंट में जा भी नहीं सकता क्या कोई उसी दिन पे।” किसी ने लिखा, “कुछ भी।”

इससे पहले, 2025 में मृणाल ठाकुर का नाम एक्टर धनुष के साथ जोड़ा गया था। खबरों में यह भी दावा किया गया था कि दोनों स्टार्स 2026 में शादी करने वाले हैं। हालांकि, दोनों एक्टर्स और उनके करीबी लोगों ने इन अटकलों को पूरी तरह से गलत बताया।

कौन हैं क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल?

यशस्वी ने भारत के सबसे होनहार युवा क्रिकेट स्टार्स में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ यादगार शतक के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद से ही वे सभी फॉर्मेट्स में रेगुलर खिलाड़ी बन गए हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी, जो घरेलू क्रिकेट में मुंबई और IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं, आखिरी बार भारत-अफगानिस्तान ODI सीरीज में नजर आए थे। थोड़े ब्रेक के बाद, उनके श्रीलंका के खिलाफ भारत की आने वाली टेस्ट सीरीज में वापसी करने की उम्मीद है।