यूक्रेन के युद्धग्रस्त पोर्ट पर फंसे 13 भारतीय नाविक, ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच जान पर मंडरा रहा खतरा

Russia-Ukraine War: यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क (Chornomorsk) बंदरगाह पर खड़े मालवाहक जहाज MV AMIR1 पर सवार 13 भारतीय नाविकों समेत कुल 15 क्रू मेंबर युद्ध के बीच फंस गए हैं। यूक्रेन में लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण इनकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने इस स्थिति को ‘बेहद भयावह और जानलेवा’ बताते हुए भारत सरकार समेत संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप और सुरक्षित निकासी की मांग की है।

यूनियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में कहा कि MV AMIR1 अभी भी चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर खड़ा है। जबकि उसके आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं। ऐसे में जहाज पर मौजूद भारतीय नाविक हर पल अपनी जान को लेकर भय के साये में जी रहे हैं।

हर पल सीधे हमले का खतरा

FSUI के मुताबिक, जहाज के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइलों की गतिविधियां देखी जा रही हैं। यूनियन ने कहा कि क्रू के सदस्य इस डर में रह रहे हैं कि किसी भी समय जहाज पर सीधा हमला हो सकता है। यूनियन ने जहाज के मालिकों, जहाज के फ्लैग स्टेट, संबंधित इंटरनेशनल समुद्री अधिकारियों और भारत सरकार से अपील की है कि नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें जल्द से जल्द वहां से सुरक्षित निकाला जाए। FSUI ने कहा कि भारतीय नाविकों को युद्ध क्षेत्र में आसान निशाना बनाकर नहीं छोड़ा जा सकता। अब तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।

MEA पहले ही जता चुका है चिंता

FSUI की यह अपील ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले ही विदेश मंत्रालय (MEA) ने ब्लैक सी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर यूक्रेन के सामने गंभीर चिंता जताई थी। सोमवार को भारत ने यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया था। यह कदम यूक्रेन के ओडेसा (Odesa) बंदरगाह के पास कमर्शियल जहाज MV OMORFI पर हुए हमले के बाद उठाया गया, जिसमें चार भारतीय नाविक भी सवार थे।

कमर्शियल जहाजों पर हमलों की भारत ने की निंदा

विदेश मंत्रालय ने बताया कि MV OMORFI पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी। भारत ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गंभीर खतरा हैं। भारत ने यूक्रेन से यह भी आग्रह किया कि नागरिक नाविकों को लेकर चलने वाले व्यापारिक जहाजों को किसी भी तरह के सैन्य हमलों का निशाना न बनाया जाए।

ब्लैक सी में बढ़ता खतरा

FSUI का कहना है कि ब्लैक सी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है। चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर फंसे MV AMIR1 के चालक दल की सुरक्षित वापसी अब सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक इन नाविकों को सुरक्षित नहीं निकाला जाता, तब तक वे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच लगातार जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं।

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FSUI की नई अपील में संघर्ष से प्रभावित ब्लैक सी क्षेत्र में चल रहे मर्चेंट जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई गई है। MV AMIR1 अभी भी चोर्नोमोर्स्क में खड़ा है। यूनियन ने क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी तुरंत वापसी का इंतजाम करने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि नाविक बंदरगाह के आसपास बार-बार ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे में रहते हैं।

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा को लेकर हाईअलर्ट, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत ये रास्ते रहेंगे बंद, भारतीय रेलवे ने चलाई कई स्पेशल ट्रेनें

Kanwar Yatra 2026: उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रशासन ने कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान लाखों कांवड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें स्पेशल ट्रेन सेवाएं, अतिरिक्त बसों की व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन जैसे उपाय शामिल हैं, ताकि आम यात्रियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए उत्तर रेलवे ने स्पेशल ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं और कुछ मौजूदा ट्रेनों के रूट का विस्तार भी किया है। इन ट्रेनों में शामिल है-

दिल्ली-सहारनपुर MEMU ट्रेन, जो 30 जुलाई से 14 अगस्त तक हरिद्वार तक चलेगी। यह ट्रेन दिल्ली से शाम 4:15 बजे चलेगी, रात 8:50 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। वहां 20 मिनट रुकने के बाद यह रवाना होगी और रुड़की व ज्वालापुर होते हुए रात 10:50 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। वापसी की यात्रा में, यह ट्रेन हरिद्वार से रात 2 बजे चलेगी और सुबह 8:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

इसी तरह, दिल्ली-शामली DEMU ट्रेन को भी 30 जुलाई से 14 अगस्त के बीच शामली, थाना भवन, रामपुर मनिहारन और टपरी होते हुए हरिद्वार तक बढ़ाया गया है।

इसके अलावा, नॉर्दर्न रेलवे तीर्थयात्रा के मौसम में दो स्पेशल मेला ट्रेनें भी चलाएगा। इनमें हरिद्वार-दिल्ली शाहदरा मेला स्पेशल ट्रेन (टपरी के रास्ते) 30 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगी, जबकि योगनगरी ऋषिकेश-दिल्ली शाहदरा मेला स्पेशल ट्रेन (टपरी के रास्ते) 30 जुलाई से 14 अगस्त तक संचालित की जाएगी।

हरियाणा में भी चलेंगी अतिरिक्त बसें 

हरियाणा रोडवेज ने भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी बल्लभगढ़ और हरिद्वार के बीच रोजाना दो बसें चल रही हैं और यात्रियों की मांग के आधार पर और बसें चलाई जा सकती हैं। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, बस का किराया पहले की तरह 385 रुपये प्रति यात्री रखा गया है।

वहीं, गाजियाबाद पुलिस ने ट्रैफिक मैनेजमेंट का एक विस्तृत प्लान लागू किया है। शहर में 29 जुलाई से 12 अगस्त तक भारी मालवाहक गाड़ियों के आने पर रोक रहेगी। इन भारी वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, NH-9 और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से डायवर्ट किया जाएगा।

इसके अलावा, गंगा नहर ट्रैक, कांवड़ मार्ग, पाइपलाइन मार्ग, NH-34 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी भारी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक रहेगी।

गाजियाबाद के इलाकों में वाहनों पर लागू रहेंगी पाबंदियां

5 अगस्त से 12 अगस्त तक गाजियाबाद के कई इलाकों में कारों, टेम्पो, पिकअप और दूसरे हल्के कमर्शियल वाहनों पर भी पाबंदियां लागू रहेंगी। कुछ खास रूटों पर ऑटो-रिक्शा सर्विस बंद रहेगी। जबकि, रोडवेज, प्राइवेट और इलेक्ट्रिक बसों को सीमापुरी बॉर्डर और तुलसी निकेतन के रास्ते शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन ने एम्बुलेंस और इमरजेंसी गाड़ियों की बिना रुकावट आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए हैं। साथ ही संवेदनशील जगहों पर CCTV कैमरे, ड्रोन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

मुजफ्फरनगर के इन रास्तों पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी

वहीं, मुजफ्फरनगर में दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और गंगा नहर रोड पर भारी वाहनों पर पाबंदियां 30 जुलाई से शुरू हो जाएंगी। 4 अगस्त से 12 अगस्त तक इन रास्तों पर सभी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक रहेगी और हाईवे का एक खास हिस्सा सिर्फ कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा।

इसके अलावा, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश वाला हिस्सा 7 अगस्त से 12 अगस्त तक ट्रैफिक के लिए बंद रहेगा। मेरठ, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें, जिनमें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और NH-9 शामिल हैं।

मिर्जापुर प्रशानस ने ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा की

मिर्जापुर जिला प्रशासन ने भी 31 जुलाई से 28 अगस्त तक ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा की है। सावन के महीने में दूध, पेट्रोलियम उत्पादों और स्कूल के सामान जैसी जरूरी चीजें ले जाने वाले वाहनों को छोड़कर, अन्य भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। कांवड़ियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए कई डायवर्जन रूट तय किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्य रास्तों और स्नान घाटों पर अस्थायी पुलिस स्टेशन, गोताखोर और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।

अधिकारियों ने जारी की एडवाइजरी

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने भक्तों और आम यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा करने से पहले ट्रेनों के लेटेस्ट शेड्यूल, बस सेवाओं और ट्रैफिक एडवाइजरी को देख लें, क्योंकि भीड़ की आवाजाही के आधार पर व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा सकता है।

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जंतर-मंतर का नया व्याकरण, क्‍या ‘Gen-Z’ की गालियों से हो रहा संस्‍कारों का पतन, सोशल मीडिया में छिड़ी बहस

Gen-Z protest

दिल्‍ली का जंतर-मंतर हमेशा से देश की धड़कन रहा है—यहां कभी इंकलाब के नारे गूंजते हैं, तो कभी व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश का सैलाब उमड़ता है। लेकिन हाल ही में, नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक के विरोध में जुटे 'Gen-Z' (नई पीढ़ी) के प्रदर्शन ने विरोध प्रदर्शनों के इतिहास में एक नया और तीखा अध्याय जोड़ दिया है। इस आंदोलन की सबसे बड़ी चर्चा सिर्फ इसके मुद्दों को लेकर नहीं, बल्कि उस भाषा को लेकर है जो प्रदर्शनकारियों के मुंह से निकली। सरकार, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को संबोधित करते हुए जिस खुलेपन और बेबाकी से फूहड़ और भद्दी गालियों का इस्तेमाल किया गया, उसने सोशल मीडिया से लेकर ड्राइंग रूम तक भूचाल ला दिया है।

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यह सिर्फ एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति और पीढ़ीगत अंतराल (Generation Gap) पर छिड़ी एक अंतहीन बहस बन गया है। देश की साहित्यिक और लेखक बिरादरी इस मुद्दे पर दो स्पष्ट और विपरीत ध्रुवों पर बंट गई है।

साहित्यिक बिरादरी में छिड़ा घमासान: अभिव्यक्ति या पतन?
इस पूरी घटना के बाद वैचारिक गलियारों में एक तीखी खींचतान शुरू हो गई है। एक धड़ा ऐसा है जो इन गालियों को युवा पीढ़ी के घुटनभरे गुस्से और निराशा का स्वाभाविक विस्फोट मान रहा है। इनका तर्क है कि जब सिस्टम युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता है, जब उनकी डिग्रियां और सपने पेपर लीक की भेंट चढ़ जाते हैं, तब शालीनता और व्याकरण के दायरे टूट जाते हैं। इस वर्ग का मानना है कि गालियां समाज का हिस्सा हैं और जब सत्ता बहरी हो जाती है, तो भाषा अपनी शालीनता छोड़कर आक्रामक हो जाती है। उनके अनुसार, यह Gen-Z का अपने गुस्से को बिना किसी फिल्टर के बयां करने का तरीका है।

दूसरी तरफ, पारंपरिक साहित्यकारों, विचारकों और वरिष्ठ नागरिकों का एक बड़ा वर्ग इसे संस्कारों का गंभीर हनन और सभ्यता के पतन की शुरुआत मान रहा है। उनका कहना है कि विरोध दर्ज कराने के लोकतांत्रिक और शालीन तरीके सदियों से मौजूद रहे हैं। सार्वजनिक मंचों पर इस स्तर की भद्दी भाषा का प्रयोग न केवल राजनीतिक बहस के स्तर को गिराता है, बल्कि यह दिखाता है कि नई पीढ़ी के भीतर संवाद की संस्कृति खत्म हो रही है।

ओटीटी, सोशल मीडिया और 'मूक स्क्रीन' की देन : इस वैचारिक मंथन में एक और दिलचस्प पहलू पर बात हो रही है—वह है Gen-Z की भाषा का ताना-बाना। आज की पीढ़ी किताबों की दुनिया से दूर, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेब सीरीज, सोशल मीडिया के मीम्स और रील्स की ऐसी दुनिया में जी रही है जहाँ गालियों को 'कूल' और 'रॉ' (Raw) मानकर सामान्यीकृत कर दिया गया है। फिल्मों और सीरीज में एंटी-हीरो के मुंह से निकलने वाली गालियां अब युवाओं के दैनिक बोलचाल का हिस्सा बन चुकी हैं।

जब यही पीढ़ी अपने वास्तविक जीवन में किसी बड़े संकट या अन्याय का सामना करती है, तो उनके पास विरोध की अपनी गढ़ी हुई कोई शास्त्रीय शब्दावली नहीं होती। वे अपनी उसी सिनेमैटिक और सोशल मीडिया वाली दुनिया की भाषा में प्रतिक्रिया देते हैं, जहां आक्रोश का मतलब ही तीखा और अमर्यादित होना है।

क्या यह लोकतंत्र की नई भाषा है?
सवाल यह है कि क्या जंतर-मंतर पर सुनाई दी यह भाषा लोकतंत्र के लिए खतरनाक है या यह एक चेतावनी है? एक तरफ, भाषा की पवित्रता और सार्वजनिक जीवन की गरिमा का सवाल अपनी जगह बिल्कुल सही है। लोकतंत्र में संवाद की एक मर्यादा होती है, और जब वह मर्यादा तार-तार होती है, तो समाज की मूल संरचना खतरे में पड़ जाती है। दूसरी तरफ, यह भी सच है कि यह गुस्सा रातों-रात पैदा नहीं हुआ। युवाओं के भीतर सिस्टम के प्रति जो अविश्वास और लाचारी का भाव है, उसने इस अमर्यादित भाषा को जन्म दिया है।

अंत में, जंतर-मंतर की यह घटना सिर्फ नीट पेपर लीक तक सीमित नहीं है। यह इस बात का आईना है कि हमारी आने वाली पीढ़ी व्यवस्था से कितनी त्रस्त है और उनके गुस्से को व्यक्त करने के साधन कितने बदल चुके हैं। अब यह बहस सिर्फ इस बात की नहीं है कि गालियां दी जानी चाहिए या नहीं, बल्कि इस बात की है कि क्या हम उस समाज का निर्माण कर रहे हैं जहाँ युवाओं का गुस्सा केवल गालियों के शोर में ही दबकर रह जाए?

अगर गालियों से समाज का पतन होता है तो इसकी शुरुआत आपके बेडरूम से हो चुकी है

Gen-Z protest

गालियों से याद आया कि जब मध्‍यप्रदेश में मोहन यादव सीएम बने थे तो उनका एक वीडियो वायरल हुआ था— वीडियो में वे गालियां दे रहे हैं, जिसे फुरसत से देखा जाना चाहिए। इसके कुछ पहले जाएं तो मध्‍यप्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने भी अपने कार्यकर्ताओं को बहुत ही अपनत्‍व और प्‍यारे मालवी अंदाज में बुलाया था। राजनीति में गालियों की यह ‘अनफिल्‍टर्ड’ परंपरा हाल ही में बीजेपी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के ‘घंटा’ तक पहुंची थी। अतीत में अखबार के पन्‍ने और न्‍यूज चैनल के दृश्‍य टटोलेंगे तो कई जगह बीप… बीप… सुनाई दे जाएंगी।

इससे ज्‍यादा ही मनोरंजित होना है और समाज के सामने अच्‍छा नागरिक भी बने रहना है तो अपने कमरे में चुपचाप हेडफोन लगाकर ओटीटी पर कोई भी वेब-सीरीज लगा लीजिए और बाहर दफ्तर, समाज में सभ्‍य बनकर अच्‍छा नागरिक बने रहिये।

इन सब के बीच सवाल यह है कि अगर गुस्‍से में गालियां न दी जाएं तो गालियों की जगह क्‍या दिया जाना चाहिए?

ओटीटी, स्‍टैंडअप्‍स और पॉडकास्‍ट में गालियों को 'कूल' और 'रॉ' बताकर जिस तरह से आप और हम कूल बनते हैं तो यह भी बता दें कि इस जनरेशन को अपनी गालियों के साथ कौनसे श्‍लोक और मंत्र शामिल करने चाहिए थे, जिससे ये गालियां इतनी अश्‍लील और भद्दी न हो?

बात यह है कि गालियों का संबंध किसी पार्टी, संगठन या उम- वर्ग आदि से नहीं होता है। जिस आदमी को गुस्‍सा आता है— आक्रोश होता है वो जब वो चरम पर पहुंचता है तो उस आदमी के खिलाफ गालियां दी जाती हैं, जिसने उसे इसके लिए मजबूर किया है। हां, कुछ हद तक हमारे संस्‍कार काम आते हैं, लेकिन यह भी सिचुएशनल काम करते हैं। हम कितने ही आध्‍यात्‍मिक बन जाएं, किसी के मरने पर रो ही देंगे— किसी के बिछडने पर दुख होता ही है। हां, यह सही कि नई जनरेशन आपसे ज्‍यादा मुखर है— उसके लिए बहुत सी बातें नॉर्मल है, उनके बीच लिंग-भेद कम होता जा रहा है।

अगर प्रोटेस्‍ट में आक्रोश में एक करप्‍ट सिस्‍टम के खिलाफ निकली गालियों से समाज का पतन होता है तो यह पतन आपके बेडरूम में पहले ही हो चुका है। उन ओटीटी, स्‍टैंडअप कॉमेडी और पॉडकास्‍ट में हो चुका है, जिसे आप बड़े चाव से अपने कमरे की लाइट्स बंद कर के देखते हैं।

गालियां Gen-Z की भाषा नहीं है— न ही ये गालियां उन्‍होंने ईजाद की है— ये गालियां आपने उन्‍हें विरासत में ट्रांसफर की हैं। फर्क इतना है कि आप में सिर्फ अपने बेडरूम और प्राइवेट पार्टी में गालियां देने का साहस है— जबकि वे कहीं भी अनफिल्‍टर्ड नहीं हैं।

Ranbir Kapoor: ‘धूम 4’ में कास्टिंग की खबरों पर रणबीर कपूर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘लव एंड वॉर’ प्रायोरटी

Ranbir Kapoor: रणबीर कपूर ने आखिरकार ‘धूम 4’ से अपने जुड़ने की लंबे समय से चल रही अटकलों पर बात की है। यश राज फिल्म्स की एक्शन फ़्रैंचाइज़ी के नए चेहरे के तौर पर बार-बार सामने आ रहे इस एक्टर ने साफ किया है कि यह प्रोजेक्ट उनकी कन्फर्म फिल्मों की लिस्ट का हिस्सा नहीं है।

यह बयान रणबीर के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में शामिल होने के दौरान आया, जहां वह डायरेक्टर नितेश तिवारी, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​और को-स्टार यश के साथ ‘रामायण’ को प्रमोट कर रहे थे। इवेंट के दौरान ‘रिव्यू नेशन’ के साथ एक इंटरव्यू में, होस्ट ने रणबीर और यश दोनों की आने वाली फिल्मों के बारे में बात की। जहां ‘रामायण’ के साथ यश की फिल्म ‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का जिक्र हुआ, वहीं होस्ट ने ‘धूम 4’ को रणबीर के अगले प्रोजेक्ट्स में से एक बताया।

रणबीर ने अपनी मौजूदा फ़िल्मों की लिस्ट में से सिर्फ दो फिल्मों का नाम लिया। उन्होंने कहा, “नहीं, अभी मैं ‘रामायण’ और ‘लव एंड वॉर’ नाम की एक और फ़िल्म पर काम कर रहा हूं। इसे संजय भंसाली डायरेक्ट कर रहे हैं। यह फिल्म अगले साल 24 जनवरी को रिलीज होगी।”

उनके जवाब से ऐसा लगता है कि ‘धूम’ फ़्रैंचाइज़ी की चौथी फिल्म साइन करने की खबरों पर रोक लग गई है। यश राज फिल्म्स ने भी फ़िल्म, उसके डायरेक्टर या कास्ट के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। खास बात यह है कि रणबीर ने अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में बात करते हुए संदीप रेड्डी वांगा की 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘एनिमल’ के सीक्वल ‘एनिमल पार्क’ का जिक्र नहीं किया।

रणबीर के ‘धूम 4’ में शामिल होने की खबरें कई सालों से चल रही हैं। 2024 में, पिंकविला की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा उन्हें फ़्रैंचाइजी को आगे बढ़ाने के लिए सही एक्टर मानते हैं और इस बारे में शुरुआती बातचीत भी हुई थी।

उसी दौरान, हेयरस्टाइलिस्ट आलिम हकीम ने रणबीर की नई लुक वाली तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों से यह अटकलें लगने लगीं कि यह बदलाव या तो ‘धूम 4’ के लिए था या ‘एनिमल पार्क’ के लिए। 2025 में इन अफ़वाहों को और बल मिला जब एक और रिपोर्ट में कहा गया कि विक्की कौशल भी इस फ़िल्म से जुड़ सकते हैं। कास्टिंग से जुड़े इन दावों में से किसी की भी यश राज फ़िल्म्स ने पुष्टि नहीं की है।

इस फ्रैंचाइजी की शुरुआत 2004 में ‘धूम’ से हुई थी, जिसमें अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा और जॉन अब्राहम ने काम किया था। इसकी सफलता के बाद 2006 में ‘धूम 2’ आई, जिसमें ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय भी शामिल हुए। इस सीरीज की सबसे हालिया फिल्म ‘धूम 3’ 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें आमिर खान और कैटरीना कैफ ने काम किया था।

दर्शकों की लगातार दिलचस्पी के बावजूद, स्टूडियो ने अभी तक अगले भाग के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। फिलहाल, रणबीर का पूरा ध्यान ‘रामायण’ और संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ पर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया एक और नया वीडियो, पेपर लीक को लेकर किया यह बड़ा ऐलान

Prime Minister Narendra Modi has issued video message regarding paper leak case

Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके। प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है।

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टास्क फोर्स का हुआ गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके।

बनेगा नया कठोर कानून

प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रेंड्स विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम कल पार्लियामेंट के अंदर भी कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है। हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त हो।

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वे जेलों में सड़ रहे हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं। राजनीतिक जीवन से शुरू से ही तकनीकी का बेहतर इस्तेमाल करने वाले प्रधानमंत्री मोदी इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म जैसे Facebook, WhatsApp, एक्स पर सक्रिय है और बड़ी संख्या में उनके फालोअर्स भी हैं।

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जब PM मोदी ने खुद संभाला मोर्चा 

इंस्टाग्राम पर भी प्रधानमंत्री मोदी 2016 से जुड़े हैं लेकिन इंस्टाग्राम के लिए अलग से कोई रील नहीं अपलोड किया जाता था, जबकि अधिकांश जेनजी इंस्टाग्राम पर ही सक्रिय हैं। हाल ही में पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में खुद मोर्चा संभाला और इंस्टाग्राम पर रील डालकर जेनजी के साथ संवाद कायम किया।

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Gen Z को पसंद आया PM मोदी का नया अवतार

Gen Z को भी प्रधानमंत्री का नया अवतार पसंद आया और इंस्टाग्राम पर उनके 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स बढ़ गए। Gen Z की ओर से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को उन्हें रील बनाकर थैंक्स (धन्यवाद) भी कहा। इसे भी 93 लाख से अधिक लोगों ने देखा और लाइक किया।

‘ हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी …’, परीक्षा रिफॉर्म पर PM मोदी का बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधारों के लिया बड़ा फैसला किया है। पीएम मोदी ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे जेल भेजे जा चुके हैं और ऐसे मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि नंदन नीलेकणी की अगुवाई में हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार संसद में एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें परीक्षा से जुड़े अपराधों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान होंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि भविष्य की परीक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाएगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने देश के जाने-माने तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई पावर टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाली सभी परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकें।

कौन हैं नंदन निलेकणि

नंदन निलेकणि टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज उद्यमी हैं। उन्हें इन्फोसिस के सह-संस्थापक और आधार कार्ड के जनक के रूप में जाना जाता है। वो 2002 से 2007 तक इन्फोसिस के CEO और MD रहे। बाद में 2017 में कंपनी के चेयरमैन के रूप में भी लौटे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2009 में नंदन नीलेकणि को UIDAI प्रोजेक्ट का चेयरमैन बनने के लिए आमंत्रित किया। नंदन ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। UIDAI को ‘डिजिटल इंडिया’ को आकार देने में एक अहम कदम माना जाता है। आज, आधार को दुनिया भर में सबसे बड़े बायोमेट्रिक सिस्टम के तौर पर पहचाना जाता है।

Nirmala Sitharaman: ‘जनता को दफ्तरों के चक्कर न लगवाएं’, इनकम टैक्स अधिकारियों को निर्मला सीतारमण की नसीहत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों से कहा है कि आम लोगों को अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी और तेजी से काम करने की अपील की।

नागरिकों का काम समय पर करें

मुंबई के नरीमन पॉइंट में बने 13 मंजिला आयकर सिंधु भवन के उद्घाटन के दौरान सीतारमण ने कहा कि नियमों का पालन जरूरी है। लेकिन लोगों को उनका हक समय पर मिलना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसा काम करें कि लोगों को एक टेबल से दूसरी टेबल तक भटकना न पड़े।

विभाग को भी झेलनी पड़ी परेशानी

वित्त मंत्री ने बताया कि जिस जमीन पर यह इमारत बनी है, वह 1973 से आयकर विभाग के पास थी। इसके बावजूद भवन बनाने के लिए विभाग को कई मंजूरियां लेने में काफी मुश्किलें आईं। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी विभाग को ही इतनी दिक्कत होती है, तो आम लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सरकारी जमीन पर कब्जे पर नाराजगी

सीतारमण ने सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह हमारी कार्यप्रणाली की कमी दिखाता है। अगर समय रहते सरकारी संपत्तियों की देखभाल होती, तो ऐसी नौबत नहीं आती।

अधिकारियों के आवास की कमी दूर होगी

उन्होंने कहा कि मुंबई और नवी मुंबई में आयकर अधिकारियों के लिए सरकारी आवास कम हैं। कई अधिकारियों को रोज लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी विभागों के बीच जमीन का हस्तांतरण तेज किया जाएगा, ताकि नए दफ्तर और आवास जल्द बन सकें।

BSNL की जमीन का भी होगा इस्तेमाल

वित्त मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे BSNL की खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल सरकारी दफ्तरों और आवास के लिए करने की संभावना देखें। उन्होंने कहा कि इस बारे में वह संबंधित मंत्री से भी बात करेंगी।

ईमानदारी को सबसे ऊपर रखें

सीतारमण ने अधिकारियों से कहा कि ईमानदारी से बड़ा कोई सिद्धांत नहीं है। उन्होंने सभी अधिकारियों से पारदर्शिता के साथ काम करने और लोगों का भरोसा जीतने की अपील की।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

Weather Update : भारत में Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, गुजरात-असम में बाढ़ का कहर, 17 राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

mansoon update

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दो सक्रिय निम्न दबाव (लो-प्रेशर) सिस्टम और एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस बीच गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से तेज हुआ मानसून

 

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर सिस्टम विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों तक फैला हुआ है। अगले दो दिनों में इसके और मजबूत होने की संभावना है।

 

इसके अलावा, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के बड़े हिस्से में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

 

दिल्ली समेत उत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी

 

आईएमडी ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बारिश, गरज-चमक और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। लोगों को भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत जिलों में भी भारी बारिश और 60 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।

 

हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में अगले दो दिनों तक व्यापक बारिश होने की संभावना है।

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।

 

गुजरात और असम में बाढ़ से हालात गंभीर

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गुजरात में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। अब तक 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए 204.5 मिमी से अधिक बारिश की चेतावनी दी है।

 

असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उफनती नदियों के कारण घर, सड़कें और कृषि भूमि जलमग्न हो गई हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

 

इन राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के अनुसार, गुजरात और हिमालयी राज्यों के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

IND vs ZIM: दूसरे मुकाबले में तिलक वर्मा ने रचा इतिहास, रोहित-विराट के खास क्लब में बनाई जगह

IND vs ZIM: भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले को टीम इंडिया ने 90 रन से जीता है। इस जीत के साथ भारतीय टीम 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में 60 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं इस पारी के साथ तिलक ने बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। टी20 उपकप्तान तिलक वर्मा ने विदेशी सरजमीं पर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 1,000 रन पूरे किए। इसके साथ ही तिलक ये मुकाम हासिल करने वाले भारत के सिर्फ आठवें बल्लेबाज बन गए। इस पारी के साथ तिलक विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ एक खास लिस्ट में शामिल हो गए

पूरे किए अपने एक हजार रन

तिलक वर्मा ने साल 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में उन्हें विदेशी सरजमीं पर अपने 1,000 टी20I रन पूरे करने के लिए सिर्फ 4 रन की जरूरत थी। उन्होंने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारतीय पारी के 11वें ओवर में कप्तान सिकंदर रजा की गेंद पर चौका लगाकर यह खास उपलब्धि हासिल कर ली।

प्लेयरमैचरन
रोहित शर्मा1012699
विराट कोहली792611
सूर्यकुमार यादव621742
सुरेश रैना561187
हार्दिक पंड्या731076
तिलक वर्मा37*1056*
शिखर धवन401053

रोहित-विराट की क्लब में हुए शामिल

विदेशी सरजमीं पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा हैं। उन्होंने 101 मैचों में 2,699 रन बनाए हैं। इस सूची में विराट कोहली 79 मैचों में 2,611 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, सूर्यकुमार यादव, केएल राहुल, सुरेश रैना, हार्दिक पांड्या और शिखर धवन भी विदेश में टी20I में 1,000 से अधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हैं। अब तिलक वर्मा ने भी इस खास क्लब में अपनी जगह बना ली है।