दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा?

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की करारी हार का ठीकरा भाजपा में किसके सिर फूटेगा, यह सवाल अब सियासी गलियारों में पूछा जाने लगा है। राजनीतिक विश्लेषक इस बात को साफ तौर पर मानते है कि दतिया विधानसभा चुनाव के परिणाम जिस तरह से आए वह पार्टी के लिए वकाई चिंता का विषय है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी जिस तरह से चुनाव में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह का बूथ हार गए, उसके एक नहीं कई सियासी मायने है।

दतिया में भाजपा की करारी हार ठीकरा पूरी तरह से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा पर फूटना तय है। चुनाव के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने जिस तरह से टिकट कटने को लेकर पार्टी नेतृ्व्य पर इशारों ही इशारों में सवाल उठाए, उसका खामियाजा पार्टी  को चुनाव में उठाना पड़ा। दतिया में भाजपा की हार सिर्फ पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी की हार नहीं बल्कि भाजपा संगठन की हार है।

2023 में दतिया विधानसभा सीट हारने के बाद इस बार भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया और आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद जिस तरह से पहले नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने दतिया में बवाल काटा और फिर नरोत्तम मिश्रा मंच पर रोए, उससे उपचुनाव में उनकी भूमिका पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। नरोत्तम मिश्रा पूरे उपचुनाव के दौरान दावा करते रहे है कि वह पूरी तरह पार्टी के साथ है लेकिन कई  अहम मौकों जैसे बसई में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बड़ौना में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का सभा में उनका नहीं जाना, उनकी नाराजगी और भाजपा की गुटबाजी से जोड़कर देखा गया।

वहीं दतिया भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह जिसको नरोत्तम मिश्रा का समर्थक माना जाता है, उसके बूथ पर भी पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को हार का सामना करना पड़ा। उपचुनाव में भाजपा की हार नरोत्तम मिश्रा की सियासी करियर पर एक ग्रहण का काम करेगी और उनकी पार्टी में पूछ-पऱख कम होगी और उनके सियासी पुर्नवास की राह कठिन हो जाएगी। इस बात का अंदाजा शायक खुद नरोत्तम मिश्रा को भी है इसलिए वह पूरे चुनाव के दौरान कहते रहे है कि पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया और अब पार्टी कितना देगी। वहीं नरोत्तम मिश्रा ने अब राजनीति में अपनी सक्रियता को लेकर भी इशारों ही इशारों में कई संदेश दिए है। दतिया से पार्टी की हार के साथ उन्होंने कहा कि मेरी राजनीति का पटाक्षेप हो गया है।

Pakistan Super League खेलेंगे मोहम्मद आमिर लेकिन ब्रिटिश नागरिक बनकर

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर अगले साल होने वाले पाकिस्तान सुपर लीग का हिस्सा होंगे लेकिन एक पाकिस्तानी के तौर पर नहीं बल्कि एक ब्रिटिश सदस्य के तौर पर। हाल ही में एक पॉडकास्ट ( विस्डन पॉड ) में उन्होंने यह पुष्टि की।गौरतलब है कि आमिर लंबे समय से ब्रिटेन के नागरिक हैं।

आमिर ने सितंबर 2016 में एक ब्रिटिश नागरिक नरगिस मलिक से शादी की थी और वह जीवनसाथी (स्पाउज) वीजा के योग्य थेजो उन्हें 30 महीने के लिए इंग्लैंड में रहने की अनुमति देता है। अब वह स्थायी रूप से इंग्लैंड के नागरिक हैं। वह एक घर खरीदने की योजना भी बना चुके है।

उन्होंने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था। लेकिन उन्होंने अपना मन बदल लिया और  टी20 विश्व कप 2024 में खेलने के लिए वापसी की।पाकिस्तान के विवादास्पद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने टी20 विश्व कप में खेलने के लिए संन्यास से बाहर आने के महीनों बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दोबारा संन्यास की घोषणा की।

आमिर को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में 2010 से 2015 के बीच पांच साल के लिए क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया गया था।मोहम्मद आमिर किस स्तर के गेंदबाज है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि संन्यास के लगभग 6 महीने तक वह आईसीसी वनडे रैंकिंग में टॉप 10 गेंदबाजों में शामिल थे।

मानसिक रुप से प्रताड़ित होने पर लिया था फैसला
 
गौरतलब है नवंबर 2020 में आमिर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला करते हुए आरोप लगाया कि उनका राष्ट्रीय बोर्ड प्रबंधन उन्हें ‘मानसिक रूप से प्रताड़ित’ कर रहा है।

वकार ने कसा था तंज

आमिर को न्यूजीलैंड दौरे के लिए पाकिस्तान की टीम में जगह नहीं दी गई थी। गेंदबाजी कोच वकार यूनिस ने कहा था कि उन्होंने काम के बोझ के कारण टेस्ट क्रिकेट को अलविदा नहीं कहा था और इसके पीछे के कारणों के बारे में यह तेज गेंदबाज ही बेहतर बता सकता है।

आमिर ने सीमित ओवरों के क्रिकेट पर ध्यान लगाने के लिए  साल 2019 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था क्योंकि उन्हें लगा कि उनका शरीर सभी प्रारूपों में खेलने के बोझ का सामना नहीं कर सकता। इस तेज गेंदबाज ने 2009 में पदार्पण के बाद 36 टेस्ट में 119 विकेट हासिल किए।

विवादों से रहा है पुराना नाता

स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में आमिर को साल 2010 से 2015 तक प्रतिबंध का सामना भी करना पड़ा। कप्तान सलमान बट, आमिर और मोहम्मद आसिफ को इंग्लैंड दौर पर फिक्सिंग का दोषी पाए जाने के बाद 2011 में आईसीसी ने 5 साल के लिए निलंबित कर दिया था।

पूरा करियर खेलते तो तोड़ते कई रिकॉर्ड

आमिर पाकिस्तान की उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2009 विश्व टी20 कप जीतने के अलावा 2017 में चैंपियन्स ट्रॉफी खिताब जीता। जिस समय वह स्पॉट फिक्सिंग विवाद में फंसे थे उस समय उनकी उम्र महज 17 साल की थी। 29 वर्षीय मोहम्मद आमिर अगर अपना पूरा क्रिकेट करियर खेल जाते तो शायद उनके नाम गेंदबाजी के बड़े बड़े रिकॉर्ड होते लेकिन ऐसा हो ना सका।

‘IIT सिर्फ एक टैग है…’, इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले सालाना 95 लाख की कमाई करने का किया दावा, सैलरी का स्क्रीनशॉट वायरल

भारत में IIT की डिग्री को लंबे समय से सबसे कीमती एकेडमिक क्वालिफिकेशन में से एक माना जाता रहा है। हालांकि, इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले एक व्यक्ति की वायरल पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि कॉलेज पूरा किए बिना ही वे सालाना 95 लाख रुपये से ज़्यादा कमाते हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब बड़े एजुकेशनल टैग के बजाय स्किल्स और अनुभव ज़्यादा मायने रखते हैं।

यह बहस तब शुरू हुई जब ग्रोथ मार्केटर लावण्या जैन ने दावा किया कि वे सालाना 1,00,000 डॉलर (लगभग 95 लाख रुपये) से ज़्यादा कमाते हैं, जबकि उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री कभी पूरी नहीं की। अपने दावे को साबित करने के लिए, जैन ने कुछ स्क्रीनशॉट शेयर किए। इनमें 3.74 लाख रुपये और 1.12 लाख रुपये की सैलरी क्रेडिट होती दिख रही थी, यानी उनके अकाउंट में कुल मिलाकर लगभग 4.86 लाख रुपये जमा हुए थे।

जैन के अनुसार, उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में अपना बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (BTech) प्रोग्राम आखिरी सेमेस्टर के दौरान छोड़ दिया था। इस फ़ैसले को वे अब अपनी ज़िंदगी के सबसे अच्छे फ़ैसलों में से एक मानते हैं।

उन्होंने लिखा, “मैं IIT से भी नहीं हूं। असल में, मैंने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन्स इंजीनियरिंग में अपनी B.Tech की पढ़ाई आखिरी सेमेस्टर में ही छोड़ दी थी। मुझे लगता है कि यह मेरी ज़िंदगी के सबसे अच्छे फैसलों में से एक था।” जैन ने आगे कहा कि वे अभी एक कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर सिर्फ़ पार्ट-टाइम काम करके अपने पुराने कॉलेज के सबसे ज़्यादा प्लेसमेंट पैकेज से भी ज़्यादा कमा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मैं अपने कॉलेज के सबसे ज़्यादा प्लेसमेंट पैकेज (100k USD) से भी ज़्यादा कमा रहा हूं, और वह भी एक कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर पार्ट-टाइम काम करके।” अपनी मुख्य कमाई के अलावा, जैन ने यह भी बताया कि उन्होंने कई पैसिव इनकम के ज़रीये बनाए हैं जो उनकी कुल कमाई को काफ़ी बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा, “मेरे पास पैसिव इनकम के 5 ज़रीये हैं, और मेरी मुख्य कमाई मेरे सभी खर्चों को पूरा करती है (और वैसे, मैं काफ़ी खर्च करता हूं)।”

उनके लिंक्डइन प्रोफ़ाइल पर मौजूद जानकारी के अनुसार, जैन ने Runable, Kairos Computer और Fold जैसे स्टार्टअप्स में ग्रोथ मार्केटिंग और गो-टू-मार्केट (GTM) भूमिकाओं में काम किया है। उनके करियर का सफ़र स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक बड़े ट्रेंड को दिखाता है, जहां कई एम्प्लॉयर अब सिर्फ़ एकेडमिक डिग्री के बजाय स्किल्स, काम करने के तरीके और मापने योग्य बिज़नेस इम्पैक्ट को ज़्यादा अहमियत दे रहे हैं।

अपनी कमाई के बारे में बताने के बावजूद, जैन ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी पोस्ट का मकसद अपनी आर्थिक सफलता का दिखावा करना नहीं था। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि इसका मकसद उस आम धारणा को चुनौती देना था कि सिर्फ़ IIT की डिग्री ही करियर में सफलता की गारंटी देती है।

पार्टनर की जन्म तिथि से जाने कौन देगा जीवन भर का साथ? ये 4 महीने है लिस्ट में

जीवन में हर कोई अपने लिए ऐसा लाइफ पार्टनर चाहता है, जिस पर आंख बंद करके भरोसा किया जा सके। कुछ लोग रोमांस से ज्यादा समझदारी और साथ निभाने वाले रिश्ते को इम्पोर्टेंस देते हैं। माना जाता है कि कुछ जन्म महीनों के लोगों में ऐसे पार्टनर की चाहत ज्यादा होती है। ये रहे वो महीने जो खास माने जाते है:

जून में जन्मे लोग (June Born)

जून में जन्मे लोग ऐसे पार्टनर को पसंद करते हैं जो रिश्ते में ईमानदार हो और हर सिचुएशन में साथ निभाए। इनके लिए छोटे-छोटे पल और समझदारी किसी फिल्मी रोमांस से ज्यादा मायने रखते हैं।

 

 

सितंबर में जन्मे लोग (September Born)

सितंबर में जन्मे लोग जिम्मेदार और फ्यूचर की सोच रखने वाले लोगों की ओर अट्रैक्ट होते हैं। इन्हें ऐसा साथी पसंद आता है जो रिश्ते और करियर, दोनों को अच्छे तरीके से संभाल सके।

 

दिसंबर में जन्मे लोग (December Born)

दिसंबर में जन्मे लोग मेहनती, सेल्फ-कॉंफिडेंट और अपने सपनों को पूरा करने वाले लोगों को पसंद करते हैं। इन्हें ऐसे पार्टनर अच्छे लगते हैं जो सिर्फ बातें नहीं, बल्कि अपने काम से भी भरोसा जीतें।

 

जुलाई में जन्मे लोग (July Born)

जुलाई में जन्मे लोग रिश्ते में खुलकर बात करने और भरोसे को सबसे ज्यादा इम्पोर्टेंस देते हैं। इनके लिए सच्चाई और इमोशन किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत होती है।

 

 मजबूत रिश्ते की पहचान  (Practical Relationship)

एक अच्छा रिश्ता सिर्फ रोमांस से नहीं चलता। रिस्पेक्ट, बातचीत, भरोसा और एक-दूसरे का साथ देने की सोच ही रिश्ते को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखती है।

 

असलियत भी जानें (Reality Check )

जन्म का महीना किसी व्यक्ति का स्वभाव या उसका जीवनसाथी तय नहीं करता। यह सिर्फ पर्सनैलिटी ट्रेंड्स के बेस पर एक जानकारी है। किसी भी रिश्ते की सक्सेस दोनों लोगों की समझ, भरोसे और कोशिश पर डिपेंड करती है।

SIP vs Lumpsum: ₹2000 की SIP या ₹2 लाख का लंपसम? आपके बच्चे के लिए कौन-सा निवेश बेस्ट रहेगा, पूरा कैलकुलेशन समझिए

SIP vs Lumpsum: बच्चा जब छोटा होता है, तब उसकी पढ़ाई, कॉलेज या करियर की चिंता दूर की बात लगती है। लेकिन समय बहुत तेजी से निकलता है। आज जो बच्चा गोद में है, वही 15-20 साल बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल, MBA या विदेश में पढ़ाई का सपना देख सकता है। ऐसे में अगर आपने समय रहते निवेश शुरू नहीं किया, तो एक साथ बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं होगा।

यहीं से एक सवाल शुरू होता है। अगर आपके पास आज ₹2 लाख हैं, तो क्या उन्हें एक साथ निवेश कर देना चाहिए? या हर महीने ₹2,000 की SIP शुरू करना ज्यादा समझदारी होगी? दोनों के अपने फायदे हैं। आइए आसान भाषा और कैलकुलेशन से समझते हैं।

SIP और लंपसम में क्या अंतर है?

SIP यानी सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान में आप हर महीने एक तय रकम निवेश करते हैं। इससे निवेश की आदत बनती है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर भी कुछ हद तक संतुलित हो जाता है।

वहीं लंपसम में पूरी रकम एक साथ निवेश की जाती है। अगर निवेश लंबी अवधि का हो, तो पूरी रकम पहले दिन से ही कंपाउंडिंग का फायदा उठाने लगती है।

इसे उदाहरण से समझिए

अब मान लीजिए आपका बच्चा अभी छोटा है और आप उसके भविष्य के लिए निवेश शुरू करना चाहते हैं। दो विकल्प हैं। हर महीने ₹2,000 की SIP करें या आज ही ₹2 लाख का लंपसम निवेश कर दें। मान लेते हैं कि दोनों निवेशों पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है।

15, 20 और 25 साल में कितना बनेगा पैसा?

निवेश का तरीका15 साल20 साल25 साल
₹2,000 की SIP का अनुमानित फंड₹10.09 लाख₹19.98 लाख₹37.95 लाख
आपका कुल SIP निवेश₹3.60 लाख₹4.80 लाख₹6.00 लाख
₹2 लाख का लंपसम निवेश₹10.95 लाख₹19.29 लाख₹34.00 लाख
लंपसम में अनुमानित मुनाफा₹8.95 लाख₹17.29 लाख₹32.00 लाख

नोट: यह कैलकुलेशन 12% सालाना अनुमानित रिटर्न पर आधारित है। म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं। इसलिए वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है।

दोनों रिटर्न में अंतर क्यों दिखता है?

15 साल में ₹2 लाख का लंपसम, ₹2,000 की SIP से थोड़ा आगे दिखता है। लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, SIP का फंड बड़ा होता जाता है। इसकी वजह यह नहीं है कि SIP का रिटर्न ज्यादा है, बल्कि इसलिए क्योंकि SIP में हर महीने नया पैसा भी जुड़ता रहता है।

उदाहरण के लिए, 25 साल में SIP के जरिए आपने कुल ₹6 लाख निवेश किए हैं। वहीं, लंपसम में सिर्फ ₹2 लाख लगाए हैं। इसलिए दोनों की तुलना करते समय सिर्फ अंतिम रकम नहीं, बल्कि कुल निवेश को भी ध्यान में रखना चाहिए।

अगर आज ₹2 लाख पड़े हैं…

अब मान लीजिए आपको बोनस मिला है। कोई जमीन बिकी है। या FD मैच्योर हुई है। अगर इस पैसे की अगले 20-25 साल तक जरूरत नहीं है, तो उसे बैंक खाते में पड़ा रहने देने से बेहतर है कि लंबी अवधि के लिए निवेश कर दिया जाए। इससे पूरा पैसा पहले दिन से ही आपके लिए काम करना शुरू कर देगा।

अगर हर महीने बचत करना आसान है…

हर परिवार के पास ₹2 लाख एक साथ नहीं होते। लेकिन ₹2,000 महीने निकालना कई लोगों के लिए मुमकिन होता है। ऐसे में SIP बेहतर विकल्प है। इससे घर का बजट भी नहीं बिगड़ता और धीरे-धीरे अच्छा फंड तैयार हो जाता है।

अगर दोनों कर सकते हैं तो?

मान लीजिए आपके पास ₹2 लाख भी हैं और हर महीने ₹2,000 बचाने की क्षमता भी है। ऐसे में दोनों का फायदा उठाया जा सकता है।

आज ₹2 लाख निवेश कर दीजिए। फिर अगले महीने से ₹2,000 की SIP भी शुरू कर दीजिए। इससे एक तरफ बड़ी रकम लंबे समय तक कंपाउंड होगी और दूसरी तरफ हर महीने नया निवेश भी जुड़ता रहेगा।

सबसे बड़ा रोल समय निभाता है

अक्सर लोग सही म्यूचुअल फंड ढूंढने में महीनों लगा देते हैं, लेकिन निवेश शुरू नहीं करते। जबकि सच यह है कि अच्छे फंड से भी ज्यादा ताकत समय में होती है।

अगर बच्चा अभी 3 साल का है और आपने आज निवेश शुरू कर दिया, तो आपके पास 15 से 20 साल का समय है। यही समय छोटी-छोटी रकम को बड़े फंड में बदल देता है।

इसलिए अगर आज आप सोच रहे हैं कि अगले साल से शुरू करेंगे, तो शायद वही सबसे महंगी गलती होगी। चाहे शुरुआत ₹2,000 महीने से करें या ₹2 लाख एक साथ लगाएं, सबसे जरूरी बात यह है कि शुरुआत जितनी जल्दी होगी, भविष्य उतना ही आसान हो सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

एआई के आते ही लगी चपत! ₹2 लाख कमाने वाले कॉपीराइटर की इनकम पहुंची 40 हजार पर

आज के बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करना आम बात हो गई है। AI के बढ़ते इस्तेमाल से काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। वहीं एआई के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से कुछ लोगों को अपनी जॉब से भी निकाला जा रहा है। वहीं इसकी वजह से कई लोगों को अपने करियर को लेकर चिंतित हैं। कुछ लोग AI को नए मौके मानते हैं, जबकि कई लोगों के मुताबिक इससे उनके करियर पर बड़ा असर पड़ा है। वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर एक कॉपीराइटर का एआई की वजह से कम हुई सैलरी को लेकर किया गया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

एक वायरल Reddit पोस्ट में एक कॉपीराइटर ने अपनी नौकरी और कमाई में आए बड़े बदलाव का अनुभव शेयर किया। कॉपीराइटर के मुताबिक, पहले वह हर महीने करीब 2 लाख रुपये कमाते थे, लेकिन अब उनकी आय घटकर लगभग 40 हजार रुपये रह गई है। उन्होंने दावा किया कि AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने उनके काम और करियर पर गहरा असर डाला।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

Reddit पर ये पोस्ट r/IndianWorkplace शेयर की गई थी। इस पोस्ट का टाइटल “2 लाख रुपये महीने से 40 हजार रुपये महीने की सैलरी पर पहुंचना” था। जिंदगी की सबसे बड़ी गिरावट।” पोस्ट में यूजर ने बताया कि फ्रीलांसिंग से शुरुआत करने के बाद उनकी कमाई 2 लाख रुपये महीने तक पहुंच गई थी, लेकिन कुछ ही हफ्तों में उनका करियर पूरी तरह बदल गया। यूजर ने लिखा, “करीब 8 साल पहले मैंने फ्रीलांसिंग शुरू की थी। 18 साल की उम्र में मुझे पहला फुल-टाइम रिमोट कॉन्ट्रैक्ट मिला और 22 साल की उम्र तक मैं घर से काम करते हुए हर महीने 2 लाख रुपये कमा रहा था।”

कम हो गई सैलरी

लेकिन,ये सफलता ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। यूजर ने बताया कि साल 2026 उनके करियर के लिए सबसे मुश्किल दौर साबित हुआ। उन्होंने लिखा, “2026 मेरे लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा। मेरी सभी नौकरियां और प्रोजेक्ट चले गए और सिर्फ दो हफ्तों के भीतर मेरी छह अंकों की मासिक कमाई घटकर लगभग शून्य हो गई।” यूजर के अनुसार, वर्कप्लेस पर AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने उनके करियर पर सबसे ज्यादा असर डाला। उन्होंने दावा किया कि इसी बदलाव की वजह से उनकी नौकरी भी चली गई।

एआई की वजह से गई नौकरी

पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैं एक लीड कॉपीराइटर था। मैंने बिल्कुल शुरुआत से अपना करियर बनाया। कॉलेज बीच में छोड़ दिया था और अपनी पूरी जिंदगी अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने में लगा दी। लेकिन फिर AI का दौर आ गया। मेरा मानना है कि मुझे इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि कंपनी ने AI को ट्रेन करने और अपने स्थायी कर्मचारियों को बनाए रखने का फैसला किया।”

2 लाख से 40 हजार हुई सैलरी

इनकम के एक रेगुलर सोर्स के लिए यूजर ने हैदराबाद की एक मार्केटिंग एजेंसी जॉइन की। जो तेलंगाना टूरिज्म के प्रचार से जुड़े काम संभालती है। उन्होंने बताया कि ज्यादा जिम्मेदारियां संभालने के बावजूद उनकी सैलरी पहले की तुलना में काफी कम है। यूजर ने बताया कि नई नौकरी में सबसे बड़ा झटका उन्हें सैलरी को लेकर लगा। उन्होंने लिखा, “मुझे सबसे ज्यादा हैरानी सैलरी देखकर हुई। ऐसा लगता है कि कई कंपनियां यहां लोगों के टैलेंट का पूरा फायदा उठाना चाहती हैं। पहले जिस काम के लिए मुझे 2 लाख रुपये महीने मिलते थे, अब उससे भी बड़ी जिम्मेदारी के लिए सिर्फ 40 हजार रुपये मिल रहे हैं। यह बात मुझे हर दिन परेशान करती है।”

लोगों में नहीं है उत्साह

यूजर ने कहा कि कम सैलरी के साथ-साथ दफ्तर का माहौल भी उन्हें निराश करता है, क्योंकि वहां लोगों में काम के प्रति जुनून और रचनात्मक सोच की कमी है। उन्होंने लिखा, “पैसों की समस्या के अलावा मुझे सबसे ज्यादा इस बात का दुख है कि मेरे आसपास क्रिएटिव माहौल नहीं है। ज्यादातर लोग सिर्फ काम पूरा करने के लिए काम करते हैं। उनमें न उत्साह दिखता है और न ही जुनून। इससे मेरा भी काम करने का मन कम हो जाता है, जबकि मैं अकेले कई लोगों का काम संभाल रहा हूं।”

लोगों ने किया कमेंट

यूजर ने Reddit पर लोगों से सलाह मांगी, जिसके बाद कई यूजर्स ने उनका हौसला बढ़ाया और नई स्किल्स सीखने व बेहतर अवसर तलाशने की सलाह दी। एक यूजर ने लिखा, “हममें से ज्यादातर लोग सुरक्षित रास्ता चुनते हैं और जोखिम लेने से बचते हैं। आपने जोखिम लिया, सही समय पर सफलता भी मिली, लेकिन हर दौर हमेशा एक जैसा नहीं रहता। हर पीढ़ी में बड़े बदलाव आते हैं और इस बार AI ऐसा ही बदलाव लेकर आया है।” वहीं एक और यूजर ने सलाह दी, “अपनी स्किल्स को लगातार बेहतर बनाइए, नए लोगों से जुड़िए और दोबारा फ्रीलांसिंग शुरू कीजिए। इससे आपको बेहतर मौके मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।”

Bhumi Pednekar: पीएम मोदी के लिए अश्लील शब्दों के इस्तेमाल को भूमि पेडनेकर बताया गलत, बोलीं- ये हमारा कल्चर नहीं

Bhumi Pednekar: भूमि पेडनेकर ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वह युवाओं को खास मैसेज देती दिख रही हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भी चिंता जाहिर करती दिख रही हैं। जानिए एक्ट्रेस ने क्या कहा है…

भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पेज पर वीडियो शेयर किया है। वह कार में बैठी हैं और कहती हैं- ‘अभी जो हमारी फीड में वीडियो सामने आ रहे हैं, उनमें बहुत खराब भाषा बोली जा रही है। हमारे देश के युवा या हम ऐसे बात नहीं करते हैं, ये हमारा कल्चर नहीं है। हम उस इंसान के बारे में बोल रहे हैं, जो आज देश के सबसे ऊंचे पद पर है। इतना ही नहीं यहां बात सिर्फ पद की नहीं है, क्या हम अपने घर के बड़ों से ऐसे बात करते हैं? क्या हम सच में गाली-गलौज वाली भाषा बोल सकते हैं?’

भूमि ने आगे कहा कि ‘दोस्तों यह हमारा कल्चर नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है और इस बात ने मुझे सच में काफी परेशान किया है। इसीलिए मैं सामने आकर इस बारे में सबके सामने बात कर रही हूं। कोई देश तभी आगे बढ़ता है और तरक्की करता है जब हम सब मिलकर अपनी कमियों और अच्छाइयों, दोनों पर बात करते हैं। हमारी संस्कृति और हमारे संस्कार ही हमारी बैकबोन हैं। हमें उनसे भटकना नहीं है, वरना हम सही बातें सही तरीके से नहीं कर पाएंगे और न ही उन पर कभी अमल होगा।’

भूमि ने वीडियो में कई बदलावों के बारे में भी बात की है, जो देश और शिक्षा क्षेत्र में करने की जरूरत है। भूमि पेडनेकर के करियर की बात करें तो वह फिल्म ‘द प्राइड ऑफ भारत छत्रपति शिवाजी महाराज’ में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में ऋषभ, शिवाजी महाराज के किरदार में दिखेंगे। फिल्म में भूमि पेडनेकर वॉरियर क्वीन बेलवाडी मल्लम्मा का रोल कर रही हैं।

Bhuvneshwar Kumar: ‘कोई अफसोस नहीं है…’टीम इंडिया में वापसी को लेकर भुवनेश्वर कुमार ने तोड़ी चुप्पी

भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार पिछले काफी समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। हाल ही में पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल करने की बात कही थी। अब भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया में अपनी वापसी को लेकर चुप्पी तोड़ी है। भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि अब भारतीय टीम में उनकी वापसी की संभावना काफी कम है। वहीं आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए भुवनेश्वर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कुछ दिनों पहले कहा था कि, अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए भुवनेश्वर कुमार के अनुभव पर चयनकर्ताओं को जरूर विचार करना चाहिए।

भुवी ने खुलकर की बात

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भुवनेश्वर कुमार ने अपने मौजूदा सोच के बारे में खुलकर बात की। भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं IPL और डोमेस्टिक क्रिकेट इसलिए खेल रहा हूं क्योंकि मुझे यह गेम पसंद है। जब आप यंग होते हैं और इंडिया के लिए खेलते हैं, तो आप कहते हैं कि आपको गेम पसंद है। लेकिन सच कहूं तो, ‘जो कंट्रोल में है उसे कंट्रोल करो’, ‘ज्यादा मत सोचो’, या ‘गेम के पैशन के लिए खेलो’ जैसी बातें, मैं अब सच में उन चीजों को महसूस कर सकता हूं।”

भारत के लिए पहले खेल चुका हूं

36 साल के भुवी ने कहा, “मैं पहले भारत के लिए खेल चुका हूं। अब ऐसा नहीं है कि मुझे इसे हासिल करना बाकी है। अगर दोबारा देश के लिए खेलने का मौका मिलता है तो यह मेरे लिए खुशी की बात होगी, लेकिन मैं उस सफर का हिस्सा पहले ही रह चुका हूं। आज मैं जो भी क्रिकेट खेल रहा हूं, वह सिर्फ इस खेल के प्रति अपने प्यार की वजह से खेल रहा हूं। मुझे पता है कि आगे भी मुझे डिसिप्लिन बनाए रखना होगा।”

अपने प्रदर्शन को लेकर क्या कहा

“मेरे अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी दौर में मेरा प्रदर्शन पहले जैसा नहीं रहा और इसके बाद मैं भारत की सीमित ओवरों की टीम से बाहर हो गया। टेस्ट क्रिकेट में भी मैंने अपना आखिरी मैच साल 2018 में खेला था। अब मैं घरेलू क्रिकेट और उत्तर प्रदेश टी20 लीग में खेलता हूं। मैं कोशिश करता हूं कि खेल से मेरा तालमेल बना रहे। साथ ही, मैं अपने शरीर को फिट और तरोताजा रखने के लिए जरूरत के मुताबिक आराम भी करता हूं।”

घर पर नहीं होती क्रिकेट की बातें

भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मैं पूरी तरह शांत हूं और इसका सबसे बड़ा श्रेय अपने परिवार को देता हूं। घर पर हम कभी क्रिकेट की बातें नहीं करते। न ही इस पर चर्चा होती है कि मेरी भारतीय टीम में वापसी होगी या नहीं, मुझे क्यों नहीं चुना गया या क्या गलत हुआ। मुझे किसी बात का कोई अफसोस नहीं है। मैं अच्छी तरह समझता हूं कि बदलाव खेल का हिस्सा है और समय के साथ नई पीढ़ी आती है। यह अनुभव सिर्फ मेरे साथ नहीं हुआ है और न ही मैं आखिरी खिलाड़ी हूं जिसके साथ ऐसा हुआ हो। यही खेल की प्रकृति है। मेरे परिवार ने हर कदम पर मेरा साथ दिया है। मैं जहां हूं, वहां खुश हूं।”

2022 में खेला था आखिरी मैच

भुवनेश्वर कुमार अपनी शानदार स्विंग गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। भूवी ने नवंबर 2022 के बाद से भारतीय टीम के लिए कोई मैच नहीं खेला है। लंबे क्रिकेट करियर के दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी में लगातार सुधार किया है। समय के साथ उनकी रफ्तार बढ़ी और उन्होंने यॉर्कर व कटर जैसी गेंदों पर भी अच्छी पकड़ बना ली। यही अनुभव और नई तकनीक उन्हें आज भी एक प्रभावी तेज गेंदबाज बनाती है, जिसकी झलक आईपीएल में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन में देखने को मिलती है।

Sonu Nigam: टी-सीरीज और जी म्यूजिक के ‘बैन’ करने पर बोले सोनू निगम, सिंगर के अधिकारों की लड़ाई की वजह से….

Sonu Nigam: सोनू निगम हमेशा से अपनी बात खुलकर कहने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर में से एक के बारे में बात की। अपने सफ़र को याद करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे गायकों के कॉपीराइट और रॉयल्टी अधिकारों के लिए आवाज उठाने से चुनौतियां तो आईं, लेकिन इससे म्यूज़िक इंडस्ट्री में बदलाव भी आए।

कोमल नाहटा के पॉडकास्ट ‘गेम चेंजर्स द म्यूज़िक सीरीज़’ में सोनू ने उस समय के बारे में बात की जब उन्होंने कलाकारों के अधिकारों के लिए आवाज उठानी शुरू की थी। उन्होंने कहा कि उनके इस फ़ैसले का असर कुछ बड़े म्यूज़िक लेबल्स के साथ उनके काम पर पड़ा, लेकिन उनका मानना ​​है कि इस लड़ाई से बाद में गायकों के लिए एक बेहतर सिस्टम बनाने में मदद मिली।

पिछले कुछ सालों में, सोनू ने इस बात पर आवाज़ उठाई है कि गायकों को उनके काम का सही क्रेडिट और पेमेंट मिलना चाहिए। उन्होंने अक्सर कॉन्ट्रैक्ट और रॉयल्टी से जुड़े मुद्दों पर बात की है और कहा है कि कलाकारों का अपनी रचनाओं पर ज़्यादा कंट्रोल होना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया था कि कुछ एग्रीमेंट पर साइन करने से मना करने के बाद, उनके रिकॉर्ड किए गए कुछ गाने दूसरे गायकों को दे दिए गए थे।

इस दौर से पहले के अपने सफल सालों के बारे में बात करते हुए सोनू ने कहा, “मेरा भी समय आया, फिर बीत गया, और अब वह समय फिर से लौट आया है। यह सब समय की बात है। जब मैं अपने करियर के पीक पर था, तो लोगों ने मुझे बहुत प्यार दिया। मैं एल्बम रिलीज़ कर रहा था, लोग उनके लिए दीवाने हो रहे थे, और मेरे पोस्टर तक बिकते थे।”

इसके बाद सिंगर ने बताया कि कॉपीराइट के मुद्दों पर बात शुरू करने के बाद क्या हुआ। उन्होंने दावा किया कि इससे बड़ी म्यूज़िक कंपनियों के साथ उनके रिश्ते पर असर पड़ा। “फिर मैंने कॉपीराइट का मुद्दा उठाया। टी-सीरीज़ ने मुझे बैन कर दिया। ज़ी म्यूज़िक ने भी मेरे साथ काम करना बंद कर दिया। उन्होंने कहा, ‘वह तो एक्टिविस्ट बन गया है।'”

सोनू ने कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि उनके इस रुख से प्रोफेशनल तौर पर इतनी मुश्किल स्थिति पैदा हो जाएगी। “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे बैन कर दिया जाएगा। मुझे लगा था कि हम आखिरकार इस मुद्दे को सुलझा लेंगे, लेकिन हालात और बिगड़ते ही गए। जब ​​मैंने देखा कि मेरे लिए रास्ते बंद हो रहे हैं, तो मुझे एहसास हुआ कि भले ही वे मुझे गाने देना बंद कर दें, लेकिन वे मुझे स्टेज पर परफॉर्म करने से कभी नहीं रोक सकते।”

मुश्किलों के बावजूद, सोनू ने कहा कि उन्हें हमेशा लगता रहा कि यह लड़ाई ज़रूरी है। उन्होंने आगे कहा कि आखिरकार हालात बदले और म्यूज़िक कंपनियों ने गायकों के लिए रॉयल्टी के नियमों को मानना ​​शुरू कर दिया। “आज हालात बदल गए हैं। वही म्यूज़िक लेबल अब गायकों को रॉयल्टी दे रहे हैं। अब हम प्यार से मिलते हैं, साथ बैठते हैं और साथ खाना भी खाते हैं। किसी न किसी को तो यह पहल करनी ही थी।”

सोनू ने यह भी कहा कि उन्हें लगा कि यह मुद्दा उनके अपने करियर से कहीं ज़्यादा बड़ा है और साथी कलाकारों के प्रति उनकी एक ज़िम्मेदारी है। “भगवान ने मुझे सिर्फ़ गाने के लिए नहीं बनाया था। उन्होंने मुझे एक मकसद दिया था—उस काम को आगे बढ़ाना जिसे लता मंगेशकर जी ने शुरू तो किया था, लेकिन पूरा नहीं कर पाई थीं। ऐसा लगा जैसे उन्होंने मुझसे कहा हो, ‘तुम अपने करियर को उसके पीक पर छोड़कर यह चुनौती स्वीकार करोगे। अगर तुम ऐसा नहीं करोगे, तो किसी और में इतनी हिम्मत नहीं होगी।’”

गायक ने आगे बताया कि कॉपीराइट कानूनों में बदलाव से आखिरकार इंडस्ट्री के नज़रिए में बदलाव लाने में मदद मिली।

Vish Yog 2026: 3 राशियों के लिए भारी होगा अगस्त का महीना, चंद्रमा करेगा खतरनाक ग्रहण और विष योग का निर्माण

Vish Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति में बदलाव सामान्य घटना है। लेकिन इसका प्रभाव काफी गहरा होता है और सभी 12 राशियों पर पड़ता है। ग्रहों के राशि या नक्षत्र परिवर्तन के साथ ही किसी खास स्थिति में उनकी युति भी अच्छे-बुरे प्रभाव का कारण बनती है। ऐसा ही एक संयोग सावन माह में देखने को मिलेगा, जब चंद्रमा कुछ खतरनाक ग्रहों के संयोग में ग्रहण और विष योग का निर्माण करेंगे। ग्रहों की यह हलचल अगस्त माह के पहले हफ्ते में देखने को मिलेगी। इनमें से तीन ऐसी राशियां हैं, जिन्हें इस पूरे महीने बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

क्या है विष और ग्रहण योग?

ज्योतिष शास्त्र में जब चंद्रमा की युति जब शनि जैसे क्रूर ग्रह बनती है, तब विष योग का निर्माण होता है। इस योग को मानसिक अशांति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और कार्यों में बाधा डालने वाला माना जाता है। इसके अलावा, जब चंद्रमा राहु या केतु के प्रभाव में आते हैं तब ग्रहण योग बनता है। इससे जातकों की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। अगस्त के महीने में बनने वाली इन स्थितियों के कारण तनाव, आर्थिक हानि और बनते हुए कामों में रुकावट आने की आशंका बढ़ जाती है।

इन 3 राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क

मिथुन राशि : इस राशि के जातकों के लिए अगस्त का महीना मानसिक उथल-पुथल भरा साबित हो सकता है। चंद्रमा की स्थिति के कारण अनावश्यक गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। कारोबार में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पेट या सिरदर्द से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।

वृश्चिक राशि : इस राशि के जातकों को इस महीने बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विष योग और ग्रहण के प्रभाव से आपके खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

मीन राशि : मीन राशि के जातकों के लिए भी यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आपके बनते हुए काम में रुकावट आ सकती है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इस दौरान गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निवेश करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।

इन उपायों से मिलेगी राहत

चंद्रमा और मानसिक शांति के लिए भगवान शिव की आराधना सबसे उत्तम मानी जाती है। रोजाना शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय का जाप करें।

यदि विष योग का ज्यादा प्रभाव महसूस हो, तो शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काला कपड़ा, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें।

इस अवधि में कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय जल्दबाजी में न करें। घर के बुजुर्गों की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।

Surya Grahan 2026 August: हरियाली अमावस्या पर लगेगा साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण, करियर, सेहत और संपत्ति को लेकर 4 राशियां रहें सावधान