Vish Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति में बदलाव सामान्य घटना है। लेकिन इसका प्रभाव काफी गहरा होता है और सभी 12 राशियों पर पड़ता है। ग्रहों के राशि या नक्षत्र परिवर्तन के साथ ही किसी खास स्थिति में उनकी युति भी अच्छे-बुरे प्रभाव का कारण बनती है। ऐसा ही एक संयोग सावन माह में देखने को मिलेगा, जब चंद्रमा कुछ खतरनाक ग्रहों के संयोग में ग्रहण और विष योग का निर्माण करेंगे। ग्रहों की यह हलचल अगस्त माह के पहले हफ्ते में देखने को मिलेगी। इनमें से तीन ऐसी राशियां हैं, जिन्हें इस पूरे महीने बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और उन्हें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
क्या है विष और ग्रहण योग?
ज्योतिष शास्त्र में जब चंद्रमा की युति जब शनि जैसे क्रूर ग्रह बनती है, तब विष योग का निर्माण होता है। इस योग को मानसिक अशांति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और कार्यों में बाधा डालने वाला माना जाता है। इसके अलावा, जब चंद्रमा राहु या केतु के प्रभाव में आते हैं तब ग्रहण योग बनता है। इससे जातकों की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। अगस्त के महीने में बनने वाली इन स्थितियों के कारण तनाव, आर्थिक हानि और बनते हुए कामों में रुकावट आने की आशंका बढ़ जाती है।
इन 3 राशियों को रहना होगा सबसे ज्यादा सतर्क
मिथुन राशि : इस राशि के जातकों के लिए अगस्त का महीना मानसिक उथल-पुथल भरा साबित हो सकता है। चंद्रमा की स्थिति के कारण अनावश्यक गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। कारोबार में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पेट या सिरदर्द से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं।
वृश्चिक राशि : इस राशि के जातकों को इस महीने बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विष योग और ग्रहण के प्रभाव से आपके खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
मीन राशि : मीन राशि के जातकों के लिए भी यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आपके बनते हुए काम में रुकावट आ सकती है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इस दौरान गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। आर्थिक मामलों में किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। निवेश करने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।
इन उपायों से मिलेगी राहत
चंद्रमा और मानसिक शांति के लिए भगवान शिव की आराधना सबसे उत्तम मानी जाती है। रोजाना शिवलिंग पर जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय का जाप करें।
यदि विष योग का ज्यादा प्रभाव महसूस हो, तो शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काला कपड़ा, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें।
इस अवधि में कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय जल्दबाजी में न करें। घर के बुजुर्गों की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा।

