Nirmal Purja: कौन थे निर्मल पुर्जा…जिनकी PoK में हुई मौत! 6 महीने में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कर रचा था इतिहास

नेपाल के प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, जिन्हें लोग ‘निम्सदाई’ के नाम से भी जानते थे, की पाकिस्तान में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन (बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरना) की चपेट में आने से मौत हो गई। इसकी जानकारी उनकी एडवेंचर कंपनी और अन्य लोगों ने इंस्टाग्राम पर साझा की।

शुक्रवार को ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन होने के बाद निर्मल पुर्जा और पांच अन्य पर्वतारोही लापता हो गए थे। इसके बाद लगातार उनकी तलाश की जा रही थी। इस दुखद हादसे से कुछ घंटे पहले निर्मल पुर्जा ने भारत के पत्रकार विष्णु सोम को एक वॉयस मैसेज भी भेजा था। माना जा रहा है कि यह उनका आखिरी संदेश था।

कंपनी ने पोस्ट कर दी जानकारी 

निर्मल पुर्जा की एडवेंचर कंपनी एलीट एक्सपेड ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट जारी कर उनकी मौत की पुष्टि की। कंपनी ने कहा कि ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन के बाद निर्मल पुर्जा का निधन हो गया। साथ ही अभियान में शामिल अन्य सदस्य भी इस हादसे में जीवित नहीं बच सके। कंपनी ने अपने संदेश में कहा कि यह सभी के लिए बेहद दुखद क्षण है। उन्होंने केवल निर्मल पुर्जा ही नहीं, बल्कि इस हादसे में जान गंवाने वाले उनके साथी पर्वतारोहियों और गाइड पुर बहादुर गुरुंग और निमा शेरपा को भी श्रद्धांजलि दी।कंपनी ने कहा कि उनकी संवेदनाएं सभी मृतकों के परिवार, दोस्तों और करीबियों के साथ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस कठिन समय में परिवारों की निजता का सम्मान किया जाए।

ब्रॉड पीक में हुई मौत

ब्रॉड पीक काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में से एक है। यह पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान और चीन के शिनजियांग क्षेत्र की सीमा के पास स्थित है। यह चोटी के2 पर्वत के बेहद करीब है। रिपोर्ट के अनुसार, हिमस्खलन ब्रॉड पीक के सामान्य वेस्ट रिज मार्ग पर हुआ। उस समय पर्वतारोही करीब 21,600 से 21,850 फीट की ऊंचाई पर मौजूद थे, जहां अचानक बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गया।

निर्मल पुर्जा की एडवेंचर कंपनी एलीट एक्सपेड ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दुनिया ने पर्वतारोहण के सबसे महान पर्वतारोहियों में से एक को खो दिया है। कंपनी के अनुसार, निर्मल पुर्जा अपने साहस, विनम्र स्वभाव और मजबूत इरादों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने अपने काम और उपलब्धियों से दुनिया भर के लाखों लोगों को बड़े सपने देखने और खुद पर भरोसा रखने की प्रेरणा दी। कंपनी ने कहा कि निर्मल पुर्जा का मानना था कि इंसान अपनी सोच से कहीं ज्यादा बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। यही सोच उन्होंने अपने जीवन और अभियानों के जरिए लोगों तक पहुंचाई और अनगिनत लोगों को अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए प्रेरित किया।

पोस्ट में यह भी कहा गया कि एलीट एक्सपेड, निम्सदाई फाउंडेशन, स्काईडाइव निम्सदाई और निम्सदाई स्टोर जैसी संस्थाओं को आगे बढ़ाने में उनकी दूरदृष्टि, नेतृत्व और मजबूत संकल्प की सबसे बड़ी भूमिका रही। कंपनी ने कहा कि निर्मल पुर्जा की विरासत हमेशा उन लोगों के जरिए जीवित रहेगी, जिनकी जिंदगी उन्होंने बदली और जिन्हें अपने सपनों को पूरा करने का हौसला दिया।

रचा था ये इतिहास

निर्मल पुर्जा पहले ब्रिटेन की ब्रिगेड ऑफ गोरखा और रॉयल मरीन की स्पेशल बोट सर्विस (एसबीएस) में भी सेवाएं दे चुके थे। सेना से अलग होने के बाद उन्होंने पूरी तरह पर्वतारोहण को अपना करियर बनाया और दुनिया भर में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। साल 2019 में उन्होंने अपने ‘प्रोजेक्ट पॉसिबल’ अभियान के तहत केवल 6 महीने और 6 दिन में 8,000 मीटर से ऊंची दुनिया की सभी 14 चोटियों पर चढ़ाई पूरी कर इतिहास रच दिया। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इसके बाद साल 2021 में निर्मल पुर्जा उन 10 नेपाली पर्वतारोहियों की टीम का हिस्सा भी रहे, जिसने पहली बार सर्दियों के मौसम में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी के2 पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी।

कॉर्पोरेट जॉब में क्या है सबसे बड़ा खतरा? पुणे के प्रोफेशनल का पोस्ट हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों कॉर्पोरेट जॉब को लेकर किया गया पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। इस पोर्ट में पुणे के एक प्रोफेशनल ने बताया कि कॉर्पोरेट जॉब सबसे बड़ी चुनौती क्या होती हैं। प्रोफेशनल ने बताया कि, कॉर्पोरेट नौकरी में सबसे बड़ी चिंता तब होनी चाहिए, जब आपके पास धीरे-धीरे काम कम होने लगे और टीम के लोग आपको काम देना बंद कर दें। उनके मुताबिक, अगर आपको नई जिम्मेदारियां और कुछ नया सीखने का मौका नहीं मिल रहा है, तो यह आपके करियर के लिए अच्छा संकेत नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपना रिएक्शन दिया है।

काम ना होना चिंता की बात

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो निहार पाटिल ने शेयर किया है। निहार पिछले पांच साल से अधिक समय से कॉर्पोरेट सेक्टर में काम कर रहे हैं। वीडियो की शुरुआत में उन्होंने कहा, “कॉर्पोरेट नौकरी में सबसे डराने वाली चीज काम का दबाव नहीं होता। असली चिंता तब होती है, जब कोई आप पर निर्भर नहीं रहता और आपके पास करने के लिए कोई काम नहीं बचता।”

 

उन्होंने कहा, “काम न होने से बेहतर है कि आपके पास काम हो। क्योंकि काम के दौरान ही आप नई चीजें सीखते हैं, समस्याओं का समाधान करना सीखते हैं, गलतियों से अनुभव हासिल करते हैं और लोगों का भरोसा जीतते हैं। यही चीजें आपके करियर को आगे बढ़ाती हैं।”

समय के साथ खिखना जरुरी

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप बिना नई जिम्मेदारियां संभाले या नई स्किल्स सीखे सिर्फ हर महीने सैलरी मिलने से संतुष्ट हैं, तो यह भविष्य में परेशानी बन सकता है। हर बीतते महीने के साथ आपकी सीखने की कमी बढ़ती जाती है, जबकि कोई दूसरा व्यक्ति लगातार आगे निकल रहा होता है। कॉर्पोरेट दुनिया तेजी से बदल रही है और टेक्नोलॉजी उससे भी ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रही है।” निहार ने कहा कि अगर ऑफिस में खाली समय मिले, तो उसका इस्तेमाल नई स्किल्स सीखने, सर्टिफिकेशन करने और नई जिम्मेदारियां लेने में करना चाहिए। उनके मुताबिक, लगातार सीखने वाले लोग ही अपने करियर में आगे बढ़ते हैं।

हर महीने सैलरी से खुश है

उन्होंने कहा, “अगर काम का दबाव सही तरीके से संभाला जाए, तो यह एक अच्छी बात है। इसका मतलब है कि आप अभी भी सीख रहे हैं और अपने काम में अहम भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन जिस दिन आपका करियर जरूरत से ज्यादा आरामदायक लगने लगे, उस दिन खुद से यह सवाल जरूर पूछिए कि क्या मैं वास्तव में आगे बढ़ रहा हूं या सिर्फ हर महीने सैलरी ले रहा हूं?” कैप्शन में उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अनहेल्दी वर्क कल्चर या बर्नआउट को बढ़ावा देना नहीं है।

उन्होंने लिखा, “मेरा सिर्फ इतना कहना है कि आराम को करियर ग्रोथ समझने की गलती न करें। अगर काम का दबाव सही तरीके से संभाला जाए, तो यह इस बात का संकेत होता है कि आप लगातार सीख रहे हैं, टीम में योगदान दे रहे हैं और अपनी वैल्यू बढ़ा रहे हैं।”

लोगों ने किया ये कमेंट

वीडियो पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी और निहार पाटिल की बात से सहमति जताई। एक यूजर ने लिखा, “अगर आपके पास कोई काम नहीं है, तो यह एक बड़ा वॉर्निंग साइन हो सकता है। ऐसी स्थिति में कभी भी नौकरी जाने का खतरा रहता है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “काम न मिलना अपने आप में एक बड़ा रेड फ्लैग है।” एक और यूजर ने कहा, “अगर ऑफिस में आपके पास कोई जिम्मेदारी नहीं है, तो यह संकेत है कि कभी भी नौकरी जा सकती है।”

VIDEO: आखिर कैफे और शॉपिंग पर इतना क्यों खर्च कर रहे GenZ? बेंगलुरु की महिला के वीडियो ने छेड़ी बहस

बेंगलुरु की एक कंटेंट क्रिएटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। कंटेंट क्रिएटर ने सोशल मीडिया पर युवाओं की खर्च करने की आदतों को लेकर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि, आज कई युवा अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बेहतर लाइफस्टाइल, महंगी चीजों और आरामदायक लाइफस्टाइल पर खर्च कर रहे हैं। वह अपने सेविंग और भविष्य की वित्तीय योजना पर उतना ध्यान नहीं दे रहे हैं। बेंगलुरु में रहने वाली कंटेंट क्रिएटर सिमरिधि मखीजा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। उनके इस पोस्ट पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

उन्होंने बताया कि, शहर में रहने के दौरान उन्होंने लोगों की कुछ ऐसी खर्च करने की आदतें देखीं, जिन्हें समझना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने ये भी कहा कि कई लोग इन खर्चों को आसानी से अफोर्ड कर सकते हैं। वीडियो में मखीजा ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि लोग एक बार कैफे जाने पर करीब 5,000 रुपये कैसे खर्च कर देते हैं। इसी तरह, जब लगभग आधे किराए में अच्छा घर मिल सकता है, तो हर महीने 40,000 रुपये किराया क्यों देते हैं। इसके अलावा, एक ही शॉपिंग ट्रिप में 20,000 रुपये खर्च करना भी मेरी समझ से बाहर है।”

अच्छी कमाई का मतलब ज्यादा खर्च नहीं

सिमरिधि मखीजा ने कहा कि, अच्छी कमाई होने का मतलब ये नहीं है कि हर जगह खुलकर खर्च किया जाए। उनके मुताबिक, करियर की शुरुआत में युवाओं को सादा जीवन अपनाना चाहिए, केवल जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करना चाहिए और अपनी बची हुई आय का बड़ा हिस्सा बचत या निवेश में लगाना चाहिए। उनका कहना है कि भविष्य को देखते हुए आर्थिक सुरक्षा पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। मखीजा ने ये भी कहा कि कई लोग जैसे-जैसे ज्यादा कमाने लगते हैं, वैसे-वैसे उनके खर्च भी बढ़ जाते हैं।

 

लोगों ने दिया रिएक्शन

उनके अनुसार, बढ़ी हुई आय का मतलब ये नहीं होना चाहिए कि लाइफस्टाइल पर भी उतना ही ज्यादा पैसा खर्च किया जाए। खासकर नौकरी या करियर के शुरुआती वर्षों में युवाओं को फिजूल खर्च से बचकर अपनी कमाई का बेहतर इस्तेमाल बचत और भविष्य की योजना बनाने में करना चाहिए। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ यूजर्स ने कहा कि कम उम्र से बचत करने की आदत भविष्य में आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है। वहीं, कई लोगों का मानना था कि सिर्फ खर्च कम करने पर ध्यान देने के बजाय अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश करना ज्यादा जरूरी है।

लोगों ने दी ये सलाह

एक यूजर ने लिखा, “मेरे हिसाब से तरीका बिल्कुल अलग होना चाहिए। 20 की उम्र में कमाई बढ़ाने पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। 30 की उम्र में कमाई, निवेश और संपत्ति बनाने के बीच संतुलन रखना चाहिए। वहीं, 40 की उम्र में अपनी बनाई हुई संपत्ति को सुरक्षित रखने और बढ़ाने पर फोकस होना चाहिए।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “20 की उम्र में सिर्फ पैसे बचाने पर ज्यादा ध्यान मत दीजिए। अपनी कमाई को कई गुना बढ़ाने की कोशिश कीजिए। अगर आपकी इनकम 10 गुना बढ़ती है, तो खर्च दोगुना होने से कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। बहुत ज्यादा सादगी से जीने के बजाय अपने पैसे का आनंद भी लेना चाहिए, क्योंकि आखिर मेहनत करके कमाने का मकसद भी वही है।”

Vijay Varma: ‘वह गलत तरीके से छूने की कोशिश कर रहा था’, विजय वर्मा ने मॉडल कोऑर्डिनेटर के साथ हुए डरावने एक्सपीरिएंस को किया याद

Vijay Varma: विजय वर्मा ने हिंदी सिनेमा में सबसे भरोसेमंद कलाकारों में से एक के तौर पर अपनी खास जगह बनाई है। इतने सालों में, उन्होंने अपनी अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने की काबिलियत से दर्शकों को प्रभावित किया है और वे आसानी से बिल्कुल अलग-अलग किरदारों में ढल जाते हैं। चाहे मुख्य किरदार हो या सहायक भूमिका, इस एक्टर ने हमेशा अपनी एक्टिंग से लोगों पर गहरी छाप छोड़ी है। हालांकि, उनकी कामयाबी का सफ़र आसान नहीं था। हाल ही में एक इंटरव्यू में, विजय ने शोहरत मिलने से पहले के मुश्किल दिनों को याद किया और बताया कि कैसे करियर की शुरुआत में एक मॉडलिंग कोऑर्डिनेटर के साथ हुए बुरे अनुभव ने लगभग उनका आत्मविश्वास तोड़ दिया था।

अपने YouTube चैनल पर प्रखर गुप्ता से बात करते हुए, विजय वर्मा ने बताया कि कैसे एक “अजीब मॉडल कोऑर्डिनेटर” ने उनके साथ बदतमीज़ी शुरू कर दी और उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश करने लगा। एक्टर ने कहा, “मैंने हैदराबाद में मॉडलिंग करने की कोशिश की, बस छोटे-मोटे, शौकिया लेवल का काम था। लेकिन मेरी मुलाक़ात एक अजीब मॉडल कोऑर्डिनेटर से हुई। उसने मेरे साथ थोड़ी बदतमीज़ी शुरू कर दी, जैसे मुझे गलत तरीके से छूने की कोशिश करना। मैंने कहा, ‘भाई, यह क्या है? तुम क्या कर रहे हो?’ तो मैं तुरंत निराश हो गया। जब आप नए होते हैं, तो बहुत जल्दी निराश हो जाते हैं। फिर मैंने सोचा कि मुझे इसका डटकर सामना करना चाहिए। अगर मुझे एक्टिंग ही करनी है, तो मुझे यह करना ही होगा।”

विजय ने आगे बताया कि उन्होंने एक बार एक्टिंग सीखने के लिए हैदराबाद के ‘सूत्रधार स्कूल ऑफ़ एक्टिंग’ से संपर्क किया था, लेकिन उनकी रिक्वेस्ट ठुकरा दी गई। एक्टर के मुताबिक, इंस्टीट्यूट ने उनसे कहा कि एक्टिंग के लिए कमिटमेंट और डेडिकेशन की ज़रूरत होती है; यह ऐसी चीज़ नहीं है जिसे कुछ दिन करके छोड़ दिया जाए। उस घटना को याद करते हुए विजय ने माना कि उस समय उन्हें निराशा हुई थी, क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें खुद को साबित करने का मौका भी नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, “फिर मैंने FTII में अप्लाई किया। मुझे पता चला कि वहां दो साल का एक्टिंग कोर्स होता है। मैंने अप्लाई किया, फ़ाइनल राउंड तक पहुंचा, लेकिन रिजेक्ट हो गया। और पहली बार मुझे एहसास हुआ कि आपके सपने पूरी तरह आपके हाथ में नहीं होते। ऐसा नहीं है कि आप कुछ चाहें और वह आपको अपने-आप मिल जाए। ऐसा नहीं होता।”

शुरुआती मुश्किलों से मिले सबक को याद करते हुए विजय ने कहा कि इन अनुभवों से उन्हें यह समझने में मदद मिली कि बाहरी दुनिया घर के आरामदायक माहौल से बहुत अलग तरह से काम करती है। उन्होंने बताया, “जब आप बड़े हो रहे होते हैं, तो आपको एक तरह का हक महसूस होता है। आपके माता-पिता और परिवार आपके साथ होते हैं, और हर चीज़ का ध्यान रखा जाता है। आपको जो चाहिए होता है, वह मिल जाता है। आखिरकार, आपको अपनी मनचाही चीज़ मिल ही जाती है। लेकिन फिर आपको एहसास होता है कि बाहरी दुनिया में अपनी मनचाही चीज़ पाना आसान नहीं है, चाहे वह कॉलेज में सीट पाना हो या अपनी पसंद का काम करना हो।”

बाद में विजय ने ‘फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया’ (FTII) में फिर से अप्लाई किया और आखिरकार उन्हें इसके एक्टिंग प्रोग्राम में दाखिला मिल गया। यह उनके एक्टर बनने के सफ़र में एक बहुत बड़ा मोड़ साबित हुआ।

Who is Yash Vir Singh: बांस के भाले से शुरू की थी प्रैक्टिस…आज CWG 2026 जीता ब्रॉन्ज मेडल, जानें कौन है यश वीर सिंह

Who is Yash Vir Singh: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो इवेंट के फाइनल में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। जैवलिन थ्रो के फाइनल में भारत के नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता तो वहीं यश वीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। शुक्रवार को यश वीर सिंह ने 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (पर्सनल बेस्ट) थ्रो करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वहीं, स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ 85.83 मीटर थ्रो किया और सिल्वर मेडल जीता। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में सिल्वर और ब्रॉन्ज दोनों पदक जीता है। श्रीलंका के रुमेश थरंगा (89.75 मीटर) ने गोल्ड मेडल जीता है। यश वीर सिंह के यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा है। आइए जानते हैं कौन है यश वीर सिंह

पहली बार लिया हिस्सा

कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा लेने वाले 24 वर्षीय यश वीर सिंह ने अपने आखिरी और छठे प्रयास में पर्सनल बेस्ट 85.41 मीटर का शानदार थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीता। इससे पहले उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 83.72 मीटर था। इस जीत के साथ यश वीर उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुष जैवलिन थ्रो में पदक जीता है। उनसे पहले नीरज चोपड़ा ने 2018 में गोल्ड और 2026 में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि काशीनाथ नाइक ने 2010 में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

कौन है यश वीर सिंह

राजस्थान के जयपुर के रहने वाले यश वीर सिंह ने अपने खेल करियर की शुरुआत बास्केटबॉल से की थी। लेकिन बाद में उन्होंने भाला फेंक को अपना करियर बना लिया। शुरुआती दिनों में उन्होंने बांस से बने भाले से प्रैक्टिस किया और धीरे-धीरे प्रोफेशनल इक्विपमेंट के साथ ट्रेनिंग शुरू की। यश वीर सिंह के पिता राय सिंह से जैवलिन थ्रो से बारीकियां सिखी। यश के पिता खुद राष्ट्रीय स्तर के जैवलिन थ्रो खिलाड़ी रह चुके हैं। मेहनत और लगातार प्रैक्टिस का नतीजा यह रहा कि 2022 में यश ने इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में 80 मीटर से ज्यादा भाला फेंककर नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

यश वीर ने किया शानदार प्रदर्शन

यश वीर सिंह ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सीनियर स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। साल 2025 में उन्होंने दक्षिण कोरिया के गुमी में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां 82.57 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए पांचवें स्थान पर रहे। इसी बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत उन्हें विश्व रैंकिंग के आधार पर 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भी चुना गया, जहां उन्होंने जापान की राजधानी टोक्यो में भारत की ओर से हिस्सा लिया। वहीं कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा ले रहे यश ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।

UPSC CMS 2026 Exam Pattern: मेडिकल अफसर बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा कल, परीक्षा से पहले समझ लें मार्किंग स्कीम

UPSC CMS 2026 Exam Pattern: मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद सरकारी नौकरी की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यूपीएससी सीएमएस परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यह परीक्षा कंबाइंड मेडिकल सर्विसेज (CMS) की है, जिसे संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) आयोजित करता है। इस साल यह परीक्षा कल यानी 02 अगस्त 2026 को पहले से निर्धारित परीक्षा केंद्रों में होगी। इसमें अंतिम रूप से सफल उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के हॉस्पिटल में सीधे क्लास-1 मेडिकल ऑफिसर के तौर पर नियुक्त किया जाता है। इससे रेलवे, एमसीडी और केंद्र सरकार के विभिन्न स्वास्थ्य विभागों में नौकरी का अवसर मिलता है।

यूपीएससी सीएमएस 2026 परीक्षा परीक्षा 2 चरणों में होती है। कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा (500 अंक) और पर्सनालिटी टेस्ट/इंटरव्यू (100 अंक) के होते हैं। इसकी लिखित परीक्षा में 2 पेपर होते हैं जो एक ही दिन आयोजित किए जाते हैं और दोनों की अवधि 2-2 घंटे होती है। फाइनल मेरिट लिस्ट लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के कुल 600 अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। यूपीएससी सीएमएस 2026 परीक्षा देने जाने से पहले परीक्षार्थियों को परीक्षा का मार्किें पैटर्न और परीक्षा पैटर्न समझ लेना चाहिए, ताकि उन्हें बाद में किसी तरह की दिक्कत न हो।

यूपीएससी सीएमएस परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम

पेपर-1 (250 अंक) में कुल 120 ऑब्जेक्टिव (MCQ) प्रश्न होते हैं, जिनमें 96 सवाल जनरल मेडिसिन और 24 सवाल पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) से पूछे जाते हैं।

पेपर-2 (250 अंक) में भी 120 प्रश्न होते हैं। इन्हें सर्जरी, गायनिकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स और कम्युनिटी मेडिसिन/PSM में बराबर-बराबर (40-40 सवाल) बांटा गया है।

मार्किंग स्कीम : परीक्षार्थियों को हर गलत जवाब पर एक-तिहाई (1/3rd या 0.33) अंक की निगेटिव मार्किंग का सामना करना होगा। वहीं, बिना हल किए छोड़ दिए गए सवालों पर कोई पेनल्टी नहीं लगती।

यूपीएससी सीएमएस परीक्षा आखिरी दिन की तैयारी

यूपीएससी सीएमएस परीक्षा परीक्षा से एक दिन पहले अब कोई भी नया टॉपिक पढ़ने या समझने का वक्त नहीं है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि

नया कुछ न पढ़ें : आखिरी समय में कोई भी नई थ्योरी या टॉपिक पढ़ने की गलती न करें। इससे कन्फ्यूजन बढ़ेगा।

क्विक रिवीजन : आपने जो शॉर्ट नोट्स या फॉर्मूले बनाए हैं, बस उन्हें ही सरसरी नजर से देखें।

पूरी नींद लें : रात को कम से कम 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें, जिससे एग्जाम हॉल में दिमाग तेजी से काम करे।

परीक्षा केंद्र के लिए जरूरी गाइडलाइंस

  • यूपीएससी सीएमएस परीक्षा हॉल में की गई एक छोटी सी गलती भी करियर पर भारी पड़ सकती है। इसलिए परीक्षा केंद्र के सभी नियम-कायदे समझना जरूरी है :
  • अपने e-Admit Card का प्रिंटआउट और एक ओरिजिनल फोटो आईडी (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस) साथ रखना न भूलें।
  • गेट बंद होने के तय समय से कम से कम 30 से 45 मिनट पहले सेंटर पहुंचें। देर से पहुंचने पर किसी भी हाल में एंट्री नहीं मिलेगी।
  • मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाना सख्त मना है।
  • यूपीएससी सीएमएस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग होती है। इसलिए जिन सवालों पर भरोसा हो, उन्हें पहले करें। तुक्का मारने से बचें, गलत जवाब से नंबर कट सकते हैं। टाइम मैनेजमेंट का ध्यान रखें, हर सेक्शन को तय समय में पूरा करें।

IBPS Clerk Recruitment 2026: आईबीपीएस क्लर्क भर्ती आज से शुरू, 11 बैंकों में 11,000 से ज्यादा पदों में लगेगी नौकरी

IBPS Clerk Recruitment 2026: आईबीपीएस क्लर्क भर्ती आज से शुरू, 11 बैंकों में 11,000 से ज्यादा पदों में लगेगी नौकरी

IBPS Clerk Recruitment 2026: बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) सरकारी नौकरी का अवसर देने जा रहा है। आईबीपीएस क्लर्क भर्ती परीक्षा का आयोजन करने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 01 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आज से क्लर्क (CRP CSA-XVI) पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आईबीपीएस द्वारा आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के 11 बैंकों में 11,403 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कैंडिडेट के पास आवेदन करने के लिए 21 अगस्त तक का समय है।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया में प्रीलिम्स, मेन्स और लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट शामिल हैं। आईबीपीएस क्लर्क भर्ती की प्रीलिम्स परीक्षा 10 और 11 अक्टूबर, 2026 को होनी है, जबकि मुख्य परीक्षा 27 दिसंबर 2026 को होगी।

अधिक जानकारी के लिए नोटिफिकेशन देखें

कैंडिडेट वैकेंसी, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और दूसरी जरूरी जानकारी आईबीपीएस की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन में दी गई है। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत नोटिफिकेशन देख सकते हैं।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 योग्यता का पैमाना

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती के लिए जरूरी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के तहत कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में स्नातक डिग्री होनी चाहिए। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत आवेदन करने वाले उम्मीदवार की उम्र 20 से 28 साल के बीच होनी चाहिए।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें?

  • आईबीपीएस की ऑफिशियल वेबसाइट ibps.in पर जाएं।
  • CRP CSA-XVI रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
  • एक वैलिड ईमेल ID और मोबाइल नंबर डालें।
  • जरूरी डिटेल्स के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • एप्लीकेशन फीस पे करें।
  • एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करें।
  • रेफरेंस के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें।

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026 आवेदन शुल्क

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती के लिए आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों को आखिरी तारीख से पहले आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। फीस ऑनलाइन पे करनी होगी और यह रिफंडेबल नहीं है। नीचे फीस की जानकारी देखें :

जनरल और अन्य : Rs 850

SC, ST, और PwD: Rs 175

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2026: भाग लेने वाले बैंक

भर्ती में भाग लेने वाले पब्लिक सेक्टर बैंक हैं, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक।

Ekta Kapoor: विद्या बालन से लेकर मौनी रॉय तक…, एकता कपूर ने इन 7 अभिनेत्रियों को दिया बड़ा ब्रेक

Ekta Kapoor: तीन दशकों से ज़्यादा समय से, इंडिया के सबसे मज़बूत प्रोड्यूसर ब्रांड एकता कपूर ने न सिर्फ़ इंडियन टेलीविज़न को बदला है, बल्कि एक्ट्रेस की एक शानदार लाइनअप भी पेश की है जो आगे चलकर इंडस्ट्री के सबसे जाने-पहचाने चेहरों में से कुछ बन गईं। चाहे आइकॉनिक डेली सोप हों या यूथ ड्रामा, बालाजी टेलीफ़िल्म्स उन टैलेंट के लिए लॉन्चपैड बन गया जिन्होंने बाद में टेलीविज़न, फ़िल्मों, OTT प्लेटफ़ॉर्म और रियलिटी शो में अपनी जगह बनाई। यहां सात एक्ट्रेस पर एक नज़र डालते हैं, जिनके करियर को एकता कपूर का साथ मिला और जिन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई।

1. विद्या बालन – हम पांच (1995)

बॉलीवुड की सबसे अच्छी एक्ट्रेस में से एक बनने से बहुत पहले, विद्या बालन ने 1995 में हम पाँच से एक्टिंग में डेब्यू किया था। हालाँकि बाद में फिल्मों में आने से पहले उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन इस सिटकॉम ने दर्शकों को उनके नेचुरल एक्टिंग टैलेंट की पहली झलक दी। विद्या ने द डर्टी पिक्चर, कहानी, तुम्हारी सुलु, मिशन मंगल और भूल भुलैया 3 जैसी फिल्मों में शानदार परफॉर्मेंस के साथ महिला प्रधान सिनेमा को फिर से परिभाषित किया, और इस दौरान कई अवॉर्ड भी जीते।

2. प्राची देसाई – कसम से (2006)

प्राची देसाई कसम से (2006) में बानी वालिया के रूप में अपना टेलीविज़न डेब्यू करने के बाद रातों-रात सेंसेशन बन गईं। शो में उनकी पॉपुलैरिटी ने बॉलीवुड के दरवाज़े खोल दिए, जहाँ उन्होंने रॉक ऑन!!, वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई, बोल बच्चन और कई वेब प्रोजेक्ट्स जैसी फिल्मों से दर्शकों को इम्प्रेस किया।

3. अनीता हसनंदानी – कभी सौतन कभी सहेली (2001)

हालांकि अनीता हसनंदानी पहले भी कुछ प्रोजेक्ट्स में दिखी थीं, लेकिन एकता कपूर की ‘कभी सौतन कभी सहेली’ (2001) ने उन्हें एक लीडिंग टेलीविज़न एक्ट्रेस के तौर पर स्थापित किया। बाद में वह काव्यांजलि, ये है मोहब्बतें और नागिन 3 में यादगार रोल के साथ बालाजी की सबसे भरोसेमंद स्टार्स में से एक बन गईं।

4. सुरवीन चावला – कहीं तो होगा (2003)

सुरवीन चावला ने 2003 में ‘कहीं तो होगा’ से टेलीविज़न की दुनिया में कदम रखा, जहाँ उन्हें जल्द ही पहचान मिली। बाद में उन्होंने पंजाबी और हिंदी फिल्मों के ज़रिए खुद को फिर से स्थापित किया, इससे पहले कि OTT पर सेक्रेड गेम्स और डिकपल्ड जैसे शो से उन्हें बहुत तारीफ़ मिली।

5. मौनी रॉय – क्योंकि सास भी कभी बहू थी (2006)

मौनी रॉय ने 2006 में ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से टेलीविज़न पर डेब्यू किया था। हालांकि नागिन ने उन्हें सालों बाद टेलीविज़न सुपरस्टार बना दिया, लेकिन उन्हें पहला ब्रेक एकता कपूर के बैनर तले मिला। आज, मौनी ने टेलीविज़न, बॉलीवुड, म्यूज़िक वीडियो और रियलिटी शो में अपनी पहचान बनाई है, जिसमें गोल्ड और ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन – शिवा जैसी मशहूर फिल्में शामिल हैं।

6. अंकिता लोखंडे – पवित्र रिश्ता (2009)

पवित्र रिश्ता (2009) में अंकिता लोखंडे जितना असरदार टेलीविज़न डेब्यू कुछ ही लोगों का हुआ है। अर्चना के उनके किरदार ने उन्हें इंडियन टेलीविज़न के सबसे बड़े स्टार्स में से एक बना दिया। बाद में उन्होंने मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ़ झांसी और बागी 3 जैसी फिल्मों में काम किया, और साथ ही रियलिटी टेलीविज़न पर एक पॉपुलर चेहरा भी बनीं।

7. निया शर्मा – काली – एक अग्निपरीक्षा (2010)

निया शर्मा ने 2010 में एकता कपूर के शो काली – एक अग्निपरीक्षा से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें जल्द ही एक हज़ारों में मेरी बहना है, जमाई राजा और बाद में नागिन 4 जैसे शो से ज़बरदस्त सफलता मिली। निया टेलीविज़न की सबसे ग्लैमरस पर्सनैलिटी में से एक बनकर उभरीं, उन्होंने रियलिटी शो जीते और डिजिटल दुनिया में अपनी मज़बूत पहचान बनाई।

आने वाले नेशनल अवॉर्ड विनर्स को लॉन्च करने से लेकर टेलीविज़न के सबसे बड़े सुपरस्टार बनाने तक, एकता कपूर ने हमेशा टैलेंट खोजने की अपनी नज़र दिखाई है। इन एक्ट्रेस ने भले ही बालाजी बैनर के तहत अपना करियर शुरू किया हो, लेकिन हर एक ने टेलीविज़न, फ़िल्मों और OTT पर एक शानदार करियर बनाया, जिससे यह साबित होता है कि एकता की सबसे बड़ी पहचान उनके बनाए शो से कहीं आगे तक फैली हुई है।

Naseeruddin Shah: ‘यह कहने का एक तरीका है कि अब आप किसी काम के…’, लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड को ठुकराने पर बोले नसीरुद्दीन शाह

Naseeruddin Shah: 76 साल की उम्र में नसीरुद्दीन शाह अपने करियर के सबसे शानदार दौर से गुजर रहे हैं। इम्तियाज़ अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अपनी परफ़ॉर्मेंस के लिए उन्हें काफ़ी तारीफ़ मिल रही है। इस फ़िल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों से ही बहुत पसंद किया गया है। उन्हें अमेज़न MX प्लेयर के शो ‘मेड इन इंडिया’ में मुख्य भूमिका निभाने के लिए भी तारीफ़ मिली, जिसमें उन्होंने JRD टाटा का किरदार निभाया था। और इस शानदार दौर के बीच, एक्टर ने साफ़ कर दिया है कि अभी एक्टिंग छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।

शुक्रवार को, ‘मैं वापस आऊंगा’ की टीम ने मुंबई में फिल्म की सक्सेस पार्टी रखी। यह पार्टी फिल्म के सिनेमाघरों में 50 दिन पूरे होने के मौके पर आयोजित की गई थी, जो आज के दौर में एक बड़ी बात है। दिलजीत दोसांझ, शरवरी और वेदांग रैना स्टारर यह रोमांटिक फिल्म, कई सालों बाद इम्तियाज़ की बॉक्स-ऑफिस पर सफल फिल्म रही है। सक्सेस पार्टी में नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म की सफलता और अपने करियर के सफर पर बात की। मीडियाकर्मियों से भरी महफिल में उन्होंने कहा, “हाल ही में मुझे कई लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स देने की पेशकश की गई, लेकिन मैंने मना कर दिया। लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स का मतलब होता है कि आपका काम पूरा हो गया है। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है कि मैं बस इसे लेकर चला जाऊं, और इसीलिए मैं ये अवॉर्ड्स स्वीकार नहीं करता। मुझे नहीं लगता कि मेरा काम पूरा हो गया है।”

कई नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले एक्टर ने ‘मैं वापस आऊंगा’ के लिए दर्शकों के प्यार का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानता हूं कि मैं इस फिल्म का हिस्सा बना और मुझे इस पर बहुत गर्व है। आपके सपोर्ट के लिए आप सभी का धन्यवाद।”

नसीरुद्दीन शाह ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 1970 के दशक के बीच में पैरेलल सिनेमा से की थी, और बाद में ‘हम पांच’ फिल्म से मेनस्ट्रीम बॉलीवुड में आए। 80 के दशक में उन्हें ‘कर्मा’, ‘जलवा’ और ‘मालामाल’ जैसी फिल्मों से बॉक्स-ऑफिस पर कामयाबी मिली। उन्होंने 1979 में ‘स्पर्श’ और 1984 में ‘पार’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीता, और 2005 में ‘इकबाल’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड हासिल किया।

बॉक्स ऑफिस पर ‘मैं वापस आऊंगा’ की शानदार परफॉर्मेंस

इम्तियाज़ अली की डायरेक्ट की गई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को बिड़ला स्टूडियोज़ और अप्लॉज एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है, साथ ही इसमें विंडो सीट फिल्म्स के मोहित चौधरी और शिबाशीष सरकार भी शामिल हैं। पर्सनल हिस्ट्री और बंटवारे के समय की यादों पर आधारित यह पीरियड ड्रामा 95 साल के ईशर सिंह ग्रेवाल (नसीरुद्दीन शाह) की कहानी है, जिन्हें आज के पाकिस्तान के सरगोधा जाने की कोशिश के दौरान स्ट्रोक आ जाता है। जब बंटवारे से पहले की उनकी ज़िंदगी की यादें वापस आती हैं, तो उनका पोता निर्वैर (दिलजीत दोसांझ) इंग्लैंड से लौटता है ताकि परिवार के लंबे समय से दबे हुए राज़ों का पता लगा सके। ईशर के इमोशनल सफ़र से जुड़ा रहस्य ही इस कहानी का मुख्य हिस्सा है।

फ़िल्म को अच्छे रिव्यूज़ मिले और धीमी शुरुआत के बावजूद, पहले वीकेंड के बाद लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया की वजह से इसने रफ़्तार पकड़ ली। उम्मीद है कि यह फ़िल्म दुनिया भर में ₹100 करोड़ की कमाई के साथ अपना सफ़र पूरा करेगी।

एक इंजीनियर को मिले 20+ जॉब ऑफर, Adobe से Amazon तक कंपनियों की लगी लाइन! जानें सफलता का राज

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सफलता की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। उन्होंने बताया कि अपने करियर सफर के दौरान उन्हें दुनिया की कई नामी प्रोडक्ट बेस्ड कंपनियों से 20 से ज्यादा जॉब ऑफर मिले। यह उपलब्धि हासिल करने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत, सीखने और असफलताओं से आगे बढ़ने का रास्ता चुना। उनकी LinkedIn पोस्ट में सिर्फ ऑफर्स की संख्या नहीं, बल्कि उस संघर्ष और तैयारी की झलक भी दिखाई गई है, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

बड़ी टेक कंपनियों से मिले इन ऑफर्स ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और कई यूजर्स ने उनकी मेहनत की जमकर तारीफ की। आखिर कैसे उन्होंने यह सफलता हासिल की और कौन-कौन सी बड़ी कंपनियों से मिले ऑफर? जानिए पूरी कहानी।

Adobe, Amazon और Tesla जैसी कंपनियों से मिले ऑफर

LinkedIn यूजर निशचय अग्रवाल ने अपनी पोस्ट में बताया कि जॉब सर्च के दौरान उन्हें कई बड़ी कंपनियों से ऑफर मिले। इनमें Adobe, Tesla, Salesforce, Amazon, JioHotstar, eBay, CRED, Twilio, Autodesk और कई अन्य प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एक इंटरनेशनल जॉब ऑफर भी मिला है।

कहा- यह सिर्फ कंपनियों के नाम की कहानी नहीं है

निशचय ने अपनी पोस्ट में साफ किया कि उनका मकसद सिर्फ बड़ी कंपनियों के नाम दिखाना नहीं है, बल्कि उस मेहनत और सफर को साझा करना है, जिसने उन्हें यहां तक पहुंचाया। उन्होंने लिखा कि यह कहानी कंपनी के लोगो की नहीं, बल्कि उस यात्रा की है जिसके पीछे लगातार मेहनत छिपी है।

रातों की मेहनत और कई असफल इंटरव्यू का नतीजा

इंजीनियर ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कई रातें सीखने में बिताईं। वीकेंड पर भी तैयारी की, कई इंटरव्यू में असफलता मिली और लंबे समय तक कोडिंग व डिबगिंग करते रहे।उन्होंने कहा कि कई बार आत्मविश्वास डगमगाया, लेकिन लगातार सीखने और आगे बढ़ने की आदत ने उन्हें सफलता दिलाई।

परिवार और टीम को दिया सफलता का श्रेय

निशचय ने अपने परिवार, मैनेजर्स, साथियों, रिक्रूटर्स और इंटरव्यू लेने वालों का आभार जताया। उन्होंने अपनी सफलता के लिए भगवान हनुमान का भी धन्यवाद किया और कहा कि हर चुनौती और अवसर ने उन्हें बेहतर इंजीनियर बनने में मदद की।

जॉब तलाशने वालों को दी खास सलाह

उन्होंने नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को सलाह दी कि वे अपनी शुरुआत की तुलना किसी और की सफलता के अगले पड़ाव से न करें। उनका कहना था कि हर व्यक्ति की अपनी यात्रा होती है। लगातार सीखते रहना, नई चीजें बनाना, आवेदन करते रहना और खुद पर भरोसा रखना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने निशचय की जमकर तारीफ की। कुछ लोगों ने उनकी सफलता को लेकर मजेदार कमेंट भी किए। एक यूजर ने मजाक में लिखा कि वह ऑफर लेटर ऐसे जमा कर रहे हैं जैसे पोकेमॉन कार्ड इकट्ठा किए जाते हैं। वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि वह सफलता की “समस्या” से जूझ रहे हैं। कई लोगों ने उनकी उपलब्धि को प्रेरणादायक बताया और कहा कि ऐसी सफलता हर टेक प्रोफेशनल का सपना होती है।

वायरल पोस्ट ने बढ़ाई चर्चा

निशचय की कहानी LinkedIn से आगे बढ़कर अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच गई। लोगों ने उनकी मेहनत, धैर्य और लगातार प्रयास को सराहा। कई यूजर्स ने इसे टेक इंडस्ट्री में सफलता पाने वालों के लिए प्रेरणा बताया।

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