As we know, Ather’s first scooter based on the EL platform, Konarc, is gearing up to launch on August 29, at their annual community day. We had learned earlier that the Konarc will get metal body panels and few other details about the platform. Now, Ather has detailed the durability tests they’ve conducted on the Konarc to ensure that it’s built robustly.
Tested at The Juggernaut, Ather’s in-house testing ground
Some of the tests include drop tests, flood simulations, and vibration testing
Robust testing in tough conditions
With a 1 lakh km condensed riding cycle
We’re now aware that Ather is looking to position the Konarc as their first mass market EV and as such, they claim to have tested it far beyond what a normal ride would demand at The Juggernaut, the brand’s in-house testing ground. Posted on the brand’s Instagram page, some of the different tests include drop tests, load testing, shaking, vibrating, compressing one lakh kilometres of riding into an accelerated cycle. To take things up a notch, scenarios like heavy rains, deep water wades, floods were also simulated.
EL01 concept used for representative purpose
Beyond these admittedly robust testing scenarios, the video also shows the Konarc undergoing typical durability tests for parts like the brakes, suspension, stands, and switches. The video also further substantiates previously known information like the steel chassis, metal body panels, a swingarm mounted motor, a 14-inch front wheel and a 12-inch rear wheel. We should get to know exactly what the Konarc can do on August 29 with more insights and information into the scooter.
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हर माँ चाहती है कि उसका बच्चा मजबूत बने।
लेकिन मजबूती हमेशा समझाने से नहीं आती। कभी-कभी बच्चे अपने माता-पिता के फैसलों से सीखते हैं कि कहाँ समझौता करना है… और कहाँ अपने लिए खड़ा होना है।
श्वेता तिवारी और उनकी बेटी पलक की कहानी इसी रिश्ते का एक बेहद मानवीय पहलू दिखाती है।
शायद बच्चों के लिए हमारी सबसे बड़ी सीख, हमारी अपनी जिंदगी होती है।
@shweta.tiwari
Shweta Tiwari ने बेटी Palak Tiwari को दी जिंदगी की सबसे जरूरी सीख | Shweta Tiwari Parenting lesson for her Daughter | Shweta Tiwari in Traitors 2
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पूर्व मुंबई अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर (Anaya Bangar) के लिए महिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता खुल गया है। मार्च में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (Gender Affirming Surgery) कराने वाली अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, अगर वह विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) जैसी एलीट क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना चाहती हैं, तो उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
अनाया मुंबई की एज-ग्रुप क्रिकेट में खेल चुकी हैं। वह टेस्ट क्रिकेट खेल चुके सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी मुंबई के लिए क्रिकेट खेल चुकी हैं।
'मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी'
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी मिलने के बाद अनाया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में इसे अपने लिए बेहद खास दिन बताया। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह शायद दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी।
“यह मेरे लिए बहुत खास दिन है, खासकर यह जानने के बाद कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल सकती हूं। एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी। लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का शुक्रिया, जिसने मुझे एक और मौका दिया।”
अनाया ने जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया था। इसके जवाब में 20 जुलाई को उन्हें बताया गया कि वह तुरंत कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें टेस्टोस्टेरोन से जुड़े पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि वह मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं।
“मार्च 2027 तक आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए पात्र हैं। चूंकि प्रीमियर क्रिकेट को इस नीति के तहत एलीट क्रिकेट के बजाय कम्युनिटी क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इस फैसले का आपकी इन प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
यानी अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी लेवल पर महिला क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, इसके बाद एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता टेस्टोस्टेरोन टेस्ट समेत अन्य शर्तों पर निर्भर होगी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर कम से कम 12 महीनों तक 10 nmol/L से नीचे होना चाहिए। मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए अनाया को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर ब्लड टेस्ट भी कराना होगा।
“मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में आपकी पात्रता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर एक ब्लड टेस्ट उपलब्ध कराएं, जिसमें यह पुष्टि हो कि आपके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम है और आप नीति में तय पात्रता की अन्य सभी शर्तों को पूरा करना जारी रखती हैं।”
ICC का ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर क्या नियम है?
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की एलीट महिला क्रिकेट में भागीदारी को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की थी। इसके तहत ऐसे ट्रांसजेंडर खिलाड़ी, जिन्होंने पुरुष यौवन यानी मेल प्यूबर्टी का अनुभव किया है, एलीट महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकते।
भारत में हालांकि इस तरह के मामले को लेकर BCCI की अभी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। BCCI के एक शीर्ष अधिकारी ने *द इंडियन एक्सप्रेस* से कहा कि बोर्ड ने ट्रांस महिलाओं के महिला क्रिकेट खेलने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
“जहां तक ICC की बात है, उसने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है। BCCI ने अभी यह तय नहीं किया है कि ऐसे मामलों में क्या किया जाना चाहिए। चूंकि यह पहली बार है जब इस तरह का मामला सामने आया है, इसलिए बोर्ड ने अभी इस पर कोई रुख तय नहीं किया है। खास तौर पर घरेलू क्रिकेट में उन्हें खेलने की अनुमति देने को लेकर।”
अनाया ने बताया, कैसे मिली क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी
अनाया ने बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके मामले को विस्तार से देखा। उनकी मेडिकल हिस्ट्री, टेस्ट रिपोर्ट और सर्जरी से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से जुड़ी रिपोर्ट भी देखी। अनाया के मुताबिक, बोर्ड ने उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम के जरिए उनके मामले की समीक्षा की।
“मेरी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और बाकी सभी जानकारी सामने आने के बाद भी BCCI की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में मेरी रिपोर्ट पढ़ी, मेरी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देखी और मेरी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम बनाई।”
“मैंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया और उन्होंने निष्पक्षता और समावेशिता को ध्यान में रखते हुए मुझे खेलने की मंजूरी दी। उन्होंने मुझसे मेरी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और टेस्टोस्टेरोन टेस्ट की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मेरी सर्जरी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। इसके अलावा, उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की वह रिपोर्ट भी मांगी, जिसे मैंने एक साल से ज्यादा समय पहले सार्वजनिक किया था।”
अनाया ने आगे कहा कि अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती हैं और बाकी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, तो उनके पास WBBL में खेलने का मौका हो सकता है।
“अगर सब कुछ ठीक रहा और मैं अच्छा प्रदर्शन करती हूं, तो मेरे पास WBBL में खेलने का मौका होगा।”
हार्मोन थेरेपी पर रिसर्च का भी हिस्सा बनी थीं अनाया
अनाया इससे पहले मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के एक रिसर्च प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। इस प्रोजेक्ट में हार्मोन थेरेपी के दौरान उनकी स्ट्रेंथ, स्टैमिना, हार्मोन और ग्लूकोज लेवल में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया गया था।
उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए BCCI और ICC के प्रतिनिधियों से भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की अपील की थी। अनाया का कहना रहा है कि ऐसी नीतियां पुराने विचारों के बजाय वैज्ञानिक डेटा और रिसर्च पर आधारित होनी चाहिए।
अभी क्लब की तलाश में अनाया
जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद अनाया फिलहाल रिकवरी कर रही हैं। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए एक क्लब की तलाश भी कर रही हैं, जहां से वह कम्युनिटी क्रिकेट में अपनी नई पारी शुरू कर सकें।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली मंजूरी को अनाया ने सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा कदम बताया।
“मैं सच में यकीन नहीं कर पा रही थी कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और उसकी प्रगतिशील व समावेशी नीतियों की वजह से यह संभव हुआ है। ये नीतियां ट्रांस महिलाओं के लिए महिला खेलों में निष्पक्षता और समावेश पर ध्यान देती हैं।”
“यह सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे जैसे दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ा पड़ाव है, जो खेल में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें या तो खेल चुनना पड़ता है या फिर जेंडर ट्रांजिशन का विकल्प चुनना पड़ता है।”
एक दिव्यांग महिला 25 KM दूर से एक अधिकारी के लिए पेन लेकर पहुंचीं।
ये पेन सिर्फ एक तोहफा नहीं, बल्कि उस अधिकारी के लिए सम्मान और आभार था, जिसने उनकी तकलीफ सुनी।
जब हर दरवाजा खटखटाने के बाद भी उन्हें मदद नहीं मिली, तब एक अधिकारी ने उनकी उम्मीद नहीं टूटने दी।
Public Service का असली मतलब समझाती है ये छोटी-सी, दिल छू लेने वाली कहानी।
जानिए दिव्यांग महिला और SP श्रद्धा का ये भावुक किस्सा और इसे जरूर शेयर करें।
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Appears to have a 19 front-17 rear tubed spoke wheels
Spotted testing with Pirelli MT60 tyres
Most likely to launch in LatAm markets first
Proper dual-sport design
With an up-swept exhaust and a tall stance
This image gives us a detailed look at a few important things on the motorcycle. We can see a TFT instrument cluster that appears similar to the unit that debuted on the Pulsar N160 S and SS, supporting Google Maps mirroring on the latter. The next detail we can see is the multi-functional switch cube on the left side of the handlebar, presumably to access and navigate through the features the motorcycle will offer. For perspective, some of the brand’s more recent launches like the N160 SS come with modern day features like ride-by-wire which enables rider aids like three ride modes, traction control, and a new crawl function to make riding in traffic easier, and we could see those features on this upcoming dual sport as well.
Being an adventure motorcycle, it understandably has long travel suspension, although exact details are unknown at the moment. The other noteworthy thing is that the motorcycle appears to sport Pirelli MT 60 tyres, but it’ll likely wear different tyres in India to keep the prices affordable. Engine details are still unknown, but as we’d reported earlier it’ll likely be sub-300cc.
The Indian off-road motorcycle market has popular choices like the Hero Xpulse 210 and the Kawasaki KLX230, as well as the KTM 390 Enduro R in the 400cc class. We also have the upcoming Honda XR300 L and XR300 Rally. In an interview with Brazilian media, Bajaj’s Executive Director for the country, Waldyr Ferreira hinted at a launch in the local market towards the end of the year. The timeline for an Indian launch hasn’t been confirmed so far.
25 साल की उम्र में जहां ज्यादातर युवा करियर की शुरुआत और कमाई बढ़ाने की कोशिश में जुटे होते हैं, वहीं एक टियर-2 शहर के युवा उद्यमी ने करीब ₹1.6 करोड़ की नेटवर्थ बना ली है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इतनी संपत्ति बनाने के बाद भी उसकी चिंता खत्म नहीं हुई। अब उसका सवाल है- पैसा कमाने के बाद उसे सही जगह कैसे लगाया जाए और अगला लक्ष्य क्या हो?
18 की उम्र में शुरू हुई कमाई की कहानी
इस युवा की आर्थिक यात्रा 18 साल की उम्र में freelancing से शुरू हुई थी। धीरे-धीरे उसने Instagram पर theme pages बनाए और इन्हीं पेजों को आगे चलकर अपने डिजिटल मीडिया बिजनेस में बदल दिया। आज उसकी कमाई का मुख्य जरिया यही बिजनेस है। हालांकि, बिजनेस से होने वाली आय तय नहीं रहती और समय के साथ इसमें उतार-चढ़ाव आता रहता है।
करोड़ों की संपत्ति, कई जगह फैला निवेश
Reddit के r/personalfinanceindia पर अपनी कहानी शेयर करते हुए 25 वर्षीय उद्यमी ने अपने निवेश का पूरा ब्योरा बताया। उसके पोर्टफोलियो में सबसे बड़ा हिस्सा भारतीय शेयरों का है। उसके मुताबिक, करीब ₹85 लाख भारतीय इक्विटी, ₹7.5 लाख अमेरिकी शेयरों और ₹5 लाख म्यूचुअल फंड्स में लगे हैं। इसके अलावा ₹5 लाख Sovereign Gold Bonds और ₹2 लाख Gold ETFs में निवेश किए गए हैं। रियल एस्टेट में करीब ₹15 लाख और क्रिप्टोकरेंसी में ₹3 लाख लगाए गए हैं।
₹40-45 लाख कैश में, लेकिन निवेश को लेकर उलझन
सबसे दिलचस्प हिस्सा उसके पास मौजूद नकदी है। करीब ₹40-45 लाख लंबे समय से बैंक अकाउंट में पड़े हैं। वह खुद भी मानता है कि इतनी बड़ी रकम को सिर्फ सेविंग अकाउंट में रखना शायद पैसे का सबसे बेहतर इस्तेमाल नहीं है। लेकिन समस्या यह है कि वह सिर्फ इसलिए निवेश नहीं करना चाहता कि पैसा कहीं लगा हुआ दिखे। वह ऐसी जगह तलाश रहा है, जहां जोखिम और संभावित रिटर्न उसके हिसाब से संतुलित हों।
अब लक्ष्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं
युवा उद्यमी के मुताबिक, उसका अगला लक्ष्य बिजनेस को आगे बढ़ाने के साथ अपनी संपत्ति को अलग-अलग जगहों पर फैलाना है। वह किसी एक बिजनेस या एसेट पर जरूरत से ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहता। आखिरकार उसकी नजर FIRE यानी Financial Independence, Retire Early पर है। यानी वह ऐसी आर्थिक स्थिति बनाना चाहता है, जहां भविष्य में रोजी-रोटी के लिए काम करना मजबूरी न रहे।
₹1.6 करोड़ के बाद भी Reddit पर मांगी सलाह
अपनी स्थिति बताते हुए उसने Reddit यूजर्स से पूछा कि अगर कोई 25 साल की उम्र में करीब ₹1.5-2 करोड़ की नेटवर्थ और ₹40-45 लाख कैश के साथ हो, तो उसे आगे किस दिशा में ध्यान देना चाहिए। पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दिलचस्प रहीं। कई यूजर्स ने उसकी उपलब्धि की तारीफ की और कहा कि वह अपनी उम्र के ज्यादातर लोगों से काफी आगे है। एक यूजर ने उसके काम के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह Instagram पर कई theme pages का मालिक है, जिनमें meme pages भी शामिल हैं।
लोगों ने दी निवेश से ज्यादा सुरक्षा की सलाह
कुछ Reddit यूजर्स का ध्यान उसके निवेश से ज्यादा insurance पर गया। एक यूजर ने term insurance बढ़ाने और पर्याप्त health insurance लेने की सलाह दी। साथ ही emergency fund तैयार रखने की बात भी कही गई। एक अन्य यूजर ने real estate में धीरे-धीरे कदम रखने और rental income बनाने का सुझाव दिया।
असली कहानी ₹1.6 करोड़ की नहीं, अगले फैसले की है
इस पूरी कहानी का दिलचस्प पहलू सिर्फ यह नहीं है कि 25 साल की उम्र में किसी ने कितनी संपत्ति बना ली। असली सवाल यह है कि जब कमाई एक मुकाम तक पहुंच जाए, तो उसके बाद सही फैसले कैसे लिए जाएं?
ऋषिकेश से केदारनाथ तक पैदल चलने से शुरू हुआ यति का सफर, आज 15,000 किलोमीटर और 13 राज्यों तक पहुंच चुका है। लेकिन इस लंबी यात्रा में यति को सबसे खूबसूरत चीज़ किसी मंज़िल पर नहीं, बल्कि राजस्थान की सड़क पर मिली— एक छोटी-सी पपी, जिसका नाम उन्होंने रखा बटर। :feet::heart:
आज दोनों ने साथ में पहाड़, जंगल, रेगिस्तान और नदियों के किनारे न जाने कितने रास्ते पार किए हैं। यति आगे बढ़ते हैं, तो बटर साथ चलती है। वो आगे निकल जाए, तो पीछे मुड़कर यति का इंतज़ार करती है।
कई बार सफर आसान बनाने के लिए लोग बेज़ुबानों को पीछे छोड़ देते हैं। लेकिन @theunfoldingplay ने आसान रास्ता नहीं, बटर को चुना। देखिए, कैसे सड़क पर मिली एक छोटी-सी बटर, यति की सबसे लंबी यात्रा की हमेशा की साथी बन गई
@theunfoldingplay
वो सड़क पर मिली और बन गई हर सफर की साथी | Yati Gaur| Delhi | Travel Vlog | Walking India
अगर आप iPhone 17 Pro Max खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह डील आपके काम की हो सकती है। दरअसल, Flipkart पर Apple के इस प्रीमियम फोन के 256GB मॉडल को ऑफर्स का फायदा उठाकर 99,000 रुपये की प्रभावी कीमत में खरीदा जा सकता है। खास बात यह है कि यह डील Cosmic Orange कलर वाले मॉडल पर मिल रही है। हालांकि, इस कीमत का फायदा उठाने के लिए Flipkart पर उपलब्ध कुछ चुनिंदा ऑफर्स को मिलाकर इस्तेमाल करना होगा।
Flipkart पर iPhone 17 Pro Max की डील
Flipkart पर iPhone 17 Pro Max के 256GB वेरिएंट की कीमत फिलहाल 1,47,900 रुपये दिखाई जा रही है। हालांकि, प्लेटफॉर्म पर लागू ऑफर्स का फायदा उठाने के बाद इसकी प्रभावी कीमत 99,000 रुपये बताई गई है।
इस डील में स्मार्टफोन एक्सचेंज ऑफर और बैंक डिस्काउंट शामिल हैं। दोनों ऑफर्स को मिलाकर प्रोडक्ट पेज पर 99,000 रुपये की प्रभावी कीमत दिखाई जा रही है।
हालांकि, फोन एक्सचेंज करने वाले ग्राहकों को ध्यान रखना चाहिए कि एक्सचेंज की अंतिम कीमत आपके पुराने फोन के मॉडल, उसकी कंडीशन और वेरिफिकेशन पर निर्भर करेगी। इसलिए हर ग्राहक को 99,000 रुपये की कीमत पर फोन मिलना जरूरी नहीं है।
EMI का विकल्प भी उपलब्ध
जो ग्राहक किश्तों में भुगतान करना पसंद करते हैं, वे ‘नो कॉस्ट EMI’ का विकल्प भी चुन सकते हैं। Flipkart अभी छह महीने के लिए ₹17,333 प्रति महीने से शुरू होने वाले EMI प्लान दिखा रहा है। यह सुविधा पात्रता और इसमें शामिल बैंकों की शर्तों पर निर्भर करती है।
ध्यान रखने वाली बातें
₹99,000 की प्रभावी कीमत स्मार्टफोन की सामान्य बिक्री कीमत नहीं है। यह कीमत खास ऑफर लागू करने के बाद ही मिलती है, और एक्सचेंज की पात्रता और बैंक ऑफ़र की उपलब्धता के आधार पर अंतिम भुगतान की जाने वाली राशि अलग-अलग हो सकती है।
जो लोग पुराने iPhone से अपग्रेड करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह कुल खरीद लागत कम करने का एक अच्छा मौका हो सकता है, बशर्ते उनका मौजूदा डिवाइस अधिकतम एक्सचेंज लाभ के लिए योग्य हो।
हालांकि, किसी भी ग्राहक को ऑनलाइन डील के तहत खरीदारी करने से पहले प्रोडक्ट पेज पर लागू ऑफर की जांच कर लेनी चाहिए, क्योंकि छूट, एक्सचेंज वैल्यू और बैंक ऑफर समय के साथ बदल सकते हैं।
माँ बचपन से कहती थीं – “Hero”
लेकिन Mumbai ने इस Hero को सालों तक सिर्फ “No” सुनाया।
19 साल की उम्र में Jamshedpur से Mumbai आए Mihir Ahuja ने सालों तक Auditions दिए। कई बार Audition देने का मौका तक नहीं मिला। फिर Covid के मुश्किल दौर में उनकी बहन ने उनका साथ दिया Audition tapes बनाने से लेकर हर मुश्किल दिन उनका हौसला बढ़ाने तक, वो उनके साथ खड़ी रहीं।
Super 30, Made in Heaven, Feels Like Ishq छोटे- छोटे किरदारों ने उन्हें The Archies और अब Operation Safed Sagar तक ले आया।
मिहिर की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, खुद पर भरोसा बनाए रखने की कहानी है।
क्योंकि हर Rejection आपकी कहानी का Full stop नहीं होता। वो बस अगले Scene से पहले का Pause होता है।
@mihirahuja_
Super 30 में बैकग्राउंड एक्टर से Operation Safed Sagar में लीड तक | Jamshedpur to Mumbai | Mihir Ahuja
Mihir Ahuja IAF officer Operation Safed Sagar, From Jamshedpur to Bollywood, Mihir Ahuja Struggle Before The Archies, Mihir Ahuja Upcoming Film
पति के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी उठाने के लिए ऑटो चलाना शुरू किया। शुरुआत में लोगों के ताने मिले, लेकिन राजकुमारी भदौरिया रुकी नहींं। आज सोशल मीडिया पर ‘भोपाली ऑटोवाली’ के नाम से पहचानी जाती हैं और कई महिलाओं को भी ऑटो चलाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
@autowali_didi
दो बच्चों की जिम्मेदारी अकेले उठा रही ‘भोपाली ऑटोवाली’ | Rajkumari Bhadauria | Bhopal | Bhopali Autowali
(Bhopal Auto Wali, Rajkumari Bhadauria, Women Auto Driver, Bhopal, Madhya Pradesh, Women Empowerment, Inspirational Story,Bhopal Stories,Female Auto Driver Bhopal )