IND vs SL: कौन हैं आकिब नबी? श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच में जसप्रीत बुमराह की लेंगे जगह

भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला गॉल में खेला जाएगा। वहीं इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोट की वजह से इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। जसप्रीत बुमराह की जगह भारतीय टीम में जम्मू-कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका दिया गया है। तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहली बार टीम इंडिया में जगह दी है। सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा।

औकिब ने पिछले दो घरेलू सीजनों में लगातार बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अपनी प्रतिभा साबित की, जिसके दम पर उन्हें राष्ट्रीय टीम में शामिल होने का यह बड़ा अवसर मिला है। आइए जानते हैं कौन है तेज गेंदबाज आकिब नबी

सीरीज से बाहर हुए बुमराह

तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान उनके बाएं घुटने में चोट लगी थी, जिससे उबरने में अभी और समय लगेगा। बीसीसीआई ने साफ किया है कि बुमराह की रिकवरी पर मेडिकल टीम लगातार नजर रख रही है और पूरी तरह फिट होने के बाद ही उन्हें मैदान पर वापसी का मौका दिया जाएगा। बुमराह को पहले श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम में जगह दी गई थी। लेकिन अभी पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं, इस वजह से वह सीरीज से बाहर हो गए हैं।

कौन है आकिब नबी

तेज गेंदबाज आकिब नबी जम्मू-कश्मीर की ओर से रणजी मैच खेलते हैं। 29 वर्षीय आकिब नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजनों में अपनी शानदार गेंदबाजी से खास पहचान बनाई है। इस दौरान उन्होंने कुल 104 विकेट लेकर घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया। खास तौर पर 2025-26 सीजन उनके लिए यादगार रहा, जब उन्होंने 60 विकेट झटके और जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। नई गेंद से लगातार प्रभावी गेंदबाजी और जरूरत के समय विकेट लेने की उनकी क्षमता ने चयनकर्ताओं को काफी प्रभावित किया।

सिराज पर होगी जिम्मेदारी

इंडिया ए के हालिया श्रीलंका दौरे पर भी आकिब नबी ने अपनी गेंदबाजी से अच्छा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने दो प्रथम श्रेणी मुकाबलों में कुल छह विकेट लेकर दिखाया कि वह अलग-अलग परिस्थितियों में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। जसप्रीत बुमराह के टीम में नहीं होने से भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी अब मोहम्मद सिराज के कंधों पर होगी। उनसे तेज गेंदबाजी विभाग की अगुवाई करने की उम्मीद रहेगी।

WTC टेबल के लिए महत्वपूर्ण

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों मुकाबलों के नतीजे अंक तालिका पर सीधा असर डालेंगे। फिलहाल भारतीय टीम पांचवें स्थान पर है, जबकि श्रीलंका छठे नंबर पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमें जीत हासिल कर WTC की रैंकिंग में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगी।

श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारत की अपडेटेड टीम: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), साई सुदर्शन*, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी।

हॉकी, कुश्ती और शूटिंग के बिना भी भारत ने Commonwealth Games में जीते 39 मेडल

commonwealth games

कई मुख्य खेल जैसे कि हॉकी, कुश्ती और शूटिंग के ना होने के बावूजद भी भारत ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में अपना दम दिखाया और 39 मेडल पाकर अंकतालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। ऐसा माना जा रहा था जहां भारत के सफलतम वैश्विक खेल नदारद है वहां मेडल तालिका में भारत अंकतालिका में शीर्ष दस देशों में आ जाए तो बड़ी बात होगी।

टेबल टेनिस में भी सिर्फ पुरुष और महिला के टीम मैच हुए थे, एकल और युगल नहीं। टेबल टेनिस में भारत ने मलेशिया को हराकर दोनों स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।लेकिन भारोत्तोलन, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स के ट्रैक एंड फी्लड इवेंट के साथ पैरा एथलेटिक्स में भी भारत ने झंडे गाढे़।

भारतीय खिलाड़ियों ने 11 दिन तक चले खेलों में मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, जूडो, पैरा खेलों और भारोत्तोलन में बेहतरीन प्रदर्शन करके साबित कर दिया कि भारत राष्ट्रमंडल खेल महाशक्तियों में से एक है।भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक जीते। आस्ट्रेलिया 70 स्वर्ण समेत 171 पदक जीतकर शीर्ष रहा जबकि इंग्लैंड ने 110 और कनाडा ने 62 पदक जीते।

मेजबान स्कॉटलैंड 39 पदक जीतकर पांचवें स्थान पर रहा। मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण और तीन रजत समेत दस पदक जीते। जूडो खिलाड़ियों ने भी जबर्दस्त प्रदर्शन करके पदक जीते।निशानेबाजी, बैडमिंटन, कुश्ती, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे खेल नहीं होने से भारत के पदकों की संख्या कम हुई है लेकिन बाकी खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपना लोहा मनवाया।

कुछ घटनाओं ने निराश भी किया जैसे खेलों से पहले ही जूडो खिलाड़ी तूलिका मान डोपिंग रोधी नियमों के तहत ठिकाने का पता बनाने में तीन बार नाकाम रहने के कारण अस्थायी तौर पर निलंबित हो गई और खेलों में हिस्सा नहीं ले पाई।ग्लास्गो से विदा लेने के बाद अब नजरें अहमदाबाद पर होंगी जहां 2030 में खेल होने हैं।

हॉकी, कुश्ती और शूटिंग के बिना भी भारत ने Commonwealth Games में जीते 39 मेडल

commonwealth games

कई मुख्य खेल जैसे कि हॉकी, कुश्ती और शूटिंग के ना होने के बावूजद भी भारत ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में अपना दम दिखाया और 39 मेडल पाकर अंकतालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। ऐसा माना जा रहा था जहां भारत के सफलतम वैश्विक खेल नदारद है वहां मेडल तालिका में भारत अंकतालिका में शीर्ष दस देशों में आ जाए तो बड़ी बात होगी।

टेबल टेनिस में भी सिर्फ पुरुष और महिला के टीम मैच हुए थे, एकल और युगल नहीं। टेबल टेनिस में भारत ने मलेशिया को हराकर दोनों स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।लेकिन भारोत्तोलन, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स के ट्रैक एंड फी्लड इवेंट के साथ पैरा एथलेटिक्स में भी भारत ने झंडे गाढे़।


भारतीय खिलाड़ियों ने 11 दिन तक चले खेलों में मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, जूडो, पैरा खेलों और भारोत्तोलन में बेहतरीन प्रदर्शन करके साबित कर दिया कि भारत राष्ट्रमंडल खेल महाशक्तियों में से एक है।भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक जीते। आस्ट्रेलिया 70 स्वर्ण समेत 171 पदक जीतकर शीर्ष रहा जबकि इंग्लैंड ने 110 और कनाडा ने 62 पदक जीते।

मेजबान स्कॉटलैंड 39 पदक जीतकर पांचवें स्थान पर रहा। मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण और तीन रजत समेत दस पदक जीते। जूडो खिलाड़ियों ने भी जबर्दस्त प्रदर्शन करके पदक जीते।निशानेबाजी, बैडमिंटन, कुश्ती, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे खेल नहीं होने से भारत के पदकों की संख्या कम हुई है लेकिन बाकी खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपना लोहा मनवाया।

कुछ घटनाओं ने निराश भी किया जैसे खेलों से पहले ही जूडो खिलाड़ी तूलिका मान डोपिंग रोधी नियमों के तहत ठिकाने का पता बनाने में तीन बार नाकाम रहने के कारण अस्थायी तौर पर निलंबित हो गई और खेलों में हिस्सा नहीं ले पाई।ग्लास्गो से विदा लेने के बाद अब नजरें अहमदाबाद पर होंगी जहां 2030 में खेल होने हैं।

भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह श्रीलंका दौरे से हुए बाहर, COE का बना मजाक

Jasprit Bumrah

कुछ दिनों पहले ही यह खबर आई थी कि जसप्रीत बुमराह ने अपने सभी फिटनेस टेस्ट पास कर लिए हैं। लेकिन रविवार को जब खबर आई कि जसप्रीत बुमराह चोट के कारण पूरे श्रीलंका दौरे से ही बाहर हो गए हैं तो बैंगलूरू स्थित सैंटर ऑफ एक्सिलेंस पर भारतीय क्रिकेट फैंस सवाल उठाने लग गए।

श्रीलंका में स्पिन की मुफीद पिचें भारत का इंतजार करेंगी ऐसे में जसप्रीत बुमराह को ऐसी पिच पर आराम देने की सलाह रविचंद्रन अश्विन ने दी थी। लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है।ऐसे में जसप्रीत बुमराह श्रीलंका के खिलाफ अगर भारत के लिए सलामी गेंदबाजी करते तो मैच जल्दी समाप्त करने में अहम भूमिका निभा सकते थे।

गौरतलब है कि जसप्रीत बुमराह ने कार्यभार प्रबंधन के तहत बोर्ड को पिछले साल इंग्लैंड टेस्ट दौरे पर यह बताया था कि वह 5 में से सिर्फ 3 मैचों का हिस्सा रहेंगे। यह सीरीज जब 2-2 से बराबर हुई तो जसप्रीत बुमराह को साफ शब्दों में बताया गया कि वह पूरी सीरीज के लिए उपलब्ध रहें या फिर पूरी सीरीज से आराम ले लें।

तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी चोटिल होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं जबकि तेज गेंदबाज आकाशदीप अभी तक पीठ की दर्द से नहीं उबर पाए हैं।

CWG 2026 Medal List: ग्लासगो में भारत ने जीते कितने मेडल? देखें गोल्ड-सिल्वर-ब्रॉन्ज की पूरी लिस्ट और मेडल टैली

Commonwealth Games 2026 Medal List: 11 दिनों तक चले रोमांचक मुकाबलों के बाद ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 का शानदार समापन हो गया है। रविवार 2 अगस्त को एक रंगारंग समापन समारोह के साथ राष्ट्रमंडल खेलों का फ्लैग और बेटन अगले मेजबान देश भारत को सौंप दिया गया। भारतीय दल ने ग्लासगो में कई पारंपारिक और पदक दिलाने वाले खेलों (जैसे शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस) को शामिल न किए जाने के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने कुल 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य) जीतकर मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया है।

2030 में अहमदाबाद करेगा शताब्दी संस्करण की मेजबानी

समारोह के दौरान स्कॉटलैंड के अधिकारियों ने राष्ट्रमंडल खेल संघ का ध्वज और बेटन भारतीय प्रतिनिधियों ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा और गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को सौंपा।

वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन भारत के अहमदाबाद शहर में होगा। ये इन खेलों का 100वां यानी शताब्दी संस्करण होगा। भारत इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का सफल आयोजन कर चुका है। इसके साथ ही भारत, ऑस्ट्रेलिया के बाद एक से अधिक बार इन खेलों की मेजबानी करने वाला दुनिया का दूसरा देश बन जाएगा।

राष्ट्रमंडल खेल 2026: अंतिम मेडल टैली में टॉप 5 देश

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपना वर्चस्व कायम करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया कुल 171 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा, जिसमें 70 स्वर्ण, 45 रजत और 56 कांस्य पदक शामिल हैं। इंग्लैंड ने 29 स्वर्ण, 45 रजत और 36 कांस्य पदक जीतकर कुल 110 पदकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। जबकि कनाडा 19 स्वर्ण, 20 रजत और 23 कांस्य मिलाकर कुल 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

भारत के खाते में आए 39 मेडल

भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदकों के साथ कुल 39 मेडल जीतकर तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। मेजबान स्कॉटलैंड ने भी कुल 39 पदक जीते। लेकिन उसके खाते में 13 स्वर्ण, 9 रजत और 17 कांस्य पदक आए। भारत के पास स्कॉटलैंड से अधिक रजत पदक (17) होने के कारण भारतीय दल पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहे स्कॉटलैंड से ऊपर चौथे स्थान पर रहा।

खेलों में भारत का प्रदर्शन: बॉक्सिंग का रहा दबदबा

भारतीय एथलीटों ने मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, जूडो, पैरा स्पोर्ट्स और भारोत्तोलन में बेहतरीन प्रदर्शन किया। मुक्केबाजी भारत का सबसे सफल खेल रहा, जिसने कुल 10 पदक दिलाए (7 स्वर्ण और 3 रजत)। ट्रैक एंड फील्ड और पैरा एथलीट्स ने कई ऐतिहासिक पदक जीते। जूडोकाओं ने अहम पदक जोड़े, जबकि वेटलिफ्टरों ने भारत के मेडल खाते को मजबूती दी। हालांकि जुडोका तुलिका मान को एंटी-डोपिंग नियमों के तहत सस्पेंड होने के कारण खेलों से बाहर होना पड़ा, जो भारत के लिए एक शुरुआती झटका था।

CWG 2026: भारत के पदक विजेताओं की पूरी लिस्ट

1- बॉक्सिंग (Boxing) – 10 मेडल (7 Gold, 3 Silver)

गोल्ड: प्रीति पवार (महिला 51 किग्रा)

गोल्ड: साक्षी चौधरी (महिला 54 किग्रा)

गोल्ड: जैस्मिन लंबोरिया (महिला 57 किग्रा)

गोल्ड: प्रिया घनघस (महिला 60 किग्रा)

गोल्ड: अरुंधति चौधरी (महिला 66 किग्रा)

गोल्ड: सचिन सिवाच (पुरुष 55 किग्रा)

गोल्ड: अंकुश पंघाल (पुरुष 65 किग्रा)

सिल्वर: लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किग्रा)

सिल्वर: जादुमणि सिंह (पुरुष 50 किग्रा)

सिल्वर: नरेंद्र बेरवाल (पुरुष +90 किग्रा)

2- पैरा एथलेटिक्स – 6 मेडल (3 Gold, 2 Silver, 1 Bronze)

गोल्ड: शर्मीला ढाका (महिला शॉट पुट F57)

गोल्ड: दिलीप गावित (पुरुष 100 मीटर T47)

गोल्ड: सोमन राणा (पुरुष शॉट पुट F57)

सिल्वर: मोहम्मद बासिल (पुरुष 100 मीटर T47)

सिल्वर: शुभम जुयाल (पुरुष शॉट पुट F57)

कांस्य: शिल्पा शैला (महिला शॉट पुट F57)

3- जूडो – 4 मेडल (2 Gold, 1 Silver, 1 Bronze)

गोल्ड: अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा)

गोल्ड: हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा)

सिल्वर: यामिनी मौर्या (महिला 57 किग्रा)

कांस्य: उन्नति शर्मा (महिला 63 किग्रा)

4- भारोत्तोलन – 8 मेडल (1 Gold, 6 Silver, 1 Bronze)

गोल्ड: सायखोम मीराबाई चानू (महिला 48 किग्रा)

सिल्वर: ऋषिकान्त सिंह (पुरुष 60 किग्रा)

सिल्वर: मुथुपंडी राजा (पुरुष 65 किग्रा)

सिल्वर: ज्ञानेश्वरी यादव (महिला 53 किग्रा)

सिल्वर: वल्लूरी अजय बाबू (पुरुष 79 किग्रा)

सिल्वर: हरजिंदर कौर (महिला 69 किग्रा)

सिल्वर: लवप्रीत सिंह (पुरुष +110 किग्रा)

कांस्य: बिंद्यारानी देवी (महिला 58 किग्रा)

5- एथलेटिक्स – 10 मेडल (5 Silver, 5 Bronze)

सिल्वर: नीरज चोपड़ा (पुरुष भाला फेंक / Javelin Throw)

सिल्वर: मुरली श्रीशंकर (पुरुष लंबी कूद / Long Jump)

सिल्वर: प्रवीण चित्रवेल (पुरुष ट्रिपल जंप / Triple Jump)

सिल्वर: सर्वेश अनिल कुशारे (पुरुष ऊंची कूद / High Jump)

सिल्वर: गुलवीर सिंह (पुरुष 10,000 मीटर दौड़)

कांस्य: यशवीर सिंह (पुरुष भाला फेंक / Javelin Throw)

कांस्य: सेल्वा प्रभु थिरुमारन (पुरुष ट्रिपल जंप / Triple Jump)

कांस्य: गुलवीर सिंह (पुरुष 5,000 मीटर दौड़)

कांस्य: तेजस्विन शंकर (पुरुष डेकाथलॉन / Decathlon)

कांस्य: सीमा कालीरामना (महिला डिस्क थ्रो / Discus Throw)

6 – पैरा पावरलिफ्टिंग – 1 मेडल (1 Bronze)

कांस्य : झंडू कुमार (पुरुष हैवीवेट)

ग्लासगो 2026 के सफल समापन के बाद अब भारतीय खेल जगत की निगाहें 2030 अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों पर टिक गई हैं।

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CWG 2026 में भारत पर मेडल की बारिश, इंडियन बॉक्सर्स ने मचाया धमाल, जीत लिए पांच गोल्ड मेडल

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज भारत की झोली में कई मेडल आए हैं। भारतीय मुक्केबाजों ने फाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार गोल्ड मेडल अपने नाम किए। जैस्मिन लैम्बोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर गोल्ड मेडल जीता है। वहीं, पुरुष वर्ग में जदुमणि सिंह फाइनल में हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। आइए जानते हैं भारत ने अबतक कुल कितने मेडल जीत चुके हैं।

भारत ने जीते 5 गोल्ड

महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में हराकर गोल्ड जीता। इसके बाद विश्व चैंपियन जैस्मिन लैम्बोरिया ने 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को मात दी। वहीं, 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराकर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक हासिल किया। 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की मैरी अल-अहमदीह को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं 60 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर गोल्ड पर कब्जा किया है।

अरुंधति चौधरी का प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड की चैंटेल रीड पर शुरू से ही दबाव बनाए रखा और पूरे मुकाबले में अपना दबदबा कायम रखा। अंत में निर्णायकों ने सर्वसम्मति से 5-0 का फैसला अरुंधति चौधरी के पक्ष में सुनाया। इस शानदार जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग की चैंपियन बन गईं।

प्रिया घनघस ने जीता गोल्ड

महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की मैरी अल-अहमदीह को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबला काफी कड़ा रहा, लेकिन प्रिया ने संयम और बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। उनकी इस सफलता के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या चार हो गई।

साक्षी ने जीता गोल्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की युवा मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को एकतरफा अंदाज में हराया और उनके लंबे समय से चले आ रहे जीत के सिलसिले को भी रोक दिया। पूरे टूर्नामेंट में साक्षी का प्रदर्शन दमदार रहा और उन्होंने अपने सभी मुकाबले शानदार अंदाज में जीतकर खिताब पर कब्जा जमाया। वहीं, पुरुष वर्ग के मुकाबले में जदुमणि सिंह का सामना ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से हुआ। मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन अंत में जदुमणि को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

आज इन्हें भी मिला गोल्ड मेडल

साक्षी चौधरी की स्वर्णिम जीत से पहले भी भारत की महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके बाद 57 किलोग्राम वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लैम्बोरिया ने उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को मात देकर भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया। दोनों खिलाड़ियों की जीत ने भारतीय बॉक्सिंग टीम का शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

अब तक भारत ने जीता है 27 मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। अब तक भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 33 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 10 गोल्ड, 15 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इन शानदार नतीजों की बदौलत भारत पदक तालिका में 5वें स्थान पर बना हुआ है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 142 पदकों के साथ शीर्ष पर है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 59 स्वर्ण, 34 रजत और 49 कांस्य पदक जीतकर पहले स्थान पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।

Rohit Sharma: लंदन में बदले-बदले अंदाज में दिखे रोहित शर्मा, रवि शास्त्री के साथ वायरल हुई फोटो

भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा फिलहाल क्रिकेट से ब्रेक लेकर लंदन में समय बिता रहे हैं। इसी दौरान उनकी मुलाकात टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री से हुई। रवि शास्त्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर रोहित शर्मा के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इस फोटो में रोहित का लुक पूरी तरह से बदला हुआ है। रोहित की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

रवि शास्त्री ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “लंदन की सड़कों पर घूमते हुए बेहद रिलैक्स मूड में रोहित शर्मा से मुलाकात हुई। उनके साथ समय बिताकर अच्छा लगा।”

लंदन में घूम रहे रोहित शर्मा

भारतीय टीम से दूर चल रहे रोहित शर्मा इन दिनों पूरी तरह आराम के मूड में नजर आ रहे हैं। लंदन में रवि शास्त्री के साथ उनकी मुलाकात के बाद फैंस ने भी उनके बदले हुए लुक पर ध्यान दिया। रोहित पहले के मुकाबले काफी फिट और स्लिम दिख रहे हैं। लंदन में रवि शास्त्री के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीर में दोनों मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं। फोटो में शास्त्री ने दोस्ताना अंदाज में रोहित के कंधे पर हाथ रखा हुआ है। माना जा रहा कि हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद वनडे सीरीज के बाद वह काफी सुकून और रिलैक्स महसूस कर रहे हैं।

 

रोहित को लेकर चल रही थी चर्चाएं

लॉर्ड्स में खेले गए आखिरी वनडे से पहले इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद भारतीय मीडिया में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि, ऐसी चर्चा थी कि यह मैच रोहित शर्मा का आखिरी वनडे हो सकता है, क्योंकि माना जा रहा था कि साल 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप की टीम में उन्हें जगह नहीं मिलेगी।

लॉर्ड्स वनडे में रोहित ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 111 गेंदों पर 138 रन की बेहतरीन पारी खेली और अपनी फॉर्म पर उठ रहे सवालों का जोरदार जवाब दिया। भले ही भारत वह मुकाबला 2-1 से हार गया, लेकिन रोहित की इस पारी ने साफ कर दिया कि वह अब भी टीम के लिए अहम खिलाड़ी हैं और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

CWG 2026: बॉक्सिंग में प्रीति और जैस्मिन ने जीता गोल्ड, अब तक भारत ने जीता इतने मेडल

Naseeruddin Shah: ‘यह कहने का एक तरीका है कि अब आप किसी काम के…’, लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड को ठुकराने पर बोले नसीरुद्दीन शाह

Naseeruddin Shah: 76 साल की उम्र में नसीरुद्दीन शाह अपने करियर के सबसे शानदार दौर से गुजर रहे हैं। इम्तियाज़ अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अपनी परफ़ॉर्मेंस के लिए उन्हें काफ़ी तारीफ़ मिल रही है। इस फ़िल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों से ही बहुत पसंद किया गया है। उन्हें अमेज़न MX प्लेयर के शो ‘मेड इन इंडिया’ में मुख्य भूमिका निभाने के लिए भी तारीफ़ मिली, जिसमें उन्होंने JRD टाटा का किरदार निभाया था। और इस शानदार दौर के बीच, एक्टर ने साफ़ कर दिया है कि अभी एक्टिंग छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।

शुक्रवार को, ‘मैं वापस आऊंगा’ की टीम ने मुंबई में फिल्म की सक्सेस पार्टी रखी। यह पार्टी फिल्म के सिनेमाघरों में 50 दिन पूरे होने के मौके पर आयोजित की गई थी, जो आज के दौर में एक बड़ी बात है। दिलजीत दोसांझ, शरवरी और वेदांग रैना स्टारर यह रोमांटिक फिल्म, कई सालों बाद इम्तियाज़ की बॉक्स-ऑफिस पर सफल फिल्म रही है। सक्सेस पार्टी में नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म की सफलता और अपने करियर के सफर पर बात की। मीडियाकर्मियों से भरी महफिल में उन्होंने कहा, “हाल ही में मुझे कई लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स देने की पेशकश की गई, लेकिन मैंने मना कर दिया। लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स का मतलब होता है कि आपका काम पूरा हो गया है। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है कि मैं बस इसे लेकर चला जाऊं, और इसीलिए मैं ये अवॉर्ड्स स्वीकार नहीं करता। मुझे नहीं लगता कि मेरा काम पूरा हो गया है।”

कई नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले एक्टर ने ‘मैं वापस आऊंगा’ के लिए दर्शकों के प्यार का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानता हूं कि मैं इस फिल्म का हिस्सा बना और मुझे इस पर बहुत गर्व है। आपके सपोर्ट के लिए आप सभी का धन्यवाद।”

नसीरुद्दीन शाह ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 1970 के दशक के बीच में पैरेलल सिनेमा से की थी, और बाद में ‘हम पांच’ फिल्म से मेनस्ट्रीम बॉलीवुड में आए। 80 के दशक में उन्हें ‘कर्मा’, ‘जलवा’ और ‘मालामाल’ जैसी फिल्मों से बॉक्स-ऑफिस पर कामयाबी मिली। उन्होंने 1979 में ‘स्पर्श’ और 1984 में ‘पार’ के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीता, और 2005 में ‘इकबाल’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड हासिल किया।

बॉक्स ऑफिस पर ‘मैं वापस आऊंगा’ की शानदार परफॉर्मेंस

इम्तियाज़ अली की डायरेक्ट की गई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को बिड़ला स्टूडियोज़ और अप्लॉज एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है, साथ ही इसमें विंडो सीट फिल्म्स के मोहित चौधरी और शिबाशीष सरकार भी शामिल हैं। पर्सनल हिस्ट्री और बंटवारे के समय की यादों पर आधारित यह पीरियड ड्रामा 95 साल के ईशर सिंह ग्रेवाल (नसीरुद्दीन शाह) की कहानी है, जिन्हें आज के पाकिस्तान के सरगोधा जाने की कोशिश के दौरान स्ट्रोक आ जाता है। जब बंटवारे से पहले की उनकी ज़िंदगी की यादें वापस आती हैं, तो उनका पोता निर्वैर (दिलजीत दोसांझ) इंग्लैंड से लौटता है ताकि परिवार के लंबे समय से दबे हुए राज़ों का पता लगा सके। ईशर के इमोशनल सफ़र से जुड़ा रहस्य ही इस कहानी का मुख्य हिस्सा है।

फ़िल्म को अच्छे रिव्यूज़ मिले और धीमी शुरुआत के बावजूद, पहले वीकेंड के बाद लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया की वजह से इसने रफ़्तार पकड़ ली। उम्मीद है कि यह फ़िल्म दुनिया भर में ₹100 करोड़ की कमाई के साथ अपना सफ़र पूरा करेगी।

अस्मिता और हर्ष के एतिहासिक स्वर्ण पदक, जूडो में 3 पदक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

हर्ष सिंह और अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पहली बार जूडो कराटे में मेडल दिलवाया वह भी गोल्ड। अस्मिता कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड जीतने वाली पहली महिला जूडोका बनी वहीं इसके बाद हर्ष सिंह भी पहले पुरष जूडोका बने जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स  में गोल्ड जीता। इसके अलावा यामिनी ने भी 48.किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता।

भारत ने जूडो में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता जो 1990 के ऑकलैंड राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो के पदक खेल बनने के बाद भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

त्रिपुरा की 23 वर्षीय अस्मिता डे जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई जिन्होंने 48 किग्रा से कम भार वर्ग में कनाडा की हेडी क्वाच को नाटकीय ‘गोल्डन स्कोर’ मुकाबले में हराकर खिताब जीता।

हर्ष सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पुरूष खिलाड़ी बन गए जिन्होंने आस्ट्रेलिया के अनुभवी जोशुआ कैट्ज को हराकर पुरूषों के 60 किलो फाइनल में स्वर्ण पदक जीता ।

पहली बार इन खेलों में उतरे 23 वर्ष के हर्ष ने खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे जूडोका के खिलाफ संयम खोये बिना जबर्दस्त खेल दिखाया । यामिनी काफी करीब से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं और उन्हें महिलाओं के 57 किग्रा से कम भार वर्ग के ‘गोल्डन स्कोर’ तक पहुंचे फाइनल में इंग्लैंड की अनुभवी एसिल्या टॉपराक से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

ओवरटाइम किया तो बॉस हो गया नाराज! UK ऑफिस के वर्क कल्चर ने भारतीय टेकी को किया शॉक

अक्सर वर्क कल्चर में देर रात तक काम करना और छुट्टियों या ऑफिस आवर्स के बाद भी मैसेज का जवाब देना, एक्टिव रहना मेहनत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन यूरोपीय देशों खासकर ब्रिटेन (UK) में वर्क लाइफ बैलेंस का अलग ही नजरिया देखने को मिला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपना ऐसा अनुभव शेयर किया है जो चर्चा का विषय बन गया है। ब्रिटेन के एक सीनियर डेवलपर के साथ काम कर रहे इस भारतीय टेकी को देर रात काम करने पर अपने बॉस से तारीफ मिलने के बजाय ऐसी चेतावनी मिली कि उसे अपना वर्क स्टाइल बदलने पर मजबूर होना पड़ा।

क्या है पूरा मामला और क्यों मिली चेतावनी?

ओम नाम के एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि वह इंग्लैंड स्थित एक सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर के साथ मिलकर काम करता है। भारत और ब्रिटेन के समय में अंतर होने के कारण जब भी यूके का सीनियर डेवलपर उसके कोड का रिव्यू करता था और उस पर कमेंट छोड़ता था तो ओम तुरंत उसका जवाब दे देता था। भारत में उस समय रात के 9 या 10 बज रहे होते थे। ओम ने बताया कि एक दिन मेरे सीनियर ने इस बात पर ध्यान दिया और मुझसे पूछा कि क्या मैं काम के घंटों के अलावा भी काम कर रहा हूं। जब मैंने हां कहा तो बॉस ने मुझे चेताया।

‘7 बजे के बाद रिप्लाई किया तो एक हफ्ते नहीं करूंगा PR रिव्यू’

बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद जब भारतीय टेकी ने ऑफिस आवर्स के बाद कमेंट्स का जवाब देना जारी रखा तो यूके के सीनियर डेवलपर ने सख्त रुख अपनाया। ओम ने पोस्ट में लिखा कि एक दिन उन्होंने कहा कि अगर तुमने भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे के बाद मेरे कमेंट्स का दोबारा जवाब दिया तो मैं पूरे एक हफ्ते तक तुम्हारे पीआर (Pull Request) का रिव्यू नहीं करूंगा।’

बॉस की इस अनोखी और सख्त हिदायत का असर हुआ। ओम ने बताया कि ‘अब मैं जानबूझकर जवाब देने के लिए अगले दिन का इंतजार करता हूं। हालांकि मैं कभी-कभी अभी भी काम कर लेता हूं, लेकिन इस घटना ने मुझे अहसास कराया कि वे काम से इतर अपनी पर्सनल लाइफ को कितनी प्राथमिकता देते हैं। सच कहूं तो, उन्हें मुझसे ज्यादा मेरे वर्क-लाइफ बैलेंस की परवाह थी, जो बहुत अच्छा था।’

इंटरनेट पर छिड़ी बहस, यूजर्स ने शेयर किए अपने अनुभव

यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और अन्य भारतीय यूजर्स ने भी विदेशी बॉस और यूरोपीय वर्क कल्चर के साथ अपने ऐसे ही अनुभव साझा किए। एक यूजर ने लिखा कि शुक्रवार को जब मैंने एक पीआर रेज किया तो मेरे रोमानियाई सहकर्मी ने मुझसे लैपटॉप बंद करने को कहा। उस दिन मैंने सीखा कि कभी किसी भारतीय कंपनी या मैनेजर के लिए काम मत करो। एक दूसरे यूजर ने लिखा कि’ मेरी शिफ्ट दोपहर 2:30 से रात 11:30 बजे तक है। मैंने चर्चा के लिए एक अमेरिकी सीनियर आर्किटेक्ट को कॉल किया और कहा कि मैं ज्यादा समय नहीं लूंगा। उन्होंने जवाब दिया कि हां, तुम्हें ज्यादा समय लेना भी नहीं चाहिए!’ मैं शर्मिंदा हो गया फिर उन्होंने आगे कहा कि तुम्हारे काम के घंटे खत्म हो चुके हैं, तुम्हें काम नहीं करना चाहिए।’