खतरे में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की कुर्सी? ये वर्ल्ड कप विनिंग खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। वहीं बीसीसीआई अभी तक कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए बीसीसीआई कार्यकाल को बढ़ा सकती है। फिलहाल उनके भविष्य को लेकर स्थिति साफ नहीं है और चयन के फैसलों को लेकर उन पर दबाव भी है। इसी बीच भारत के 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा कि, वह मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की जगह ले सकते हैं। फिलहाल इस बदलाव को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

बीसीसीआई में हुई थी चर्चा

चयन समिति के कुछ फैसलों को लेकर बीसीसीआई में चर्चा हुई है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी सवाल उठे थे। खबरें थीं कि 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम रोहित से आगे की सोच रही है और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच हो सकता है। लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि रोहित को लेकर ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है और वह टीम की योजना का हिस्सा बने रहेंगे।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज के बाद होगा फैसला

द टेलीग्राफ के मुताबिक, अजीत अगरकर का आगे का सफर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन से जुड़ा हो सकता है। दो मैचों की ये सीरीज शनिवार से शुरू हो चुकी है। टेस्ट क्रिकेट में भारत के हालिया खराब प्रदर्शन को लेकर चयन समिति पर भी सवाल उठे हैं। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली हार ने टीम की मुश्किलें बढ़ाई हैं और इसका असर अगरकर के भविष्य पर भी पड़ सकता है।

जहीर खान बन सकते हैं सेलेक्टर्स

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई में चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है। अगर अजीत अगरकर की जगह नया मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया जाता है, तो पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान भी दावेदारों में शामिल हो सकते हैं। जहीर को क्रिकेटरों को तैयार करने का अच्छा अनुभव है। वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ काम कर चुके हैं और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से भी जुड़े रहे हैं।

पहले मुख्य सेलेक्टर्स के पद के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का नाम भी चर्चा में था। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक लक्ष्मण इस बड़ी जिम्मेदारी को लेने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बजाय उन्हें बोर्ड में ‘क्रिकेट डायरेक्टर’ की भूमिका देने पर विचार किया जा सकता है।

रियल लाइफ में कब विश्वकप जीतेंगी चक दे गर्ल्स, 15 में से सिर्फ 8 बार करा है क्वालिफाय

शाहरुख खान अभिनीत फिल्म चकदे इंडिया को देखा जाए तो भारतीय महिला हॉकी टीम साल 2007 में ही विश्वकप जीत चुकी है। लेकिन असल मैदान यानि कि एस्ट्रो टर्फ पर भारतीय महिला हॉकी टीम अन्य हॉकी टीमों के आगे कमजोर नजर आती है। बीच बीच में आए संघर्ष के पलों को छोड़ दिया जाए तो 15 बार में से 8 बार तो चकदे गर्ल्स विश्वकप के लिए क्वालिफाय भी नहीं कर पाई हैं।

विश्व कप 1974 से 2022 तक , फ्रांस से स्पेन तक भारतीय महिला हॉकी टीम का सफर :

1974 फ्रांस :

अजिंदर कौर की कप्तानी में भारतीय टीम ने नीदरलैंड जैसी मजबूत टीम को ग्रुप चरण में हराकर सभी को चौंका दिया था। मैक्सिको और स्पेन को हराने वाली यह टीम बेल्जियम से एकमात्र पराजय के बाद ग्रुप में शीर्ष पर रही लेकिन सेमीफाइनल में अर्जेंटीना एक गोल से हार गई। कांस्य पदक के मुकाबले में उसे पश्चिम जर्मनी ने 2-0 से हराया।

भारतीय टीम भले ही पदक नहीं जीत पाई लेकिन इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने देश में महिला हॉकी को गंभीरता से लेने पर मजबूर किया। नीदरलैंड ने अर्जेंटीना को एक गोल से हराकर खिताब जीता और पूरे टूर्नामेंट में नीदरलैंड को हराया तो सिर्फ भारत ने।

1976 बर्लिन :

पहले विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बावजूद भारतीय महिला हॉकी टीम आर्थिक दिक्कतों, संस्थागत प्रायोजन के अभाव और भारतीय महिला हॉकी संघ के पास कोष नहीं होने के कारण दूसरे विश्व कप में भाग नहीं ले सकी।

1978 मैड्रिड :

रूपा सैनी की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने स्पेन में तीसरे विश्व कप में भाग लिया और दस टीमों में सातवें स्थान पर रही। पूल ए में भारत को एकमात्र जीत चेकोस्लोवाकिया पर मिली जबकि उसे नीदरलैंड और अर्जेंटीना ने हराया। कनाडा से भारत ने 1-1 से ड्रॉ खेला। क्रासओवर मुकाबले में भारत ने जापान से तीन गोल से हारने के बाद स्पेन को एक गोल से हराया।नीदरलैंड ने पश्चिम जर्मनी को हराकर खिताब जीता जबकि अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा।

1981 ब्यूनस आयर्स :

मॉस्को ओलंपिक 1980 में चौथे स्थान पर रहने के बावजूद भारतीय महिला हॉकी टीम अर्जेंटीना में 12 टीमों के विश्व कप में जगह नहीं बना सकी। राष्ट्रीय महासंघ के सामने आर्थिक और प्रशासनिक दिक्कतों के कारण भारतीय महिला टीम की भागीदारी उपमहाद्वीपीय टूर्नामेंटों और आमंत्रण टूर्नामेंटों तक ही सिमटकर रह गई थी।पश्चिम जर्मनी ने नीदरलैंड को हराकर खिताब जीता जबकि सोवियत संघ तीसरे स्थान पर रहा।

1983 कुआलालम्पुर :

एशियाई खेल 1982 की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम की विश्व कप में वापसी हुई लेकिन सलमा डिसिल्वा की कप्तानी वाली टीम ग्रुप चरण में पांच में से चार मैच हारकर और वेल्स से एक ड्रॉ के बाद आखिरी स्थान पर रही। क्लासीफिकेशन मैच में अर्जेंटीना से एक गोल से हारकर उसे बारह टीमों में 11वें स्थान से संतोष करना पड़ा।नीदरलैंड ने कनाडा को हराकर खिताब जीता जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

1986 एम्सटेलवीन :

ब्यूनस आयर्स में 1985 में हुए विश्व कप क्वालीफायर में पांचवें स्थान पर रही भारतीय टीम टूर्नामेंट में जगह बनाने में नाकाम रही। भारत ने 1986 में सियोल एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था।नीदरलैंड ने पश्चिम जर्मनी को हराकर चौथी बार खिताब जीता जबकि कनाडा तीसरे स्थान पर रहा।

1990 सिडनी :

इस विश्व कप का क्वालीफायर 1989 इंटर कांटिनेंटल कप दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम पर खेला गया जिसमें 12 टीमों में से शीर्ष चार को विश्व कप में जगह मिली। भारत ने पांच में से दो मैच जीते लेकिन तीन हारे। 15 गोल किये लेकिन नौ गंवाये और पूल बी में चौथे स्थान पर रहकर विश्व कप में जगह नहीं बना सकी।नीदरलैंड ने दक्षिण कोरिया को हराकर पांचवीं बार खिताब जीता और इंग्लैंड तीसरे स्थान पर रहा।

1994 डबलिन :

भारतीय टीम मामूली अंतर से इस विश्व कप में जगह बनाने से चूक गई। फिलाडेल्फिया में 1993 में हुए क्वालीफायर में 12 टीमों ने भाग लिया जिनमें से शीर्ष पांच को जगह मिली थी लेकिन भारतीय टीम छठे स्थान पर रही।आस्ट्रेलिया ने अर्जेंटीना को हराकर खिताब जीता जबकि अमेरिका तीसरे स्थान पर रहा।

1998 यूट्रेक्ट :

प्रीतम रानी सिवाच की कप्तानी में भारतीय महिला टीम लगातार तीन बार बाहर रहने के बाद विश्व कप में लौटी। पूल ए में पांचों मैच हारने के बाद भारतीय टीम बारहवें और आखिरी स्थान पर रही।आस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड को 3 . 2 से हराकर खिताब जीता जबकि जर्मनी तीसरे स्थान पर रही।

2002 पर्थ :

जून 2002 में कठिन क्वालीफाइंग दौर में अमेरिका से हारने के बाद भारतीय टीम विश्व कप में जगह तो नहीं बना सकी लेकिन जुलाई अगस्त 2002 में मैनचेस्टर राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर धूम मचा दी और यह जीत बाद में शाहरूख खान की फिल्म ‘चक दे इंडिया’ की प्रेरणा भी बनी।अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 4- 3 से हराकर खिताब जीता जबकि चीन तीसरे स्थान पर रहा।

2006 मैड्रिड :

इस विश्व कप में भारत की सुरिंदर कौर सर्वाधिक गोल करने वालों की सूची में नीदरलैंड की किम लामेर्स के साथ पांच गोल करके दूसरे स्थान पर रही। नीदरलैंड की ही सिल्विया कारेस ने छह गोल दागे थे।भारतीय टीम पूल ए में पांच में से चार मैच हारकर और एक ड्रॉ के बाद आखिरी स्थान पर और 12 टीमों में 11वें स्थान पर रही। नीदरलैंड ने आस्ट्रेलिया को हराकर खिताब जीता जबकि अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा।

2010 रोसारियो :

इस विश्व कप ने भारत को रानी रामपाल जैसा बेहतरीन मिडफील्डर दिया जिसने सात गोल दागकर सभी का ध्यान खींचा। पूल चरण में भारत को एकमात्र जीत जापान के खिलाफ मिली जबकि बाकी चार मैच हारकर टीम पांचवें स्थान पर रही। क्लासीफिकेशन मैच में दक्षिण अफ्रीका को 4-3 से हराकर भारत नौवे स्थान पर रहा।अर्जेंटीना ने नीदरलैंड को हराकर स्वर्ण पदक जीता जबकि इंग्लैंड तीसरे स्थान पर रहा।

2014 द हेग :

कुआलालम्पुर में 2013 में हुए एशिया कप के चैम्पियन को विश्व कप में जगह मिलनी थी लेकिन भारत सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया से हार गया। चीन को पेनल्टी शूटआउट में हराकर भारतीय टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया लेकिन इस महाद्वीपीय क्वालीफायर से जापान ने विश्व कप में जगह बनाई।नीदरलैंड ने आस्ट्रेलिया को 2- 0 से हराकर सातवीं बार खिताब जीता जबकि अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा।

2018 लंदन :

रानी रामपाल की कप्तानी में भारतीय टीम इस विश्व कप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची। पूल बी में इंग्लैंड और अमेरिका से ड्रॉ खेलने के बाद आयरलैंड से हारी भारतीय टीम तीसरे स्थान पर रही। क्रॉसओवर में लालरेम्सियामी, वंदना कटारिया और नेहा गोयल के गोल से भारत ने इटली को हराया लेकिन क्वार्टर फाइनल में आयरलैंड से पेनल्टी शूटआउट में हार गई।नीदरलैंड ने आयरलैंड को 6-0 से हराकर खिताब जीता जबकि स्पेन तीसरे स्थान पर रहा।

2022 एम्सटेलवीन, नीदरलैंड और टेरासा, स्पेन :

सविता पूनिया की कप्तानी में भारतीय टीम ने स्पेन में पूल बी के मैचों में इंग्लैंड और चीन से ड्रॉ खेला लेकिन न्यूजीलैंड से हार गई। क्रॉसओवर में भारतीय टीम ने कनाडा को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराया और जापान को 3- से मात देकर चीन के साथ नौवे स्थान पर रही।नीदरलैंड ने अर्जेंटीना को 3-1 से हराकर खिताब जीता जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

शुभमन गिल की टेस्ट कप्तानी का एक साल पूरा, है पहली सीरीज जीत का इंतजार

भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि भले ही उनकी कप्तानी में टीम अभी तक कोई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है, लेकिन वह इस भूमिका में पूरी तरह सहज हैं और उन्हें विश्वास है कि टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है।गिल की कप्तानी में पहली टेस्ट सीरीज (इंग्लैंड में) 2-2 से ड्रॉ रही। इसके बाद भारत घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से सीरीज हार गया, हालांकि गर्दन की चोट के कारण गिल उस सीरीज के बड़े हिस्से में नहीं खेल सके।

भारत ने घरेलू टेस्ट सीरीज में अफगानिस्तान को आसानी से हराया था जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का हिस्सा नहीं थी। लेकिन गिल ने कहा कि वह बड़े लक्ष्य पर ध्यान दे रहे हैं।श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में गिल ने कहा, ‘‘मैं कप्तानी की भूमिका में बहुत सहज हूं। पिछले एक साल में जिस तरह हमारी टीम आगे बढ़ी है, उसे देखकर मुझे काफी संतोष मिलता है। मुझे लगता है कि हम सही दिशा में सही कदम उठा रहे हैं। ’’

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत फिलहाल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है और फाइनल में पहुंचने के लिए टीम को मजबूत प्रदर्शन करना होगा।उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मुख्य लक्ष्य अगले साल होने वाले WTC फाइनल में पहुंचना है। हमारे पास अभी लगभग नौ टेस्ट मैच हैं और क्वालीफाई करने के लिए हमें इनमें से छह या सात मैच जीतने होंगे। इसलिए श्रीलंका के खिलाफ यह सीरीज हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है और हमने इसकी अच्छी तैयारी की है। ’’

श्रीलंका के खिलाफ यह मुकाबला भारत का 600वां टेस्ट मैच होगा। इस ऐतिहासिक मौके पर टीम की कप्तानी करते हुए वह मंसूर अली खान पटौदी (भारत के 100वें टेस्ट) और विराट कोहली (500वें टेस्ट) जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल हो जाएंगे।गिल ने कहा, ‘‘अपने देश के लिए किसी भी टेस्ट मैच में कप्तानी करना बहुत बड़ा सम्मान है। भारत के 600वें टेस्ट में टीम का नेतृत्व करना मेरे लिए गर्व की बात है और स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा करना इसे और भी खास बना देता है। ’’

गिल के बचपन के कोच सुखविंदर टिंकू ने कहा, ‘‘मैं बिलकुल भी हैरान नहीं हूं कि शुभमन बतौर कप्तान अच्छा कर रहा है। शुभमन हमेशा से सीखने के इच्छुक रहे हैं। जब वह छोटे थे, तब मुझे उन्हें कोई बात दो बार समझाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। वह बहुत तेज और सीखने के लिए हमेशा उत्सुक रहते थे। ’’

गिल ने श्रीलंका के गॉल की परिस्थितियों पर कहा कि यहां पुरानी गेंद से स्पिनरों की भूमिका काफी अहम होती है, जैसा कि भारत में भी कई जगह देखने को मिलता है।उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ी समानता यह है कि गेंद पुरानी होने पर स्पिनरों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि भारत में अलग-अलग तरह की मिट्टी की पिचें हैं। गॉल में हाल के मैच में अच्छी उछाल देखने को मिली है जो भारत की लाल मिट्टी वाली पिच जैसी है। अगर आप मुंबई जैसी जगह पर खेलते हैं तो यहां की परिस्थितियां काफी मिलती-जुलती लगती हैं। ’’

51 साल पहले भारत ने जीता था हॉकी विश्वकप, 1971 से 2023 तक ऐसा रहा है सफर

भारत को हॉकी विश्वकप जीते हुए 51 साल हो गए हैं। पिछले संस्करण में भारत मेजबान था और आशा थी कि वह इंतजार खत्म होगा लेकिन न्यूजीलैंड की टीम ने पेनल्टी शूटआउट में हराकर भारत को विश्वकप से बाहर कर दिया था। ओलंपिक में भारत ने सबसे ज्यादा मेडल इस खेल में जीते हों लेकिन विश्वकप में संघर्ष करना पड़ा है क्योंकि जब विश्वकप शुरु हुआ तब भारतीय हॉकी का स्तर ढलान पर था और एस्टरो टर्फ के आने के बाद भारतीय टीम कभी खड़ी ही नहीं हो पाई। जान लेते हैं कि भारतीय हॉकी टीम का सफर कैसा रहा-  

1971 बार्सीलोना

भारत और पाकिस्तान ने मिलकर मार्च 1969 में FIH परिषद की बैठक में फुटबॉल की तर्ज पर हॉकी विश्व कप कराने का प्रस्ताव रखा जिसे अगले साल ब्रसेल्स में हुई बैठक में मंजूरी मिली। पाकिस्तान को मेजबानी दी गई लेकिन 1971 में दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव के चलते पहला विश्व कप स्पेन के बार्सीलोना में हुआ।

पांच उपमहाद्वीपों की दस टीमों ने FIH के आमंत्रण पर इसमें भाग लिया।ओलंपिक की सबसे कामयाब टीम भारत पूल ए में फ्रांस, अर्जेंटीना, कीनिया और पश्चिम जर्मनी को हराकर शीर्ष पर रहा। सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 2-1 से हराया और फिर स्पेन को हराकर पहला विश्व कप जीता। भारत ने कीनिया को 2-1 से हराकर कांस्य पदक जीता।

1973 एम्सटर्डम :

एम्सटेलवीन के वेगनेर स्टेडियम पर खेले गए इस विश्व कप में मेजबान नीदरलैंड ने पेनल्टी शूटआउट में भारत को 4-2 से हराकर खिताब जीता ।भारत पूल ए में पांच जीत और तीन ड्रॉ के साथ पश्चिम जर्मनी के बाद दूसरे स्थान पर रहा।सेमीफाइनल में बी पी गोविंदा के गोल के दम पर भारत ने पाकिस्तान को हराया। फाइनल में अतिरिक्त समय तक मैच 2-2 से बराबर था लेकिन पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड ने भारत को हराया।

1975 कुआलालम्पुर :

भारतीय हॉकी के विश्व कप इतिहास का सबसे सुनहरा अध्याय लिखा गया 15 मार्च 1975 को कुआलालम्पुर में जब फाइनल में अजित पाल सिंह की कप्तानी में भारत ने पाकिस्तान को 2-1 से हराया।फाइनल में पाकिस्तान ने बढत बना ली थी लेकिन सुरजीत सिंह ने 44वें और अशोक कुमार ने 51वें मिनट में गोल करके भारत को खिताब दिलाया। पूल चरण में शीर्ष पर रहे भारत ने सेमीफाइनल में मलेशिया को मात दी थी। तब तक सात ओलंपिक स्वर्ण जीत चुकी भारतीय टीम का यह पहला विश्व कप खिताब था।

1978 ब्यूनस आयर्स :

गत चैम्पियन भारत बेहद निराशाजनक प्रदर्शन के बाद सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका और छठे स्थान पर रहा। पूल चरण में भारत ने छह में से तीन मैच जीते और दो गंवाये जिसमें पश्चिम जर्मनी से 7.0 से मिली हार शामिल थी। पाकिस्तान ने नीदरलैंड को 3-2 से हराकर खिताब जीता और आस्ट्रेलिया को कांस्य पदक मिला।

1982 मुंबई :

अपने देश में पहली बार विश्व कप खेलते हुए भारत फिर अंतिम चार में नहीं पहुंच सका और पांचवें स्थान से ही संतोष करना पड़ा। पाकिस्तान ने अपराजेय रहकर वानखेड़े स्टेडियम पर फाइनल में पश्चिम जर्मनी को 3-1 से हराकर तीसरी बार खिताब जीता। भारत के राजिंदर सिंह सीनियर ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 गोल दागे थे।

1986 लंदन :

इस विश्व कप में भारतीय टीम अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन के बाद 12वें और आखिरी स्थान पर रही लेकिन इसी टीम के एक सितारे मोहम्मद शाहिद ने अपने जबर्दस्त खेल से दुनिया को चौंका दिया। ड्रिबलिंग के जादूगर शाहिद को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।आस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर खिताब जीता जबकि पश्चिम जर्मनी तीसरे स्थान पर रहा । तीन बार का चैम्पियन पाकिस्तान 11वें स्थान पर रहा।

1990 लाहौर :

राजनीतिक तनाव, मेजबान दर्शकों की आक्रामकता और सुरक्षा चिंताओं के बीच भारतीय टीम ने परगट सिंह की कप्तानी में लाहौर में विश्व कप खेला। भारत दसवें स्थान पर रहा लेकिन इतनी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी आपा नहीं खोने के कारण FIH ‘फेयरप्ले’ पुरस्कार भारतीय टीम को मिला।नीदरलैंड ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

1994 सिडनी:

जूड फेलिक्स की कप्तानी में भारतीय टीम ने कृत्रिम टर्फ पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया था। पाकिस्तान ने नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर खिताब जीता जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

1998 यूट्रेक्ट :

इस विश्व कप में पूरी तरह से यूरोपीय टीमों का दबदबा रहा। मेजबान नीदरलैंड ने स्पेन को हराकर तीसरा खिताब जीता जबकि जर्मनी तीसरे स्थान पर रहा। धनराज पिल्लै की कप्तानी वाली भारतीय टीम नीदरलैंड में परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में नाकाम रही और निराशाजनक नौवें स्थान पर रही।

2002 कुआलालम्पुर :

पहली बार 16 टीमों की भागीदारी में हुए विश्व कप में जर्मनी ने आस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार खिताब जीता जबकि नीदरलैंड तीसरे स्थान पर रहा। भारत नौ मैचों में तीन जीत, एक ड्रॉ और पांच हार के साथ दसवें स्थान पर रहा।

2006 मोंशेंग्लाबाख , जर्मनी :

दिलीप टिर्की की कप्तानी में भारतीय टीम पूल चरण में एक भी मैच नहीं जीत सकी और एकमात्र ड्रॉ दक्षिण अफ्रीका से खेलने के बाद आखिरी स्थान पर रही। क्लासीफिकेशन मैच में राजपाल सिंह के एक गोल से दक्षिण अफ्रीका को हराने के बाद 12 टीमों में 11वें स्थान पर रही। जर्मनी ने आस्ट्रेलिया को हराकर लगातार दूसरा खिताब जीता जबकि स्पेन तीसरे स्थान पर रहा।

2010 दिल्ली :

दिल्ली में हुए इस विश्व कप में खचाखच भरे मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम पर पूल चरण में पाकिस्तान को 4-1 से हराना ही मेजबान भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। पूल चरण में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी और आठवां स्थान हासिल किया। आस्ट्रेलिया ने जर्मनी को 2-1 से हराकर खिताब जीता जबकि नीदरलैंड तीसरे स्थान पर रहा।

 2014 द हेग :

पूल चरण में बेल्जियम, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया से करारी हार झेलने वाली भारतीय टीम नौवे स्थान पर रही। आकाशदीप सिंह ने टूर्नामेंट में पांच गोल किये । आस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड को 6-1 से हराकर खिताब जीता और अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा।

2018 भुवनेश्वर :

हॉकी के गढ ओडिशा में पहली बार हुए विश्व कप में भारत ने पूल चरण में बेल्जियम जैसे दिग्गज को ड्रॉ पर रोका और दक्षिण अफ्रीका तथा कनाडा को हराकर शीर्ष पर रहा। मनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली मेजबान टीम क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड से कड़े मुकाबले में 1-2 से हारकर छठे स्थान पर रही जो कई साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। बेल्जियम ने पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को हराकर खिताब जीता जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहा।

2023 भुवनेश्वर और राउरकेला:

लगातार दूसरी बार अपनी मेजबानी में हुए विश्व कप में भारत पूल चरण में दूसरे स्थान पर रहा। क्रासओवर मैच में न्यूजीलैंड ने उसे पेनल्टी शूट आउट में हराया। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम नौवे स्थान पर रही। जर्मनी ने बेल्जियम को शूटआउट में हराकर खिताब जीता जबकि नीदरलैंड तीसरे स्थान पर रहा।

नेतन्याहू ने ब्रिटेन को बताया ‘इस्लामिक रिपब्लिक’:बोले- परमाणु हथियार रखने वाला पहला ऐसा देश होगा; इजराइल को लेकर इंग्लैंड में सोच बदली

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ब्रिटेन पर तंज कसते हुए उसे ‘इस्लामिक रिपब्लिक’ बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ऐसा इस्लामिक देश बन सकता है, जिसके पास परमाणु हथियार हों। नेतन्याहू ने यह बात गुरुवार को आर्मी रेडियो के एक पॉडकास्ट में कही। नेतन्याहू ने ब्रिटेन की मौजूदा स्थिति की तुलना ईरान से करते हुए कहा कि इजराइल यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। नेतन्याहू ने कहा- आप ब्रिटेन को ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ब्रिटेन’ कह सकते हैं। किसी ने कहा था कि परमाणु हथियार रखने वाला पहला इस्लामिक रिपब्लिक ब्रिटेन होगा। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ऐसा दूसरा देश न हो… आप जानते हैं मैं ईरान की बात कर रहा हूं।” नेतन्याहू का बयान सुनिए…
नेतन्याहू बोले- ब्रिटेन में इजराइल को लेकर सोच बदली नेतन्याहू ब्रिटेन और यूरोप में आबादी में हो रहे बदलावों की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ दशक पहले ब्रिटेन में इजराइल को लेकर सोच आज से काफी अलग थी। उन्होंने 1967 में अरब देशों के साथ हुए युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के बेटे और पोते उस समय पत्रकार बनकर इजराइल आए थे। उन्होंने युद्ध की रिपोर्टिंग इजराइल के पक्ष में की थी। नेतन्याहू ने कहा कि आज के ब्रिटेन में ऐसा माहौल देखना मुश्किल है। नेतन्याहू यूरोप को लेकर ऐसा क्यों कहते हैं? नेतन्याहू ने यह भी कहा कि पूरे यूरोप में ब्रिटेन जैसी स्थिति बन रही है। वह पहले भी यूरोप में बढ़ती मुस्लिम आबादी और दूसरे देशों से आने वाले मुस्लिम प्रवासियों को लेकर चिंता जता चुके हैं। उनका कहना है कि यूरोपीय देशों में मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ वहां की सरकारों का इजराइल के प्रति रुख भी बदल रहा है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजराइल पर हमले के बाद गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद कई यूरोपीय देशों ने इजराइल की कार्रवाई और गाजा में आम लोगों की स्थिति को लेकर उसकी आलोचना की। नेतन्याहू का मानना है कि यूरोप में आबादी में हो रहे बदलाव भी इजराइल के खिलाफ बढ़ती आलोचना की एक वजह हैं। वेंस ने भी ब्रिटेन को लेकर ऐसा बयान दिया था नेतन्याहू का यह बयान अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की 2024 की एक टिप्पणी से मिलता-जुलता है। उन्होंने एक भाषण में बताया था कि वह और उनका एक दोस्त इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि परमाणु हथियार रखने वाला पहला इस्लामी देश कौन होगा। वेंस ने कहा- मुझे लगा कि शायद यह ईरान हो सकता है। पाकिस्तान तो पहले से ही परमाणु हथियार रखने वाला देश है। हालांकि ब्रिटेन भी ऐसा देश बन सकता है, क्योंकि वहां लेबर पार्टी सत्ता में आ गई है। दरअसल, उस समय ब्रिटेन में लेबर पार्टी की जीत के बाद कीर स्टार्मर प्रधानमंत्री बने थे। वेंस ब्रिटेन में प्रवासियों को लेकर लेबर पार्टी की नीतियों पर तंज कसते हुए यह टिप्पणी कर रहे थे। वेंस उस समय ओहायो से अमेरिकी सीनेटर थे।

पूर्व तेज गेंदबाज बना कर्नाटक का कोच, दर्ज है यह शर्मनाक रिकॉर्ड

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ विनय कुमार को आगामी घरेलू सीज़न के लिए कर्नाटक का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। 42 वर्षीय विनय यह ज़िम्मेदारी येरे गौड़ से संभालेंगे, जबकि कर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज़ दीपक चौगले फ़ील्डिंग कोच के रूप में उनके सपोर्ट स्टाफ़ का हिस्सा होंगे।

हाल ही में महाराजा T20 ट्रॉफ़ी में हुबली टाइगर्स की कमान संभालने के बाद, कर्नाटक के मुख्य कोच के रूप में विनय की यह पहली ज़िम्मेदारी होगी। उनके पास फ्रेंचाइजी T20 कोचिंग का भी उच्च स्तरीय अनुभव है, जहां वह UAE की ILT20 में 'MI एमिरेट्स' के बॉलिंग कोच रह चुके हैं। इसके अलावा 2021 में प्रथम श्रेणी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, विनय मुंबई इंडियंस में IPL टैलेंट स्काउट की भूमिका भी निभा चुके हैं।

विनय रणजी ट्रॉफ़ी के इतिहास में 442 शिकारों के साथ तेज़ गेंदबाज़ों में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं और भारत के इस प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट में कुल मिलाकर पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने अपने करियर में खेले 139 प्रथम श्रेणी मैचों में 22.44 की शानदार औसत से कुल 504 विकेट चटकाए। भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने के बाद, विनय ने 2013 से 2015 के दौरान कर्नाटक की कप्तानी करते हुए टीम को लगातार दो बार ऐतिहासिक 'ट्रेबल' विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी, रणजी ट्रॉफ़ी और ईरानी कप जिताया था।

भारत के लिए एक टेस्ट और 31 वनडे खेलने के अलावा, विनय कोलकाता नाइट राइडर्स (2014) और मुंबई इंडियंस (2015 और 2017) की उन टीमों का भी हिस्सा थे जिन्होंने IPL ख़िताब जीता था। पिछले सीज़न की उपविजेता रही कर्नाटक की टीम 11 अक्टूबर को आंध्र के ख़िलाफ़ अपने 2026-27 रणजी ट्रॉफ़ी अभियान की शुरुआत करेगी।

विनय कुमार के नाम दर्ज है सबसे महंगी गेंदबाजी प्रदर्शन का अनचाहा रिकॉर्ड

विनय कुमार ने अपने राज्य की टीम का नेतृत्व करते हुए लगातार रणजी ट्राफी खिताब भी दिलाये हैं। 42 साल के इस खिलाड़ी ने भारत के लिये एक टेस्ट, 31 वनडे और नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जिसमें उन्होंने कुल 49 विकेट हासिल किये। विनय ने अपना आखिरी एकदिवसीय मैच साल 2013 में खेला था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में वह काफी महंगे साबित हुए थे और अपने 10 ओवर के स्पैल में में 100 से ज्यादा रन दे दिए थे।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विनय कुमार ने 139 मैचों में 504 विकेट झटके हैं जिसमें उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 32 रन देकर आठ विकेट लेना है।उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में वनडे प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2011 में रहा जिसमें उन्होंने दिल्ली में इंग्लैंड के खिलाफ 30 रन देकर चार विकेट चटकाये थे।


रियालिटी शो और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच कैसे संतुलन बनाएंगे रोहित शर्मा?

रोहित शर्मा जल्द ही बतौर एंकर सोनी टीवी पर आने वाले एक गेम शो को होस्ट करेंगे। इसकी घोषणा उन्होंने हाल ही में अपने ट्विटर अकाउंट से कर दी थी। मीडिया सूत्रों के मुताबिक यह मशूहर अफ्रीकी शो द फैमिली फ्यूड(The Family Feud) का भारतीय संस्करण होगा और इसके 40 एपिसोड रोहित शर्मा को शूट करने होंगे। ऐसे में फैंस का यह सवाल है कि रोहित शर्मा अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को और रियालिटी शो के बीच में संतुलन कैसे बनाएंगे।

सूत्रों से आ रही खबरों के मुताबिक रोहित शर्मा एकदिवसीय सीरीज के बीच में शूटिंग से ब्रेक लेंगे और टी-20 या फिर टेस्ट सीरीज के दौरान शूटिंग जारी रखेंगें।


संन्यास की अटकलें जुलाई से हो रही है तेज

17 जुलाई (शुक्रवार) से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और 19 जुलाई को (रविवार) को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि आज उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

IND vs PAK: इस दिन आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान, जानें कहां देख पाएंगे हॉकी का ये मुकाबला

पुरुष और महिला FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का टूर्नामेंट बेल्जियम और नीदरलैंड्स की मेजबानी खेला जाएगा। हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जाएगा। वहीं इस वर्ल्ड कप में फैंस की नजरें भारत-पाकिस्‍तान के बीच होने वाले महामुकाबले पर टिकी है। दोनों देशों के बीच में हॉकी में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। भारत और पाकिस्तान की टीम को एक ही ग्रुप में रखा गया है। फैंस इस मुकबाले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं हॉकी वर्ल्ड कप में कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला।

16 टीमें लेंगी हिस्सा

पुरुष और महिला हॉकी वर्ल्ड कप में 16-16 टीमें हिस्सा लेंगी। पहले चरण में इन टीमों को चार ग्रुप में बांटा जाएगा, जिनके नाम A, B, C और D होंगे। इसके बाद प्रतियोगिता के दूसरे फेज में चार नए ग्रुप E, F, G और H बनाए जाएंगे। इस चरण में हर ग्रुप से बेहतर प्रदर्शन करने वाली दो टीमें आगे बढ़ेंगी और सीधे सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। वहीं इस बार का बदले हुए फॉर्मेट में खेला जाएगा। खास बात ये है कि इस बार टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल मुकाबले नहीं खेले जाएंगे।

कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला

भारतीय टीम को इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ पूल D में रखा गया है। भारत का पहला मुकबाला 15 अगस्त को वेल्स से भारतीय समयानुसार दोपहर 16:30 IST से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला इंग्लैंड से शाम 18:30 IST बजे 17 अगस्त को होगा। वहीं भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला 19 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे (18:30 IST) से होगा। दोनों टीमें नीदरलैंड के एमस्टेलवीन स्थित वैगनर स्टेडियम में एक दूसरे से भिड़ेंगी।

कब खेला जाएगा बाकी मुकाबला

FIH हॉकी वर्ल्ड कप का दूसरा फेज 21 से 24 अगस्त तक खेला जाएगा। इस दौरान पहले चरण में टीमों की रैंकिंग के आधार पर उन्हें चार नए ग्रुप में रखा जाएगा। वहीं टूर्नामेंट का तीसरा और आखिरी फेज 27 से 28 अगस्त तक खेला जाएगा। इस दौरान पूल E, F, G और H के नतीजों के आधार पर टीमों की 5वीं से 16वीं तक की रैंकिंग तय होगी और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों का फैसला भी होगा। पुरुष वर्ग में कांस्य पदक का मुकाबला और फाइनल 30 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।

कहां पर देख पाएंगे मुकाबला

भारत में हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबलों का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनलों पर किया जाएगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे JioHotstar ऐप के जरिए सभी मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकेंगे।

फेज 1 में इंडिया के मैच

इंडिया बनाम वेल्स, 16:30 IST (15 अगस्त)

इंडिया बनाम इंग्लैंड, 18:30 IST (17 अगस्त)

इंडिया बनाम पाकिस्तान, 18:30 IST (19 अगस्त)

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत की पुरुष टीम

गोलकीपर: मोहित HS, सूरज करकेरा

डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (c), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच

मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकंठ शर्मा, विवेक सागर प्रसाद

फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मंदीप सिंह, अभिषेक

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एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे ने क्रिकेट में दिखाया अपना जलवा, 18 साल की उम्र में ठोका ताबड़तोड़ शतक

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने घरेलू क्रिकेट में अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा है। 18 साल के रॉकी लंकाशायर की टीम से खेल रहे हैं। 11 अगस्त, मंगलवार को टॉन्टन के द कूपर एसोसिएट्स काउंटी ग्राउंड पर खेले गए मैच में रॉकी फ्लिंटॉफ ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 65 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। रॉकी ने ये शतक इंग्लैंड के वन-डे कप 2026 में समरसेट के खिलाफ लगाया।

रॉकी फ्लिंटॉफ ने कीटन जेनिंग्स के साथ मिलकर लंकाशायर की पारी को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 127 गेंदों में 214 रन की शानदार साझेदारी की। जेनिंग्स ने 156 रन बनाए, जबकि रॉकी की तेज पारी ने टीम को 50 ओवर में 443/6 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।

रॉकी ने खेली आक्रामक बल्लेबाजी

लंकाशायर के लिए नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने उतरे रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपनी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 45वें ओवर की पहली गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया। इसके बाद भी उन्होंने तेजी से रन बनाना जारी रखा और 76 गेंदों में 123 रन की शानदार पारी खेली। रॉकी की इस पारी में 10 चौके और 7 छक्के शामिल रहे, जिससे उन्होंने टीम के स्कोर को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। रॉकी के करियर में ये पहली बार था जब उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाया। इससे पहले 14 लिस्ट ए मैचों में उनके नाम दो अर्धशतक के साथ 350 रन थे। वहीं, वह अब तक पांच फर्स्ट-क्लास मैचों में नौ पारियां खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने कुल 137 रन बनाए हैं।

इससे पहले भी खेले चुके हैं अच्छी पारी

समरसेट के खिलाफ शतक लगाने से पहले रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपने पिछले वन-डे कप मुकाबले में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। वारविकशायर के खिलाफ उस मैच में उन्होंने लंकाशायर के लिए नंबर-5 पर खेलते हुए 51 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए थे। लगातार दो मैचों में अच्छे प्रदर्शन के साथ रॉकी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी की क्षमता दिखाई है।

एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने छोड़ा कोच का पद

रॉकी फ्लिंटॉफ के पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने हाल ही में इंग्लैंड लायंस के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया है। इंग्लैंड के लिए लंबे समय तक क्रिकेट खेलने वाले फ्लिंटॉफ ने 1998 से 2009 के बीच 79 टेस्ट, 141 वनडे और 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले थे। अब वह इस साल वह बिग बैश लीग (BBL) में पहली बार मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्हें साल की शुरुआत में सिडनी थंडर का हेड कोच नियुक्त किया गया था।

तीसरी बार वेस्टइंडीज को क्यों खेलना पड़ेगा वर्ल्ड कप क्वालिफायर? 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन की बढ़ी मुश्किलें

दो बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में डायरेक्ट क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को विश्व कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबला खेलना होगा। सोमवार को अफगानिस्तान ने आयरलैंड को वनडे मैच में हरा दिया, जिसके बाद वेस्टइंडीज के 30 सितंबर तक सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद खत्म हो गई। अब वेस्टइंडीज को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफाइंग मुकाबलों में अपना दम दिखाना होगा। आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा।

इन टीमों को मिलेगा डायरेक्ट एंट्री

30 सितंबर तक आईसीसी की वनडे रैंकिंग में शीर्ष आठ स्थान पर रहने वाली टीमों को विश्व कप में सीधे प्रवेश मिल जाएगा। लेकिन, इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को शामिल नहीं किया जाएगा, क्योंकि दोनों टीमें अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप की मेजबानी करेंगी। अफगानिस्तान ने वनडे विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली है। उसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड और बांग्लादेश भी टूर्नामेंट में खेलते नजर आएंगे। मेजबान दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे की जगह भी तय है।

वेस्टइंडीज तीसरी बार खेलेगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर मौजूद वेस्टइंडीज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टीम को विश्व कप में पहुंचने के लिए एक बार फिर क्वालिफाइंग टूर्नामेंट का सामना करना पड़ेगा। खास बात यह है कि वेस्टइंडीज लगातार तीसरी बार विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलने की स्थिति में पहुंची है। 2027 वनडे विश्व कप के लिए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट अगले साल फरवरी में खेला जाएगा, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि इसकी मेजबानी कौन सा देश करेगा। क्वालिफायर जीतने वाली टीम को विश्व कप के दूसरे राउंड में सीधे जगह मिलेगी। वहीं, दूसरे से चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को पहले राउंड से शुरुआत करनी होगी। इस राउंड को सुपर सीरीज कहा जाता है। जहां टीमों के पास आगे बढ़कर विश्व कप में अपनी जगह बनाने का मौका रहेगा।

ये टीमें लेंगी हिस्सा

इस क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में आयरलैंड और वेस्टइंडीज़ के अलावा वर्ल्ड कप लीग 2 में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली चार टीमें भी हिस्सा लेंगी। आयरलैंड और वेस्टइंडीज को 30 सितंबर 2026 की वनडे रैंकिंग के आधार पर जगह मिलेगी, क्योंकि वे मेजबान देशों को छोड़कर सबसे नीचे रैंक वाली पूर्ण सदस्य टीमें हैं। वहीं, बदले हुए क्वालिफिकेशन फॉर्मेट को लेकर कुछ एसोसिएट देशों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। नए सिस्टम में टीमों को विश्व कप तक पहुंचने के लिए पहले से ज्यादा मुकाबलों और अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ सकता है।

कैसे होगा क्वालिफायर मुकाबला

विश्व कप क्वालिफायर में बची चार जगहों के लिए टीमों को पहले प्लेऑफ खेलना होगा। इस प्लेऑफ में कुल आठ टीमें होंगी। इनमें वर्ल्ड कप लीग 2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें शामिल होंगी। चैलेंज लीग को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हैं, जिन्हें छह-छह टीमों के दो ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में तीन चरणों में मुकाबले होंगे और सभी टीमें एक-दूसरे से खेलेंगी। ग्रुप में सबसे ऊपर रहने वाली दो-दो टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी। इसके बाद प्लेऑफ में टॉप चार टीमें विश्व कप क्वालिफायर में जगह बनाएंगी।