सऊदी अरब हूतियों को क्यों नहीं हरा पा रहा:अमेरिकी इंटेलिजेंस और एडवांस हथियार भी बेअसर; अब तेल-गैस की कमाई में हिस्सा मांग रहे विद्रोही

सऊदी अरब के पास दुनिया के सबसे आधुनिक हथियारों में शामिल लड़ाकू विमान और मिसाइलें हैं। अमेरिका भी उसे हथियार और खुफिया जानकारी देकर मदद करता रहा है। इसके बावजूद सऊदी अरब यमन के हूती विद्रोहियों को हरा नहीं पाया। 2015 में शुरू हुई लड़ाई को 10 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन हूती अब भी यमन के बड़े हिस्से पर काबिज हैं। वे सऊदी अरब के अंदर तक ड्रोन और मिसाइलों से हमले करने की क्षमता रखते हैं। हालात अब ऐसे हैं कि सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा के लिए लगातार पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, हूती पीछे हटने के बजाय उस पर दबाव बढ़ा रहे हैं। तेल और गैस से होने वाली कमाई में हिस्सा मांगने का दावा भी इसी लड़ाई से जुड़ा है। सवाल यह है कि आखिर सऊदी अरब इतनी ताकत होने के बाद भी हूतियों को क्यों नहीं हरा पा रहा? 2015 से जारी है सऊदी और हूतियों की लड़ाई यमन में हूतियों ने 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब ने कई देशों के साथ मिलकर उनके खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। सऊदी अरब चाहता था कि यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार दोबारा सत्ता में आए और हूतियों का कब्जा खत्म हो। इसके बाद कई साल तक यमन में हवाई हमले होते रहे। लेकिन हूतियों को पूरी तरह पीछे धकेलने में सऊदी गठबंधन कामयाब नहीं हो पाया। हूती अब भी यमन के बड़े हिस्से में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं। उनकी लड़ाई का असर अब सऊदी अरब की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। अमेरिकी हथियार हूतियों के खिलाफ बेअसर क्यों? सऊदी अरब के पास आधुनिक लड़ाकू विमान, मिसाइलें और दुश्मन के हमलों को रोकने वाले एयर डिफेंस सिस्टम हैं। अमेरिका उसे हथियारों के साथ खुफिया जानकारी और तकनीकी मदद भी देता रहा है। इसके बावजूद हूतियों के खिलाफ निर्णायक जीत नहीं मिल सकी। इसकी एक बड़ी वजह हमले और बचाव पर होने वाला खर्च है। हूती सस्ते ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल करते हैं। दूसरी ओर, इन हमलों को रोकने के लिए सऊदी अरब को कई बार महंगी इंटरसेप्टर मिसाइलें दागनी पड़ती हैं। यानी हूतियों को हमला करने में जितना पैसा खर्च होता है, उससे कहीं ज्यादा रकम सऊदी अरब को अपनी सुरक्षा में लगानी पड़ सकती है। इससे लंबे समय तक लड़ाई जारी रखना महंगा हो जाता है। सऊदी के लिए यमन का पहाड़ी इलाका भी बड़ी चुनौती यमन का बड़ा हिस्सा पहाड़ी है। ऐसे इलाकों में विद्रोहियों के ठिकानों का पता लगाना और उन्हें पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं होता। हवाई हमलों से किसी ठिकाने को नुकसान पहुंचाया जा सकता है, लेकिन इससे पूरे इलाके पर कब्जा नहीं मिलता। हूती लंबे समय से यमन में सक्रिय हैं और वहां उनकी मजबूत पकड़ है। उन्हें पूरी तरह हटाने के लिए सऊदी अरब को बड़ा जमीनी अभियान चलाना पड़ सकता है। इसमें सैनिकों के मारे जाने और युद्ध लंबे समय तक चलने का खतरा है। ईरान की मदद से हूतियों की ताकत बढ़ी सऊदी अरब और उसके सहयोगी ईरान पर हूतियों को हथियार और तकनीकी मदद देने का आरोप लगाते रहे हैं। ईरान और हूतियों के संबंध इस संघर्ष को क्षेत्रीय राजनीति से भी जोड़ते हैं। इस वजह से सऊदी अरब के लिए लड़ाई सिर्फ यमन के विद्रोहियों तक सीमित नहीं रहती। हूतियों के खिलाफ कार्रवाई बढ़ने पर ईरान के साथ तनाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में सैन्य कार्रवाई का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ने का खतरा रहता है। तेल-गैस की कमाई में हिस्सा क्यों मांग रहे हूती? यमन में तेल और गैस से होने वाली कमाई लंबे समय से विवाद का मुद्दा रही है। हूती चाहते हैं कि इस पैसे का इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों के वेतन और दूसरी जरूरतों को पूरा करने में हो। वे तेल-गैस से मिलने वाले राजस्व में हिस्सेदारी की मांग भी करते रहे हैं। तेल की कमाई पर नियंत्रण का मतलब सिर्फ पैसा नहीं है। इससे यह भी तय होता है कि यमन में किसका राजनीतिक और आर्थिक दबदबा रहेगा। इसलिए तेल-गैस के राजस्व का बंटवारा किसी भी समझौते में बड़ा मुद्दा बन सकता है। हूतियों के लिए यह मांग सऊदी अरब और यमन की सरकार पर दबाव बनाने का एक तरीका भी है।
एयरपोर्ट और तेल ठिकानों पर हमलों से बढ़ी चिंता हाल ही में सऊदी अरब के एयरपोर्ट और तेल-गैस ठिकानों पर हूतियों के हमले हुए हैं। इनमें रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल है। हमलों के कारण उड़ानों और तेल कारोबार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। सऊदी अरब ने कुछ मिसाइलों को हवा में ही रोकने की जानकारी दी है। सऊदी अरब के सामने हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने, यमन में जमीनी अभियान बढ़ाने या बातचीत के जरिए समझौते की कोशिश करने जैसे विकल्प हैं। लेकिन हर रास्ते के साथ जोखिम जुड़ा है।

Ranvir Shorey: ‘सड़कों पर कब्जा करना असल में लोकतंत्र की हत्या है’, रणवीर शौरी ने CJP प्रोटेस्ट की आलोचना की

Ranvir Shorey: एक्टर रणवीर शौरी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले उनकी हिरासत को लेकर हो रहे विवाद पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर उतरने के बजाय अदालतों और लोकतांत्रिक संस्थाओं का रुख करना चाहिए। उनके ये बयान हुमा कुरैशी, सोनाक्षी सिन्हा और विजय वर्मा समेत कई बॉलीवुड एक्टर्स द्वारा अधिकारियों के प्रदर्शन को संभालने के तरीके की आलोचना के बीच आए हैं।

उन्होंने आगे कहा- लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन आखिरी रास्ता होना चाहिए। यह न्यायपालिका या विधायिका के अधिकार क्षेत्र को दरकिनार करने का तरीका नहीं है! आपके ‘असहमति के अधिकार’ का मतलब यह नहीं हो सकता कि आप हफ्ते के सातों दिन ‘विरोध-प्रदर्शन’ करें, जिससे देश ठप हो जाए और हम बाकी लोगों की जिंदगी नरक बन जाए! सिर्फ अराजकतावादी, पब्लिसिटी चाहने वाले या बेवकूफ ही पहले से मौजूद कानूनी उपायों का इस्तेमाल किए बिना विरोध-प्रदर्शन करेंगे।”

जब एक X यूजर ने जवाब दिया कि रणवीर को यह नहीं पता कि ‘CJI (मुख्य न्यायाधीश) भी समझौता कर चुके हैं’ तो एक्टर ने इस दावे का मजाक उड़ाते हुए लिखा, “लंबी होती लिस्ट। मैं समझौता कर चुका हूं, दूसरे वोटर समझौता कर चुके हैं, मीडिया समझौता कर चुका है, संसद समझौता कर चुकी है, PMO समझौता कर चुका है, CEC समझौता कर चुका है, SC समझौता कर चुका है… सिर्फ सड़कों पर डफली बजाने वाली, संदिग्ध फंडिंग वाली उन पार्टियों की भीड़ ही भरोसेमंद है, जो चुनाव नहीं जीत पाईं।”

विरोध-प्रदर्शन के बारे में सब कुछ

संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की योजना बनाई थी। वे मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर होना था। लेकिन विरोध-प्रदर्शन से पहले ही दिल्ली पुलिस ने मुंबई से आने के कुछ ही देर बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर दीपके और CJP के दो अन्य नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया। बाद में तीनों को रिहा कर दिया गया। रविवार को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन जारी रहा।

सोमवार को आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तारीख तय करने के लिए 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तय समय के अंदर कोई जवाब नहीं मिला तो CJP आगे की कार्रवाई के बारे में फैसला करेगा।

ओमान के सोहर में टैंकर पर ड्रोन हमले में लापता दो भारतीय नाविकों की तलाश जारी, 9 सदस्य बचाए गए

ओमान के तट पर सोहर एंकरेज में निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ था। इस टैंकर पर 11 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। इनमें से 9 नाविकों को बचा लिया गया, जबकि 2 नाविक लापता बताए जा रहे हैं। इनके लिए खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह हमला MT पेट्रो डॉल्फिन पर 11 अक्टूबर को हुआ था।

रविवार को X पर एक पोस्ट में, सोनोवाल ने कहा कि टैंकर पर सोहर एंकरेज में हमला हुआ था। उन्होंने पुष्टि की कि स्थानीय कोस्ट गार्ड सक्रिय रूप से सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा था। सोनोवाल ने अपने X पोस्ट में कहा, “11 अक्टूबर को, 11 भारतीय नाविकों को ले जा रहे टैंकर MT पेट्रो डॉल्फिन पर सोहर एंकरेज में ड्रोन हमला हुआ था।” “हालांकि हमारे नौ भारतीय क्रू मेंबर को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है और वे सुरक्षित हैं, दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।”

सोनोवाल ने कहा, “लोकल कोस्ट गार्ड सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन एक्टिव रूप से कर रहा है। हम सभी संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार कोऑर्डिनेट कर रहे हैं ताकि चल रहे रेस्क्यू कामों में पूरी तरह से मदद मिल सके और यह पक्का किया जा सके कि हमारे लापता लोगों को सुरक्षित रूप से ढूंढने के लिए हर मुमकिन कदम उठाया जाए।” मस्कट में भारतीय दूतावास ने भी कन्फर्म किया कि जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से दो लापता बताए गए हैं। दूतावास ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।

X पर एक पोस्ट में, दूतावास ने कहा, “एम्बेसी निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर MT PETRO DOLPHIN से जुड़ी स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है।” अधिकारी ने बताया, “जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से दो लापता बताए गए हैं। एम्बेसी संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।” यह घटनाक्रम खाड़ी क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग पर हमलों और इंटरनेशनल जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच हुआ है।

11 अक्टूबर को एक अलग घटना में, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर M/T वल्थेरा, जिसमें 11 भारतीय नाविक सवार थे, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय एक अनजान चीज से टकरा गया, जिससे उसमें आग लग गई।

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CJI Video: कांग्रेस नेताओं से मिलने से इनकार के बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत का पहला रिएक्शन, बोले- सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सबके लिए खुले

Delhi Protest Update: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार (12 अक्टूबर) को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं। कोई भी आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपनी शिकायत लेकर अदालत आ सकता है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात नहीं करने के फैसले पर पहला बयान दिया है। CJI ने बताया कि उन्हें रविवार 11 अक्टूबर को मुलाकात के अनुरोध से जुड़ा पत्र मिला था। इसके बाद उन्होंने उसी रात जवाब देकर मुलाकात नहीं कर पाने की वजह बता दी थी।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “मुझे कल बैठक के अनुरोध के संबंध में एक पत्र मिला था। और मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन कारणों का उल्लेख किया गया था कि मैं क्यों नहीं मिल पाऊंगा।” उन्होंने यह भी कहा, “सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित निकाय के सदस्य की किसी भी याचिका का स्वागत है। हर भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है, और हम उनकी चिंताओं को सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे।”

CJI सूर्यकांत ने यह बयान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के 33वें स्थापना दिवस समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायतों को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं। चीफ जस्टिस के इस बयान को विपक्षी नेताओं के उस अनुरोध के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर CJI से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने और ज्ञापन सौंपने की मांग की थी।

विपक्षी नेताओं से मुलाकात क्यों नहीं करेंगे CJI?

इससे पहले CJI जस्टिस सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इनकार कर दिया था। पीटीआई के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से यह कहते हुए मुलाकात से इनकार कर दिया कि इस तरह के मुद्दे पहले ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं। सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेता से याचिका दायर करने को कहा, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, सीजेआई ने कहा कि यदि किसी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट उसके लिए 24 घंटे उपलब्ध है। सूत्रों ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक स्तर पर कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इससे पहले, अपनी मांगों को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की थी। कांग्रेस ने इसे ‘चलो दिल्ली- लोकतंत्र के लिए मार्च’ का नाम दिया है। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े उनके आरोपों पर उचित कार्रवाई हो।

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दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, कई जगह बैरिकेडिंग

विपक्षी नेताओं के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी तैनात हैं। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट गेट बंद कर दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे तक कुछ स्टेशनों के गेट बंद रहेंगे।

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Noida Investment News: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए 25 कंपनियों को ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LOI) जारी किए हैं। इसके तहत करीब 95 एकड़ क्षेत्र में ₹3,155 करोड़ का निवेश आएगा। इसके साथ ही इससे 9,000 से अधिक रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट के आसपास उद्योगों के विस्तार से यमुना सिटी को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।

ऑटोमोबाइल से लेकर दवा उद्योग तक लगेंगी यूनिट

YEIDA की ओर से जारी किए गए लेटर ऑफ इंटेंट के तहत विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करेंगी। इनमें ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइस, फार्मास्यूटिकल्स, प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग, हस्तशिल्प और परिधान उद्योग शामिल हैं।

इन परियोजनाओं से यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। खास बात यह है कि प्रस्तावित निवेश अलग-अलग क्षेत्रों में होने से यहां कई तरह के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

किस सेक्टर में कितनी कंपनियां लगाएंगी यूनिट?

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह के मुताबिक, 25 कंपनियों को अलग-अलग सेक्टरों में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए LOI जारी किए गए हैं।

सेक्टर 8D: 11 कंपनियां

सेक्टर 29: 8 कंपनियां

सेक्टर 24: 3 कंपनियां

सेक्टर 6: 2 कंपनियां

सेक्टर 28: 1 कंपनी

इन औद्योगिक परियोजनाओं को निर्धारित औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा। इनमें अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे संबंधित उद्योगों को एक ही क्षेत्र में विकसित करने और औद्योगिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

गेनवेल कॉमोसलेस करेगी सबसे बड़ा निवेश

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित परियोजनाओं में गेनवेल कॉमोसलेस (Gainwell Commosales) सबसे बड़ा निवेश करने जा रही है। कंपनी ने 20 एकड़ मिश्रित उपयोग वाली जमीन पर इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग परियोजना स्थापित करने के लिए 497 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इस परियोजना से करीब 850 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

वहीं, मल्टीटेक्स फिल्ट्रेशन इंजीनियर्स (Multitex Filteration Engineers) पांच एकड़ जमीन पर हेवी फैब्रिकेशन यूनिट स्थापित करने के लिए 282 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस परियोजना से लगभग 350 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।

दूसरी ओर, साइनो लाइफसाइंसेज (Cyno Lifesciences) ने 2.5 एकड़ जमीन पर दवाओं और औषधियों के निर्माण की यूनिट लगाने के लिए 206 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इससे करीब 150 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

एयरपोर्ट शुरू होने के बाद बढ़ी औद्योगिक भूखंडों की मांग

अधिकारियों के मुताबिक, 15 जून को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का परिचालन शुरू होने के बाद यमुना सिटी में औद्योगिक भूखंडों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। एयरपोर्ट के आसपास बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक बुनियादी ढांचे की संभावनाओं के चलते कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

एयरपोर्ट के विकास के साथ इस क्षेत्र में मैन्यूफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में नए औद्योगिक निवेश को क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

अब तक 1,122 औद्योगिक भूखंड आवंटित

YEIDA क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्राधिकरण लगातार भूखंडों का आवंटन कर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 1,122 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें से 118 भूखंडों का कब्जा आवंटियों को सौंपा जा चुका है। जबकि 63 मामलों में लीज डीड निष्पादित की गई है। इसके अलावा 62 औद्योगिक इकाइयों के भवन निर्माण नक्शों को मंजूरी मिल चुकी है। प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, 15 उद्यमियों ने अपनी इकाइयों में कामकाज शुरू कर दिया है, जबकि 12 इकाइयों ने फैक्ट्री अधिनियम के तहत पंजीकरण कराया है।

रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा

यमुना सिटी में प्रस्तावित 3,155 करोड़ रुपये का निवेश क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि परियोजनाएं तय योजनाओं के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो हजारों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने के साथ सहायक उद्योगों, परिवहन, पैकेजिंग और अन्य सेवाओं में भी अवसर पैदा हो सकते हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास उद्योगों का विस्तार गौतमबुद्ध नगर और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दे सकता है।

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IMD Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR में मौसम विभाग का ‘रेड अलर्ट’! गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी; घर से निकलने से पहले जान लें अपडेट

IMD Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR में सोमवार, 12 अक्टूबर की सुबह मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की जिला-स्तरीय तात्कालिक चेतावनी (Nowcast Warning) के मुताबिक, दिल्ली के सभी 11 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने, करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

IMD की ओर से जारी यह चेतावनी 12 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजे जारी की गई थी। यह अलर्ट सुबह 9 बजे तक के लिए वैध थी। इसके अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी आंधी, बिजली गिरने और मध्यम से तेज बारिश की संभावना को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कुछ हिस्सों में सोमवार तड़के भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम बेहद ठंडा हो गया।

दिल्ली के सभी 11 जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के सभी 11 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जबकि बारिश की तीव्रता 15 मिलीमीटर प्रति घंटे से अधिक रहने की आशंका जताई गई है। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने और ट्रैपिक की रफ्तार स्लो होने की आशंका को देखते हुए यात्रा से पहले स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

दिल्ली में ‘रेड अलर्ट’ वाले जिलों की लिस्ट

– सेंट्रल दिल्ली

– ईस्ट दिल्ली

– नई दिल्ली

– नॉर्थ दिल्ली

– नॉर्थ ईस्ट दिल्ली

– नॉर्थ वेस्ट दिल्ली

– शाहदरा

– साउथ दिल्ली

– साउथ ईस्ट दिल्ली

– साउथ वेस्ट दिल्ली

– वेस्ट दिल्ली

‘रेड अलर्ट’ का मतलब क्या है?

‘रेड अलर्ट’ का मतलब है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए लोगों को तत्काल सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव, ट्रैपिक प्रभावित होने और पेड़ों या कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। बारिश से राजधानी में मौसम ठंडा हो गया है। लेकिन कई इलाकों में जलभराव हो गया। IMD के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग वेधशाला में सुबह साढ़े पांच बजे तक 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर 30 मिलीमीटर बारिश हुई।

हरियाणा के इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’

दिल्ली से सटे हरियाणा के कई जिलों में भी मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। यहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम से तेज बारिश होने की आशंका है। इन जिलों में बारिश की तीव्रता 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ वाले जिले

– फरीदाबाद

– गुरुग्राम

– रोहतक

– सोनीपत

UP के 9 जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी

दिल्ली और हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। IMD के मुताबिक, इन इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ वाले जिलों की लिस्ट

– अमरोहा

– बागपत

– बिजनौर

– बुलंदशहर

– गौतम बुद्ध नगर

– गाजियाबाद

– हापुड़

– मेरठ

– संभल

रेड और ऑरेंज अलर्ट में क्या अंतर है?

मौसम विभाग की चेतावनियां संभावित मौसम के खतरे और जरूरी कार्रवाई के स्तर को बताती हैं:-

  • रेड अलर्ट: गंभीर मौसम की आशंका होने पर जारी किया जाता है। इसमें लोगों को तत्काल सावधानी बरतने और जरूरी सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी जाती है।
  • ऑरेंज अलर्ट: खराब मौसम के लिए तैयार रहने और सतर्कता बरतने का संकेत है। इस दौरान तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

मौसम खराब होने पर क्या सावधानी बरतें?

IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है:-

  • बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों में रहने से बचें।
  • पेड़ों के नीचे या कमजोर ढांचों के पास शरण न लें।
  • तेज हवाओं के दौरान ढीली वस्तुओं, होर्डिंग और असुरक्षित संरचनाओं से दूर रहें।
  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें और सड़क तथा ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी लेते रहें।
  • मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

हूती हमलों और बॉन्ड की चिंताओं से कोस्पी में गिरावट, एशिया बाजारों में मिला-जुला कारोबार

Global Market: दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सोमवार, 12 अक्टूबर को 1.08% गिर गया। दरअसल, निवेशकों ने देश के बॉन्ड मार्केट के लिए मंदी वाले नजरिए पर विचार किया। जानकारों का मानना ​​था कि यील्ड (रिटर्न) फिर से बढ़ सकती है, क्योंकि अस्थिरता को रोकने के सरकारी उपायों का असर कम हो रहा है और ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ रही हैं।

वहीं निक्केई करीब 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 69,030.92 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.49 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 0.79 फीसदी गिरकर 49,016.77 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.78 फीसदी की बढ़त के साथ 24,398.00 के स्तर पर नजर आ रहा है

जापान के बाज़ार ‘स्पोर्ट्स डे’ के कारण बंद रहे, जबकि सऊदी अरब पर हूती हमलों ने पूरे क्षेत्र के निवेशकों को परेशान कर दिया। ‘स्पोर्ट्स डे’ एक राष्ट्रीय त्योहार है, जिसे पहली बार 1966 में 1964 के टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत की याद में मनाया गया था।

बाजार इस बात का अनुमान लगा रहे थे कि अगले 6 महीनों में बैंक ऑफ कोरिया ब्याज दरों में कुल मिलाकर 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है।

ट्रेडर्स ने सऊदी अरब पर हूती हमलों पर गौर किया, जिससे पूरे एशिया में सेंटीमेंट पर असर पड़ा। इस ग्रुप ने रविवार को सऊदी अरब के मुख्य हवाई अड्डे पर फिर से हमला किया; इससे एक दिन पहले हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई थी।

ब्लूमबर्ग के अनुसार, विश्लेषकों का कहना है कि तनाव बढ़ने से बड़े संघर्ष का खतरा पैदा हो गया है, जिसमें अमेरिका भी शामिल हो सकता है और इससे ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार में बाधा आ सकती है। सऊदी अरब एशिया और यूरोप के बीच शिपिंग के लिए अहम ‘बाब अल-मंडेब’ के पास जवाबी कार्रवाई का भी समर्थन कर रहा था।

जापानी येन में डॉलर के मुकाबले 158.28 के स्तर पर बहुत कम बदलाव हुआ, और ऑफ़शोर युआन भी 6.6938 के स्तर पर लगभग स्थिर रहा।

वॉल स्ट्रीट के उतार-चढ़ाव भरे हफ़्ते के बाद अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में थोड़ी बढ़त देखी गई। S&P 500 मंगलवार को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, लेकिन फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग को लेकर चिंताओं के कारण अगले दो सेशन में गिर गया। शुक्रवार को इसमें फिर से तेजी आई क्योंकि निवेशकों ने एक और मज़बूत अर्निंग्स सीज़न (कंपनियों के नतीजों का दौर) पर ध्यान दिया और यह अपने पीक (उच्चतम स्तर) के करीब बना रहा। इस हफ़्ते अमेरिका और यूरोप में महंगाई के आंकड़े आने वाले हैं और कई सेंट्रल बैंक अधिकारी भी बोलने वाले हैं। ट्रेडर अमेरिका के कंज्यूमर प्राइस डेटा और US फ़ेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान पर बारीकी से नज़र रखेंगे, ताकि उन्हें आगे ब्याज दरें बढ़ने की रफ़्तार के बारे में संकेत मिल सकें।

अगर सितंबर के आंकड़े उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत रहते हैं, तो इससे हाल ही में बॉन्ड की बिकवाली फिर से शुरू हो सकती है क्योंकि फ़ेड को और ज़्यादा सख्ती बरतनी पड़ सकती है। पिछले हफ़्ते 10-साल के US बॉन्ड का यील्ड 5.4% के करीब पहुँच गया था, जो 2002 के बाद सबसे ज़्यादा है। निवेशकों का कहना है कि ज़्यादा यील्ड अब खुद ही उधार लेने की लागत बढ़ाकर सेंट्रल बैंकों का कुछ काम कर रहे हैं।

लगातार चौथे हफ़्ते बढ़त के बाद US डॉलर अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी मुद्राओं के मुकाबले एक सीमित दायरे में बना रहा; यह 2025 की शुरुआत के बाद से इसकी सबसे लंबी बढ़त का सिलसिला है।

तेल की कीमतों और ईरान के साथ युद्ध ने मुद्रा को सहारा दिया क्योंकि निवेशक सुरक्षा की तलाश में थे। सट्टेबाज़ ट्रेडर तेज़ी की उम्मीद बनाए हुए थे और दांव लगा रहे थे कि US अर्थव्यवस्था अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी को बेहतर ढंग से संभाल सकती है।

सप्लाई की चिंताओं के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। एयरपोर्ट पर हमलों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास टैंकर पर एक नए हमले के बाद ब्रेंट क्रूड में शुरुआती बढ़त हुई और यह 0.7% बढ़कर $105.45 प्रति बैरल हो गया।

इसके बाद बेंचमार्क में उतार-चढ़ाव आया और शुरुआती एशियाई कारोबार में यह $104 से नीचे गिरकर लगभग $103.51 पर आ गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.5% बढ़कर $92.27 प्रति बैरल हो गया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Delhi Traffic Advisory: आज घर से निकलने से पहले जान लें ट्रैफिक एडवाइजरी, दिल्ली की 25 से ज्यादा सड़कों पर रहेगा डायवर्जन

Delhi Police Traffic Advisory: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और दिल्ली में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली में 12 अक्टूबर को कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रह सकती है। ट्रैफिक पुलिस ने 12 अक्टूबर के लिए एक अहम ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कई जगहों पर डायवर्जन की तैयारी की है, जो जरूरत के अनुसार सुबह 6 बजे से लागू होगें। ऐसे में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या ISBT जाने वाले लोगों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लेना चाहिए।

सुबह 6 बजे से होगा डायवर्जन

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, जरूरत पड़ने पर सुबह 6 बजे से कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अगर जरूरी ना हो तो यात्रा से बचें और अगर रेलवे स्टेशन, ISBT या एयरपोर्ट जाना जरूरी है तो घर से थोड़ा जल्दी निकलें। खासकर नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली से होकर जाने वाले लोगों को एक्स्ट्रा टाइम लेकर चलने की सलाह दी गई है। ऐसे में अगर आज आप ऑफिस, कॉलेज या बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे हैं तो सबसे पहले ट्रैफिक एडवाजरी का अपडेट जरूर जान लें।

इन रास्तों पर होगा डावर्जन

ट्रैफिक प्रभावित होने वाले प्रमुख स्थानों में शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान, पंचकुइयां, मंडी हाउस, डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक, राम चरण अग्रवाल चौक, मिंटो रोड-डीडीयू मार्ग, गुरु नानक चौक, चेम्सफोर्ड रोड, कनॉट प्लेस, लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुम्बद, मदरसा टी-पॉइंट, सम्राट होटल, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग, भीकाजी कामा प्लेस, मोती बाग फ्लाईओवर, रिंग रोड-सैन मार्टिन मार्ग, अशोका रोड-जंतर मंतर रोड, विंडसर पैलेस, टॉल्स्टॉय-जनपथ क्रॉसिंग, रेल भवन, जय सिंह रोड-संसद मार्ग, बाराखंबा रोड, गोल डाकखाना, पटेल चौक और आरएमएल अस्पताल के आसपास के रास्ते शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार इन डायवर्जन और प्रतिबंधों में बदलाव किया जा सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक का ताजा अपडेट जरूर देखें और जरूरत पड़ने पर दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करें।

 

CJP कल मांगेगी परमिशन

CJP ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के नेता आशुतोष रंका ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे वह सौरव दास और संगठन के अन्य सदस्यों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे। वहां दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन के लिए तारीख और अनुमति देने का अनुरोध किया जाएगा। रंका के मुताबिक, अगर पुलिस 24 घंटे के अंदर प्रदर्शन की तारीख नहीं देती है, तो संगठन अपने स्तर पर प्रदर्शन की घोषणा करेगा।

हवा में था विमान…अचानक निकलने लगा धुआं, दिल्ली से चेन्नई जा रही IndiGo फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

सऊदी के एयरपोर्ट पर हमले में घायल भारतीय की मौत:जयशंकर ने दुख जताया; हूतियों ने आज फिर किया हमला, 12 भारतीय घायल

सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए हूती विद्रोहियों के हमले में घायल एक भारतीय की मौत हो गई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय नागरिक की मौत पर दुख जताया। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। जयशंकर ने कहा कि भारतीय दूतावास परिवार की हर संभव मदद करेगा। भारतीय दूतावास ने बताया कि वह मृतक के परिवार के संपर्क में है। दूतावास शव को जल्द भारत लाने में मदद करेगा। इस बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला किया। इस हमले में 12 भारतीयों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। एयरपोर्ट पर दो दिन में दूसरी बार हमला सऊदी सेना के मुताबिक, रविवार को एयरपोर्ट पर एक मिसाइल या दूसरा विस्फोटक हथियार गिरा। इससे यात्रियों के एक हॉल में आग लग गई। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में भी कुछ लोग घायल हुए हैं। शनिवार को इसी एयरपोर्ट पर हुए हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 308 लोग घायल हुए थे। मरने वालों में सऊदी अरब के चार नागरिक, बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के एक-एक नागरिक शामिल थे। हूतियों ने सऊदी एयरपोर्ट पर फिर हमले की धमकी दी यमन के हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने एयरलाइंस और यात्रियों को सऊदी अरब के एयरपोर्ट और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी है। हूतियों का कहना है कि वे यमन के गृहयुद्ध में सऊदी अरब की भूमिका के विरोध में हमले कर रहे हैं। संगठन ने कहा है कि सऊदी अरब के एयरपोर्ट को फिर निशाना बनाया जा सकता है। हूतियों के खिलाफ हमला कर सकता है अमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका हूतियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हालिया हमले की जानकारी मिलने के बाद फैसला लिया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हमले की निंदा की। उन्होंने पुष्टि की कि हमले में एक अमेरिकी नागरिक की भी मौत हुई है। ब्रिटेन ने भी सऊदी अरब को और मदद देने की संभावना जताई है। एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने उड़ानें रोकीं सऊदी अरब पर बढ़ते हमले के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद और दूसरे सऊदी एयरपोर्ट के लिए उड़ानें रोक दी हैं। इनमें एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस शामिल हैं। यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने भी सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी चेतावनी बढ़ाई है। एजेंसी के मुताबिक, हूती विद्रोही अब सऊदी अरब के अंदर तक हमले करने में सक्षम हैं और उनका ध्यान एयरपोर्ट जैसे विमानन ठिकानों पर भी बढ़ा है। भारत ने कहा- आम नागरिकों पर हमले तुरंत बंद हों भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को रियाद एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि आम नागरिकों और उनके इस्तेमाल वाली जगहों को बार-बार निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। भारत ने कहा कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा में वहां की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। भारत ने उम्मीद जताई कि इस क्षेत्र में जल्द ही शांति बहाल होगी। रियाद एयरपोर्ट पर हमले बढ़े 19 सितंबर 2026 – एयरपोर्ट के ईंधन भंडारण क्षेत्र के पास हमला हुआ, जिससे वहां आग लगी और काला धुआं उठता देखा गया। हूती समूह ने रियाद के सैन्य व रणनीतिक ठिकानों पर हमले का दावा किया। 7 अक्टूबर 2026 – रियाद और आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों में एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और 8 अन्य लोग घायल हुए। 8 अक्टूबर 2026 – एयरपोर्ट पर दो अलग-अलग हमले हुए। पहला एयरपोर्ट सुविधाओं पर और दूसरा सऊदी एयरलाइंस के खड़े विमान (एयरबस A320) पर। इनमें कैप्टन हमूद अली अल-कलीसामी (सऊदी पायलट) समेत 3 सऊदी नागरिकों की मौत हुई।

हवा में था विमान…अचानक निकलने लगा धुआं, दिल्ली से चेन्नई जा रही IndiGo फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग

दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को हैदराबाद में इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी। विमान के अंदर एक यात्री के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से अचानक धुआं निकलने लगा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये डिवाइस पावर बैंक था। धुआं निकलता देख यात्रियों ने क्रू को इसकी खबर दी। इसके बाद सुरक्षा को देखते हुए फ्लाइट को हैदराबाद के लिए डायवर्ट कर दिया गया। घटना के बाद इंडिगो की फ्लाइट को हैदराबाद के शमशाबाद स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया। ये घटना 11 अक्टूबर को इंडिगो की 6E 6115 फ्लाइट में हुआ।

विमान के हैदराबाद उतरते ही सुरक्षा टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, इंडिगो यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अगली फ्लाइट में सीट की व्यवस्था की है। बता दें, इंडिगो की फ्लाइट 6E 6115 को 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1:10 बजे दिल्ली से उड़ान भरनी थी, लेकिन फ्लाइट 1:30 बजे रवाना हुई। डायवर्ट होने से पहले इसके शाम 4 बजे चेन्नई पहुंचने का समय तय था।

हैदराबाद किया गया डायवर्ट

इंडिगो ने बताया कि, दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट 6E 6115 को हैदराबाद के लिए डायवर्ट किया गया। एयरलाइन के अनुसार, विमान में एक यात्री के पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने के बाद यह फैसला लिया गया। इसके बाद फ्लाइट को सुरक्षित तरीके से हैदराबाद उतारा गया। घटना के तुरंत बाद केबिन क्रू ने जरूरी कदम उठाए और स्थिति को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान ने हैदराबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।

पावर बैंक में लगी आग

एयरलाइन ने कहा, “11 अक्टूबर 2026 को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 6115 को एक यात्री के पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से धुआं निकलने के बाद हैदराबाद डायवर्ट किया गया।” बताया जा रहा कि विमान के अंदर धुआं निकलने की घटना एक पावर बैंक से जुड़ी थी। केबिन में धुआं फैलने के बाद यात्रियों के बीच चिंता का माहौल बन गया और एयरपोर्ट पर आपातकालीन मदद की जरूरत पड़ी। हालांकि, विमान के हैदराबाद में उतरने के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

फ्लाइट का कराया गया इंतजाम

फ्लाइट डायवर्ट होने के बाद इंडिगो ने यात्रियों को चेन्नई पहुंचाने के लिए जरूरी इंतजाम शुरू कर दिए। एयरपोर्ट अधिकारी के मुताबिक, यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए अगली उपलब्ध फ्लाइट में सीट दिलाई जाएगी। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए उन्हें रिफ्रेशमेंट दिया जा रहा है और आगे की यात्रा से जुड़ी व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, यात्रियों को स्थिति के बारे में समय-समय पर जानकारी भी दी जा रही है। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, विमान ने हैदराबाद में सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को बिना किसी चोट के बाहर निकाल लिया गया।